PM chairs meeting of National Committee for Celebration of 125th Birth Anniversary of Dr. B.R. Ambedkar
Efforts should be made to raise global awareness about Dr. Ambedkar & his great contributions for welfare of society: PM

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, today chaired a meeting of the National Committee for Celebration of the 125th Birth Anniversary of Dr. B.R. Ambedkar.



Members gave their suggestions on how the celebration should be organized throughout the year. The Prime Minister thanked the members for their suggestions. He said efforts should be made to raise even greater global awareness about Babasaheb Ambedkar and his great contributions for the welfare of society and humanity. He said this could be accomplished through initiatives such as annual quiz competitions for schoolchildren. He said greater awareness should also be generated about Dr. Ambedkar's vision for India's industrialization, and its necessity in order to generate employment for the poor and deprived sections of Indian society.


Union Ministers Shri Rajnath Singh, Smt. Sushma Swaraj, Shri Thaawar Chand Gehlot, Shri M. Venkaiah Naidu, Shri Ram Vilas Paswan, Shri D.V. Sadananda Gowda, Shri Suresh Prabhu, Dr. Mahesh Sharma and Shri Jual Oram were present. Sardar Charanjit Singh Atwal, Dr. Narendra Jadhav, Dr. Siddalingiah, Shri Milind Kamble, Shri Bhiku Ramji Idate, and Dr. Bhadant Rahul Bodhi were also present.

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The fact sheet on India's growth is a success story of the Reform-Perform-Transform mantra: PM Modi in Rajkot
January 11, 2026
India is the world's fastest-growing large economy: PM
The fact sheet on India's growth is a success story of the Reform-Perform-Transform mantra: PM
At a time of great global uncertainty, India is moving ahead with remarkable certainty: PM
Along with infrastructure, an industry-ready workforce is today's biggest need: PM
Today's India is moving rapidly towards becoming a developed nation; the Reform Express is playing a crucial role in achieving this objective: PM

केम छो।

गुजरात के मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात सरकार के अन्य मंत्रिगण, सांसद और विधायकगण, Excellencies, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों।

2026 के आरंभ के बाद ये मेरा गुजरात का पहला दौरा है। और सुखद इसलिए भी है क्योंकि 2026 की मेरी यात्रा सोमनाथ दादा के चरणों में सर झुकाकर के हुई है। और अब मैं राजकोट में इस शानदार कार्यक्रम में हिस्सा ले रहा हूं। यानी विकास भी, विरासत भी, ये मंत्र हर तरफ गूंज रहा है। मैं देश और दुनियाभर से यहां पधारे आप सभी साथियों का वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट में स्वागत करता हूं, अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

जब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट का मंच सजता है, तो मुझे सिर्फ एक समिट नहीं दिखती, मुझे 21वीं सदी के आधुनिक भारत की वो यात्रा नजर आती है, जो एक सपने से शुरू हुई और आज एक अटूट भरोसे तक पहुंच चुकी है। दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की ये यात्रा एक ग्लोबल बेंचमार्क बन गई है। अभी तक इसके 10 एडिशन हो चुके हैं, और हर एडिशन के साथ इस समिट की पहचान और भूमिका दोनों मजबूत होती रही है।

साथियों,

मैं वाइब्रेंट गुजरात समिट के विजन के साथ पहले दिन से जुड़ा रहा हूं। शुरूआती दौर में हमारा मकसद था कि गुजरात के सामर्थ्य से दुनिया परिचित हो, लोग यहां आएं और यहां निवेश करें, और इससे भारत को फायदा हो, दुनियाभर के निवेशकों को भी फायदा हो। लेकिन आज ये समिट इंवेस्टमेंट से भी आगे बढ़कर ग्लोबल ग्रोथ, इंटरनेशनल कॉरपोरेशन और पार्टनरशिप का एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन गई है। बीते सालों में ग्लोबल पार्टनर्स की संख्या लगातार बढ़ती गई है, और समय के साथ ये समिट इंक्लूजन का भी बहुत बड़ा उदाहरण बन गई है। यहां कॉर्पोरेट ग्रुप्स के साथ-साथ, को-ऑपरेटिव्स, MSMEs, स्टार्ट-अप्स, मल्टीलेटरल और बाय-लेटरल संगठन, इंटरनेशनल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स, सभी एक साथ संवाद करते हैं, चर्चा करते हैं, गुजरात के विकास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं।

