In Warangal, PM Modi says Centre's projects benefitting Telangana's industry, tourism, youth
BJP showed its trailer in the 2021 municipal elections. Now, BJP is going to sweep out BRS and Congress in the upcoming Assembly elections in Telangana: PM
There's no project in Telangana that doesn't have allegations of corruption. KCR government is the most corrupt government: PM Modi
In Warangal, PM Modi hits out at CM K Chandrashekar Rao, says the KCR family is drowned in scams worth crores

भारत माता की.. भारत माता की...
जय मां भद्रकाली, भद्रकालि अम्मवारि महत्यानिकि...
सम्मक्का, सारलम्मा पौरुषानिकि...राणि रुद्रमा पराक्रमानिकि,
प्रख्याति गांचिना वरंगल कु रावडम्, संतोषंगा उंदि...
आज मैं एक बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में वारंगल में आप सबके बीच आया हूं। ये क्षेत्र जनसंघ के ज़माने से ही हमारी विचारधारा का मजबूत किला हुआ करता है। जब संसद में बीजेपी की सिर्फ 2 सीटें थीं, तब हनुमकोंडा से सी जंगा रेड्डी जी सांसद हुआ करते थे। आज बीजेपी दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है, तो इसमें तेलंगाना की इस धरती की बहुत बड़ी भूमिका है। मुझे खुशी है कि अब यहां बीजेपी का निरंतर विस्तार हो रहा है। 2021 में यहां के म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव में बीजेपी अपने प्रभाव का ट्रेलर दिखा चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में आप यहां पहुंचे हैं। इसका संदेश साफ है। अब विधानसभा चुनावों में बीजेपी यहां BRS औऱ कांग्रेस, दोनों का पत्ता साफ करने जा रही है।


साथियो,
यहां आने से पहले मुझे तेलंगाना के विकास से जुड़े हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास करने का अवसर मिला है। इनसे इस क्षेत्र में सुविधा तो बढ़ेगी ही, रोज़गार के भी नए अनेक अवसर बनेंगे। पिछले 9 वर्षों में केंद्र की बीजेपी सरकार ने तेलंगाना के विकास के लिए पूरी शक्ति से काम किया है। आज तेलंगाना में करीब 36 हजार करोड़ रुपए के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। 2014 में तेलंगाना के लिए जो रेल बजट था, आज उसका 17 गुणा अधिक रेल बजट तेलंगाना के पास है। भाजपा का लक्ष्य यही है- तेलंगाना विकसित बने, तेलंगाना भारत को विकसित बनाए। साथियों, भारत की आत्मनिर्भरता में भी तेलंगाना की भूमिका बहुत बड़ी है। जब भारत ने तय किया कि हम कोरोना की अपनी वैक्सीन बनाएंगे तो तेलंगाना के लोगों ने आगे बढ़कर अपना दायित्व निभाया। जब भारत ने तय किया कि हम दवाइयों के लिए कच्चा माल बनाएंगे, तो तेलंगाना के लोग नई ऊर्जा के साथ जुट गए। जब भारत ने तय किया कि हम मेड इन इंडिया पर बल देंगे, तो तेलंगाना के मैन्यूफैक्चरर्स ने पूरी ताकत लगा दी। जब भारत ने तय किया कि हम यूरिया में आत्मनिर्भर होंगे, तो बरसों से बंद रहा रामागुंडम खाद कारखाना फिर सजीव हो उठा। औऱ साथियों, जब भारत ने अपनी रेल को आधुनिक बनाने का फैसला किया, तो भी इसमें तेलंगाना ही अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। अब काजीपेट में वैगन बनाने की नई फैक्ट्री बन रही है। यहां बनने वाले सैकड़ों वैगन भारतीय रेल के विस्तार और एक्सपोर्ट, दोनों को बल देंगे।

