Public is distressed by problems, while Congress govt is busy looting: PM Modi in Kalaburagi
PM Modi, in Kalaburagi rally, expresses gratitude for overwhelming support, reiterates BJP's commitment to Karnataka's development and nation's progress
PM Modi condemns Congress' mismanagement and corruption in Karnataka emphasizing deteriorating law and order situation and betrayal of public trust
It is Congress that is depriving the youth of their rights: PM Modi in Kalaburagi
PM Modi underscores BJP's transformative impact in Karnataka, mentioning schemes like Ayushman Yojana and Ujjwala Yojana, empowering women and improving living standards

भारत माता की, भारत माता की।
जगद्गुरु बसवेश्वरा अवरा नाडु,
शिवशरणरा बीडु,
कलबुरगी-या जनतेगे नमस्कारगड़ू

कलबुर्गी का ये जनसैलाब, आप सबके चेहरों का ये उत्साह... कर्नाटका ने लोकसभा के चुनाव में बीजेपी को रिकॉर्ड सीटों पर जिताने का संकल्प ले लिया है। अभी मैं हेलीपैड से यहां आ रहा था, इतनी धूप में रोड शो का जो वातावरण बन गया। इतनी बड़ी मात्रा में लोग उत्साह, उमंग के साथ आशीर्वाद दे रहे थे। अभी तो चुनाव की घोषणा होना बाकी है। और आपने घोषणा कर दी। आज पूरा कर्नाटका कह रहा है- अबकी बार...400 पार। अबकी बार...400 पार। अबकी बार...।

साथियों,
बीते दो दिनों से मैं भारत के इस दक्षिणी भाग में ही हूं। और इसके पहले मैं श्रीनगर में था। श्रीनगर के पत्रकारों ने जो ब्लॉग लिखा है, उसमें लिखा है- 1988 के बाद श्रीनगर में इतनी बड़ी रैली किसी पोलिटिकल पार्टी की नहीं हुई है। जो दृश्य मैंने श्रीनगर में देखा, जो जज्बा देखा, भारत के प्रति, भाजपा के प्रति, जो उमंग और उत्साह देखा। साथियों, मैं बड़े विश्वास से कह रहा हूं देश अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए तैयार हो चुका है। और उसके बाद पिछले दो दिन से दक्षिण भारत में मैंने चार अलग अलग राज्यों का दौरा किया है। तमिलनाडु में कन्याकुमारी हो या केरला में पथनमथिट्टा हो, हर तरफ़ लोग बीजेपी को बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं। तेलंगाना के नागरकुरनूल की रैली में मैंने लोगों को अपने बच्चों के लिए विकसित भारत का निर्माण करने का संकल्प लेते हुए देखा है। हैदराबाद के रोड शो में हर उम्र के लोगों ने विकास और तरक्की के हमारे संकल्प को अपना समर्थन दिया। पूरे दक्षिण भारत में हर क्षेत्र में, हर वर्ग के लोगों ने बीजेपी को अपना अपार समर्थन दिया है। दक्षिण में बीजेपी को मिल रहे इस भारी समर्थन का ही नतीजा है कि इंडी-अलायंस और कांग्रेस के लोग भी कहने लगे हैं, और आपके यहां के एक नेता ने तो पार्लियामेंट में कह दिया। हमारे विरोधी कह रहे हैं- अबकी बार 400 पार! अबकी बार…अबकी बार।

साथियों,
कर्नाटका में आप लोगों का कांग्रेस के लिए जो आक्रोश है, वो भी मैं समझ सकता हूं। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जो चाहे कितने भी कपड़े बदल ले, कांग्रेस की करतूतें नहीं बदलतीं। इसीलिए, कर्नाटका में जनता जाग चुकी है, आक्रोश और गुस्से से लाल है। किसी सरकार से इतने कम समय में ही जनता का मोहभंग हो जाना ये दिखाता है कि लोगों को कांग्रेस की सच्चाई क्या है, इसका पता चल गया है। और कभी-कभी लोग भी सोचते हैं कि चलो भई एक बार सजा दी, अब वो सुधर जाएंगे। दुबारा कुछ अच्छा करेंगे। लेकिन लोग फिर निराश, वो सुधरने को तैयार ही नहीं है भई, आप कितने ही मौके दीजिए, वो नहीं सुधरेंगे। आज कर्नाटका में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। असामाजिक तत्वों को खुलेआम संरक्षण दे रही है। जनता के मन में खौफ पैदा किया जा रहा है। जनता परेशानियों से त्रस्त है, और कांग्रेस लूट में व्यस्त है।

साथियों,
एक बार कोयले से कालिख दूर हो सकती है, लेकिन कांग्रेस से करप्शन दूर नहीं हो सकता। इन परिवारवादियों के लिए करप्शन ही ऑक्सीजन है। बिना भ्रष्टाचार के ये लोग सियासत में सांस भी नहीं ले सकते। चुनाव से पहले बड़ी-बड़ी घोषणाएं करना, और चुनाव के बाद सिर्फ अपनी जेबें भरना, यही कांग्रेस का काम है। कर्नाटका को कांग्रेस ने अपना ‘फैमिली एटीएम’ बना लिया है। पार्टी और परिवार के खर्चे पूरे करने के लिए कर्नाटका की जनता की मेहनत की कमाई यहां से सप्लाई की जा रही है।

साथियों,
जहां राज्य की सारी पूंजी कुछ लोगों का पेट भरने में, जेब भरने में, तिजोरी भरने में खपने लगती है, वहां सबसे पहले कुशासन, अव्यवस्था और अराजकता चारों तरफ हर स्तर पर फैलना शुरू हो जाती है। इसीलिए, कांग्रेस ने चुनाव में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना तो दूर, उल्टा कर्नाटका के हालात दिन पर दिन बदहाल होते जा रहे हैं। चुनाव में कांग्रेस ने मुफ्त बिजली का वादा किया था। लेकिन जवाब में जनता को बिजली की कटौती मिली है। अंधेरा मिला। आज किसान पूछ रहे हैं, कि जब बिजली है ही नहीं, तो खेतों में पंप सेट कैसे चलेंगे? इन लोगों ने किसानों से एक और धोखा किया। हर किसान को पता है कि मोदी सरकार यहां के 55 लाख किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि के पैसे भेजती है। ये योजना किसानों के लिए वरदान जैसी है। पहले बीजेपी की राज्य सरकार किसानों को इसमें 4 हजार रुपये जोड़कर देती थी। लेकिन कांग्रेस वालों ने ये 4 हजार रुपये देने का प्रावधान बंद कर दिया।

साथियों,
ये लोग युवाओं से बड़े बड़े वादे करके सरकार में बैठ गए। लेकिन आज ये उन्हीं युवाओं की स्कॉलरशिप रोक रहे हैं, उसमें कटौती कर रहे हैं। ये कांग्रेस ही है, जो नौजवानों के हक मारने का पाप कर रही है। कांग्रेस की लूट का हाल ये है कि छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए भी, सरकार के पास पैसा नहीं है। विधायकों को कह दिया गया है कि सरकार के पास पैसे नहीं है। हाथ ऊपर कर दिए। कलबुर्गी के मेरे भाइयों-बहनों बताइए, क्या कोई सरकार ऐसे चल सकती है क्या? चल सकती है क्या? कर्नाटका का भला कर सकती है क्या? आपके सपने पूरे कर सकते हैं क्या? उनके वादे पूरे हो सकते हैं क्या? कांग्रेस भी ये जान चुकी है, कि ये दोबारा सरकार नहीं बना पाएंगे। इसलिए, कांग्रेस का एक ही एजेंडा बचा है- जितना लूट सको लूटो। क्या आप लूटने देंगे क्या? लूटने देंगे क्या?

साथियों,
जब राज्य सरकार इस तरह काम कर रही हो, आपको लूट रही हो, तो ये बहुत जरूरी है कि संसद में आपकी आवाज जरूर पहुंचे। कर्नाटका को लूट से बचाने के लिए सांसद के रूप में मुझे एक रक्षा कवच बनाना है। ताकि इस पर निगरानी रहे। हर पल मुझे दिल्ली में खबर रहे और कर्नाटक की जनता के लूटने के कारनामो को मैं रोक पाऊं। जब यहां कर्नाटका में ज्यादा संख्या में बीजेपी सांसद जीतेंगे तो कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार को डर करके रहना पड़ेगा। सात बार सोचना पड़ेगा कि अब खबरें मोदी को पहुंच रही है। बीजेपी सांसद, यहां कांग्रेस के कारनामों को लाख कोशिश करें, कांग्रेस वाले छिपाने नहीं देंगे। इसलिए मुझे कर्नाटका से ज्यादा से ज्यादा बीजेपी सांसदों का आशीर्वाद मिले, जनता-जनार्दन के आशीर्वाद मिले। इसलिए आपका ये सेवक प्रार्थना करने आया है। सभी सीटों पर भाजपा को जिताएंगे? आप पक्का जोर लगाएंगे? हर पोलिंग बूथ में जाएंगे। बीजेपी की जीत पक्की करेंगे?

