জি-২০ শিখর সম্মেলনে যে ৯টি রাষ্ট্রকে ভারত অতিথি হিসেবে আমন্ত্রণ জানিয়েছে, বাংলাদেশ তার অন্যতম
দুই নেতা পারস্পরিক স্বার্থ সংশ্লিষ্ট আঞ্চলিক ও আন্তর্জাতিক বিভিন্ন বিষয়ে মতবিনিময় করেছেন
উভয় নেতা রাজনীতি, অর্থনীতি, নিরাপত্তা, যোগাযোগ ব্যবস্থা এবং দু’দেশের জনসাধারণের মধ্যে সম্পর্ককে আরও শক্তিশালী করা সহ দ্বিপাক্ষিক সহযোগিতার বিভিন্ন বিষয়ে ইতিবাচক অগ্রগতির পর্যালোচনা করেছেন
ডিজিটাল লেনদেন, সংস্কৃতি ও কৃষি ক্ষেত্রে সহযোগিতার বিষয়ে তিনটি সমঝোতাপত্র স্বাক্ষরিত হওয়ায় দুই নেতা সন্তোষ প্রকাশ করেছেন

প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী বাংলাদেশের প্রধানমন্ত্রী শ্রীমতী শেখ হাসিনার সঙ্গে দ্বিপাক্ষিক বৈঠক করেছেন। নতুন দিল্লিতে ৯ ও ১০ সেপ্টেম্বর জি-২০ শিখর সম্মেলনে যে ৯টি রাষ্ট্রকে ভারত অতিথি হিসেবে আমন্ত্রণ জানিয়েছে, বাংলাদেশ তার অন্যতম। প্রধানমন্ত্রী হাসিনা এই বৈঠকে যোগ দিতে এখন ভারতে। 
দুই নেতা দ্বিপাক্ষিক সহযোগিতার বিষয়ে বিস্তারিত আলোচনা করেছেন। আলোচনায় রাজনীতি, অর্থনীতি, নিরাপত্তা, যোগাযোগ ব্যবস্থা এবং দু’দেশের জনসাধারণের মধ্যে সম্পর্ককে আরও শক্তিশালী করা সহ দ্বিপাক্ষিক সহযোগিতার বিভিন্ন বিষয় স্থান পেয়েছে। এই অঞ্চলে বর্তমানে যেসব উন্নয়নমূলক কাজ হচ্ছে, সেগুলি ছাড়াও বহুপাক্ষিক সহযোগিতার বিষয় নিয়ে তাঁরা পর্যালোচনা করেছেন। 
উভয় নেতা ভারত – বাংলাদেশ সৌহার্দ্য পাইপলাইন দিয়ে জ্বালানী সরবরাহ শুরু হওয়া এবং চট্টগ্রাম ও মঙলা বন্দরের ব্যবহার সংক্রান্ত চুক্তি কার্যকর হওয়ায় সন্তোষ প্রকাশ করেছেন। দ্বিপাক্ষিক বাণিজ্যে ভারতীয় মুদ্রার ব্যবহার শুরু হয়েছে। উভয় পক্ষই এর সুবিধাকে কাজে লাগাতে ব্যবসায়ীদের আহ্বান জানিয়েছেন। 
সর্বাঙ্গীন অর্থনৈতিক অংশীদারিত্ব চুক্তি নিয়ে যে আলোচনা শুরু হয়েছে, দু’দেশের প্রধানমন্ত্রী তা ফলপ্রসূ হবে বলে আশা প্রকাশ করেছেন। এই চুক্তির আওতায় পণ্য, পরিষেবা এবং বিনিয়োগে উৎসাহ দিতে সবধরনের রক্ষাকবচের বিষয়গুলি অন্তর্ভুক্ত হবে।
বিভিন্ন সহযোগিতামূলক প্রকল্প বাস্তবায়নে উভয় নেতা সন্তোষ প্রকাশ করেছেন। আগরতলা – আখাউড়া রেল প্রকল্প, মৈত্রী বিদ্যুৎ কেন্দ্রের দ্বিতীয় ইউনিট এবং খুলনা – মঙলা রেল প্রকল্পের যৌথ উদ্বোধনের জন্য একটি সুবিধাজনক তারিখ নির্ধারণ খুব শীঘ্রই করা হবে। 
তাঁরা দ্বিপাক্ষিক সহযোগিতাকে শক্তিশালী করার জন্য স্বাক্ষরিত তিনটি চুক্তিকে স্বাগত জানিয়েছেন:
ক) ন্যাশনাল পেমেন্টস্ কর্পোরেশন অফ ইন্ডিয়া (এনপিসিআই) এবং বাংলাদেশ ব্যাঙ্কের মধ্যে ডিজিটাল লেনদেন সংক্রান্ত সহযোগিতা চুক্তি।
খ) ২০২৩ থেকে ২০২৫ সময়কালে ভারত ও বাংলাদেশের মধ্যে সাংস্কৃতিক বিনিময় কর্মসূচির চুক্তি।
গ) ইন্ডিয়ান কাউন্সিল অফ এগ্রিকালচারাল রিসার্চ এবং বাংলাদেশ এগ্রিকালচারাল রিসার্চ কাউন্সিল – এর মধ্যে স্বাক্ষরিত চুক্তি।
আঞ্চলিক প্রসঙ্গ নিয়ে আলোচনার সময় মায়ানমারের রাখাইন প্রদেশ থেকে ১০ লক্ষের বেশি উদ্বাস্তু মানুষকে আশ্রয় দেওয়ায় প্রধানমন্ত্রী বাংলাদেশের প্রশংসা করেছেন। উদ্বাস্তুদের নিরাপদ প্রত্যাবর্তনের জন্য গঠনমূলক ও ইতিবাচক উদ্যোগে ভারতের সহযোগিতার আশ্বাস দিয়েছেন তিনি। 
ভারত – প্রশান্ত মহাসাগরীয় অঞ্চলের বিষয়ে সম্প্রতি বাংলাদেশ যে নীতি ঘোষণা করেছে, ভারত তাকে স্বাগত জানিয়েছে। বিভিন্ন ক্ষেত্রে ভবিষ্যতেও একযোগে কাজ করার অঙ্গীকার করেছেন তাঁরা। 
বাংলাদেশের প্রধানমন্ত্রী, ভারত সরকার এবং এদেশের জনসাধারণের আতিথেয়তার জন্য সংশ্লিষ্ট সবপক্ষকে ধন্যবাদ জানিয়েছেন। ভবিষ্যতেও সর্বস্তরে আলোচনা অব্যাহত থাকবে বলে তাঁরা আশা প্রকাশ করেছেন। 

 

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।