भारत माता की...
भारत माता की...
भारत माता की...
वंदे मातरम
मैं अपना भाषण शुरू करूं उसके पहले काफी लोग कुछ पेंटिग बना कर ले आए हैं। मैं एसपीजी के साथियों को कहूंगा, जो ऐसे पेंटिग बना कर लाए हैं। उनसे कलेक्ट कर लें। इस चुनाव में जो उम्मीदवार हैं, उन सबसे मेरा आग्रह है कि आगे आ जाएं। मैं एक-दो मिनट इन सबके पास जाकर आपके पास आता हूं।
कूच बिहार के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,
सोबाइके आमी नमोश्कार जानाई।
सोगोके जानांग…मोर दोंडोबोत।
कूच बिहार की इस पवित्र भूमि से मैं मदन मोहन ठाकुर जी, बाणेश्वर महादेव और गोसानीमारी कामटेश्वरी के चरणों में प्रणाम करता हूं। इस धरती की महान सन्तानें ठाकुर पंचानन बर्मा, चीलाराय और सत्येंद्र नारायण मजूमदार बंगाल की ऐसी सभी महान विभूतियों को भी मैं नमन करता हूं।

साथियों,
कुछ दिन पहले राजधानी कोलकाता के बिग्रेड ग्राउंड से मैंने बंगाल में परिबर्तन महाअभियान की शुरुआत की थी। बिग्रेड ग्राउंड की वो ऐतिहासिक तस्वीरें वो जनसैलाब, जनता का उत्साह और जुनून, तब से पूरा TMC सिंडीकेट घबराया हुआ है और आज मैं देख रहा हूं, बिग्रेड ग्राउंड में जो बिगुल बजा कूच बिहार ने उस पर पक्की मुहर लगा दी है। इस माहौल और हुजूम ने ये पक्का कर दिया है। TMC के पापों का घड़ा अब भर चुका है। पूरे बंगाल में इस समय एक ही आवाज़ गूंज रही है।
पाल्टानो दोरकार…
चाइ बीजेपी शोरकार !
भाइयों बहनों,
आज कूच बिहार में जो दिख रहा है, ये आप सबका विश्वास है। मैं आज हेलीकॉप्टर से उतरा, जो भी साथी वहां रिसिव करने आए थे। मैं नमस्ते करता था और वे एक ही बात बोलते थे, अरे मोदी जी जीत जाएंगे...अरे मोदी जी जीत जाएंगे...और हेलीपैड से यहां आने तक ऐसा माहौल मैंने देखा, अच्छे-अच्छे रोड शो भी फीके पड़ जाएं, ऐसा उमंग और उत्साह देखा और ये भी मैं इस मैदान में पहले भी आया हूं। लेकिन ये तो सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। ये विश्वास है। उज्ज्वल भविष्य के लिए! नए बंगाल के लिए! बीजेपी की नई सरकार के लिए! मैं इस आशीर्वाद के लिए आपको सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं।
मोई तुमार गुलर मानसी आसोंग।//
तुमार आशीर्वाद आर भालोबासा मोर ताकत।
साथियों,
इस बार बंगाल में एक ओर TMC का भय है और इसका मुकाबला करने के लिए आपके पास भाजपा का भरोसा है। एक ओर TMC के कटमनी और करप्शन का भय है। दूसरी ओर विकास को तेज रफ्तार देने वाली भाजपा का भरोसा है। एक ओर घुसपैठ कराकर विदेशियों को यहां बसाने का भय है। दूसरी ओर घुसपैठ रोककर सारे घुसपैठियों को बंगाल से बाहर करने का भाजपा का भरोसा है। एक ओर बदलती डेमोग्राफी से अपनी ही जमीन पर आजादी छिनने का भय है, दूसरी ओर अपनी माटी पर गर्व के साथ, सिर उठाकर जीने का अटल भरोसा देने वाली भाजपा है। एक ओर सिंडिकेट राज में अपनी संपत्ति लुटने का भय है, दूसरी ओर...सिर पर पक्का घर और जमीन के मालिकाना हक का भरोसा है। एक ओर संदेशखाली जैसी बहनों की चीखें और बेटियों पर होता निर्मम अत्याचार है। दूसरी ओर नारी शक्ति को सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की मोदी की गारंटी है। एक ओर बढ़ती बेरोजगारी और पलायन का भय है। दूसरी ओर सुशासन, रोजगार और एक आत्मनिर्भर बंगाल का भरोसा है।

