We are seeking your votes because our agenda is to make Karnataka No. 1 state in the country. Congress is seeking votes because one of its leaders is retiring: PM Modi
If the world praises India and its progress, it's not because of Modi. It's because of you and your vote which elected a majority government in the Centre: PM Modi in Mudbidri


भारत माता की...


दोनों हाथ ऊपर करके


दिल्ली तक आवाज पहुंचनी चाहिए


भारत माता की...


भारत माता की...


बजरंग बली की...


बजरंग बली की...


बजरंग बली की...


परशुरामा क्षेत्रदा, यन्ना मोकेदा तुळुवप्पे जोकुलेग सोलमेलु!


श्री मुल्की वेंकटरमण स्वामी को मेरा नमस्कार।


मैं शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने वाले सभी मठों, तीर्थांकरों और संतों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।
पिछले वर्ष मुझे शिवगिरि मठ में श्री नारायण गुरु से आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला था।
आज जिस सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसमें सभी संतों की ही प्रेरणा है।
ये मुझे बता रहे हैं कि यहां interpretation की जरूरत नहीं है, गांव को लोग भी हिंदी समझ लेंगे...ये आपका प्यार है, आपका आशीर्वाद है। जनता-जनार्दन का आदेश हमारे सर आंखों पर, आखिरकार आप ही ..इस देश के 140 करोड़ लोग, वो ही हमारा रिमोट कंट्रोल है, इसलिए आपने कहा कि Interpretation की जरूरत नहीं है, तो मैं आपके आदेश को अपने सिर आंखों पर चढ़ा देता हूं।

सहोदर-सहोदरियरे,


10 मई, यानि मतदान का दिन बहुत दूर नहीं है।
बीजेपी का संकल्प है- कर्नाटका को नंबर वन बनाना।
बीजेपी का संकल्प है- कर्नाटका में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना,
बीजेपी का संकल्प है- कर्नाटका को मैन्यूफैक्चरिंग सुपर पावर बनाना।
ये हमारा आने वाले वर्षों का रोडमैप है।
वहीं कांग्रेस वोट मांग रही है और क्या कह रही है, कांग्रेस क्या कह रही है जाकर के। वो कहती है कि हमारा एक नेता रिटायर होने वाला है, वो जा रहा है, जाते-जाते एक दे दो। कांग्रेस आपका वोट इसलिए चाहती है क्योंकि उनका एक नेता रिटायर हो रहा है।
कांग्रेस आपका वोट इसलिए चाहती है क्योंकि वो बीजेपी सरकार के फैसलों को, जनहित की योजनाओं को, यहां के लोगों के कल्याण के लिए जो काम किए हैं, उन सबको पलटना चाहती है। कांग्रेस कुछ भी कर ले, मैं कर्नाटका में पिछले 3-4 दिन से चुनाव रैलियां कर रहा हूं। छोटे-छोटे बच्चों का प्यार देख रहा हूं। माताओं बहनों के आशीर्वाद पा रहा हूं। नौजवानों का उत्साह देख रहा हूं, किसानों की आंख में उमंग और उत्साह देख रहा हूं और मेरे कानों पर एक ही आवाज आती है। एक ही विश्वास आता है, एक ही संदेश सुनने को मिल रहा है, एक ही मंत्र गूंज रहा है।
ई बारिया निर्धारा...
ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा।

बंधु-भगिनियरे,


दक्षिण कन्नड़ और उडुपी, शिक्षा के क्षेत्र में टॉपर्स के लिए जाने जाते हैं।
आप भली-भांति जानते हैं कि कर्नाटका को देश में नंबर वन बनाने का क्या मतलब है।
हमारा प्रयास है कि कर्नाटका औद्योगिक विकास में नंबर 1 बने।
बनना चाहिए न
जरा जोरों से जवाब दीजिए
बनना चाहिए न
नंबर वन बनना है ना
कर्नाटका को नंबर वन बनाना है न
हमारी कोशिश है कि कर्नाटका कृषि विकास में नंबर...नंबर..
कर्नाटका को fisheries और ports में नंबर... नंबर... नंबर 1 बनाने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं।
हमारा लक्ष्य है कि कर्नाटका स्वास्थ्य और शिक्षा में नंबर...
बीजेपी कर्नाटका को विकास के हर क्षेत्र में क्या बनाना चाहता है...
लेकिन कांग्रेस क्या चाहती है?
कांग्रेस, कर्नाटका को, दिल्ली में , उनका जो शाही परिवार बैठा है न , उस शाही परिवार का नंबर-1 ATM बनाना चाहती है।
हर योजना में Eighty Five Percent कमीशन खाने वाली कांग्रेस, कर्नाटका को दशकों पीछे ले जाकर गड्ढे में गाड़ देगी।
इसलिए कर्नाटका के लोगों को कांग्रेस से बहुत सावधान रहना है। और जेडीएस भी वही कच्चे-पच्चे के लोग हैं भाई

स्नेहितरे,


दक्षिण कन्नड़ा के जो फर्स्ट टाइम वोटर हैं, जो जीवन में पहली बार वोट देने जा रहे हैं, कर्नाटका का भविष्य तय करने में, वो अपने मत का उपयोग करने जा रहे हैं। ये नए मतदाता, ये पहली बार बनने वाले मतदाता, 18 साल की मेरी आयु के मतदाता बेटे-बेटियां। अब वो कर्नाटका का भविष्य तय करेंगे। साथ-साथ वो खुद का भी भविष्य तय करने वाले हैं। उनको आज मैं एक जरूरी बात बताना चाहता हूं। मेरे नौजवान बेटे-बेटियां, पहली बार वोट देने के लिए जाने वाले बेटे-बेटियां।
आपको अगर अपना करियर बनाना है, अपने मन का काम करना है, तो ये कांग्रेस के रहते संभव नहीं होगा।
कर्नाटका में स्थिरता रही तो आपका भाग्य भी स्थिर रहेगा। कर्नाटका में स्थिर सरकार नहीं बनी तो आपके संकल्प भी स्थिरता के साथ आगे नहीं बढ़ेंगे।
क्योंकि कांग्रेस, कर्नाटका में शांति की दुश्मन है, विकास की भी दुश्मन है।
जहां कांग्रेस होती है वहां से निवेशक दूर भागते हैं।
कांग्रेस आतंक के आकाओं को बचाती है, तुष्टिकरण को बढ़ाती है।
अभी राजस्थान में
आपको पता होगा क्या हुआ राजस्थान में, कुछ साल पहले बम धमाका हुआ था। 50 से ज्यादा लोग मर गए थे। आप कल्पना कीजिए, इतना भयंकर षड़यंत्र 50 से ज्यादा लोग मारे गए। बम धमाका हुआ, लेकिन वहां कि कांग्रेस सरकार की पुलिस ने ऐसा काम किया, ऐसा काम किया कि धमाका करने वाले सारे के सारे दोषी, निर्दोष जेल से छूट गए, उनको सजा नहीं दिलवाई। तुष्टिकरण की यही नीति, कांग्रेस की एक मात्र पहचान है। क्या ऐसी कांग्रेस को आने देंगे। ऐसी कांग्रेस को आने देंगे। क्या कर्नाटका को बर्बाद होने देंगे। क्या आपके भविष्य को तबाह होने देंगे।

सहोदर-सहोदरियरे,


देशभर में, जहां कहीं भी लोग शांति और प्रगति चाहते हैं, वहां पहला काम करते हैं, जो-जो राज्य के लोग जग जाते हैं, जो-जो राज्य के लोग आगे बढ़ना चाहते हैं। जो-जो राज्य अपने राज्य की प्रगति चाहते हैं। वो पहला काम करते हैं। सबसे पहले वे अपने राज्य से कांग्रेस को बाहर हैं। जाओ भाई बहुत हो गया।
अगर समाज में शांति है, तो कांग्रेस शांत नहीं बैठ पाती।
अगर देश प्रगति कर रहा है, तो कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं कर पाती।
कांग्रेस की पूरी राजनीति, बांटो और राज करो की नीति पर आधारित है।


