In a remarkable decade of progress, this humble servant has honoured the unspoken: PM Modi at the Wardha rally
The election of 2024 is an election to fulfil the dream of a developed India and a self-reliant India: PM Modi
The INDI Alliance struggles with a lack of substantial issues: PM Modi
The Congress party admits defeat and resorts to threats of chaos post-elections: PM Modi taking a jibe at opposition
Today, as the nation takes decisive strides, Wardha's blessings are crucial: PM Modi at Wardha rally

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!

चरा-चरात वास करणारी गुरु देव शक्ति।

या सभेला उपस्थित सर्व बंधु भगिनीना माझा...‘जय गुरु'

ये धरती अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति के महासंगम की धरती है। यहाँ अप्रतिम बलिदानों पर बसे आष्टी गांव की प्रेरणा है। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज, गाडगे महाराज, लहानुजी महाराज, तेलंगराय महाराज, संत मायबाई, आडकुजी महाराज ऐसे कितने ही अनगिनत महान संतों के आशीर्वाद यहां मिलते हैं। मैं आज सौभाग्यशाली हूं कि इस धरती पर उन सभी पुण्यात्मा को प्रणाम करने का अवसर मिला है। आज चैत्र एकादशी भी है। पंढरपूर की आषाढी, कार्तिकी, चैत्र और माघी ऐसी चार यात्राएं मुख्य होती हैं। उनमें से आज चैत्र एकादशी की यात्रा है। आज हर तरफ गूंज रहा है-

रुप पाहता लोचनी।
सुख झाले वो साजणी॥
तो हा विठ्ठल बरवा।
तो हा माधव बरवा॥

ऐसे पुण्य पर्वकाल पर भगवान श्री विठ्ठल के चरणों में मैं शत-शत नमन करता हूं। प्रणाम करता हूं। मैं गुजरात में पैदा हुआ। तो स्वाभाविक है कि वर्धा और अमरावती से एक विशेष नाता भी रहत है। पूज्य बापू गुजरात की धरती में पैदा हुए और वर्धा उनकी कर्मभूमि रही है। विनोबा जी भी लंबा समय जीवन का बड़ौदा में बिताकर करके फिर यहां आए।

साथियों,

2024 का ये चुनाव विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने का चुनाव है। ये सपना, आजादी से भी पहले बापू ने देखा था। इसलिए, आज जब देश इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने जा रहा है, तो इसमें वर्धा का विशेष आशीर्वाद चाहिए। आज इतनी बड़ी संख्या में आपकी ये उपस्थिति, वर्धा और अमरावती का ये प्रचंड समर्थन, ये बता रहा है कि विकसित महाराष्ट्र और विकसित भारत का लक्ष्य दूर नहीं है। और मैं देख रहा हूं, जितने लोग अंदर हैं, उससे ज्यादा लोग वहां बाहर खड़े हैं। और मैं वर्धा चुनाव सभा में पहले भी आया हूं, लेकिन इतना बड़ा जनसागर पहले एक बार भी नहीं था। आपके आशीर्वाद भी बढ़ रहे हैं। आपका प्यार भी बढ़ रहा है। और इसलिए आज पूरा महाराष्ट्र कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

2014 से पहले ये धारणा बन गई थी कि देश में कुछ अच्छा हो ही नहीं सकता। चारों तरफ निराशा, निराशा, निराशा। गाँवों को लगता था कि गाँव में बिजली, पानी, सड़क आ ही नहीं सकते। गरीब को लगता था कि उसे आने वाली कितनी पीढ़ियां बीत जाएं, गरीबी से मुक्ति मिल ही नहीं सकती। किसान को लगता था कि बदहाली शायद उसकी नियति है। कितनी ही मेहनत क्यों न करे, भाग्य बदलता ही नहीं है। महिलाओं को लगता था कि उनकी तकलीफें कभी कोई समझेगा ही नहीं। लेकिन भाइयों बहनों, जिसको किसी ने नहीं पूछा, जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको गरीब के इस बेटे ने पूजा है। 10 वर्षों में हमने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। हमने हर गाँव तक बिजली की रोशनी पहुंचाई है। हमने देश के 11 करोड़ लोगों को पानी का कनेक्शन दिया है। 10 वर्षों में 4 करोड़ गरीब परिवारों को पीएम-आवास मिला है। 10 वर्षों में 50 करोड़ से ज्यादा लोग बैंकों से जुड़कर अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं।

और आज जब वर्धा आया हूं तो आप सबसे मैं एक प्रार्थना करना चाहता हूं। करूं। ऐसे नहीं, आवाज में कुछ दम होनी चाहिए। जरा हाथ ऊपर करके बताइये, मैं प्रार्थना करूं। देखिए, आप अभी गांवों में जाते होंगे। अलग-अलग बस्तियों में जाते होंगे। ये सारे काम जो गिना रहा हूं ना। अभी भी हो सकता है। किसी न किसी गांव में एक-आध दो परिवार ऐसे हों, शायद मकान मिलना बाकी हो। दो-चार परिवार ऐसे हों, जहां गैस का कनेक्शन न पहुंचा हो। पांच-पंद्रह परिवार ऐसे हों, जहां टॉयलेट न बना हो। नल से जल न पहुंचा हो। मेरी आपसे एक प्रार्थना है। आप मेरे प्रतिनिधि हैं। मेरे लिए आप ही मोदी हैं। तो जब भी आप जाएं और ऐसे लोग आपके ध्यान में आएं, तो उनकी सारी डिटेल लिख लीजिए और मुझे जरूर भेजिए। और उनको कह दीजिए कि मैं मोदी की तरफ से आया हूं। मोदी की गारंटी लेकर आया हूं। कि जब मोदी तीसरी बार आएंगे तो तुम्हारा जो मकान बनना बाकी है, पूरा हो जाएगा। तुम्हें जो नल से जल मिलना बाकी है, वो आ जाएगा। तो मेरा एक काम कर दोगे। क्योंकि मुझे हर किसी की सेवा करनी है। और आप मोदी बनके मेरी मदद करिए। करेंगे।

साथियों,

आज आत्मविश्वास से भरा ये देश अब मोदी की गारंटी देख रहा है। साथियों, गारंटी देने के लिए बहुत हिम्मत लगती है। गारंटी ऐसे ही नहीं दी जाती है। जब पूरी तरह कमिट्मेंट होता है। पूरी तरह रोडमैप होता है और मन में एक संकल्प होता है कि मैं इस काम को करके रहूंगा। कितनी ही बाधाएं क्यों न आएं, मैं बहानेबाजी नहीं करूंगा। करके रहूंगा। तब जाकर के गारंटी निकलती है। मेरे लिए ये गारंटी तीन अछरों का खेल नहीं है। ये गारंटी के पीछे पल-पल खपाने का इरादा है। पल-पल आपके नाम। पल-पल देश के नाम। 24 बाय 7 फॉर 2047।

भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में कहा है- अगले 5 साल में गरीबों के लिए 3 करोड़ नए घर बनेंगे। देश के हर घर तक पाइप से पानी पहुंचेगा। और सबसे बड़ी बात मैं यहां सब मौजूद लोगों को कहना चाहता हूं। आजकल हर परिवार में, कोई अपवाद नहीं होता है। हर परिवार में, बुजुर्ग मां-बाप होते हैं, दादा-दादी होते हैं। चाचा-चाची होते हैं। और घर में जो कमाने वाले लोग होते हैं, जो काम करने वाले लोग होते हैं, उनके सामने रोजमर्रा की जिंदगी भी होती है। उनके सामने अपने बच्चों के लिए कुछ करने का इरादा भी होता है। और ऐसे समय अपने बुजुर्ग मां-बाप का ख्याल रखना, और उनको कोई ना कोई बीमारी तो उस उम्र में आ ही जाती है। दवाई के पीछे, अस्पताल के पीछे खर्चा होता है। तो ऐसे हर परिवार को इस बोझ से मुक्ति देने के लिए। हर तीस, पैंतीस, चालीस, पैंतालिस साल की उम्र के व्यक्तियों को अपने परिवार में, अपने सपने को पूरा करने के लिए बोझ ज्यादा न सहना पड़े। इसलिए मोदी ने गारंटी दी है। कि हिंदुस्तान के हर परिवार के 70 वर्ष से ऊपर की उम्र के जो लोग हैं, उन सबको 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज की जिम्मेवारी मोदी की रहेगी। आप पर ये बोझ कम होगा। ये बोझ, उन बुजुर्गों को कहना दिल्ली में आपका बेटा बैठा है, वो उठाएगा। अभी हमने गैस सिलैंडर दिये हैं। भविष्य में आपकी रसोई में पाइप से गैस पहुंचेगी। जैसे पाइप से पानी आता है, वैसे पाइप से। भई गदाधारी। ओ गदाधारी। आपको देख लिया और फोटू भी निकल गई। अब नीचे रखो गदा। पीछे वालों को दिखता नहीं है। बजरंगबली की जय! आप पहलवान हैं क्या। हमारे तडसजी तो पहलवान रहे हैं। देश के कोने-कोने में वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चलेंगी। और देश, बुलेट ट्रेन का सपना भी पूरा होते हुए भी देखेगा। चंद्रयान देखा, अब गगनयान भी देखेगा।

