एनपीकेएस ग्रेड सहित अधिसूचित पीएंडके उर्वरक किसानों को सब्सिडी युक्त, सस्ती और उचित दरों पर उपलब्ध होंगे
सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) पर माल ढुलाई सब्सिडी को खरीफ 2025 तक के लिए बढ़ा दिया गया है
अधिसूचित पीएंडके उर्वरकों के लिए सब्सिडी दरों को मंजूरी देना सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र और किसानों को दिए जाने वाले महत्व का एक और उदाहरण है
पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी देने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि किसानों को उचित मूल्य पर उनकी ज़रूरत के पोषक तत्व मिलें; स्वस्थ मिट्टी से स्वस्थ फसलें होती हैं और राष्ट्र के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में खरीफ 2025 तक किफायती, सब्सिडी युक्त और उचित दरों पर पीएंडके उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 37,216.15 करोड़ रुपये की एनबीएस सब्सिडी को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फॉस्फेटिक और पोटासिक (पीएंडके) उर्वरकों पर खरीफ सीजन, 2025 (01.04.2025 से 30.09.2025 तक) के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरें तय करने के लिए उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

खरीफ सीजन 2025 के लिए बजटीय आवश्यकता लगभग 37,216.15 करोड़ रुपये होगी। यह रबी सीजन 2024-25 के लिए बजटीय आवश्यकता से लगभग 13,000 करोड़ रुपये अधिक है।

लाभ:

· किसानों को सब्सिडी युक्त, किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

· उर्वरकों और इनपुट की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझानों के मद्देनजर पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी को युक्तिसंगत बनाया जाएगा।

कार्यान्वयन रणनीति और लक्ष्य:

एनपीकेएस ग्रेड सहित पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी खरीफ 2025 (01.04.2025 से 30.09.2025 तक लागू) के लिए अनुमोदित दरों के आधार पर प्रदान की जाएगी ताकि किसानों को सस्ती कीमतों पर इन उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

पृष्ठभूमि:

सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के जरिए किसानों को सब्सिडी वाले मूल्यों पर पीएंडके उर्वरकों के 28 ग्रेड उपलब्ध करा रही है। पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी 01.04.2010 से एनबीएस योजना के तहत दी जाती है। अपने किसान हितैषी दृष्टिकोण के अनुसार, सरकार किसानों को सस्ती कीमतों पर पीएंडके उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उर्वरकों और यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे इनपुट की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझानों को देखते हुए, सरकार ने एनपीकेएस ग्रेड सहित फॉस्फेटिक और पोटासिक (पीएंडके) उर्वरकों पर 01.04.25 से 30.09.25 तक प्रभावी खरीफ 2025 के लिए एनबीएस दरों को मंजूरी देने का फैसला किया है। उर्वरक कंपनियों को स्वीकृत और अधिसूचित दरों के अनुसार सब्सिडी प्रदान की जाएगी ताकि किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा सकें।

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प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की शुभकामनाएं दीं और बाघ संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
July 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर सभी वन्यजीव प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतवासियों को इस बात पर गर्व है कि वैश्विक बाघों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी हमारे देश में निवास करती है।

उन्होंने कहा कि भारत में बाघ संरक्षण के प्रयास प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की हमारी सदियों पुरानी संस्कृति से प्रेरित हैं और हमारे लोगों की सामूहिक इच्छाशक्ति से संचालित हैं।

श्री मोदी ने विज्ञान आधारित संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया, जो बाघ संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाता है।

श्री मोदी ने बाघ संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणवादियों के प्रयासों और समर्पण की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री मोदी ने ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में लिखा:

“अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर सभी वन्यजीव प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भारत को इस बात पर गर्व है कि वैश्विक बाघों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी हमारे देश में निवास करती है। भारत में बाघ संरक्षण के प्रयास प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की हमारी सदियों पुरानी संस्कृति से प्रेरित हैं और हमारे लोगों की सामूहिक इच्छाशक्ति से संचालित हैं। हम विज्ञान आधारित संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त करते हैं, जो बाघ संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाता है।

हमारे वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणवादियों के प्रयासों और समर्पण ने भी बाघ संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी भावना के साथ, भारत स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”