From where hope from Congress ends, from there Modi's guarantees start, says PM Modi in Sagwara
Congress never helped crores of Adivasis in our country... the BJP made a separate ministry for them and increased the budget for the welfare of Adivasis: PM Modi
In Sagwara, PM Modi says it is important to send away Congress so that all the central government schemes can be implemented faster in Rajasthan

भारत माता की। (पहले यहां सुनने की तकलीफ हो रही थी, अभी ठीक है। सुनाई दे रहा है, उधर पीछे भी सुनाई दे रहा है।)
भारत माता की। भारत माता की।
गोविंद गुरू महाराज की जय! गोविंद गुरू महाराज की जय!
बेणेश्वर धाम की जय!
मावजी महाराज की जय!
श्रीनाथजी की जय
माँ त्रिपुरा सुंदरी की जय!
क्षेत्रपाल दादा की जय!
रघुनाथ दादा सरकार की जय!
राम राम !

केम छो बदा, आपने त साख पड़ोसी एटले। आपके बीच आना तो ऐसा लग रहा है जैसे घर आया हूं। ये वो मिट्टी है जिसने ऐसे वीर पैदा किए हैं, जिन वीरों ने महाराणा प्रताप की कीर्ति बढ़ाने में अपने खून-पसीने का योगदान दिया था। मैं काली बाई के बलिदान को, मानगढ़ धाम में बलिदान देने वाले गोविंद गुरू के अनुयायियों को भी आज श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

मेरे परिवारजनों,
डुंगरपुर और बांसवाड़ा इलाके में कई बार आया हूं। शायद मेरे पास हिसाब नहीं होगा, इतनी बार आया हूं। आपलोगों के साथ मेरा नाता भी उतना तगड़ा रहा है। लेकिन आज जो मैं यहां जनसागर देख रहा हूं और वहां पीछे तक लोग खड़े हैं। मैं सबसे पहले तो आदिवासी क्षेत्र हो, दूर-दूर गांवों से आना हो, मैं आप सबको सचमुच में प्रणाम करता हूं क्योंकि आप में कई लोग सुबह पांच-पांच छह-छह बजे चले होंगे। ये प्यार ये आशीर्वाद शायद ही किसी को ऐसा सौभाग्य मिलता होगा, जो आशीर्वाद आप मुझे दे रहे हैं। साथियों, डुंगरपुर और बांसवाड़ा यानि वागड़ की इस पावन धरा पर मुझे अनेक बार आने का अवसर तो मिला है। कई बार ये पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि हम राजस्थान में हैं कि गुजरात में हैं। यहां तो सैकड़ों सालों से मावजी महाराज का चोपड़ा खुलता रहा है। जिस धरती को सटीक भविष्यवाणी के लिए मावजी महाराज का आशीर्वाद मिला है, वहां ये साफ-साफ दिख रहा है कि भाजपा आ रही है। और ये भूमि मावजी महाराज की तपस्या की भूमि है। यहां से निकली हर भविष्यवाणी शत-प्रतिशत सही निकलती है। ऐसा ही है न। ऐसा ही है न। तो मैं मावजी महाराज को प्रणाम करते हुए उनके आशीर्वाद लेते हुए आज एक भविष्यवाणी करने की हिम्मत कर रहा हूं। करूं? मेरी ये भविष्यवाणी ये मेरी नहीं है, इस पवित्र धरती की ताकत है कि मेरे मन में ये विचार आया है। और इसीलिए बोलने की हिम्मत कर रहा हूं। और मावजी महाराज से क्षमा मांगकर बोलने की हिम्मत कर रहा हूं। पूरे राजस्थान के लोग लिखकर के रखें इस बार तो नहीं, अब राजस्थान में कभी भी अशोक गहलोत की सरकार नहीं बनेगी। कभी भी नहीं, ये मावजी महाराज की धरती पर से बोले गए शब्द हैं। और ये मावजी महाराज की धरती से बोला गया शब्द कभी गलत नहीं हो सकता है। कांग्रेस के लोग जहां भी वोट मांगने जा रहे हैं, वहां उनको एक ही जवाब मिल रहा है, एक ही जवाब मिल रहा है। लोग कहते हैं, बच्चे-बच्चे बोलते हैं, बूढ़े बोलते हैं, बुजुर्ग बोलते हैं, वृद्ध माताएं बोल रही हैं, महिलाएं कह रही हैं- गहलोत जी...गहलोत जी...कोनी मिले वोट जी !!! गहलोत जी...कोनी मिले वोट जी !!! और अब तो ये बात राजस्थान में सोशल मीडिया में बच्चों में जैसे स्पर्धा चल पड़ी है। हर घर से बच्चे वीडियो पर ये वाक्य रखकर के सोशल मीडिया में डाल रहे हैं। बच्चे भी बोल रहे हैं...गहलोत जी...कोनी मिले वोट जी !!!

मेरे परिवारजनों,
वागड़ क्षेत्र तो कांग्रेस के कुशासन का बहुत बड़ा भुक्तभोगी रहा है। कांग्रेस के कुशासन से कैसे युवाओं के सपने चकनाचूर हुए हैं, ये डुंगरपुर के लोग अच्छी तरह जानते हैं। कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में हर सरकारी भर्ती में घोटाला किया है। किया है कि नहीं किया है? घोटाला ही घोटाला किया है न। कांग्रेस के नेताओं और उनके करीबियों के बीच ऐसा कारोबार, ऐसा कारोबार कि उनके बच्चे तो अफसर बन गए और आपके बच्चे, चुन-चुन कर बाहर कर दिए गए। ये आपके साथ जुल्म है कि नहीं है? आपके बच्चों के साथ अन्याय है कि नहीं है? आपके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है कि नहीं है? ऐसे लोगों को राजस्थान की धरती पर से चुन-चुन करके साफ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? जिन्होंने चुन-चुन कर आपके बच्चों के भविष्य को तबाह किया है उनको भी चुन-चुनकर साफ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? करोगे? जरा पीछे से हाथ ऊपर करके जवाब दीजिए करोगे? शाबाश! कांग्रेस के पाले हुए पेपरलीक माफिया ने राजस्थान के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। आज जो कांग्रेस नेताओं के यहां छापे में निकल रहा है... आज जो लॉकरों से सोने की ईंटें निकल रही हैं, काले कारनामों की लाल डायरी...ये लाल डायरी के जो पन्ने खुल रहे हैं...वो कांग्रेस की सरकार की लाल डायरी में काली सच्चाई है।

मेरे परिवारजनों,
लोकतंत्र ने आपको कुशासन वाली इस कांग्रेस सरकार को बदलने का मौका दिया है। ये मौका हाथ से जाने नहीं देंगे न। कभी-कभार एक छोटी गलती पांच साल भुगतने के लिए मजबूर कर देती है। आपका एक वोट भी कमल के फूल के अलावा किसी दूसरे-तीसरे दल को मिला, तो वो सीधा कांग्रेस को ही जाएगा। ये जो दूसरे लोग खड़े हैं न वो उनकी योजना से खड़े हैं। तो ऐसी गलती नहीं करोगे न? ये जरा घर-घर जाकर समझाना। ये पिछली बार भी पाप कर गए, आपकी आंखों में धूल झोंक गए। और इस बार नया नाम लेकर कर रहे हैं। और इसलिए आपको याद रखना है...कांग्रेस का सूपड़ा साफ करो...। राजस्थान को दंगों, अपराधों, बहनों-बेटियों पर अत्याचार और भ्रष्टाचार से मुक्त करो। राजस्थान से कांग्रेस की विदाई इसलिए भी जरूरी है, ताकि यहां केंद्र सरकार की हर योजना तेजी से लागू हो। मोदी कितना ही चाहे, आपको कितना ही प्यार करे, सबकुछ करने के लिए पैसे भेजे लेकिन जयपुर में अगर ऐसे लोग बैठ जाएं कि पहुंचेगा ही नहीं तो मोदी भी क्या करेगा? तो मोदी को भी तो काम करने का मौका मिलना चाहिए न? आपके सपने मेरे संकल्प हैं, मैं उसे पूरा करना चाहता हूं। और इसीलिए सारी रुकावटें दूर करिए। 21वीं सदी के राजस्थान को विकास के लिए निवेश और नौकरी बहुत जरूरी है। और ये सिर्फ बीजेपी ही कर सकती है। आप लोग तो गुजरात के हर गली-मोहल्ले को जानते हो। आप में से कोई ऐसा नहीं होगा जो गुजरात में गया न हो या उसके रिश्तेदार गुजरात में रहते न हो। इतनी प्रगति वहां दिख रही है, राजस्थान में क्यों नहीं दिख रही है भई? वहां की जनता ने कमल पर भरोसा किया, भाजपा पर भरोसा किया और तेज गति से आगे बढ़ते चले गए और यहां उनके घर भरते गए, उनके बंगले बनते गए, आपके बच्चों के लिए कुछ नहीं हुआ। कांग्रेस चाहे वादों की पूरी लाल डायरी, उसी को लेकर क्यों न घूमती फिरे, मोदी की गारंटी, इनके हर झूठे वायदों पर भारी है। गरीब कल्याण, जन कल्याण को लेकर जहां कांग्रेस से उम्मीद खत्म होती है, वहां से मोदी की गारंटी शुरू होती है।

साथियों,
कांग्रेस ने दशकों के अपने शासनकाल में जो सोचा तक नहीं, वो बीते 10 साल में आपके सेवक ने देशवासियों के चरणों में समर्पित कर दिया है। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कभी भारत के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलेगा। क्या कभी सोचा था? 80 करोड़ लोगों को तीन साल से मुफ्त राशन। ये कांग्रेस सरकार थी, जिसके राज में अनाज सड़ जाता था, लेकिन इन्होंने गरीबों को अनाज देने से मना कर दिया था। गरीब की मां के कोख से पैदा हुआ ये बेटा, वो आपकी चिंताएं, मुसीबतें समझता है और इसीलिए आपके इस सेवक ने संकल्प लिया है कि मुफ्त राशन की ये योजना आने वाले 5 साल तक चालू रहेगी।

साथियों,
कभी गरीब को मुफ्त इलाज मिलेगा, दवाएं 80 प्रतिशत सस्ती होंगी, ये भी किसी ने नहीं सोचा था। मोदी ने आयुष्मान भारत योजना और जन औषधि केंद्रों से ये भी संभव कर दिखाया। कांग्रेस ने तो गरीब को, आदिवासी को, झुग्गियों में रखा, खुले में शौच के लिए मजूबर किया। कांग्रेस ने गरीब को धुएं में जीने के लिए मजबूर रखा, पानी के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर किया। देश की करोड़ों बहनों ने कांग्रेस से कभी उम्मीद भी नहीं की थी, उन्हें इन मुश्किलों से मुक्ति मिलेगी। इसलिए मैं कहता हूं...जहां से कांग्रेस से उम्मीद बंद होती है...जहां से कांग्रेस से उम्मीद बंद होती है, वहां से मोदी की गारंटी शुरू होती है। आज इन सारी मुश्किलों से देश की, राजस्थान की मेरी बहनों को मुक्ति मिलने लगी है।

मेरे परिवारजनों,
हमारे देश के करोड़ों आदिवासियों को कांग्रेस ने कभी नहीं पूछा। ये भाजपा है जिसने आदिवासी कल्याण के लिए अलग मंत्रालय बनाया। ये भाजपा है जिसने आदिवासी कल्याण का बजट भी कई गुना बढ़ा दिया। कांग्रेस के समय में 8 या 10 वन उपज पर ही MSP मिला करती थी। भाजपा सरकार में अब करीब-करीब 90 वन उपजों पर MSP मिला करती है। आपका पशुधन सुरक्षित रहे, इसके लिए भाजपा सरकार 15 हजार करोड़ रुपए से पशुओं के टीकाकरण का अभियान चला रही है। जैसे हमने कोविड में लोगों को मुफ्त वैक्सीन दिया था न। आपको वैक्सीन मिला था न, मुफ्त में टीका लगा था न। अब मोदी पशुओं के लिए भी मुफ्त टीकाकरण कर रहा है, हजारों करोड़ रुपये लगा रहा है। आपको याद है ना कि इसी गहलोत सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में वन क्षेत्र में मवेशी चराने पर, आपको याद होना चाहिए, भूलना मत। मवेशी चराने पर, घास काटने पर जुर्माने को 500 रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दिया था। ये तो बाद में जब भाजपा सरकार आई तो उसने गहलोत के पापी निर्णयों को खत्म किया था और आपको बचा लिया था, भूलना मत।

