Amravati is on way to becoming people's capital. I congratulate people & Govt. Of Andhra Pradesh: PM
Appreciate Chandrababu Naidu for his efforts in forming the new capital & integrating whatever is best across the world: PM
Urban development should be taken up as an opportunity not as a challenge: PM Modi
Govt. Of India has taken a step to create 100 smart cities: PM
In the coming times, Amravati would lead the nation in urban development: PM Narendra Modi
Be it Andhra Pradesh or Telangana, the soul is Telegu; both the states must progress: PM Modi
In coming times, Andhra Pradesh would be an innovation & start-up hub: PM
I have got soil from the temple of democracy, the Parliament & water from the Yamuna river: PM

आज विजया-दशमी के इस पावन पर्व पर और नवरात्रि की शक्ति उपासना के बाद आंध्र प्रदेश एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आज आंध्र प्रदेश की राजधानी, जो राजधानी सदियों से अपनी एक सांस्कृतिक विरासत ले करके जी रही है, अपनी एक ऐतिहासिक विरासत को ले करके जी रही है, उस संस्कृति के साथ जोड़ते हुए, उस ऐतिहासि‍क विरासत के साथ जोड़ते हुए अमरावती नए रंग-रूप के साथ, नए आधुनिक साज-सज्जा के साथ आंध्र के आशा-अपेक्षा का केंद्र बिन्दु बनने जा रही है और एक प्रकार से सच्चे अर्थ में people’s capital बनने जा रही है। मैं यहां की सरकार को, यहां के नागरिकों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, अभिनंदन करता हूं।

सरकार बनने के इतने कम समय में चंद्रबाबू ने जिस गति से इस काम को हाथ में लिया और इसको दुनिया में जो कुछ श्रेष्ठ है उसको समाहित करने का प्रयास किया इसलिए मैं चंद्रबाबू जी को हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन देता हूं।

हमारा देश आजाद होने के बाद बहुत कम नए शहर बने हैं और उसके कारण भारत में नए शहर बनाना, ये विषय उतनी मात्रा में लोगों में प्रचलित नहीं है कि आज के युग में जितनी मात्रा में होना चाहिए था। दुर्भाग्य से पिछले कुछ दशकों में हमारे देश में एक ऐसी सोच बनी कि urbanization एक समस्या है और उसी के चलते हमने इस growth centre की तरफ अनदेखी की है। आज समय की मांग है कि urban development को हमें समस्या नहीं मानना चाहिए, उसे एक opportunity मानना चाहिए। और इसीलिए भारत सरकार ने, दुनिया जिस प्रकार से बदलती रही है, जिस प्रकार से technology का उपयोग हो रहा है, हमें एक आधुनिक शहरों की रचना की ओर जाना होगा और 100 smart city की दिशा में जाने का एक अहम कदम भारत सरकार ने उठाया है। और ये शहर economy activity के भी centre हो, आर्थिक growth के भी वो इंजन बनें, इस प्रकार के शहरों की एक रचना नए सिरे से करने की दिशा में हमारा प्रयास है और तब जा करके ये नए आधुनिक शहर जिसमें आधुनिक से आधुनिक technology का उपयोग हो, आधुनिक से आधुनिक transportation हो, walk to work की योजना हो, green हो, no wastage वाला city बने।

मैं आशा करता हूं कि देश के अंदर urban development की दिशा में जो नए कदम उठाए हैं, उसमें अमरावती, आंध्रप्रदेश एक सीमा चिन्ह के रूप में मार्गदर्शक काम करेगा, ऐसा मुझे विश्वास है।

अभी जापान के मंत्री श्री बता रहे थे कि नया शहर बनाना कितना कठिन होता है उसका जापान को भली-भांति अनुभव है। मेरे जीवन में भी ऐसा अवसर आया, जब 2001 में गुजरात में भयंकर भूकम्प आया, उसके बाद मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व आया, पूरा कच्छ् जिला हमारा और अन्य जिलों के महत्वपूर्ण शहर एक प्रकार से ध्वस्त हो चुके थे, हमारे सामने बड़ी चुनौती थी उन सभी गांवों को, शहरों को खड़ा करना। लेकिन जब political wheel हो, जनता-जनार्दन का समर्थन हो, स्पष्ट दृष्टि हो तो सिद्धियां प्राप्त हो के रहती हैं और आज वो जिला हिंदुस्तान के fastest गति से आगे बढ़ने वाले जिलों में अपनी जगह बना रहा है।

जब ये अमरावती का मुझे निमंत्रण मिला, मैंने बाबू को कहा था मैं जरूर आऊंगा लेकिन जब मैंने अखबार में पढ़ा कि चंद्रबाबू तेलंगाना के मुख्यमंत्री के घर गए जा करके उन्होंने उनको निमंत्रण दिया, ये जब समाचार मेरे पास आए तब मेरी खुशियों का पार नहीं रहा था और इसलिए मैं उनको विशेष बधाई देता हूं, इस काम के लिए।

