Published By : Admin |
January 18, 2024 | 15:47 IST
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নয়াদিল্লি, ১৮ জানুয়ারি, ২০২৪৷৷ প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী আজ ভিডিও কনফারেন্সের মাধ্যমে বিকশিত ভারত সংকল্প যাত্রার সুবিধাভোগীদের সাথে মতবিনিময় করেছেন। সারা দেশ থেকে বিকশিত ভারত সংকল্প যাত্রার হাজার হাজার সুবিধাভোগী এই অনুষ্ঠানে যোগ দিয়েছিলেন। এই কর্মসূচিতে কেন্দ্রীয় মন্ত্রী, সাংসদ, বিধায়ক এবং স্থানীয় প্রতিনিধিরাও যোগ দিয়েছিলেন।
মেঘালয়ের রি ভোই-এর সুশ্রী সিলমে মারাকের জীবন একটি ইতিবাচক মোড় নেয় যখন তার ছোট দোকান একটি স্বনির্ভর গোষ্ঠীতে রূপান্তরিত হয়। তিনি এখন স্থানীয় মহিলাদের স্ব-সহায়ক গোষ্ঠীতে সংগঠিত হতে সাহায্য করছেন এবং ৫০ টিরও বেশি স্বনির্ভর গোষ্ঠী তৈরিতে সহায়তা করেছেন। তিনি প্রধানমন্ত্রী কিষাণ সম্মান নিধি, বীমা এবং অন্যান্য প্রকল্পের একজন সুবিধাভোগী।
সুশ্রী সিলমে সম্প্রতি তার কাজের জন্য একটি স্কুটি কিনেছেন। তিনি তার ব্লকে একটি গ্রাহক পরিষেবা পয়েন্টও পরিচালনা করেন এবং লোকেদের সরকারি প্রকল্পগুলি পেতে সহায়তা করেন। তার দল খাদ্য প্রক্রিয়াকরণ এবং বেকারিতে সক্রিয়। প্রধানমন্ত্রী তার আত্মবিশ্বাসের জন্য তার প্রশংসা করেন এবং তার সম্মানে হাততালি দেন।
প্রধানমন্ত্রী সরকারি প্রকল্পের সাথে তার অভিজ্ঞতা এবং হিন্দি ভাষার উপর চমৎকার দক্ষতার কথা উল্লেখ করে প্রধানমন্ত্রী বলেন "আপনি খুব সাবলীল, সম্ভবত আমার চেয়েও ভাল"। প্রধানমন্ত্রী তার সমাজসেবার প্রশংসা করেন এবং বলেন, “প্রত্যেক নাগরিকের কাছে সরকারি প্রকল্পের সুবিধা নিয়ে যাওয়ার জন্য আমাদের সিদ্ধান্তের পেছনে আপনার মতো লোকদের উৎসর্গীকরন আমাদের শক্তি। আপনার মতো মানুষ আমার কাজ খুব সহজ করে দেন। আপনি আপনার গ্রামের মোদী৷”
Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026
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पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!
आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।
साथियों,
आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।
साथियों,
BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।
साथियों,
बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।
साथियों,
दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।
साथियों,
इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।
साथियों,
स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!