ટીએમસી મહિલાઓ સામેના ગુનાઓમાં સામેલ છે, ખાસ કરીને એસસી/એસટી સમુદાયોમાંથી: પીએમ મોદી પુરુલિયામાં, ડબલ્યુબી
ટીએમસી હોય કે કોંગ્રેસ, તેઓ એક જ સિક્કાની બે બાજુ છે: પુરુલિયામાં પીએમ મોદી, ડબ્લ્યુ.બી.

नमोस्कार !

पुरुलिया ने, जंगलमहल ने मोदी को, भाजपा को असीम स्नेह दिया है। मोदी आज यहां आपसे सिर्फ वोट मांगने नहीं आया है, बल्कि मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। आमी आपनार आशीर्बाद निते ऐशे छी। मुझे विकसित भारत के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए। मुझे आत्मनिर्भर भारत के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए।

साथियों, 

4 जून अब बहुत दूर नहीं है। और अभी मैं हेलीकॉप्टर में उतर कर, इतने लोग थे कि मैं उनके दर्शन करने के लिए चला गया। ये दिल्ली में एयर कंडीशन कमरे में बैठ करके एक परसेंट इधर हुआ तो क्या होगा, एक परसेंट उधर हुआ तो क्या हुआ होगा। अपना दिमाग खपाते हैं, बेकार में टाइम खराब मत करो। यह दृश्य देख लो जून को क्या होने वाला है। इंडी गठबंधन वालों के तरकश में जितने तीर थे, ये लोग चला चुके हैं। लेकिन जनता जनार्दन के सुरक्षा कवच के आगे इनका हर तीर, इनकी हर साजिश, नाकाम साबित हुई है। मोदी ने इन चुनावों में इंडी गठबंधन वालों का कच्चा चिट्ठा देश के सामने खोलकर रख दिया है। ये लोग संविधान खत्म करना चाहते हैं, ये लोग घुसपैठियों को बढ़ावा देते हैं, ये लोग वोटबैंक को खुश करने के लिए CAA का विरोध करते हैं। 

साथियों,

TMC औऱ उसके साथी दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों को मिल रहा आरक्षण छीन लेना चाहते हैं। बाबा साहेब आंबेडकर धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ थे, लेकिन आज इंडी गठबंधन वाले धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं। कर्नाटका में इन लोगों ने ओबीसी कोटे का आरक्षण मुसलमानों को दे दिया है। TMC इस साजिश में कंधे से कंधा मिलाकर कांग्रेस के साथ खड़ी है। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं, आप लोग जवाब देंगेजवाब देंगे? क्या आप अपना आरक्षण समाप्त होने देंगे? आपका आरक्षण लूटने देंगे? आपको मिला आरक्षण किसी और को देने देंगे? आप लोग टीएमसी और कांग्रेस का वोट बैंक नहीं है इसलिए इन पार्टियों को आपकी रत्ती भर परवाह नहीं है।

साथियों,

TMC ये कहकर राजनीति में आई थी कि मां-माटी-मानुष की रक्षा करेगी। आज TMC मां-माटी-मानुष का ही भक्षण कर रही है। बंगाल की महिलाओं का भरोसा TMC से टूट गया है। संदेशखाली में जो पाप हुआ है, उसने पूरे बंगाल की बहनों को सोचने पर मजबूर किया है। SC/ST परिवार की बहनों को तो TMC के लोग इन्सान ही नहीं समझते। अपने शाहजहां को बचाने के लिए, TMC के लोग संदेशखाली की बहनों को ही दोषी ठहरा रहे हैं। उनके चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। जैसी भाषा ये लोग उनके लिए बोल रहे हैं, इसका जवाब बंगाल की हर बेटी अपने वोट से TMC को तबाह कर देगी। 

साथियों,

(भाई आप अपना चित्र लाए, नीचे रखो, लोग पीछे परेशान हो रहे, नीचे रखो इसको। मैंने देख लिया, मैं आपका बहुत आभारी हूं। औरों को परेशान मत करो। पीछे परेशान हो रहे लोग।) तोलाबाजी करना, चोरी करना, TMC की विचारधारा बन चुकी है। आचार-विचार एक ही बन चुका है। आप मुझे बताइए साथियों, जिस बंगाल में मां सरस्वती की पूजा होती है, वहां TMC सरकार शिक्षा में भी चोरी करती है। शिक्षकों की भर्ती में हज़ारों नौजवानों का भविष्य इन्होंने बर्बाद कर दिया। और इन सभी नौजवानों को कर्ज में डुबो दिया क्योंकि नौकरी के लिए उन्हें कर्ज करके ये टीएमसी वालों को पैसा देना पड़ा। लेकिन साथियों नुकसान सिर्फ इन नौजवानों का ही नहीं, आज बंगाल के गांवों के स्कूलों में शिक्षक नहीं है, टीएमसी ने उन बच्चों का भविष्य भी चोरी कर लिया।