साथियों,

विकसित भारत, देश की हमारी माताओं-बहनों-बेटियों के सशक्तिकरण के बिना असंभव है। इन 10 वर्षों में हमने स्वयं सहायता समूहों का एक आंदोलन खड़ा करके महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के रास्ते खोले हैं। अकेले वर्धा में ही, डेढ़ लाख से ज्यादा परिवारों की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में शामिल हुई हैं। NDA सरकार ने बैंकों के द्वारा वर्धा की महिलाओं के लिए 12 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद भेजी है। अब अगले 5 वर्षों में, हम करोड़ों महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को नए-नए क्षेत्रों में ले जाना चाहते हैं। आईटी, रिटेल, टूरिज्म, शिक्षा के क्षेत्रों की ट्रेनिंग देंगे। हर नए क्षेत्र में इन स्वयं सहायता समूहों की बहनों को ले जाना चाहते हैं। हम 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएँगे। हम गांव-गांव में अपनी बेटियों को ड्रोन पायलट बनाएँगे। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

काँग्रेस और इंडी अलायंस की सोच हमेशा से विकास विरोधी और किसान विरोधी रही है। इसीलिए, देश में दशकों तक किसानों की हालत लगातार इतनी खराब रही है। उनके दौर में जैसे काम होता था, उसके लिए मराठी में एक कहावत है। उस कहावत में कहते हैं- बारशाला गेला, आणि बाराव्याला आला। परिवार के नाम पर पत्थर तो लग जाता था, लेकिन कई पीढ़ियाँ गुजर जाती थीं, फिर भी काम नहीं पूरा होता था। विदर्भ को काँग्रेस सरकारों के इस रवैये का बहुत नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन आज हमारी सरकार विदर्भ को उतनी ही ज्यादा प्राथमिकता देकर काम कर रही है। यहां एकनाथ शिंदे जी, देवेंद्र फणनवीस जी और अजीत पवार जी पूरी शक्ति से आप सभी की सेवा में जुटे हुए हैं।

आप देखिए, NDA सरकार बाला साहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग का निर्माण करवा रही है। आज नागपुर से गोवा के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत का ग्रीन हाइवे बन रहा है। वर्धा, सेवाग्राम, पुलगांव और हिंगनघाट जैसे क्षेत्रों में बेहतर रेल सेवा उपलब्ध हुई है। वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ के बीच रेलवे लाइन और वर्धा से बल्लारशाह के बीच रेल ट्रैक जैसे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं। धामनगांव रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। हमारी सरकार ने आरवी विधानसभा क्षेत्र में सिंगल लाइन को ब्रॉड गेज रेलवे लाइन में बदलने के लिए अलग से फंड दिया है। वर्धा के सिंधी में ड्राइ पोर्ट का काम भी पूरा हो चुका है। और देश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए जो टेक्सटाइल पार्क बन रहे हैं, उनमें एक अमरावती में बन रहा है। यानी, विदर्भ अब पिछड़ेपन के उस दुष्चक्र से बाहर निकलेगा, जिसमें काँग्रेस पार्टी ने विदर्भ को फंसाकर रखा था। इनफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक पिछड़ेपन के कारण ही विदर्भ के किसानों को इतने दशकों तक आर्थिक तबाही से जूझना पड़ा है। ये हाइवेज, एक्सप्रेसवेज और रेलवेज़ हमारे इन किसानों की समृद्धि के महामार्ग बनेंगे।

साथियों,

वर्धा और अमरावती में सिंचाई की समस्या यहाँ किसानों के लिए कितने बड़े संकट का कारण रही है, ये हम सबको पता है। लेकिन, पिछली सरकारों ने इस ओर कभी ईमानदारी से काम नहीं किए। 2014 में देश में ऐसी 99 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं थीं, जो दशकों से अटकी हुई थीं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र की सिंचाई परियोजनाओं की थी। ये NDA सरकार है, जो इन्हें तेजी से पूरा करा रही है। अब लोअर वर्धा इरिगेशन प्रोजेक्ट और अमरावती का लोवर पेढ़ी इरिगेशन प्रोजेक्ट किसानों के लिए वरदान बनने जा रहा है। इसके अलावा भी इस पूरे क्षेत्र में सिंचाई के लिए कई छोटे प्रोजेक्ट्स भी लाए जा रहे हैं।

साथियों,

हम समस्याओं के समाधान के साथ ही संभावनाओं के सृजन के लिए भी काम कर रहे हैं। हमने अमरावती के संतरे और वर्धा की हल्दी को ODOP के तहत अलग से पहचान दी है, ताकि यहाँ के किसानों को इसका लाभ हो। किसानों की आर्थिक सहायता के लिए किसान सम्मान निधि का पैसा भी सीधे किसानों के खातों में भेजा जा रहा है। अकेले वर्धा में ही किसानों के खातों में भारत सरकार की तरफ से 300 करोड़ से ज्यादा रुपये भेजे गए हैं। महाराष्ट्र में देवेन्द्र जी और शिंदे जी की सरकार द्वारा भेजे गए वो अलग।

