प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2023 सीजन के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी है। यह अनुमोदन कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों तथा प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों के विचारों पर आधारित है।

2023 सीजन के लिए, मिलिंग कोपरा की उचित औसत गुणवत्ता के लिए 10860/- रुपये प्रति क्विंटल और बॉल कोपरा के लिए 11750/- रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी निर्धारित किया गया है। पिछले सीजन की तुलना में यह मिलिंग कोपरा के लिए 270/- रुपये प्रति क्विंटल और बॉल कोपरा के लिए 750/- रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि है। यह अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर मिलिंग कोपरा के लिए 51.82 प्रतिशत और बॉल कोपरा के लिए 64.26 प्रतिशत का लाभ सुनिश्चित करेगा। 2023 सीजन के लिए कोपरा की घोषित एमएसपी बजट 2018-19 में सरकार द्वारा घोषित उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत के कम-से-कम 1.5 गुना के स्तर पर एमएसपी तय करने के सिद्धांत के अनुरूप है।

यह नारियल उत्पादकों के लिए बेहतर पारिश्रमिक रिटर्न सुनिश्चित करने और उनके कल्याण में पर्याप्त सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदमों में से एक है।

नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (एनसीसीएफ) मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत कोपरा और छिलके वाले नारियल की खरीद के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों (सीएनए) के रूप में काम करना जारी रखेंगे।

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प्रधानमंत्री ने दुनिया की विविध संस्कृतियों के सम्मान पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:

“देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥" 

यह सुभाषितम दर्शाता है कि विश्व की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है और आपसी समझ तथा भाईचारा मजबूत होता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।

देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