साथियों,

बीते दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात समिट ने लगातार कुछ नया, कुछ विशेष किया है। वाइब्रेंट गुजरात की ये रीजनल समिट भी इसका एक उदाहरण बन गई है। इसका फोकस गुजरात के अलग-अलग हिस्सों के Untapped potential को performance में बदलने का है। जैसे किसी क्षेत्र में Coastal line का सामर्थ्य है., तो कहीं एक लंबी Tribal Belt है, कहीं Industrial Clusters का एक बड़ा इकोसिस्टम है, तो कहीं, खेती और पशुपालन की समृद्ध परंपरा है। यानी गुजरात के अलग-अलग रीजन्स की अपनी ताकत है। वाइब्रेंट गुजरात की रीजनल समिट, गुजरात की इन्हीं रीजनल संभावनाओं पर फोकस करते हुए आगे बढ़ रही है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। बीते वर्षों में भारत ने बहुत तेज प्रगति भी की है। और इसमें गुजरात की, आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका रही है। भारत दुनिया की तीसरी बड़ी इकॉनॉमी बनने की तरफ तेज गति से आगे बढ़ रहा है। और जो आंकड़े आ रहे हैं, उससे ये साफ है कि भारत से दुनिया की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। भारत दुनिया की fastest growing large economy है, इंफ्लेशन काबू में है, एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में भारत नए रिकॉर्ड बना रहा है, भारत मिल्क प्रोडक्शन में नंबर वन है, जेनरिक मेडिसिन प्रोडक्शन के मामले में भारत नंबर वन है, दुनिया में जो देश सबसे ज्यादा वैक्सीन्स बनाता है, उस देश का नाम भारत है।

साथियों,

भारत की ग्रोथ से जुड़ी फैक्ट शीट, Reform, Perform & Transform के मंत्र की सक्सेस स्टोरी है। बीते 11 वर्षो में भारत, दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा कंज्यूमर बना है, हमारा यूपीआई, दुनिया का नंबर वन रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन प्लेटफॉर्म बना है। कभी हम 10 में से 9 मोबाइल बाहर से मंगाते थे। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफेक्चरर है। आज भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम है। सोलर पावर जेनरेशन के मामले में भी टॉप तीन देशों में से भारत एक हैं। हम तीसरे बड़े एविएशन मार्केट हैं, और मेट्रो के मामले में भी हम दुनिया में टॉप थ्री नेटवर्क में शामिल हो गए हैं।

साथियों,

आज हर ग्लोबल एक्सपर्ट, ग्लोबल संस्थाएं, भारत को लेकर bullish हैं। IMF, भारत को ग्लोबल ग्रोथ का इंजन बताता है। S&P, Eighteen ईयर्स के बाद, भारत की रेटिंग अपग्रेड करती है। फिट्च रेटिंग्स भारत की मेक्रो स्टेबिलिटी और फिस्कल क्रेडिबिलिटी की प्रशंसा करती हैं। भारत पर दुनिया का ये भरोसा इसलिए है, क्योंकि ग्रेट ग्लोबल अन-सर्टेनिटी के बीच, भारत में हम एक अभूतपूर्व सर्टेनिटी का दौर देख रहे हैं। आज भारत में पॉलिटिकल स्टेबिलिटी है, पॉलिसी में कंटीन्यूटी है। भारत में नियो-मिडिल क्लास का दायरा बढ़ रहा है, उसकी परचेजिंग पावर बढ़ रही है, और इन फैक्टर्स ने भारत को असीम संभावनाओं का देश बना दिया है। मैंने लाल किले से कहा था - यही समय है, सही समय है। देश और दुनिया के हर निवेशक के पास इन संभावनाओं का लाभ उठाने का यही समय है, सही समय है। और वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट भी, आप सभी इंवेस्टर्स को यही संदेश दे रही है- सौराष्ट्र-कच्छ में निवेश का- यही समय है, सही समय है।

साथियों,

आप सभी जानते हैं, सौराष्ट्र और कच्छ, ये गुजरात के वो क्षेत्र हैं, जो हमें सिखाते हैं कि चुनौती चाहे कितनी ही बड़ी क्यों ना हो, अगर ईमानदारी से, मेहनत से डटे रहा जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। ये वही कच्छ है, जिसने इस सदी की शुरुआत में भीषण भूकंप झेला था, ये वही सौराष्ट्र है जहां वर्षों तक सूखा पड़ता था। पीने के पानी के लिए माताओं-बहनों को कई-कई किलोमीटर चलकर जाना पड़ता था। बिजली का कोई ठिकाना नहीं था, हर तरफ मुश्किलें ही मुश्किलें थीं।

