If someone even by mistake presses the button for RJD, Congress or INDI alliance, his vote is sure to be wasted: PM Modi in Hajipur
The priority of RJD and Congress is not you, the people, but their own vote bank, says PM Modi while addressing the public in Hajipur

हाजीपुर, बिहार

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

पूरा दुनिया के गणतंत्र के मतलब बतावे...आ सिखावे वाला हाजीपुर के ई महान धरती के...परनाम करइत हती। आज देश में चौथे चरण के लिए मतदान हो रहा है। मेरा सभी मतदाताओं से अनुरोध है कि वो ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोटिंग करें। ये चुनाव, लोकतंत्र का एक महापर्व होता हैं...और ज्यादा मतदान, इसकी शोभा और बढ़ा देता है और आपका एक-एक वोट लोकतंत्र का गहना बन जाता है।

साथियों,

ये भगवान महावीर की धरती है...ये भगवान बुद्ध की धरती है..और ये वो धरती है, जहां लोकतंत्र की भी जड़ें हैं...और ये वो धरती है जहां रामचौरा मंदिर भी है...मान्यता है कि यहां हमारे प्रभु श्रीराम के चरण पड़े थे। इसलिए हाजीपुर आकर आपसे आशीर्वाद लेना...मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है।

साथियों,

ये पहला लोकसभा चुनाव है जब हम स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की अनुपस्थिति में लड़ रहे हैं। रामविलास जी, सामाजिक न्याय के सच्चे साधक थे और हाजीपुर के प्रति उनका लगाव और समर्पण हमेशा याद रहेगा। हाजीपुर के लिए उनके सपनों को पूरा करने के लिए हम सब संकल्पबद्ध हैं।

साथियों,

4 जून बहुत दूर नहीं है। 4 जून को सुबह के इस समय सबकी नजर टीवी पर होगी...रेडियो पर होगी। सोशल मीडिया खंगालते होंगे और आप जो आशीर्वाद दे रहे हैं। वो 4 जून को एक के बाद एक भाजपा-एनडीए के विजय की ओर आगे बढ़ता जाएगा और चुनाव के परिणाम क्या कहेंगे....? चुनाव के परिणाम क्या कहेंगे....? फिर एक बार....मोदी सरकार ! फिर एक बार....मोदी सरकार ! फिर एक बार....मोदी सरकार !

एनडीए को दिया आपका वोट केंद्र में मोदी की मजबूत सरकार बनाएगा। RJD…कांग्रेस...या इंडी अलायंस को तो किसी ने गलती से भी बटन दबा दिया ना तो उसका वोट बेकार जाना तय है और बिहार के लोग तो समझदार हैं, वो बेकार जाने वाली चीज कभी करते ही नहीं है। इसलिए अपना वोट सरकार बनाने के लिए दीजिए, देश बनाने के लिए दीजिए, आपके भविष्य के लिए, आपके बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए दीजिए। आपका वोट एनडीए को दीजिए।

साथियों,

बिहार के लोगों के सामर्थ्य औऱ समझदारी का मैं बहुत सम्मान करता हूं। लेकिन मुझे ये देखकर दुख भी होता है कि सामाजिक न्याय के नाम पर लालटेन वालों ने बिहार में कितनी अंधेरगर्दी फैलाई। इन लोगों ने बिहार के लोगों को गरीबी और अभाव में धकेल दिया, जंगलराज दिया। इन लोगों ने सबको बर्बाद किया और खुद अपने आलीशान महल खड़े कर लिए। क्या ऐसे लोग बिहार का कभी भला कर सकते हैं? आरजेडी-कांग्रेस में बिहार को आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति ही नहीं है। वो तो सोच रहे हैं अभी जितना समय बचा है खुद का, जितना लूट सको लूट लो। वो अपने बच्चों को सेट करने में लगे हैं, उनको आपके बच्चों की परवाह नहीं है। आप लोग यहां एक कहावत कहते हैं ना...ना नीमन गितिया गाइब...ना मड़वा में जाइब...आरजेडी-कांग्रेस का हाल यही है। ये लोग विकास के कार्यों से भागते हैं, क्योंकि उसमें मेहनत लगती है...खुद को खपाना होता है। इन लोगों के नकारेपन ने बिहार के कई अमूल्य दशक बर्बाद किए हैं। ऐसे लोगों से हमें बिहार को बचाकर रखना है।

भाइयों और बहनों,

RJD हो, कांग्रेस हो, इन दोनों पार्टियों ने अब तुष्टिकरण को अपना सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनाया है। आजकल आप देखते होंगे...इंडी-अलायंस का हर दल, राम मंदिर के लिए भद्दी-भद्दी बातें कर रहा है। राम मंदिर को गाली देकर, उसका बहिष्कार करके ये आपको चिढ़ा रहे हैं। क्या ऐसे लोगों को आप माफ करेंगे? ऐसे लोगों को कोई माफ कर सकता है क्या।

साथियों,

आरजेडी-कांग्रेस की प्राथमिकता, आप लोग नहीं, बल्कि उनका अपना वोट बैंक है। अभी आपने सुना होगा...बिहार में जंगलराज लाने वाले जो व्यक्ति हैं...जो चारा घोटाले में अदालत ने सजा की हुई है...गुनहगार माना है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को आरक्षण दिया जाना चाहिए...वो भी पूरा का पूरा। यानि दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों को मिलने वाला पूरा आरक्षण...ये अब सिर्फ मुसलमानों को देना चाहते हैं।

भाइयों-बहनों,

मैं भी आपकी तरह अति पिछड़े समाज से आता हूं। मैं जानता हूं ऐसा सुनकर के उनकी बेचौनी कितनी बढ़ जाती है। उनको लगता है कि हमारा तो भविष्य ही डूब जाएगा। हमारे दलित भाई-बहन, हमारे आदिवासी भाई-बहन, हमारे पिछ़ड़े, हमारे अति पिछड़े, अगर धर्म के आधार पर आरक्षण के नाम पर, उनको बाबासाहेब और संविधान ने जो अधिकार दिया है, अगर वो लूट लिया जाएगा, तो इनकी तो आने वाली सारी पीढ़ियां बर्बाद हो जाएंगी। लेकिन इन्हें ना को बाबासाहेब की परवाह है और ना इन्हें संविधान की परवाह है, क्या बिहार का दलित हो, पिछ़ड़ा हो, आदिवासी हो, ये हमारे समाज के लोग अपना हक आरजेडी-कांग्रेस वालों को छीनने देंगे क्या? छीनने देंगे क्या? मैं आपको गारंटी देता हूं, जब तक मोदी जिंदा है, ये आपके अधिकारों पर डाका नहीं डाल सकते। ये आपके आरक्षण को छीन नहीं सकते। वो समझ लें, वो वक्त चला गया, जब आपने महिलाओं को मिलने वाले आरक्षण के कागज फाड़ दिए थे। आगे अगर ऐसी कोई कोशिश करेंगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे।

साथियों,

ये बीजेपी है, एनडीए है, जो सामाजिक न्याय की पहरेदार है। आज देश में SC/ST/OBC के सबसे अधिक MP/MLA ये बीजेपी-NDA के हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में 60 परसेंट मंत्री, इन्हीं वर्गों के हैं। इतना ही नहीं, 2014 में जब हमारी सरकार बनी तो हमने एक दलित के बेटे, रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति बनाया। और अब आज आदिवासी समाज की बेटी, द्रौपदी मुर्मू जी, हमारे देश की राष्ट्रपति होने के नाते हमारा मार्गदर्शन कर रही है। ये होती है भागीदारी। ये होता है सबका साथ-सबका विकास का मंत्र।

भाइयों और बहनों

कांग्रेस-आरजेडी ने मिलकर बिहार की अनेक पीढ़ियों को उनके सपनों को तबाह किया है। आज जब यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें आशीर्वाद देने आई हैं। 40 साल से लटका हुए एक मामला, आरजेडी वालों ने पार्लियामेंट में जिन कागजों को छीन करके फाड़ दिया था। वो मामला था इस देश की माताओं-बहनों को पार्लियामेंट में असेंबली में अधिकार देने का, आरक्षण देने का। अब इसके कारण, आरजेडी और कांग्रेस की विकृत मानसिकता के कारण महिलाओं को वो अधिकार नहीं मिला। ये आपका भाई, आपका बेटा, आपने जब मुझे वहां सेवा करने के लिए भेजा ना, नई संसद बनते ही महिलाओं के लिए आरक्षण का काम पूरा कर दिया। ये आरजेडी वाले इसके विरोधी हैं। ये दोबारा कोशिश की आने की तो ये भी छीन लेंगे मान के चलिए।

RJD के राज में यहां सिर्फ अपहरण और फिरौती उद्योग ही फला-फूला। हाजीपुर ने तो देखा है, कैसे उद्योग-धंधे सब चौपट हो गए...आरजेडी-कांग्रेस ने बिहार को सिर्फ पलायन दिया....बिहार को सिर्फ तबाही दी।

साथियों,

मोदी, विकसित बिहार...विकसित भारत के संकल्प को लेकर निकला है। और मोदी का, NDA का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? हमारा ट्रैक रिकॉर्ड भ्रष्टाचारियों को खोजकर सजा देने का है। मैं देश को, आप लोगों को एक आंकड़ा देता हूं...आप लोग ध्यान से सुनेंगे? ये आपको काम आएगा। ये जो टीवी पर आप नोटों के पहाड़ देखते हैं ना, ये राजनेताओं के यहां से पकड़े जाते हैं, ये गरीब का पैसा है और गरीब के पैसों की लूट मुझे सोने नहीं देती है।

जब केंद्र में आरजेडी और कांग्रेस वाले सरकार चलाते थे तो ED ने उस समय 10 साल में कितना रुपया जब्त किया था...पता है आपको? कांग्रेस के 10 साल में ED ने जब्त किया था सिर्फ 35 लाख रुपए नकद...अब ये इतना ही रुपया है जितना आपके बच्चे के स्कूल बैग में आ जाए। स्कूल बैग में भर जाए उतना पैसा जब्त किया था और चोरी करने वाले चारी कर रहे थे। मोदी ने जिन्होंने गरीबों के यहां से पैसा लूटा है, उनके यहां सर्च की और मोदी ने अपने 10 साल में भ्रष्टाचारियों से कितना रुपया जब्त किया? 2200 करोड़ रुपया जब्त किया। इतने पैसे को रखने के लिए करीब-करीब 70 छोटे ट्रकों की जरूरत होती है। सोचिए, स्कूल बैग बराबर पैसा और 70 ट्रक बराबर पैसा...आज चोरों की नींद उड़ गई है इसलिए मोदी को गाली दे रहे हैं।

साथियों,

इन लोगों ने आपको लूट कर...नौकरी के बदले जमीनें लिखवाकर...दिल्ली और देश में जो जायदाद बनाई है...वो सब अब एजेंसियों ने जब्त कर ली है। और मैं आपको भरोसा गारंटी देता हूं- जिसने गरीब से जमीन छीनी है, वो बचकर जा नहीं पाएगा।

साथियों,

मोदी के सेवाकाल में भारत में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
और जब अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है तो उतने ही रोजगार के भी मौके पैदा होते हैं। पिछले 10 साल में बिहार में 1400 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं। बिहार में 400 से अधिक रेलवे फ्लाईओवर और अंडरपास बने हैं...कोई मुझे बताइए, बिना रोजगार के कोई काम हुआ होगा क्या? छू मंतर करके जैसे रूपये ले जाते हैं, वैसा पुलिया भी बन जाती होगी क्या? किसी को रोजगार मिला होगा, तब जाकर बना होगा ना। पिछले 10 साल में बिहार में 3300 किलोमीटर के नेशनल हाईवे बने हैं। कोई मुझे बताए 3300 किलोमीटर के हाईवे क्या ये बिना रोजगार दिए बन जाते हैं क्या। लगातार चौड़े हो रहे हाईवे हों...एक्सप्रेसवें हों...बिहार में खाद कारखाने का काम हो...थर्मल पावर प्लांट हो, गंगा नदी पर बन रहे अनेकों बड़े पुल हों...पटना मेट्रो में चल रहा कार्य हो, नैचुलर गैस का नेटवर्क हो...गांव-गांव तक उज्ज्वला की गैस पहुंचाने का नेटवर्क हो...ये सब रोजगार की गारंटी होते हैं, रोजगार की गारंटी। लेकिन जो अपने बाप-दादा की कमाई खा कर जीते हैं उनको रोजगार क्या होता है, उसकी समझ तक नहीं है। अभी मोदी ने तय किया है कि बिहार के 90 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा...क्या ये बिना रोजगार पैदा किए होगा? पिछले 10 साल में मोदी ने देश में 4 करोड़ पक्के घर बनाकर गरीबों को दिए हैं। अकेले बिहार में ही 40 लाख पक्के घर बनवाए गए हैं...इन घरों के लिए जो सीमेंट-सरिया आया है, ईंट-बालू आया है...वो भी मोहल्ले की दुकान से ही गया है। इन सबका लाभ बिहार के नौजवानों को ही तो हुआ है...उन्हें रोजगार के, व्यापार-कारोबार के नए अवसर मिले हैं।

साथियों,

मोदी के वारिस, मोदी के वारिस कौन हैं? है आपके पास कोई नाम, मोदी जिसको देकर के जाएगा। कोई नाम नहीं है क्या, मोदी के वारिस आप हैं। मोदी के वारिस आपका परिवार है। मोदी के वारिश आपके बच्चे हैं। और मुझे वारिस में आपको सबकुछ देकर के जाना है। मुझे आपको सुख-चैन की जिंदगी देकर जाना है। मुझे आपको और आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी देकर जाना है। मुझे आपको विकसित भारत आपके हाथ में सौंपकर जाना है। इसलिए मैं हर कोशिश कर रहा हूं कि युवाओं के हर सपने पूरे हों...वो हर काम कर सकें। अपने सारे सपनों को सिद्ध कर सकें।

