Public is distressed by problems, while Congress govt is busy looting: PM Modi in Kalaburagi
PM Modi, in Kalaburagi rally, expresses gratitude for overwhelming support, reiterates BJP's commitment to Karnataka's development and nation's progress
PM Modi condemns Congress' mismanagement and corruption in Karnataka emphasizing deteriorating law and order situation and betrayal of public trust
It is Congress that is depriving the youth of their rights: PM Modi in Kalaburagi
PM Modi underscores BJP's transformative impact in Karnataka, mentioning schemes like Ayushman Yojana and Ujjwala Yojana, empowering women and improving living standards

भारत माता की, भारत माता की।
जगद्गुरु बसवेश्वरा अवरा नाडु,
शिवशरणरा बीडु,
कलबुरगी-या जनतेगे नमस्कारगड़ू

कलबुर्गी का ये जनसैलाब, आप सबके चेहरों का ये उत्साह... कर्नाटका ने लोकसभा के चुनाव में बीजेपी को रिकॉर्ड सीटों पर जिताने का संकल्प ले लिया है। अभी मैं हेलीपैड से यहां आ रहा था, इतनी धूप में रोड शो का जो वातावरण बन गया। इतनी बड़ी मात्रा में लोग उत्साह, उमंग के साथ आशीर्वाद दे रहे थे। अभी तो चुनाव की घोषणा होना बाकी है। और आपने घोषणा कर दी। आज पूरा कर्नाटका कह रहा है- अबकी बार...400 पार। अबकी बार...400 पार। अबकी बार...।

साथियों,
बीते दो दिनों से मैं भारत के इस दक्षिणी भाग में ही हूं। और इसके पहले मैं श्रीनगर में था। श्रीनगर के पत्रकारों ने जो ब्लॉग लिखा है, उसमें लिखा है- 1988 के बाद श्रीनगर में इतनी बड़ी रैली किसी पोलिटिकल पार्टी की नहीं हुई है। जो दृश्य मैंने श्रीनगर में देखा, जो जज्बा देखा, भारत के प्रति, भाजपा के प्रति, जो उमंग और उत्साह देखा। साथियों, मैं बड़े विश्वास से कह रहा हूं देश अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए तैयार हो चुका है। और उसके बाद पिछले दो दिन से दक्षिण भारत में मैंने चार अलग अलग राज्यों का दौरा किया है। तमिलनाडु में कन्याकुमारी हो या केरला में पथनमथिट्टा हो, हर तरफ़ लोग बीजेपी को बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं। तेलंगाना के नागरकुरनूल की रैली में मैंने लोगों को अपने बच्चों के लिए विकसित भारत का निर्माण करने का संकल्प लेते हुए देखा है। हैदराबाद के रोड शो में हर उम्र के लोगों ने विकास और तरक्की के हमारे संकल्प को अपना समर्थन दिया। पूरे दक्षिण भारत में हर क्षेत्र में, हर वर्ग के लोगों ने बीजेपी को अपना अपार समर्थन दिया है। दक्षिण में बीजेपी को मिल रहे इस भारी समर्थन का ही नतीजा है कि इंडी-अलायंस और कांग्रेस के लोग भी कहने लगे हैं, और आपके यहां के एक नेता ने तो पार्लियामेंट में कह दिया। हमारे विरोधी कह रहे हैं- अबकी बार 400 पार! अबकी बार…अबकी बार।

साथियों,
कर्नाटका में आप लोगों का कांग्रेस के लिए जो आक्रोश है, वो भी मैं समझ सकता हूं। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जो चाहे कितने भी कपड़े बदल ले, कांग्रेस की करतूतें नहीं बदलतीं। इसीलिए, कर्नाटका में जनता जाग चुकी है, आक्रोश और गुस्से से लाल है। किसी सरकार से इतने कम समय में ही जनता का मोहभंग हो जाना ये दिखाता है कि लोगों को कांग्रेस की सच्चाई क्या है, इसका पता चल गया है। और कभी-कभी लोग भी सोचते हैं कि चलो भई एक बार सजा दी, अब वो सुधर जाएंगे। दुबारा कुछ अच्छा करेंगे। लेकिन लोग फिर निराश, वो सुधरने को तैयार ही नहीं है भई, आप कितने ही मौके दीजिए, वो नहीं सुधरेंगे। आज कर्नाटका में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। असामाजिक तत्वों को खुलेआम संरक्षण दे रही है। जनता के मन में खौफ पैदा किया जा रहा है। जनता परेशानियों से त्रस्त है, और कांग्रेस लूट में व्यस्त है।

साथियों,
एक बार कोयले से कालिख दूर हो सकती है, लेकिन कांग्रेस से करप्शन दूर नहीं हो सकता। इन परिवारवादियों के लिए करप्शन ही ऑक्सीजन है। बिना भ्रष्टाचार के ये लोग सियासत में सांस भी नहीं ले सकते। चुनाव से पहले बड़ी-बड़ी घोषणाएं करना, और चुनाव के बाद सिर्फ अपनी जेबें भरना, यही कांग्रेस का काम है। कर्नाटका को कांग्रेस ने अपना ‘फैमिली एटीएम’ बना लिया है। पार्टी और परिवार के खर्चे पूरे करने के लिए कर्नाटका की जनता की मेहनत की कमाई यहां से सप्लाई की जा रही है।

साथियों,
जहां राज्य की सारी पूंजी कुछ लोगों का पेट भरने में, जेब भरने में, तिजोरी भरने में खपने लगती है, वहां सबसे पहले कुशासन, अव्यवस्था और अराजकता चारों तरफ हर स्तर पर फैलना शुरू हो जाती है। इसीलिए, कांग्रेस ने चुनाव में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना तो दूर, उल्टा कर्नाटका के हालात दिन पर दिन बदहाल होते जा रहे हैं। चुनाव में कांग्रेस ने मुफ्त बिजली का वादा किया था। लेकिन जवाब में जनता को बिजली की कटौती मिली है। अंधेरा मिला। आज किसान पूछ रहे हैं, कि जब बिजली है ही नहीं, तो खेतों में पंप सेट कैसे चलेंगे? इन लोगों ने किसानों से एक और धोखा किया। हर किसान को पता है कि मोदी सरकार यहां के 55 लाख किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि के पैसे भेजती है। ये योजना किसानों के लिए वरदान जैसी है। पहले बीजेपी की राज्य सरकार किसानों को इसमें 4 हजार रुपये जोड़कर देती थी। लेकिन कांग्रेस वालों ने ये 4 हजार रुपये देने का प्रावधान बंद कर दिया।

साथियों,
ये लोग युवाओं से बड़े बड़े वादे करके सरकार में बैठ गए। लेकिन आज ये उन्हीं युवाओं की स्कॉलरशिप रोक रहे हैं, उसमें कटौती कर रहे हैं। ये कांग्रेस ही है, जो नौजवानों के हक मारने का पाप कर रही है। कांग्रेस की लूट का हाल ये है कि छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए भी, सरकार के पास पैसा नहीं है। विधायकों को कह दिया गया है कि सरकार के पास पैसे नहीं है। हाथ ऊपर कर दिए। कलबुर्गी के मेरे भाइयों-बहनों बताइए, क्या कोई सरकार ऐसे चल सकती है क्या? चल सकती है क्या? कर्नाटका का भला कर सकती है क्या? आपके सपने पूरे कर सकते हैं क्या? उनके वादे पूरे हो सकते हैं क्या? कांग्रेस भी ये जान चुकी है, कि ये दोबारा सरकार नहीं बना पाएंगे। इसलिए, कांग्रेस का एक ही एजेंडा बचा है- जितना लूट सको लूटो। क्या आप लूटने देंगे क्या? लूटने देंगे क्या?