कुछ लोगों के राजनीतिक स्वार्थ के कारण विचार-विमर्श की प्रक्रिया को पूर्ण किए बिना हड़बड़ में, जल्दबाजी में आंध्र और तेलंगाना विभाजन हुआ। लेकिन इस सारी प्रक्रिया में जो निर्दोष लोगों को जान गंवानी पड़ी, संपत्ति का अपरम्पार नुकसान हुआ, उसकी पीड़ा मुझे आज भी है। अंग्रेज कुछ ऐसी चीजें छोड़ करके गए कि उसके कारण आज भी हमारे देश में कभी-न-कभी कोई-न-कोई तनाव पैदा होता है। पिछली सरकार भी कुछ ऐसा करके गई है कि जिसके कारण आंध्र और तेलंगाना के बीच हर समय कोई न कोई तनाव के कारण बने रहते हैं। लेकिन अब समय की मांग है कि हम आंध्र और तेलंगाना, चाहे आंध्र हो, चाहे तेलंगाना हो, हमारी आत्मा तेलुगु है। और इस तेलुगु आत्मा की दो भुजाएं हैं एक तेलंगाना, एक आंन्ध्र और दोनों इतनी प्रगति करें, दोनों एक-दूसरे को इतने पूरक हों कि हिंदुस्तान की शान बढ़ाने में ये हमारी शक्ति बनी रहे।

मुझे विश्वास है कि भारत सरकार ने जो एक startup का अभियान चलाया है उस startup का सबसे ज्यादा लाभ लेने की किसी की ताकत है तो इस धरती की है। आंध्र के लाखों जवान दुनिया के अनेक देशों में professionals के नाते अपनी उत्तम जगह बनाई है। आंध्र प्रदेश के पास ऐसे प्रतिभावान नौजवान हों, बुद्धिमान youth हो वे innovation के लिए, startup के लिए एक पूरा नया साम्राज्य आंध्र की धरती पर खडा कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि इसके द्वारा आने वाले दिनों में आंध्र एक नई आर्थिक क्रान्ति का नेतृत्व करेगा। ये युवा केन्द्रित आर्थिक क्रान्ति होगी। जिस देश के पास eight hundred million 65 साल से कम आयु की उम्र के नौजवान हों, वो देश नई-नई आर्थिक शक्ति बन सकता है, नई आर्थिक क्रान्ति कर सकता है।

मुझे विश्वास है कि भले आंध्र और तेलंगाना अलग हुए हों लेकिन दोनों में आगे बढ़ने की शक्ति है और दोनों एक-दूसरे को पूरक बन करके आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे, उतना ही दोनों प्रदेशों को लाभ होगा।

जब अटल बिहारी वाजपेयी जी इस देश के प्रधानमंत्री थे तब इस देश में तीन नए राज्य बने थे, तीन राज्यों का विभाजन हुआ था लेकिन कोई कटुता नहीं थी, कोई संघर्ष नहीं हुआ, कोई लहु नहीं बहे और बाद में भी कोई संकट पैदा नहीं हुआ। मुझे आंध्र और तेलंगाना के बीच में भी वो ही स्थिति लाने का प्रयास करना है।

पिछली सरकार ने बहुत-सी ऐसी चीजें की हैं, जिसको ठीक करने में हमारी काफी ताकत जा रही है, काफी समय जा रहा है, लेकिन मैं इन दोनों प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भारत सरकार हर प्रकार से आपके साथ रहेगी और हर संभव सहायता करती रहेगी।

भारत सरकार और चंद्रबाबू के बीच में frequency इतनी match होती है, काम करने में एक-दूसरे को समझने में इतनी सुविधा है और उसके कारण सरकार बनने के बाद जो पहला ध्यान दिया गया वो हमने Human Resource Development पर दिया है। आंध्र के अंदर Human Resource Development का एक capital कैसे बने, उस दिशा में हमने ध्यान केन्द्रित किया है। Reorganization Act के तहत Human Resource Development को प्राथमिकता देकर के अब तक 11 शैक्षणिक संस्थानों के काम को आगे बढ़ाया गया है - Indian Institute of Technology (IIT), Indian Institute of Information Technology, Indian Institute of Management, All India Institute of Medical Science, NIT, Indian Institute of Science Education and Research, Central University, Petroleum University. ये सारी इकाईयां इतने कम समय में खड़ी करनी के दिशा में अहम कदम उठा लिए गए हैं।

प्रजा के इस राजधानी जब बन रही है तब आप लोग अपने-अपने गांव से पवित्र माटी और पानी लाए हैं और आपने सच्चे अर्थ में इसको प्रजा की पाट नगरी बनाने की दिशा में एक सफल आयोजन किया है। जब मुझे इस योजना का पता चला और आज मैं आ रहा था, तो मुझे भी विचार आया और मैं भी माटी और पानी साथ लेकर के आया। मैं माटी लाया हूं, भारत के लोकतंत्र का मंदिर - संसद के परिसर में से माटी लाया हूं और पानी यमुना जी नदी में से लाया हूं और यमुना जी, हमारे देश में कोई भी नदी सिर्फ नदी नहीं होती है, हमारे देश में नदी एक संस्कृति होती है। और जब मैंने चंद्रबाबू को ये दिया तो उनको आश्चर्य हुआ और वो मुझे कह रहे कि बड़ा emotional touch है मेरे मन को। लेकिन मैं आंध्रवासियों को कहना चाहता हूं कि ये सिर्फ संसद परिसर की मिट्टी या यमुना जी नदी का जल, इतना ही नहीं है ये तो एक प्रकार से देश की राजधानी अब अमरावती पहुंच गई है इसका संदेश है। ये प्रतीक इस बात का संदेश लेकर के आया है, ये symbol में वो ताकत है, वो विश्वास देता है कि आंध्र के विकास की यात्रा में दिल्ली कंधे से कंधा मिलाकर के चलेगा, हर समय साथ रहेगा और नई ऊंचाइयों को पार करके रहेगा।

जिन लोगों को आंध्र और तेलंगाना का विभाजन करने के साथ एक हमेशा की समस्या के बीज बोने का इरादा रहा है, वे आज भी विष पैदा करने के लिए उसमें खाद डाल रहे हैं। भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, नौजवानों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मैं आज इस अमरावती सांस्कृतिक नगरी से आंध्रवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि Reorganization Act के अंदर जो भी बातें कही गई है उसको Letter and Spirit के साथ भारत सरकार साथ रहेगी, लागू करेगी, ये मैं विश्वास दिलाने आया हूं।

आप विश्वास रखिए चंद्रबाबू और नरेन्द्र मोदी की जोड़ी, जो बातें तय हुई है उसको साकार करके रहेगी, समय सीमा में साकार करके रहेगी और आंध्र के सपनों को पूरा करके रहेगी। मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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উত্তর প্রদেশের হরদোই-এ গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে প্রধানমন্ত্রীর ভাষণ
April 29, 2026
This transformative infrastructure project will boost connectivity and drive progress across Uttar Pradesh: PM
Just as Maa Ganga has been the lifeline of UP and this country for thousands of years, similarly, in this era of modern progress, this expressway passing near her, will become the new lifeline of UP's development: PM
Recently, I had the opportunity to dedicate the Delhi-Dehradun Expressway to the nation.
I had then remarked that these emerging expressways are the lifelines shaping the destiny of a developing India, and these modern pathways are today heralding India's bright future: PM
Ganga Expressway will not only connect one end of UP to the other, it will also bring limitless possibilities of the NCR closer: PM

ভারত মাতার জয়।

 

মা গঙ্গার জয় ।

 

মা গঙ্গার জয় ।

 

মা গঙ্গার জয় । 

 

উত্তরপ্রদেশের রাজ্যপাল আনন্দীবেন প্যাটেল, মুখ্যমন্ত্রী শ্রী যোগী আদিত্যনাথজি, উপ-মুখ্যমন্ত্রী কেশব প্রসাদ মৌর্যজি, ব্রিজেশ পাঠকজি, কেন্দ্রীয় মন্ত্রিসভায় আমার সহকর্মী জিতিন প্রসাদজি, পঙ্কজ চৌধুরীজি, উত্তরপ্রদেশ সরকারের মন্ত্রী্রা, সাংসদ ও বিধায়করা, অন্যান্য জনপ্রতিনিধিরা এবং আমার প্রিয় ভাই ও বোনেরা, যাঁরা বিপুল সংখ্যায় এখানে সমবেত হয়েছেন। 

সবার প্রথমে, আমি ভগবান নরসিংহের এই পবিত্র ভূমিতে শ্রদ্ধা নিবেদন করি। মা গঙ্গা এখান দিয়ে বয়ে গেছেন। মাত্র কয়েক কিলোমিটার দূরেই তাঁর আশীর্বাদ বর্ষিত হচ্ছে। তাই, এই পুরো অঞ্চলটি কোনো তীর্থস্থানের চেয়ে কম নয়। আমি বিশ্বাস করি উত্তর প্রদেশকে দেওয়া এক্সপ্রেসওয়ের উপহারটিও মা গঙ্গারই একটি আশীর্বাদ। এখন, আপনারা মাত্র কয়েক ঘণ্টার মধ্যেই সঙ্গমে যেতে পারবেন এবং কাশীতে বাবার দর্শন সেরে ফিরেও আসতে পারবেন। 

 

বন্ধুগণ, 

 

হাজার হাজার বছর ধরে মা গঙ্গা যেমন উত্তর প্রদেশ এবং এই দেশের জীবনরেখার ভূমিকা পালন করছেন, তেমনি এই আধুনিক উন্নয়নের যুগে তাঁর পাশ দিয়ে যাওয়া এই এক্সপ্রেসওয়েটি উত্তর প্রদেশের বিকাশের জন্য একটি নতুন লাইফলাইন হয়ে উঠবে। কাকতালীয় ভাবে, গত চার-পাঁচ দিন ধরে আমি মা গঙ্গার সান্নিধ্যে রয়েছি। ২৪শে এপ্রিল, যখন আমি বাংলায় ছিলাম, তখন মা গঙ্গার দর্শন করেছিলাম, এবং তারপর গতকাল ছিলাম কাশীতে। আজ সকালে আবারও বাবা বিশ্বনাথ, মা অন্নপূর্ণা এবং মা গঙ্গার দর্শনের সৌভাগ্য আমার হয়েছে। আর এখন মা গঙ্গার নামাঙ্কিত এই এক্সপ্রেসওয়েটি উদ্বোধন করার সুযোগ পেয়েছি। উত্তর প্রদেশ সরকার এই এক্সপ্রেসওয়েটির নামকরণ মা গঙ্গার নামে করেছে, এর জন্য আমি আনন্দিত। এটি আমাদের উন্নয়নের স্বপ্নর প্রতিফলন। আমাদের ঐতিহ্যও এর মাধ্যমে প্রকাশিত হয়। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের জন্য আমি উত্তর প্রদেশের লক্ষ লক্ষ মানুষকে অভিনন্দন জানাই। 

 

বন্ধুরা,

 

গণতন্ত্রের উৎসবের নিরীখেও আজ একটি গুরুত্বপূর্ণ দিন। বাংলায় এখন দ্বিতীয় দফার ভোটগ্রহণ চলছে এবং যে খবর আমরা পাচ্ছি , তাতে জানা যাচ্ছে এবার ভোটারদের উপস্থিতি অনেক বেশি। প্রথম পর্বের মতোই, মানুষ দলে দলে ভোট দিতে বাড়ি থেকে আসছেন; সামাজিক মাধ্যমগুলিতে দীর্ঘ লাইনের ছবি ছড়িয়ে পড়ছে। বাংলায় ভোটগ্রহণ হচ্ছে এক ভয়মুক্ত পরিবেশে, যা গত ছয়-সাত দশকে অকল্পনীয় ছিল। মানুষ নির্ভয়ে ভোট দিচ্ছেন। এটি দেশের সংবিধান এবং শক্তিশালী গণতন্ত্রের পবিত্র প্রতীক। নিজেদের অধিকারের প্রতি সচেতন হয়ে বিপুল সংখ্যায় ভোট দেওয়ার জন্য আমি বাংলার মহান জনসাধারণকে কৃতজ্ঞতা জানাই। ভোটগ্রহণ শেষ হতে এখনও বেশ কয়েক ঘন্টা বাকি। আমি বাংলার জনগণকে গণতন্ত্রের এই উৎসবে সমান উৎসাহে অংশগ্রহণ করার জন্য আহ্বান জানাচ্ছি।

 

বন্ধুগণ,  

 

কিছুদিন আগে বিহারে অনুষ্ঠিত নির্বাচনে বিজেপি-এনডিএ বিপুল ভোটে জয়লাভ করে ইতিহাস সৃষ্টি করেছে। গতকালই গুজরাটের পুর নিগম, পৌরসভা, জেলা পঞ্চায়েত, টাউন কাউন্সিল এবং ব্লক স্তরে পঞ্চায়েত নির্বাচনের ফলাফল ঘোষিত হয়েছে। আর আপনারা, উত্তর প্রদেশে আমার সহনাগরিকরা, এটা জেনে আনন্দিত হবেন যে বিজেপি ৮০ থেকে ৮৫ শতাংশ পৌরসভা ও পঞ্চায়েতে জয়লাভ করেছে। এই পাঁচটি রাজ্য নির্বাচনেও বিজেপি ঐতিহাসিক বিজয়ের হ্যাটট্রিক অর্জন করবে সেই বিশ্বাস আমার রয়েছে। ৪ঠা মে-র ফলাফল বিকশিত ভারত গড়ার সংকল্পকে আরও শক্তিশালী করবে এবং দেশের উন্নয়নে নতুন উৎসাহের সঞ্চার করবে। 

 

বন্ধুগণ,  

দেশের দ্রুত উন্নয়নের জন্য আমাদের দ্রুততার সঙ্গে আধুনিক পরিকাঠামোও তৈরি করতে হবে। ২০২১ সালের ডিসেম্বরে আমি গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের শিলান্যাস করতে শাহজাহানপুরে এসেছিলাম। আপনারা দেখছেন, উত্তর প্রদেশের দীর্ঘতম গ্রিন করিডোর এক্সপ্রেসওয়ে, এবং দেশের অন্যতম বৃহত্তম এক্সপ্রেসওয়ে তৈরির কাজ, পাঁচ বছরের মধ্যেই শেষ হয়েছে। শীঘ্রই গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে মিরাট ছাড়িয়ে হরিদ্বার পর্যন্ত সম্প্রসারিত হবে। এর সুবিধা যাতে অন্যরাও পান, তার জন্য, ফারুখাবাদ লিঙ্ক এক্সপ্রেসওয়ে তৈরি করা হবে, যা এটিকে অন্যান্য এক্সপ্রেসওয়ের সঙ্গে যুক্ত করবে। এটিই ডাবল-ইঞ্জিন সরকারের স্বপ্ন! এই গতিতেই বিজেপি সরকার কাজ করে! এটিই বিজেপি সরকারের কাজ করার ধরণ! আজ হারদোইতে এর উদ্বোধন করা হচ্ছে। আবার গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের নির্মাণকাজ সম্পন্ন হওয়ার পাশাপাশি এর সম্প্রসারণ পরিকল্পনার কাজও শুরু হয়ে গেছে। 

ভাই ও বোনেরা, 

মাত্র কিছুদিন আগে দিল্লি-দেরাদুন এক্সপ্রেসওয়ে উদ্বোধন করার সুযোগ আমার হয়েছিল। আমি তখন বলেছিলাম , এই নবনির্মিত এক্সপ্রেসওয়েগুলো উন্নয়নশীল ভারতের হস্তরেখার মতো, এই আধুনিক হস্তরেখাগুলো ভারতের উজ্জ্বল ভবিষ্যতের সূচনা করছে। 

বন্ধুগণ, 

এখন আর সেই দিন আর নেই যখন একটা রাস্তার জন্য দশকের পর দশক অপেক্ষা করতে হতো! একবার ঘোষণা করা হলে, ফাইলগুলো বছরের পর বছর পড়ে থাকত! নির্বাচনের আগে শিলান্যাস হত, আর তারপর সরকার আসত আর যেত, কিন্তু কোনো কাজই হতো না। কখনও কখনও, পুরোনো ফাইল খুঁজে বের করতে ঊর্ধ্বতন কর্মকর্তাদের বছর দুয়েক লেগে যেত।  

 

বন্ধুগণ,  

 

ডাবল-ইঞ্জিন সরকারের সময়ে নির্ধারিত সময়ের মধ্যেই প্রকল্পের শিলান্যাস ও উদ্বোধন হয়। তাই, আজ যদি উত্তরপ্রদেশের এক্সপ্রেসওয়েগুলোর চেয়েও দ্রুতগামী কিছু থেকে থাকে, তবে তা হলো এই রাজ্যের উন্নয়নের গতি।

বন্ধুগণ,  

এই এক্সপ্রেসওয়েটি শুধু একটি হাইস্পিড রাস্তা নয়। এটি নতুন সম্ভাবনা, স্বপ্ন এবং সুযোগের প্রবেশদ্বার। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে প্রায় ৬০০ কিলোমিটার লম্বা। পশ্চিম উত্তর প্রদেশের মিরাট, বুলন্দশহর, হাপুর, আমরোহা, সম্ভল ও বাদাউন; মধ্য উত্তর প্রদেশের শাহজাহানপুর, হারদোই, উন্নাও ও রায়বেরেলি; এবং পূর্ব উত্তর প্রদেশের প্রতাপগড় ও প্রয়াগরাজসহ পার্শ্ববর্তী জেলাগুলিতে যোগাযোগ তৈরি করে গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে এই অঞ্চলের লক্ষ লক্ষ মানুষের জীবন বদলে দেবে।

 

বন্ধুগণ,  

এই অঞ্চল গঙ্গা নদী ও তার উপনদীগুলোর উর্বর মাটিতে আশীর্বাদপুষ্ট। কিন্তু পূর্ববর্তী সরকারগুলোর অবহেলার কারণে এখানকার কৃষকরা চরম দুর্দশার সম্মুখীন হতেন! তাদের ফসল প্রধান বাজারগুলোতে পৌঁছাতে পারছিল না। হিমঘরের অভাব ছিল, সরবরাহ ব্যবস্থা ছিল অপর্যাপ্ত, এবং কৃষকরা তাদের কঠোর পরিশ্রমের ন্যায্য মূল্য পেতেন না। এখন, সেই অসুবিধাগুলো দ্রুত সমাধান হয়ে যাবে। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের মাধ্যমে কম সময়ে প্রধান বাজারগুলোতে পৌছে যাবার সুযোগ তৈরি হবে। এখানে কৃষির জন্য প্রয়োজনীয় পরিকাঠামো গড়ে তোলা সম্ভব হবে। এতে আমাদের কৃষকদের আয় বাড়বে।  

বন্ধুগণ,  

গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে শুধু উত্তরপ্রদেশের এক প্রান্তকে অন্য প্রান্তের সঙ্গে যুক্ত করবে না, এটি এনসিআর অর্থাৎ জাতীয় রাজধানী অঞ্চলের বিপুল সম্ভাবনাকে আরও কাছে নিয়ে আসবে। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের ওপর দিয়ে গাড়ি চলাচল করবে এবং এর দুই পাশে নতুন শিল্পের সুযোগ তৈরি হবে। এর জন্য হারদোইয়ের মতো জেলাগুলিতে শিল্প করিডোর গড়ে তোলা হচ্ছে। হারদোই, শাহজাহানপুর, উন্নাও সহ ১২টি জেলাতেই নতুন শিল্প আসবে। ওষুধ, বস্ত্রের মতো বিভিন্ন শিল্পের ক্লাস্টার গড়ে উঠবে। যুবসম্প্রদায়ের জন্য কর্মসংস্থানের নতুন সুযোগও তৈরি হবে। 

 

বন্ধুগণ,

মুদ্রা যোজনা এবং ওডিওপি-র মতো প্রকল্পের ফলে আমাদের যুবসমাজ নতুন নতুন রেকর্ড গড়ছে। এখানে ক্ষুদ্র শিল্প এবং অতি ক্ষুদ্র, ক্ষুদ্র ও মাঝারী শিল্পোদ্যোগ-কে উৎসাহিত করা হচ্ছে। উন্নত যোগাযোগ ব্যবস্থার ফলে এই উদ্যোগগুলির জন্যও নতুন নতুন সুযোগ তৈরি হবে। মিরাটের ক্রীড়া শিল্প, সম্ভলের হস্তশিল্প, বুলন্দশহরের মৃৎশিল্প, হরদোইয়ের তাঁতশিল্প, উন্নাওয়ের চর্মশিল্প, প্রতাপগড়ের আমলকী থেকে উৎপাদিত সামগ্রী —এ সবই দেশ বিদেশের বাজারে পৌঁছাবে। এর ফলে লক্ষ লক্ষ পরিবারের আয় বাড়বে। বলুন তো, পূর্ববর্তী সমাজবাদী পার্টির সরকারের আমলে কেউ কি ভেবেছিলেন, হরদোই এবং উন্নাওয়ের মতো জেলায় শিল্প করিডোর তৈরি হবে? কেউ কি কখনো ভেবেছিলেন, আমাদের হরদোইয়ের মধ্যে দিয়ে একটি এক্সপ্রেসওয়ে যাবে? এই কাজ শুধুমাত্র বিজেপি সরকারের আমলেই সম্ভব।  

বন্ধুগণ, 

একসময় উত্তর প্রদেশকে একটি অনগ্রসর এবং “বিমারু” রাজ্য বলা হতো। সেই উত্তর প্রদেশই আজ ১ লক্ষ কোটি ডলারের অর্থনীতি হওয়ার পথে এগিয়ে চলেছে। এটি অনেক বড় এক লক্ষ্য। কিন্তু এর পেছনে রয়েছে সমানভাবে নানা উদ্যোগ গ্রহণ। কারণ উত্তর প্রদেশের রয়েছে বিপুল সম্ভাবনা। দেশের বিপুল যুবক যুবতীর সম্ভাবনা রয়েছে উত্তর প্রদেশে। আমরা এই শক্তিকে কাজে লাগিয়ে উত্তর প্রদেশকে একটি উৎপাদন কেন্দ্র হিসেবে গড়ে তুলছি। উত্তর প্রদেশে নতুন শিল্প ও কারখানা গড়ে উঠবে। যখন এখানে বড় আকারের বিনিয়োগ হবে, কেবল তখনই অর্থনৈতিক বিকাশের দরজা খুলবে এবং যুবসম্প্রদায়ের জন্য কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি হবে। 

 

ভাই ও বোনেরা,   

এই পরিকল্পনাগুলি বাস্তবায়নের জন্য সাম্প্রতিক বছরগুলোতে নিরন্তর কাজ করা হচ্ছে। আপনারা নিজেরাই বুঝতে পারছেন, যে উত্তর প্রদেশ থেকে আগে সকলে কাজের খোজে অন্য জায়গায় চলে যেতেন, আজ তা বিনিয়োগকারীদের সম্মেলন এবং শিল্প করিডোরের জন্য পরিচিতি লাভ করছে। উত্তর প্রদেশে বিনিয়োগকারী সম্মেলনে দেশ ও বিশ্বের বিভিন্ন কোম্পানি আসে। উত্তর প্রদেশে হাজার হাজার কোটি টাকা বিনিয়োগ করা হচ্ছে। আজ যদি ভারত বিশ্বের দ্বিতীয় বৃহত্তম মোবাইল নির্মাতা হয়, তবে এতে উত্তর প্রদেশের বড় অবদান রয়েছে। ভারত আজ যত মোবাইল তৈরি করছে, তার অর্ধেকই আমাদের উত্তর প্রদেশে তৈরি হচ্ছে। মাত্র কয়েক সপ্তাহ আগে, আমি নয়ডায় একটি সেমিকন্ডাক্টর প্ল্যান্টের শিলান্যাস করেছি। 

 

বন্ধুগণ, 

আপনারা সকলেই জানেন, এআই-এর এই যুগে সেমিকন্ডাক্টর একটি বিরাট ক্ষেত্র হয়ে উঠছে। উত্তর প্রদেশ এক্ষেত্রেও নেতৃত্ব দিচ্ছে। ভবিষ্যতে এই রাজ্যের মানুষের জন্য প্রচুর সুযোগ-সুবিধা তৈরি হবে। 

 

বন্ধুগণ, 

আজ উত্তর প্রদেশের শিল্পোন্নয়ন ভারতের কৌশলগত শক্তিতে পরিণত হচ্ছে। বর্তমানে দেশের দুটি প্রতিরক্ষা করিডোরের মধ্যে একটি উত্তর প্রদেশে । বড় বড় প্রতিরক্ষা সরঞ্জাম উৎপাদনকারী সংস্থাগুলো এখানে তাদের কারখানা স্থাপন করছে। বিশ্বজুড়ে স্বীকৃত ব্রাহমোসের মতো ক্ষেপণাস্ত্র আজ উত্তর প্রদেশেই তৈরি হচ্ছে। প্রতিরক্ষা সরঞ্জাম তৈরির জন্য প্রয়োজনীয় ছোট ছোট যন্ত্রাংশ সরবরাহ করছে অতি ক্ষুদ্র, ক্ষুদ্র ও মাঝারি শিল্প উদ্যোগ বা এমএসএমই। এতে উত্তর প্রদেশের এমএসএমই ক্ষেত্র প্রভূত লাভবান হচ্ছে। এমনকি ছোট ছোট জেলার যুবসম্প্রদায়ও এখন বড় শিল্পের সঙ্গে যুক্ত হওয়ার স্বপ্ন দেখতে পারেন।  

 

বন্ধুগণ,   

আজ উত্তর প্রদেশ এত দ্রুত উন্নতি করছে কারণ ইউপি পুরনো রাজনীতি বদলে একটি নতুন পরিচয় তৈরি করেছে। মনে রাখবেন, একটা সময় ছিল যখন ইউপি মানেই ছিল রাস্তার গর্ত। আজ সেই ইউপিই দেশের সবচেয়ে বেশি এক্সপ্রেসওয়ের রাজ্যে পরিণত হয়েছে। আগে পার্শ্ববর্তী জেলাগুলিতে যাওয়াও খুব ঝামেলার ছিল। কিন্তু আজ উত্তর প্রদেশে ২১টি বিমানবন্দর রয়েছে, যার মধ্যে ৫টি আন্তর্জাতিক বিমানবন্দর। এখন নয়ডা আন্তর্জাতিক বিমানবন্দরেরও উদ্বোধন হয়ে গেছে। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে থেকে নয়ডা আন্তর্জাতিক বিমানবন্দর মাত্র কয়েক ঘণ্টার দূর।  

 

ভাই ও বোনেরা,  

আমাদের উত্তর প্রদেশ ভগবান রাম ও ভগবান কৃষ্ণের ভূমি। কিন্তু পূর্ববর্তী সরকারগুলির অপকর্মের জন্য উত্তর প্রদেশ অপরাধ ও জঙ্গলরাজের মাধ্যমে পরিচিত হত। উত্তর প্রদেশের মাফিয়াদের নিয়ে সিনেমা তৈরি হত। কিন্তু এখন উত্তর প্রদেশের আইন-শৃঙ্খলা পরিস্থিতি সারা দেশে উদাহরণ হিসেবে তুলে ধরা হয়।

 

ভাই ও বোনেরা, 

সমাজবাদী পার্টির সদস্যদের হাত থেকে সম্পদ বণ্টনের ক্ষমতা চলে গেছে, তাই তারা উত্তর প্রদেশের এই বিকাশ পছন্দ করছেন না। তারা উত্তর প্রদেশকে আবার পুরনো যুগে ফিরিয়ে নিয়ে যেতে চান। তারা আবারও সমাজকে বিভক্ত করতে চান।

 

বন্ধুগণ,  

 

সমাজবাদী পার্টি যেমন উন্নয়ন-বিরোধী, একই ভাবে মহিলা-বিরোধীও । সম্প্রতি দেশ আবারও এসপি এবং কংগ্রেসের মতো দলগুলোর আসল চেহারা দেখেছে। কেন্দ্রে এনডিএ সরকার সংসদে নারী শক্তি বন্দন সংশোধনী এনেছিল। এই সংশোধনীটি পাশ হলে, ২০২৯ সালের নির্বাচন থেকেই বিধানসভা এবং লোকসভায় মহিলাদের জন্য সংরক্ষণের সুযোগ তৈরি হত! আমাদের অনেক মা ও বোন দিল্লি এবং লখনৌতে পৌঁছে সাংসদ ও বিধায়ক হতেন। সেটিও আবার অন্য কোনো শ্রেণীর আসন না কমিয়েই! কিন্তু সমাজবাদী পার্টি —এসপি এই সংশোধনী বিলের বিরুদ্ধে ভোট দিয়েছে।    

 

বন্ধুগণ, 

 

এই বিলটি সব রাজ্যেও আসন সংখ্যা বাড়িয়ে দিত। আমরা সংসদে স্পষ্টভাবে বলেছিলাম , সব রাজ্যে আসন সংখ্যা একই অনুপাতে বাড়বে। কিন্তু ডিএমকে-র মতো দল, যারা উত্তরপ্রদেশকে কটু কথা বলে রাজনীতি করে, তারা আপত্তি জানিয়েছিল যে উত্তরপ্রদেশের আসন কেন বাড়বে। দেখুন, সমাজবাদী পার্টিও সংসদে একই সুরে কথা বলছিল। এই এসপি সদস্যরা এখান থেকে আপনাদের ভোট নেয়, আর সংসদে তাদের পক্ষ নেয় যারা উত্তরপ্রদেশের মানুষকে গালি দেয়। এই কারণেই উত্তরপ্রদেশের মানুষ বলেন, সমাজবাদী পার্টি কখনও উন্নতি করতে পারবে না। এই লোকেরা সবসময় মহিলা-বিরোধী রাজনীতি করবে। তারা সবসময় তোষণ এবং অপরাধীদের পক্ষ নেবে। এসপি কখনও পরিবারতন্ত্র এবং জাতপাতের রাজনীতির ঊর্ধ্বে উঠতে পারবে না। তারা সবসময় উন্নয়ন-বিরোধী রাজনীতি করবে। উত্তরপ্রদেশকে অবশ্যই এসপি এবং তার সহযোগীদের বিষয়ে সতর্ক থাকতে হবে। 

বন্ধুগণ, 

   

আজ দেশ একটি সংকল্প নিয়ে এগিয়ে চলেছে—বিকশিত ভারত গড়ার সংকল্প! এই সংকল্প পূরণে উত্তর প্রদেশের একটি অত্যন্ত বড় ভূমিকা রয়েছে। আপনারা দেখছেন, আজ সমগ্র বিশ্ব যুদ্ধ, অশান্তি এবং অস্থির এক পরিস্থিতির মধ্যে রয়েছে। বিশ্বের বড় বড় দেশগুলিতে অবস্থা বেশ খারাপ। কিন্তু ভারত ঠিক একই গতিতে উন্নয়নের পথে এগিয়ে চলেছে। বাইরের শত্রুদের জন্য এটা পছন্দের নয়। দেশের মধ্যে থাকা ক্ষমতালোভী কিছু মানুষও ভারতকে ছোট করার চেষ্টা করছে। তবুও, আমরা কেবল সুরক্ষিতই নই, উন্নয়নের নতুন রেকর্ডও তৈরি করছি। আমরা আত্মনির্ভর ভারতের অভিযানকে বাস্তবায়িত করছে। আমরা সবচেয়ে আধুনিক পরিকাঠামো নির্মাণ করছি। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে এই পথে আরও একটি শক্তিশালী পদক্ষেপ। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে আমাদের কাছে যে সম্ভাবনা নিয়ে আসবে, উত্তর প্রদেশের মানুষ তাদের কঠোর পরিশ্রম এবং প্রতিভা দিয়ে তাকে যে কাজে লাগাবেন, সে বিষয়ে আমি আত্মবিশ্বাসী। এই আশা রেখে, আমি আবারও আপনাদের সকলকে অনেক অভিনন্দন জানাই। অনেক ধন্যবাদ!     

 

ভারত মাতার জয়।

 

ভারত মাতার জয়।

 

বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম।

 

আপনাদের অনেক ধন্যবাদ!