आंध्रप्रदेश के बंदरगाह विकास मंत्री की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने किया अभ्यास दौरा

आंध्रप्रदेश के बंदरगाह विकास मंत्री की मुख्यमंत्री के साथ फलदायी सौजन्य मुलाकात

गुजरात के बंदरगाहों और समुद्रतट के समृद्ध कायाकल्प से प्रभावित हुआ प्रतिनिधिमंडल

कोस्टल डेवलपमेंट के सर्वग्राही और विजनरी प्लानिंग की पहल करे भारत सरकार - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से आज आंध्रप्रदेश के पोर्ट-एयरपोर्ट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर विभाग के मंत्री गंता श्रीनिवास राव के नेतृत्व में आए मेरीटाइम क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। १६०० किमी के विशाल समुद्रीतट वाले गुजरात ने मेरीटाइम स्टेट के रूप में भारत के विश्वव्यापार के द्वार का गौरव हासिल किया है, ऐसे में गुजरात के बंदरगाह विकास और सर्वग्राही कोस्टल डेवलपमेंट की सफलतागाथा का अभ्यास करने के लिए आंध्रप्रदेश सरकार के इस प्रतिनिधिमंडल ने यह दौरा किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिछले दस वर्षों में बंदरगाह एवं उससे संलग्न समुद्रीतट के विकास के लिए नीतिविषयक सफलतागाथा की रूपरेखा पेश की।

आंध्रप्रदेश भी १००० किमी समुद्रीतट वाला भारत का मेरीटाइम स्टेट है। गुजरात में मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में २१वीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था में समुद्रीतट, बंदरगाह और उससे संलग्न ढांचागत सुविधाओं सहित पोर्ट सिटी के विकास में गुजरात मेरीटाइम बोर्ड और गुजरात स्टेट कोस्टल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जो गौरव प्राप्त किया है, उससे आंध्रप्रदेश के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अत्यंत प्रभावित हुए।

भारत सरकार को देश के सभी मेरीटाइम स्टेट के कोस्टल डेवलपमेंट के सर्वग्राही और विजनरी प्लानिंग की पहल करनी चाहिए, इस निर्देश के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात सरकार ने निजी क्षेत्र के सहयोग से बंदरगाहों का विकास किया है। अन्य राज्यों ने भी गुजरात के समुद्रीतट पर पोर्ट विकसित करने के लिए स्वयं चलकर आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि कोस्टल डेवलपमेंट अथॉरिटी, कोस्टल मरीन पुलिस फोर्स, मेरीटाइम इंजीनियरिंग और पोर्ट मैनेजमेंट, पोर्ट लेड रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, कोस्टल एन्वायर्नमेंट, पोर्ट सिटी-धोलेरा एसआईआर और कोस्टल पोर्ट कार्गो की ढांचागत सुविधाओं के विकास की विशेष उपलब्धियों के जरिए गुजरात आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में विश्वव्यापार के लिए समृद्धि का प्रवेशद्वार बन गया है।

इस मौके पर आंध्रप्रदेश के बंदरगाह विकास मंत्री ने गुजरात के समुद्रतट के आर्थिक-सामाजिक कायाकल्प के लिए मुख्यमंत्री को अभिनंदन दिया।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Total Urea stocks currently at 61.14 LMT, up from 55.22 LMT in March 2025

Media Coverage

Total Urea stocks currently at 61.14 LMT, up from 55.22 LMT in March 2025
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और राहत उपायों की समीक्षा के लिए CCS बैठक की अध्यक्षता की
March 22, 2026
आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई
किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई ताकि भविष्य में इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित हो सके
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई
भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में नए निर्यात स्थलों को विकसित किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो
मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के साथ पूरी लगन से काम करे: प्रधानमंत्री का निर्देश
क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा ताकि ज़रूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों कीसमिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की।

कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे समय पर खाद की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में खाद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी तरह, भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत पूरी लगन से काम करे। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के साथ परामर्श से काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें, ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।