साथियों,
जब राज्य सरकार इस तरह काम कर रही हो, आपको लूट रही हो, तो ये बहुत जरूरी है कि संसद में आपकी आवाज जरूर पहुंचे। कर्नाटका को लूट से बचाने के लिए सांसद के रूप में मुझे एक रक्षा कवच बनाना है। ताकि इस पर निगरानी रहे। हर पल मुझे दिल्ली में खबर रहे और कर्नाटक की जनता के लूटने के कारनामो को मैं रोक पाऊं। जब यहां कर्नाटका में ज्यादा संख्या में बीजेपी सांसद जीतेंगे तो कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार को डर करके रहना पड़ेगा। सात बार सोचना पड़ेगा कि अब खबरें मोदी को पहुंच रही है। बीजेपी सांसद, यहां कांग्रेस के कारनामों को लाख कोशिश करें, कांग्रेस वाले छिपाने नहीं देंगे। इसलिए मुझे कर्नाटका से ज्यादा से ज्यादा बीजेपी सांसदों का आशीर्वाद मिले, जनता-जनार्दन के आशीर्वाद मिले। इसलिए आपका ये सेवक प्रार्थना करने आया है। सभी सीटों पर भाजपा को जिताएंगे? आप पक्का जोर लगाएंगे? हर पोलिंग बूथ में जाएंगे। बीजेपी की जीत पक्की करेंगे?

साथियों,
भाजपा ने हमेशा कर्नाटका के विकास के लिए काम किया है। हमने कर्नाटका की पहचान को सम्मान दिया है। मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, मैं लोकतंत्र के उन सिद्धांतों की बात करता हूं जिसे हमें जगदगुरु बसवेश्वरा ने हमें सिखाया था। हमने अनुभव मंतपा से प्रेरणा लेकर ही दिल्ली के भारत मंडपम का नाम रखा है। इसी जगह, दुनिया भर के नेताओं की जी-20 समिट हुई थी। इससे पूरे विश्व में कर्नाटका का गौरव और सम्मान बढ़ा था।

साथियों,
जब हम कहते हैं कि भारत मदर ऑफ डेमॉक्रेसी है, तो पूरी दुनिया उसे स्वीकार करती है। दुनिया को कोई एतराज नहीं है, लेकिन जब ये बात कांग्रेस वाले सुनते हैं, सुनते ही कांग्रेस के पेट में दर्द होना शुरू हो जाता है। ये लोग दुनियाभर में जाकर हमारे देश को, हमारे लोकतंत्र को, हमारी महान परंपराओं को बदनाम करते हैं, ये लोग भगवान बसवेश्वरा की विरासत का मज़ाक उड़ाते हैं।

साथियों,
भाजपा ने कर्नाटका के हर समाज, हर वर्ग के लिए काम किया है। हमारे कामों से कैसे परिस्थितियां बदली हैं, हमारी माताएं-बहनें इस बात को बखूबी समझ सकती हैं। पहले पैसों की कमी के कारण घर की महिलाएं, घर के बुजुर्ग अपनी बीमारियों को छिपाते थे। बच्चों को भी नहीं बताते थे, क्योंकि उनको डर रहता था कि ये बीमारी का पता चल जाएगा, अस्पताल में जाना पड़ेगा और इतना बड़ा खर्च हो जाएगा कि बच्चे कर्ज में डूब जाएंगे। इसलिए हमारी माताएं, हमारे बुजुर्ग बीमारी की पीड़ा सहन करते थे पर बच्चों पर कर्ज नहीं होने देते थे। लेकिन बीते कुछ सालों में, आयुष्मान योजना लाकर हमने लोगों को इस चिंता से मुक्त कर दिया है। और मैंने हर माता-बहन को कहा है बीमारी को छिपाने की जरूरत नहीं है। अब माताओं बहनों को पीड़ा सहन करने की जरूरत नहीं है। दिल्ली में आपका बेटा बैठा है। पांच लाख रुपये तक इलाज की गारंटी मोदी देता है। हमारे कर्नाटका में इस योजना से करीब-करीब 80 लाख मुफ्त इलाज हो चुके हैं। और वे सब मोदी को आशीर्वाद देते हैं। लोग मुझे पूछते हैं न.. मोदी इतनी एनर्जी लाते कहां से हो। इतना काम करते हो, थकते नहीं हो। अरे, जहां मेरे कर्नाटका के 80 लाख लोग, जो बीमारी से मुक्त हुए हों, जब उनके आशीर्वाद मिलते हैं न तो एक बड़ी एनर्जी लेकर के आते हैं, बड़ी ऊर्जा लेकर के आते हैं।

आज मुफ्त इलाज की ये गारंटी, ये मोदी की गारंटी बन गई है। पहले गांव की महिलाओं को भीषण गर्मी में पानी लेने के लिए घर से दूर तक जाना पड़ता था। लेकिन बीते कुछ वर्षों में, हमने कर्नाटका के 75 लाख से अधिक परिवारों के घर तक नल से जल पहुंचाया है। साफ पानी की सुविधा, आज ये मोदी की गारंटी बन गई है। पहले एलपीजी कनेक्शन ना होने के कारण हमारे घरों में महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती थीं। आज हमने कर्नाटका में उज्जवला योजना के तहत चालीस लाख से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन, इन माताओं-बहनों की तबियत को सुरक्षित रखने का बहुत बड़ा काम किया है। ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को धुएं से बाहर निकालना, धुएं से मुक्ति दिलाना, ये मोदी की गारंटी है। हमने कर्नाटका में 8 लाख से ज्यादा पीएम आवास बनाए। जिनके पास घर नहीं था उनको घर दिया। जो कच्चे झोपड़े में रहते थे, उनको पक्का घर दिया। इतना ही नहीं, जो घर हमने दिए हैं न, इनमें से ज्यादतर घरों को हमने महिलाओं के नाम रजिस्टर किया। इन कोशिशों ने आज कर्नाटका की महिलाओं का जीवन बदला है। यही कारण है कि कर्नाटका के हर घर की महिलाएं आत्मविश्वास से कह रही हैं, भरोसे से कह रही हैं, हर मां-बहन कह रही है- आएगा तो.....मोदी ही! आएगा तो.....मोदी ही! आएगा तो.....मोदी ही!

साथियों,
ये बीजेपी ही है, जिसने ‘कल्याण कर्नाटका क्षेत्र’ के विकास के लिए लगातार काम किया है। कांग्रेस वाले हमेशा इस क्षेत्र को पिछड़ा बताकर पल्ला झाड़ लेते थे। लेकिन बीजेपी ने अपनी सरकार बनने के बाद कल्याण कर्नाटका रीजनल डवलपमेंट बोर्ड को हजारों करोड़ रुपये की मदद दी। कांग्रेस वालों ने इस क्षेत्र में विकास करना जरूरी नहीं माना। हमने तूअर दाल के किसानों को फसलों के अच्छे दाम दिलाकर उनकी मदद की है। कलबुर्गी से रायचूर के बीच उत्तर कर्नाटका का पहला Six Lane Greenfield Highway बनाने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 6 हजार करोड़ रुपए की राशि जारी की है। हमने इस क्षेत्र को बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए कलबुर्गी से बेंगलुरु के बीच एक वंदे भारत और एक पैसेंजर ट्रेन भी शुरू की है। हमने कलबुर्गी-बीदर रेलवे लाइन के 110 किलोमीटर लंबे हुमनाबाद-गुलबर्गा सेक्शन का निर्माण भी करवाया है। ये इस इलाके में आज़ादी के बाद बनी पहली रेल लाइन है। आप जानते हैं कि कांग्रेस सरकारों ने इस इलाके की कितनी उपेक्षा की थी। लेकिन बीजेपी की केंद्र सरकार इनफ्रास्ट्रक्चर के साथ साथ यहां उद्योग को भी बढ़ावा दे रही है। कलबुर्गी में बन रहा मेगा टेक्सटाइल पार्क, इस क्षेत्र के लाखों किसानों, नौजवानों और छोटे उद्योगों के लिए अनेकों अवसर लेकर आने वाला है।

साथियों,
हमें कर्नाटका को कृषि और इंडस्ट्री का बड़ा Hub बनाना है। ये सिर्फ वादा नहीं है, ये मोदी की गारंटी है। लेकिन एक गारंटी मुझे आपसे भी चाहिए। मिलेगी? आपकी गारंटी मुझे मिलेगी? आपसे मुझे एक गारंटी चाहिए, मेरे से आपको सैकड़ों गारंटी मुबारक है। आपकी गारंटी मिलेगी। हाथ ऊपर करके बताइए गारंटी मंजूर। गारंटी मिलेगी। मुझे गारंटी चाहिए, कर्नाटका में बीजेपी की जीत हर एक लोकसभा सीट पर यहां की जनता पक्की करे। अब आपको ये गारंटी देनी है कि कांग्रेस वाले कितने भी झूठ बोल लें, साजिश कर लें, लेकिन इस बार इनका खाता नहीं खुलना चाहिए। आप ये गारंटी देंगे? इधर से भी गारंटी देंगे? उधर से भी गारंटी देंगे? इसके लिए आपको कमल के निशान पर बटन दबाना है, ज्यादा से ज्यादा संख्या में बीजेपी को जिताना है। यहां मेरे साथ गुलबर्गा से बीजेपी प्रत्याशी उमेश जी जाधव हैं, हावेरी से हमारे प्रत्याशी बसवराज बोम्मई जी हैं। धारवाड़ से हमारे प्रत्याशी प्रहलाद जोशी जी आपकी सेवा में रहेंगे, और बीदर से भगवंत खुबा जी को पार्टी ने टिकट दिया है। और भाजपा में टिकट देना मतलब आप सबकी सेवा करने का जिम्मा मोदी ने इनको दिया है। ये लोग आपकी सेवा में हमेशा आगे रहे हैं। लेकिन अब मोदी की भी ताकत उनके साथ जुड़ जाती है तो सेवा और व्यापक होती है। इस बार आपको पहले से भी ज्यादा समर्थन इन सभी को देना है। यही मेरी प्रार्थना है।

साथियों,
अभी हमारे प्रदेश अध्यक्ष जी बता रहे थे, मैं दुबारा उसका उल्लेख करना चाहूंगा। कन्नड़ा भाषा के प्रति मेरा सम्मान कितना ज्यादा है, ये आप भली-भांति जानते हैं। जो लोग मुझे कन्नड़ा में भी सुनना चाहते हैं उनके लिए मैंने टेक्नोलॉजी और AI की मदद से एक कोशिश की है। और अब तक मेरा जितना ज्ञान है 80-90 परसेंट तो मामला ठीक चल रहा है। 5-10 परसेंट इधर-उधर हो सकता है। लेकिन ये आप जब सुनोगे तो मुझे करेक्शन के लिए अवसर मिलेगा। तो मेरी मदद करोगे। मुझे आपकी मदद चाहिए आज। आपको सुनकर के मुझे बताना पड़ेगा कि मोदी जी इसमें थोड़ी कमी है। बताओगे? क्योंकि मुझे उसको और अच्छा बनाना है। और आपकी मदद के बिना नहीं बना सकता हूं। करोगे मदद। तो करना क्या है। आपको सोशल मीडिया साइट एक्स पर जा करके Namoinkannada, ये जो हैंडल बनाया गया है, उस पर जाना है। मोदी आपकी सेवा में हाजिर है। और आप किसी को भी दिखाकर कह सकते हो, बड़े गर्व से कह सकते हो मोबाइल दिखाकर, देखो मोदी मेरी जेब में है। तो ये करेंगे आप। करेंगे। कन्नड़ा के सम्मान के लिए मुझे आपकी मदद चाहिए, करेंगे। आप अगर सहमत हैं तो आपका मोबाइल फोन निकाल करके फ्लैश लाइट चालू करके आइए कन्नड़ा भाषा का गौरव करें। सब अपना मोबाइल फोन से फ्लैश चालू करें और कन्नड़ा भाषा का सम्मान करें। इधर भी हां, शाबाश। ये कन्नड़ा भाषा के सम्मान में है। Namoinkannada आपके हरेक के मोबाइल में होना चाहिए। देखिए चारों तरफ उत्साह है, उमंग है, ऊर्जा है। कन्नड़ा भाषा का सम्मान है, कन्नड़ा भाषा के प्रति प्रेम है।

मेरे साथ बोलिए…भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।
बहुत बहुत धन्यवाद।