साथियों,
भाजपा ने हमेशा कर्नाटका के विकास के लिए काम किया है। हमने कर्नाटका की पहचान को सम्मान दिया है। मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, मैं लोकतंत्र के उन सिद्धांतों की बात करता हूं जिसे हमें जगदगुरु बसवेश्वरा ने हमें सिखाया था। हमने अनुभव मंतपा से प्रेरणा लेकर ही दिल्ली के भारत मंडपम का नाम रखा है। इसी जगह, दुनिया भर के नेताओं की जी-20 समिट हुई थी। इससे पूरे विश्व में कर्नाटका का गौरव और सम्मान बढ़ा था।

साथियों,
जब हम कहते हैं कि भारत मदर ऑफ डेमॉक्रेसी है, तो पूरी दुनिया उसे स्वीकार करती है। दुनिया को कोई एतराज नहीं है, लेकिन जब ये बात कांग्रेस वाले सुनते हैं, सुनते ही कांग्रेस के पेट में दर्द होना शुरू हो जाता है। ये लोग दुनियाभर में जाकर हमारे देश को, हमारे लोकतंत्र को, हमारी महान परंपराओं को बदनाम करते हैं, ये लोग भगवान बसवेश्वरा की विरासत का मज़ाक उड़ाते हैं।

साथियों,
भाजपा ने कर्नाटका के हर समाज, हर वर्ग के लिए काम किया है। हमारे कामों से कैसे परिस्थितियां बदली हैं, हमारी माताएं-बहनें इस बात को बखूबी समझ सकती हैं। पहले पैसों की कमी के कारण घर की महिलाएं, घर के बुजुर्ग अपनी बीमारियों को छिपाते थे। बच्चों को भी नहीं बताते थे, क्योंकि उनको डर रहता था कि ये बीमारी का पता चल जाएगा, अस्पताल में जाना पड़ेगा और इतना बड़ा खर्च हो जाएगा कि बच्चे कर्ज में डूब जाएंगे। इसलिए हमारी माताएं, हमारे बुजुर्ग बीमारी की पीड़ा सहन करते थे पर बच्चों पर कर्ज नहीं होने देते थे। लेकिन बीते कुछ सालों में, आयुष्मान योजना लाकर हमने लोगों को इस चिंता से मुक्त कर दिया है। और मैंने हर माता-बहन को कहा है बीमारी को छिपाने की जरूरत नहीं है। अब माताओं बहनों को पीड़ा सहन करने की जरूरत नहीं है। दिल्ली में आपका बेटा बैठा है। पांच लाख रुपये तक इलाज की गारंटी मोदी देता है। हमारे कर्नाटका में इस योजना से करीब-करीब 80 लाख मुफ्त इलाज हो चुके हैं। और वे सब मोदी को आशीर्वाद देते हैं। लोग मुझे पूछते हैं न.. मोदी इतनी एनर्जी लाते कहां से हो। इतना काम करते हो, थकते नहीं हो। अरे, जहां मेरे कर्नाटका के 80 लाख लोग, जो बीमारी से मुक्त हुए हों, जब उनके आशीर्वाद मिलते हैं न तो एक बड़ी एनर्जी लेकर के आते हैं, बड़ी ऊर्जा लेकर के आते हैं।

आज मुफ्त इलाज की ये गारंटी, ये मोदी की गारंटी बन गई है। पहले गांव की महिलाओं को भीषण गर्मी में पानी लेने के लिए घर से दूर तक जाना पड़ता था। लेकिन बीते कुछ वर्षों में, हमने कर्नाटका के 75 लाख से अधिक परिवारों के घर तक नल से जल पहुंचाया है। साफ पानी की सुविधा, आज ये मोदी की गारंटी बन गई है। पहले एलपीजी कनेक्शन ना होने के कारण हमारे घरों में महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती थीं। आज हमने कर्नाटका में उज्जवला योजना के तहत चालीस लाख से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन, इन माताओं-बहनों की तबियत को सुरक्षित रखने का बहुत बड़ा काम किया है। ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को धुएं से बाहर निकालना, धुएं से मुक्ति दिलाना, ये मोदी की गारंटी है। हमने कर्नाटका में 8 लाख से ज्यादा पीएम आवास बनाए। जिनके पास घर नहीं था उनको घर दिया। जो कच्चे झोपड़े में रहते थे, उनको पक्का घर दिया। इतना ही नहीं, जो घर हमने दिए हैं न, इनमें से ज्यादतर घरों को हमने महिलाओं के नाम रजिस्टर किया। इन कोशिशों ने आज कर्नाटका की महिलाओं का जीवन बदला है। यही कारण है कि कर्नाटका के हर घर की महिलाएं आत्मविश्वास से कह रही हैं, भरोसे से कह रही हैं, हर मां-बहन कह रही है- आएगा तो.....मोदी ही! आएगा तो.....मोदी ही! आएगा तो.....मोदी ही!