भाइयों और बहनों,
बीते 9 वर्षों में पूरी दुनिया में देश का इतना गौरव बढ़ा है, भारत को लेकर आकर्षण बढ़ा है। इसका भी फायदा तेलंगाना को हुआ है। यहां पहले के मुकाबले अब ज्यादा इन्वेस्टमेंट आ रहा है। औऱ इस ज्यादा इंवेस्टमेंट का फायदा तेलंगाना के युवाओं को हो रहा है, उसे नौकरी मिल रही है। भाजपा सरकार ने दुनिया में भारत की जो साख बढ़ाई है, ये उसी का नतीजा है। लेकिन सवाल ये है कि यहां तेलंगाना में जो सरकार है, उसने क्या किया? साथियों, यहां की राज्य सरकार ने सिर्फ चार काम किए हैं। पहला- सुबह-शाम मोदी को, केंद्र सरकार को Regularly, गाली देने का काम किया है। पूरी डिक्शनरी इसी काम में लगाई है। दूसरा काम क्या किया है? एक परिवार को ही सत्ता का केंद्र बनाने का और खुद को तेलंगाना का मालिक साबित करने का काम किया है। तीसरा काम क्या किया है? इन्होंने तेलंगाना के आर्थिक विकास को चौपट कर दिया। चौथा काम क्या किया? चौथा- इन लोगों ने तेलंगाना को भ्रष्टाचार में डुबो दिया। आज तेलंगाना में ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं। KCR सरकार यानि सबसे भ्रष्ट सरकार। और देखिए खेल, अब तो दिल्ली तक इनके भ्रष्टाचार के तार फैल गए हैं। हम पहले दो देशों या दो राज्यों की सरकारों के बीच विकास से जुड़े समझौतों की खबरें सुन करते थे। कि भाई विकास के लिए दो राज्यों ने समझौता किया, पानी के लिए दो राज्यों ने समझौता किया, ऐसी खबरें आती थीं। लेकिन ये पहली बार हुआ है, जब दो राजनीतिक दलों औऱ दो राज्य सरकारों के बीच भ्रष्टाचार की डील के आरोप लगे हैं। ये दुर्भाग्य है कि जिस तेलंगाना के लिए जनता ने इतना संघर्ष किया, इतने बलिदान दिए, उस जनता को ऐसे दिन देखने की नौबत आई है।

साथियों,
मैं एक और बात कहूंगा। यहां सत्ता में जो परिवार बैठा है, जो करोड़ों को घोटालों मे लिप्त है, जिस पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कस रहा है, जिसकी पोल, तेलंगाना के लोगों के सामने खुल चुकी है, वो परिवार अब तेलंगाना की जनता को गुमराह करने के लिए, माइंड डायवर्ट करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे है। आपको इनके हथकंडों से, इनकी चालबाजियों से सावधान रहना है।
साथियों, मैं जब भी तेलंगाना आता हूं, आप सभी लोगों की एक और छटपटाहट समझ आती है। आप लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन इस तरह परिवारवादी राजनीति के शिकंजे में हमारा तेलंगाना फंस जाएगा। परिवारवादियों को सिर्फ अपने बच्चों, अपने बेटे-बेटियों के भविष्य की चिंता होती है। उन्हें देश के, तेलंगाना के, दूसरे बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। औऱ देश के लोगों को, तेलंगाना के लोगों को एक और बात भी नोट करनी होगी। ये जितनी भी परिवारवादी पार्टियां हैं, उनकी नींव भ्रष्टाचार पर खड़ी होती है। परिवारवादी कांग्रेस का भ्रष्टाचार पूरे देश ने देखा है। परिवारवादी BRS का भ्रष्टाचार, पूरा तेलंगाना देख रहा है। कांग्रेस हो या BRS, दोनों ही तेलंगाना के लोगों के लिए घातक हैं। इन दोनों से ही तेलंगाना के लोगों को बच कर रहना है।

