Development in UP was previously linked to favouritism and family links: PM Modi in Kasganj
The dynasts are now aware that their boat has sunk, so they are now blaming EVMs and EC: PM Modi in UP’s rally
The region's development was halted under the previous regime due to the mafia and extortionists: PM Modi in UP's Kasganj

भारत माता की, भारत माता की

यहां अनेक जिलों से आप डबल इंजन की सरकार को आशीर्वाद देने के लिए आए हैं। मेरी नजर जहां पहुंचती है उससे भी आगे मुझे लोग ही लोग नजर आते हैं। मैं सबसे पहले तो आपकी क्षमा चाहता हूं कि मुझे आने में विलंब हो गया। आज उत्तराखंड में मेरा सुबह कार्यक्रम था, और इतनी जबरदस्त भीड़ थी इतना बड़ा उत्साह का वातावरण था कि मैं बोलता ही गया और मुझे समय का ध्यान ही नहीं रहा और उसके कारण मैं लेट हो गया, तो मैं आप सब की क्षमा चाहता हूं। लेकिन इसके बावजूद भी आप जिस प्यार के साथ आशीर्वाद देने के लिए आए हैं मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है, मैं फिर से एक बार आभार व्यक्त करना चाहता हूं। मैं श्रीमान योगी जी को भी अभिनंदन देता हूं कि अभी जो उन्होंने की वो वाकई, आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत की एकता क्या है? लता मंगेशकर जी गोवा की बेटी, उनका पैतृक विस्तार गोवा, राम की भक्त, राम से जुड़े भजनों को अमर कर दिया, वो लता मंगेशकर जी अयोध्या में एक चौराहे का नाम उनपर करना मैं समझता हूं, जो भी राम मंदिर के दर्शन के लिए आएगा वो यहीं से निकलेगा तो लता मंगेशकर जी के भजन भी याद आएंगे और भारत रत्न लता मंगेशकर जी के लिए गर्व भी होगा। और दूसरा योगी जी का फिल्म सिटी बनाने का सपना है, युवाओं को फिल्म जगत में अवसर मिले इसके लिए लता मंगेशकर एकेडमी बनाकर के फरफॉरमेंस के लिए गीत संगीत के लिए नई पीढ़ी को तैयार करने का काम जो किया है उसके लिए योगी जी आपको, आपकी सरकार को और उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी को मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। आपके इस निर्णय के लिए। एटा, फर्रुखाबाद, हाथरस, फिरोज़ाबाद और बरेली के अनेक स्थानों से भी तकनीक के माध्यम से वर्चुअली जुड़े हमारे सभी भाइयों बहनों को भी आज मैं यहां से प्रणाम करता नमस्कार करता हूं। यहां मेरे नवजवानों से भी विनती है, मैं आपकी तरफ देखकर के बोलूंगा आप चिंता मत कीजिए, लेकिन आगे आने की कोशिश मत कीजिए, जगह ही नहीं है, बिना कारण किसी को नुकसान हो जाएगा भइया। प्लीज, आपलोग खड़े रहिए मेरा भरपूर प्यार आपकी तरफ है, चिंता मत कीजिए। बहुत-बहुत इतना प्यार, इतना आशीर्वाद, कासगंज के आप सभी भाइयों और बहनों का भी मैं आदरपूर्वक अभिनंदन करता हूं। मैं तुलसीदास जी को भी नमन करता हूं।

साथियों,

आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्य तिथि है। इसी उत्तर प्रदेश की धरती का रत्न, आज हम उनका पुण्य स्मरण कर रहे हैं। पंडित जी ने जीवन अंत्योदय के लिए समर्पित किया, दीनहीन के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया। मैं उन्हें आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। कासगंज का, और मुझे जब कासगंज आया हूं तो बाबू जी की याद आना बहुत स्वाभाविक है। कल्याण सिंह जी मेरे जीवन में उनका बहुत बड़ा संबंध रहा, मुझे उनकी उंगली पकड़ कर चलने का सौभाग्य मिला और जब कासगंज में आया हूं तो बाबू जी के प्रति कासगंज का प्यार कितना रहा है वो आप भी जानते हैं और मैं भी जानता हूं। उनकी प्रेरणा से भाजपा, निरंतर गरीबों की, दलितों की, पिछड़ों की, जनता जनार्दन की सेवा में दिन रात जुटी हुई है।

साथियों,

कल यूपी में पहले चरण का मतदान पूरा हुआ है। लोगों ने भारी संख्या में घरों से निकलकर यूपी को सुरक्षित रखने के लिए, यूपी के विकास के लिए काफी मात्रा में कमल को वोट दिया है। विशेष रूप से हमारी बहन-बेटियों ने जमकर के मतदान किया है। भाइयों-बहनों जो रुझान आए हैं, वो ये बता रहे हैं कि पहले चरण में भाजपा का परचम लहरा रहा है। और कल से कल दोपहर के बाद उन नेताओं के जितने इंटरव्यू आए हैं उनका चेहरा ऐसा लटका हुआ है। अब वे खुलकर के परिवार की बात करने लगे हैं। योगी जी आपने क्या हाल कर दिया इन लोगों का। और आप देखिए ये बात, जो घोर परिवारवादी लोग हैं, उन्हें भी पता चल गई है कि नइय्या डूब चुकी है। इसलिए उन्होंने अभी से ही EVM पर, चुनाव आयोग पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। आपको मालूम है न जैसे क्रिकेट में क्या होता है, जब बॉलर बॉल फेंकता है, जब विकेट मिलती नहीं है तो बॉल वहां पहुंचने से पहले ही चिल्लाता है अंपायर के सामने देख के ऑउट ऑउट ऑउट और फिर नहीं होता है तो अंपायर पर गुस्सा करता है और अंपायर के सामने पैर पटकता है देखा है न आपने। इस चुनाव के पहले चरण के बाद ये लोग उसी प्रकार की भाषा, वातावरण, अभी ईवीएम को दोष दो, अरे जनता जनार्दन आपको स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है अब उत्तर प्रदेश को गुंडाराज नहीं चाहिए। लेकिन मैं इन परिवारवादियों से कहना चाहता हूं। कि भाई आपका डूबना तय है, अगर ईवीएम को ही गाली देना है, तो 10 मार्च के बहुत दिन है देते रहना।

साथियों,

मोदी और योगी जी को जो आशीर्वाद और प्यार आप दे रहे हैं, उसने परिवारवादियों की नींद उड़ा दी है। कितनी कोशिश की, इन लोगों ने आपको बांटने की, जाति के नाम पर अलग-अलग करने की, लेकिन ये लोग पूरी तरह फेल हो गए। आपने एकता के दर्शन करा दिए, आपने नव जवानों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता की। भाइयों बहनों ये परिवारवादी, महलों में जिंदगी गुजारने वालों को जमीनी सच्चाई का पता ही नहीं है। यूपी के लोगों के हित, यूपी के लोगों के लिए, हम जानते हैं देश का हित सर्वोपरि है, यूपी का हित सर्वोपरि है, यूपी का विकास सर्वोपरि है, इसलिए वो कमल के निशान पर वोट कर रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी को इतना भारी समर्थन दे रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

आपने पांच साल तक डबल इंजन की सरकार का काम देखा है, आपने हमें परखा है। गरीब का विकास हो, गरीब को मूलभूत सुविधाएं मिलें, इसे हमने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। लेकिन इन परिवारवादियों ने अपना घर, अपनी तिजोरी तो भरी लेकिन कभी गरीब की चिंता नहीं की। गरीब का जीवन आसान बने, ये लोग ना पहले चाहते थे और ना आज चाहते हैं। ये अफवाह फैलाने वाले प्रवृत्ति वाले परिवारवादी पूरी कोशिश कर रहे थे कि कोरोना का मुफ्त टीका गरीब परिवार को ना लगे। लेकिन गरीबों की सरकार ने गरीबों की जिंदगी सुधारने के लिए, उनके जीवन में विश्वास पैदा करने के लिए, पल-पल गरीबों की चिंता करने वाली इस डबल इंजन की सरकार ने उनके इस इरादों को सफल नहीं होने दिया। ये लोग गरीबों के अस्पतालों के नाम पर, स्वास्थ्य सेवा के नाम पर घोटाले करते थे। इनका लंबा इतिहास आप जानते हैं, लेकिन योगी जी की सरकार ने अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का जाल बिछा दिया है। मेरा सौभाग्य था एक साथ 9 मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करने का मुझे मौका मिला था, ये हिंदुस्तान में कभी नहीं हुआ है, जो योगी जी की सरकार में हो रहा है। इनको ये भी लगता था कि 100 साल का इतना बड़ा संकट आया है, वैश्विक महामारी कोरोना आई है, यूपी में भुखमरी फैलेगी, उस पर ये अपनी राजनीतिक रोटियां सेकेंगे। लेकिन इन लोगों को ऐहसास ही नहीं था, कि मोदी-योगी ने इनके राशन माफिया, मालूम है न राशन माफिया को किनारे लगा दिया है। महामारी के इस समय में हमारी सरकार हर गरीब को पिछले कई महीनों से मुफ्त राशन दे रही है। और हमारा संकल्प रहा, कि ऐसी बड़ी वैश्विक 100 साल की भयंकर बीमारी आई है, जीवन बचाना बड़े-बड़े समृद्ध देशों के लिए मुश्किल हो गया था। हमने जीवन बचाने के लिए जी जान से मेहनत की और हमने कोशिश की कि गरीब के घर का चूल्हा जलता रहना चाहिए। आज गरीब माताएं-बहनें मोदी को आशीर्वाद दे रहे हैं योगी को आशीर्वाद दे रहे हैं क्योंकि उनको पता है कि उनके घर में बच्चों को कभी भूखा सोना नहीं पड़ा है, घर का चूल्हा कभी बंद नहीं हुआ है। भाइयों बहनों, अब दिल्ली से गरीब, दलित, पिछड़ों के लिए निकला राशन, राशन का हर दाना, उसके जो हकदार है उनके पास जाता है, राशन माफिया नहीं है इसलिए राशन गरीब के घर पहुंच जाता है। डबल इंजन की सरकार ने एक देश, एक राशनकार्ड One Nation, One Ration Card की भी व्यवस्था की है। और उसके कारण यूपी का जो भी परिवार अगर दूसरे राज्य में गया है, उसको अब वहां भी यहां के राशन कार्ड से उसको वहां भी राशन मिलेगा। उत्तर प्रदेश क व्यक्ति कहीं बाहर रोजी-रोटी के लिए गया है तो उसकी रोजी-रोटी की चिंता मोदी करता है भाइयों-बहनों।