साथियों,
ये बीजेपी ही है, जिसने ‘कल्याण कर्नाटका क्षेत्र’ के विकास के लिए लगातार काम किया है। कांग्रेस वाले हमेशा इस क्षेत्र को पिछड़ा बताकर पल्ला झाड़ लेते थे। लेकिन बीजेपी ने अपनी सरकार बनने के बाद कल्याण कर्नाटका रीजनल डवलपमेंट बोर्ड को हजारों करोड़ रुपये की मदद दी। कांग्रेस वालों ने इस क्षेत्र में विकास करना जरूरी नहीं माना। हमने तूअर दाल के किसानों को फसलों के अच्छे दाम दिलाकर उनकी मदद की है। कलबुर्गी से रायचूर के बीच उत्तर कर्नाटका का पहला Six Lane Greenfield Highway बनाने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 6 हजार करोड़ रुपए की राशि जारी की है। हमने इस क्षेत्र को बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए कलबुर्गी से बेंगलुरु के बीच एक वंदे भारत और एक पैसेंजर ट्रेन भी शुरू की है। हमने कलबुर्गी-बीदर रेलवे लाइन के 110 किलोमीटर लंबे हुमनाबाद-गुलबर्गा सेक्शन का निर्माण भी करवाया है। ये इस इलाके में आज़ादी के बाद बनी पहली रेल लाइन है। आप जानते हैं कि कांग्रेस सरकारों ने इस इलाके की कितनी उपेक्षा की थी। लेकिन बीजेपी की केंद्र सरकार इनफ्रास्ट्रक्चर के साथ साथ यहां उद्योग को भी बढ़ावा दे रही है। कलबुर्गी में बन रहा मेगा टेक्सटाइल पार्क, इस क्षेत्र के लाखों किसानों, नौजवानों और छोटे उद्योगों के लिए अनेकों अवसर लेकर आने वाला है।

साथियों,
हमें कर्नाटका को कृषि और इंडस्ट्री का बड़ा Hub बनाना है। ये सिर्फ वादा नहीं है, ये मोदी की गारंटी है। लेकिन एक गारंटी मुझे आपसे भी चाहिए। मिलेगी? आपकी गारंटी मुझे मिलेगी? आपसे मुझे एक गारंटी चाहिए, मेरे से आपको सैकड़ों गारंटी मुबारक है। आपकी गारंटी मिलेगी। हाथ ऊपर करके बताइए गारंटी मंजूर। गारंटी मिलेगी। मुझे गारंटी चाहिए, कर्नाटका में बीजेपी की जीत हर एक लोकसभा सीट पर यहां की जनता पक्की करे। अब आपको ये गारंटी देनी है कि कांग्रेस वाले कितने भी झूठ बोल लें, साजिश कर लें, लेकिन इस बार इनका खाता नहीं खुलना चाहिए। आप ये गारंटी देंगे? इधर से भी गारंटी देंगे? उधर से भी गारंटी देंगे? इसके लिए आपको कमल के निशान पर बटन दबाना है, ज्यादा से ज्यादा संख्या में बीजेपी को जिताना है। यहां मेरे साथ गुलबर्गा से बीजेपी प्रत्याशी उमेश जी जाधव हैं, हावेरी से हमारे प्रत्याशी बसवराज बोम्मई जी हैं। धारवाड़ से हमारे प्रत्याशी प्रहलाद जोशी जी आपकी सेवा में रहेंगे, और बीदर से भगवंत खुबा जी को पार्टी ने टिकट दिया है। और भाजपा में टिकट देना मतलब आप सबकी सेवा करने का जिम्मा मोदी ने इनको दिया है। ये लोग आपकी सेवा में हमेशा आगे रहे हैं। लेकिन अब मोदी की भी ताकत उनके साथ जुड़ जाती है तो सेवा और व्यापक होती है। इस बार आपको पहले से भी ज्यादा समर्थन इन सभी को देना है। यही मेरी प्रार्थना है।