भाइयों और बहनों,

TMC हो या कांग्रेस हो, ये एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। आप देखिए, कांग्रेस के मंत्री, कांग्रेस के सांसद के पास से कैसे नोटों के पहाड़ मिल रहे हैं। आपने देखा है कि नहीं, टीवी पर नोटों के पहाड़ देखे हैं ना। मैंने अपनी जिंदगी में आंख के सामने नोटों का ढेर नहीं देखा। जितने नोटों के पहाड़ पर यह चोर लुटेरे बैठे हैं। यहां टीएमसी के नेताओं और मंत्रियों के पास से भी नोटों के पहाड़ निकलते हैं। ये भ्रष्टाचार करते रंगे हाथ पकड़े जा रहे हैं और गाली मोदी को देते हैं। 

मुझे बताइए भाई क्या मैंने देशवासियों से कभी कुछ छिपाया है क्यामैंने 14 में कहा था ना मैं भ्रष्टाचारियों के खिलाफ काम करूंगा। मैंने कहा था कि नहीं कहा था। मैंने 2019 में कहा था ना कि मैं भ्रष्टाचारियों को एक-एक करके पकडूंगा। कहा था कि नहीं कहा था। और 24 में कह रहा हूं मैं भ्रष्टाचारियों को जेल के बाहर रहने नहीं दूंगा। आप बताइए साथियों, आपको लूटने वालों के साथ मोदी ठीक कर रहा कि नहीं कर रहा है? ठीक कर रहा है कि नहीं कर रहा है? मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? पूरी ताकत से करना चाहिए नहीं करना चाहिए? ये लोग गालियां दें तो भी करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। ये झूठे आरोप लगाए तो भी करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। आपको लूटने वालों पर चोट होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए। मोदी आज आपको एक और गारंटी दे रहा है 4 जून के बाद नई सरकार बनते ही ऐसे हर भ्रष्टाचारी, उनकी जिंदगी जेलों में ही बीतेगी। चार जून पड़े भ्रष्टाचारी देर उपरे एक्शन आरो तीव्र होवे। और ये जो लूटा हुआ पैसा मोदी पकड़ रहा है ना, ये पैसा उन पीड़ितों का जिनसे उन्होंने लूटा है, मेरी कोशिश है वो पैसे उनको वापस मिले और इसके लिए मोदी रास्ता खोज रहा है। 

भाइयों और बहनों,

बंगाल की जनता ने इस बार TMC को साफ करने का पक्का मन बना लिया है। इसके रुझान आने शुरु भी हो गए हैं। और इसी के साथ TMC की बौखलाहट भी बढ़ती जा रही है। जिन्हें पहले कभी किसी ने पूछा नहीं, मोदी आज उनकी पूजा करता है। वो सदियों से वंचित रहे हैं, मोदी उन्हें वरीयता देता है। आज गरीब हों, दलित हों, पिछड़े हों, आदिवासी हों, मोदी ने सभी को अपनी योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। पक्का घर सभी को मिला है, कोई भेदभाव नहीं किया। टॉयलेट और गैस कनेक्शन सभी को मिले हैं, मोदी ने कोई भेदभाव नहीं किया। आप मुझे बताइए, मोदी जो मुफ्त चावल देता है उसमें कोई भेदभाव करता है क्या? मोदी ने आपका बैंक में जो खाता खुलवाया उसमें कोई भेदभाव किया क्या?

साथियों, 

मैं जानता हूं कि पुरुलिया के आप लोगों को किस तरह जल संकट का सामना करना पड़ता है। ये जल संकट, हमारे गरीब, दलित-पिछड़े-आदिवासी भाई-बहनों का जीवन और मुश्किल बना देता है। मोदी की कोशिश, देश के हर घर तक नल से जल पहुंचाने की है। माताओं-बहनों मुझे हर घर में नल से जल पहुंचाना है। पिछले 5-6 साल में 12 करोड़ से ज्यादा घरों को हमने नल कनेक्शन से जोड़ा है। लेकिन पुरुलिया जैसे इलाकों में TMC सरकार, इस अभियान को भी आगे नहीं बढ़ने दे रही है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में जहां भाजपा की सरकार है, वहां हर रोज, अलग-अलग गांव में, अलग-अलग इलाके में एक दिन में 30 हजार घरों को नल कनेक्शन दिया जा रहा है। कितना बड़ा काम हो रहा है, उसके सामने बंगाल में एक दिन में सिर्फ 5 हजार घरों में काम होता है क्योंकि TMC वाले करने नहीं देना चाहते। उनके तोलाबाज करने नहीं देना चाहते। TMC सरकार से यहां विकास की कोई उम्मीद नहीं लगाई जा सकती।