साथियों,
किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए सबसे बड़ा पाप होता है अपनी जनता का भरोसा तोड़ना। और यहां की राज्य सरकार ने तेलंगाना के लोगों का भरोसा चकनाचूर करने का पाप किया है। कितनी सारी उम्मीदें लगाई थीं आप लोगों ने। लेकिन हर उम्मीद को तेलंगाना सरकार ने तोड़कर रख दिया। यहां की सरकार अच्छी तरह जानती है कि पिछले 9 साल में उसने तेलंगाना के लोगों को सिर्फ और सिर्फ धोखा दिया है। उसने राज्य में एक के बाद एक भर्ती घोटाले करके, यहां के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है। तेलंगाना आंदोलन के वो दिन मैं कभी भूल नहीं सकता। कितनी बड़ी-बड़ी बातें कहीं गई थीं कि हम यहां लाखों भर्तियां करेंगे, युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे। लेकिन आपको इन लोगों ने सिर्फ और सिर्फ झूठ ही दिया है। तेलंगाना में भ्रष्टाचार का जो खुला खेल चल रहा है, इसका सबसे बड़ा नुकसान यहां के युवाओं को, उठाना पड़ रहा है। तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन स्कैम के बारे में कौन नहीं जानता? पिछले 9 वर्षों से तेलंगाना के लाखों नौजवान सरकारी भर्तियों का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन यहां की सरकार ने सरकारी नौकरियों को अपने नेताओं की तिजोरी भरने का माध्यम बना लिया है।

साथियों,
तेलंगाना की 12 यूनिवर्सिटीज में higher education को तबाह करके यहां की सरकार ने लाखों नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। आज भी तेलंगाना की यूनिवर्सिटीज में 3 हजार से ज्यादा टीचर्स के पद खाली पड़े हैं। आज भी तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में टीचर्स की 15 हजार से ज्यादा पोस्ट खाली पड़ी हैं।
क्या ये इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ विश्वासघात नहीं है क्या, धोखा नहीं है क्या? इन लोगों ने आपसे वायदा किया था कि हर बेरोजगार को 3 हजार रुपए का भत्ता देंगे। ये वायदा करके भी तेलंगाना सरकार ने नौजवानों को सिर्फ धोखा दिया विश्वासघात किया। इन लोगों ने आपसे वायदा किया था कि गरीबों को 2 बेड रूम वाले 7 लाख फ्लैट बनाकर देंगे। ये वायदा भी यहां की सरकार पूरा नहीं कर पाई है। ये लोग किसानों के एक लाख रुपए तक के कर्ज को माफ करने की बात भी कहा करते थे। लेकिन इस वायदे पर भी इनकी सरकार ने तेलंगाना के लोगों को सिर्फ विश्वासघात ही दिया है।

साथियों,
मुझे पता है कि तेलंगाना की ग्रामीण पंचायतें, यहां के सरपंच, यहां की सरकार से कितने गुस्से में है कितने नाराज हैं। ये बीजेपी की केंद्र सरकार है जिसने तेलंगाना की ग्राम पंचायतों को 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा सीधा देने का सुनिश्चित किया है। यहां की ग्राम पंचायतें ज्यादातर काम सेंट्रल फंड से ही करा रही हैं। KCR सरकार यहां ग्राम पंचायतों के सामने लगातार मुश्किलें खड़ी कर रही है। इसलिए तेलंगाना की हजारों पंचायतें भी अब, यहां की परिवारवादी सरकार को पटखनी देने का इरादा कर चुकी हैं।

साथियों,
बीजेपी सरकार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांवों में ज्यादा से ज्यादा खर्च कर रही है। Paddy procurement के माध्यम से यहां के धान किसानों को पिछले 9 साल में एक लाख 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा दिए गए हैं। मनरेगा के तहत तेलंगाना के गांवों में करीब-करीब 25 हजार करोड़ रुपए का काम कराया गया है। पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए भी तेलंगाना के करीब 40 लाख किसानों के बैंक खाते में 9 हजार करोड़ रुपए सीधे भेजे गए हैं। पीएम आवास योजना के तहत जो करोड़ों घर बनाए गए हैं, उनसे भी हजारों करोड़ रुपए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पहुंचे हैं। साथियों, बीजेपी ने निरंतर प्रयास किया है कि किसानों को सशक्त करे, उनके खर्च कम करे, उनकी आय बढ़ाए। हमने लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी देने का वादा किया था, हमने वो गारंटी को पूरा करके दिखाया। हमने दाल की MSP पर रिकॉर्ड खरीदी कर के हमने गारंटी पूरी की। हमने सिंचाई के नेटवर्क को सशक्त करने का वादा किया था, वो गारंटी भी हमने पूरी की। किसानों को कोल्ड स्टोरेज की दिक्कत ना हो, इसके लिए दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण योजना पर काम हो रहा है। आप जानते हैं कि जो 7 मेगा-टेक्सटाइल पार्क देश में बनने वाले हैं, उनमें से भी एक यहां तेलंगाना में बनने जा रहा है। इन सभी प्रयासों का लाभ यहां के किसानों को होगा, हमारे कॉटन ग्रोअर किसानों को होगा।

