২৯টি প্রাচীন নিদর্শন ভারতকে ফিরিয়ে দেওয়ার জন্য অস্ট্রেলিয়ার প্রধানমন্ত্রী স্কট মরিসনকে ধন্যবাদ জানিয়েছেন প্রধানমন্ত্রী মোদী
প্রধানমন্ত্রী মোদী এবং অস্ট্রেলিয়ার প্রধানমন্ত্রী ব্যাপক কৌশলগত অংশীদারিত্বের অধীনে অগ্রগতি পর্যালোচনা করেছেন

আমার প্রিয় বন্ধু স্কট, নমস্কার!
 
দোল উৎসব ও নির্বাচনে জয়ী হওয়ায় আপনি যে শুভেচ্ছা জানিয়েছেন তার জন্য আপনার আছে আমি অত্যন্ত কৃতজ্ঞ।
 
ক্যুইন্সল্যান্ড ও নিউ সাউথ ওয়েলসে বন্যার দরুণ জীবন ও সম্পত্তির ক্ষয়-ক্ষতিতে সমস্ত ভারতবাসীর পক্ষ থেকে আমি আমার সমবেদনা জানাই। 
 
আমাদের সর্বশেষ ভার্চুয়াল শীর্ষ বৈঠকের সময় আমরা আমাদের সম্পর্ককে এক সর্বাঙ্গীন কৌশলগত অংশীদারিত্বে উন্নীত করেছি। আমি অত্যন্ত আনন্দিত যে, আমরা দুই দেশের মধ্যে বার্ষিক শীর্ষ বৈঠকের জন্য প্রয়োজনীয় ব্যবস্থা প্রণয়ন করছি। এই ব্যবস্থা আমাদের সম্পর্কের নিয়মিত পর্যালোচনায় এক কাঠামোগত প্রণালী গড়ে তুলবে।  
 
ভদ্রমহোদায় / মহোদয়াগণ,
 
আমাদের সম্পর্কে গত কয়েকবছরে লক্ষ্যণীয় অগ্রগতি হয়েছে। বাণিজ্য ও বিনিয়োগ, প্রতিরক্ষা ও নিরাপত্তা, শিক্ষা ও উদ্ভাবন, বিজ্ঞান ও প্রযুক্তি - এই সমস্ত ক্ষেত্রে আমাদের মধ্যে নিবিড় সম্পর্ক রয়েছে। আরও কয়েকটি ক্ষেত্রে আমাদের সহযোগিতায় দ্রুত অগ্রগতি হয়েছে। এরমধ্যে রয়েছে, গুরুত্বপূর্ণ খনিজ, জলসম্পদ পরিচালনা, পুনর্নবিকরণযোগ্য শক্তি এবং কোভিড-১৯ নিয়ে গবেষণা। আমি ব্যাঙ্গালুরুতে অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ ও উদীয়মান প্রযুক্তি নীতি সম্পর্কিত উৎকর্ষ কেন্দ্র স্থাপনের প্রস্তাবকে আন্তরিক ভাবে স্বাগত জানাই। এটা অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ যে আমাদের মধ্যে সাইবার তথা গুরুত্বপূর্ণ ও উদীয়মান প্রযুক্তির ক্ষেত্রে সুসম্পর্ক রয়েছে। তাই, আমাদের মত অভিন্ন দৃষ্টিভঙ্গী গ্রহণকারী দেশগুলির কাছে উদীয়মান প্রযুক্তির বিভিন্ন বিষয়ে আন্তর্জাতিক মানের যথোপযুক্ত মানক ব্যবস্থা গ্রহণ করা অত্যন্ত জরুরী। 
 
