धानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने आज आंध्र प्रदेश की न्यू कैपिटल सिटी, अमरावती में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। यह कैपिटल सिटी, अमरावती के साथ साथ आंध्र प्रदेश राज्य में पहली जीपीआरए परियोजना है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य पर्याप्त आवासीय सुविधा प्रदान करके केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ कम करना है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा, ईमानदारी को बढ़ावा मिलेगा और उनके समग्र कल्याण में योगदान होगा। इसके अलावा, कर्मचारियों को उनके कार्यस्थलों के निकट रहने की सुविधा प्रदान करके, यह परियोजना कुशल सरकारी कामकाज में सहयोग करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कर्मचारी अपने आधिकारिक कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए हमेशा उपलब्ध रहें।

आंध्र प्रदेश की न्यू कैपिटल सिटी, अमरावती में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कैंपस 17 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस परियोजना में टाइप II से टाइप VI तक की 1,504 आवासीय इकाइयों वाले 11 आवासीय टावर शामिल हैं, जिनमें रिफ्यूज एरिया भी शामिल हैं। परियोजना में 1,972 समतुल्य कार पार्किंग स्थान (ईसीएस) की क्षमता वाली बेसमेंट पार्किंग सुविधा उपलब्ध है। परियोजना का कुल निर्मित क्षेत्र 31.30 लाख वर्ग फुट (2,90,762 वर्ग मीटर) है, जिसमें 9.10 लाख वर्ग फुट (84,394 वर्ग मीटर) का बेसमेंट क्षेत्र भी शामिल है।

विश्वभर में पर्यावरण के अनुकूल और दीर्घकालिक निर्माण पद्धतियों को अपनाने पर जोर बढ़ता जा रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में प्रस्तावित जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कैंपस में यह परिकल्पना की गई है कि सभी भवनों की योजना और डिजाइन भारत में प्रचलित सर्वोत्तम हरित भवन मानकों के सख्त अनुपालन में की जाएगी। इसमें दीर्घकालिक स्थल नियोजन, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि, जल संरक्षण, स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्रियों के उपयोग और निवासियों के स्वास्थ्य और आराम में सुधार के माध्यम से पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कैंपस को न्यूनतम जीआरआईएचए 4-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए डिजाइन, निर्माण और पंजीकृत किया जाएगा, जो ऊर्जा संरक्षण और सतत भवन संहिता (ईसीएसबीसी) 2024 के नवीनतम प्रावधानों और इको-निवास संहिता (ईएनएस) 2024 की आवश्यकताओं के अनुरूप होगा।

आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में स्थित जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) परिसर में बैंक और एटीएम, डाकघर, शिशुगृह, भोजन सुविधा सहित सामुदायिक हॉल, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर और गेस्ट हाउस जैसी आवश्यक नागरिक और सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिसर में दिव्यांगजनों के लिए सुगम और सुविधाजनक निर्माण सुनिश्चित करने के लिए बाधा-मुक्त वातावरण बनाया जाएगा, जो लागू सुगमता मानकों के अनुरूप होगा।

इस परियोजना से कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है। अनुमान है कि निर्माण चरण के दौरान प्रति वर्ष लगभग 7 लाख मानव-दिवस का रोजगार सृजित होगा, जिसके बाद परिचालन चरण के दौरान प्रति वर्ष लगभग 50,000 मानव-दिवस का निरंतर रोजगार सृजित होता रहेगा।

परियोजना की लागत और वित्तपोषण

परियोजना की अनुमानित लागत 1,234.91 करोड़ रुपये है, जिसे भारत सरकार द्वारा बजटीय सहायता के माध्यम से लेखा मद: 4216 - आवास (आवासीय भवन) पर पूंजीगत व्यय - स्वीकृत के तहत वित्त पोषित किया जाएगा।

परियोजना-पूर्व गतिविधियां

परियोजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के लिए निविदा पूर्व प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और निविदा दस्तावेज तैयार करने का कार्य वर्तमान में जारी है।

आंध्र प्रदेश के अमरावती स्थित नई राजधानी में प्रस्तावित सामान्य पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) परिसर

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Prime Minister expresses delight as Sarnath is inscribed on the UNESCO World Heritage List
July 25, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today expressed that it is a proud moment for every Indian, sharing his delight that Sarnath in Uttar Pradesh has been inscribed on the UNESCO World Heritage List.

He noted that Sarnath has a close association with Lord Buddha, whose timeless message of wisdom, compassion and harmony inspires the world.

Shri Modi highlighted that this recognition celebrates India’s profound civilisational and spiritual heritage. The Prime Minister observed that it will also inspire more people across the world to come to Sarnath and connect with the ideals of Lord Buddha.

In a post on X, the Prime Minister shared:

 "A proud moment for every Indian!

Delighted that Sarnath in Uttar Pradesh has been inscribed on the UNESCO World Heritage List.

Sarnath has a close association with Lord Buddha, whose timeless message of wisdom, compassion and harmony inspires the world.

This recognition celebrates India’s profound civilisational and spiritual heritage. It will also inspire more people across the world to come to Sarnath and connect with the ideals of Lord Buddha.

@UNESCO"