প্ৰধানমন্ত্ৰী শ্ৰী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে উত্তৰাখণ্ডৰ পাৰ্বতী কুণ্ড আৰু গুঞ্জিত সেনা, বি আৰ অ' আৰু আই টি বি পিৰ সমৰ্পিত কৰ্মীসকলৰ সৈতে বাৰ্তালাপ কৰে। শ্ৰী মোদীয়ে উল্লেখ কৰে যে তেওঁলোকৰ উৎসাহ আৰু নিষ্ঠাই সমগ্ৰ দেশক অনুপ্ৰাণিত কৰে।

 

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে এক্সত এনেদৰে পোষ্ট কৰিছে : 

"পাৰ্বতী কুণ্ড আৰু গুঞ্জিত সেনা, বি আৰ অ' আৰু আই টি বি পিৰ সমৰ্পিত কৰ্মীসকলৰ সৈতে বাৰ্তালাপ কৰিলো। প্ৰত্যাহ্বানজনক পৰিস্থিতিত তেওঁলোকৰ অটল সেৱা সঁচাকৈয়ে প্ৰশংসনীয়। তেওঁলোকৰ উৎসাহ আৰু নিষ্ঠাই সমগ্ৰ দেশক অনুপ্ৰাণিত কৰে।"

 

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'Those busy building a rosy ...': PM Modi’s nepotism dig at Congress

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The Ashwamedha Yagya organized by the Gayatri Parivar has become a grand social campaign: PM Modi
February 25, 2024
"The Ashwamedha Yagya organized by the Gayatri Parivar has become a grand social campaign"
"Integration with larger national and global initiatives will keep youth clear of small problems"
“For building a substance-free India, it is imperative for families to be strong as institutions”
“A motivated youth cannot turn towards substance abuse"

गायत्री परिवार के सभी उपासक, सभी समाजसेवी

उपस्थित साधक साथियों,

देवियों और सज्जनों,

गायत्री परिवार का कोई भी आयोजन इतनी पवित्रता से जुड़ा होता है, कि उसमें शामिल होना अपने आप में सौभाग्य की बात होती है। मुझे खुशी है कि मैं आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अश्वमेध यज्ञ का हिस्सा बन रहा हूँ। जब मुझे गायत्री परिवार की तरफ से इस अश्वमेध यज्ञ में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, तो समय अभाव के साथ ही मेरे सामने एक दुविधा भी थी। वीडियो के माध्यम से भी इस कार्यक्रम से जुड़ने पर एक समस्या ये थी कि सामान्य मानवी, अश्वमेध यज्ञ को सत्ता के विस्तार से जोड़कर देखता है। आजकल चुनाव के इन दिनों में स्वाभाविक है कि अश्वमेध यज्ञ के कुछ और भी मतलब निकाले जाते। लेकिन फिर मैंने देखा कि ये अश्वमेध यज्ञ, आचार्य श्रीराम शर्मा की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है, अश्वमेध यज्ञ के एक नए अर्थ को प्रतिस्थापित कर रहा है, तो मेरी सारी दुविधा दूर हो गई।

आज गायत्री परिवार का अश्वमेध यज्ञ, सामाजिक संकल्प का एक महा-अभियान बन चुका है। इस अभियान से जो लाखों युवा नशे और व्यसन की कैद से बचेंगे, उनकी वो असीम ऊर्जा राष्ट्र निर्माण के काम में आएगी। युवा ही हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं। युवाओं का निर्माण ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण है। उनके कंधों पर ही इस अमृतकाल में भारत को विकसित बनाने की जिम्मेदारी है। मैं इस यज्ञ के लिए गायत्री परिवार को हृदय से शुभकामनाएँ देता हूँ। मैं तो स्वयं भी गायत्री परिवार के सैकड़ों सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। आप सभी भक्ति भाव से, समाज को सशक्त करने में जुटे हैं। श्रीराम शर्मा जी के तर्क, उनके तथ्य, बुराइयों के खिलाफ लड़ने का उनका साहस, व्यक्तिगत जीवन की शुचिता, सबको प्रेरित करने वाली रही है। आप जिस तरह आचार्य श्रीराम शर्मा जी और माता भगवती जी के संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं, ये वास्तव में सराहनीय है।

साथियों,

नशा एक ऐसी लत होती है जिस पर काबू नहीं पाया गया तो वो उस व्यक्ति का पूरा जीवन तबाह कर देती है। इससे समाज का, देश का बहुत बड़ा नुकसान होता है।इसलिए ही हमारी सरकार ने 3-4 साल पहले एक राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत की थी। मैं अपने मन की बात कार्यक्रम में भी इस विषय को उठाता रहा हूं। अब तक भारत सरकार के इस अभियान से 11 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए बाइक रैलियां निकाली गई हैं, शपथ कार्यक्रम हुए हैं, नुक्कड़ नाटक हुए हैं। सरकार के साथ इस अभियान से सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं को भी जोड़ा गया है। गायत्री परिवार तो खुद इस अभियान में सरकार के साथ सहभागी है। कोशिश यही है कि नशे के खिलाफ संदेश देश के कोने-कोने में पहुंचे। हमने देखा है,अगर कहीं सूखी घास के ढेर में आग लगी हो तो कोई उस पर पानी फेंकता है, कई मिट्टी फेंकता है। ज्यादा समझदार व्यक्ति, सूखी घास के उस ढेर में, आग से बची घास को दूर हटाने का प्रयास करता है। आज के इस समय में गायत्री परिवार का ये अश्वमेध यज्ञ, इसी भावना को समर्पित है। हमें अपने युवाओं को नशे से बचाना भी है और जिन्हें नशे की लत लग चुकी है, उन्हें नशे की गिरफ्त से छुड़ाना भी है।

साथियों,

हम अपने देश के युवा को जितना ज्यादा बड़े लक्ष्यों से जोड़ेंगे, उतना ही वो छोटी-छोटी गलतियों से बचेंगे। आज देश विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रहा है, आज देश आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। आपने देखा है, भारत की अध्यक्षता में G-20 समिट का आयोजन 'One Earth, One Family, One Future' की थीम पर हुआ है। आज दुनिया 'One sun, one world, one grid' जैसे साझा प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए तैयार हुई है। 'One world, one health' जैसे मिशन आज हमारी साझी मानवीय संवेदनाओं और संकल्पों के गवाह बन रहे हैं। ऐसे राष्ट्रीय और वैश्विक अभियानों में हम जितना ज्यादा देश के युवाओं को जोड़ेंगे, उतना ही युवा किसी गलत रास्ते पर चलने से बचेंगे। आज सरकार स्पोर्ट्स को इतना बढ़ावा दे रही है..आज सरकार साइंस एंड रिसर्च को इतना बढ़ावा दे रही है... आपने देखा है कि चंद्रयान की सफलता ने कैसे युवाओं में टेक्नोलॉजी के लिए नया क्रेज पैदा कर दिया है...ऐसे हर प्रयास, ऐसे हर अभियान, देश के युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। फिट इंडिया मूवमेंट हो....खेलो इंडिया प्रतियोगिता हो....ये प्रयास, ये अभियान, देश के युवा को मोटीवेट करते हैं। और एक मोटिवेटेड युवा, नशे की तरफ नहीं मुड़ सकता। देश की युवा शक्ति का पूरा लाभ उठाने के लिए सरकार ने भी मेरा युवा भारत नाम से बहुत बड़ा संगठन बनाया है। सिर्फ 3 महीने में ही इस संगठन से करीब-करीब डेढ़ करोड़ युवा जुड़ चुके हैं। इससे विकसित भारत का सपना साकार करने में युवा शक्ति का सही उपयोग हो पाएगा।

साथियों,

देश को नशे की इस समस्या से मुक्ति दिलाने में बहुत बड़ी भूमिका...परिवार की भी है, हमारे पारिवारिक मूल्यों की भी है। हम नशा मुक्ति को टुकड़ों में नहीं देख सकते। जब एक संस्था के तौर पर परिवार कमजोर पड़ता है, जब परिवार के मूल्यों में गिरावट आती है, तो इसका प्रभाव हर तरफ नजर आता है। जब परिवार की सामूहिक भावना में कमी आती है... जब परिवार के लोग कई-कई दिनों तक एक दूसरे के साथ मिलते नहीं हैं, साथ बैठते नहीं हैं...जब वो अपना सुख-दुख नहीं बांटते... तो इस तरह के खतरे और बढ़ जाते हैं। परिवार का हर सदस्य अपने-अपने मोबाइल में ही जुटा रहेगा तो फिर उसकी अपनी दुनिया बहुत छोटी होती चली जाएगी।इसलिए देश को नशामुक्त बनाने के लिए एक संस्था के तौर पर परिवार का मजबूत होना, उतना ही आवश्यक है।

साथियों,

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय मैंने कहा था कि अब भारत की एक हजार वर्षों की नई यात्रा शुरू हो रही है। आज आजादी के अमृतकाल में हम उस नए युग की आहट देख रहे हैं। मुझे विश्वास है कि, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के इस महाअभियान में हम जरूर सफल होंगे। इसी संकल्प के साथ, एक बार फिर गायत्री परिवार को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद!