BJP’s sankalpa is to make Karnataka the No.1 state in India. That’s why it’s important to elect a double-engine BJP government: PM Modi in Kolar
Congress only thrives on corruption. That is why they will never act against corruption: PM Modi in Kolar

भारत माता की। भारत माता की।
‘चिन्नादा नाडु’ कोलारदा जनतेगे, नन्ना नमस्कारगालु!

भाइयों और बहनों
आज इतनी बड़ी संख्या में, और मैं देख रहा हूं पंडोल के बाहर इससे भी डबल लोग खड़े हैं। इतनी बड़ी संख्या में आपका यहां आना, आज कांग्रेस और जेडीएस दोनों की नींद उड़ाने वाला है। कर्नाटका के विकास में ये दोनों पार्टियां ही सबसे बड़ा रोड़ा हैं, सबसे बड़ा अवरोध हैं। कांग्रेस और जेडीएस, मिलकर चाहे जितना खेल लें, लेकिन कर्नाटका की जनता उन्हें क्लीन बोल्ड करने जा रही है। कर्नाटका के लोगों ने तय कर दिया है, बड़े विश्वास से तय कर दिया है। अनुभव के आधार पर तय कर दिया है- ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा !

भाइयों और बहनों,
कर्नाटका का ये चुनाव सिर्फ आने वाले 5 वर्षों के लिए एमएलए, मंत्री या सीएम बनाने का सिर्फ नहीं है। ये चुनाव आने वाले 25 सालों में विकसित भारत के रोडमैप की नींव को सशक्त करने का है। अस्थिर सरकार इस तरह के बड़े विजन पर कभी काम नहीं कर सकती। अस्थिर सरकारों का कितना नुकसान होता है, ये आपने देखा है। अस्थिर सरकारों की पहचान है- जनता के हित वाले निर्णय में देरी करना और भ्रष्टाचार में उतनी ही तेजी करना। हमें कर्नाटका को अस्थिर सरकार से बचाना है। हमें कर्नाटका को कांग्रेस औऱ जेडीएस के भ्रष्टाचारी शिकंजे से बचाना है। आपने देखा है, आपने केंद्र में अनेकों दशकों बाद, एक स्थिर और मजबूत सरकार बनाई तो क्या परिणाम आया। केंद्र की बीजेपी सरकार ने ऐसे-ऐसे बड़े काम किए जो कई दशकों से पेंडिंग थे। 2014 से पहले के करप्शन काल में, कांग्रेस सरकार के कालखंड में दुनिया, भारत से सारी उम्मीदें छोड़ चुकी थीं। बीजेपी को दिए आपके एक वोट ने सारी स्थिति बदल दी। आज भारत की प्रतिष्ठा बुलंदी पर है, अर्थव्यवस्था की गति तेज़ है और दुनिया भारत को ब्राइट स्पॉट बता रही है। भारत ने जिस मजबूती से कोरोना का मुकाबला किया है, उसकी चर्चा पूरी दुनिया में है। भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान चलाकर अपना सामर्थ्य दिखा दिया है। और हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन दिया है।

भाइयों और बहनों,
बीजेपी का संकल्प, कर्नाटका को, भारत का नंबर वन राज्य बनाने का है। इसलिए कर्नाटका में डबल इंजन की सरकार जरूरी है। जितने दिन यहां बेंगलुरू में कांग्रेस-जेडीएस का गठबंधन रहा, कर्नाटका के विकास पर भी ब्रेक लग गया। जब कर्नाटका में डबल इंजन की सरकार बनी, तब यहां के विकास ने नई गति पकड़ी। साथियों, जैसे आपने केंद्र में तेज गति वाला इंजन लगा रखा है, तो कर्नाटका में भी वैसा ही इंजन बने रहना जरूरी है। कांग्रेस का कमजोर और Outdated इंजन, कभी कर्नाटका का विकास नहीं कर सकता।

साथियों,
डबल इंजन सरकार आधुनिक कनेक्टिविटी के लिए जो काम कर रही है, वो इस पूरे क्षेत्र में नई संभावनाएं बनाएगा। बैंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे, जो यहां के किसानों और इंडस्ट्री, दोनों के लिए नए अवसर बनाएगा, उस पर तेज़ी से काम चल रहा है। मल्टीनेशनल कंपनियां कोलार जैसे जिलों में भी आएं, यहां इंडस्ट्री का विस्तार हो, ये भी हमारा प्रयास है। अच्छी कनेक्टिविटी से कितना लाभ होता है, इसका एक उदाहरण फेमस मुलबागल डोसा भी है। अच्छी कनेक्टिविटी ने इस डोसे का स्वाद दूर-दूर तक पहुंचा दिया है।

साथियों,
आजकल कांग्रेस ने फिर अपनी झूठी गारंटी का बंडल निकाल लिया है। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है कि वो कभी अपनी कोई गारंटी पूरी नहीं करती। 2005 में कांग्रेस ने देश के लोगों को गारंटी दी थी कि वो साल 2009 तक, हर घर तक बिजली पहुंचा देगी। कांग्रेस ने 2014 तक शासन किया। उनके पास अपनी दी हुई गारंटी को पूरा करने के लिए करीब एक दशक का समय था। दस साल थे। 2014 में जब हमने सरकार बनाई तो हम दंग रह गए। हर घर तक तो बिजली छोड़िए, कांग्रेस ने हर गांव तक भी बिजली नहीं पहुंचाई थी। देश में दूर-दराज के, गरीब और पिछड़े इलाकों के 18 हजार गांव ऐसे थे, जहां बिजली नहीं पहुंची थी। देश में ढाई करोड़ से ज्यादा घर भी बिना बिजली के अंधेरे में थे। बीजेपी सरकार ने प्रण लिया और हमने सिर्फ एक हजार दिन में, एक हजार दिन में 18 हजार गांवों तक और ढाई करोड़ लोगों तक बिजली पहुंचाकर दिखाई। गारंटी दी कांग्रेस ने। धोखा दिया कांग्रेस ने। और काम पूरा किया भाजपा ने। काम पूरा किया। काम पूरा किया। काम पूरा किया।

साथियों,
जब कोई पार्टी अपने मैनिफेस्टो में कुछ लिखती है तो वो किसी संकल्प से कम नहीं होता है। जनता-जनार्दन को दिया हुआ वादा होता है। उसमें धोखा करना बहुत बड़ा पाप होता है। साथियों, ये किसानों का क्षेत्र है। मैं आपको एक और गारंटी के बारे में बताता हूं जो कांग्रेस ने किसानों को दी थी। और वो भी 2004 में, आज से करीब-करीब 20 साल पहले। अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने किसानों से वादा किया था कि वो किसानों के लिए direct income support scheme लागू करेगी। किसानों ने उन्हें वोट दिया। लेकिन वोट पाने के बाद कांग्रेस ने हाथ ऊपर कर लिए। 2009 में, उनके मैनिफेस्टो में फिर से वही वादा किया गया। उन्हें ये वादा पूरा करने के लिए 5 और 5 दस साल मिल गए। 2014 का चुनाव आ गया, लेकिन उन्होंने अपनी गारंटी को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अपना वादा पूरा नहीं किया। ये बीजेपी की सरकार है जिसने पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजना लागू की। हमारी सरकार अब तक किसानों के बैंक खातों में ढाई लाख करोड़ रुपया, याद रहेगा दोस्तों, ढाई लाख करोड़ रुपया, कितना... जरा जोर से बोलिए..कितना... ढाई लाख करोड़ रुपया सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर कर चुकी है। गारंटी दी कांग्रेस ने। धोखा दिया कांग्रेस ने। लेकिन काम पूरा किया। काम पूरा किया। काम पूरा किया। काम पूरा किया किया बीजेपी ने।

भाइयों और बहनों,
कांग्रेस सरकार ने कभी भी किसानों की परवाह नहीं की। लेकिन बीजेपी सरकार, बीज से बाजार तक किसानों के लिए काम कर रही है। केंद्र सरकार, पीएम किसान सम्मान निधि के जो पैसे भेजती है उसमें यहां की बीजेपी सरकार 4 हजार रुपए और जोड़ देती है। इससे कर्नाटका के लाखों किसान परिवारों के बैंक अकाउंट में 18 हजार करोड़ रुपए पहुंचे हैं। इसके साथ-साथ कोल्ड स्टोरेज, फूड पार्क और मेगा टेक्सटाइल पार्क का जो विस्तार हो रहा है, वो भी कर्नाटका के किसानों की बहुत मदद करने वाला है।

भाइयों और बहनों,
कांग्रेस और उसके शाही परिवार से देश का विश्वास क्यों टूटा है, इसका भी एक कारण है। कांग्रेस की पहचान, हमेशा से Eighty Five परसेंट कमीशन खाने की रही है। कांग्रेस के शासन में उसके सबसे बड़े नेता, कांग्रेस के उस समय के प्रधानमंत्री गर्व से कहते थे कि वो दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं और ज़मीन पर 15 पैसा पहुंचता है। गरीब के हक का 85 पैसा कांग्रेस का पंजा छीन लेता था। ये बीजेपी का आरोप नहीं है, बल्कि ये कांग्रेस ने जिन्हें प्रधानमंत्री बनाया उनका सार्वजनिक कबूलनामा है। Eighty Five परसेंट कमीशन खाने वाली कांग्रेस, कभी कर्नाटका का विकास नहीं कर सकती।

साथियों,
आज दिल्ली से बीजेपी की केंद्र सरकार जितना पैसा भेजती है, वो हर लाभार्थी तक Hundred percent पहुंचता है, शतप्रतिशत पहुंचता है। पिछले 9 वर्षों में हमने डिजिटल इंडिया की ताकत से अलग-अलग योजनाओं के 29 लाख करोड़ रुपए, 29 लाख करोड़ रुपए गरीबों के बैंक खातों में भेजे हैं। अगर Eighty Five परसेंट कमीशन खाने वाली कांग्रेस ही बनी रही इसमें से 24 लाख करोड़, 24 लाख करोड़ रुपए कभी गरीब तक नहीं पहुंच पाते। और आप सोचिए, हमारी सरकार तो 9 साल पहले आई है। उससे पहले कितने लाखों करोड़ रुपए कांग्रेस नेताओं ने अपनी तिजोरी में भरे हैं।

साथियों,
कांग्रेस ने गरीब, SC/ST/OBC के साथ, महिलाओं के साथ हमेशा अन्याय किया है। लेकिन आज मैं कर्नाटका की जनता का आभार व्यक्त करूंगा कि उसके एक वोट ने सारी स्थितियां बदलनी शुरू कर दीं। आपने अपने एक वोट से वंचितों के खिलाफ अन्याय को दूर किया। आपके एक वोट से पहली बार लाखों SC/ST/OBC परिवारों को पक्का घर मिला। आपके एक वोट से पहली बार 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को टॉयलेट की सुविधा मिली। आपके एक वोट से पहली बार 9 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। आपके एक वोट से पहली बार ढाई करोड़ लोगों को बिजली कनेक्शन मिला। आपके एक वोट ने कोरोना के संकटकाल में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन सुनिश्चित कराया। बीजेपी, तुष्टिकरण के बजाय संतुष्टिकरण पर फोकस करती है। बीजेपी सरकार के लाभार्थियों का प्रचंड विश्वास, शाही-परिवार की हर झूठी गारंटी पर भारी पड़ने वाला है।

भाइयों और बहनों,
कांग्रेस, भ्रष्टाचार में ही फलती-फूलती है, इसलिए वो कभी भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई कर ही नहीं सकती। कांग्रेस ऐसी कोई योजना बना ही नहीं सकती जिसमें घोटाले ना हों। आज भी कांग्रेस के शाही परिवार और उसके करीबी लोग हजारों करोड़ के घोटाले में जमानत पर बाहर हैं। आप सोचिए, जो लोग करप्शन के आरोप में स्वयं जमानत पर बाहर हैं, वो आज कर्नाटक में आकर उपदेश दे रहे हैं। जिसके शीर्ष नेता ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हों, जिस शाही परिवार के सदस्य जमानत पर बाहर हों, वो कांग्रेस भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर सकती। मैं आपको एक आंकड़ा दूंगा। 2014 से पहले के 9 वर्षों में कांग्रेस सरकार के दौरान भ्रष्टाचारियों की सिर्फ 5 हज़ार करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई थी। जबकि बीते 9 वर्षों में देश को लूटने वालों की 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति बीजेपी सरकार जब्त कर चुकी है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सबसे तेज प्रहार बीजेपी ही कर सकती है।

साथियों,
आज जब मैं करप्शन के खिलाफ कार्रवाई कर रहा हूं, तो सबसे ज्यादा तकलीफ कांग्रेस को हो रही है। और इसीलिए कांग्रेस की दिनों दिन मुझसे नफरत भी और बढ़ गई है। इन्होंने मुझ पर हमला औऱ बढ़ा दिया है। ये लोग आजकल धमकी दे रहे हैं, कांग्रेस के लोग धमकी दे रहे हैं, वो कह रहे हैं...कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी। अब कर्नाटका चुनाव में इनका सबसे बड़ा मुद्दा क्या है, चुनाव में कांग्रेस का सबसे बड़ा मुद्दा सांप है सांप। सांप के ज़हर का है। मेरी तुलना ये लोग सांप से कर रहे हैं और जनता से वोट मांग रहे हैं। लेकिन भाइयों-बहनों, सांप तो भगवान शंकर के गले की शोभा है। मेरे लिए देश की जनता, ईश्वर का रूप है, शिव का ही स्वरूप है। इसलिए ईश्वर रूपी जनता के गले का सांप होना भी मुझे स्वीकार है। लेकिन मैं जानता हूं, संतों और संस्कारों की धरती कर्नाटका के लोग कांग्रेस के इस गाली-गलौच का चोटभरा जवाब वोट के माध्यम से देकर के उनके इन सारे मंसूबों को चूर-चूर कर देंगे। ये नाराजगी, ये जनता जनार्दन का गुस्सा, कांग्रेस के खिलाफ 10 मई, 10 मई को पोलिंग बूथ पर बढ़-चढ़कर निकलने वाला है।

भाइयों और बहनों,
आपको याद रखना है- ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा ! ये बात घर-घर पहुंचाओगे, घर-घर जाओगे। मतदाताओं को मिलोगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान कराओगे, दिन रात मेहनत करोगे, हाथ ऊपर करके बताइए पक्का करोगे, सब लोग करोगे। अच्छा एक मेरा काम करोगे क्या। एक मेरा काम करोगे क्या। पर्सनल काम है मेरा, करोगे। हाथ ऊपर करके बताइए... करोगे। सब कोई करेंगे। पक्का करेंगे। देखिए एक काम करना है और मेरे लिए करना है। मोदी के लिए करना है...करोगे ना। पक्का करोगे। देखिए आप घर-घर जाइए। हर मतदाता के पास जाइए। और उनको हाथ जोड़कर के बताइए कि दिल्ली से प्रधान सेवक मोदी कोलार आए थे। और मोदी ने आपको प्रणाम भेजा है, नमस्कार भेजा है। मोदी आपका आशीर्वाद मांगते हैं। ये बताओगे। हर घर मेरा नमस्कार पहुंचाओगे। हर घर मेरा प्रणाम पहुंचाओगे। हर व्यक्ति से मेरे लिए आशीर्वाद लाओगे। ये जनता जर्नादन का आशीर्वाद मुझे देश के लिए काम करने की एक ऊर्जा देता है, आत्मविश्वास देता है, शक्ति देता है। और इसीलिए मुझे कर्नाटका के हर भाई-बहन का आशीर्वाद चाहिए ताकि मैं कर्नाटका की सेवा कर सकूं, देश की सेवा कर सकूं।

भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !
बहुत-बहुत धन्यवाद !

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You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।