ওয়ারাঙ্গালে, প্রধানমন্ত্রী মোদী বলেছেন, কেন্দ্রের প্রকল্পগুলির ফলে তেলেঙ্গানার শিল্প, পর্যটন, যুবকদের উপকৃত হচ্ছে
২০২১ সালের পৌরসভা নির্বাচনে বিজেপি তার ট্রেলার দেখিয়েছে। এখন, তেলেঙ্গানায় আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনে বিআরএস ও কংগ্রেসকে হারাতে চলেছে বিজেপি: প্রধানমন্ত্রী
তেলেঙ্গানায় এমন কোনো প্রকল্প নেই যেখানে দুর্নীতির অভিযোগ নেই। কেসিআর সরকার সবচেয়ে দুর্নীতিগ্রস্ত সরকার: প্রধানমন্ত্রী মোদী
ওয়ারাঙ্গালে, প্রধানমন্ত্রী মোদী মুখ্যমন্ত্রী কে চন্দ্রশেখর রাওকে আক্রমণ করে বলেছেন, কেসিআর পরিবার কোটি টাকার কেলেঙ্কারীতে যুক্ত

भारत माता की.. भारत माता की...
जय मां भद्रकाली, भद्रकालि अम्मवारि महत्यानिकि...
सम्मक्का, सारलम्मा पौरुषानिकि...राणि रुद्रमा पराक्रमानिकि,
प्रख्याति गांचिना वरंगल कु रावडम्, संतोषंगा उंदि...
आज मैं एक बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में वारंगल में आप सबके बीच आया हूं। ये क्षेत्र जनसंघ के ज़माने से ही हमारी विचारधारा का मजबूत किला हुआ करता है। जब संसद में बीजेपी की सिर्फ 2 सीटें थीं, तब हनुमकोंडा से सी जंगा रेड्डी जी सांसद हुआ करते थे। आज बीजेपी दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है, तो इसमें तेलंगाना की इस धरती की बहुत बड़ी भूमिका है। मुझे खुशी है कि अब यहां बीजेपी का निरंतर विस्तार हो रहा है। 2021 में यहां के म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव में बीजेपी अपने प्रभाव का ट्रेलर दिखा चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में आप यहां पहुंचे हैं। इसका संदेश साफ है। अब विधानसभा चुनावों में बीजेपी यहां BRS औऱ कांग्रेस, दोनों का पत्ता साफ करने जा रही है।


साथियो,
यहां आने से पहले मुझे तेलंगाना के विकास से जुड़े हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास करने का अवसर मिला है। इनसे इस क्षेत्र में सुविधा तो बढ़ेगी ही, रोज़गार के भी नए अनेक अवसर बनेंगे। पिछले 9 वर्षों में केंद्र की बीजेपी सरकार ने तेलंगाना के विकास के लिए पूरी शक्ति से काम किया है। आज तेलंगाना में करीब 36 हजार करोड़ रुपए के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। 2014 में तेलंगाना के लिए जो रेल बजट था, आज उसका 17 गुणा अधिक रेल बजट तेलंगाना के पास है। भाजपा का लक्ष्य यही है- तेलंगाना विकसित बने, तेलंगाना भारत को विकसित बनाए। साथियों, भारत की आत्मनिर्भरता में भी तेलंगाना की भूमिका बहुत बड़ी है। जब भारत ने तय किया कि हम कोरोना की अपनी वैक्सीन बनाएंगे तो तेलंगाना के लोगों ने आगे बढ़कर अपना दायित्व निभाया। जब भारत ने तय किया कि हम दवाइयों के लिए कच्चा माल बनाएंगे, तो तेलंगाना के लोग नई ऊर्जा के साथ जुट गए। जब भारत ने तय किया कि हम मेड इन इंडिया पर बल देंगे, तो तेलंगाना के मैन्यूफैक्चरर्स ने पूरी ताकत लगा दी। जब भारत ने तय किया कि हम यूरिया में आत्मनिर्भर होंगे, तो बरसों से बंद रहा रामागुंडम खाद कारखाना फिर सजीव हो उठा। औऱ साथियों, जब भारत ने अपनी रेल को आधुनिक बनाने का फैसला किया, तो भी इसमें तेलंगाना ही अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। अब काजीपेट में वैगन बनाने की नई फैक्ट्री बन रही है। यहां बनने वाले सैकड़ों वैगन भारतीय रेल के विस्तार और एक्सपोर्ट, दोनों को बल देंगे।