साथियों,
ये आपके एक वोट की ताकत है जो गरीब का भला करती है। लेकिन मैं यूपी के लोगों को सावधान भी करना चाहता हूं।ये परिवारवादी लोग इस समय इतने बौखलाए हुए हैं कि ठान कर बैठे हैं कि गरीब के लिए चल रही सारी योजनाओं को सबसे पहले ताले लगा देंगे इसको बंद करा देंगे। क्योंकि उनको लगेगा कि यदि ये योजनाएं चालू रही तो योगी और मोदी के ही ये लोग गीत गाते रहेंगे और इसलिए पहला काम उसको ताला लगाने का करेंगे। इसलिए, भाइयों बहनों क्या आप चाहते हैं कि लोक कल्याण की ये योजनाएं चालू रहे, आप चाहते हैं ये योजनाएं चालू रहे, आप चाहते हैं कि गरीब को घर मिलना चाहिए, आप चाहते है गरीब का चूल्हा जलता रहना चाहिए.. आप चाहते है गरीब के बच्चों को पढ़ने की सुविधाएं मिलनी चाहिए… आप चाहते हैं गरीब को बीमारी में दवाई के लिए व्यवस्था मिलनी चाहिए… इनके लिए ये काम ही नहीं है… इसलिए ऐसे लोगों को कभी मौका मत देना।

साथियों,

इस क्षेत्र के जिन गांवों को इन लोगों ने बेसहारा छोड़ दिया था उनको डबल इंजन की सरकार ने अच्छी सड़कें दी हैं, नदी पर अच्छे पुल दिए हैं। एटा में 11 हज़ार करोड़ रुपए का बिजली प्रोजेक्ट लगा है। गन्ना, आलू, अमरूद, आम, केला जैसी अनेक फसलें उगाने वाले छोटे किसान, फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में हमारे ईमानदार प्रयासों में एक आशा का अनुभव कर रहा है, नया विश्वास पैदा हो रहा है। हजारों करोड़ रुपए का बजट कोल्ड स्टोरेज और गोदाम बनाने के लिए तय किया गया है। किसान उत्पादक संघों यानि FPO’s में छोटे किसानों को संगठित कर उनको एक्सपोर्ट के लिए, फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाने के लिए मदद दी जा रही है। हमारी सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में पशुपालकों को, मछली पालकों को भी किसान क्रडिट कार्ड की सुविधा दी है, जिसके कारण कम ब्याज पर बैंक से लोन मिल सकता है वो अपने काम को विस्तार कर सकता है और ये भी सुविधा हमने दी है। यूपी में जो बायोगैस प्लांट का नेटवर्क तैयार हो रहा है, वो किसानों को आय का एक और जरिया बनेगा।

भाइयों और बहनों,

आपने 2017 में जिनको सबक सिखाया, उनको अचानक, पहले तो उनको लगता था कि जो खेल खेलते हैं खेलते रहेंगे, लेकिन अब उनको लगा है कि विकास की किए बिना कोई चारा नहीं है, इसलिए उनको विकास याद आने लगा है। ऐसे ही घोर परिवारवादियों के लिए काका हथरसी कह गए थे- काका हथरसी ने क्या कहा था मन मैला, तन ऊजरा, भाषण लच्छेदार, ऊपर सत्याचार है, भीतर भ्रष्टाचार। विकास करने के लिए दिन रात मेहनत करनी पड़ती है, खुद को खपाना पड़ता है। ऐसा नहीं होता कि चार-साढ़े चार साल दुनिया भर में घूमते रहो, फिरते रहो, मौज-मस्ती करते रहो, गायब हो जाओ, जनता के सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं। और चुनाव के छह महीने पहले आकर के टपक जाओ और लोगों को भड़काने की कोशिश करो। लेकिन देश समझ चुका है पहले का जमाना नहीं रहा है। भाइयों-बहनों, जिनका जनता से सरोकार ही नहीं हो, जिसके मन में जनता की सेवा की भावना ही नहीं हो, जो सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार से बाहर देख ही नहीं सकते हो वो यूपी का विकास कैसे करेगा? और ये बात उनको पूछनी चाहिए। आज किस यूपी वाले को गर्व नहीं होगा कि उनके मुख्यमंत्री पर कोई भी उत्तर प्रदेश का नागरिक इस बात का गर्व करेगा कि पिछले कई दशकों से चारों तरफ से भ्रष्टाचार की बू आ रही है, सरकारों पर आरोप लगते रहे हैं, मुख्यमंत्रियों पर आरोप लगते रहे हैं, लेकिन आपके पास एक ऐसा मुख्यमंत्री है जिनपर विरोधियों ने भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की हिम्मत नहीं की है। यहां जो पहले मुख्यमंत्री रहे उन पर कैसे-कैसे आरोप हैं, ये यूपी के लोग अच्छी तरह जानते हैं।

साथियों,

जहां डर होता है, जहां अपराध होता है, जहां माफियाराज होता है, फिरौती-छीना झपटी होती है, वहां विकास संभव नहीं होता है। और कानून व्यवस्था स्थापित करना ये कोई छोटी बात नहीं है, दोस्तो। मैं लंबे अरसे तक मुख्यमंत्री रहकर आया हूं। कानून व्यवस्था के लिए कितनी मेहनत पड़ती है सारे तंत्र को कितना सजग रहना पड़ता है। मैंने उस दुनिया से समय निकालकर के मैं आया हूं। भाइयों- बहनों मैं आज आपको कहना चाहता हूं, मान लीजिए आपके पास बांग्ला है, घर है, गाड़ी है, खेत है खलिहाल है। सब कुछ है। पांचों उंगली घी में है। कोई दुख नहीं है। लेकिन अगर माफियाओं की चलती है। गुंडों की चलती है और जवान बेटा सुबह घर से गया है उत्साह के साथ और शाम को उसकी लाश घर पर लौट आये कोई उसकी हत्या कर दे तो उस घर का क्या उपयोग है ? उस बंग्ले का क्या उपयोग है? उस व्यापार का गाड़ी का खेत खलिहान का कोई उपयोग है क्या? कोई उपयोग है क्या? जान प्यारी है कि नहीं ? तो गुंडागर्दी जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए? माफिया शाही बंद होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ? ये काम योगी जी ने किया है भाइयों। आप सोचिए आपके पास पैसे है बच्चे को अच्छे स्कूल भेज रहे हैं लेकिन चूंकि बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़ता है। इसलिए फिरौती लेने वाला बच्चों को उठाकर कर के ले जाये और फिर टेलिफोन कर के पैसे मांगे। मां-बाप भी सोचें कि अगर पैसे नहीं देंगे और बच्चों को कही मार देगा तो इसलिए पुलिस में भी कंपलेन ना करे। भाइयों- बहनों क्या बच्चों की सलामति होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ? ये गुंडागर्दी बंद होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ? अगर ये काम योगी जी ने किया तो अच्छा किया है कि नहीं किया है ? ये होना चाहिए था कि नहीं होना चाहिए था? ये उत्तर प्रदेश की सेवा है कि नहीं है ? ये आपकी सेवा है कि नहीं है ? ये आपकी सुरक्षा है कि नहीं है ? भाइयो-बहनों सुरक्षा जीवन में बहुत जरूरी होती है।

भाइयों- बहनों

हमारी बेटियां, स्कूल कॉलेज आते-जाते समय नजर नीची किए रहें, हर कदम पर घबराहट हो, चुपचाप भागने की कोशिश करती हो। और आपने देखा होगा ऐसे लोग रोड़ के किनारे पर खड़े रहकर के बेचारी को फब्तियां सुनती रहने पड़े, बहुत कुछ हमारी बेटियां सहन करती रहें, उनके मन की बेबसी और उनका आक्रोश, भाइयों-बहनों आप कल्पना कर सकते हैं हमारे घर में जवान बहन-बेटियों के साथ ऐसा हो वो बेटी बेचारी मुर्झा जाएगी कि नहीं मुर्झा जाएगी। उन बेटियों को सम्मान मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए। उन बेटियों की रक्षा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? कोई दुकानदार दिन-रात मेहनत करके अपनी दुकान का काम फैलाए, छोटी सी दुकान बेचारा कर्ज लेकर आया हो, मेहनत करता हो, कमाना शुरू करे। और कोई दबंग आकर के कह दे कि देखो हर दिन शाम को 50 रुपया मुझे पहुंचाना पड़ेगा। एक छोटा दुकानदार बेचारा कैसे घर चलाएगा कैसे जो कर्ज लिया है चूकता करेगा। ये रंगदारी वाले लोग मुनाफे में से हिस्सा ले जाये। अगर मुनाफे में से हिस्सा नहीं मिलता है तो पूंजी में से भी हिस्सा उठाकर ले जाये। और अगर वो ना दे पाये तो एक दिन आकर दुकान को ही उठाकर ले जाये। ऐसे लोग जब बैठे हैं तब प्रगति नहीं होती है। उसको रोकने का काम हमारे योगी जी ने किया है। भाइयों-बहनों, सूरज ढलने के बाद आप घर से निकलने से घबराएं, बहुत जरूरी होने पर ही बाहर जाएं, अपने काम टालें, ये स्थिति ठीक नहीं है। अगर ट्रेन रात को किसी स्टेशन पर पहुंचे। और लोग सुबह तक इंतजार करे प्लेटफॉर्म पर बैठे रहें ताकि सलामत घर पहुंच सके। ये स्थिति उत्तर प्रदेश ने देखी थी। उत्तर प्रदेश को उससे बाहर लाने का काम योगी जी की सरकार ने किया है भाइयों। यूपी में पांच साल पहले जो इन घोर परिवारवादियों-माफियावादियों ने जो माहौल बना दिया था, उसके खिलाफ योगी जी ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी है।

भाइयों- बहनों,

जीवन में सुरक्षा कोई छोटी चीज नहीं है। जहां हालात बिगड़े हुए हों, वहां दशकों-दशक निकल जाते हैं कानून का राज स्थापित नहीं होता है बहुत मेहनत पड़ती है, योगी जी ने ऐसी कठिन स्थिति में से उत्तर प्रदेश को बाहर लाकर के 5 साल के भीतर भीतर कानून का राज स्थापित करने में सफलता पाई है। बहुत बड़ा बदलाव लाये हैं और आगे भी इसको और पक्का करेंगे ये मुझे पूरा विश्वास है भाइयों। योगी जी ने यूपी में सुरक्षा का जो माहौल दिया है, उसने समृद्धि का नया द्वार खोल दिया है। समाज का हर वर्ग मेहनत करे, उन्नति करे, इसके लिए जो माहौल जरूरी है, वो माहौल योगी जी की सरकार ने दिया है। कासगंज, एटा, फर्रुखाबाद, हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, कन्नौज, सहित इस पूरे क्षेत्र के लिए भी ये सबसे बड़ा संकट था। इन क्षेत्रों के छोटे, लघु, कुटीर उद्योग, हमारे व्यापारी, उद्यमी साथी भी इन अपराधियों के कारण माफियाओं के कारण परेशान रहते थे। इसलिए योगी जी की सरकार ने कानून के राज को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया और उन्होंने कर के दिखाया है। गुंडे-माफिया को उन्होंने खोज-खोज कर के जेल भेजा, उन पर कार्रवाई की। कभी कभी लोग पूछते हैं कि योगी जी जुल्म कर रहे हैं योगी जी जुल्म कर रहे हैं। आप मुझे बताइए भइया क्या ये माफियाओं को जेल में भेजना चाहिए कि महल में भेजना चाहिए ? ये गुंडों को जेल भेजना चाहिए कि महल में भेजना चाहिए? योगी जी ने सही किया कि नहीं किया ? सही किया कि नहीं किया? यही करना चाहिए ना ? तभी तो सज्जन व्यक्ति भी जिंदगी जी सकता है भाई। ईमानदार आदमी जो मेहनत करता है वो तभी जी सकता है। बरेली के लोग भी आज हमारे साथ जुड़े हैं। वर्चुअली वो भी हमारे साथ बात कर रहे हैं। बरेली को कैसे बार-बार दंगों की आग में झोंका गया, ये भी हमने देखा है,भाइयों। पहले ये हालत थी कि लोग अपने पर्व-त्योहार तक शांति से नहीं मना सकते थे। दबंग, दंगा और माफियाराज को अब हमें यूपी से हमेशा के लिए बाहर कर देना है। पूरी तरह आप लोग इस बात का भी ध्यान रखिए कि इस बार भी इन घोर परिवारवादियों ने ऐसे अपराधी चुनाव के मैदान में उतारे हैं, जो आप लोगों से खार खाए बैठे हैं। ऐसे लोगों को वो नेता बना रहे हैं, माफियाओं को गुंडागर्दी करने वालों को ऐसे लोगों को वो नेता बनाने के लिए निकले हैं। इन अपराधियों और गुंडों को हराने के लिए आपको एकजुट होकर भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करो। ये मैं प्रार्थना करने आया हूं भाइयो-बहनों। ये बदले के मौके की तलाश में है। इनको कभी बदला लेने का मौका मत देना भाइयो-बहनों। मैं इस क्षेत्र के नौजवानों से, जो पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं से खास तौर से कहूंगा कि यूपी के बेहतर भविष्य से आपका भी भविष्य जुड़ा हुआ है। बहुत महत्वपूर्ण है भाइयों, आपके पहले लोगों को गांव घर छोड़कर जाना पड़ा। शहरों में जाकर झुग्गी-झोपड़ी में जीना पड़ा। अब मैं उत्तर प्रदेश से किसी को जाना पड़े ये स्थिति नहीं चाहता हूं। उत्तर प्रदेश ऐसा बनाना है देश भर के लोगों को उत्तर प्रदेश आने का मन कर जाये ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है। भाजपा को दिया आपका एक-एक वोट, यूपी की तस्वीर बदल देगा।

भाइयों और बहनों,

खेती और छोटे उद्योग आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी ताकत है। कोरोना के इस संकटकाल में डबल इंजन की सरकार ने खेती और छोटे उद्योगों के लिए ईमानदार प्रयास किए हैं, हमने नई-नई योजनाएं लाए कोशिशें की है। दुनियाभर में हाहाकार मचाने की वजह से भाइयों बहनों खाद की ये जो कोरोना के कारण जो सप्लाइ चेन सब खत्म हो गई, डिस्टर्ब हो गई, इसके कारण खाद की कीटनाशकों की सप्लाई भी बहुत प्रभावित हुई। कीमत भी कल्पना नहीं कर सकते कि कितनी बढ़ गई, अनेक गुना कीमत बढ़ गई है दुनिया के मार्केट में। लेकिन ये संवेदनशील सरकार है, छोटे किसानों पर बोझ न आए इसकी चिंता करने वाली सरकार है, इसलिए पूरी दुनिया में इतना बड़ा दाम बढ़ गया, हमें महंगी चीजें बाहर से लानी पड़ी, हमने किसानों के लिए चीजें लाए, फर्टिलाइजर लाए, खाद लाए, दवाइयां लाए और किसान को बोझ नहीं पड़ने दिया। सारा बोझ सरकार ने झेला किसानों को कम पैसों में वो दिया हमने। सब्सिडी बढ़ा दी, हमने हजारों करोड़ की सब्सिडी ज्यादा कर दी। इस बजट में भी एक लाख करोड़ रुपया, मेरे छोटे किसान भाइयों बहनों सुनिए एक लाख करोड़ से ज्यादा खाद सब्सिडी के लिए रखा है कि ताकि आगे अगर कोई आफत आ जाए तो भी मेरे किसानों को कोई मूसीबत न आ जाए इसका प्रबंध आज हमने अभी से किया है। छोटे किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि से जो हजारों रुपये इस दौरान मिले हैं उससे भी उनकी बहुत बड़ी मदद हुई है। छोटे किसान के लिए हर समय जब भी उसको खेती की जरूरत है तुरंत उनके खाते में 2 हजार रुपये जमा हो जाते हैं। और साल में बार-बार ये काम होता रहता है। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के किसानों ने रिकार्ड उत्पादन करके दिखाया है भाइयों-बहनों। और सरकार ने भी किसानों से एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की है। भाइयो-बहनों खेती की तरह ही डबल इंजन की सरकार ने लघु उद्योगों को एमएसएमई को बचाने के लिए भी निरंतर प्रयास किया है कोशिश की है। कोरोना काल में करीब-करीब ढाई लाख करोड़ रुपये छोटे उद्योग को दिए गए हैं, छोटे-छोटे स्थानों पर काम करने वाले लोगों को उसके काम में बहुत बड़ी मदद मिली है और उसके कारण हर कारखाने में दो, पांच, सात, दस, पंद्रह लोगों को जो रोजी-रोटी कमाते हैं उनकी रोजी-रोटी को सुरक्षित किया है। एक रिपोर्ट में यह बात बहुत उभरकर के आई है कि सरकार के इस प्रयास की वजह से लघु उद्योगों में काम करने वाले कम से कम डेढ़ करोड़ लोगों का रोजगार जाने से बच गया। डेढ़ करोड़ लोग यानि डेढ़ करोड़ परिवार यानि करीब छह-आठ करोड़ नागरिकों को मदद मिली है। 13 लाख से ज्यादा लघु उद्योगों को हमारी सरकार ने बंद होने से बचाया है। इस संकट के काल में इतना बड़ा काम हुआ है। केंद्र सरकार की योजना की वजह से यूपी के लघु उद्योमियों को भी करीब 19 हजार करोड़ रुपया मिला है ताकि हमारे गरीब की रोजी रोटी चालू रहे, हमारे देश में उत्पादन का काम चलता रहे।

