Published By : Admin |
September 5, 2022 | 18:25 IST
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“Sarvepalli Radhakrishnan's efforts in the field of education inspire all of us”
“It is all the more important to be felicitated by the current President of India who is also a teacher”
“The role of a teacher is to show the light to a person, and it is them who sow the dreams and teach them to turn the dreams into resolve”
“There is a need to imbibe the National Educational Policy in such a way that this government document turns into the basis of the students' lives”
“There should be no student in the entire country who does not have a dream for 2047”
“Need to recreate the spirit that engulfed the nation during the years between Dandi Yatra and Quit India”
শিক্ষক দিবস উপলক্ষে জাতীয় পুরস্কার বিজয়ী শিক্ষকদের সঙ্গে আজ এক আলাপচারিতায় মিলিত হলেন প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী। এই উপলক্ষে আয়োজিত এক সমাবেশে প্রধানমন্ত্রী বলেন, শিক্ষকের দায়িত্ব হল মানুষকে সঠিক পথ দেখানো। শিক্ষকরাই তাঁর ছাত্রছাত্রীদের মনে স্বপ্ন বুনতে সাহায্য করেন এবং সেই স্বপ্নকে কিভাবে সঙ্কল্পের মাধ্যমে মূর্ত করে তুলতে হয় তাও তাঁরা শিক্ষাদানের মাধ্যমে বাতলে দেন। মনে রাখতে হবে যে আগামী ২০৪৭ সালের ভারত নির্ভরশীল আজকের ছাত্রছাত্রীদের ওপর। তাই, সেই সমস্ত ছাত্রছাত্রীর ভবিষ্যৎ গঠনের দায়িত্ব পালন করতে হবে শিক্ষকদেরই। শিক্ষকদের উদ্দেশ্য করে প্রধানমন্ত্রী বলেন, ছাত্রছাত্রীদের জীবন গড়ে তুলতে আপনারাই সাহায্য করে থাকেন এবং এইভাবে দেশ গঠনের স্বপ্নকেও আপনারা মূর্ত করে তুলতে পারেন। শ্রী মোদী বলেন, শিক্ষক যখন তাঁর ছাত্রছাত্রীদের স্বপ্নের সঙ্গে একাত্ম বোধ করেন তখন শিক্ষার্থীদের ভালোবাসা, শ্রদ্ধা ও সম্ভ্রমও তাঁরা আদায় করে নিতে পারেন।
ছাত্রছাত্রীদের জীবনের বিভিন্ন খাতে যে সমস্ত দ্বিধা ও সঙ্কট এসে উপস্থিত হয় তা দূর করার দায়িত্বও পালন করা উচিৎ শিক্ষকদেরই। শিক্ষাক্ষেত্রে, সমাজে এবং পারিবারিক পরিবেশ ও পরিস্থিতিতে ছাত্রছাত্রীরা যাতে কোনো সঙ্কটের মুখোমুখি না হন তা আমাদের নিশ্চিত করে তোলা উচিৎ। ছাত্রছাত্রীদের সঠিকভাবে বেড়ে ওঠার পেছনে শিক্ষকদের পাশাপাশি তার পরিবারের অন্যান্যদেরও সমান দায়িত্ব রয়েছে। তাই, ছাত্রছাত্রীদের মধ্যে কোনরকম ভেদাভেদ না তাদের প্রতি করে সমান আচরণ করা উচিৎ বলে মনে করেন প্রধানমন্ত্রী।
জাতীয় শিক্ষানীতি যেভাবে সমাজের বিভিন্ন ক্ষেত্রে প্রশংসা লাভ করেছে তার উল্লেখ করে প্রধানমন্ত্রী বলেন যে সঠিক দিশার পথে এ হল এক পদক্ষেপ মাত্র। জাতীয় শিক্ষানীতির বিষয়টি বারংবার অনুধাবন করে মহাত্মা গান্ধীর পথ অনুসরণ করা উচিৎ বলে উল্লেখ করেন তিনি। প্রধানমন্ত্রী বলেন, গান্ধীজি শ্রীভাগবত গীতা যতবারই পাঠ করতেন, প্রত্যেকবারই তিনি তার নতুন নতুন অর্থ খুঁজে পেতেন। তাই, জাতীয় শিক্ষানীতিকে এমনভাবে গ্রহণ করা উচিৎ যাতে এই মূল্যবান সরকারি দলিলটি ছাত্রছাত্রীদের জীবনের ভিত গড়ে তুলতে সাহায্য করে। এই শিক্ষানীতি রচনার কাজে শিক্ষকরা যে অন্যতম প্রধান ভূমিকা পালন করেছেন, একথাও স্মরণ করিয়ে দেন শ্রী নরেন্দ্র মোদী। তাই, জাতীয় শিক্ষানীতির বাস্তবায়নে শিক্ষকদের এক অতীব গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা রয়েছে বলে উল্লেখ করেন তিনি।
স্বাধীনতা দিবসের ভাষণে যে পাঁচটি ‘প্রাণ’ বা মন্ত্রের কথা উল্লেখ করেছেন প্রধানমন্ত্রী, সেই প্রসঙ্গে তিনি বলেন যে শিক্ষায়তনগুলিতে এই পাঁচটি ‘প্রাণ’ বা মন্ত্র সম্পর্কে নিয়মিতভাবে আলোচনার প্রয়োজন রয়েছে যাতে এই পাঁচটি মন্ত্রের শক্তি অনুভব ও উপলব্ধি করতে পারেন শিক্ষার্থীরা। এই পাঁচটি মন্ত্রের মাধ্যমে যে সঙ্কল্প গ্রহণের কথা বলা হয়েছে তা জাতির সমৃদ্ধি ও অগ্রগতির পক্ষে বিশেষ সহায়ক বলে উচ্চ প্রশংসিত হয়েছে। তাই, এই পাঁচটি ‘প্রাণ’ বা মন্ত্রের বার্তা কিশোর ছাত্রছাত্রীদের কাছে পৌঁছে দেওয়া উচিৎ। প্রধানমন্ত্রী বলেন, ২০৪৭ সালের ভারত গঠনের স্বপ্ন নেই, এ ধরনের কোনো শিক্ষার্থীকে বোধহয় সারা দেশে খুঁজে পাওয়া যাবে না। ‘ডান্ডি যাত্রা’ এবং ‘ভারত ছাড়ো আন্দোলন’-এর সময় যে প্রাণশক্তি জাতিকে অনুপ্রাণিত করেছিল তা আবার নতুনভাবে উজ্জীবিত করার সময় এখন উপস্থিত।
যুক্তরাজ্যকে ছাপিয়ে বিশ্বে ভারতের পঞ্চম বৃহত্তম অর্থনীতির দেশ হয়ে ওঠার সাফল্যের কথা তুলে ধরে প্রধানমন্ত্রী বলেন, ২৫০ বছর ধরে যারা ভারতকে শাসন করে এসেছিল, তাদের ছাপিয়ে যাওয়ার মধ্যে এক ধরনের আনন্দ ও অভিব্যক্তি আমাদের সকলের মধ্যে কাজ করে। ভারতের ত্রিবর্ণ রঞ্জিত পতাকার শক্তি ও মাহাত্ম্যের কথা উল্লেখ করে প্রধানমন্ত্রী বলেন, এই শক্তির পুনরুজ্জীবন ঘটানো উচিৎ বর্তমান ভারতে। ১৯৩০ থেকে ১৯৪২ সাল পর্যন্ত সঙ্কল্পের যে অগ্নিশিখা প্রজ্জ্বলিত ছিল প্রত্যেক ভারতবাসীর হৃদয়ে, তা আবার নতুন করে প্রজ্জ্বলিত করার সময় এসেছে বলে মনে করেন প্রধানমন্ত্রী। তিনি বলেন, “দেশকে আমি কিছুতেই পিছিয়ে থাকতে দিতে পারি না। হাজার হাজার বছরের দাসত্ব শৃঙ্খল থেকে যখন আমরা নিজেদের মুক্ত করতে পেরেছি, তখন আমাদের কোনভাবেই থেমে থাকলে চলবে না। আমদের মন্ত্রই হবে চরৈবেতি।”
অনুষ্ঠানে ডঃ সর্বপল্লী রাধাকৃষ্ণনের স্মৃতির উদ্দেশে শ্রদ্ধাজ্ঞাপন করে প্রধানমন্ত্রী বলেন, শিক্ষাক্ষেত্রে তাঁর নিরলস প্রচেষ্টা আমাদের সকলকেই বিভিন্ন সময়ে অনুপ্রাণিত করেছে।
आज जब देश आज़ादी के अमृतकाल के अपने विराट सपनों को साकार करने में जुट चुका है, तब शिक्षा के क्षेत्र में राधाकृष्णन जी के प्रयास हम सभी को प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर मैं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त सभी शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं: PM @narendramodi
The HPV vaccination campaign, launched from Ajmer, marks a significant step towards empowering the nation’s Nari Shakti: PM Modi in Rajasthan
February 28, 2026
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Our government is committed to all-round development: PM
Today, I had the privilege of launching the nationwide HPV vaccination campaign from Ajmer, inaugurating and laying foundation stones for multiple projects and distributing appointment letters to the youth: PM
The HPV vaccination campaign has commenced from Ajmer, this campaign is a significant step towards empowering the Nari Shakti of the country: PM
The double-engine government is moving forward by taking both Rajasthan’s heritage and development together: PM
The campaign to link rivers started by our government will significantly benefit Rajasthan: PM
There is no shortage of sunlight in Rajasthan, this very sunshine is becoming a source of savings and income for the common man: PM
A very significant role is being played by the PM Surya Ghar Free Electricity Scheme, this scheme has the power to change Rajasthan's destiny: PM
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।
मेरे साथ बोलिए –
तीर्थराज पुष्कर की जय।
तीर्थराज पुष्कर की जय।
वीर तेजाजी महाराज की जय।
वीर तेजाजी महाराज की जय।
भगवान देव नारायण की जय।
भगवान देव नारायण की जय।
वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।
भगवान झूलेलाल जी की जय।
मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।
साथियों,
अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।
साथियों,
कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।
साथियों,
भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।
साथियों,
हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।
साथियों,
हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।
साथियों,
गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।
साथियों,
21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।
और साथियों,
जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।
साथियों,
जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।
साथियों,
राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।
साथियों,
हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?
साथियों,
आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।
साथियों,
कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।
राजस्थान के मेरे वीरों,
इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।
साथियों,
देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।
साथियों,
बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।
साथियों,
राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।
साथियों,
हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।
साथियों,
भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।
साथियों,
आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।
साथियों,
विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-