Published By : Admin |
January 24, 2018 | 22:07 IST
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PM holds meetings with leaders of ASEAN countries
আসিয়ান-ভারত স্মারক শীর্ষ বৈঠকের ২৫তম বর্ষপূর্তিউদযাপনের প্রাক্কালে প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী পৃথক পৃথক ভাবে কয়েকটিদ্বিপাক্ষিক বৈঠকে মিলিত হলেন মায়ানমারের স্টেট কাউন্সিলর দাও আঙ্গ সান সু কি,ভিয়েতনামের প্রধানমন্ত্রী মিঃ নগুয়েন জুয়ান ফুক এবং ফিলিপিন্সের প্রেসিডেন্ট মিঃরডরিগো রোয়া দুতার্তের সঙ্গে।
আসিয়ান-ভারত স্মারক শীর্ষ বৈঠকে অংশগ্রহণের জন্য ভারতসফররত তিন বিশ্ব নেতাকেই আন্তরিকভাবে স্বাগত জানান ভারতের প্রধানমন্ত্রী। একইসঙ্গে এবছর ২৬ জানুয়ারি ভারতের সাধারণতন্ত্র দিবস উদযাপনের অনুষ্ঠানে প্রধান অতিথিরূপে উপস্থিত থাকার আমন্ত্রণ গ্রহণের জন্যও শ্রী মোদী তাঁদের স্বাগত জানান।
প্রধানমন্ত্রী শ্রী মোদী এবং স্টেট কাউন্সিলর আঙ্গ সানসু কি’র মধ্যে আলোচনাকালে দ্বিপাক্ষিক সম্পর্কের প্রসারকে আরও জোরদার করে তোলারলক্ষ্যে পারস্পরিক স্বার্থ সংশ্লিষ্ট বিষয়গুলিতে আরও বেশি করে গুরুত্ব দেওয়ার কথাবলা হয়। ২০১৭’র ডিসেম্বরে শ্রী মোদীর মায়ানমার সফরকালে গৃহীত সিদ্ধান্তগুলিররূপায়ণ সম্পর্কিত অগ্রগতির বিষয়টিও অন্তর্ভুক্ত ছিল দুই নেতার আলোচ্যসূচিতে।
প্রধানমন্ত্রী ফুক-এর সঙ্গে অনুষ্ঠিত বৈঠকে দ্বিপাক্ষিকসম্পর্কের প্রসার ও অগ্রগতিতে দুই নেতাই বিশেষ সন্তোষ প্রকাশ করেন। আন্তঃপ্রশান্তমহাসাগরীয় অঞ্চলে নৌ সহযোগিতা এবং প্রতিরক্ষা, তেল ও গ্যাস এবং বাণিজ্য ও বিনিয়োগক্ষেত্রে দ্বিপাক্ষিক কৌশলগত অংশীদারিত্বের ক্রম অগ্রগতির বিষয়গুলি সম্পর্কেওতাঁরা আলোচনা করেন। এই সফরকালে তথ্য ও সম্প্রচার ক্ষেত্রে স্বাক্ষরিত দুটি চুক্তিভারত-ভিয়েতনাম সম্পর্কে এক বিশেষ মাত্রা যোগ করবে বলে মনে করেন তাঁরা। দু’দেশেরমধ্যে ঋণ সহযোগিতা প্রসারের বিষয়টিও ছিল প্রধানমন্ত্রী মোদী এবং প্রধানমন্ত্রীফুক-এর এদিনের আলোচ্যসূচিতে।
প্রেসিডেন্ট দুতার্তের সঙ্গে বৈঠককালে দ্বিপাক্ষিকসম্পর্কের প্রসার ও অগ্রগতির বিষয়গুলি খতিয়ে দেখেন দুই নেতা। এর আগে ২০১৭’রনভেম্বরে ম্যানিলায় দুই নেতার মধ্যে অনুষ্ঠিত বৈঠক পরবর্তী পর্যায়ে দ্বিপাক্ষিকসম্পর্কের প্রসার ও অগ্রগতির বিষয়গুলিও এদিন পর্যালোচনা করে দেখা হয়।
তিনটি আলোচনা বৈঠকেই সফররত বিশ্ব নেতারা প্রশান্তমহাসাগরীয় অঞ্চলে শান্তি, সুরক্ষা এবং আর্থ-সামাজিক বিকাশের লক্ষ্যে আসিয়ান-ভারতসম্পর্কের বিষয়টিকে বিশেষভাবে গুরুত্ব দান করেন।
India and Vietnam are emerging as the fastest-growing economies in the world: PM Modi at the India-Vietnam Joint Press Meet
May 06, 2026
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Your Excellency, जनरल सेक्रेटरी एण्ड प्रेसीडेंट तो लम, दोनों देशों के delegates, मीडिया के साथियों,
नमस्कार!
सिन चाओ!
President तो लम का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। वियतनाम के President बनने के बाद, एक महीने के भीतर ही उनका भारत आना, और एक high-level delegation समेत कई business leaders के साथ आना, यह स्पष्ट करता है कि वे भारत-वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने भारत यात्रा की शुरुआत, बोध गया से की है। यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है। उनकी इस यात्रा और हमारी सार्थक चर्चाओं से, हम अपनेआपसी good-will को कई ठोस परिणामों में बदल रहे हैं।
Friends,
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास - दोनों का महत्व है। पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की पाप्युलैशन के 15 पर्सेन्ट लोगों ने किया था। हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का रेस्टोरैशन कर रहे हैं। अब हम चम्पा सभ्यता की manuscripts को digitalize करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।
Friends,
एक दशक पहले, मेरी वियतनाम यात्रा के दौरान, वियतनाम आसियान में, भारत का पहला Comprehensive Strategic Partner बना था। तब से, हमारे संबंधों ने तेज़ और व्यापक प्रगति की है। Civilizational ties के साथ-साथ, हमारे Trade, technology और tourism संबंध भी और मजबूत हुए हैं।
इस मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, आज हम अपने संबंधों को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership के स्तर पर ले जा रहे हैं। अब हम अपनी साझेदारी को और ऊँचे लक्ष्यों की ओर अग्रसर करेंगे। Culture, connectivity और capacity building के साथ-साथ, security, sustainability और supply chain resilience - हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर पर पहुँचेगा।
Friends,
भारत और वियतनाम का बाइलैटरल ट्रेड, पिछले एक दशक में डबल होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। 2030 तक इसे 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हमारी ड्रग अथॉरिटीज़ के बीच MOU से अब भारत की दवाइयों का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा। भारत के एग्रीकल्चर, फिशरीज़ और एनिमल प्रोडक्ट्स का भी, वियतनाम तक एक्सपोर्ट और सुगम होने जा रहा है। बहुत जल्द, वियतनाम भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा, और हम वियतनाम के डूरियन और पोमेलो का।
इतना ही नहीं, हमने भारत-आसियान ट्रेड एग्रीमेंट "आईटिगा” को वर्ष के अंत तक अपडेट करने पर भी सहमति बनाई है। इससे भारत और आसियान के सभी देशों के बीच, ट्रेड और इनवेस्टमेंट को नई ऊर्जा मिलेगी। क्रिटिकल मिनरल्स, रेअर अर्थ और एनर्जी सहयोग में नई पहलों से, हम दोनों देशों की इकोनॉमिक सिक्योरिटी और सप्लाई चैन रिज़िल्यन्स सुनिश्चित करेंगे।
Friends,
कनेक्टिविटी और कपैसिटी बिल्डिंग, हमारी पार्ट्नर्शिप के अहम स्तंभ हैं। हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है।
फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को भी बूस्ट करने के लिए, आज हमने अपने सेंट्रल banks के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय किया है। भारत के UPI और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम भी जल्द ही लिंक होने जा रहे हैं। साथ ही, अब हम दोनों देशों के बीच स्टेट to स्टेट और सिटी to सिटी को-ऑपरेशन को भी मजबूत करने जा रहे हैं।
Friends,
वियतनाम भारत की ऐक्ट-ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का एक मुख्य स्तंभ है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारा common outlook है। हम अपनी सुदृढ़ होती हुई रक्षा और सुरक्षा सहयोग से, rule-of-law, शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति योगदान देते रहेंगे। वियतनाम के सहयोग से भारत, आसियान के साथ अपने संबंधों को भी और व्यापक बनाएगा।
Your Excellency,
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने, और आतंकवाद के विरुद्ध हमारे संघर्ष में साथ खड़े रहने के लिए हम वियतनाम के आभारी हैं।
वैश्विक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में,अपने talent, good governance और economic reforms के बल पर, भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती economies के रूप में उभर रहे हैं। अब हमारी enhanced strategic partnership के माध्यम से, हम एक-दूसरे की rapid growth के सहायक बनेंगे।
जैसा कि बुद्ध की शिक्षाओं की भावना है कि "यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है।”
इसी भावना के साथ, हम एक-दूसरे के vision और goals को support करते हुए, विकसित राष्ट्र बनने की अपनी आकांक्षाओं को मिलकर साकार करेंगे।
हम साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे, और साथ जीतेंगे।
बहुत बहुत धन्यवाद।
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास- दोनों का महत्व है।
पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की population के 15% लोगों ने किया था: PM @narendramodi