साथियों,

आज यूपी के लोगों के पास डबल इंजन की ऐसी सरकार है जो लोकल के लिए वोकल है। योगी जी ने जो वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना शुरू की है आज चारों तरफ उसकी वाहवाही हो रही है। इससे हींग, चूड़ियां, कपड़े, फर्निचर, ऐसे उत्पादों को भी बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है। इसलिए कासगंज, ऐटा फर्रुखाबाद, हाथरस और फिरोजाबाद के लोग डबल इंजन की सरकार चाहते हैं क्योंकि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट ने एक ग्लोबल लेवल के मार्केट की संभावना पैदा की है।

भाइयों बहनों,

भाजपा सरकार ने गरीब, किसान, मदजूर, दलित, पिछड़ों के लिए जो सुरक्षा कवच दिया है वो पहले कभी नहीं था। हमारी सरकार ने देश के करोड़ों गरीबों को चार लाख रुपये तक के जीवन और दुर्घटना बीमा की सुविधा भी दी है। चार लाख, भाइयों-बहनों 60 वर्ष होने के बाद गरीब को पेंशन का सहारा मिले इसके लिए भी हमारी सरकार ने बहुत बड़ी पेंशन योजना भी लागू की है। भाइयों-बहनों इस योजना के तहत गरीबों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन की सुविधा है। बुढ़ापे में रजी-रोटी की तकलीफ न हो इसकी व्यवस्था है। आज करोड़ों किसान, हमारे खेत मजदूर, घर में काम करने वाले, हमारे खेत में काम करने वाले साथी, रिक्शा चलाने वाले हमारे गरीब भाई-बहन, टैक्सी के ड्राइवर के रूप में काम करने वाले हमारे भाई-बहन, रेड़ी-पटरी-ठेले चलाने वाले हमारे छोटे भाई बहन, ये सारे लोग इस योजना से जुड़े हैं और हमारा गरीब और सशक्त होगा तो वो भी गरीबी को परास्त कर के रहेगा। ये मेरा पक्का विश्वास है। पहली बार देश के असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को हमने श्रम कार्ड दिया है, पहली बार देश में रेड़ी-पटरी-ठेले वाले साथी को भी बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है स्वनिधि योजना के माध्यम से उन्हें मदद दी जा रही है। इसका बहुत बड़ा लाभ कोरोना के इस समय में यूपी के गरीबों, दलितों, पिछड़ों को भी मिला है। भाइयों-बहनों गरीबों की सरकार जब होती है तो वो इसी प्रकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास इसी मंत्र को काम करते हुए इसी रास्ते पर काम करती है लेकिन जब घोर परिवारवादी घोर परिवारवादी, जब घोर परिवारवादी सरकार में रहते हैं, तो वो अपने परिवार से बाहर सोचते भी नहीं हैं, उनको कोई लेना-देना ही नहीं होता। जब घोर परिवारवादी सत्ता में थे तो सड़क वहीं बनती थी, जहां एक परिवार का हित होता था। बिजली वहीं आती थी जहां एक परिवार के लोगों का चुनावी हित सधता था, नौकरियां उनको ही मिलती थी जो घोर परिवारवादियों के गुणगान करते थे। लेकिन योगी जी सरकार के लिए पूरा उत्तर प्रदेश अपना परिवार है, पूरा उत्तर प्रदेश। इसलिए बीते 5 साल में जो काम हुआ, जो विकास हुआ पूरे यूपी में समानभाव से हुआ, सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता से हुआ। भाइयों -बहनों घोर परिवारवादी देश के संविधान के लिए, देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं, सबसे बड़ा संकट है। देश को संविधान देने वाले बाबा साहेब भी अगर चाहते, उनका तो कद भी बहुत ऊंचा था नाम भी बड़ा था और समाज में उनके प्रति भक्तिभाव भी आद्भुत था, वे अगर चाहते तो वे भी अपने परिवार की एक पार्टी बना सकते थे और अपना राजनीतिक खेल खेल सकते थे। लेकिन बाबा साहेब आंबेडकर ने अपना अपने परिवार का नहीं हमारे देश के कोटि-कोटि दलित, पीड़ित शोषित, वंचितों को ही अपना परिवार माना और उनके लिए ही पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वो जानते थे कि जब कोई पार्टी, किसी परिवार के हाथों बंधक बन जाती है, तो सबसे ज्यादा नुकसान, युवाओं का होता है, देश के टैलेंट का होता है। यूपी के लोगों ने तो देखा है कि कैसे पार्टी पर, उसके साधनों, संसाधनों पर कब्ज़ा करने के लिए क्या-क्या किया गया। परिवारवादी कभी नहीं चाहते कि ज्यादा प्रतिभाशाली लोग खड़े हों और उन्हीं के लिए चुनौती बन जाएं। और इसलिए भाइयों-बहनों इस चुनाव में आपको तय करना है कि परिवारवादी चाहिए की प्रतिभाशील चाहिए। हमें परिवारवादी नहीं हमें प्रतिभाशील लोगों को आगे लाना है और हमारे देश में हर घर में प्रतिभाशाली लोगों की कमी नहीं है। जब ये लोग अपनी पार्टी में युवाओं को आगे नहीं आने देते तो फिर अन्य क्षेत्रों में युवाओं को कैसे आगे बढ़ा पाएंगे? इसलिए मैं कहता हूं, परिवारवादी लोग, हमारे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के सबसे बड़े दुश्मन हैं। घोर परिवारवाद की जो ये मानसिकता आज़ादी के बाद देश और उत्तर प्रदेश में पनपी, उसने यूपी के युवाओं की ताकत को रोक दिया बढ़ने नहीं दिया, अरे बर्बाद कर दिया। इसलिए यूपी का विकास सीमित रहा, विकास धीमा रहा। भाजपा सरकार युवाओं की इसी ताकत को आज देश की ताकत बना रही है।

साथियों,

विकास का ये सिलसिला है विकास के इस सिलसिले को हमें मज़बूत बनाना है मजबूत करना है। यूपी को दंगों और दबंगों से हमें दूर रखना है। दंगे भी नहीं चाहिए दबंग भी नहीं चाहिए इसके लिए कमल के फूल पर भारी संख्या में मतदान करना भी है, आपको तो करना है मतदान करवाना भी है। हर यूथ को बूथ की ज़िम्मेदारी लेनी है। और इसलिए भाइयों-बहनों आप भारी संख्या में मतदान करवाएंगे। और मैं आज प्रथम चरण में अद्भुत भाजपा को समर्थन दिया है, उन सभी मतदाताओं का अभिनंदन करते हुए आपको यही कहूंगा पहले मतदान, फिर जलपान। ये उत्साह बना रहे, इसी विश्वास के साथ मेरे साथ दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए..
भारत माता की जय !

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PM Modi's interview to Amar Ujala
May 20, 2024

प्रश्न 1- चुनाव पांचवें चरण में पहुंच गया है। आज की स्थिति में आप भाजपा को अकेले और एनडीए को कहां खड़ा पाते हैं?

उत्तर-2024 का चुनाव शुरू होने से पहले एक बात की चर्चा विशेष तौर पर की जा रही थी, कि दुनिया में पहली बार किसी सरकार की तीसरी पारी को लेकर लोगों में अभूतपूर्व उत्साह दिख रहा है। चार चरणों के चुनाव के बाद मैं ये विश्वास के साथ कह सकता हूं, कि जिस ऊर्जा और जिस उत्साह के साथ भारत के लोगों ने इस चुनावी मिशन को शुरू किया था, वो कहीं से भी कम नहीं हुआ है। हर चरण के चुनाव के साथ लोगों का ये संकल्प और मजबूत हुआ है कि भाजपा को 370 और एनडीए को 400 सीटें देनी है।

सीटों की ये गिनती लोगों के बीच से ही आई है। ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं बल्कि इनके साथ लोगों की भावनाएं भी जुड़ी हैं। केंद्र की भाजपा सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म किया, इससे लोगों ने मन बनाया कि भाजपा को 370 सीटों पर जीत दिलानी है। यहीं से एनडीए के लिए 400 सीटों का नारा बुलंद हुआ।

आज जब मैं देश के अलग-अलग हिस्सों में रैलियों के लिए जाता हूं, तो ये देखता हूं कि लोगों ने 4 जून, 400 पार के नारे को आत्मसात कर लिया है। ये नारा, अपनी भावना प्रकट करने का माध्यम बन गया है। इसीलिए, मैं विश्वास के साथ कह पा रहा हूं कि देश में तीसरी बार 400 से ज्यादा सीटों के साथ एनडीए की सरकार बनने जा रही है।

प्रश्न 2- आपने एक हालिया साक्षात्कार में एनडीए प्लस में बीजद और वाईएसआरसीपी को शामिल किया है। जबकि स्थिति यह है कि भाजपा का ओडिशा में बीजद से चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं हो पाया। आंध्रप्रदेश में आप जिस टीडीपी के साथ गठबंधन में हैं, वाईएसआरसीपी उसकी प्रतिद्वंद्वी है। क्या आपके कहने का आशय है कि भविष्य में भी ये दोनों दल पहले की तरह संसद में आपका सहयोग करते रहेंगे?