साथियों,
अभी हमारे प्रदेश अध्यक्ष जी बता रहे थे, मैं दुबारा उसका उल्लेख करना चाहूंगा। कन्नड़ा भाषा के प्रति मेरा सम्मान कितना ज्यादा है, ये आप भली-भांति जानते हैं। जो लोग मुझे कन्नड़ा में भी सुनना चाहते हैं उनके लिए मैंने टेक्नोलॉजी और AI की मदद से एक कोशिश की है। और अब तक मेरा जितना ज्ञान है 80-90 परसेंट तो मामला ठीक चल रहा है। 5-10 परसेंट इधर-उधर हो सकता है। लेकिन ये आप जब सुनोगे तो मुझे करेक्शन के लिए अवसर मिलेगा। तो मेरी मदद करोगे। मुझे आपकी मदद चाहिए आज। आपको सुनकर के मुझे बताना पड़ेगा कि मोदी जी इसमें थोड़ी कमी है। बताओगे? क्योंकि मुझे उसको और अच्छा बनाना है। और आपकी मदद के बिना नहीं बना सकता हूं। करोगे मदद। तो करना क्या है। आपको सोशल मीडिया साइट एक्स पर जा करके Namoinkannada, ये जो हैंडल बनाया गया है, उस पर जाना है। मोदी आपकी सेवा में हाजिर है। और आप किसी को भी दिखाकर कह सकते हो, बड़े गर्व से कह सकते हो मोबाइल दिखाकर, देखो मोदी मेरी जेब में है। तो ये करेंगे आप। करेंगे। कन्नड़ा के सम्मान के लिए मुझे आपकी मदद चाहिए, करेंगे। आप अगर सहमत हैं तो आपका मोबाइल फोन निकाल करके फ्लैश लाइट चालू करके आइए कन्नड़ा भाषा का गौरव करें। सब अपना मोबाइल फोन से फ्लैश चालू करें और कन्नड़ा भाषा का सम्मान करें। इधर भी हां, शाबाश। ये कन्नड़ा भाषा के सम्मान में है। Namoinkannada आपके हरेक के मोबाइल में होना चाहिए। देखिए चारों तरफ उत्साह है, उमंग है, ऊर्जा है। कन्नड़ा भाषा का सम्मान है, कन्नड़ा भाषा के प्रति प्रेम है।

मेरे साथ बोलिए…भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।
बहुत बहुत धन्यवाद।

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The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM Modi in Uttarakhand
April 14, 2026
The Delhi-Dehradun Economic Corridor, being inaugurated today, is a world-class infrastructure project that will deepen connectivity, boost the economy and tourism: PM
With the completion of 25 years since its formation, Uttarakhand has now entered its 26th year; Today, with the inauguration of the Delhi-Dehradun Expressway, another major milestone has been added: PM
The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM
The Corridor will save time, travel will become cheaper and faster, people will spend less on petrol and diesel, and fares and freight costs will decrease;it will also facilitate employment: PM
Our mountains, these forest areas, this heritage of Devbhoomi, these are very, very sacred places; It is our duty to keep such places clean: PM
Plastic bottles, heaps of garbage in these areas hurt the sanctity of Devbhoomi ; it is very essential that we keep these sites of Devbhoomi, our pilgrimage sites, clean and beautiful: PM

 

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह जी, यहां के लोकप्रिय और कर्मठ युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी नितिन गड़करी जी, अजय टमटा जी, टेक्नॉलोजी के माध्यम से जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, गर्वनर आनंदी बेन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, मंच पर उपस्थित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी, पूर्व मुख्यमंत्री भाई रमेश पोखरियाल, विजय बहुगुना जी, तीरथ सिंह रावत जी, त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, उत्तराखंड सरकार के सभी मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण और विशाल संख्या में पधारे मेरे प्यारे भाईयों बहनों।

देवभूमि उत्तराखंड़ की इस पावन धरती पर आप सभी को मेरा प्रणाम। बहुत बडी संख्या में आए हुए पूज्य संतगण को भी प्रणाम। उत्तराखंड का प्यारा भुलों-भैबंदों, बौड़ी-भूलियों, स्याणा-बुजुर्गों, आप सबु तैं नमस्कार! मेरो प्यारो दाजी भाई, दीदी-बैनी, आमा-बाबा सबई लाई मेरो तरफ़ देखी ढोग दिनछू।

