Tuglak Road Chunavi Ghotala is the latest scam from Congress' stable: PM Modi

Published By : Admin | April 10, 2019 | 10:31 IST
The Congress’ latest scam is ‘Tughlaq Road Chunavi Ghotala’ in which huge amounts of illicit cash has been discovered from senior Congress aides: PM Modi in Gujarat
The Congress totally forgot Sardar Vallabhbhai Patel, who played a significant role in preserving the Somnath temple and continues to disrespect Patel’s great legacy: PM Modi
Whether it is about providing the poor with access to sanitation, clean cooking fuel and electricity or about making India the sixth largest economy in the world, our government has achieved historic milestones in the last five years: Prime Minister Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान राज्य के मुख्यमंत्री श्री विजय भाई और मंच पर उपस्थित सभी वरिष्ठ गण। मैं आज अपने काम-काज का हिसाब देने आपके बीच आया हूं, अगले पांच वर्ष के लिए आप सभी भाइयो-बहनो से नया आदेश लेने के लिए आया हूं। आपके बेटे ने इस चौकीदार ने जो सरकार चलाई, वो देखकर आपको गर्व होता हैं क्या? भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा, आपको गर्व है क्या?

आप सभी का मैं बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। ये चौकीदार चौकन्ना है। कांग्रेस के घोटाले में अब एक नया नाम जुड़ गया है, कई नामों से कांग्रेस की पहचान घोटालों से जुड़ी हुई है लेकिन अब सुबूतों के साथ, हवाबाजी नहीं, सुबूतों के साथ एक नया घोटाला कांग्रेस और कांग्रेस के लीडरों के खाते में जमा हो गया है और वो है तुगलक रोड चुनावी घोटाला। कांग्रेस गरीब बच्चों के मुंह से निवाला छीन करके, उनके मिलने वाले आहार को छीन करके अपने नेताओं का पेट भर रही है। महिलाएं सुनें, कांग्रेस गर्भवती महिलाओं के लिए भेजे गए पैसे को लूट रही है, बीते 3-4 दिन से आप मीडिया में देख रहे हैं की कैसे कांग्रेसियों के पास बोरा भर-भर के नोटों की गड्डियां मिल रही हैं। पैसा कहां से कहां जा रहा था, किसके घर से निकला-कहां पहुंचा, सब मीडिया में छन-छन कर आ रहा है। मध्य प्रदेश में सरकार बने अभी 6 महीना भी नहीं हुआ, कांग्रेस ने पहले कर्नाटक को अपना एटीएम बनाया हुआ था, अब मध्य प्रदेश भी कांग्रेस का एटीएम बन गया है। और शायद राजस्थान और छत्तीसगढ़ का हाल भी अलग नहीं हो सकता है।

कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ पैसा लूटने के लिए सत्ता में आती है, कांग्रेस की कहानी एक परिवार में बेटे-पिता की। मेरे हिसाब से कांग्रेस को जानने के लिए ये कथा बहुत काम आ सकती है। एक परिवार में तीन बेटे थे, पिता की बहुत सेवा करते थे, मन से तो नहीं करते थे लेकिन धन की लालच में करते थे और तीनों बेटों के बीच स्पर्धा रहती थी कि अगर मैं ज्यादा सेवा करूंगा तो पिताजी की धन और विरासत मुझे मिल जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे बच्चों को पता चलने लगा कि ये तो सब खाली-खाली है, इनके पास कुछ नहीं है, खुद ने अपनी मौज-मजा के लिए उड़ा दिया है। जो कुछ भी कमाई होती थी वो सारी कमाई उन्होंने अपने लिए ही खर्च कर दी और धीरे-धीरे तीनों बेटे पिता जी से कन्नी काटने लगे, मां-बाप की सेवा बंद कर दी। अब पिता भी कांग्रेस में रहा हुआ था तो बहुत चतुर था, वहां की सारी चालाकियां जानता था और वो बेटों की नीयत समझ गया कि अब बुढ़ापे में ये हमारी कोई सेवा नहीं करेंगे। चूंकि ऐसे बैंकग्राउंड से दुनिया में रह कर के आया था तो उस पिता ने बड़ी चालाकी की। उसने क्या किया, एक दिन एक बड़ा पत्थर लेकर घर में आया और रुपए का एक सिक्का बहुत बड़ा सिक्का पुराने जमाने में आता था, वो सिक्का निकाला और रात को अपने कमरे के दरवाजे बंद करके जोर से रुपया पत्थर पर पटकता था। आवाज आती थी, बोलता था एक, दो, तीन, पांच, हजार, पांच हजार, दस हजार, अब बेटे जाग गए वो सुन रहे थे कि पिता तो अंदर कमरे में रुपए गिन रहा है, तो तीनों बेटों को भ्रम हो गया कि पिता के पास जरूर पैसा होगा और इसलिए तीनों बेटों ने फिर से सेवा शुरू कर दी।