कांग्रेस गरीब आदिवासियों से पुराने जमाने के अंग्रेज जैसे दिमाग रखते थे न, वैसे ही अंग्रेज जैसे हिंदुस्तान के लोगों को गुलाम मानते थे न, आजादी के बाद भी कांग्रेस आदिवासियों के साथ वैसा ही व्यवहार करती है। सहज, सच्चे और वफादार मेरे आदिवासी भाई – बहनों के स्वाभिमान को कांग्रेस ने हमेशा चोट पहुंचाई है। हमें आदिवासी भाइयों बहनों की, उनके सम्मान, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य की चिंता है। इसलिए डूंगरपुर में केन्द्रीय सहायता से मेडिकल कॉलेज खोला गया। बांसवाड़ा में गोविन्द गुरू जनजाति विश्वविद्यालय भाजपा सरकार ने प्रारम्भ किया। प्रतापगढ़ में महाराणा प्रताप के नाम पर आर्म्स बटालियन के गठन के लिये भूमि का आवंटन कर दिया गया है। आदिवासी क्षेत्र की वर्तमान में चल रही रिक्तियां भी सरकार बनते ही जल्द से जल्द भरी जाएंगी। मानगढ़ धाम के विकास को पूरा करने के लिए भी भाजपा सरकार यहां पूरी शक्ति से काम करेगी। जिस प्रकार पूरे देश में अपने तीर्थों का भाजपा सरकार कायाकल्प कर रही है, वैसे ही मानगढ़ और बेणेश्वर धाम का विकास होगा। डूंगर बरंडा और बांसिया चरपोटा जैसे हमारे आदिवासी नायकों को भी उचित सम्मान भाजपा ही दे सकती है।

साथियों,
कांग्रेस कभी अपने एक परिवार के आगे किसी को नहीं देखती। जो कांग्रेस के परिवार की ओर आंख उठाकर भी देख लेता है, कांग्रेस उसे नीचा दिखाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ती। कांग्रेस ने बाबा साहब के साथ भी यही किया। कांग्रेस ने सरदार पटेल को भी इसी तरह अपमानित किया। भाजपा ने बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े प्रमुख जिलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कराया है। आप सभी के सहयोग से आज गुजरात में केवडिया में एकता नगर में विश्व की सबसे ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा...और मैं आप डूंगरपुर के लोगों को कहूंगा कोई परिवार ऐसा नहीं होना चाहिए जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी न देखा हो। सरदार पटेल का ये भव्य स्मारक न देखा हो। आप कार्यक्रम बनाइए, जाइए, आप देखेंगे कैसा बड़ा सम्मान सरदार पटेल को हमने दिया है। ये तो कोई भाजपा के कार्यकर्ता नहीं थे। लेकिन जो देश के लिए करते हैं न हम उनके लिए जीते हैं। हर रोज हजारों लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए वहां जाते हैं। लेकिन आजतक कांग्रेस का एक भी नेता स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नहीं गया। और यही कांग्रेस की सच्चाई है। और इसीलिए ये कांग्रेस से बहुत सावधान रहना। कांग्रेस न दलितों की है, न पिछड़ों की, न आदिवासियों की, न गरीब की। कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ एक परिवार की गुलाम होकर रह गई है।

कल मैं जयपुर में रोडशो कर रहा था तो वहां बड़े-बड़े होर्डिंग लगे थे कांग्रेस के चुनाव के। यहां के मुख्यमंत्री की तस्वीर थी लेकिन प्रदेश अध्यक्ष की तस्वीर नहीं थी। उसमें कांग्रेस के एक एमपी की तस्वीर थी लेकिन कांग्रेस के अध्यक्ष जो दलित है, और 40-50 साल का संसदीय जीवन का अनुभव है, कांग्रेस में सबसे सीनियर कुनबे में से एक है, उनकी फोटो नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस में दलितों के साथ क्या होता है, ये आप जयपुर में जाकर के... मैंने तो कल देखा तो चौंक गया। अरे भई कम से कम इतने बड़े दलित नेता है खड़गे जी, उनकी एक फोटो लगा देते तो तुम्हारी नौकरी नहीं चली जाती। लेकिन सिर्फ एक परिवार की भक्ति, सिर्फ एक परिवार की भक्ति।

कुछ दिन पहले ही आदिवासी समाज के लिए पीएम जनजाति आदिवासी न्याय...सामाजिक न्याय तो हमने बहुत सुना है...मोदी ने उससे भी आगे बढ़कर के आदिवासी न्याय महा अभियान...आदिवासी समाज को न्याय मिले, आदिवासी समाज में सबसे आखिरी हैं, उनको न्याय मिले...इसीलिए पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान शुरु किया गया है। 24 हज़ार करोड़ की ये योजना आदिवासी समाज का जीवन बदलने वाली है।

मेरे परिवारजनों,
जब तक इस देश का एक भी गरीब चिंता में है, तब तक मोदी निश्चिंत नहीं हो सकता। जब तक आप सभी तक ये गारंटियां पहुंच नहीं जातीं, तब तक मोदी चैन से नहीं बैठ सकता। और इसीलिए जनजातीय गौरव दिवस पर, भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस पर, 15 नवंबर को मोदी की गारंटी वाली सैकड़ों गाड़ियां निकल पड़ी है, सैकड़ों गाड़ियां चल पड़ी है पूरे देश में, ये मोदी की गारंटी की गाड़ी है। जिस-जिस लाभार्थी को अभी ये सुविधाएं नहीं मिली हैं, आने वाले दिनों में उनके गांव में ये गारंटी वाली गाड़ी गांव-गांव जाएगी, अफसर सब लोग लिखेंगे, और जो बाकी रह गया है उनकी सूची बनेगी, और मोदी ये गारंटी भी पूरी करेगा।

जो युवा साथी यहां हैं, जो पेपरलीक के पीड़ित हैं, उनको बता देना कि भाजपा आपके लिए लाखों नौकरियां लेकर आ रही है। और यहां के गरीब...यहां के मध्यम वर्ग को भी मैं एक बात याद दिला दूं- भाजपा आने वाली है, भाजपा आने वाली है, और मोदी की गारंटी है, आपको राहत मिलने वाली है। कांग्रेस ने राजस्थान को देश का बहुत महंगा प्रदेश बना दिया है। यहां डूंगरपुर और आसपास के क्षेत्र में तो दोपहिया वाहनों की, मोटरसाइकिलों की खूब बिक्री होती है। हरेक का सपना रहता है। वो शादी के पहले भी सोचता है ले आऊं। लेकिन आप तो मोटरसाइकिल तो लाते हैं, बढ़िया सेल्फी भी निकाल देते हैं। लेकिन आपको पता है ये राजस्थान सरकार ने आपसे रोज-रोज कैसे लूटती है। देखिए हरियाणा में भाजपा सरकार है, यूपी में भाजपा सरकार है, यहां आपके पड़ोस में भाजपा सरकार है, वहां जो एक लीटर पेट्रोल का खर्चा होता है, आपके राजस्थान में एक लीटर पर 12-13 रुपया ज्यादा मार लेने का काम गहलोत करते हैं। अगर एक दिन में दो लीटर, तीन लीटर, पांच लीटर पेट्रोल डलवाते हो तो वो आपका 25 रुपया, 50 रुपया, 100 रुपया जेब से निकाल देते हैं। आपको मैं गारंटी देता है राजस्थान में भाजपा सरकार बनते ही पेट्रोल-डीजल दामों की समीक्षा होगी और जनहित में फैसले भी होंगे।

राजस्थान भाजपा ने हमारी बहनों-बेटियों को गैस सिलेंडर भी बहुत सस्ता करने की गारंटी दी है। मैं आज राजस्थान के सभी सरकारी कर्मचारियों से भी एक बात कहूंगा। यहां कांग्रेस ने आपके साथ जो विश्वासघात किया है, उसका दुख मैं समझ सकता हूं। कांग्रेस की लूट की वजह से यहां सरकारी खजाना खाली हो चुका है। महीनों-महीनों सरकारी कर्मचारियों के पैसे सरकार के पास अटके रहते हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। यहां ग्रैचुइटी और पीएफ के पैसे तक मिलना मुश्किल हो गया है। कांग्रेस ने यहां व्यवस्था में जितनी बीमारियां लगाई हैं...भाजपा हर बीमारी का इलाज करेगी।

मेरे परिवारजनों,
भाजपा की केंद्र सरकार, इस क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी जोर दे रही है। आपने मुझे अवसर दिया, इसलिए अमदाबाद बांसवाड़ा डूंगरपुर रेल परियोजना शुरू हुई। डूंगरपुर से नई ट्रेन चली। डूंगरपुर और बांसबाड़ा शहर में पाइप से सस्ती गैस देने का काम भी शुरु होने जा रहा है। इससे आप लोगों का जीवन आसान होगा और व्यापार-कारोबार भी बढ़ेगा।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस ने राजस्थान को अपराधों में अग्रणी बनाया। कांग्रेस ने राजस्थान को किस-किस जगह पर अग्रणी बना दिया है, आपका माथा शर्म से झुक जाएगा। कांग्रेस ने राजस्थान को दंगों में अग्रणी बना दिया। कांग्रेस ने राजस्थान को पेपरलीक में अग्रणी बना दिया। कांग्रेस ने राजस्थान में तुष्टिकरण की सारी हदें पार कर अग्रणी बना दिया। ये है कांग्रेस का चेहरा, ये है कांग्रेस का चरित्र, ये है कांग्रेस के कारनामे। और हम भाजपा के लोग कीचड़ में भी कमल खिलाने वाले लोग हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, हम राजस्थान की एक ऐसी पहचान बनाएंगे। भाजपा, विकास में राजस्थान को अग्रणी बनाएगी। भाजपा, राजस्थान में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। भाजपा, राजस्थान को पर्यटन में टॉप पर लाएगी। भाजपा, राजस्थान को स्टार्ट अप का नया हब बनाएगी। भाजपा, राजस्थान में रिकॉर्ड निवेश लाएगी। लेकिन इसके लिए 25 नवंबर को सिर्फ और सिर्फ कमल के फूल पर बटन दबना है। करेंगे काम, पक्का करेंगे। देखिए अभी-अभी दिवाली गई है। और दिवाली में ये हमारी माताएं-बहनें जो हैं न वो घर में स्पेशल सफाई अभियान करती है। हर कोने में सफाई करती है, हर कोने में। छोटा सा टीवी के पीछे भी कुछ रह न जाए, उसकी भी सफाई करती है। कोई कोना नहीं छोड़ती है। सोती नहीं, मेहनत करती है क्यों, दिवाली है। लोकतंत्र भी एक दिवाली है। अब हमें भी सफाई करनी है। हर कोने से कांग्रेस की सफाई होनी चाहिए। एक-एक पोलिंग बूथ से कांग्रेस की सफाई होनी चाहिए। करेंगे?

अच्छा अभी मैं आपको एक संकल्प बोलूंगा। और सामने आपको बोलना है- कमल चुनेगा राजस्थान। क्या बोलना है- ऐसा नहीं, मेरे बोलने के बाद बोलना है। एक स्वर से बोलिए कमल चुनेगा राजस्थान, कमल चुनेगा राजस्थान, कमल चुनेगा राजस्थान। लेकिन मेरे बोलने के बाद बोलना है। बोलोगे न, लेकिन इसके पहले एक काम करिए, अपना मोबाइल फोन निकालिए, अपना मोबाइल फोन निकालकर उसका फ्लैश चालू कीजिए, लाइट चालू कीजिए। सब अपने मोबाइल फोन का लाइट चालू कीजिए। हर कोई, हरेक के मोबाइल फोन का लाइट चालू कीजिए। शाबाश! और मेरे साथ जब मैं कहूं, बराबर मोबाइल फोन को हिलाकर बोलना होगा। आपको बोलना है - कमल चुनेगा राजस्थान।

बहनों बेटियों का होगा मान...कमल चुनेगा राजस्थान
बहनों बेटियों का होगा मान...कमल चुनेगा राजस्थान
गरीब की चिंता, किसान का ध्यान...कमल चुनेगा राजस्थान
गरीब की चिंता, किसान का ध्यान...कमल चुनेगा राजस्थान
तुष्टिकरण का काम तमाम....कमल चुनेगा राजस्थान
तुष्टिकरण का काम तमाम....कमल चुनेगा राजस्थान
आदिवासी की बढ़ेगी शान...कमल चुनेगा राजस्थान
आदिवासी की बढ़ेगी शान...कमल चुनेगा राजस्थान
पेपर माफिया का मिटेगा नामोनिशान....कमल चुनेगा राजस्थान
पेपर माफिया का मिटेगा नामोनिशान....कमल चुनेगा राजस्थान
भ्रष्टाचार की बंद होगी दुकान....कमल चुनेगा राजस्थान
भ्रष्टाचार की बंद होगी दुकान....कमल चुनेगा राजस्थान
बोलिए भारत माता की, भारत माता की।

अच्छा ये तो काम हो गया। आप करेंगे। अब मेरा एक काम करेंगे। करेंगे, ये मेरा निजी काम है। नहीं करेंगे न। आप बोलते तो है नहीं। ये माताएं-बहनें तो बोल ही नहीं रही है। जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे। ये मेरा निजी काम है, करेंगे। ये चुनाव वाला काम नहीं है, करेंगे। पक्का करेंगे। देखिए घर-घर जाना है। और घर-घर जाकर के ये कहना कि अपने मोदी जी आए थे। क्या कहेंगे, क्या कहेंगे। देखिए गलती से भी ये मत कहना कि पीएम मोदी आए थे। आपके लिए मैं पीएम-फीएम कुछ नहीं हूं। मैं तो आपका भाई हूं। और इसीलिए घर-घर जाकर कहना है कि अपने मोदी जी आए थे। और मोदी ने आपको राम-राम कहा है। घर-घर जाकर मेरा राम-राम पहुंचाना है। पहुंचाओगे, घर-घर जाकर मेरा राम-राम पहुंचाओगे। देखिए जब आप हर परिवार में मेरा राम-राम पहुंचाओगे न तो हर परिवार मुझे आशीर्वाद देगा। और जब परिवार मुझे आशीर्वाद देता है, एक-एक परिवार आशीर्वाद देता है, तो मेरी ऊर्जा बढ़ जाती है, मेरी शक्ति बढ़ जाती है, मेरे संकल्प में एक नई ताकत भर जाती है। और इसके कारण आपकी सेवा के लिए मैं ज्यादा दौड़ता हूं, ज्यादा काम कर सकता हूं, और इसीलिए मुझे आशीर्वाद लगातार चाहिए, मिलेगा न। घर-घर जाकर बताएंगे। अगर आप मेरा राम-राम पहुंचाओगे न आशीर्वाद मुझे पक्का मिलेगा।

बोलिए भारत माता की। भारत माता की। बहुत-बहुत धन्यवाद।

Explore More
શ્રી રામ જન્મભૂમિ મંદિર ધ્વજારોહણ ઉત્સવ દરમિયાન પ્રધાનમંત્રીના સંબોધનનો મૂળપાઠ

લોકપ્રિય ભાષણો

શ્રી રામ જન્મભૂમિ મંદિર ધ્વજારોહણ ઉત્સવ દરમિયાન પ્રધાનમંત્રીના સંબોધનનો મૂળપાઠ
Govt directs faster processing of city gas projects, hikes commercial LPG allocation to ease supply stress

Media Coverage

Govt directs faster processing of city gas projects, hikes commercial LPG allocation to ease supply stress
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!