Farmers are the ones, who take the country forward: PM Modi
PM Modi reiterates Government’s commitment to double the income of farmers by 2022
PM Modi emphasizes the need to evolve new technologies and ways that will help eliminate the need for farmers to burn crop stubble

প্ৰধানমন্ত্রী শ্রী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে আজি ভিডিঅ’ কনফাৰেন্সযোগে লক্ষ্ণৌত আয়োজিত কৃষি কুম্ভ অনুষ্ঠানত ভাষণআগবঢ়ায়৷

কৃষকসকলৰ এই সমাৱেশ নতুন প্ৰযুক্তি গ্ৰহণৰ ক্ষেত্রত সুদূৰপ্ৰসাৰী ভূমিকা পালন কৰিব আৰু কৃষিক্ষেত্রতঅধিক সুযোগ–সুবিধাৰ সৃষ্টি কৰিব বুলি প্ৰধানমন্ত্রীয়ে আশা প্ৰকাশ কৰে।

খাদ্যশস্য সংগ্ৰহ ব্যৱস্থাৰ সুবিধা ধাৰাবাহিকভাবে বৃদ্ধি কৰাৰ বাবে প্ৰধানমন্ত্ৰী মোদীয়ে উত্তৰপ্ৰদেশ চৰকাৰে গ্ৰহণ কৰা প্ৰচেষ্টাৰ শলাগ লয়৷ তেওঁ কয় যে কৃষকসকল হৈছে সেইসকল ব্যক্তি যিসকলে দেশক আগুৱাই নিছে।২০২২ চনত কৃষকসকলৰ উপার্জন দুগুণ কৰাৰ লক্ষ্যৰে কেন্দ্রীয় চৰকাৰৰ প্ৰতিশ্ৰুতিৰ কথাও তেওঁ পুনৰ দোঁহাৰে। এই প্ৰসংগত তেওঁ কৃষকসকলৰ কল্যাণাৰ্থে উৎপাদন খৰচ হ্ৰাস কৰি লাভ বৃদ্ধিৰ লক্ষ্যৰে চৰকাৰৰএকাধিক পদক্ষেপৰ বিষয়ে উল্লেখ কৰে।অনাগত দিনত দেশজুৰি কৃষিক্ষেত্রত ব্যাপক হাৰত সৌৰশক্তিচালিতপাম্প স্থাপন কৰা হ’ব বুলিও তেওঁ সদৰি কৰে। বিজ্ঞানৰ সুফল কৃষিক্ষেত্রত উপলব্ধ কৰোৱাৰ বাবে চৰকাৰেপ্ৰচেষ্টা অব্যাহত ৰাখিছে। বাৰাণসীত ধান গৱেষণা কেন্দ্ৰ স্থাপনৰ লক্ষ্যৰে এয়া এক পদক্ষেপ বুলি প্ৰধানমন্ত্ৰী মোদীয়ে উল্লেখ কৰে।

কৃষিখণ্ডত মূল্য সংযোজনৰ প্ৰয়োজনীয়তাৰ কথাও প্ৰধানমন্ত্রীয়ে গুৰুত্ব সহকাৰে উল্লেখ কৰে। তেওঁ কয় যে সেউজ বিপ্লৱৰ পাছত এতিয়া দুগ্ধ উৎপাদন, মৌ উৎপাদনৰ সমান্তৰালভাৱে কুঁকুৰা উৎপাদন আৰপ মীনপালনৰ ওপৰত সৰ্বাধিক গুৰুত্ব দিয়া হৈছে৷

কৃষি কুম্ভ অনুষ্ঠানত জলসম্পদৰ উপযুক্ত ব্যৱহাৰ, খাদ্যশস্য মজুত ৰখাৰ ক্ষেত্রত অত্যাধূনিক প্ৰযুক্তিৰ ব্যৱহাৰ আৰু কৃষিখণ্ডত আধুনিক প্ৰযুক্তিৰ ব্যৱহাৰৰ দৰে গুৰুত্বপূর্ণ বিষয়ক লৈ প্ৰধানমন্ত্রীয়ে আলোচনা কৰাৰ আহ্বানজনায়। শস্য চপোৱাৰ পাছত গছবোৰৰ গুৰি পুৰি পেলোৱাৰ ক্ষেত্রত কৃষকসকলৰ প্ৰয়োজনীয় সাহায্য আগবঢ়োৱাৰ বাবে তেওঁ নতুন প্ৰযুক্তি আৰু পন্থা উদ্ভাৱনৰ ওপৰতো গুৰুত্ব প্ৰদান কৰে৷

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!