उत्तर- इनमें से अधिकतर पार्टियों के खिलाफ हम पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं। हां, आपकी ये बात सही है कि इन पार्टियों ने देशहित के मुद्दों पर हमें सपोर्ट किया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हमें राज्य के विकास की चिंता है। हम वहां के लोगों को भ्रष्टाचार और अराजकता से बाहर लाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि आंध्र और ओडिशा के लोगों को भी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। हम चाहते हैं कि दोनों राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज गति से विस्तार हो, युवाओं को रोजगार के अवसर मिले, महिलाओं को सुरक्षा का एहसास हो।भाजपा का संकल्प है कि इन राज्यों में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां की संस्कृति और परंपराओं को और समृद्ध किया जाएगा। मैंने ओडिशा के लोगों को गारंटी दी है कि 10 जून को ओडिशा की मिट्टी से निकला व्यक्ति सीएम पद की शपथ लेगा। भाजपा उड़िया संस्कृति और गौरव की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रश्न 3- कांग्रेस समेत विपक्ष का कहना है कि मोदी तीसरी बार आए तो संविधान बदल देंगे? आपने कहा भी कि ऐसा कुछ नहीं होना है? इसके बावजूद इस मुद्दे को विपक्ष छोड़ नहीं रहा है?

उत्तर- भाजपा विकास के नारे को लेकर जनता के बीच जा रही है। जब हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो जनता का हम पर विश्वास और मजबूत होता है। क्योंकि लोगों ने हमारे 10 साल में विकास को धरातल पर उतरते देखा है। लेकिन जब लोग कांग्रेस के 60 साल को देखते हैं तो निराशा से भर जाते हैं। लोगों में इस बात का आक्रोश है कि कांग्रेस ने देश के 60 साल खराब कर दिए।

आप देखेंगे कि इंडी अलायंस के आखिरी 10 साल को अब भी लोग घोटालों के लिए याद करते हैं। इनके पास ना तो देश के लिए कोई विजन है, ना बेहतर भविष्य के लिए कोई योजना। ये लोग उस सोच के व्यक्ति हैं कि जब अपनी लकीर बड़ा ना कर पाओ तो दूसरे की छोटी करने में जुट जाओ। इंडी गठबंधन पूरी ताकत लगाकर यही कर रहा है। वो झूठ और प्रपंच की राजनीति करके चुनाव जीतना चाहता है। इंडी गठबंधन ने झूठ की पूरी फैक्ट्री ही खोल दी है। वहीं से संविधान पर भी इनका झूठ बाहर आया है।

कांग्रेस अपना पाप छिपाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। संविधान के साथ सबसे ज्यादा छेड़छाड़ कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ है। 6 दशकों में संविधान की आत्मा को बार-बार चोट पहुंचाने का काम कांग्रेस ने किया है। और ये काम कांग्रेस ने संविधान बनने के साथ ही शुरू कर दिया था। कांग्रेस ने सबसे पहले संविधान की मूल प्रति पर प्रहार किया, उसमें बदलाव कर दिया। फिर संविधान की आत्मा पर प्रहार किया और अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने की कोशिश की। फिर संविधान की भावना पर बार-बार प्रहार किया और राज्यों की चुनी हुई सरकारों को हटा दिया। कांग्रेस के सिर पर इमरजेंसी लगाकर संविधान को खत्म कर देने का सबसे बड़ा पाप है। कांग्रेस किसी तरह इस पाप को धोना चाहती है, लेकिन देश की जनता इस सत्य को नहीं भूल सकती। अब पूरा इंडी गठबंधन हम पर ये आरोप चिपकाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल रही।

प्रश्न 4- विपक्ष तीन मुद्दे पूरे जोर से उठा रहा है। आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा, कभी चुनाव नहीं होंगे और संघ के लोगों ने संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है?

उत्तर- इस चुनाव में विपक्ष का कोई मुद्दा चल नहीं रहा। इसलिए आप देख रहे होंगे कि चार चरणों के चुनाव के बाद अब विपक्ष के मुद्दे बदलने लगे हैं। उनके सामने विश्वसनीयता का संकट है। शहजादे के बोले गए शब्दों को जनता गंभीरता से नहीं लेती। कांग्रेस का इकोसिस्टम जिन बातों को लोगों के बीच फैलाने में जुटा है, उसका जमीन पर कोई प्रभाव नहीं है। उल्टे हमें उनकी साजिशों को बेनकाब करने का अवसर मिल गया।

अब देखिए, कांग्रेस का इतिहास ही आरक्षण विरोध का रहा है। एससी, एसटी आरक्षण के खिलाफ नेहरू जी ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी। जब ओबीसी आयोग के गठन की बात आई तो राजीव जी ने सक्रियता नहीं दिखाई। बाद में भाजपा के सहयोग से सरकार बनी तो ओबीसी आयोग का गठन हुआ। कांग्रेस ने कई मौकों पर SC/ST/OBC के आरक्षण में सेंध लगाने की कोशिश की। संयुक्त आंध्र प्रदेश में इनकी कोशिश कोर्ट की वजह से कामयाब नहीं हुई। कर्नाटका में ये अपने मंसूबों में कामयाब हो गए। वहां मुसलमानों को पिछड़ी जाति में शामिल करके आरक्षण में सेंधमारी कर दी। धर्म आधारित ये आरक्षण देकर कांग्रेस किसका नुकसान कर रही है? हमारे दलित, पिछड़े और वंचित भाई-बहनों का। अब तो इंडी गठबंधन के नेता खुलकर SC/ST/OBC का हक छीनकर पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देने की बात कर रहे हैं। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने पर रोक है, इसके बावजूद इंडी गठबंधन तुष्टीकरण के लिए आरक्षण में सेंध लगा रहा है।

विपक्ष संविधान, चुनाव, संस्थानों की स्वतंत्रता को लेकर झूठी बातें फैला रहा है, और उम्मीद कर रहा है कि जनता उसकी बात सुन लेगी। लेकिन उनका ये दांव काम नहीं कर रहा। अब उनमें हड़बड़ाहट दिख रही है, तभी तो वो हमारे जिन कार्यों का मजाक उड़ाते थे, अब चार चरण के चुनाव के बाद वही काम करने का वादा करने लगे हैं। चुनाव के बाद जिनका भविष्य जेल में कटने वाला है, वो भाजपा के भविष्य पर अनुमान बांट रहे हैं। ऐसी खोखली बातों का जनता पर कोई असर नहीं होता।

"हमारी योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी संख्या मुस्लिम समाज की है। उन्हें भी लगता है कि भाजपा सरकार है, तो उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही हैं। यह सरकार नहीं होती तो उन्हें इन मूलभूत चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ता। पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार सृजित हुए...बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3% रह गई। विपक्ष बेरोजगारी और महंगाई को मुद्दा बना रहा है।"

इस चुनाव के बाद विपक्ष स्थायी रूप से बेरोजगार होने जा रहा है। जहां तक देश के युवाओं की बात है, तो उनके लिए पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। हमने रोजगार मेले के माध्यम से लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। अर्थव्यवस्था मजबूत होने से प्राइवेट सेक्टर आगे बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। हमने युवाओं के लिए कई ऐसे नए सेक्टर खोले हैं, जिनमें पहले मौका नहीं मिलता था। जैसे स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर में नए अवसर बने हैं। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। मुद्रा लोन ने करोड़ों उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया और अब वे लोग जॉब क्रिएटर्स की भूमिका में हैं। देश में क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। युवाओं को गेमिंग के फील्ड में नए अवसर मिल रहे हैं।

हाल ही में स्कॉच ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें बताया गया है कि माइक्रो फाइनेंस के कारण स्वरोजगार के अनेक अवसर बने हैं। आज इन्फ्रास्ट्रक्चर के जो इतने काम हो रहे हैं, उनका संबंध भी रोजगार से है। इतने निर्माण, इतने उत्पादन, इतनी सेवाओं के लिए कितना श्रम चाहिए, आप अंदाजा लगा सकते हैं। ये श्रम रोजगार के माध्यम से ही तो मिल रहा है। स्कॉच की रिपोर्ट बताती है कि पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए है।

ईपीएफओ के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का डाटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वह अब 3% रह गई है। इससे यह भी पता चलता है कि शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटी है।

पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार महंगाई पर काबू रख पाने में सफल रही। यूपीए के समय महंगाई डबल डिजिट में हुआ करती थी। लेकिन आज हम छोटी-छोटी चीजों की कीमतों को काबू करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। आज दुनिया युद्ध की परिस्थितियों से घिरी है, इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ना तय था। लेकिन हमारी सरकार ने अपने लोगों के हितों को प्राथमिकता दी और उन पर महंगे पेट्रोल-डीजल का बोझ नहीं पड़ने दिया।

कोविड के बाद पूरी दुनिया महंगाई से जूझ रही है, बहुत से देशों में महंगाई दर दहाई अंकों में है। भारत उन देशों में शामिल है, जहां महंगाई दर कम है। हमारी कोशिश रही है कि गरीब और मध्यवर्ग के लिए महंगाई दर हमेशा सीमा में रहे। आज जन औषधि केंद्र की वजह से दवाइयों का खर्च 70 प्रतिशत तक कम हो गया है। देश में हर गरीब परिवार को 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलने की गारंटी है।