भाइयों और बहनों,
बीते 9 वर्षों में पूरी दुनिया में देश का इतना गौरव बढ़ा है, भारत को लेकर आकर्षण बढ़ा है। इसका भी फायदा तेलंगाना को हुआ है। यहां पहले के मुकाबले अब ज्यादा इन्वेस्टमेंट आ रहा है। औऱ इस ज्यादा इंवेस्टमेंट का फायदा तेलंगाना के युवाओं को हो रहा है, उसे नौकरी मिल रही है। भाजपा सरकार ने दुनिया में भारत की जो साख बढ़ाई है, ये उसी का नतीजा है। लेकिन सवाल ये है कि यहां तेलंगाना में जो सरकार है, उसने क्या किया? साथियों, यहां की राज्य सरकार ने सिर्फ चार काम किए हैं। पहला- सुबह-शाम मोदी को, केंद्र सरकार को Regularly, गाली देने का काम किया है। पूरी डिक्शनरी इसी काम में लगाई है। दूसरा काम क्या किया है? एक परिवार को ही सत्ता का केंद्र बनाने का और खुद को तेलंगाना का मालिक साबित करने का काम किया है। तीसरा काम क्या किया है? इन्होंने तेलंगाना के आर्थिक विकास को चौपट कर दिया। चौथा काम क्या किया? चौथा- इन लोगों ने तेलंगाना को भ्रष्टाचार में डुबो दिया। आज तेलंगाना में ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं। KCR सरकार यानि सबसे भ्रष्ट सरकार। और देखिए खेल, अब तो दिल्ली तक इनके भ्रष्टाचार के तार फैल गए हैं। हम पहले दो देशों या दो राज्यों की सरकारों के बीच विकास से जुड़े समझौतों की खबरें सुन करते थे। कि भाई विकास के लिए दो राज्यों ने समझौता किया, पानी के लिए दो राज्यों ने समझौता किया, ऐसी खबरें आती थीं। लेकिन ये पहली बार हुआ है, जब दो राजनीतिक दलों औऱ दो राज्य सरकारों के बीच भ्रष्टाचार की डील के आरोप लगे हैं। ये दुर्भाग्य है कि जिस तेलंगाना के लिए जनता ने इतना संघर्ष किया, इतने बलिदान दिए, उस जनता को ऐसे दिन देखने की नौबत आई है।

साथियों,
मैं एक और बात कहूंगा। यहां सत्ता में जो परिवार बैठा है, जो करोड़ों को घोटालों मे लिप्त है, जिस पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कस रहा है, जिसकी पोल, तेलंगाना के लोगों के सामने खुल चुकी है, वो परिवार अब तेलंगाना की जनता को गुमराह करने के लिए, माइंड डायवर्ट करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे है। आपको इनके हथकंडों से, इनकी चालबाजियों से सावधान रहना है।
साथियों, मैं जब भी तेलंगाना आता हूं, आप सभी लोगों की एक और छटपटाहट समझ आती है। आप लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन इस तरह परिवारवादी राजनीति के शिकंजे में हमारा तेलंगाना फंस जाएगा। परिवारवादियों को सिर्फ अपने बच्चों, अपने बेटे-बेटियों के भविष्य की चिंता होती है। उन्हें देश के, तेलंगाना के, दूसरे बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। औऱ देश के लोगों को, तेलंगाना के लोगों को एक और बात भी नोट करनी होगी। ये जितनी भी परिवारवादी पार्टियां हैं, उनकी नींव भ्रष्टाचार पर खड़ी होती है। परिवारवादी कांग्रेस का भ्रष्टाचार पूरे देश ने देखा है। परिवारवादी BRS का भ्रष्टाचार, पूरा तेलंगाना देख रहा है। कांग्रेस हो या BRS, दोनों ही तेलंगाना के लोगों के लिए घातक हैं। इन दोनों से ही तेलंगाना के लोगों को बच कर रहना है।