ভদ্রমহোদায় / মহোদয়াগণ,
 
আমাদের মধ্যে সর্বাঙ্গীন অর্থনৈতিক সহযোগিতা চুক্তি সম্পর্কে আপনি যে কথা বলেছেন, সেই প্রেক্ষিতে আমি এটা বলতে চাই যে, অল্প সময়ের মধ্যে এক্ষেত্রে লক্ষ্যণীয় অগ্রগতি হয়েছে। বাকি বিষয়গুলিতেও শীঘ্রই সহমতে পৌঁছনো সম্ভব হবে বলে আমার বিশ্বাস। তাই আমাদের অর্থনৈতিক সম্পর্ক, অর্থ ব্যবস্থার পুনরুজ্জীবন এবং আর্থিক নিরাপত্তার ক্ষেত্রে সর্বাঙ্গীন অর্থনৈতিক সহযোগিতা চুক্তি দ্রুত কার্যকর করা অত্যন্ত জরুরী। 
 
কোয়াড বা চতুর্দেশীয় অক্ষ গোষ্ঠীভুক্ত দেশগুলির সঙ্গে আমাদের সুসম্পর্ক রয়েছে। এক অবাধ, উদার ও অন্তর্ভুক্তিমূলক ভারত - প্রশান্ত মহাসাগরীয় অঞ্চল গড়ে তোলার লক্ষ্যে আমাদের অঙ্গীকার আমাদের সহযোগিতার মধ্যে প্রতিফলিত হয়। কোয়াডের সাফল্য এই অঞ্চলের এবং সমগ্র বিশ্বের স্থিতিশীলতার জন্য অত্যন্ত জরুরী। 
 
ভদ্রমহোদায় / মহোদয়াগণ,
 
প্রাচীন ভারতীয় প্রত্ন সামগ্রী ফিরিয়ে দেওয়ার যে উদ্যোগ নেওয়া হয়েছে তার জন্য আমি আপনাকে বিশেষ ভাবে স্বাগত জানাই। আপনি যে সমস্ত প্রত্ন সামগ্রী ফেরত পাঠিয়েছেন তারমধ্যে রয়েছে কয়েক শতাব্দী প্রাচীন বেশ কয়েকটি মূর্তি সহ রাজস্থান, পশ্চিমবঙ্গ, গুজরাট, হিমাচল প্রদেশ এবং ভারতের অন্যান্য রাজ্য থেকে চোরাচালান হওয়া রঙিন চিত্র প্রভৃতি। এজন্য আমি সমস্ত ভারতবাসীর পক্ষ থেকে আপনাকে আমার বিশেষ কৃতজ্ঞতা জানাই। আপনি ইতিমধ্যেই যে সমস্ত প্রাচীন মূর্তি ও অন্যান্য সামগ্রী ফিরিয়ে দিয়েছেন, সেগুলি তাদের যথা স্থানে পাঠিয়ে দেওয়া হবে। প্রাচীন প্রত্ন সামগ্রী ও আলোকচিত্র ফিরিয়ে দেওয়ার যে উদ্যোগ নিয়েছেন, তার জন্য আমি আরও একবার আপনাকে আমার আন্তরিক কৃতজ্ঞতা জানাই। 
 
ক্রিকেট বিশ্বকাপে অস্ট্রেলিয়ার মহিলা ক্রিকেট দলের অসামান্য সাফল্যের জন্য আপনাকে অনেক অভিনন্দন। শনিবারের খেলায় অস্ট্রেলিয়া জয়ী হয়েছে। তবে, প্রতিযোগিতা এখনও শেষ হয়নি। দুই দেশের দলকেই আমি শুভকামনা জানাই। 
 
ভদ্রমহোদায় / মহোদয়াগণ,
 
আরও একবার আমি আজ আপনার সঙ্গে দৃষ্টিভঙ্গি ব্যক্ত করার সুযোগ পেয়ে অত্যন্ত আনন্দিত। 
 
সংবাদমাধ্যমের বন্ধুদের ধন্যবাদ জানিয়ে আমি এই অধিবেশনের সমাপ্তি ঘোষণা করি। এবার কয়েক মুহূর্ত পরেই পরবর্তী বিষয় সম্পর্কে আমার দৃষ্টিভঙ্গি ব্যক্ত করবো। 
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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!