Assam is world famous for its tea, but soon people will talk about its 'Chip' as well – ‘Chai bhi, Chip bhi’: PM Modi in Assam
Our double engine government understood people's pain, and in just 11 years we built five bridges on the Brahmaputra: PM Modi
The Assam election is about building a Viksit Bharat with a Viksit Assam. The hattrick of the BJP-NDA government is certain: PM Modi
You form the BJP government again and Assam will progress at an even faster pace. This is Modi’s guarantee: PM Modi in Gogamukh

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की..

मैं अपनी बात शुरू करूं उसके पहले जो इस चुनाव में उम्मीदवार है यहां वो जरा आगे आ जाएं...जो उम्मीदवार है जो चुनाव लड़ रहे हैं। एक मिनट मैं उनके पास जाकर के आता हूं।

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की..

नमोस्कार,

उजोनीर राइजोलोइ मॉरोम आरु श्रोद्धा जोनाइशु!......

आपुनालुक हॉकोलुले बोहाग बिहुर उलोग जोनालु !

असम के चुनाव की घोषणा के बाद ये मेरी पहली जनसभा है। ये जो सामने जनसमुद्र है… युवाओं का ये उत्साह...बहनों-बेटियों का इतना आशीर्वाद... उधर रोड भी पूरा भड़ा हुआ है... पता नहीं उनको सुनाई भी देता होगा कि नहीं देता होगा... शायद वे मुझे देख भी नहीं पाते होंगे.. लेकिन देखिए ये प्यार.. ये इस बात की खुली घोषणा है कि इस बार हैट्रिक पक्की है। देखिए आप सबके आशीर्वाद से मुझे प्रधानमंत्री के रूप में हैट्रिक बनाने का अवसर मिला। आप सबके आशीर्वाद से इसी मैदान में मुझे हैट्रिक लगाने का अवसर मिला है। मैं तीसरी बार आया हूं यहां। और आपके आशीर्वाद से असम में सरकार भी हैट्रिक बनाने वाली है। हर कोई कह रहा है... आको एबार... आको एबार... आको एबार

आकौ एबार…एनडीए शोरकार !
आकौ एबार…बीजेपी शोरकार !

साथियों,

मुझे बहुत खुशी है...कि मैं घुघुहा डोल में विराजमान भगवान शिव...

और डोनी-पोलो के आशीर्वाद से चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहा हूं। मेरे लिए तो ये क्षेत्र एक और कारण से भी विशेष है। यहां से मालिनि-थान ज्यादा दूर नहीं है। आप जानते हैं कि भगवान कृष्ण की नगरी द्वारिका गुजरात में है... और कहते हैं यहीं पर माता रुक्मिणी के साथ मालिनी नाम जुड़ा था। मैं गोगामुख की इस धरती से... श्रीमंत शंकरदेव जी को भी प्रणाम करता हूं। असम की धरती ने, वीर लाचित बोरफुकन जी...भारत रत्न भूपेन हजारिका जी...ऐसी अनेक महान संतानों को जन्म दिया है। मैं उनका भी वंदन करता हूं।

साथियों,

पहले सर्बानंद सोनोवाल जी का नेतृत्व... और फिर हेमंता बिस्वा सर्मा जी की अगुवाई... बीते 10 वर्षों में असम ने सेवा और सुशासन का नया दौर देखा है। असम का ये चुनाव... विकसित असम से विकसित भारत बनाने का चुनाव है। इस बार, बीजेपी-NDA सरकार की हैट्रिक लगनी तय है। आप मुझे बताइए हैट्रिक होगी कि नहीं होगी.. और जोर से बताइए हैट्रिक होगी कि नहीं होगी। दोनों हाथ ऊपर करके बताइए हैट्रिक होगी कि नहीं होगी। और कांग्रेस की पराजय की भी हैट्रिक होने वाली है। असम लगातार तीसरी बार, बीजपी-NDA सरकार बना रहा है। और कांग्रेस के जो सो कॉल्ड राजकुमार है ना उनकी तो पराजय की सेंचुरी आने वाली है।

साथियों,

यहां इस मंच से मैं असम बीजेपी के सभी नेताओं को बधाई देता हूं। बीजेपी की टीम को बधाई देता हूं। बीते 10 वर्षों के प्रयासों को नया आयाम देते हुए...असम बीजेपी ने कल एक शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। और कल मंगलवार था। मंगलवार को जारी हुआ ये संकल्पपत्र, असम में और मंगल लाने वाला है। यानि मंगलवार को आया है...मंगलपत्र... !!! ये मंगल करने वाला संकल्प पत्र है। इसमें असम के युवाओं के लिए...सरकारी नौकरी और स्वरोजगार के लाखों अवसरों का स्पष्ट रोडमैप है। 5 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने का संकल्प भी बहुत ही प्रशंसनीय है। इससे असम में सुविधाएं भी बढ़ेंगी...और कंस्ट्रक्शन से जुड़े हर सेक्टर में रोजगार के भी अनेक अवसर बनेंगे।

साथियों

बीते वर्षों में असम के 22 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं। मैं जरा फिर से बोलता हूं आंकड़ा 22 लाख से अधिक लोगों को असम में पक्के घर मिले हैं। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं यहां के गरीब परिवारों को कितने पक्के घर मिले हैं.. 22 लाख.. कितने पक्के घर मिले हैं जोर से बताइए कितने घर मिले हैं… गरीबों को कितने पक्के घर मिले है.. ये घर-घर पहुंचाइए… 22 लाख गरीबों को पक्के घर मिलने का मतलब, इतने में एक नई दुनिया का जन्म हो जाता है। बीजेपी का संकल्पपत्र कहता है कि जिनको अभी तक पीएम आवास के घर नहीं मिले हैं, उनको भी पक्के घर मिलेंगे। आने वाले समय में 15 लाख और गरीब परिवारों को पक्के घर की गारंटी पक्की है। गरीब परिवारों के बच्चों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा की घोषणा भी प्रशंसनीय है।

साथियों,

असम की बहनों-बेटियों के लिए तो, डबल इंजन सरकार का डबल बेनिफिट और भी आकर्षक होता जा रहा है। मैं जो आंकड़े बोल रहा हूं याद रखोगे… घर-घर बताओगे… हर बूथ में बताओगे… मैं बताता हूं, लखपति दीदी अभियान से असम की बहनों को बहुत लाभ हुआ है।

अभी तक, असम की करीब तीन लाख बहनें, लखपति बाइदौ बन चुकी हैं। जरा मुझे बताइए कितनी लखपति बाइदौ बनी है — तीन लाख.. कितनी लखपति बाइदौ बनी है.. जरा जोर से बताइए कितनी लखपति बाइदौ बनी है… कल असम बीजेपी ने ऐलान किया है कि अब डबल इंजन सरकार, 40 लाख बहनों को लखपति बाइदौ बनाने के लिए प्रयास करेगी। कितनी… कितनी … 40 लाख बहनो को… आप सोचिए.. 40 लाख बहनों का मतलब 40 लाख घरों में कोई ना कोई लखपति दीदी बनने वाली है। साथ ही असम बीजेपी ने...अरुणोदोई योजना में और अधिक बहनों को जोड़ने...और हर महीने मिलने वाली मदद को बढ़ाने की भी गारंटी दी है। हमारी बेटियों के साथ कोई धोखाधड़ी न कर सके...बेटियों का मान-सम्मान और जीवन सुरक्षित रहे...इसके लिए भी अनेक बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

साथियों,

असम में Uniform civil code लागू करना...और हमारे आदिवासी समाज, सिक्स्थ शेड्यूल एरिया की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखना...ये असम की पहचान बचाने के लिए बहुत बड़ी घोषणाएं हैं। और आप जानते हैं... बीजेपी जो कहती है, वो करके दिखाती है।

साथियों,

किसानों का सशक्तिकरण, डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता रही है। असम के 20 लाख किसानों को... अभी तक पीएम किसान निधि के तहत साढ़े सात हज़ार करोड़ रुपए मिल चुके हैं। अब असम बीजेपी ने घोषणा की है...कि यहां के छोटे किसानों कोहर वर्ष 11 हज़ार रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। इसके अलावा असम बीजेपी ने, ट्रैक्टर, पावर टिलर और गाएं खरीदने के लिए बहुत बड़ी मदद देने का ऐलान किया है।

साथियों,

बारिश और बाढ़ से भी सबसे अधिक नुकसान किसानों को होता है।

मुझे बहुत संतोष है...कि पीएम फसल बीमा योजना से असम के करीब 11 लाख किसानों को 730 करोड़ रुपए से अधिक का क्लेम मिल चुका है। लेकिन बीजेपी-NDA सरकार का निरंतर प्रयास है...कि बाढ़ की समस्या का भी स्थाई समाधान निकले। बीजेपी सरकार सैकड़ों करोड़ रुपए यहां आधुनिक तटबंध बनाने पर खर्च कर रही है...

ब्रह्मपुत्र की, सुबंसिरी नदी की गहराई बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सुबंसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से भी flood को कंट्रोल करने में भी काफी मदद मिलेगी। अब असम बीजेपी ने... राज्य को बाढ़ की परेशानी से मुक्त करने के लिए 18 हज़ार करोड़ रुपए के विशेष मिशन का संकल्प किया है। 18 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के लिए। कितने... कितने.. आपको याद रखना पड़ेगा कितने.. जरा जोर से बताइए कितने.. 18 हज़ार करोड़ रुपए... कितने.. किसानों के लिए कितने... ये पैसा, बाढ़ की परेशानी कम करेगा और मेरे किसानों की रक्षा करेगा और इस क्षेत्र के विकास को नई गति भी देगा।

साथियों,

बीते एक दशक में असम ने विकास का एक लंबा सफर तय किया है। ये जो 20-25 साल के नौजवान हैं...इन्होंने बीजेपी-NDA का सुशासन ही देखा है। इन्होंने कांग्रेस के राज का वो काला दौर नहीं देखा...जब असम से सिर्फ बम-बंदूक, दंगों और कर्फ्यू की ही खबरें आती थीं। डबल इंजन सरकार ने बीते एक दशक में... असम को स्थाई शांति की नई राह दिखाई है। असम की हज़ारों संतानें बीते एक दशक में बंदूक छोड़कर...एक नए भविष्य से जुड़ी हैं। आज असम से सिर्फ विकास और विश्वास की ही खबरें आती हैं। आज असम से खबरें आती है...नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता तीन गुना करने की...

आज असम से खबरें आती है... नुमालीगढ़ में पहली बांस आधारित बायो-रिफाइनरी शुरु होने की...आज असम से खबरें आती है...नामरूप के खाद कारखाने के विस्तार की।

साथियों,

एक समय था जब दुनिया में असम की चर्चा चाय के लिए होती थी। असम यानि चाय, दुनियाभर में असम की चाय की सुभाषित। अब असम को दुनिया, चाय के साथ-साथ चिप से भी पहचानेगी। वो दिन दूर नहीं...जब असम के सेमीकंडक्टर प्लांट से उत्पादन शुरु हो जाएगा। ये असम को, आधुनिक टेक्नोलॉजी के एक बहुत बड़े हब के रूप में विकसित करेगा। आने वाले समय में, फोन हो, गाड़ियां हों, टीवी-फ्रिज हों, ऐसे सामान असम की चिप से ही चलने वाले हैं। और इसलिए भाइयों-बहनों अब तो असम की क्या पहचान होगी चाय भी और चिप भी...यही विकसित असम का हमारा रोडमैप है। मैं आपको भरोसा देता हूं। आप यहां फिर से बीजेपी सरकार बनाइए...

असम का और तेजी से विकास होगा। और ये आपको मोदी की गारंटी है...

आपोनालोके इयात आकौ एबार बीजेपी शोरकार बोनाओक…..

अहोमॉर आरो बहुत बेसी उन्नति होबो। एया //आपोनालोकक//

मोदीर गेरांटी !

साथियों,

असम को प्रकृति ने बहुत कुछ दिया है। असम के पास संसाधनों की कभी कमी नहीं रही है। लेकिन कांग्रेस ने सत्ता के लिए असम के समाज को भी बांटा.. और ब्रह्मपुत्र के दो किनारों को भी कभी जुड़ने नहीं दिया। कांग्रेस ने 60-65 साल में ब्रह्मपुत्र पर सिर्फ तीन ही पुल बनाए। 60-65 साल में कितने पुल…कितने पुल…कितने पुल... पुलों के अभाव में कितने ही लोगों को हमें खोना पड़ा...कितनी ही पीढ़ियों को मुश्किलों से गुज़रना पड़ा। डबल इंजन सरकार ने इस पीड़ा को, इस परेशानी को समझा...और 10-11 वर्षों में ही ब्रह्मपुत्र पर 5 बड़े ब्रिज पूरे किए। कितने… कितने… कितने…5 बड़े पुल , 65 साल में 3, 11 साल में 5..ये बड़ा काम हुआ की नहीं हुआ। और अभी 5 बड़े पुलों पर काम तेजी से चल रहा है। आज बोगीबील ब्रिज और भूपेन हज़ारिका सेतु ने... उत्तरी असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के जीवन को बदल दिया है। कांग्रेस रहती तो, ये ब्रिज आज भी पूरे नहीं हो पाते। इसलिए तो आज हर कोई यही कह रहा है....असम को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर अगर कोई पार्टी दे सकती है...तो वो बीजेपी है...एनडीए है।

अहोमॉक जोदि आधुनिक इन्फ्रास्ट्राक्सार कोनोबा पार्टीए दीबो पारे……

तेन्ते हेइ पार्टी होइछे बीजेपी- एनडीए।

साथियों,

कांग्रेस के लिए हमेशा पावर...पॉलिटिक्स और अपना परिवार ही फर्स्ट रहा है। दिल्ली में एक परिवार...और एक परिवार यहां भी है। एक परिवार दिल्ली में और एक परिवार असम में ..कांग्रेस के लिए इन्हीं परिवारों का हित सर्वोपरि है। कांग्रेस ने दशकों तक सरकारें चलाई हैं... लेकिन आप लोगों के स्वास्थ्य पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। 6-7 दशक में असम में केवल छह मेडिकल कॉलेज ही बन पाए थे, कितने मेडिकल कॉलेज.. ऐसा नहीं जोर से बोलिए.. बारिश आ रही है फिर भी बोलिए.. कितने मेडिकल कॉलेज... कितने मेडिकल कॉलेज... आज असम में.. यानि 60-65 साल में 6 मेडिकल कॉलेज, आज असम में, 14 मेडिकल कॉलेज हैं और 10 मेडिकल कॉलेज पर काम चल रहा है। कितने मेडिकल कॉलेज…14 और 10 बन रहे हैं। 24 हो जाएंगे, उन्होंने 65 साल में 6 बनाई हम 11-12 साल में 24 मेडिकल कॉलेज.. इसमें से एक मेडिकल कॉलेज, यहीं धेमाजी में भी बन रहा है। इतना ही नहीं आज असम में एम्स भी है। इसी तरह...असम में इंजीनियरिंग कॉलेज की संख्या सात हो गई है...और पॉलिटेक्निक कॉलेज 10 से बढ़कर 26 हो चुके हैं। यहां गोगामुख में ही एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट का शिलान्यास.. और धेमाजी इंजीनियरंग कॉलेज का लोकार्पण करने का अवसर तो मुझे ही दिया था। धेमाजी ITI और धेमाजी पॉलिटेक्निक को भी अपग्रेड किया जा रहा है। यानि असम को बेहतर इलाज मिले, बेहतर पढ़ाई की सुविधाएं मिलें... ये हमारी प्राथमिकता रही है। इससे गरीब हो या मिडिल क्लास...सबका जीवन बेहतर होता है। असम के गरीब और मध्यम वर्ग का कल्याण बीजेपी की बहुत बड़ी प्राथमिकता है।

अहोमॉर दुखिया आरो मध्यो वित्तो श्रेणीर

उन्नति कोरातो बीजेपीर मूल प्राथोमिकता।

साथियों,

आपने कांग्रेस के कुशासन से असम को मुक्त किया है। लेकिन आपको बहुत सतर्क रहना है। कांग्रेस अब एक अलग ही खेल खेलने में जुटी है। असम कांग्रेस के नेता एक खतरनाक कानून बनाने की बात कर रहे हैं। आखिर ये खतरनाक कानून क्या है? आज मैं असम की जनता के सामने कांग्रेस की इस चाल का पर्दाफाश करना चाहता हूं।

साथियों,

2014 के चुनाव से पहले कांग्रेस की केंद्र सरकार ने...एक कम्यूनल वायलेंस कानून बनाने का प्रयास किया था। इसका मकसद था अपने पक्के वोटबैंक का तुष्टिकरण। इस बिल में बहुसंख्यकों को दंगे के लिए जिम्मेदार माना गया था… बहुसंख्यक लोग गुनाहगार माने गए थे और धार्मिक अल्पसंख्यकों को हमेशा के लिए पीड़ित माना गया था। ये बिल अपने आप में सांप्रदायिक था... इसलिए बीजेपी-NDA ने संसद में ये कानून नहीं बनने दिया। जी भरके हम लड़ाई लड़े। ये कानून अगर बन जाता... और कांग्रेस की सरकार अगर बनी रहती... तो देश के बहुसंख्यक समाज का कितना शोषण होता, इसकी कल्पना आप कर सकते हैं। बाबा साहेब अंबेडकर ने जो संविधान बनाया उस संविधान के पीठ में छुरा भोंकने का ये खेल चल रहा था।

साथियों,

अब 12 साल बाद कांग्रेस...यहां असम में भी उसी तरह का कानून बनाने की घोषणा कर रही है। और ये कोई मेरा आरोप नहीं है...खुद कांग्रेस के नेता खुलेआम ये घोषणाएं कर रहे हैं। ये एकदम साफ है...कि कांग्रेस अब सत्ता पाने के लिए कुछ भी कर सकती है। अब वो मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस बन चुकी है। आज़ादी से पहले मुस्लिम लीग ने देश को बांटने का खेल खेला... वही काम आज कांग्रेस कर रही है।

साथियों,

आज कांग्रेस घुसपैठ और घुसपैठियों को भी खुला समर्थन दे रही है। पहले कांग्रेस असम में घुसपैठियों को खुली छूट दी। यहां किसानों और आदिवासियों की ज़मीन पर कब्ज़े करने दिए...अब जब बीजेपी-NDA सरकार, इस अवैध कब्ज़े को हटा रही है... तो कांग्रेस इस पर भी बवाल कर रही है। साथियों, कांग्रेस, असम में विदेशियों को बसाना चाहती है... असम की मूल संतानों को अल्पसंख्यक बनाना चाहती है। असम के अनेक जिलों में ये संकट हम अभी देख रहे हैं। बीजेपी-NDA सरकार...किसानों, आदिवासियों और हमारे जंगल की जमीन को घुसपैठियों के कब्जे में नहीं रहने देगी। अवैध कब्ज़े के खिलाफ, बीजेपी-NDA सरकार की कार्रवाई जारी रहेगी। असमिया शान और पहचान बनी रहेगी...ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

बीजेपी-NDA सरकार का मंत्र है नागरिक देवो भव:। जो किसी भी कारण से विकास में पीछे छूट गया है, उसको आगे लाना हमारी प्राथमिकता है। इसी भाव के साथ हमारी सरकार ट्राइबल समाज के वेलफेयर और विकास के लिए काम कर रही है। लेकिन कांग्रेस ट्राइबल समाज के अपमान का भी कोई मौका नहीं छोड़ती। यहां मिसिंग जनजातीय समाज को भी दशकों तक कांग्रेस की उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। ये हमारी सरकार है जिसने बीते 10 वर्षों में मिसिंग समुदाय के विकास के लिए अनेक कदम उठाए हैं। और ये मेरा सौभाग्य देखिए कि मिसिंग समाज ने मेरा सम्मान किया है। ये मेरे लिए बड़ा गौरव है, ये मेरी भी शान बढ़ा रहा है। मैं मिसिंग समाज के इस प्यार को सर आंखों पर चढ़ाता हूं। आज सैकड़ों प्राइमरी स्कूलों में मिसिंग में पढ़ाई हो रही है। मिसिंग यूथ फेस्टिवल के आयोजन के लिए, करोड़ों रुपए की मदद दी गई है। मिसिंग युवाओं के रोजगार के लिए भी डबल इंजन सरकार निरंतर नए कदम उठा रही है। मैं यहां जितने भी जनजातीय समाज हैं... सभी को आश्वासन देने आया हूं, कि सबके सपनों, सबकी आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा। भाजपा, विकास और विरासत, दोनों के लिए काम करने वाली पार्टी है। आपकी संस्कृति और आपके सपनों को...बीजेपी पूरा सम्मान दे रही है। और आगे भी आपकी आकांक्षाओं का हम पूरा ध्यान रखेंगे।

साथियों,

बीजेपी-एनडीए सरकार, विकसित असम के लिए लगातार काम कर रही है। 9 अप्रैल को मतदान के पुराने सभी रिकॉर्ड टूटने चाहिए। रिकॉर्ड टूटेंगे कि नहीं टूटेंगे.. अपने बूथ में रिकॉर्ड तोड़ोगे... पहले से ज्यादा मतदान कराओगे.. सुबह-सबह मतदान करा दोगे। ये जितने भी बीजेपी-एनडीए के उम्मीदवार है...ये असम के सिपाही हैं, असम के तेज विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। आप सभी केंडिडेट आगे चले आइए..आप इन सभी को जरूर MLA बनाइए। बनाएंगे..

साथियों,

आप मेरा एक काम और करना...करेंगे.. मेरा एक काम करेंगे... जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे.. आप यहां से अपने घर जाएंगे... मतदान होने तक घर-घर जाना है.. और परिवार में जिससे भी मिलना हो जाए तो उनको कहना कि मोदी जी आए थे...और मोदी ने आप सभी को बोहाग बिहू की शुभकामनाएं भेजी हैं। बात दोगे.. बोहाग बिहू की शुभकामनाएं पहुंचाओगे.. देखिए आज मेरा सौबाग्य है। आज चुनाव प्रचार के लिए चुनाव घोषित होने के बाद पहली बार असम आया हूं और आते ही मैंने क्या किया। आज सबसे पहले सुबह मैं टी-गार्डन में गया। टी-गार्डन में जाकर के टी-गार्डन में काम करने वाली बहनों का आशीर्वाद लिया, उनको प्रणाम किया। उनकी शुभकामनाएं लेकर के निकला हूं। और मैंने उनसे जिंदगी जो चाय से मेरी जुड़ी हुई है, उस चाय की पत्ती को कैसे तोड़ते हैं उसको भी सीखा।

साथियों,

आपका प्यार मैं देख रहा हूं, ये दिल्लीवालों को समझ नहीं आएगा। ये बारिश के बावजूद भी इतनी संख्या में लोगों का खड़े रहना, लगातार बारिश के बावजूद भी इतने लोगों का आना, ये हैट्रिक की गारंटी है हैट्रिक की और नामदार के पराजय की सेंचुरी की भी गारंटी है।

बोलिए मेरे साथ भारत माता की...

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