सिर्फ मुद्रा योजना से ही बिहार में ढाई लाख करोड़ रुपए की मदद युवाओं को दी गई है। और वो भी मोदी की गारंटी पर। इन युवाओं से गारंटी नहीं मांगी उनसे उनकी संपत्ति का हिसाब नहीं मांगा। मोदी को बिहार के नौजवानों पर भरोसा है। उनको मैं रुपए दूंगा वो डबल कर देंगे और बैंक का लोन भी वापस कर देंगे, ये मेरा भरोसा है। ये 3 लाख करोड़ रुपए यहां दलित-पिछड़े-अतिपिछड़े युवाओं को मिले हैं, महिलाओं को मिले हैं...इससे यहां लाखों काम शुरु हुए हैं। यहां वैशाली सहित, पूरे बिहार में टूरिज्म आधारित रोजगार की अद्भुत संभावनाएं हैं। यहां बुद्ध सर्किट योजना के तहत काम चल रहा है। इससे भी इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

साथियों,

विकसित बिहार-विकसित भारत के लिए आपको 20 मई को ज्यादा से ज्यादा मतदान करना है। ज्यादा से ज्यादा मतदान करोगे। पुराने रिकॉर्ड तोड़ेंगे। रामविलास को जितने वोट मिले हैं, मुझे चिराग के लिए उससे ज्यादा वोट चाहिए। रामविलास जी की आत्मा को चिराग के जीतने से शांति नहीं होगी। रामविलास जी को मिले वोट से ज्यादा वोट मिलेंगे, तब जाकर के रामविलास जी को शांति होगी। और इसलिए इस बार जब आप वोट देंगे ना तो एक वोट की ताकत है आपके, चिराग का जीतना और उसी वोट की आत्मा है, रामविलास को श्रद्धांजलि।

भाइयों-बहनों,

मैं चिराग के लिए इसलिए नहीं आया कि उसको मुझे जीताना है। वह तो जीतने वाला ही है। मैं यहां आया हूं। रामविलास जी का कर्ज चुकाने के लिए। मेरे साथी रहे हैं रामविलास जी और इसलिए मैं यहां आया हूं। मुझे मालूम है, यहां का परिणाम आप लोगों ने तय कर लिया है। चिराग के प्रति मेरा प्यार इसलिए है। मैं आम तौर पर पब्लिकली बोलता नहीं, लेकिन आज बोल देता हूं। चिराग जब पहली बार पार्लियामेंट में आए, तो मैं तो इतना ही जानता था कि रामविलास जी के बेटे हैं। लेकिन मैं देखता था कि उनके व्यवहार में रामविलास जी के बेटे होने के गुरूर का नामो-निशान नहीं था। ये बहुत बड़ी बात है और मैं इसके लिए मैं उनकी माता जी को सारे क्रेडिट देता हूं। आपने इसको ऐसा संस्कार दिया, गुरूर का नामोनिशान नहीं। दूसरी बात मैंने एक बार हमारी कैबिनेट में कही थी। शायद चिराग को भी पता नहीं होगा। रामविलास जी कैबिनेट में थे। मैंने कहा, मैं देखता हूं कि चिराग जब पार्लियामेंट चलती है। वह पूरे दिन सदन में बैठता था। सॉरी मैं थोड़ा तू-तारी कर देता हूं, क्योंकि मैंने उसको बेटे की तरह देखा है, वरना वो हमारे माननीय सांसद हैं। पूरा समय वह पार्लियामेंट में बैठते थे 2014 से 2019. मैंने कैबिनेट में कहा, इस बच्चे में सीखने की जनने की इतनी लगन है, वह एक एमपी के रूप में इतना कोशिश कर रहा है सीखने की। मैं मानता हूं कि एक सांसद के रूप में चिराग सफल सांसद है। आपके बिहार के सच्चे प्रतिनिधि हैं और इसलिए आप जब चिराग को वोट देंगे ना, तो वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा।

जरा सब बताइए मेरा एक काम करेंगे , चिराग की बात करता हूं तो बड़ा उत्साह आ जाता है। मेरी बात करता हूं तो थके पड़ जाते हो। जरा हाथ ऊपर करके बताइए मेरा काम करोगे। देखिए यहां से जाने के बाद ज्यादा से ज्यादा घरों में जाइए, ज्यादा से ज्यादा परिवार में जाइए और जाकर के कहिए कि मोदी जी आए थे। उन्होंने आपको जय श्री राम कहा है। मेरा जय श्री राम पहुंचा दीजिएगा। मेरा जय श्री राम पहुंचा दीजिएगा।

भारत माता की जय

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भारत माता की जय

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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શ્રી રામ જન્મભૂમિ મંદિર ધ્વજારોહણ ઉત્સવ દરમિયાન પ્રધાનમંત્રીના સંબોધનનો મૂળપાઠ

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!