इस कार्यक्रम से टेक्नोलॉजी के जरिये भी दिल्ली, यूपी से अनेक लोग जुड़े हैं, मैं सभी का अभिनन्दन करता हूं। सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा चाहता हूं, उत्तरप्रदेश और दिल्ली के कार्यक्रम में जुड़े हुए लोगों की भी क्षमा मांगता हूं, कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई, सब स्थान पर लंबे समय तक आप सबको इंतजार करना पड़ा, और कारण यही था, मैं निकला तो समय पर था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर का रोड शो, काली मंदिर से लेकर के यहां तक, इतना उत्साह इतना उमंग, कि मेरे लिए तेज गति से गाड़ी चलाना बड़ा मुश्किल हो गया। तो धीरे-धीरे लोगों को प्रणाम करते-करते, जनता जनार्दन के आशीर्वाद लेते लेते यहां पहुंचने में मुझे एक घंटे से भी ज्यादा देरी हो गई, और इसके लिए मैं आपकी क्षमा मांगता हूं, और ऐसी धूप में 12 किलोमीटर ये जन सैलाब, ये उत्तराखंड़ का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद, मैं आज उत्तराखंड़ से एक नई ऊर्जा लेकर के जाऊंगा, नई प्रेरणा लेकर के जाऊंगा और मैं इसके लिए हर किसी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है। विभिन्न हिस्सों में नववर्ष का आगमन हुआ है। मैं देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बीहू और पुथांडु की शुभकामनाएं देता हूं!

साथियों,

अगले कुछ ही दिनों में, यमुनोत्री, गंगोत्री, बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी शुरू होने जा रही है। इस पवित्र समय का, देश के कोटि-कोटि आस्थावान, श्रद्धाभाव से इंतज़ार करते हैं। मैं पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और यहां के आराध्य देवों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं संतला माता को भी नमन करता हूं। यहां आने से पहले मुझे, मां डाट काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। देहरादून शहर पर, मां डाट काली की बड़ी कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में, माता डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरा करने के साथ ही छब्बीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा, बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था, कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों, और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से, ये युवा राज्य, विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। ये प्रोजेक्ट भी, उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। इस एक्सप्रेसवे का बहुत बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को भी बहुत फायदा होगा। टूरिज्म के लिहाज से ये प्रोजेक्ट बहुत अहम है। मैं पूरे देश को इस प्रोजेक्ट की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती भी है। मैं बाबा साहेब को कोटि-कोटि देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वो संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। जिन दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना के अनुरूप काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, ये हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़कर और उस भावना को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है।

साथियों,

बाबा साहेब का जीवन, गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ, हर गरीब, हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है। और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम, देश का संतुलित विकास है, सबको सुविधा है, सबकी समृद्धि है। इसलिए ही बाबा साहेब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की, औद्योगीकरण की भरपूर वकालत करते थे।

साथियों,

भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, अक्सर लोग, इसके लिए हाथ की रेखाओं को देखते हैं, दिखाते हैं। जो भविष्य वक्ता होते हैं ना, वो हस्त रेखाएं देखते हैं, और हर व्यक्ति के भविष्य के विषय में बताते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता हूं, लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अब ये तो हो गई व्यक्ति के भाग्य की जो उसके हाथ में रेखाएं हैं उसकी बात, लेकिन मैं अगर इसी संदर्भ मे बात को, इसी संदर्भ को राष्ट्र-जीवन से जोड़कर के देखूं, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं कौन सी होती हैं? राष्ट्र की भाग्य रेखाएं ये हमारी ये सड़कें होती हैं, हमारे हाईवे होते हैं, हमारे एक्सप्रेसवे होते हैं, एयरवे, रेलवे, वॉटरवे, ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं होती हैं। और बीते एक दशक से हमारा देश, विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। ये विकास रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं हैं, ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं और ये मोदी की भी गारंटी है। बीते दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की इन विकास-रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं। अभी नितिन जी ने बहुत सारे आंकड़ें सिर्फ उत्तराखंड़ से संबंधित बताए हैं आपको। देखिए साल 2014 तक ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए साल में, पूरे देश में, 2 लाख करोड़ रुपए भी खर्च नहीं होते थे। ये मैं पूरे हिन्दुस्तान की बात बताता हूं, 2 लाख करोड़ भी नहीं होते थे, आज ये छह गुना अधिक, 12 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो चुका है। यहां उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। 2014 के पहले पूरे देश के लिए 2 लाख करोड़, आज अकेले उत्तराखंड़ के लिए सवा दो लाख करोड़ रूपया। कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतज़ार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से, अब सड़क गांव तक पहुंच रही है, जो गांव पहले वीरान पड़ गए थे, वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना हो, रेल परियोजनाओं का विस्तार हो, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे हो, विकास की ये रेखाएं, इस क्षेत्र के कोने-कोने में जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