साथियों,

आज जो 20-25 साल के नौजवान हैं, उन्होंने उस दौर की सिर्फ कहानियां सुनी हैं। सच्चाई ये थी कि लोग कच्छ में, सौराष्ट्र में लंबे वक्त तक रहने के लिए तैयार नहीं होते थे। उस कालखंड में लगता था कि ये स्थितियां कभी भी नहीं बदलेंगी। लेकिन इतिहास साक्षी है, समय बदलता है और जरूर बदलता है। सौराष्ट्र-कच्छ के लोगों ने अपने परिश्रम से अपना भाग्य बदल दिया है।

साथियों,

आज सौराष्ट्र और कच्छ, सिर्फ अवसरों का ही क्षेत्र नहीं है, बल्कि ये क्षेत्र भारत की ग्रोथ का ‘एंकर रीजन’ बन चुका है। ये रीजन आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने वाला बहुत बड़ा सेंटर बन रहा है। भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में, सौराष्ट्र और कच्छ की बहुत बड़ी भूमिका है। और ये भूमिका Market-Driven है। और यही बात Investors के लिए सबसे बड़ा भरोसा बनती है। यहीं राजकोट में ही, ढाई लाख से अधिक MSME’s हैं, यहां अलग-अलग इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स में, स्क्रू ड्राइवर से लेकर ऑटो पार्ट्स, मशीन टूल्स, लग्जरी कार के लाइनर्स, एयरोप्लेन, फाइटर प्लेन और रॉकेट तक के पार्ट्स, ये हमारे राजकोट में बनते हैं। यानी यह Region Low-Cost Manufacturing से लेकर High-Precision, High-Technology Manufacturing तक, पूरी Value Chain को सपोर्ट करता है। और यहां का ज्वैलरी उद्योग तो अपने आप में विश्व प्रसिद्ध है। यह Sector, Scale, Skill और Global Linkage तीनों का उदाहरण है।

साथियों,

अलंग, दुनिया का सबसे बड़ा शिप-ब्रेकिंग यार्ड है, दुनिया के One-Third Ships यहीं पर Recycle होते हैं। यह Circular Economy में भारत की लीडरशिप का भी प्रमाण है। भारत Tiles के बड़े Producers में से एक है, इसमें भी मोरबी जिले का योगदान बहुत बड़ा है। यहां Manufacturing Cost-Competitive भी है और ये Globally Benchmarked भी है। और मुझे याद है, सौराष्ट्र के अखबार के लोग यहां मौजूद होंगे, वो मेरे बाल नोच लेते थे, एक बार मैंने यहां सौराष्ट्र में भाषण में कहा था। मैंने ऐसा कहा था कि में देख सकता हूं कि एक वक्त ऐसा आएगा कि मोरबी, जामनगर और राजकोट, यह त्रिकोण मिनी जापान बनेगा। तब मेरा बहुत मजाक उडाया गया था, आज में मेरी आँखो के सामने हकीकत देख रहा हूं। हमें धोलेरा Special Investment Region पर भी बहुत गर्व है। आज ये शहर Modern Manufacturing का बहुत बड़ा केंद्र बन रहा है। धोलेरा में भारत की पहली Semiconductor Fabrication Facility तैयार हो रही है। यह Region Future Technologies के लिए Early-Mover Advantage दे रहा है। यानी आपका Investment बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र में जमीन पूरी तरह तैयार है। Infrastructure Ready है, Policy Predictable है और Vision Long-Term है।

साथियों,

सौराष्ट्र और कच्छ, भारत की Green Growth का, Green Mobility का और Energy Security का भी एक बड़ा Hub बन रहा है। कच्छ में 30 Gigawatt Capacity का Renewable Energy Park बन रहा है, ये दुनिया का सबसे बड़ा Hybrid Energy Park होगा। आप कल्पना कर सकते हैं, यह Park Paris City से भी पांच गुना बड़ा है। यानी इस क्षेत्र में Clean Energy, एक Commitment के साथ साथ, Commercial Scale Reality भी है। आप सभी Green Hydrogen के Potential से परिचित हैं, भारत में इस दिशा में अभूतपूर्व Speed और Scale पर काम चल रहा है। यहां कच्छ और जामनगर Green Hydrogen Production के बड़े केंद्र बन रहे हैं। कच्छ में एक विशाल Battery Energy Storage System (BESS) भी स्थापित किया जा रहा है। यानी Renewable Energy के साथ Grid Stability और Reliability भी Ensure की जा रही है।