आपने हाल ही में मुस्लिमों से आत्ममंथन के आग्रह के साथ सत्ता में बैठाने-उतारने की मानसिकता से बाहर निकलने का आह्वान किया था। यह कैसे संभव होगा, क्या आप कहना चाहते हैं कि मुसलमान बिरादरी में सामाजिक स्तर पर सुधार की जरूरत है?
मेरे लिए, देश का हर नागरिक समान है। हमें उसकी बेहतरी की चिंता है, उसके दुख व दर्द से सरोकार है। मैं उन्हें धर्म, जाति व वर्ग में बांटकर नहीं देखता। मेरी सरकार का मूल मंत्र भी यही है। आज देश की किसी भी योजना में यह नहीं पूछा जाता कि लाभार्थी का नाम, जाति या पंथ क्या है। जो योजना है, सबके लिए हैं। इसीलिए माताएं-बहनें, गरीब, युवा और किसान, चट्टान की तरह मेरे पीछे खड़े दिखते हैं। यही मेरी असली ताकत हैं, इन्हीं से मुझे प्रेरणा और शक्ति मिलती है।

प्रश्न 5- विपक्ष बेरोजगारी और मंहगाई को मुद्दा बना रहा है।

उत्तर- इस चुनाव के बाद विपक्ष स्थायी रूप से बेरोजगार होने जा रहा है। जहां तक देश के युवाओं की बात है तो उनके लिए पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। हमने रोजगार मेले के माध्यम से लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। अर्थव्यवस्था मजबूत होने से प्राइवेट सेक्टर आगे बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। हमने कई ऐसे नए सेक्टर युवाओं के लिए खोले हैं, जिनमें पहले मौका नहीं मिलता था। जैसे स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर में नए अवसर बने हैं। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। मुद्रा लोन ने करोड़ों उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया और अब वे लोग जॉब क्रिएटर्स की भूमिका में हैं। देश में क्रिएटर इकॉनॉमी बड़ी हो रही है। युवाओं को गेमिंग के फील्ड में नए अवसर मिल रहे हैं।

हाल ही में SKOCH ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें बताया गया है कि माइक्रो फाइनेंस के कारण स्वरोजगार के अनेक अवसर बने हैं। आज इंफ्रास्ट्रक्चर के जो इतने काम हो रहे हैं, उनका संबंध भी रोजगार से है। इतने निर्माण, इतने उत्पादन, इतनी सेवाओं के लिए कितना श्रम चाहिए, आप अंदाजा लगा सकते हैं। ये श्रम रोजगार के माध्यम से ही तो मिल रहा है। SKOCH की रिपोर्ट बताती है कि पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए है।EPFO के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं। PLFS का डेटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वो अब 3% रह गई है। इससे ये भी पता चलता है कि शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटी है।

पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार महंगाई को काबू रख पाने में सफल रही। यूपीए के समय महंगाई डबल डिजिट में हुआ करती थी। लेकिन आज हम छोटी-छोटी चीजों की कीमतों को काबू करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। आज दुनिया युद्ध की परिस्थितियों से घिरी है, इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ना तय था। लेकिन हमारी सरकार ने अपने लोगों के हितों को प्राथमिकता दी और उन पर महंगे पेट्रोल-डीजल का बोझ नहीं पड़ने दिया।

कोविड के बाद पूरी दुनिया मंहगाई से जूझ रही है, बहुत से देशों में महंगाई दर दहाई अंकों में है। भारत उन देशों में शामिल है, जहां महंगाई दर कम है। हमारी कोशिश रही है कि गरीब और मध्यमवर्ग के लिए महंगाई हमेशा सीमा में रहे। आज जन औषधि केंद्र की वजह से दवाइयों का खर्च 70 प्रतिशत तक कम हो गया है। देश में हर गरीब परिवार को 5 लाख रुपए तक इलाज मुफ्त मिलने की गारंटी है।

प्रश्न 6- आपने 2014 के चुनाव में कहा था मुझे मां गंगा ने बुलाया है। इस बार कहा मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है। क्या इसका यह अर्थ लगाया जाए कि काशी अब प्रधानमंत्रीजी की स्थायी कर्मभूमि है?

उत्तर- देखिए, वाराणसी मैं बहुत समय से आता रहा हूं। जब पार्टी के संगठन के लिए काम करता था तो बहुत बार यहां आना होता था। मैं जब भी गंगा मां को देखता हूं तो मुझे एक आत्मीय अनुभूति होती है। मुझे मां गंगा का हमेशा सानिध्य मिला है, और जबसे मेरी मां गई हैं, तब से तो मेरे लिए गंगा ही मां रह गई हैं। 2014 में जब मैं यहां आया था, तो मैंने कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। 10 वर्षों में मेरे अंदर ये भावना प्रबल हुई है कि मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। इसलिए काशी के प्रति मैं अलग तरह की जिम्मेदारी महसूस करता हूं।

हर सनातनी के मन में एक बार काशी दर्शन की इच्छा रहती है, और ये मेरा सौभाग्य है कि मैं महादेव की नगरी और मां गंगा की सेवा कर पा रहा हूं। यहां के देवतुल्य लोग, उनका स्नेह मेरे लिए सत्ता, संसदीय सीट, एमपी, पीएम से कहीं बड़ा है। मैं काशीवासियों के प्रेम का कर्जदार हूं और ये कर्ज मैं अंतिम सांस तक उतारना नहीं चाहता। इसके बदले मैं लगातार उनकी सेवा करना चाहता हूं।

प्रश्न 7- वाराणसी में बीते 10 वर्षों में इतने सारे नए प्रोजेक्ट्स पूरे हुए हैं। बनारस जैसे इतने प्राचीन शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर काम करना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा है।

उत्तर- वाराणसी आज दुनिया में अर्बन डेवलपमेंट की मॉडल सिटी कही जा सकती है। 2014 में जब मैं बनारस आया था, तो यहां का विकास एक बड़ी जिम्मेदारी थी। गलियां संकरी थीं, सड़कों पर काम नहीं हुआ था, रेलवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी ऐसे ही थे। हमने फेज वाइज चीजें बदलीं। एक नया मॉडल बनाकर काम किया।

दुनिया भर में बनारस की पहचान उसकी गलियां हैं। हमने गलियों में बिजली के लटके हुए तार हटवाना शुरू किया। गलियों की सफाई के लिए प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन से काम शुरू कराए। सीवेज सिस्टम में ऐसी पाइप थीं, जो अंग्रेजों के जमाने से लगी थीं। इसलिए सीवर ओवरफ्लो से गलियों में, सड़कों पर पानी जमा होता था। उनको बदलवाना शुरू किया। आपको याद होगा, मैंने वाराणसी के अस्सी घाट पर स्वच्छता नवरत्नों की घोषणा की थी। ऐसे ही घाटों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई पर फोकस किया।

इसके बाद काम शुरू हुआ, इंफ्रास्ट्रक्चर पर। वाराणसी में बाहरी गाड़ियों से जाम ना लगे, इसके लिए रिंग रोड बनी। शहर में जो बाहर से आने वाले लोग हैं, उनके लिए नैशनल हाइवे के नेटवर्क को बेहतर किया। बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, बंगाल और एमपी से जो लोग इलाज के लिए बनारस आते हैं, उनके लिए कैंसर हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर बना। शहर में ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुधारने के लिए कमांड सेंटर बना। रेलवे स्टेशन सुधारे गए, एयरपोर्ट पर काम हुआ। अब रोप वे बन रहा है, अर्बन ई बस चल रही है, वंदे भारत जैसी ट्रेन है।

घाटों पर नई सुविधाएं बनीं। बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर बना। क्रूज सर्विस शुरू कराई गई। दशाश्वमेध घाट पर नया बिजनेस प्लाजा बनाया गया। तो इन सब से बनारस की इकॉनमी को बहुत बल मिला। आज जो टूरिस्ट आते हैं, उनको सभी तरह की सुविधाएं मिलती हैं। बनारस शहर में जाम का संकट एक बहुत बड़ी चुनौती है, क्योंकि शहर का घनत्व बहुत ज्यादा है। लोगों को सहूलियत और स्पीड दोनों कैसे दे सकें, उसके लिए काम कर रहे हैं।

जबसे मेरी मां गई हैं, तबसे गंगा ही मेरे लिए मां रह गई हैं...इसलिए काशी के प्रति मैं अलग तरह की जिम्मेदारी महसूस करता हूं और यहां के विकास के लिए प्रितबद्ध हूं। इसी भावना से यहां की पंरपरा व संस्कृति को ध्यान में रखकर विकास के सभी कार्य किए जा रहे हैं। इस नगरी को दुनिया के अतिथियों के लिए भी तैयार किया गया है।

प्रश्न 8- काशी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए 10 वर्षों में बहुत सारे प्रयास हुए हैं। काशी की संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास करने का काम कैसे किया गया है?