साथियों,

21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड और जिस स्केल पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का ही उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले ही, दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ, मेरठ में मेट्रो-सेवा की शुरुआत हुई, दिल्ली-मेरठ नमो-भारत रेल देश को समर्पित की गई, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हुई, हवाई जहाजों के लिए MRO फेसिलिटी पर काम शुरू हुआ, और आज, देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरु हो रहा है।

साथियों,

इतने छोटे से रीजन में ये सब इतने कम समय में हो रहा है। कल्पना कीजिए, देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। और इसलिए ही मैं कहता हूं - 21वीं सदी का भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस नए युग में प्रवेश कर रहा है, वो अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है।

साथियों,

आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले, अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर्स, उस पर काम चल रहा है। जैसे दिल्ली-मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलुरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ऐसे बहुत से इकोनॉमिक कॉरिडोर देश में बनाए जा रहे हैं। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। और इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, सड़क के अलावा नए-नए व्यापार-कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों के लिए, गोदामों के लिए पूरा नेटवर्क, उसका आधार तैयार करते हैं।

साथियों,

देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। पहला फायदा तो ये है कि इससे समय बचेगा, आना-जाना सस्ता और तेज होगा, लोगों का पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा, किराया-भाड़ा कम होगा, और दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। अभी इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए, तो हज़ारों श्रमिकों को काम मिला है। साथ ही, जो इंजीनियर हैं, अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स हैं, ट्रांसपोर्ट से, उससे जुड़े साथी हैं, उनको भी बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला है। किसानों और पशुपालकों की उपज भी, अब तेज़ गति से, बड़ी मंडियों और बड़े बाज़ारों तक पहुंचेगी।

साथियों,

इस शानदार एक्सप्रेस-वे से उत्तराखंड के टूरिज्म को बहुत ही बड़ा फायदा होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए ये सबसे प्रमुख मार्ग बनेगा। और हम सभी जानते हैं, जब टूरिज्म का विकास होता है, तो हर कोई कुछ न कुछ कमाता है। होटल हो, ढाबे वाले हो, टैक्सी हो, ऑटो हो, होम स्टे हो, सबको इसका फायदा होता है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि आज उत्तराखंड, विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्टस और wed in india, शादी के लिए, बहुत बेहतरीन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए बारहमासी पर्यटन बहुत जरूरी है। इसलिए मेरा सर्दियों में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लेकर बहुत आग्रह रहा है। और मुझे खुशी है कि हर साल इन यात्राओं में लोगों की संख्या बढ़ रही है। आपको याद होगा, मैं 2023 में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर गया था। पहले बहुत जाता था, बीच में बिल्कुल जा नहीं पाया, कई वर्षों के बाद मैं गया, और मुझे मुख्यमंत्री जी बता रहे थे, गर्वनर साहब बीच मे आए, वो भी बता रहे थे कि 2023 में वहां गया और उसके बाद, बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जा रहे हैं। पहले वहां कुछ सौ लोग ही सर्दियों में यात्रा के लिए जाते थे। साल 2025 में, करीब-करीब 40 हजार से अधिक लोगों ने इन पवित्र स्थानों की यात्रा की है। कभी एक हजार नहीं होते थे, अगर चालीस हजार पहुंचते हैं तो यहां के लोगों की रोजी-रोटी की कितनी बड़ी ताकत आ जाती है। इसी तरह साल 2024 में शीतकालीन चारधाम यात्रा में, करीब अस्सी हज़ार श्रद्धालु आए थे। 2025 में ये संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है।

साथियों,

हम ऐसा विकसित भारत बनाने में जुटे हैं, जहां प्रगति भी हो, प्रकृति भी हो और संस्कृति भी हो। और इसलिए, आज होने वाले हर निर्माण को, इन्हीं त्रिवेणी, प्रगति, प्रकृति और सांस्कृति की त्रिवेणी, इन्हीं मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से इंसानों को भी सुविधा हो, और वहां रहने वाले वन्यजीवों को भी असुविधा न हो, ये हमारा प्रयास है। और इसलिए ही इस एक्सप्रेसवे पर, करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है। हाथियों को भी असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है।

वैसे साथियों,

मैं आज देशभर के सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से भी एक आग्रह करना चाहता हूं। हमारे पहाड़, ये वन क्षेत्र, ये देवभूमि की धरोहर, ये बहुत ही बहुत पवित्र स्थान हैं। ऐसे स्थानों को साफ-सुथरा रखना, ये हम सभी का कर्तव्य है। यहां रहने वालों का भी और यात्री के रूप में आने वालों का भी। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें, कूड़े-कचरे का ढेर, ये देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है। इसलिए बहुत आवश्यक है कि हम देवभूमि के इन स्थलों को, हमारे इन तीर्थ स्थलों को स्वच्छ रखें, सुंदर रखें।