भाइयों और बहनों,
तेलंगाना की सरकार ने गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासियों को सिर्फ झूठे वादे दिए, झूठी घोषणाएं दीं। लेकिन केंद्र की बीजेपी सरकार ने सही मायने में इन वर्गों को सशक्त किया है। वारंगल सहित इस पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी और पिछड़े समाज के लोग रहते हैं। पहले की सरकारों में हमारे आदिवासी भाई-बहनों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता था। सड़कें हों, पीने का पानी हो, स्कूल हो, अस्पताल हो, हमारे ट्राइबल भाई-बहन का नंबर सबसे अंत में आता था। आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए बीजेपी ने पहले की सरकारों की सोच और अप्रोच दोनों को बदल दिया। हमने आदिवासी क्षेत्रों में सैकड़ों नए एकलव्य मॉडल स्कूल खोले। हमने वन-उपज के सही दाम देने के लिए MSP का दायरा बढ़ाया। हमने वनधन केंद्रों के माध्यम से रोज़गार के नए साधन तैयार किए। आज आप देख रहे हैं कि इन आदिवासी क्षेत्रों में सिक्स लेन के, फोर लेन के हाईवे बन रहे हैं, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहे हैं। मिशन मोड पर 4G नेटवर्क की सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। आदिवासी परिवारों में सिकल सेल एनीमिया की भी बहुत बड़ी दिक्कत थी। अब बीजेपी सरकार ने सिकल सेल अनीमिया को जड़ से हटाने के लिए भी अभियान शुरु किया है।

साथियों,
आजकल कुछ लोग चुनाव से पहले, जनता को गुमराह करने के लिए झूठी गारंटी लेकर आ रहे हैं। बीजेपी चुनाव के लिए झूठी बातें या झूठे गारंटी कार्ड नहीं बांटती। अगर बीजेपी हर गरीब परिवार को मुफ्त राशन देने की बात करती है, तो पूरा राशन गरीब के किचन तक पहुंचता है। बीजेपी अगर आयुष्मान भारत कार्ड देती है, तो 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज हर गरीब परिवार को मिलने लगता है। अगर बीजेपी घर-घर टॉयलेट बनाने का अभियान शुरु करती है, तो हर गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी के घर तक सुविधा पहुंचती है। अगर बीजेपी गरीब परिवारों की बहनों को नल से जल देने का भरोसा देती है, तो ये काम पूरा करके भी दिखाती है। तेलंगाना की जनता ये सबकुछ अनुभव कर रही है। इसलिए आज तेलंगाना की आकांक्षा है, आशा-अपेक्षा है- अबकी बार, बीजेपी सरकार ! यही भाव मैं यहां वारंगल में देख रहा हूं, तेलंगाना में देख रहा हूं। भाइयों-बहनों ये बड़ी संख्या में आपकी मौजूदगी हैदराबाद में उस परिवार की नींद हराम कर रही है। और मैं देख रहा हूं कि अब तेलंगाना के लोगों ने भाजपा की सरकार बनाने का फैसला कर लिया है। मैं फिर एक बार आप सब को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद!
मेरे साथ बोलिए... भारत माता की...
दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए.. भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

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March 14, 2026
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We consider border villages as the nation’s first villages; the next phase of the Vibrant Village Programme was launched from Cachar district to boost development in several Barak Valley villages as well: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!