साथियों,

आज बीजेपी के विकास के सामने इंडी अलायंस मुद्दों की कंगाली से जूझ रहा है। और इसीलिए, ये लोग अब केवल गाली-गलौज और अपमान की राजनीति पर उतर आए हैं। इंडी अलायंस की तमिलनाडु की जो पार्टी सनातन के विनाश की घोषणा करती है, उन नेताओं से ये लोग छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर, हमारे महाराष्ट्र में लाकर रैली करवाते हैं। अयोध्या में राममंदिर का 500 साल पुराना सपना पूरा होता है तो काँग्रेस पार्टी और उसके दोस्त उसका भी बहिष्कार करते हैं। अयोध्या में भव्य राममंदिर में पहली रामनवमी का आयोजन हुआ, सूर्य की किरणों से भगवान राम के अभिषेक ने हर देशवासी को भक्ति से सराबोर कर दिया। लेकिन, इस इंडी गठबंधन के एक नेता ने कहा, और जब सूर्य तिलक प्रभु राम लला को हो रहा था, उस समय ये इंडी अलायंस के साथी ने क्या कहा, ये सब पाखंड है, पाखंड। ये काँग्रेस पार्टी और उसके साथियों का असली चेहरा है। असली चेहरा।

साथियों,

एकनाथ शिंदे जी की सरकार ने यहाँ ‘लहानुजी महाराज देवस्थान’ का पुनर्विकास का संकल्प किया है। ये लोग अगर मजबूत हुये तो उसका भी विरोध करेंगे। इसलिए, छत्रपति शिवाजी महाराज की ये धरती पर काँग्रेस के इन पापों का हिसाब आपको करना है।

साथियों,

काँग्रेस पार्टी भी ये बात जानती है कि वो चुनाव नहीं जीत सकती है। इसीलिए, काँग्रेस के युवराज नतीजों के बाद देश में आग लगाने की धमकी दे रहे हैं। संविधान को कैद करके आपातकाल लगाने की इनकी मानसिकता बदली नहीं है। लेकिन, देश ने मन बना लिया है- और आज पहले दौर का जो मतदान हुआ है ना, सब ओर एक ही बात नजर आ रही थी- फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,

देश एक मजबूत, निर्णायक और स्थायी सरकार ही चाहता है। इसलिए, काँग्रेस या इंडी अलायंस को वोट देना, एक तरह से अपना वोट व्यर्थ करना है। बर्बाद करना है। महाराष्ट्र का एक-एक वोट विकास के लिए पड़ना चाहिए। आने वाली 26 अप्रैल को आप सभी को, वर्धा से भाजपा उम्मीदवार श्री रामदास चंद्रभानजी तडस और, अमरावती लोकसभा से श्रीमती नवनीत राणा जी को रिकॉर्ड संख्या में वोट डालकर भारी मतों से विजयी बनाना है। बनाएंगे। लेकिन इसके लिए मेरी शर्त है। काम करना पड़ेगा। करेंगे। ये मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने होंगे। तोड़ेंगे। हर पोलिंग बूथ जीतना होगा, जीतेंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे। एक भी पोलिंग बूथ ऐसा नहीं है ना कि जहां पर हमारा पराजय हो। सब के सब पोलिंग बूथ जीतेंगे। आने वाली पूरी शक्ति-समय पोलिंग बूथ को जीतने के लिए लगा देनी चाहिए। और आप सभी को मेरा एक और काम भी करना है, करेंगे। ये मेरा पर्सनल काम है। ये तडस जी का नहीं है। करेंगे। सब लोग बताएं तो बताऊं मैं, करेंगे। तो मेरा एक काम करना। महाराष्ट्र में घर-घर जाना। जाकर के कहना कि मोदी भाई आए थे और परिवार के सबको प्रणाम कहा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देना। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। पहुंचा देंगे। जब हर परिवार में मेरा प्रणाम पहुंचेगा ना, तो परिवार के सब लोग मुझे आशीर्वाद देंगे और जब मुझे आशीर्वाद मिलते हैं तो एक नई ऊर्जा मिलती है। और जब नई ऊर्जा होती है तो आपके लिए, आपके सपनों के लिए मुझे खप जाने का आनंद मेरा बढ़ जाता है। इसलिए मुझे हर परिवार से आशीर्वाद चाहिए। बोलिए…
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
बहुत बहुत धन्यवाद

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.