साथियों,

अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ का भी आयोजन होना है। हमें आस्था के इस संगम को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़नी है।

साथियों,

उत्तराखंड में नंदा देवी राजजात यात्रा भी होती है। ये आस्था का उत्सव तो है ही, ये हमारी सांस्कृतिक चेतना का भी जीवंत उदाहरण है। जहां मां नंदा को बेटी मानकर पूरे सम्मान के साथ विदा किया जाता है। इस यात्रा में बहनों-बेटियों की भागीदारी, इसे विशेष बनाती है। मैं मां नंदा को प्रणाम करते हुए, देशभर की बहनों-बेटियों को भी विशेष संदेश देना चाहता हूं। विकसित भारत के निर्माण में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। इस देश की बेटियों की, इस देश की माताओं की, बहनों की बहुत बड़ी भूमिका मैं देख रहा हूं। और बहनों-बेटियों की सुविधा, सुरक्षा और लोकतंत्र में भागीदारी, ये डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। आप अभी देख रही हैं, कि दुनिया में कितना बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी कितना हाहाकार मचा है। ऐसे मुश्किल हालात में भी, सरकार का निरंतर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो।

साथियों,

बहनों-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव अब देश के सामने है। 4 दशकों के इंतज़ार के बाद संसद ने, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए तैंतीस प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया। अब महिलाओं को ये जो हक मिला है ना, इस हक को लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। अब ये लागू होना चाहिए। अब जो 2029 में लोकसभा के चुनाव होंगे, अब तब से लेकर विधान सभा के भी चुनाव आते रहेंगे, जो भी चुनाव आते रहेंगे, 2029 से ही ये लागू हो जाना चाहिए। ये देश की भावना है, ये देश की हर बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए, 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को, सभी राजनीतिक दल मिलकर के सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं, उसको पूरा करे। और मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक खुला पत्र लिखा है, सोशल मीडिया में शायद ये मेरा पत्र आप तक पहुंचा होगा, हो सकता है टीवी और अखबार वाले भी इस पत्र का जिक्र करते होंगे। मैंने बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं-बहनों को इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है। मुझे पक्का विश्वास है कि पत्र मेरे देश की माताएं-बहनें जरूर पढ़ेंगी। एक एक शब्द पर मनन करेंगी, और इतना बड़ा पवित्र कार्य करने के लिए 16-17-18 को संसद में आने वाले सभी सांसदों को उनके आशीर्वाद भी मिलेंगे। मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें। 2029 में हमारे देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या हमारी माताएं-बहनें, हमारी बेटियां, उनको उनका हक हम देकर रहें।

साथियों,

मैं उत्तराखंड आउं और फौज की बात ना हो, तो बात अधूरी ही रहती है। ये गढ़ी कैंट, ये सभा स्थल, ये उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा का प्रमाण है। यहां पास ही देश की रक्षा सुरक्षा से जुड़े कई संस्थान हैं, 1962 की लड़ाई में, शहीद जसवंत सिंह रावत जी के शौर्य को देश कभी भुला नहीं सकता।

साथियों,

सेना के सामर्थ्य को सशक्त करना हो, या हमारे सैनिक परिवारों की सुविधा और सम्मान हो, हमारी सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। वन रैंक वन पेंशन के माध्यम से हमारी सरकार ने, अब तक करीब सवा लाख करोड़ रुपए पूर्व फौजियों को उनके खाते में जमा कर दिए हैं। उत्तराखंड के भी हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला है। इसके अलावा, इस वर्ष पूर्व फौजियों के लिए health scheme का बजट भी छत्तीस प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और इससे अधिक के ex-servicemen के लिए, दवाईयों की door step home delivery भी शुरू की गई है। पूर्व फौजियों के बच्चों की एजुकेशन ग्रांट भी डबल की गई है। और बेटियों के विवाह के लिए जो सहायता मिलती है, उसको भी 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है।

साथियों,

देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति, ऐसे हर आयाम को जोड़ते हुए, हमें देश को विकसित बनाना है। एक बार फिर दिल्ली-वासियों को, उत्तर प्रदेश वासियों को, और एक प्रकार से देशवासियों को, इस शानदार एक्सप्रेसवे की मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

बहुत-बहुत धन्यवाद !