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Text of PM’s speech during the 45th anniversary celebrations of The Art of Living in Bengaluru
May 10, 2026

श्रद्धेय श्री श्री रविशंकर जी, यहां उपस्थित अन्य सभी संतजन, भाइयों और बहनों, एल्लारिगू नमस्कारा।

आज की ये सुबह एक अलग अनुभूति लेकर आई है। बच्चों के वैदिक मंत्रों से स्वागत, भगवान श्री गणेश के दर्शन, श्री श्री रविशंकर जी के 70 वर्ष, और Art of Living के 45 वर्ष, ये ऐसे पल हैं, जो हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेंगे। इस अद्भुत समारोह में आमंत्रित करने के लिए मैं आप सभी का आभारी हूं।

अभी गुरूदेव ने बहुत कुछ बताया, आपको लगता होगा वो मेरी तारीफ कर रहे थे, लेकिन मुझे लग रहा था कि वो मुझे काम बता रहे थे। आपने सही कहा कि मेरा धन्यवाद नहीं हो सकता, आप ही का हूँ, आप ही के बीच आया और आप ही के लिए आया हूँ, और जहां हूँ वहां भी आप ही के कारण हूं। आज गुरूदेव के 70 साल का ये कार्यक्रम है, लेकिन मैं चाहूंगा जब मैं घर का ही हूं तो सामने से कह देता हूं, कि जब आपका शताब्दी समारोह होगा तब मैं भी फिर से एक बार आऊंगा।

आज दिव्य और भव्य, ध्यान मंदिर का लोकार्पण हुआ है। जब संकल्प स्पष्ट हो और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो हर प्रयास का सुखद परिणाम मिलता है। बाकि कुछ हो या न हो, हम सब लोटस की छत्रछाया में हैं। जैसे जैसे समझ आता जाए, ताली बजाते जाइये। और गुरू देव के आशीर्वाद हैं, तो फिर लोटस की छत्रछाया ही देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगी। मैं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार को इस ध्यान मंदिर के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

बेंगलुरू का माहौल, यहां का वातावरण, कुछ अलग ही होता है। ये शहर software और services के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। लेकिन भारत की सांस्कृतिक पहचान, Spirituality, आध्यात्मिक चेतना को भी इस शहर ने नई ऊंचाई दी है। योग, ध्यान, प्राणायाम, भारत के संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। और जैसा गुरूजी ने कहा, आज दुनिया भर के लोग भारत के इन आध्यात्मिक संस्कारों से प्रभावित हैं, और इन्हीं पुरातन संस्कारों से भारत की भी अनेक संस्थाओं को प्रेरणा मिलती रही है।

साथियों,

इसी प्रेरणा से श्री श्री रविशंकर जी ने, 45 वर्ष पहले आर्ट ऑफ लिविंग के रूप में एक बीज बोया था। आज वो एक विशाल वटवृक्ष के रूप में हमारे सामने है। इस वटवृक्ष की हजारों शाखाएं दुनिया भर में अनगिनत लोगों के जीवन को स्पर्श कर रही हैं। और मुझे विदेश में जहां-जहां जाना पड़ता है सरकारी काम के लिए, तो कोई न कोई आप वाला मिल ही जाता है।

साथियों,

हमारा भारत विविधताओं से भरा देश है। इतनी भाषाएं, इतनी परंपराएं, अलग रीति-रिवाज, उपासना के अलग-अलग तरीके, जब हम इसे देखते हैं तो एक स्वाभाविक प्रश्न हम सबके मन में आता है। आखिर इन सभी सुंदर विविधताओं को जोड़ने वाला मूल तत्व क्या है? इसका उत्तर है- स्वयं के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीना। हमारे यहां कहा गया है, अष्टादश पुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम्। परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम्॥ अर्थात, दूसरों की सेवा करना पुण्य है, और पीड़ा देना पाप है। सेवा परमो धर्म है, ये हमारे समाज का स्वाभाविक चरित्र है। पीढ़ी दर पीढ़ी ये संस्कार सरिता हम सबको संस्कारित करती है, प्रेरित करती है, ऊर्जावान बनाती है। भारत के अनेक आध्यात्मिक आंदोलनों ने अंततः स्वयं को मानव सेवा के माध्यम से ही अभिव्यक्त किया है। मुझे खुशी है कि Art of Living के हर प्रयास में सेवा की इसी भावना का प्रतिबिंब नजर आता है। अभी जो वीडियो दिखाया गया, सेवा ही सेवा है उसमें, लोगों का ही कल्याण है। मैं आर्ट ऑफ लिविंग की यात्रा से जुड़े हर volunteer को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