साथियों,

कच्छ और सौराष्ट्र का एक और बहुत बड़ा सामर्थ्य है। यह Region भारत के World-Class Ports से लैस है। भारत के Exports का बहुत बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है। पिपावाव और मुंद्रा जैसे Ports, भारत के Automobile Exports के Major Hubs बन चुके हैं। पिछले वर्ष गुजरात के Ports से करीब पौने दो लाख Vehicles Export हुए हैं। Logistics ही नहीं, यहां Port-Led Development के हर Aspect में Investments की अनंत संभावनाएं हैं। इसके साथ ही गुजरात सरकार Fisheries Sector को भी विशेष प्राथमिकता दे रही है। Fisheries Infrastructure पर यहां बड़े पैमाने पर काम हुआ है। Sea-Food Processing से जुड़े Investors के लिए यहां Strong Ecosystem तैयार है।

साथियों,

Infrastructure के साथ-साथ, Industry-Ready Workforce आज सबसे बड़ी आवश्यकता है। और गुजरात इस मोर्चे पर Investors को पूरी Certainty देता है। यहां Education और Skill Development का International Ecosystem मौजूद है। गुजरात सरकार की कौशल Skill University, Future-Ready Skills में युवाओं को तैयार कर रही है। ये Australia और Singapore की Universities के साथ Collaboration में काम कर रही है। National Defence University., भारत की पहली National-Level Defence University है। Gatishakti University, Road, Railway, Airway, Waterways और Logistics, हर Sector के लिए, Skilled Manpower तैयार कर रही है। यानी Investment के साथ-साथ यहाँ Talent Pipeline भी Assured है। आज ढेर सारी Foreign Universities भारत में नए-नए अवसर देख रही हैं। और Gujarat उनके लिए Preferred Destination बन रहा है। गुजरात में Australia की दो प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ अपने Campus शुरू कर चुकी हैं। आने वाले समय में ये संख्या और बढ़ने वाली है।

साथियों,

गुजरात में नेचर भी है, एडवेंचर भी है, कल्चर भी है और हैरिटेज तो है ही है। यानी टूरिज्म का जो भी अनुभव चाहिए, वो यहां मिलेगा। लोथल, भारत की साढ़े चार हज़ार साल पुरानी समुद्री विरासत का प्रतीक है। यहाँ दुनिया का सबसे प्राचीन मानव निर्मित डॉकयार्ड मिला है। यहाँ नेशनल मैरिटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स तैयार हो रहा है। कच्छ में आजकल रण उत्सव का आयोजन भी हो रहा है। यहां की टेंट सिटी में रुकना एक अलग अनुभव होता है।

साथियों,

जो जंगलों का, वाइल्ड लाइफ का शौकीन है, उसके लिए गिर फोरेस्ट में एशियाटिक लॉयन के दर्शन से बेहतर भला क्या अनुभव हो सकता है? यहां हर वर्ष नौ लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। जिसे समंदर का साथ अच्छा लगता है, उनके लिए शिवराजपुर बीच है, जो ब्लू फ्लैग सर्टिफाइड है। इसके अलावा मांडवी, सोमनाथ, द्वारका में भी बीच टूरिज्म के लिए अनेक संभावनाएं हैं। यहां पास ही में दीव भी है, दीव भी वॉटर स्पोर्ट्स का, बीच गेम्स का बेहतरीन डेस्टिनेशन बन रहा है। यानी आप इंवेस्टर्स के लिए सामर्थ्य से, संभावनाओं से भरा ये पूरा क्षेत्र है। आप जरूर इसका पूरा लाभ उठाइए। और मैं बहुत पहले से कहता आया हूं- अगर आप देरी करें तो मुझे दोष मत देना। सौराष्ट्र-कच्छ में आपका हर निवेश, गुजरात के विकास को गति देगा, देश के विकास को गति देगा। और सौराष्ट्र की ताकत अभी Rwanda के हाई कमिशनर बता रहे थे कि जब मैं Rwanda गया, तो मैंने 200 गाय वहां गिफ्ट की थी। ये 200 गाय हमारी गीर गाय थीं। लेकिन उसकी एक विशेषता है, जब हमने 200 गाय दीं वहां की ग्रामीण इकॉनमी के लिए, तो उसमें एक नियम है, कि गाय तो आपको देंगे, लेकिन उसकी जो पहली बछड़ी होगी, वो आपको वापस देनी होगी, और वो हम दूसरे परिवार को देते हैं। यानी इन दिनों वो 200 गाय से शुरू हुआ, हजारों परिवारों के पास आज गाय पहुंच चुकी है, Rwanda ग्रामीण इकॉनमी को बहुत बड़ी ताकत दे रही है और हर घर में गीर गाय नजर आ रही है, ये है मेरा सौराष्ट्र।