उत्तर-10 साल में बनारस ने मुझे बनारसी बना दिया है, इसलिए मैं बनारसी होने के नाते ये समझता हूं कि मेरी नगरी में संस्कृति और परंपरा का महत्व क्या है।

हमने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को भव्य रूप दिया, लेकिन उसकी ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का ध्यान रखा। कॉरिडोर में माता अहिल्या की प्रतिमा लगाई गई, मंदिर के गर्भगृह स्वर्ण मंडित हुए, गंगा घाट से बाबा विश्वनाथ का धाम जोड़ा गया। काल भैरव मंदिर से काशी विश्वनाथ और फिर काशी विश्वनाथ से दशाश्वमेध घाट के बीच की जो सड़क थी, उसका सुंदरीकरण किया गया। यानि जो व्यक्ति महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, असम जैसे राज्यों से काशी आए तो, उसे वही काशी दिखाई दे जिसे उसने पुराणों और कथाओं में सुना है।

काशी का दुर्गाकुंड धाम विकसित किया गया। रविदास मंदिर जिस स्थान पर है, उसका विकास किया गया। सारनाथ का स्तूप जहां है, उस इलाके को हेरिटेज सिटी के मॉडल पर विकसित किया गया। अब हम काशी के मणिकर्णिका घाट को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विकसित कर रहे हैं। लेकिन इन सब में हमने उस पौराणिकता, उस भावना का ध्यान रखा है जिसे मन में लेकर लोग यहां आते हैं।

काशी बहुसंस्कृति की नगरी है। यहां अनेक वर्गों, भाषाओं और प्रांतों के लोग रहते हैं। इसी काशी में हमने काशी तमिल संगमम, काशी तेलुगु संगमम जैसे ऐतिहासिक आयोजन किए। इसी काशी में जी-20 की बैठक हुई। इसी काशी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन हुआ। ये अतिथि जब काशी आए तो उन्होंने देखा कि दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी कितनी अलग है। काशी में हमने विकास किया, साथ ही परंपराएं भी संरक्षित की। काशी को दुनिया के सामने रखा, साथ ही काशी को दुनिया के अतिथियों के लिए तैयार भी किया।

प्रश्न 9- चुनाव प्रचार में आपने पहली बार अदाणी—अंबानी का नाम लिया। आपने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद राहुल ने इन्हें गाली देना बंद कर दिया है? आपके ऐसा कहने का वास्तविक अभिप्राय क्या था?

उत्तर- इसका जवाब आपको मुझसे नहीं कांग्रेस से पूछना चाहिए। वैसे भी इस बात का जवाब अधीर रंजन जी पहले ही दे चुके हैं। राजनीतिक फिरौती वसूलने के लिए कांग्रेस ऐसे आरोप लगाती रहती है। कांग्रेस के पास अपना कुछ बचा नहीं है, इन दिनों उन पर माओवादी सोच हावी है।

आजादी के बाद लेफ्ट पार्टियां कांग्रेस को टाटा-बिड़ला की सरकार कहते थे। ये वामदलों का ही आइडिया है, जिसे शहजादे हम पर चिपकाने की कोशिश करते हैं। लेकिन ये आइडिया काम नहीं कर रहा, क्योंकि लोग जानते हैं कि भाजपा की सरकार आने के बाद उनको घर मिला। भाजपा सरकार में ही मुफ्त राशन, शौचालय, बिजली-पानी, गैस कनेक्शन की सुविधा मिली। भाजपा की सरकार में ही गरीब को मुफ्त इलाज का भरोसा मिला। हमने जनधन खाते खुलवाए, हमने गरीब के हक का पैसा सीधे उसके खाते में भेजना शुरू किया। इससे कांग्रेस का कमीशन तंत्र फेल हो गया, इसी वजह से वो हमारे बारे में अनाप-शनाप बोलते रहते हैं।


प्रश्न 10- आपने हाल ही में मुस्लिमों से आत्ममंथन के आग्रह के साथ सत्ता में बैठाने-उतारने की मानसिकता से बाहर निकलने का आह्वान किया है। यह कैसे होगा, क्या आप कहना चाहते हैं कि मुसलमान बिरादरी में सामाजिक स्तर पर सुधार की जरूरत है?

उत्तर- मेरे लिए, देश का हर नागरिक समान है। हमें उसकी बेहतरी की चिंता है, उसके दुख दर्द से सरोकार है। मैं उन्हें धर्म, जाति, वर्ग में बांटकर नहीं देखता। मेरी सरकार का मूल मंत्र भी यही है। आज देश की किसी भी योजना में ये नहीं पूछा जाता कि लाभार्थी का नाम, जाति या पंथ क्या है। जो योजना है सबके लिए हैं। इसीलिए माताएं-बहनें, गरीब, युवा और किसान, चट्टान की तरह मेरे पीछे खड़े दिखते हैं। यही मेरी असली ताकत हैं, इन्हीं से मुझे प्रेरणा और शक्ति मिलती है।

मुस्लिम समाज को सोचना चाहिए कि उन्हें कांग्रेस के 6 दशक में क्या मिला और पिछले 10 साल में उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलीं। कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने उन्हें वोटबैंक समझकर उनका इस्तेमाल किया है। ये लोग मुस्लिम समाज को गरीब रखना चाहते हैं। अपनी रोज की जिंदगी में इतना उलझा कर रखना चाहते हैं कि वो अपना भला-बुरा ना समझ पाए। तुष्टीकरण की नीति से मुस्लिम समाज का भला नहीं हो सकता।

प्रश्न 11- 2014 में जब आप सत्ता में आए, तब यह धारणा बनाई गई कि अब भारत के मुस्लिम देशों से रिश्ते प्रभावित होंगे। इसके उलट अरब-खाड़ी देशों से हमारे संबंध बेहतर हुए हैं। सभी प्रमुख मुस्लिम देशों ने आपको अपने यहां का सर्वोच्च सम्मान दिया है। अबुधाबी में पहली बार मंदिर का निर्माण हुआ है। बावजूद इसके देश के मुसलमानों में आपके और आपकी पार्टी के प्रति बेरुखी का भाव क्यों है?

उत्तर- मैं आपकी इस बात से बिलकुल सहमत नहीं हूं कि देश के मुस्लिम समाज के मन में भाजपा के प्रति बेरुखी का भाव है। तीन तलाक की दहशत से जिन बेटियों को मुक्ति मिली है उनसे पूछिए। सिर्फ बेटियां ही नहीं, उनके परिवार ने भी राहत की सांस ली है। अब किसी पिता को ये डर नहीं है कि बेटी अगर लौट आई तो उसके भविष्य का क्या होगा। किसी भाई को ये चिंता नहीं है कि अगर बहन को उसके पति ने तीन तलाक दे दिया, तो उस पर अपना और उसके परिवार को पालने का बोझ आ जाएगा।

हमने बिना मेहरम के हज यात्रा की व्यवस्था शुरू की। हमने हज यात्रा के लिए वीआईपी कोटा खत्म किया। इससे सामान्य मुस्लिम परिवारों को बहुत सुविधा हुई है। हमारी योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी संख्या मुस्लिम समाज की है। उन्हें भी लगता है कि ये सरकार है तो उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही हैं। ये सरकार नहीं होती तो उन्हें इन मूलभूत चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ता।

देश का मुस्लिम समाज ये भी देख रहा है कि अरब देशों के भारत से संबंध बेहतर हुए हैं। जो मुस्लिम युवा उन देशों में काम करते हैं, वो भी अपने परिवार को बताते हैं कि पिछले 10 वर्षों में वहां उनका सम्मान कितना बढ़ गया है। मैंने हमेशा कहा है कि विदेशों में जो सम्मान मुझे मिलता है, वो मेरा नहीं 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। इस सम्मान का हकदार देश का हर नागरिक है।

प्रश्न 12- चुनाव में अमित शाह जी सहित कई फेक वीडियो आए। चरित्रहनन व दोषारोपण का यह तरीका बड़ी चिंता का विषय बने हैं। क्या कहना है?

उत्तर- मैं तथ्यों के साथ पिछली सरकार के घोटाले, नेताओं के बयान और कांग्रेस की नाकामियां सामने रखता हूं, तो उसे काउंटर करने के लिए फेक नरैटिव गढ़ते हैं। इन पर बोफोर्स का दाग है, जिसे धोने के लिए राफेल का झूठ लेकर आए इन पर हेलीकॉप्टर घोटाले का दाग है, जिसे हटाने के लिए HAL का झूठ लेकर आए। इन पर इमरजेंसी का दाग है, जिसे मिटाने के लिए मुझे तानाशाह कहते रहते हैं।

कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम हमेशा से ही झूठ को हथियार बनाकर चुनाव लड़ता आया है। टेक्नॉलॉजी के दौर में उन्होंने अपने झूठे प्रचार को भी हाईटेक बना लिया है। लेकिन वो ये भूल जाते हैं कि आज टेक्नॉलॉजी सबके लिए है। हर किसी के पास इंटरनेट पर जाकर सच जानने की सुविधा है। इसलिए इनका झूठ भी कुछ भी मिनटों में बेनकाब हो जाता है।

प्रश्न 13- तीसरी बार सत्ता में आने पर आप बहुत बड़े-बड़े निर्णय की बात करते हैं? यह आपका आत्मविश्वास ही है कि आपने सत्ता में आने पर 100 दिन के काम का एजेंडा भी तैयार करने को कह दिया है। लोगों में बड़ी उत्सुकता है कि आखिर चुनाव बाद पहले सौ दिनों में क्या होने वाला है?

