Published By : Admin |
January 31, 2023 | 10:30 IST
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BJP-led NDA government has always focused on only one objective of 'India First, Citizen First': PM Modi
Moment of pride for the entire country that the Budget Session would start with the address of President Murmu, who belongs to tribal community: PM Modi
નમસ્કાર મિત્રો.
વર્ષ 2023નું બજેટ સત્ર આજથી શરૂ થઈ રહ્યું છે અને તેની શરૂઆતમાં જ આર્થિક જગતનો અવાજ, જેનો અવાજ ઓળખાય છે, ચારે બાજુથી સકારાત્મક સંદેશો લઈને આવી રહ્યો છે, આશાનું કિરણ લઈને આવી રહ્યો છે અને ઉત્સાહની શરૂઆત થઈ રહી છે. . આજે એક મહત્વપૂર્ણ પ્રસંગ છે. ભારતના વર્તમાન રાષ્ટ્રપતિ આજે પ્રથમ સંયુક્ત ગૃહને સંબોધવા જઈ રહ્યા છે. રાષ્ટ્રપતિનું ભાષણ એ ભારતના બંધારણનું ગૌરવ છે, ભારતની સંસદીય પ્રણાલીનું ગૌરવ છે અને ખાસ કરીને આજે મહિલાઓનું સન્માન કરવાનો અને દૂરના જંગલોમાં રહેતી આપણા દેશની મહાન આદિવાસી પરંપરાનું સન્માન કરવાનો પ્રસંગ છે.
માત્ર સાંસદો જ નહીં પરંતુ આજે આખા દેશ માટે ગર્વની ક્ષણ છે કે ભારતના વર્તમાન રાષ્ટ્રપતિ આજે પોતાનું પ્રથમ ભાષણ આપી રહ્યા છે. અને આપણા સંસદીય કાર્યમાં છ-સાત દાયકાઓથી જે પરંપરાઓ વિકસી છે, તે જોવામાં આવ્યું છે કે જો કોઈ નવો સંસદસભ્ય પહેલીવાર સદનમાં બોલવા માટે ઊભો રહે છે, તો તે કોઈપણ પક્ષનો કેમ ન હોય, જે બોલતો હોય, જ્યારે તે બોલે છે ત્યારે આખું ગૃહ તેને માન આપે છે, તે રીતે તેનો આત્મવિશ્વાસ વધે છે, અનુકૂળ વાતાવરણ સર્જાય છે. તે એક તેજસ્વી અને ઉમદા પરંપરા છે.
આજે રાષ્ટ્રપતિનું ભાષણ પણ તમામ સાંસદો વતી પ્રથમ ભાષણ છે.આ ક્ષણને ઉત્સાહ, ઉલ્લાસ અને ઊર્જાથી ભરપૂર બનાવવાની જવાબદારી આપણી છે. મને ખાતરી છે કે આપણા તમામ સાંસદો આ કસોટીમાં ખરા ઉતરશે. આપણા દેશના નાણામંત્રી પણ એક મહિલા છે, તેઓ આવતીકાલે વધુ એક બજેટ લઈને દેશની સામે આવી રહ્યા છે. આજની વૈશ્વિક પરિસ્થિતિમાં માત્ર ભારતનું જ નહીં પરંતુ સમગ્ર વિશ્વનું ધ્યાન ભારતના બજેટ પર છે. વિશ્વની આર્થિક પરિસ્થિતિમાં ભારતનું બજેટ માત્ર ભારતના સામાન્ય માણસની આશાઓ અને સપનાઓને સાકાર કરવાનો પ્રયાસ નહીં કરે, પરંતુ વિશ્વ જે આશાનું કિરણ જોઈ રહ્યું છે, તેને વધુ ઉજ્જવળ રીતે જોવું જોઈએ.
મને પૂરો વિશ્વાસ છે કે નિર્મલાજી આ અપેક્ષાઓ પૂરી કરવા માટે ખૂબ જ પ્રયત્નો કરશે. ભારતીય જનતા પાર્ટીની આગેવાની હેઠળની એનડીએ સરકારનો એક જ ઉદ્દેશ્ય, એક સૂત્ર, એક ધ્યેય હતો અને આપણી કાર્ય સંસ્કૃતિનો કેન્દ્રીય વિચાર 'ઈન્ડિયા ફર્સ્ટ, સિટિઝન ફર્સ્ટ' સૌથી પહેલા દેશ, સૌથી પહેલાં દેશવાસીઓ રહ્યો છે. આ જ ભાવનાને આગળ ધપાવતા બજેટ સત્રમાં પણ ચર્ચા થશે, પરંતુ ચર્ચા થવી જોઈએ અને મને ખાતરી છે કે આપણા તમામ વિપક્ષી મિત્રો ખૂબ જ ઝીણવટપૂર્વક અભ્યાસ કર્યા બાદ ગૃહમાં તેમના મંતવ્યો રજૂ કરશે. ગૃહમાં દેશની નીતિ ઘડતરમાં ખૂબ સારી રીતે ચર્ચા થશે અને દેશ માટે ઉપયોગી અમૃત તારવવામાં આવશે. હું ફરી એકવાર આપ સૌનું સ્વાગત કરું છું.
Close cooperation between India and Germany is important for the entire humanity: PM Modi during Joint Press Meet
January 12, 2026
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Your Excellency,
My Friend,
चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़, दोनों देशों के delegates, मीडिया के साथियों,
नमस्कार! गूटन टाग!
आज स्वामी विवेकानंद जयंती के दिन चांसलर मर्ज़ का भारत में स्वागत करना मेरे लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है। ये एक सुखद संयोग है कि स्वामी विवेकानंद जी ने ही भारत और जर्मनी के बीच दर्शन, ज्ञान और आत्मा का सेतु बनाया था। आज चांसलर मर्ज़ की यह यात्रा उसी सेतु को नई ऊर्जा, नया विश्वास और नया विस्तार प्रदान कर रही है। चांसलर के रूप में यह उनकी भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की पहली यात्रा है। यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि वे भारत के साथ संबंधों को कितना गहरा महत्व देते हैं। उनके personal attention और कमिटमेंट के लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूँ। भारत, जर्मनी के साथ अपनी मित्रता और साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुजरात में हम कहते हैं - ‘आवकारो मिठो आपजे रे’, यानी, स्नेह और आत्मीयता से स्वागत करना। इसी भावना के साथ हम चांसलर मर्ज़ का भारत में हार्दिक अभिनंदन करते हैं।
Friends,
चांसलर मर्ज़ की ये यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है। पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए, और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं। ये milestones केवल समय की उपलब्धियाँ नहीं हैं, ये हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास, और निरंतर सशक्त होते सहयोग के प्रतीक हैं। भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारे स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप को नई ऊर्जा दी है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुँच चुका है और 50 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। दो हज़ार से अधिक जर्मन कंपनियां लंबे समय से भारत में मौजूद हैं। ये भारत के प्रति उनके अटूट विश्वास और यहाँ मौजूद अनंत संभावनाओं को दर्शाता है। आज सुबह भारत-जर्मनी CEO फोरम में इसकी जीवंत झलक दिखाई दी।
Friends,
भारत और जर्मनी के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है और आज इसका प्रभाव ground पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। Renewable Energy के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएँ समान हैं। इसमें सहयोग को बढ़ाने के लिए हमने India–Germany Centre of Excellence स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये knowledge, technology and innovation का साझा मंच बनेगा। हम climate, energy, urban development और urban mobility जैसे क्षेत्रों में मिलकर नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन में दोनों देशों की कंपनियों का नया मेगा प्रोजेक्ट, भविष्य की ऊर्जा के लिए एक game-changer साबित होगा। भारत और जर्मनी secure, trusted और resilient supply chains के निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इन सभी विषयों पर आज किए जा रहे MoUs से हमारे सहयोग को नई गति और मजबूती मिलेगी।
Friends,
रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है। रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मैं चांसलर मर्ज़ का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हम रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप पर भी काम करेंगे, जिससे co-development और co-production के नए अवसर खुलेंगे।
Friends,
भारत और जर्मनी के बीच ऐतिहासिक और गहरे people-to-people ties हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाओं ने जर्मनी के बौद्धिक जगत को नई दृष्टि दी। स्वामी विवेकानंद की विचारधारा ने जर्मनी सहित पूरे यूरोप को प्रेरित किया। और मैडम कामा ने जर्मनी में पहली बार भारत की आजादी का ध्वज फहराकर, हमारी स्वतंत्रता की आकांक्षा को वैश्विक पहचान दी। आज हम इस ऐतिहासिक जुड़ाव को आधुनिक साझेदारी का रूप दे रहे हैं। Migration, Mobility और Skilling बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है। भारत की talented युवाशक्ति जर्मनी की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आज Global Skills Partnership पर जारी Joint Declaration of Intent इसी भरोसे का प्रतीक है। इससे खास तौर पर healthcare professionals की आवाजाही आसान होगी। आज हमने खेलों के क्षेत्र में भी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यह युवाओं को जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। आज Higher Education पर बना Comprehnsive Roadmap शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा। मैं जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने का आमंत्रण देता हूँ। भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा के लिए मैं चांसलर मर्ज़ का आभार व्यक्त करता हूँ। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच नज़दीकियाँ और बढ़ेंगी। मुझे खुशी है कि गुजरात के लोथल में बनाए जा रहे National Maritime Heritage Complex से German Maritime Museum जुड़ रहा है। यह दोनों देशों की maritime history को जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। Traditional Medicines के क्षेत्र में गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का जर्मनी के साथ करीबी सहयोग रहा है। इस महत्वपूर्ण विषय पर आज किए जा रहे MOU से हमारे सहयोग को और अधिक बल मिलेगा।
Friends,
भारत और जर्मनी हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं। हमारी दोस्ती का प्रभाव ग्लोबल स्टेज पर भी दिखाई देता है। घाना, कैमरून और मलावी जैसे देशों में joint projects से हमारी trilateral विकास साझेदारी दुनिया के लिए एक सफल मॉडल है। हम ग्लोबल साउथ के देशों के विकास के लिए अपने साझा प्रयासों को आगे भी निरंतर जारी रखेंगे। इंडो-पैसिफिक दोनों देशों के लिए high priority है। इस क्षेत्र में हमारे तालमेल को बढ़ाने के लिए हम एक Consultation Mechanism की शुरुआत करने जा रहे हैं। आज हमने यूक्रेन और गाज़ा सहित कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है, और इस दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि Global challenges से निपटने के लिए Global institutions में सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। UN Security Council में सुधार के लिए G4 के माध्यम से हमारा संयुक्त प्रयास इसी सोच का प्रमाण है।
Excellency,
140 करोड़ भारतवासियों की ओर से मैं एक बार फिर आपका भारत में हार्दिक स्वागत करता हूँ। मुझे विश्वास है कि आज की चर्चा भारत-जर्मनी साझेदारी को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देगी। आपकी यात्रा, आपके व्यक्तिगत जुड़ाव और भारत के प्रति आपकी गहरी मित्रता के लिए मैं आपको हृदय से धन्यवाद देता हूँ।
दाके शोन।
चांसलर मर्ज़ की ये यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है।
पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं।
ये milestones केवल समय की उपलब्धियाँ नहीं हैं, ये हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास और निरंतर…