साथियों,
किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए सबसे बड़ा पाप होता है अपनी जनता का भरोसा तोड़ना। और यहां की राज्य सरकार ने तेलंगाना के लोगों का भरोसा चकनाचूर करने का पाप किया है। कितनी सारी उम्मीदें लगाई थीं आप लोगों ने। लेकिन हर उम्मीद को तेलंगाना सरकार ने तोड़कर रख दिया। यहां की सरकार अच्छी तरह जानती है कि पिछले 9 साल में उसने तेलंगाना के लोगों को सिर्फ और सिर्फ धोखा दिया है। उसने राज्य में एक के बाद एक भर्ती घोटाले करके, यहां के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है। तेलंगाना आंदोलन के वो दिन मैं कभी भूल नहीं सकता। कितनी बड़ी-बड़ी बातें कहीं गई थीं कि हम यहां लाखों भर्तियां करेंगे, युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे। लेकिन आपको इन लोगों ने सिर्फ और सिर्फ झूठ ही दिया है। तेलंगाना में भ्रष्टाचार का जो खुला खेल चल रहा है, इसका सबसे बड़ा नुकसान यहां के युवाओं को, उठाना पड़ रहा है। तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन स्कैम के बारे में कौन नहीं जानता? पिछले 9 वर्षों से तेलंगाना के लाखों नौजवान सरकारी भर्तियों का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन यहां की सरकार ने सरकारी नौकरियों को अपने नेताओं की तिजोरी भरने का माध्यम बना लिया है।

साथियों,
तेलंगाना की 12 यूनिवर्सिटीज में higher education को तबाह करके यहां की सरकार ने लाखों नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। आज भी तेलंगाना की यूनिवर्सिटीज में 3 हजार से ज्यादा टीचर्स के पद खाली पड़े हैं। आज भी तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में टीचर्स की 15 हजार से ज्यादा पोस्ट खाली पड़ी हैं।
क्या ये इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ विश्वासघात नहीं है क्या, धोखा नहीं है क्या? इन लोगों ने आपसे वायदा किया था कि हर बेरोजगार को 3 हजार रुपए का भत्ता देंगे। ये वायदा करके भी तेलंगाना सरकार ने नौजवानों को सिर्फ धोखा दिया विश्वासघात किया। इन लोगों ने आपसे वायदा किया था कि गरीबों को 2 बेड रूम वाले 7 लाख फ्लैट बनाकर देंगे। ये वायदा भी यहां की सरकार पूरा नहीं कर पाई है। ये लोग किसानों के एक लाख रुपए तक के कर्ज को माफ करने की बात भी कहा करते थे। लेकिन इस वायदे पर भी इनकी सरकार ने तेलंगाना के लोगों को सिर्फ विश्वासघात ही दिया है।

साथियों,
मुझे पता है कि तेलंगाना की ग्रामीण पंचायतें, यहां के सरपंच, यहां की सरकार से कितने गुस्से में है कितने नाराज हैं। ये बीजेपी की केंद्र सरकार है जिसने तेलंगाना की ग्राम पंचायतों को 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा सीधा देने का सुनिश्चित किया है। यहां की ग्राम पंचायतें ज्यादातर काम सेंट्रल फंड से ही करा रही हैं। KCR सरकार यहां ग्राम पंचायतों के सामने लगातार मुश्किलें खड़ी कर रही है। इसलिए तेलंगाना की हजारों पंचायतें भी अब, यहां की परिवारवादी सरकार को पटखनी देने का इरादा कर चुकी हैं।