साथियों,
मैं आपको एक और बात कहूंगा। मतदान वाले दिन, TMC के गुंडे आपको जितना भी डराएं...आपको कानून पर भरोसा रखना है। इस चुनाव में
बंगाल से भय भागेगा
भाजपा की महाविजय से भरोसा जागेगा
बांग्ला थेके भॉय पालाबे//
मोहाबिजॉय थेके // शोर्जो जागबे।
और मैं आपको भरोसा देता हूं. इस बार चुनाव के बाद इनके पापों का पूरा हिसाब किया जाएगा। चुन-चुन कर हिसाब किया जाएगा। 4 मई के बाद कानून अपना काम करेगा। चाहे कोई बड़े से बड़ा गुंडा क्यों न हो, इस बार न्याय होकर रहेगा। एक बात मैं आपको और बता दूं. ये इतने वर्षों से बंगाल की जनता का पैसा लूटा गया है। हर भ्रष्टाचारी को हर भ्रष्टाचारी को, ये जो लूटा गया पैसा है ना, उसे जनता को लौटाना ही पड़ेगा।
साथियों...
यहां की निर्मम सरकार, बंगाल की इस पावन माटी पर हर रोज लोकतंत्र को लहूलुहान कर रही है। ये निर्मम सरकार, अपने आगे किसी संवैधानिक संस्था को कुछ नहीं समझती। आपने दो-तीन दिन पहले ही देखा है, कैसे मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाकर रखा गया। सोचिए ये कैसी सरकार है, कैसी व्यवस्था है.. जहां जज और संविधान की प्रक्रिया ही सुरक्षित नहीं, तो बंगाल की आम जनता की सुरक्षा की उम्मीद किससे की जाए। मालदा में जो हुआ वो केवल TMC की उद्दंडता नहीं थी। ये इस निर्मम सरकार का प्रायोजित महाजंगलराज है, महाजंगलराज है।
ये TMC जब न्याय का शिकंजा कसता है, तो संवैधानिक संस्थाओं का गला घोंटने का काम करती है। और, अब तो हालात इतने खराब हो चुके हैं कि देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट को भी दखल देना पड़ रहा है! हर कोई देख रहा है कि, TMC बंगाल में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकालने पर तुली है।
साथियों,
हमारा बंगाल शक्ति पूजा की धरती है। मैं यहां आई सभी बहनों-बेटियों को बंगाल की हर बहन-बेटी से कहूंगा, बीजेपी, आपके सम्मान और आपकी समृद्धि के लिए मैदान में है। BJP सरकार आएगी. तो महिलाओं के सच्चे सशक्तिकरण का रास्ता खोलेगी और ये हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है। इसलिए, आज पूरे देश में बहनों-बेटियों की first choice, बीजेपी है।
साथियों,
अभी तक केंद्र की बीजेपी सरकार ने हर प्रकार की मूल सुविधाएं बहनों तक पहुंचाईं। देश की 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया। लेकिन ये बहुत आवश्यक है कि देश के लिए होने वाले फैसलों में भी महिलाओं की भूमिका और अधिक बढ़े। इसलिए, हमारी सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए thirty three percent रिजर्वेशन देने का कानून बनाया था। पश्चिम बंगाल सहित देशभर की बहनों को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही इसका फायदा मिले, अब ये सुनिश्चित करने का प्रयास है। इसलिए, सरकार ने 16-17-18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र रखा है। माताओं-बहनों का यह हक 40 साल से लटका हुआ है। अब और ज्यादा देरी ठीक नहीं है।
और हां साथियों, मैं कूचबिहार से देश के सभी राज्यों को फिर भरोसा दिलाता हूं कि जिन भी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, उनको सीटों के विषय में कोई नुकसान नहीं होगा। सभी का फायदा ही होगा। सभी राज्यों की भागीदारी और सबके अधिकार सुरक्षित रहेंगे। हम संसद में इस पर पक्का 'ठप्पा' लगाना चाहते हैं कि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें बढ़ें। ताकि राज्यों को इसका बड़ा फायदा मिले।

साथियों,
यह पूरे देश का काम है। इसलिए, बीते दिनों हमने सभी पार्टियों से इसको लेकर चर्चा की है। मैं फिर से सभी दलों से कहूंगा कि आइए, महिलाओं के हक के इस काम को सर्वसम्मति से, मिलकर करते हैं। सभी दल अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। मैं बंगाल की अपनी माताओं-बहनों से कहना चाहता हूं। आप भी सभी राजनीतिक दलों पर दबाव डालें। उनसे कहें कि वो संसद में खुले मन से इस कानून का समर्थन करें।
साथियों,
हमारा बंगाल एक समय भारत के सबसे विकसित राज्यों में से एक होता था।
विकास, व्यापार, उद्योग, कला, संस्कृति हर क्षेत्र में बंगाल आगे रहा था। लेकिन फिर, बंगाल पर ग्रहण लग गया! पहले, कांग्रेस का ग्रहण, फिर लेफ्ट का ग्रहण और, अब टीएमसी का ग्रहण! और इसका नतीजा ये हुआ बंगाल के विकास की चमक फीकी पड़ती चली गई। पहले देश में एक सामान्य व्यक्ति औसतन जितना कमाता था। बंगाल में लोग हमेशा उससे ज्यादा कमाते थे। लेकिन, अब बंगाल में सामान्य मानुष की कमाई देश के औसत से भी बहुत कम हो गई है।
यानी, आज देश आगे बढ़ रहा है। बाकी राज्य विकास कर रहे हैं। TMC ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है। देश के अधिकांश प्रदेशों में नए-नए उद्योग खुल रहे हैं। लेकिन, बंगाल से फ़ैक्टरियां बाहर जा रही हैं। पहले बंगाल में लोग रोजगार के लिए आते थे। निर्मम सरकार ने उसी बंगाल को पलायन का केंद्र बना दिया है।
साथियों,
यहां सरकारी नौकरियों पर भी TMC के सिंडीकेट का कब्जा है। बंगाल के हर युवा को पता है। इस सरकार में इतना बड़ा SSC शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ, कौन लोग उसमें शामिल थे? TMC के अपने मंत्री और विधायक! ऊपर से नीचे तक पूरी TMC सरकार इन घोटालों में शामिल थी। कट कमीशन और करप्शन के खुले खेल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
साथियों,
तृणमूल कांग्रेस ने पूरे बंगाल को तो बर्बाद किया ही है। उसमें भी सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर बंगाल का हुआ है। जब भी चुनाव आता है। TMC वाले हर बार झूठे वादे लेकर आते हैं। क्या-क्या घोषणाएं की जाती रही हैं! लेकिन, हालात वैसे के वैसे बने हैं। कहीं काम अटका है, कहीं जमीन का मामला लटका है, कहीं योजनाएं रोक दी गई है, कहीं बुनियादी सुविधा तक नहीं पहुंची।
आप सब जानते हैं। मालदा, बालुरघाट और हाशिमारा एयरपोर्ट का विकास कब से लटका है! क्योंकि राज्य सरकार इसमें अड़ंगा लगा रही है। कालिम्पोंग, दक्षिण दिनाजपुर और अलीपुरद्वार ये जिले आज भी मेडिकल कॉलेज के लिए तरस रहे हैं।
साथियों,
चाय बगानों के श्रमिकों के लिए हमने पीएम चा श्रमिक प्रोत्साहन योजना शुरू की। राज्य सरकार ने उसे भी रोक दिया। यहां के बिभोर, लोधा, टोटो जैसे जनजातीय समाज उन्हें पीएम जनमन योजना का पूरा लाभ नहीं मिलने दिया जा रहा।
साथियों,
TMC के अन्याय… इनकी लिस्ट बहुत लंबी है। इनके धोखे का एक और उदाहरण उत्तर कन्या भी है। जब उत्तर कन्या को बनाया गया था तो कहा गया था ये पूरे क्षेत्र के विकास का केंद्र बनेगा। लेकिन हालत ये है कि, जो पैसा इसके लिए रखा गया था। इतने साल में उसे भी खर्च नहीं किया गया। अभी तक ये लोग उसमें कमीशन के तरीके खोजने में लगे हैं। इसका मतलब साफ है, नाम विकास का, लेकिन नीयत और प्राथमिकता कहीं और थी।

साथियों,
2012 में, कूचबिहार के लोगों से भी TMC द्वारा कहा गया था कि इस इलाके को उद्योगों का केंद्र बनाया जाएगा। बार-बार वही वादा दोहराया गया। लेकिन, आज 14 साल बाद सच्चाई क्या है? जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। 2021 में मेखलीगंज में 300 एकड़ के इंडस्ट्रियल पार्क की घोषणा की गई थी। आज 2026 चल रहा है। पूरे 5 साल हो गए। लेकिन, इंडस्ट्रियल पार्क तो छोड़िए...
एक फ़ैक्ट्री तक नहीं लगी। आस-पास के जिलों में भी बड़ी-बड़ी बातें करने के बाद या तो कोई काम नहीं हुआ। या फिर, अगर कहीं कोई उद्योग आ गया, तो वो TMC सिंडीकेट से परेशान है।
साथियों,
आज कूच बिहार के किसानों के साथ भी बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है। हमारे किसान भाई-बहन कठोर परिश्रम करते हैं, पसीना बहाते हैं। लेकिन, किसानों को फसल की सही कीमत नहीं मिलती। यहां पर कूचबिहार के आलू के किसान भी आए हैं! मैं आपकी तकलीफ समझता हूं। आप मेहनत करके यहां आलू का रिकॉर्ड उत्पादन करते हैं। लेकिन, जब फसल बेचने का समय आता है, तो उसे औने-पौने दामों पर बेचना पड़ता है। क्योंकि, TMC सरकार ने आपकी कोई चिंता नहीं की। यहां कोल्ड स्टोरेज की भारी कमी है। आलू चिप्स बनाने जैसा कोई उद्योग नहीं है, जो बड़ी मात्रा में आलू खरीद ले! इसलिए, फसल सड़ने लगती है। किसानों को नुकसान होता है।
भाइयों बहनों,
किसानों के लिए बेहतर जीवन, और बेहतर अवसरों का काम केवल बीजेपी ही कर सकती है। कूच बिहार में ही, ढाई लाख किसानों को हमारी सरकार ने साढ़े छह सौ करोड़ रुपए से ज्यादा पीएम किसान सम्मान निधि में भेजे हैं।
4 मई के बाद, आपके आशीर्वाद से डबल इंजन की सरकार बनेगी, कूचबिहार और उत्तर बंगाल के साथ हो रहे अन्याय का अंत होगा। ये मोदी की गारंटी है।
कूचबिहार एबोंग उत्तोर बांग्लार थेके// जे ओन्नाय होएछे,