कर्नाटका ने खुद कांग्रेस का ये खौफनाक चेहरा देखा है।
जो लोग कर्नाटका में आतंक फैलाने की साजिश में गिरफ्तार होते हैं, कांग्रेस उन्हें बचाने के लिए मैदान में आ जाती है। ये सच्चाई है कि नहीं है। ऐसे लोगों को कांग्रेस बचाती है कि नहीं बचाती है, अगर ऐसे लोगों को बताएंगे तो शांति आएगी क्या।
इतना ही नहीं, रिवर्स गियर कांग्रेस ऐसे Anti-National लोगों पर दर्ज मुकदमे ना केवल वापस ले लेती है बल्कि उन्हें छोड़ भी देती है।
समाज के विभिन्न वर्ग, एकजुट होकर Anti-National लोगों का विरोध करते हैं।
लेकिन रिवर्स गियर कांग्रेस, दूसरी दिशा में चलती है और ऐसे ही Anti-National लोगों से चुनावी मदद लेती है।


सहोदर-सहोदरियरे,


पूरा देश हमारे सैनिकों का आदर करता है, उन्हें सम्मान देता है। देता है की नहीं देता है, हम सेना का सम्मान करते हैं कि नहीं करते हैं, हम हर सैनिक का गर्व करते हैं कि नहीं करते हैं, सैनिक को देख कर हमारा सीना चौड़ा होता है कि नहीं होता है। आप सबको आनंद होता है, खुशी होती है , लेकिन कांग्रेस को रोना आता है।
कांग्रेस, रिवर्स गियर, हमारी सेना का अपमान करती है, हमारे सैनिकों का अपमान करती है, हमारी सेना के वरिष्ठ लोगों के खिलाफ गालियां बोलने तक का पाप करती है।

साथियों,


आज पूरी दुनिया, भारत में democracy और development को देखकर उसे सम्मान दे रही है।
लेकिन रिवर्स गियर कांग्रेस दुनियाभर में घूम-घूमकर देश को बदनाम कर रही है। आप मुझे बताइए भाइयों, हमारे कर्नाटका के लोग तो दुनियाभर में फैले हैं। मुझे बताइए आज दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है कि नहीं बढ़ा है. दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइए, बढ़ा कि नहीं बढ़ा है। आज दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है। आज दुनिया में भारत का गौरवगान हो रहा है कि नहीं हो रहा है। अमेरिका में भी हिंदुस्तान का जयकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भी हिंदुस्तान का जयकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है। जापान में भी हिंदुस्तान का जयकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है। यूके में भी में भी हिंदुस्तान का जयकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है। दुनिया के हर कोने में में भी हिंदुस्तान का जयकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है।
क्यों हो रहा है...
क्यों हो रहा है...
पूरी दुनिया में भारत की वाहवाही क्यों हो रही है भाइयों
क्यों हो रही है
पूरे दुनिया में जयजयकार क्यों हो रहा है...
क्यों हो रहा है बताइए....
अरे उडुपी के लोग तो टॉपर रहते हैं..टॉपर
आपका जवाब गलत है
ये मोदी के कारण नहीं हो रहा है
ये जो दुनिया में जयकार हो रहा है वो आपके एक वोट के कारण हो रहा है। आपके वोट की ताकत है। ये आपके वोट की ताकत है कि दुनिया में भारत का गौरवगान हो रहा है।
आपके एक वोट ने दिल्ली में मजबूत सरकार बनाई है।
आपके एक वोट ने दिल्ली में स्थिर सरकार बनाई।
और कारण दुनिया में देश का नाम बन रहा है, ये आपके एक वोट की ताकत है।
मुझे बताइए कर्नाटका भी पूरी दुनिया में नाम होना चाहिए की नहीं होना चाहिए, हिंदुस्तान में भी कर्नाटका का नाम होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। असाम वाले भी जय कर्नाटका बोलने चाहिए की नहीं बोलने चाहिए, गुजरात वाले भी जय कर्नाटका बोलने चाहिए की नहीं बोलने चाहिए। तमिलनाडु वाले भी जय कर्नाटका बोलने चाहिए की नहीं बोलने चाहिए। जम्मू-कश्मीर में भी जय कर्नाटका होना चाहिए की नहीं होना चाहिए।
तो फिर कर्नाटका में स्थिर और मजबूत सरकार चाहिए, भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली स्थिर, मजबूत सरकार चाहिए।
बनाओगे
पक्का बनाओगे...