कोई भी अभियान तब सफल होता है, जब उसके साथ समाज की शक्ति जुड़ जाती है। इसलिए, ऐसे हर महत्वपूर्ण मिशन के लिए समाज की शक्ति को जागृत करना बहुत आवश्यक है। मेरा हमेशा से ये विश्वास रहा है कि समाज, राजनीति और सरकारों से भी अधिक शक्तिशाली होता है। और कोई भी सरकार तभी सफल हो सकती है, जब समाज स्वयं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाता है। अब जैसे हमारा स्वच्छ भारत अभियान है। ये सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि, ये लोगों के जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन चुका है। अब ये समाज की शक्ति से ही आगे बढ़ रहा है।

साथियों,

जब समाज सक्रिय हो जाता है, तब देश की सबसे बड़ी चुनौतियों का भी सामूहिक समाधान निकाला जा सकता है। ये देखना बहुत सुखद है कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था भी, हमेशा से, समाज की इस शक्ति को साथ लेकर चलती है। आप सभी ने विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सोशल अप्रोच को बहुत महत्व दिया है। चाहे वृक्षारोपण अभियान हो, या rural smart village centres हों, महिलाओं और जनजातीय समाज को सशक्त बनाने वाले कार्यक्रम हों, या फिर कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाला अभियान हो, ये सभी प्रयास देश और समाज की विकास यात्रा के, उसमें महत्वपूर्ण योगदान देने वाले होते हैं।

साथियों,

मैं एक और बात के लिए यहां उपस्थित हर व्यक्ति की प्रशंसा करूंगा, और वो है, युवा शक्ति पर फोकस। आज की दुनिया में बहुत तेजी से बड़े-बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। हर दिन साइंस, नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। नए नए इनोवेशन, पूरी की पूरी इकॉनॉमीज को बदल रहे हैं। भारत इस बदलाव में केवल भागीदारी नहीं कर रहा, वो कई क्षेत्रों में नेतृत्व भी कर रहा है। हमारी डिजिटल क्रांति ने भारत को डिजिटल पेमेंट में ग्लोबल लीडर बनाया है। आज इंफ्रास्ट्रक्चर भी अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है और futuristic विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। स्टार्ट अप में भारत बहुत तेजी से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बना है। हमारे युवा आज स्पेस में अपनी सैटेलाइट्स भेज रहे हैं, देश की ऐसी सभी उपलब्धियों का सबसे बड़ा कारण है, हमारे युवा हैं, और आर्ट ऑफ लिविंग है। युवाओँ को, आज के आधुनिक युग की चुनौतियों के समाधान पाने में गुरूदेव और आर्ट ऑफ लिविंग बहुत सहायता कर रहा है।

साथियों,

आज टेक्नॉलॉजी की वजह से दूर बैठे लोग एक पल में एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। लेकिन जरूरी है, हम दुनिया से जुड़े या न जुड़े, स्वयं से तो जुड़ें। और ये स्वयं से जुड़ने की क्षमता को, चाहे बीजारोपण करना हो, उसको सिंचन करना हो, या उसको सक्षम बनाना हो, ये महान परंपरा से संभव होता है। विकसित भारत का निर्माण ऐसे युवाओं से ही होगा, जो युवा मानसिक रूप से शांत हों, जो सामाजिक रूप से जिम्मेदार हों, और जो समाज के प्रति संवेदनशील हों। इसीलिए, spiritual well being, मेंटल हेल्थ, योग, मेडिटेशन, इस पर काम करने वाली आपकी ये महत्वपूर्ण गतिविधि और इस प्रकार से काम करने वाली अन्य संस्थाएं भी, इन सबकी भूमिका बहुत-बहुत अहम है। ऐसी संस्थाएं लोगों में जुड़ाव, अपनापन और सामूहिक जिम्मेदारी का भाव मजबूत करती हैं। साथ ही, ऐसे संस्थानों में लोगों को अपनी संस्कृति को जानने और समझने का अवसर भी मिलता है। मुझे विश्वास है कि आज जिस ध्यान मंदिर का उद्घाटन हुआ है, वो आने वाली अनेक पीढ़ियों को, हजारों लोगों के लिए शांति और उपचार का केंद्र बनेगा।