तार अंतो होबे // एटा मोदीर गैरेंटी।

साथियों,
तृणमूल शासन के 15 वर्षों में बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी में खतरनाक बदलाव आया है। इन घुसपैठियों को TMC का सीधा संरक्षण मिलता है। TMC इन्हें सीधे अपने सिंडीकेट में भर्ती करती है। इनसे बंगाल के लोगों की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसीलिए, भारत सरकार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने के लिए काम कर रही है। भारत ही नहीं, दुनिया के बड़े बड़े देश इस समय गैर-कानूनी घुसपैठियों को अपने यहां से निकाल रहे हैं। बड़े-बड़े देश निकाल रहे हैं।
लेकिन भाइयों बहनों,
बंगाल में TMC सरकार घुसपैठियों के बचाव में लगी है। इसीलिए, ये तृणमूल वाले SIR का विरोध कर रहे हैं। ताकि, घुसपैठियों की पहचान न हो सके। उल्टा, TMC CAA को रद्द करने की धमकी दे रही है। यानी, जिन शरणार्थी हिंदुओं को नागरिकता मिली है, ये उनकी नागरिकता छीनेंगे। और वो नागरिकता ये किसको देंगे? अवैध घुसपैठियों को! क्योंकि, इन घुसपैठियों को TMC अपना वोटबैंक मानती है।
भाइयों बहनों,
तुष्टीकरण के इस खेल में बंगाल की महान पहचान को बदला जा रहा है।
आपने देखा होगा, अभी TMC ने अपना घोषणापत्र जारी किया। लेकिन, उसका नाम इन्होंने बांग्ला भाषा में नहीं रखा। बल्कि, उसे ‘इश्तेहार’ कहा जा रहा है। आप सोचिए ये कैसे बंगाल की पहचान को बदल रहे हैं! आप जानते हैं न इश्तेहार का इस्तेमाल बंगाल में किसलिए हुआ था? 1905 में मजहबी ताकतों ने बंगाल में ‘लाल इश्तेहार’ जारी किया था। उसके बाद हिंदुओं का नरसंहार किया गया था! TMC हमें उसी की याद दिलाना चाहती है। आपको भूलना नहीं है। यहां निर्मम सरकार में खुलेआम धमकी दी रही है कि एक खास मजहब के लोग बंगाल में हिंदुओं का रहना मुश्किल कर देंगे। तुष्टीकरण का ऐसा घिनौना खेल बंगाल के सम्मान और संस्कृति को मिटाने का ऐसा षड्यंत्र! लेकिन, अब बहुत हो गया! अब बंगाल की पहचान बदलने वालों की विदाई बंगाल ने तय कर दी है।
ऐई बार // बांग्लार पोरिचोय बोदलानोर चेष्टा //
जे कोरछे //
तार बिदाई होबे
भाइयों बहनों,
इस बार का चुनाव आपके बच्चों का भविष्य तय करने वाला चुनाव है। इसलिए, इस बार वोट बंगाल के भविष्य के लिए दीजिए। आप अपना वोट अपने खेत से कमाई के लिए दीजिए। अपना वोट अपने घर की सुरक्षा के लिए दीजिए।
इस बार वोट अपने अधिकार के लिए दीजिए। बीजेपी उम्मीदवार को वोट देकर परिवर्तन पर मुहर लगाइए। मुझे चुनाव आयोग पर पूरा भरोसा है। इस बार बंगाल में निष्पक्ष चुनाव होगा। इस बार निर्भय चुनाव होगा। और इस बार परिवर्तन का चुनाव होगा।
ऐई बार // निश्पॉक्क्षो चुनाव होबे...//
ऐई बार// निर्भॉय चुनाव होबे //
आरो // ऐई बार पोरिबोर्तनेर जोन्नो //चुनाव होबे
आप सब इतनी बड़ी संख्या हमें आशीर्वाद देने आए। इसके लिए, एक बार फिर आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद!
भारत माता की जय
वन्देमातरम
वन्देमातरम
वन्देमातरम
वन्देमातरम
वन्देमातरम