साथियों,
बीजेपी सरकार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांवों में ज्यादा से ज्यादा खर्च कर रही है। Paddy procurement के माध्यम से यहां के धान किसानों को पिछले 9 साल में एक लाख 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा दिए गए हैं। मनरेगा के तहत तेलंगाना के गांवों में करीब-करीब 25 हजार करोड़ रुपए का काम कराया गया है। पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए भी तेलंगाना के करीब 40 लाख किसानों के बैंक खाते में 9 हजार करोड़ रुपए सीधे भेजे गए हैं। पीएम आवास योजना के तहत जो करोड़ों घर बनाए गए हैं, उनसे भी हजारों करोड़ रुपए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पहुंचे हैं। साथियों, बीजेपी ने निरंतर प्रयास किया है कि किसानों को सशक्त करे, उनके खर्च कम करे, उनकी आय बढ़ाए। हमने लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी देने का वादा किया था, हमने वो गारंटी को पूरा करके दिखाया। हमने दाल की MSP पर रिकॉर्ड खरीदी कर के हमने गारंटी पूरी की। हमने सिंचाई के नेटवर्क को सशक्त करने का वादा किया था, वो गारंटी भी हमने पूरी की। किसानों को कोल्ड स्टोरेज की दिक्कत ना हो, इसके लिए दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण योजना पर काम हो रहा है। आप जानते हैं कि जो 7 मेगा-टेक्सटाइल पार्क देश में बनने वाले हैं, उनमें से भी एक यहां तेलंगाना में बनने जा रहा है। इन सभी प्रयासों का लाभ यहां के किसानों को होगा, हमारे कॉटन ग्रोअर किसानों को होगा।

भाइयों और बहनों,
तेलंगाना की सरकार ने गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासियों को सिर्फ झूठे वादे दिए, झूठी घोषणाएं दीं। लेकिन केंद्र की बीजेपी सरकार ने सही मायने में इन वर्गों को सशक्त किया है। वारंगल सहित इस पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी और पिछड़े समाज के लोग रहते हैं। पहले की सरकारों में हमारे आदिवासी भाई-बहनों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता था। सड़कें हों, पीने का पानी हो, स्कूल हो, अस्पताल हो, हमारे ट्राइबल भाई-बहन का नंबर सबसे अंत में आता था। आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए बीजेपी ने पहले की सरकारों की सोच और अप्रोच दोनों को बदल दिया। हमने आदिवासी क्षेत्रों में सैकड़ों नए एकलव्य मॉडल स्कूल खोले। हमने वन-उपज के सही दाम देने के लिए MSP का दायरा बढ़ाया। हमने वनधन केंद्रों के माध्यम से रोज़गार के नए साधन तैयार किए। आज आप देख रहे हैं कि इन आदिवासी क्षेत्रों में सिक्स लेन के, फोर लेन के हाईवे बन रहे हैं, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहे हैं। मिशन मोड पर 4G नेटवर्क की सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। आदिवासी परिवारों में सिकल सेल एनीमिया की भी बहुत बड़ी दिक्कत थी। अब बीजेपी सरकार ने सिकल सेल अनीमिया को जड़ से हटाने के लिए भी अभियान शुरु किया है।

साथियों,
आजकल कुछ लोग चुनाव से पहले, जनता को गुमराह करने के लिए झूठी गारंटी लेकर आ रहे हैं। बीजेपी चुनाव के लिए झूठी बातें या झूठे गारंटी कार्ड नहीं बांटती। अगर बीजेपी हर गरीब परिवार को मुफ्त राशन देने की बात करती है, तो पूरा राशन गरीब के किचन तक पहुंचता है। बीजेपी अगर आयुष्मान भारत कार्ड देती है, तो 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज हर गरीब परिवार को मिलने लगता है। अगर बीजेपी घर-घर टॉयलेट बनाने का अभियान शुरु करती है, तो हर गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी के घर तक सुविधा पहुंचती है। अगर बीजेपी गरीब परिवारों की बहनों को नल से जल देने का भरोसा देती है, तो ये काम पूरा करके भी दिखाती है। तेलंगाना की जनता ये सबकुछ अनुभव कर रही है। इसलिए आज तेलंगाना की आकांक्षा है, आशा-अपेक्षा है- अबकी बार, बीजेपी सरकार ! यही भाव मैं यहां वारंगल में देख रहा हूं, तेलंगाना में देख रहा हूं। भाइयों-बहनों ये बड़ी संख्या में आपकी मौजूदगी हैदराबाद में उस परिवार की नींद हराम कर रही है। और मैं देख रहा हूं कि अब तेलंगाना के लोगों ने भाजपा की सरकार बनाने का फैसला कर लिया है। मैं फिर एक बार आप सब को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद!
मेरे साथ बोलिए... भारत माता की...
दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए.. भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

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March 23, 2026
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From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!