The BJP-NDA is working to provide land rights to farmers, tribal communities and tea garden families, while Congress opposed such efforts and encouraged illegal encroachments: PM in Dibrugarh
Nari Shakti first! : PM Modi in Dibrugarh rally

भारत माता की... जोयतु मां कामाख्या

उजोनिर राइज केने आसे? आपोनालोकै मोर आंतरिक मरोम

आरु श्रोद्धा जासिसु।

डिब्रूगढ़ में आने का अनेक बार मुझे अवसर मिला है। लेकिन इतना जोश, इतना उत्साह...ये अभूतपूर्व है। दूर-दर तक मैं देख रहा हूं वहां हाईवे पर... शायद उनको सुनाई नहीं देता होगा, दिखाई नहीं देता होगा लेकिन लोग खड़ें हैं। कांग्रेस पहले से ही हैरान-परेशान पड़ी हुई है...अब ऐसी तस्वीरें, कांग्रेस को वोट से ठीक पहले और पस्त कर देंगी। ये जो उत्साह है, वो एक ही गारंटी दे रहा है...आकौ एबार… आकौ एबार… आकौ एबार…

आकौ एबार… बीजेपी शोरकार!

आकौ एबार… एनडीए शोरकार!

साथियों,

डिब्रूगढ़ वो क्षेत्र है, जिसने असम के इतिहास में भी बड़ी भूमिका निभाई है...और विकसित असम के भविष्य में भी इसका बड़ा रोल होने वाला है। राजा स्वर्गदेव चाओलुंग सुकफा ने अहोम सम्राज्य की स्थापना की...और उसके बाद असम आगे ही बढ़ता गया। महान योद्धा लचित बरफुकन और कोच वंश के महान सेनापति वीर चिलाराय ने इस विरासत को आगे बढ़ाया। असम में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की एक शानदार विरासत रही है। अहोम, मोरान, मोटोक, चुटिया, सोनोवाल कछारी, टी-ट्राइब, मिसिंग, देउरी...ऐसे अनेक समाज यहां सदियों से पूरे सौहार्द के साथ रहते हैं। कोई असमिया बोलता है, कोई बांग्ला, तो कोई हिंदी... लेकिन हर कोई विकसित असम चाहता, विकसित भारत चाहता है।

साथियों,

भारत रत्न भूपेन हजारिका जी...भारत रत्न लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई जी...महान नायक ज्योति प्रसाद अगरवाला जी...ऐसी अनेक महान संतानों ने असम के समाज को दिशा दी है। ऐसे हमारे सभी महान पूर्वजों की प्रेरणा से...आज बीजेपी-NDA सरकार, डिब्रूगढ़ को, उजोनी ओखोम को...फिर से समृद्धि का व्यापार-कारोबार का बहुत बड़ा हब बना रही है। हम ऊपरी असम को कांग्रेस की उपेक्षा से बाहर निकाल रहे हैं। कांग्रेस के दशकों के कुशासन ने असम की कनेक्टिविटी की कोई चिंता नहीं की। बोगीबील ब्रिज हो, भूपेन हज़ारिका सेतु हो, जोरहाट-माजुली सेतु हो... ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों पर बन रहे ऐसे सेतु... इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर पहुंचा रहे हैं।

साथियों,

यहां इस सभा में बड़ी संख्या में युवा मुझे दिख रहे हैं। ये जो युवा साथी हैं...इनको 2016 से पहले के असम की बातें उतनी याद नहीं होंगी। कांग्रेस असम की कैसे उपेक्षा करती थी...इसका उदाहरण नुमालीगढ़ से डिब्रूगढ़ वाला हाईवे भी है। इस हाईवे को 2005 में स्वीकृत किया गया लेकिन इस पर 2013 तक कुछ नहीं हो पाया था। और तब केंद्र में कांग्रेस की ही सरकार थी। प्रधानमंत्री भी असम के थे.. यहां से भेजा गया था। कांग्रेस सरकार का असम के प्रति यही सौतेला रवैया था। ऊपरी असम और बराक वैली... नों को कांग्रेस ने भुला दिया था। इसलिए, कांग्रेस के राज में असम इतना बंटा रहा।

साथियों,

कांग्रेस ने आपकी उपेक्षा की। भाजपा ने आपकी आकांक्षा को सिर आंखों पर रखा।

कांग्रेसे आपोनालोकक उपेक्खा करिछिल। भाजपाइ

आपोनालोकर आहा आकांखाक हॉदाय अग्राधिकार दी आहिसे।

अब आप आज की तस्वीर देखिए...कुछ दिन पहले पूरी दुनिया ने मोरन का वो भव्य दृश्य भी देखा...जब बीजेपी-NDA सरकार के बनाए हाईवे पर लड़ाकू जहाज़ उतरे। मैं खुद वायुसेना के जहाज़ से सड़क पर उतरा। 10 साल पहले असम के लोगों को गुहार लगानी पड़ती थी...कि गाड़ियां चल पाएं कम से कम ऐसी रोड तो बनाइए। आज ऐसे हाईवे बने हैं, जहां गाड़ियां तो गाड़ियां, हवाई जहाज़ भी उतरते हैं। ये दिखाता है कि बीते 10 वर्षों में असम कितना बदला है।

साथियों,

बीजेपी-NDA सरकार पूरे असम को कनेक्ट भी कर रही है...और प्रशासनिक रूप से भी पहुंच में ला रही है। अब मुख्यमंत्री का सेक्रेटरिएट डिब्रुगढ़ आ रहा है। यहां असेंबली का भी नया कॉम्पलेक्स बन रहा है। ये पूरे अपर असम के लिए बहुत बड़ी सुविधा होगी। साथियों, असम का ऐसा ही तेज़ विकास होता रहे...इसके लिए डबल इंजन सरकार बहुत ही ज़रूरी है।

बर्तमानर दरेइ अहोमॉर द्रुत उन्नोयोन// होइ थाकिबोलै,

डबल इन्जिन सरकारर प्रॉयोजन आसे।

साथियों,

कांग्रेस के कारनामों का बेहतरीन उदाहरण, डिब्रूगढ़ का, असम गैस क्रैकर प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट असम अकॉर्ड का हिस्सा था। समझौते के 10 साल बाद, 1995 में पहली बार नरसिम्हा राव जी ने इसका शिलान्यास रखा था। फिर ये ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उसके बाद कांग्रेस की सरकार ने 2007 में फिर से इसका शिलान्यास किया। और फिर से ये लटकता गया। आपने 2014 में कांग्रेस को विदाई दी, बाय-बाय किया...और बीजेपी-NDA को दिल्ली में अवसर दिया। हमारी सरकार ने इस काम को तेज़ी से पूरा किया...और 2016 में मुझे ही असम गैस क्रैकर प्रोजेक्ट का लोकार्पण करने का अवसर मिला था।
यानि समझौते के तीस साल बाद असम को गैस क्रैकर प्रोजेक्ट मिला।

साथियों,

कांग्रेस करप्ट भी है और काम भी नहीं करना चाहती।

कांग्रेसे दुर्नीतिउ कोरे….आरु कामो करिबोलै निबिचारे।

इसके कारण, असम की अनेक पीढ़ियों को बेरोज़गारी झेलनी पड़ी।

लेकिन बीजेपी-NDA सरकार, रोजगार बनाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रही है। बीजेपी-NDA, असम को भारत की ऊर्जा राजधानी बनाने में जुटी है। और इसका बड़ा हब डिब्रूगढ़ होने जा रहा है, ये अपर असम होने जा रहा है। कांग्रेस के राज में... असम से तेल निकला… लेकिन तेल की रिफाइनिंग बाहर हुई। असम से गैस निकली… लेकिन इंडस्ट्री कहीं और लगी। इस स्थिति को भाजपा सरकार बदल रही है। अब असम इसमें आत्मनिर्भर बन रहा है। आज आप देखिए… नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता तीन गुना बढ़ रही है। दुनिया ग्रीन एनर्जी की तरफ जा रही है...असम में देश की पहली बांस आधारित बायो-रिफाइनरी लग रही है। नामरूप के खाद कारखाने का विस्तार किया जा रहा है। असम नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड का, गैस पाइपलाइन का बहुत बड़ा केंद्र बन रहा है। यानि, बीजेपी-NDA, हर वो काम कर रही है...जिससे असम सबसे आगे रहे, जिससे असम के युवाओं को रोजगार मिले।

बीजेपी–एनडीएइ सेइबोर काम कोरी आसे,जार द्वारा ऑहोम हॉकोलोतके आगत थाके, जार द्वारा ऑहोमर जुवोक-जुवोतीहॉकले हंस्थान पाय।

साथियों,

बीजेपी-NDA असम को चाय और चिप, दोनों का पावरहाउस बनाने में जुटी है। चाय की ताकत तो आपके पास पहले से ही थी...अब असम को चिप के लिए भी जाना जाएगा। चिप आज के उद्योगों की लाइफलाइन है। फोन हो, टीवी हो, गाड़ियां हों, जो भी स्मार्ट है...वो हर सामान और सर्विस चिप से ही चलती है। असम अब दुनिया को चाय के अलावा चिप भी देने वाला है। ऐसे हर सामान के कारखानों के लिए असम में बहुत बड़ी संभावनाएं बन रही हैं।

साथियों,

विकास को लेकर कांग्रेस की सोच कैसी है… ये उनके चुनाव प्रचार से भी पता चलता है। कांग्रेस का बीजेपी-NDA पर आरोप क्या है? ये लोग कह रहे हैं...कि हमारी सरकार ने सड़कों के लिए, रेलवे के लिए, इंडस्ट्री के लिए ज़मीनें दीं। यानि असम की जनता को सुविधा मिले...किसानों को सुविधा मिले, नौजवानों को रोजगार मिले... इसलिए जो लैंड दी गई, इसका कांग्रेस विरोध कर रही है। अगर कांग्रेस ने अपने समय ये सब किया होता... तो असम की इतनी पीढ़ियों को रेशानियां न झेलनी पड़तीं।

साथियों,

लैंड की असली लूट क्या होती है, ये मैं आपको बताता हूं। कांग्रेस की जो ये तथाकथित फर्स्ट फैमिली है दिल्ली में जो रहती है शाही परिवार. जो देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है....असली Land ATM तो वो है। इन लोगों पर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में...नेशनल हेराल्ड घोटाला करके हज़ारों करोड़ रुपए की ज़मीन पर कब्ज़ा करने का आरोप है। इसको लेकर अदालत में केस चल रहे हैं। एक राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट है... इस पर उद्योगों के लिए दी गई ज़मीन कब्जाने के आरोप लगे हैं। एक जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल फंड है...उस पर भी दिल्ली में प्राइम लोकेशन पर ज़मीन कब्जाने को लेकर केस हुए हैं। ये इस शाही परिवार के कुकर्म हैं और यहां आकर ये लोग दूसरों पर झूठे आरोप लगाते हैं।

साथियों,

कांग्रेस को आज ज़मीन की याद इसलिए आई...क्योंकि इसकी राजनीतिक ज़मीन खिसक गई है। कांग्रेस को असली समस्या इस बात से है... कि बीजेपी-NDA सरकार असम की मूल संतानों को, जनजाजीय समाज को भूमि के पट्टे क्यों दे रही है? ट्राइबल परिवारों को जमीन का हक मिलना, कांग्रेस को अच्छा नहीं लग रहा। कांग्रेस को असली दर्द इस बात से है...कि बीजेपी-NDA सरकार टी-गार्डन के लाखों परिवारों को ज़मीन के पट्टे क्यों दे रही है? टी-गार्डेन के जिन परिवारों को कांग्रेस ने बेहाल छोड़ा..आज उनके पास अपने नाम पर ज़मीन हो रही है...ये कांग्रेस की असली समस्या है। साथियों,आज कांग्रेस को लैंड की याद इसलिए आई...क्योंकि उसके घुसपैठिया वोटबैंक के कब्ज़े से ज़मीन छीनी जा रही है। जमीन पर बवाल के पीछे की सबसे बड़ी वजह यही है। ये घुसपैठियों को कवर देने का कांग्रेसी गेमप्लान है। इन्होंने हमारे सत्र की, काज़ीरंगा जैसी हमारी शान की जमीनें..किसानों की, आदिवासियों की, जम़ीनें घुसपैठियों को दे दी थी। हमारी सरकार ने, ऐसी लाखों बीघा ज़मीन से घुसपैठियों को बाहर खदेड़ दिया है। और यही दुख कांग्रेस को खाए जा रहा है। आप मुझे बताइए साथियों.... असम की इंच-इंच ज़मीन से घुसपैठियों को निकालना चाहिए कि नहीं निकलना चाहिए? घुसपैठियों को निकालना है... घुसपैठिए जाने चाहिए... ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम...बीजेपी-NDA को दिया आपका एक वोट कर सकता है। ये आपकी वोट की ताकत है

साथियों,

बीजेपी-NDA सरकार जहां भी है...बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि हमारी प्राथमिकता रही है। लेकिन मोदी...अपनी बहनों के लिए कुछ भी करे, कांग्रेस को ये बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। कुछ दिन पहले मैं चाय बगान में गया था...वहां की बहनों से मिला.. वे सभी बहुत खुश थीं और उन्होंने गीत-संगीत का भी आयोजन किया था। लेकिन कांग्रेस ने बहनों के साथ मेरी बातचीत को लेकर भी गंदगी फैला दी। कांग्रेस के लोग, चाय-बगान की बहनों के पहनावे और उनकी संस्कृति को बदनाम कर रहे हैं...AI से झूठी तस्वीरें बना रहे हैं।

साथियों,

बहनों के लिए कुछ भी काम हो..कांग्रेस उसका विरोध ही करती है।

यहां देखिए, अरुणोदोई योजना को लेकर ये क्या कह रहे हैं? चुनाव के बाद ये होगा वो होगा...ऐसे कहकर डराते हैं। लेकिन असम बीजेपी ने घोषणा की है...कि चुनाव के बाद अरुणोदोई स्कीम का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

साथियों,

कांग्रेस के लोगों ने उज्जवला के मुफ्त गैस कनेक्शन को लेकर भी यही झूठ फैलाया था। लेकिन योजना आज तक चल रही है। ये लोग लखपति दीदी अभियान को लेकर भी ये झूठ फैलाते थे। आज असम की लाखों बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। और आने वाले समय में 40 लाख बहनों को लखपति दीदी बनाने का हमने लक्ष्य रखा है।

साथियों,

कांग्रेस ने तो सालों तक महिला आरक्षण के मामले को भी लटकाए रखा था। NDA ने ही नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित करवाया। इससे देश की संसद और असम की विधानसभा में भी...तैंतीस परसेंट आरक्षण बहनों-बेटियों को मिल पाएगा। और अभी 16-17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र होना है। इसमें महिला आरक्षण कानून में संशोधन पर चर्चा की जाएगी। कानून में ऐसे प्रावधान किए जाएंगे...कि 2029 के लोकसभा चुनाव में कम से कम तैंतीस परसेंट महिलाएं सांसद ज़रूर बनेंगी। मैंने कांग्रेस से भी आग्रह किया है...कि वो इस पर राजनीति न करे… इस संशोधन को पूरा समर्थन दे, ताकि सर्वसम्मति से महिलाओं के हक में निर्णय हो पाए। मैं असम की सभी बहनों से भी कहूंगा...कि कांग्रेस के नेता आपसे वोट मांगने आएं, तो उनको इस कानून का समर्थन करने के लिए ज़रूर कहें।

साथियों,

अब मतदान, चुनाव प्रचार कल शाम को पूरा हो जाएगा। अब कुछ ही घंटे इस प्रकार से बांकी है। आपने बीते महीनों में बहुत मेहनत की है। अब आने वाले दो दिन, जो भी समय आपके पास है दो-तीन दिन का अधिक मेहनत जरूरी है। आपको याद रखना है...नौ अप्रैल को वोटिंग के भी रिकॉर्ड टूटने चाहिए...टूटेंगे... हर बूथ पर ज्यादा वोटिंग होगा। पहले से ज्यादा होगा... और विजय के भी नए रिकॉर्ड बनने चाहिए। बनेंगे... भारी बहुमत से जीतेंगे.. इस बार रंगोली बिहू को हमें...विकसित असम के लिए नई ऊर्जा के उत्सव के रूप में मनाना है। कल शाम को चुनाव प्रचार पूरा होगा। इस बार असम में जहां गया हूं। मैंने अद्भुत दृश्य देका है। एक से बढ़कर एक रैलियां... हर रास्ते पर रोड शो.. चारों तरफ विजय की महक आ रही है। असम के लोगों ने जो प्यार दिया है, भाजपा-एनडीए को जो समर्थन दिया है। पूरे असम के लोगों का आज मैं आभार व्यक्त करता हूं। लेकिन कल शाम को असम का प्रचार पूरा होगा। ये मेरी आखिरी सभा है इस चुनाव प्रचार की। मैं यहां से और राज्य में चला जाऊंगा। लेकिन मुझे आपका ये प्यार हमेशा याद रहेगा। आपका ये समर्थन याद रहेगा। और मैं आपको... ये जो दृश्य मैंने देखा है ना, मेरा भी राजनीति का तजुर्बा बड़ा पुराना है। मैं पूरे विश्वास से जा रहा हूं। असम में फिर से बीजेपी-एनडीए की सरकार बनेगी। और मैं आपसे वादा करता हूं। जब हैट्रिक लगेगी, तीसरी बार शपथ समारोह होगा मैं स्वयं आपका आभार व्यक्त करने के लिए उस शपथ समारोह में मौजूद रहूंगा।

बोलिए, मेरे साथ भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... बहुत-बहुत धन्यवाद!

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PM chairs 53rd PRAGATI Meeting
August 25, 2026
PM reviews six key infrastructure projects across the Railway, Road and Power sectors
Projects reviewed span across 9 States with cumulative investment of more than ₹30,000 crore
PM says Infrastructure projects should be viewed as an integrated whole, rather than as individual sections or packages
PM calls for continuous reforms across all stages of project implementation and a proactive work culture across Ministries and States
PM says Speed must go hand-in-hand with quality
While reviewing AgriStack, PM emphasises the need to leverage the latest digital technologies including AI to derive greater value from agricultural data
On cyber fraud and ‘digital arrest’, PM stresses training, public awareness, cyber-safety education and coordinated action

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired the 53rd meeting of PRAGATI, the ICT-enabled, multi-modal platform for Pro-Active Governance and Timely Implementation, at Seva Teerth earlier today.

During the meeting, Prime Minister reviewed six key infrastructure projects across the Railway, Road and Power sectors, spanning nine States with a cumulative cost of more than ₹30,000 crore. The projects, significant for strengthening connectivity, supporting industrial and economic activity and improving public services, were reviewed with particular emphasis on adherence to timelines, inter-agency coordination, resolution of pending issues and expeditious completion.

Prime Minister emphasised that delays in infrastructure projects have consequences beyond cost escalation, as they also postpone the benefits intended for citizens, businesses and the economy. He said that infrastructure projects should be viewed and monitored as an integrated whole, rather than as isolated sections, stretches or packages. He noted that progress in individual packages should ultimately translate into timely completion and operationalisation of the entire project. Ministries and States were therefore asked to adopt an end-to-end approach, and address critical gaps that could delay the overall commissioning and delivery of benefits. He called for fostering a proactive work culture across Ministries and State Governments, with greater ownership at every level of project implementation.

Prime Minister stressed the need to explore common utility corridors for infrastructure services, wherever feasible, particularly while planning major transport and infrastructure projects. He called upon Ministries and States to examine such integrated approaches at the planning stage itself, keeping in view their technical and economic feasibility.

Prime Minister said that speed of execution must be accompanied by uncompromising quality. He called upon Ministries, States and implementing agencies to adopt modern technologies and strengthen quality assurance and supervision at every stage.

While reviewing AgriStack under the Digital Agriculture Mission, Prime Minister emphasised the need to leverage the latest digital technologies, including Artificial Intelligence, to derive greater value from agricultural data. He stressed that the data ecosystem should be effectively utilised across the agricultural value chain, from input planning to processing, enabling more informed interventions, better targeting and data-driven decision-making. He appreciated the efforts of the States and the Central Government in building the AgriStack ecosystem and called for further strengthening its use for delivering better outcomes for farmers.

During the review of cyber fraud cases, including incidents of digital arrest, Prime Minister said that prevention must be strengthened through a sustained focus on training, awareness and education. He stressed the need for continuous and targeted public-awareness campaigns, particularly for senior citizens, youth and other vulnerable sections, to familiarise them with common fraud techniques, warning signs and safe digital practices. He also called for regular capacity-building of personnel involved so that emerging modes of cyber fraud are identified and acted upon swiftly.