साथियों, 

मैं आज गंभीर बात कहना चाहता हूं और बड़ी पीड़ा के साथ कहना चाहता हूं। आप जानते हैं, स्वामी विवेकानंद जब विदेश की धरती पर गए थे, जब वो भारत की बात करते थे, तो लाखों लोग उनके भक्त बन गए थे। पर एक वर्ग ऐसा भी था, जिसको भारत से नफरत थी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का खूब अपमान किया, खूब धमकाने की कोशिश की। पर स्वामी विवेकानंद मां भारती का मिशन लेकर निकले थे, वो कहां डरने वाले थे? आज ऐसा ही बंगाल की धरती पर हो रहा है। चुनाव में बंगाल के लोगों को डराने-धमकाने, हिंसा कराने वाली TMC सरकार ने इस बार सारी हदें पार कर दी है। आज देश और दुनिया में इस्कॉन, राम कृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ सेवा और सदाचार के लिए जाने जाते हैं। वे भारत का नाम रोशन करते हैं, लेकिन आज बंगाल की मुख्यमंत्री इस्कॉन वालों को, राम कृष्ण मिशन वालों को और भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों को खुले तौर पर धमका रही हैं, खुले मंच से उन्हें चेतावनी दे रही हैं। दुनिया भर में इन मिशनों से जुड़े लाखों अनुयायी रहते हैं, इनका मकसद सिर्फ और सिर्फ लोगों की सेवा करना है। बंगाल की सरकार ने उनपर ऊंगली उठाई, उनका नाम लेकर धमका रही हैं, इतनी हिम्मत, सिर्फ अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए, उन्हें साधने के लिए TMC इतने निचले स्तर पर उतर आई है। इसे बंगाल की जनता का ज़रा भी ख्याल नहीं, लाखों लोगों की भावनाओं का ख्याल नहीं। भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद, स्वामी विवेकानंद और स्वामी प्रणवानंद जैसे आध्यात्मिक गुरुओं का अपमान ये देश कभी नहीं सहेगा। ऐसी सरकार जो बंगाल की सेवा संस्कृति के प्रति कोई सम्मान नहीं रखती है, उसे आपने अपने वोट की ताकत से ऐसी सजा देनी है कि कभी वो हमारे संतों, महंतों और महापुरुषों का अपमान न कर सके। 

भाइयों और बहनों,

भाजपा सरकार, विकास भी, विरासत भी के मंत्र पर काम करती है। पुरुलिया और इस क्षेत्र का छाऊ नृत्य बहुत प्रसिद्ध है। ये भाजपा ही है कि जिसने छाऊ मास्क को GI टैग दिया है, इसे पुरुलिया की पहचान के साथ जोड़ा है। भाजपा, देश की संस्कृति की इस समृद्धि को दुनिया भर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

साथियों, 

यहां अयोध्या पहाड़ है, यहां सीताकुंड भी है। प्रभु राम के चरण यहां पड़े हैं। यहां 500 साल बाद जब हमारे देश में प्रभु राम का भव्य मंदिर बना, उसमें हमारे रामलला विराजे हैं। आपको आनंद हुआ कि नहीं हुआ। आपको खुशी हुई कि नहीं हुई। बोलो जय श्रीराम। लेकिन TMC को राम का नाम लेना, राम नवमी मनाना ही पसंद नहीं है। सिर्फ वोटबैंक को खुश करने के लिए ये हमारी आस्था तक की परवाह नहीं करते। ऐसी TMC आपका एक वोट पाने के लायक नहीं है।

भाइयों और बहनों,

मोदी पुरुलिया के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां हाईवे और रेलवे का काम गति पक़ड़ रहा है। पुरुलिया रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो, वंदे भारत ट्रेन हो, इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी हमारी प्राथमिकता है। हाल में ही मुझे रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन का शिलान्यास करने का भी अवसर मिला है। 11 हज़ार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट से अनकों रोज़गार बनेंगे।

साथियों,

देश विकसित तब होगा, जब बंगाल भी विकसित होगा। जखोन बांग्लार बिकाश होबे, तबेई देशेर बिकाश होबे। इसलिए 25 मई को आपको हमारे साथी ज्योतिमय सिंह महतो जी को हर बूथ पर विजयी बनाना है। कमल पर पड़ा आपका हर वोट सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आप मेरा एक काम करेंगे? हाथ ऊपर करके बताइए, मेरा एक काम करेंगे? घर घर जाइएगा और कहिए कि अपने मोदी जी आए थे और मोदी जी ने आपको राम राम कहा है। मेरा राम राम पहुंचा देंगे। हर घर में मेरा राम राम पहुंचा देंगे। 

भारत माता की। भारत माता की। जय माता की।

वंदेवंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे।

Explore More
શ્રી રામ જન્મભૂમિ મંદિર ધ્વજારોહણ ઉત્સવ દરમિયાન પ્રધાનમંત્રીના સંબોધનનો મૂળપાઠ

લોકપ્રિય ભાષણો

શ્રી રામ જન્મભૂમિ મંદિર ધ્વજારોહણ ઉત્સવ દરમિયાન પ્રધાનમંત્રીના સંબોધનનો મૂળપાઠ
GOBARdhan Scheme can help reduce gas imports by $5 billion, says IBA

Media Coverage

GOBARdhan Scheme can help reduce gas imports by $5 billion, says IBA
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।