साथियों,

आज का भारत, विकसित होने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा है। और हमारे इस लक्ष्य की प्राप्ति में रिफॉर्म एक्सप्रेस की बहुत बड़ी भूमिका है। रिफॉर्म एक्सप्रेस यानी हर सेक्टर में नेक्स्ट जनरेशन रिफ़ॉर्म, जैसे अब से कुछ समय पहले ही देश ने नेक्स्ट जनरेशन GST रीफॉर्म लागू किए थे। हर सेक्टर पर इसका अच्छा असर दिखा, विशेष रूप से हमारे MSMEs को बहुत फायदा हो रहा है। रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत ने बहुत बड़ा रिफॉर्म, इंश्योरेंस सेक्टर में किया गया है। भारत ने Insurance sector में 100 परसेंट FDI को मंजूरी दे दी है। इससे देशवासियों को शत-प्रतिशत बीमा कवरेज देने के अभियान को गति मिलेगी। इसी तरह, करीब छह दशक के बाद इनकम टैक्स कानून को आधुनिक किया गया है। इससे करोड़ों टैक्स-पेयर्स को फायदा होगा। भारत ने ऐतिहासिक लेबर रिफॉर्म्स को भी लागू कर दिया है। इससे Wages, social security और industry, तीनों को एक unified framework मिला है। यानी श्रमिक हों या फिर इंडस्ट्री, सभी का इससे फायदा है।

साथियों,

आज भारत, डेटा आधारित इनोवेशन का, AI रिसर्च का, सेमीकंडक्टर मैन्युफेक्चरिंग का, एक ग्लोबल हब बनता जा रहा है। यानी भारत की पावर डिमांड लगातार बढ़ रही है। भारत को एश्योयर्ड एनर्जी की बहुत जरूरत है और इसका बहुत बड़ा माध्यम न्यूक्लियर पावर है। इसको देखते हुए, हमने न्यूक्लियर पावर सेक्टर में भी नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म किया है। भारत ने पिछले संसद के सत्र में शांति एक्ट के जरिए, civil nuclear energy को private partnership के लिए open कर दिया है। ये इन्वेस्टर्स के लिए बहुत बड़ा अवसर है।

साथियों,

यहां उपस्थित सभी निवेशकों को मैं विश्वास दिलाता हूं, हमारी रिफॉर्म्स एक्सप्रेस, अब रुकने वाली नहीं है। भारत की reform journey, institutional transformation की दिशा में बढ़ चुकी है।

साथियों,

आप सभी यहां, सिर्फ एक MoU के साथ नहीं आए हैं, आप यहां सौराष्ट्र-कच्छ के विकास और विरासत से जुड़ने आए हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, आपके इन्वेस्टमेंट की पाई-पाई यहां शानदार रिटर्न्स देकर के जाएगी। एक बार फिर आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। मैं गुजरात सरकार को, गुजरात की टीम को भी उनके इन प्रयासों के लिए, उनकी सराहना करता हूं, बहुत-बहुत बधाई देता हूं। 2027 में शायद उनका वाइब्रेंट समिट होगा, उसके पहले ये रीजनल समिट एक अच्छा प्रयोग हो रहा है, और मुझे खुशी हो रही है कि जिस काम को शुरू करते समय मुझे काम करने का अवसर मिला था, आज जब मेरे साथियों के द्वारा उसका विस्तार हो रहा है, उसको नई ऊर्जा मिल रही है, तो आनंद अनेक गुणा बढ़ जाता है। मैं आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। धन्यवाद!