साथियों,

आप सभी देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को बखूबी निभा रहे हैं। लेकिन मैं जब भी आपके बीच आता हूं, तो कुछ आग्रह करने से खुद को रोक नहीं पाता। अब ये मेरे बोलने से पहले ही गुरू जी ने कह दिया कि आपके नौ आग्रह हमें मंजूर हैं, तो बोलने के लिए कुछ बचा नहीं, लेकिन आदत जाती नहीं। भारत के होलिस्टिक डेवलपमेंट के लिए कई स्तरों पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। इनमें Art of Living जैसे संगठन महत्वपूर्ण भूमिका और ज्यादा शक्ति से इस परिवर्तन के प्रहरी बन सकते हैं। आपमें से बहुत से लोग किसानों और ग्रामीण समुदायों के साथ जुड़कर काम करते हैं। जैसा यहां फिल्म में भी बताया गया कि किसानों को नैचुरल फार्मिंग से जोड़ने की दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। आज बीमारी में भी इंसान नैचुरल हिलिंग के रास्ते खोज रहा है, तो ये हमारी धरती मां, उसे भी नैचुरल हिलिंग की जरूरत है। केमिकल फर्टिलाइजर ने हमारे खेत को, हमारी धरती मां को उजाड़ दिया है। इस हमारी धरती मां को केमिकल से बचाना, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग है। एक पेड़ मां के नाम अभियान को और व्यापक बनाने में आप बहुत ताकत दे सकते हैं, उसको और विस्तार कर सकते हैं। क्योंकि पर्यावरण की रक्षा, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग है। इकोलॉजी और इकोनॉमी हम अलग नहीं कर सकते हैं। पर ड्रॉप मोर क्रॉप के माध्यम से किसानों को पानी का बेहतर उपयोग बताया जा रहा है। इसमें आपके सहयोग से और बेहतर परिणाम मिलेंगे। क्योंकि पानी की हर बूंद बचाना, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग तो है। कुछ ही हफ्ते में मानसून आने वाला है। ये सही समय है, जब जल संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाई जाए। इसी तरह, बिजली बचाना, सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना, ये सभी आर्ट ऑफ लिविंग ही है। आज देश Mission LiFE पर भी जोर दे रहा है। ये जीवन को अधिक जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ जीने का एक जीवंत अभियान है। इसमें एक ऐसी जीवनशैली अपनाने का आग्रह है, जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चले। और मेरे हिसाब से मिशन लाईफ भी एक प्रकार से आर्ट ऑफ लिविंग का एक प्रकट रूप है। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में आप सभी, जो हमेशा आप करते आए हैं, आर्ट ऑफ लिविंग के भिन्न-भिन्न पहुलओं को आपने विस्तार भी दिया है, विकास भी किया है। समाज के एक बड़े वर्ग को जोड़ने के लिए आप ज्यादा प्राथमिकता देंगे, और गुरूजी की शताब्दी जब हम मनाएं तब इन सारे लक्ष्यों को हम पूरा करके रहें। मैं एक बार फिर श्री श्री रविशंकर जी को, गुरूदेव को अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मैं Art of Living परिवार के हर volunteer का, उनकी सेवा भावना और समर्पण के लिए हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। फिर एक बार आप सबने मुझे यहां आपके बीच आने का अवसर दिया, इस पवित्र वातावरण में कुछ पल बिताने का मौका दिया, लोटस की छत्रछाया में सोचने का मौका दिया, इसके लिए मैं फिर से आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। जय गुरूदेव।