जब अंत काल आया तो पता चला कि एक ही रुपए को बार-बार बजा कर के ये हमें मूर्ख बना रहा था। ये कांग्रेस पार्टी भी ऐसी ही है, उसके झोले में कुछ नहीं है, ऐसे झूठे वादे करके, अंधेरे में झूठे वादे करके वो गरीबी हटाओ का नाम, एक सिक्का बार-बार पीटती रहती है। देश सुरक्षित रहेगा, देश में समृद्धि तभी और बढ़ पाएगी, जब देश सुरक्षित होगा। मोदी जब आतंकवाद हटाने की बात करता है, कांग्रेस और उसके साथी मोदी को हटाने की बात करते हैं। ऐसी कोई गाली नहीं है जो आपके इस बेटे को ना दी गई हो, आपके इस चौकीदार को नहीं दी। आप जानते हैं नेहरू-गांधी परिवार को गुजरात के प्रति कितनी नफरत है। सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ इस परिवार ने क्या किया, इतिहास गवाह है, सरदार वल्लभ भाई पटेल को भुला दिया गया। क्या जूनागढ़ को का कोई भी व्यक्ति सरदार साहब को भूल सकता है? सोमनाथ का कोई भक्त सरदार जी को भूल सकता है? अगर सरदार साहब ना होते तो ये जूनागढ़ कहां होता? ये सरदार साहब ना होते तो सोमनाथ की कैसी दुर्दशा होती?

भाइयो-बहनो, इतना ही नहीं जब मोरारजी भाई उभर के आए तो इस परिवार को मोरारजी भाई के प्रति नफरत हो गई। ये गुज्जू इस परिवार को ललकारता है, जेल में बंद कर दिया, आपातकाल लगा दिया। मोरार जी भाई हिम्मत करके, इस परिवार को परास्त करके निकल के आए लेकिन दो साल के भीतर-भीतर, सिद्धांतों को लेकर जीने वाले मोरारजी भाई की सरकार को पिछले दरवाजे से इस सरकार ने गिरा दिया।

अब बारी मेरी आई, अब उनको परेशानी है। ये सरदार साहब को हमने ठीक कर दिया, मोरार जी भाई को गिरा दिया और ये चायवाला, पांच साल निकाल दिए और वो भी दम-खम के। भाइयो-बहनो, ये गुजरात की मिट्टी की ताकत है। ये महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई के आदर्शों से पली-बढ़ी गुजरात की धरती है और इसलिए ये बात निश्चित है कि गुजरात देश के लिए मर-मिटने वालों की धरती है, आदर्शों के लिए जीने वाली धरती है। देश के सभी लोगों से मिल-जुल कर जीने का स्वभाव है और सिर्फ हिंदुस्तान के हर राज्य से नहीं, दुनिया के देशों से मिल-जुल कर चलना ये गुजरातियों का मूल स्वभाव है।

भाइयो-बहनो, अगर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों की तुलना करोगे तो आपको क्या देखना होगा। एक भारतीय जनता पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड देखिए और कांग्रेस का टेप रिकॉर्डर देखिए, हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है, उनका टेप रिकॉर्डर है। हमारा ट्रैक रिकॉर्ड अगर देखोगे तो उसमें दिखाई देगा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाले, देश की सुरक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठाने वाले, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग करने वाले, विकास ही एक मंत्र देश का भला करने वाले, गरीब से गरीब का कल्याण करना, मध्यम वर्ग के लिए अवसर पैदा करना, गांव का भी विकास हो, शहर का भी विकास हो ये हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है और कांग्रेस का टेप रिकॉर्ड सुनोगे तो क्या आएगा? कांग्रेस के और उनके सभी साथियों के टेप रिकॉर्ड में एक ही गाना बजता है, मोदी हटाओ-मोदी हटाओ। मोदी हटाने के सिवाय इनके पास कोई एजेंडा नहीं है। ये वही सरकार है जिसे सरदार पटेल ने अपने पुरुषार्थ से सिंचा था। जिन सरदार पटेल ने जूनागढ़ को महान भारत का हिस्सा बनाया, एक भारत-श्रेष्ठ भारत का प्रतीक बनाया। कांग्रेस आज सरदार पटेल के सपनों के साथ हर हिंदुस्तानी की भावनाओं को चोट पहुंचाने पर तुली हुई है। कांग्रेस उन लोगों को समर्थन दे रही है जो जम्मू-कश्मीर को देश से अलग करना चाहते हैं, जम्मू-कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री चाहते हैं।

भाइयो-बहनो मेरे साथ बोलिए…

मैं भी… चौकीदार, मैं भी… चौकीदार। भारत माता की जय, भारत माता की जय। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.