साथियों,


शांति और प्रगति के रास्ते पर बढ़ रहा कर्नाटका कभी नहीं चाहेगा कि कोई आकर इसे रिवर्स गियर में ले जाए।
इसीलिए लोगों ने तय कर लिया है, निर्धार कर लिया है, पक्का मन बना लिया है।
ई बारिया निर्धारा...
ई बारिया निर्धारा...

बंधु-भगिनियरे,


रानी अबक्का जैसी वीरांगनाओं ने ये दिखाया है कि हमारी बेटियों का सामर्थ्य क्या है?
लेकिन कांग्रेस के कुशासन ने हमारी माताओं-बहनों को सिर्फ और सिर्फ अभाव में जीने के लिए मजबूर कर दिया।
कांग्रेस हर समस्या को बनाए रखना चाहती है, ताकि गरीब उसके सामने हाथ जोड़कर खड़ा रहे।
टॉयलेट के अभाव में महिलाओं का स्वास्थ्य भी खराब होता था और सम्मान को भी चोट पहुंचती थी।
बेटियों की शिक्षा की बात हो, तो स्कूलों में अलग शौचालयों का अभाव था।
बेटियों को स्कूल छोड़ना पड़ता था, इसलिए शिक्षा का अभाव था।
यहां शुद्ध पेयजल का अभाव था, क्योंकि कांग्रेस ने हर घर जल पहुंचाने पर जोर नहीं दिया।
बहनों को धुएं में खाना बनाना पड़ता था, क्योंकि कांग्रेस ने गैस कनेक्शन का अभाव रखा।
अब बीजेपी सरकार इन सारे अभावों को दूर कर, गरीब की समस्याओं का स्थाई समाधान कर रही है।

स्नेहितरे,


बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने मूल ज़रूरतों से आगे बढ़कर महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाएं लागू की हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा देश के 11 करोड़ किसानों को मिला है, तो उसमें 3 करोड़ महिला किसान हैं।
मुद्रा योजना के तहत जो 3 करोड़ ऋण कर्नाटका में मिले हैं, उनमें से अधिकतर महिलाओं को मिले हैं।
गरीबों को मिले करोड़ों घरों की भी ज्यादातर लाभार्थी हमारी माताएं-बहनें ही हैं।
इनमें से जो गरीबों के लिए हम घर बना रहे हैं और घर की कीमत आज लाखों रूपयों में है। इसका मतलब जिसको घर मिल जाता है वो लखपति बन जाता है और हम घर मताओं-बहनों के नाम पर देते हैं, इसलिए देश में हमारी लाखों माताएं-बहनें लखपति दीदी के नाम से जानी जाने लगी हैं। लखपति दीदी बन गई हैं। कल तक झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाली मां-बहन लखपति दीदी बन जाती है तो मेरा देश आगे बढ़ना पक्का हो जाता है, दोस्तों।


आपने देखा होगा कि आज चारो तरफ जी 20 की धूम मची हुई है, बच्चा-बच्चा जी 20 बोलने लगा है। जी 20 तो कई वर्षों से चल रहा है। लेकिन दुनिया को भी पहली बार पता चला की जी 20 क्या होता है। हिंदुस्तान के हर राज्य ने अब दिखा दिया है।
छोटे-छोटे शहरों में जी-20 की समिट हो रही है , आपको खुशी होगी जी 20 का एक मुख्य एजेंडा क्या है विमेन लेड डेवलपमेंट।
सिर्फ वुमेन डेवलपमेंट नहीं, विमेन लेड डेवलपमेंट। माताओं-बहनों की शक्ति को हम कितना महात्मय देते हैं, ये आज जी 20 समिट में भी गूंज रहा है दोस्तों।


सहोदर-सहोदरियरे,


कर्नाटका की लंबी कोस्टलाइन के रक्षक हमारे मछुआरे भाई-बहन हैं। लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने इन्हें भी अभाव में ही रखा।
ये बीजेपी है जिसने मछली पालन से जुड़ा देश में पहली बार एक अलग मंत्रालय बनाया।


आप मुझे बताइए भाई
भारत में समुंदर, दरिया, सी, मोदी की सरकार बनने के बाद आया क्या। पहले से था कि नहीं था।
ये मोदी की सरकार बनने के बाद फिशरमैन का काम शुरू हुआ क्या।
पहले फिशरमैन था कि नहीं था
सदियों से था कि नहीं था।
था कि नहीं था।
लेकिन दिल्ली में ऐसी सरकार बैठी थी कि उसको दिखता ही नहीं था।
मोदी को दिखता था।


दिल्ली में भी मोदी को पता चलता था कि उडुपी में मेरा फिशरमैन भाई-बहन रहता है। और इसलिए आजादी के बाद पहली बार अलग मंत्रालय बनाया गया फिशरिज का। फिशरमैन के कल्याण के लिए बनाया गया, अलग मंत्री, नया बजट और वो काम अलग से हो रहा है क्योंकि अब मेरा कोस्टलाइन, मेरा फिशरमैन हम दुनिया में आगे बढ़ना चाहते है।
बीजेपी सरकार ने ब्लू रेवोल्यूशन का रोडमैप बनाया है, कोस्टल बेल्ट के संपूर्ण विकास के लिए नीति बनाई है।
बीजेपी ने मछुआरों और फिशरीज़ सेक्टर के लिए पहली बार पीएम मत्स्य संपदा योजना बनाई है।
यहां येदियुरप्पा जी और बोम्मई जी की सरकार ने भी मत्स्य सिरी योजना लागू की है।
बीजेपी सरकार ने ही पहली बार मछुआरे भाई-बहनों को किसान क्रेडिट की तरह बैंक से सस्ते ब्याज पर लोन मिल जाए, वो क्रेडिट कार्ड फिशरमैन को देने का निर्णय किया और आज करोड़ो फिशनमैन उनको बहुत कम ब्याज से, टोकन से बैंक से पैसा मिल रहा है, क्योंकि फिशरमैन का कल्याण उनका भाग्य बदलने के लिए हम कृतसंकल्प हैं।

बंधु-भगिनियरे,


डबल इंजन सरकार के इन कामों के सार्थक परिणाम आज दिख रहे हैं।
आज़ादी के बाद से 2014 तक inland fisheries और aquaculture का उत्पादन करीब 60 लाख टन तक ही पहुंचा था।
ये आंकड़ा याद रखोगे
मैं जरा आंकड़ा बोलता हूं उसे याद रखोगे
जरा जोर से बोलोगे तो मुझे भी कुछ कहने का मन करेगा।
आज़ादी के बाद से 2014 मोदी आया तब तक 60 लाख टन,
कितना....
60 lakh टन
कितना
मोदी के आने के बाद 9 साल में 60 लाख टन 120 लाख टन से ज्यादा हो गया।
120 लाख टन
बताइए भाई
ऐसा काम करने वाले लोग चाहिए की नहीं चाहिए
तेज गति से आगे बढ़ने वाले लोग चाहिए की नहीं चाहिए।
ये जितने कमल लेकर आए हैं न, ये वही काम करने वाले लोग हैं।
यानि डबल इंजन सरकार के सिर्फ 9 वर्षों में inland fisheries उत्पादन दोगुना हो गया है।
इसका सीधा लाभ दक्षिण कन्नड़ा और उडुपी जैसे क्षेत्रों में मेरे हजारों मछुआरे भाई-बहनों को हुआ।
इसलिए समंदर की लहरों के साथ हर मछुआरा गा रहा है... ई बारिया निर्धारा...ई बारिया निर्धारा....

स्नेहितरे,


दक्षिण कन्नड़ा और उडुपी का ये क्षेत्र एक बहुत बड़ा इकनॉमिक और financial hub है।
इस क्षेत्र ने देश के बैंकिंग सेक्टर को नई दिशा दी है, इसीलिए इसे ‘cradle of banking’ भी कहा जाता है।
नई पीढ़ी को मालू है कि नहीं मालूम है, ये ‘cradle of banking’ है।
यहां बड़ी संख्या में युवा अपना भविष्य बनाने आते हैं। बड़े-बड़े सपने लेकर आते हैं।
यहां के लोगों के पास educational institutes विकसित करने का भी विजन है।
औऱ बीजेपी का प्रयास यहां के लोगों को इस विजन को विस्तार देने का है।

स्नेहितरे,


आज कई सेक्टर्स में हमने कर्नाटका के युवाओं की वजह से बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। और इसलिए आज मैं कर्नाटका की युवा शक्ति को हृदय से अभिनंदन करना चाहता हूं दोस्तों।
कर्नाटका आज भारत की स्टार्टअप क्रांति को ताकत दे रहा है और यहां के सामान्य परिवारों से आने वाले युवा wealth और value creators बन रहे हैं।


हमारी सरकार ने स्पेस सेक्टर में बड़े सुधार किए।
हमने इस सेक्टर के दरवाजे private players के लिए खोल दिए।
वो कौन सा राज्य है जो स्पेस सेक्टर में शानदार प्रदर्शन कर रहा है-
आपको मालूम है, वो कौन सा राज्य है, जहां के युवा स्पेस की दुनिया में हिंदुस्तान का झंडा फहरा रहे हैं। मालूम है, वो कौन सा राज्य है।


कौन सा राज्य है।
ये मेरा कर्नाटका है
ये मेरे कर्नाटका के युवा स्पेस में परचम लहरा रहे हैं।
यहां के युवा रॉकेट और सैटैलाइट भी बना रहे हैं।
कुछ हफ्ते पहले हमने देखा कि HAL ने अब तक का सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाया है।
वही HAL, वही कर्नाटका , वही काम करने वाले लोग। इतने वर्षों से HAL चल रहा था, आज पहली बार सबसे ज्यादा प्रोफिट हुआ।
कारण क्या।
कारण क्या।
कारण क्या।
ईमानदारी से देश की सेवा करने वाली भाजपा।
हमारी सरकार ने UAE और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौता किया है।
इन जगहों पर कर्नाटका के बहुत सारे लोग रहते हैं।
इस व्यापार समझौते से बिजनेस और किसानों के लिए बहुत से नए अवसर तैयार हुए हैं।
इसलिए, जब भी कर्नाटका के futuristic growth की बात होती है, लोगों की एक ही पसंद होती है, बीजेपी... बीजेपी... बीजेपी..।

सहोदर-सहोदरियरे,


बीजेपी, युवाओं को, युवाओं के भविष्य को आज सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
जब भी मैं अगले 25 वर्ष के अमृतकाल की बात करता हूं, तो उसमें भारत के नौजवानों का सामर्थ्य ही प्रतिबिंबित होता है।
हम ज्यादा से ज्यादा इनोवेशन को बढ़ावा दे रहे हैं, युवाओं के लिए नए अवसर बना रहे हैं।
आज ग्लोबल स्टार्टअप की दुनिया में भारत की चर्चा होती रहती है।
हमारे युवाओं ने हमें दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाया है।


2014 में कुछ गिने-चुने स्टार्टअप भारत में थे।
आज भारत में करीब 1 लाख स्टार्टअप हो गए हैं।
हमारे युवाओं ने यूनिकॉर्न का शतक बना दिया है।
यूनिकॉर्न वो कंपनी होती है जिसकी कीमत 1 बिलियन डॉलर यानि 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी जाती है।
बीजेपी सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को पॉलिसी सपोर्ट दे रही है।
हम उन युवाओं के साथ खड़े हैं, जो हर चुनौती से टकराना चाहते हैं।

बंधु-भगिनियरे,


हम भविष्य के लिए देश में लाखों युवा इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
आज देशभर में 10 हजार अटल टिंकरिंग लैब मौजूद हैं।
इनमें अब 75 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को अत्याधुनिक टेक्नॉलजी, इनोवेशन और नई संभावनाओं की ट्रेनिंग दी गई है।
इससे उनकी जिज्ञासाएं और बढ़ती जाती हैं।
जो युवा interesting start-up ideas लेकर आते हैं, उनको पूरी मदद दी जाती है।
एक तरह से ये स्टार्टअप नर्सरी की तरह है। ये भारत में इनोवेशन की नई लहर पैदा करेगी।

स्नेहितरे,


आप जानते हैं, आज भारत की इकोनॉमी दुनिया में पांच नंबर पर पहुंच गई है।
हम 10 में से 9 हुए, देश को पता नहीं था।
हम 9 में से 8 हुए कोई चर्चा नहीं थी।
हम 8 नंबर से 7 नंबर पहुंचे लोगों ने देखा कुछ हो रहा है।
हम 7 नंबर से 6 नंबर पर पहुंचे, लोगों ने कहा मोदी कुछ कर रहा है।
लेकिन जब हम 6 पर से पांच पर पहुंचे तो दुनिया हिंदुस्तान को नए नजरिए से देखने लगी।
हिंदुस्तान एकदम खड़ा हो गया
आपको मालूम है ऐसा क्यों हुआ भाई, ये देश की इकोनॉमी पांच नंबर पर पहुंचते ही, देश में एक नई ऊर्जा आ गई, क्या कारण है। मालूम है...मालूम है...कारण बहुत महत्वपूर्ण है।
पहले हमारे आगे इंग्लैंड था।
ढाई सौ साल जिसने हमपर राज किया था।


हमें गुलाम बना कर वो रखते थे।
ये मोदी सरकार है, उसने उसे पीछे करके पांच नंबर कर दिया दोस्तों।
आपको गर्व है कि नहीं है।
आपको गर्व है कि नहीं है।
अब दोस्तों एक और सपना है, मुझे आपकी मदद चाहिए, मिलेगी, मिलेगी, पक्का मिलेगी, हमें तीन नंबर पर पहुंचना है दोस्तों।
पांच पर पहुंचे हैं और जल्दी से पहुंचना है।
आपकी मदद मिलेगी।


दुनिया में तीसरे नंबर तक भारत की इकोनॉमी को ले जाना है और उसमें कर्नाटका के बिना मैं आगे नहीं बढ़ सकता हूं।
और इसलिए कर्नाटका में भाजपा सरकार चाहिए दोस्तों।
10 मई को आपका हर वोट, कर्नाटका का भविष्य तय करेगा।
ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा !
आपको इस संकल्प को निरंतर सशक्त करना है।
आप घर-घर जाएंगे तो मेरा एक और काम भी करना है।
भाइयों-बहनों कहीं ऐसा तो नहीं होगा। आप इतनी जोरदार सभा हो गई, दूर दूर तक लोग ही लोग हैं, आपको लगेगा की अब तो चुनाव जीत गए। चलो जाओ सो जाओ...
ऐसा तो नहीं करेंगे ना।


ऐसा तो नहीं करेंगे ना।


घर-घर जाएंगे


मतदाताओं को समझाएंगे।


ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे।


बीजेपी की बात बताएंगे।
कर्नाटक के उज्जवल भविष्य की बात बताएंगे।


सबकुछ करेंगे...अच्छा एक मेरा काम करेंगे..मेरा पर्सनल काम...एकदम पर्सनल काम... जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे।
पीछे से भी हाथ ऊपर उठना चाहिए
करेंगे...सब लोग करेंगे।


अच्छा ऐसा करो अपना मोबाइल फोन निकालो, उसकी फ्लैश लाइट चालू करके बताइए, मेरा एक काम करोगे।


हरेक की लाइट चालू है तो मैं देखूंगा, करेंगे..करेंगे..


अच्छा मैं बताता हूं कि मेरा काम क्या है..


हर घर जाना है, जाएंगे और उनको जा करके कहना।


मोदी जी दिल्ली से मुल्की आए थे..कहेंगे..कहेंगे..फिर उनको कहना, मोदी जी जब मुल्की आए थे तो उन्होंने आपको नमस्कार भेजा है।


आपको प्रणाम पहुंचाया है।


क्या मेरा प्रणाम पहुंचाओगे।


घर-घर पहुंचाओगे।


मेरे नमस्कार पहुंचाओगे।


हर किसी को पहुंचाओगे।


जब मेरे नमस्कार पहुंचेंगे तो सभी लोग मुझको आशीर्वाद देंगे।


जब सबलोग मुझे आशीर्वाद देंगे तो मेरी ऊर्जा बढ़ जाएगी।


आज मैं जितना काम करता हूं, उससे अनेक गुना काम करूंगा।


इसलिए मुझे हर परिवार से आशीर्वाद चाहिए।


मेरा नमस्कार पहुंचाओगे।


पक्का पहुंचाओगे।


दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए,


बजरंग बली की...


बजरंग बली की... बजरंग बली की...


भारत माता की..


भारत माता की..


वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे..


आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !

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PM to disburse incentives worth around ₹2,400 crore under PM-VBRY on 19 June
June 17, 2026
First-Time Employees to Receive Incentive of up to ₹15,000
To encourage sustained job creation, Employers eligible for Incentive of up to ₹3,000 per Month per Additional Employee
PM-VBRY is designed to facilitate Job Creation, Formalisation of Employment and Expansion of Social Security Coverage
Scheme has already Facilitated Employment for 15 Lakh Beneficiaries Across the Country

Prime Minister Shri Narendra Modi will disburse incentives worth around ₹2,400 crore under the Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana (PM-VBRY) at a special programme to be held on 19 June 2026 at 5 PM at Vigyan Bhawan, New Delhi.

The disbursal marks a significant milestone in the implementation of PM-VBRY, the Government of India’s flagship employment-linked incentive scheme aimed at accelerating job creation, promoting formalisation of employment, enhancing employability, and expanding social security coverage across sectors. The scheme has already supported the creation of 15 lakh employment opportunities across the country.

PM-VBRY is designed to encourage both workers and employers to participate in the formal economy. Under the scheme, first-time employees are eligible for an incentive of up to ₹15,000, providing crucial support as they enter the workforce. Employers generating additional employment are eligible for incentives of up to ₹3,000 per month per additional employee, thereby encouraging sustained job creation. Recognising the strategic importance of manufacturing in driving economic growth, employers in the manufacturing sector are eligible to receive incentives for a period of four years, while employers in all other sectors can avail incentives for two years.

The scheme reflects the Government’s commitment to fostering an enabling ecosystem for employment-led growth and ensuring that the benefits of India’s economic progress translate into quality formal employment opportunities for its youth.

PM-VBRY came into effect on 1 August 2025. With a total outlay of ₹99,446 crore, the scheme aims to incentivise the creation of more than 3.5 crore jobs over a two-year period. Of these, approximately 1.92 crore beneficiaries are expected to be first-time entrants into the workforce. By supporting both employees and employers, the scheme is playing a transformative role in expanding formal employment, strengthening social security coverage, and advancing the vision of a Viksit Bharat.