उत्तर– ये लोगों के विश्वास का सम्मान है। देश ने मन बना लिया है कि तीसरी बार एनडीए की सरकार बनानी है। जब देश ने मन बना लिया है तो काम करने लिए समय की बर्बादी क्यों करना। हमारे पास 100 दिनों का एक्शन प्लान पहले से है, जिस पर काम जारी है। इसमें मैंने 25 दिन और जोड़ दिए हैं। मुझे देशभर के युवाओं के संदेश मिल रहे हैं। जिसमें वो अगले 5 वर्ष और अगले 25 वर्षों के रोडमैप पर अपने सुझाव दे रहे हैं। मैंने तय किया है कि 100 दिनों के अलावा 25 दिन युवाओं के सुझाव पर अमल के होंगे।

हमारा एक्शन प्लान एक लंबी एक्सससाइज के बाद तैयार हुआ है। इसमें हमने मंत्रियों, विशेषज्ञों और लाखों लोगों की राय ली है। हमारा लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत का निर्माण है। इसके लिए एक-एक पल कीमती है। मैं अभी ये कह सकता हूं कि 10 साल में विकास के जो काम हुए हैं, उसके स्केल और स्पीड में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होने वाली है।

प्रश्न 14- नई सरकार के सामने बड़े काम होंगे। एक राष्ट्र-एक चुनाव पर सहमति बनाना, नारी वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण पर अमल और 2026 में होने वाला परिसीमन। इन प्राथमिकताओं पर क्या कहेंगे?

उत्तर-आप जिन कार्यों की बात कर रहे हैं वो हमारा दायित्व है। हमारी सरकार इन सभी विषयों को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार कानूनों को पास करा कर ठंडे बस्ते में नहीं डालती है। कांग्रेस सरकार सिर्फ नाम करने के लिए कानून बनाती थी, उन्हें नोटीफाइ करने में दशकों लग जाते थे।

हमने जो कानून बनाए हैं, उनके परिणाम अगले 5 वर्षों में आपको दिखने लगेंगे। नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। ये अधिकार पाने के लिए आधी आबादी को लंबा इंतजार करना पड़ा। सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने इसे रोककर रखा था। लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे संभव कर दिखाया। हम हर वो काम करने वाले हैं, जिससे देशवासियों का जीवन सुगम हो और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को शक्ति मिले।

प्रश्न 15- पंजाब में इस बार आप अकेले चुनाव लड़ रहे हैं। किसान आंदोलन अभी भी चुनौती बना हुआ है। भाजपा के लिए वहां कितनी संभावनाएं आप देख रहे हैं?

उत्तर- पंजाब के लोगों में राष्ट्र प्रथम की भावना सर्वोपरि है। पंजाब के सिख भाई-बहन, पंजाब के किसान, व्यवसायी, युवा जानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार देश से जुड़े फैसले लेती है। हमारी सरकार सिख गुरुओं के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर काम करती है। पिछले 10 वर्षों में हमने सिख गुरुओं की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने के लिए कई कदम उठाए हैं। हमने गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया है। हमारे कार्यकाल में करतारपुर कॉरिडोर खोला गया। हमें अफगानिस्तान से पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब को भारत लाने का सौभाग्य मिला।

किसानों के लिए हमारी सरकार ने बीज से बाजार तक की सुविधा बनाई है। खाद और फर्टिलाइजर की बोरी जो दुनिया मे 3000 रुपए से ज्यादा की मिल रही है, वो हमारे किसानों को 300 रुपए से भी कम में मिल रही है। सिंचाई के लिए व्यवस्था की जा रही है। हम किसानों की छोटी से छोटी जरुरत का ध्यान रख रहे हैं।

पंजाब जांबाज योद्धाओं और बहादुर सैनिकों की धरती है। पंजाब के जो युवा देश की सेना में शामिल हैं, वो जानते हैं कि पिछले 10 वर्षों में कैसे सेना का मनोबल ऊंचा हुआ है। आज देश में एक मजबूत सरकार है, जो दुश्मनों को जवाब देना जानती है। आज देश में एक ऐसी सरकार है, जो अपने एक सैनिक के लिए भी दुश्मन से टकराने का हौसला रखती है। केंद्र की भाजपा सरकार अपने सैनिकों की हर सुविधा का ख्याल रख रही है।
भाजपा जहां भी चुनाव लड़ रही है, वहां अपने रिपोर्ट कार्ड पर वोट मांग रही है। मुझे विश्वास है कि पंजाब में हमें लोगों का समर्थन मिलेगा।

किसानों के लिए हमारी सरकार ने बीज से बाजार तक की सुविधा बनाई है। खाद और फर्टिलाइजर की बोरी, जो दुनिया में 3000 रुपये से ज्यादा की मिल रही है, वह हमारे किसानों को 300 रुपये से भी कम में मिल रही है।

प्रश्न 16- भाजपा के एजेंडे में राम मंदिर, अनुच्छेद-370 और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दे थे। दो वादे आपने पूरे कर दिए। अब समान नागरिक संहिता पर कब तक?

उत्तर- देश के कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू है। उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने अपने यहां समान नागरिक संहिता को लागू कर दिया है। इससे वहां किसी को कोई परेशानी नहीं है। विपक्ष भी इसके खिलाफ नहीं बोल पा रहा। यूसीसी संविधान की भावना के अनुरूप है। हमारे संविधान निर्माता भी चाहते थे कि देश में एक तरह की नागरिक संहिता हो। समान नागरिक संहिता हमारे संकल्प पत्र का हिस्सा है, और इसे लेकर हम प्रतिबद्ध हैं। मुझे आशा है कि जब हम सदन में इसे लेकर आएंगे तो विपक्ष इसका समर्थन करेगा।

प्रश्न 17- काशी-तमिल संगमम, संसद में सेंगोल की स्थापना, राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से ठीक पहले आपका भगवान राम से जुड़े दक्षिण भारत के स्थलों का दौरा। इसे किस रूप में देखा जाए। क्या आप देश की सांस्कृतिक पहचान की भी लड़ाई लड़ रहे हैं? या फिर जैसा विपक्ष कहता है कि यह बस दक्षिण में पार्टी का आधार बढ़ाने की राजनीति मात्र है?

उत्तर-आजादी के बाद कांग्रेस ने विदेशी शासकों से सिर्फ सत्ता नहीं ली, बल्कि उनके शासन के मंत्र को भी अपना लिया। बांटो और राज करो की नीति पर चलकर ही कांग्रेस ने दशकों तक राज किया। कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति को धर्म, जाति, भाषा, संप्रदाय, क्षेत्र का बंटवारा शक्ति देता है।

पिछले 10 वर्षों में मेरी सरकार ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना से काम किया है। मैंने तमिल संस्कृति और आजादी के पहले पल के प्रतीक के तौर पर सेंगोल की स्थापना नई संसद में की। लेकिन इसका महत्व एक प्रतीक से कहीं ज्यादा है। ये आज के भारत को अपनी प्राचीन परंपराओं से जोड़ता है। ये भारत के हर नागरिक को गर्व का एहसास कराता है। संसद में सेंगोल की स्थापना उस साजिश पर चोट है, जिसके तहत आजादी के बाद कई पीढ़ियों में देश की संस्कृति को लेकर हीन भावना भर दी गई। आज मैं बड़े गर्व से दक्षिण भारत का पोशाक धारण करता हूं। जब नॉर्थ ईस्ट जाता हूं तो गर्व से वहां के कपड़े पहनता हूं। मैं यूएन जाकर तमिल बोलता हूं।

मेरे लिए वो भी बहुत गौरव का क्षण था, जब नौसेना के एपोलेट्स और ध्वज पर शिवाजी की विरासत के चिह्नों को जगह दी गई। मुझे बहुत खुशी हुई जब असम के महान योद्धा लसित बोरफुकन की भव्य और विशाल प्रतिमा स्थापित हुई। भाजपा सरकार के प्रयासों से लसित बोरफुकन की 400वीं जयंती पूरे देश ने मनाई। हमारी सरकार आदिवासी गौरव से जन-जन को जोड़ने के लिए जनजातीय संग्रहालय बनवा रही है।

प्राण प्रतिष्ठा से पहले जब मैंने दक्षिण के राज्यों में अनुष्ठान किया तो मैंने पाया कि पूरा देश रामभक्ति के एक ही सूत्र से बंधा है। उनमें भाषा का भेद है, लेकिन भावना एक है। उनके तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन उसमें मूल तत्व एक ही है। मेरे इन कार्यों के पीछे अगर कोई राजनीतिक उद्देश्य देख रहा है, तो उसे याद दिलाना चाहूंगा कि पुदुचेरी में हमारी सरकार है। कर्नाटका में हम सरकार में रह चुके हैं। भाजपा दक्षिण भारत में सबसे बड़ी पार्टी है। हमने दक्षिण में भी वैसे ही प्रचार किया, जैसे देश के दूसरे हिस्सों में किया। और वहां हमें जिस तरह का समर्थन मिल रहा है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि दक्षिण भारत के नतीजे लोगों को चौंकाएंगे।

काशी बहुसंस्कृति की नगरी है। यहां अनेक वर्गों, भाषाओं और प्रांतों के लोग रहते हैं। इसी काशी में हमने काशी तमिल संगमम, काशी तेलुगु संगमम जैसे ऐतिहासिक आयोजन किए। इसी काशी में जी-20 की बैठक हुई। इसी काशी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन हुआ। ये अतिथि जब काशी आए तो उन्होंने देखा कि दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी कितनी अलग है।

Following is the clipping of the interview: