“আজকের রোজগার মেলা আসামের তরুণদের ভবিষ্যতের প্রতি গুরুত্বের প্রতিফলন”
“আজাদি কা অমৃতকাল – এ আমরা সবাই আমাদের দেশকে উন্নত দেশ হিসেবে গড়ে তোলার শপথ নিয়েছি”
“সরকারি ব্যবস্থাকে বর্তমান সময় অনুযায়ী নিজেদের পরিবর্তন করতে হবে”
“প্রতিটি নতুন পরিকাঠামো প্রকল্পের সঙ্গে প্রত্যেক ক্ষেত্রে কর্মসংস্থান এবং আত্ম-কর্মসংস্থানের সুযোগ বৃদ্ধি পাচ্ছে”
“আজ তরুণরা এমন অনেক ক্ষেত্রে এগিয়ে যাচ্ছে, যা ১০ বছর আগে কেউ কল্পনাও করতে পারেননি”
“আমরা এক নতুন ভারত গড়ার দিকে দ্রুত পদক্ষেপ নিচ্ছি”

নমস্কার।

আসাম সরকারে সরকারি চাকরি পাওয়া সমস্ত যুবক - যুবতি ও তাঁদের পরিবারকে আমি অভিনন্দন জানাই। গত মাসে বিহুর সময় আসামে গিয়েছিলাম। সেই জমকালো অনুষ্ঠানের স্মৃতি এখনো আমার মনে তাজা। সেই সময়ে আয়োজিত অনুষ্ঠানটি ছিল অসমীয়া সংস্কৃতির গৌরবের প্রতীক। আসামের বিজেপি সরকার রাজ্যের যুব সম্পদায়ের ভবিষ্যৎ নিয়ে যে আন্তরিক তার প্রমাণ আজকের এই কর্মসংস্থান মেলা ‘আসাম রোজগার মেলা’ । এর আগেও এই ‘আসাম রোজগার মেলা’-র মাধ্যমে ৪০ হাজারেরও বেশি যুবককে সরকারি চাকরি দেওয়া হয়েছে। আজও প্রায় ৪৫ হাজার যুবক যুবতির হাতে নিয়োগপত্র তুলে দেওয়া হয়েছে। আমি সংশ্লিষ্ট সকল যুবক -যুবতির উজ্জ্বল ভবিষ্যৎ কামনা করছি।

বন্ধুগণ ,

আজ, বিজেপি সরকারের উদ্যোগে আসাম শান্তি ও উন্নয়নের এক নতুন যুগের সাক্ষী হচ্ছে। উন্নয়নের এই গতি আসামে ইতিবাচকতা ও অনুপ্রেরণা ছড়িয়েছে। আমাকে বলা হয়েছে যে আসাম সরকার সরকারি নিয়োগকে আরও স্বচ্ছ করতে বেশ কিছু পদক্ষেপ নিয়েছে। বিভিন্ন বিভাগে নিয়োগ প্রক্রিয়া চালানোর জন্য 'আসাম ডাইরেক্ট রিক্রুটমেন্ট কমিশন' গঠন করা হয়েছে । আগের প্রক্রিয়ায় প্রতিটি বিভাগের আলাদা নিয়ম ছিল। এ কারণে অনেক সময় সময়মতো নিয়োগ সম্পন্ন করা যেত না। প্রার্থীদেরও বিভিন্ন বিভাগের পদের জন্য বিভিন্ন পরীক্ষায় অংশ নিতে হয়েছিল। এখন এই সমস্ত প্রক্রিয়া খুব সহজ করা হয়েছে. এর জন্য আসাম সরকার সত্যিই অনেক অভিনন্দনের দাবি রাখে।

বন্ধুগণ ,

স্বাধীনতার অমৃতকালে আমরা সবাই মিলে আমাদের দেশকে উন্নত জাতি হিসেবে গড়ে তোলার অঙ্গীকার নিয়েছি। অমৃতকালের এই আগামী ২৫ বছর আপনার চাকরিতে সেবাকালের মতোই গুরুত্বপূর্ণ। আপনি এখন প্রত্যেক সাধারণ নাগরিকের কাছে আসাম সরকারের মুখ হয়ে উঠবেন। আপনার আচরণ, আপনার চিন্তাভাবনা, কাজের প্রতি আপনার দৃষ্টিভঙ্গি, সাধারণ জনগণের প্রতি আপনার সেবাবোধ, জনসাধারণের উপর এর প্রভাব এখন বিশাল হবে। এজন্য আপনাকে কিছু বিষয়ে অত্যন্ত যত্ন নিতে হবে। আজ আমাদের সমাজ দ্রুত উচ্চাকাঙ্ক্ষী হয়ে উঠছে। সেই দিনগুলো চলে গেছে যখন মানুষ মৌলিক সুবিধার জন্যও যুগ যুগ ধরে অপেক্ষা করতো। আজকাল কোনো নাগরিক উন্নয়নের জন্য এত অপেক্ষা করতে চায় না। টি-টোয়েন্টি ক্রিকেটের এই যুগে দেশের মানুষ দ্রুত ফল চায়। আর তাই সরকারি ব্যবস্থাকেও সেই অনুযায়ী নিজেদের পরিবর্তন করতে হবে। দেশের নাগরিকদের আশা-আকাঙ্খা পূরণে সরকারি কর্মচারীদেরও বড় দায়িত্ব রয়েছে। যে পরিশ্রম ও নিষ্ঠা আপনাকে এখানে নিয়ে এসেছে, সেই পথেই আপনাকে এগিয়ে যেতে হবে। আপনাকে সবসময় শিখতে হবে। এর মাধ্যমে, আপনি সমাজ এবং সরকারি ব্যবস্থা উভয়ের উন্নতিতে অবদান রাখতে সক্ষম হবেন।

বন্ধুগণ ,

আজ, ভারত খুব দ্রুত তার পরিকাঠামো আধুনিকীকরণ করছে। নতুন নতুন হাইওয়ে ও এক্সপ্রেসওয়ে নির্মাণ থেকে শুরু করে নতুন নতুন রেললাইন নির্মাণ, নতুন নতুন বন্দর-বিমানবন্দর ও নৌপথ গড়ে তোলা, এসব প্রকল্পে লক্ষ লক্ষ কোটি টাকা ব্যয় হচ্ছে। প্রতিটি পরিকাঠামো প্রকল্পে, সরকার যে পরিমাণ ব্যয় করছে তা কর্মসংস্থান ও আত্মকর্মসংস্থান বাড়াচ্ছে। যেমন একটি বিমানবন্দর নির্মাণ করতে হলে প্রকৌশলী, প্রযুক্তিবিদ, হিসাবরক্ষক, শ্রমিক, বিভিন্ন ধরনের যন্ত্রপাতি, ইস্পাত ও সিমেন্টের প্রয়োজন হয়। অর্থাৎ একটি নির্মাণের মাধ্যমে অনেক খাতে নতুন নতুন কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি হতে থাকে। রেললাইন সম্প্রসারণ ও বিদ্যুতায়নের মাধ্যমেও তেমনি কর্মসংস্থানের সুযোগ সৃষ্টি হচ্ছে। ভারত যে মৌলিক সুবিধার উপর জোর দিচ্ছে এবং জীবনযাত্রার স্বাচ্ছন্দ্য বৃদ্ধি করছে তা দেশের প্রতিটি কোণে কর্মসংস্থানের নতুন সম্ভাবনা তৈরি করেছে। ২০১৪ সাল থেকে আমাদের সরকার দেশে প্রায় চার কোটি পাকা বাড়ি তৈরি করে দরিদ্রদের দিয়েছে। এসব বাড়িতে শৌচাগার, গ্যাস সংযোগ, কলের পানি ও বিদ্যুৎ সরবরাহ করা হয়েছে। এই বাড়িগুলি তৈরি করতে এবং এই পরিষেবাগুলির ব্যবস্থা করতে উত্পাদন খাত, রসদ, দক্ষ শ্রমিক এবং শ্রমিক ভাই-বোনরা অনেকপ্রচুর পরিশ্রম করা হয়েছে। অর্থাৎ বিভিন্ন পর্যায়ে বিভিন্ন খাতে কর্মসংস্থানের সুযোগ সৃষ্টি হয়েছে। আয়ুষ্মান ভারত যোজনা কর্মসংস্থান সৃষ্টিতেও একটি বড় ভূমিকা পালন করেছে। আয়ুষ্মান ভারত প্রকল্পের কারণে দেশে অনেক নতুন হাসপাতাল ও ক্লিনিক তৈরি হয়েছে। কয়েক সপ্তাহ আগে, আমি AIIMS গুয়াহাটি এবং ৩টি মেডিকেল কলেজ উৎসর্গ করার সুযোগ পেয়েছিলাম। গত কয়েক বছরে আসামে ডেন্টাল কলেজও বিস্তৃত হয়েছে। এর মাধ্যমে চিকিৎসা পেশার সঙ্গে যুক্ত তরুণদের কর্মসংস্থানের সুযোগ সৃষ্টি হয়েছে।

বন্ধুগণ ,

আজ তরুণরা এমন অনেক ক্ষেত্রে এগিয়ে যাচ্ছে, যেগুলো নিয়ে দশ বছর আগে কেউ ভাবতেও পারেনি। গত ৯ বছরে স্টার্টআপ ইকোসিস্টেম দেশে লক্ষাধিক প্রত্যক্ষ ও পরোক্ষ কর্মসংস্থান সৃষ্টি করেছে। কৃষি, সামাজিক অনুষ্ঠান, জরিপ এবং প্রতিরক্ষা খাতে, ড্রোনের ক্রমবর্ধমান চাহিদা তরুণদের জন্য নতুন সুযোগ তৈরি করেছে। দেশে আজ যে স্বনির্ভর ভারত অভিযান চলছে তা-ও অনেক নতুন কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি করছে। আজ ভারতে কোটি কোটি মোবাইল ফোন তৈরি হচ্ছে, ব্রডব্যান্ড কানেক্টিভিটি প্রতিটি গ্রামে পৌঁছে যাচ্ছে, এটি বৃহৎ পরিসরে কর্মসংস্থান ও স্ব-কর্মসংস্থানকেও উৎসাহিত করেছে। সরকারে কাজ করার সময়, আপনাকে সর্বদা মনে রাখতে হবে যে কীভাবে একটি পরিকল্পনা, একটি সিদ্ধান্ত মানুষের জীবনকে পরিবর্তন করে।

বন্ধুগণ,

বিজেপি সরকারের নীতির কারণে আজ উত্তর-পূর্ব ভারতের বিপুল সংখ্যক যুবক-যুবতি  উন্নয়নের মূল স্রোতে আসছে। বিজেপি সরকার যুবকদের স্বপ্ন পূরণে প্রতিশ্রুতিবদ্ধ। কর্মসংস্থান এবং স্ব-নির্ভর প্রকল্পের ক্ষেত্রে নতুন নতুন  সুযোগ প্রদান করে, আমরা একটি নতুন ভারত গড়ার দিকে দ্রুত এগিয়ে যাচ্ছি। আবারও আপনাকে এবং আপনার পরিবারের সকল সদস্যদের অনেক অনেক অভিনন্দন।
ধন্যবাদ।

 

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!