Abrogation of Article 370 is a tribute to our brave Jawans: PM Modi

Published By : Admin | October 18, 2019 | 14:52 IST
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Congress indulged in corruption in agriculture and did scams in sports: PM Modi in Haryana

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। राम-राम हिसार, संत, सूरमा, स्वतंत्रता सेनानियों और उद्यमियों की इस धरती को मेरा नमन। महार्षि जमद्गनि, महाराजा अग्रसेन, लाला लाजपत राय जैसे हर ऋषि, हर मनिषि, हर सेनानी को मैं अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। हिसार हिंदुस्तान के संस्कारों और संस्कृति से लेकर हमारे समर्पण और संकल्पशीलता का सार है। यहां दान, दायित्व और उद्यम की भारतीय परंपरा का तीर्थ अग्रोहा धाम भी है, यहां हांसी की लाल सड़क है जो आजादी के दिवानों के संघर्ष की गवाह है। ये स्टील नगरी भी है तो जमीन से सोना उगाने वाले किसानों का पसीना भी यहां की मिट्टी की महक है। 

साथियो, इस धरती पर बार-बार आने का सौभाग्य मुझे मिला है और हरियाणा का कोई कोना ऐसा नहीं होगा जिसने मुझे प्यार ना दिया हो, आशीर्वाद ना दिए हों और मैं हमेशा अनुभव करता हूं कि हरियाणा की इस धरती ने मेरा इतना लालन-पालन किया है, मुझे इतनी शिक्षा-दीक्षा दी है कि उसी के बलबूते पर हर मुकाम पे, हर कसौटी पे सफलता आपके आशीर्वाद से हमेशा-हमेशा, एक प्रकार से नई चेतना देती रही है, नई ऊर्जा देती रही है। भाइयो-बहनो, इस बार लोकसभा चुनाव में आपका भरपूर आशीर्वाद हम सबको मिला, हरियाणा के लोगों ने ठान ली थी कि मोदी की झोली भर देनी है और आज जब आपके बीच मैं रूबरू आया हूं तो आपके उस प्यार के लिए, आपके उस आशीर्वाद के लिए सर झुका कर के मैं आपका धन्यवाद करता हूं, आपको नमन करता हूं। आपने भाजपा पर, मुझपर जो आशीर्वाद बरसाया है, ये किसी को भी अभिभूत करने वाला है और आज भी जहां मेरी नजर पहुंच रही है लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। ये प्यार, दिल्ली में एयरकंडीशन कमरों में बैठकर कोई अनुभव नहीं कर सकता है जो हिसार की धरती में मैं देख रहा हूं। आज भी जो स्वागत सत्कार आपने किया है उससे स्पष्ट है कि हिसार इस बार पहले से भी प्रचंड जनादेश भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में देने वाला है। 

भाइयो और बहनो, हिसार ही नहीं पूरा हरियाणा फिर एक बार भाजपा सरकार के पक्ष में खड़ा है और ये बात मैं किसी कही सुनी बात के आधार पर नहीं कह रहा, अखबार पढ़ कर के नहीं कह रहा हूं, सर्वे रिपोर्ट देखकर के नहीं कह रहा हूं। पिछले एक हफ्ते में जहां-जहां मुझे जाने का सौभाग्य मिला है, इतना प्यार मैंने लोकसभा में भी अनुभव नहीं किया था जितना प्यार आप इस बार दे रहे हैं। अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं, जो आंखों से देखा, जो दिल को छू गया उसको मैं बयान करते हुए कह रहा हूं। इस बार हरियाणा, अब तक के राजनीतिक इतिहास के सारे समीकरणों को, सारे रिकॉर्ड ब्रेक करके आगे निकलने वाला है। भाइयो-बहनो, मेरे लिए हरियाणा मेरा दूसरा घर है और मैंने हमेशा कहा है कि हरियाणा का मुझ पर पूरा-पूरा अधिकार है। मैं आपके सुख-दुख का साथी हूं, मैं आपके सपनों को साकार करने के लिए जी-जान से लगा हुआ हूं और मुझे हरियाणा को समझने के लिए किसी की मदद की जरूरत नहीं पड़ती है। इस मिट्टी ने मुझे पाल-पोस कर बड़ा किया है और इसलिए मेरे दिलो-दिमाग पर आप लोग छाए रहते हैं। इसलिए आज मैं आपसे फिर एक बार मेरी झोली भरने के लिए आपको प्रार्थना करने के लिए आया हूं। पांच साल आपने दिल्ली में भी और हरियाणा में आपकी सेवा करने का मौका दिया लेकिन उसमें ज्यादा समय सफाई के काम-काज में गया, पुराने बहुत गढ्ढे भरने में गया, बुरी चीजों को हटाने में गया। अब पूरी ताकत से मुझे भी आपके लिए लगना है और हरियाणा सरकार को भी मुझे लगाना है, डबल इंजन की ताकत को तेज गति से दौड़ाना है और इसलिए मैं आज फिर एक बार हिसार की धरती से, हरियाणा से ये झोली भरने की मांग करने के लिए आया हूं। 

साथियो, आज कांग्रेस की स्थिति को आप भली-भांति समझ ही रहे हैं, उनके हाल कैसे हैं। अभी उनका एक वीडियो प्रचलित हो गया, पार्लियामेंट के परिसर में खड़े-खड़े कांग्रेस के नेता हरियाणा के नेता को आंखें दिखा रहे थे और मैं हैरान था हरियाणा का नेता बेचारा हाथ जोड़कर कह रहा था और वो आंखें दिखा रहे थे। देखा ना वीडियो आपने? वीडियो देखा है ना? क्या हरियाणा का ऐसा अपमान आप सहन करेंगे? क्या ऐसी कांग्रेसी नेतागिरी हरियाणा को गौरव दिला सकती है, हरियाणा का गौरव बढ़ा सकती है? भाइयो-बहनो, उनकी बातों में से साफ झलकता था, वो कहते थे 10-15 सीटें भी ले पाएं तो बहुत हैं। ये उनके शब्द हैं और चुनाव के कुछ ही दिन पहले के हैं, जो खुद ही हार चुके हैं, मैदान छोड़ चुके हैं। भाइयो-बहनो, ये थके हुए, हारे हुए, टूटे हुए लोग, हरियाणा की नैय्या पार नहीं करा सकते हैं। दूसरी तरफ जेजेपी, उनका तो दायरा ही बहुत सीमित है और उनकी विचारधारा भी धीरे-धीरे सिकुड़ती चला जा रही है और वो अभी भी पुराने जमाने के ख्यालों में खोए हुए हैं और ये देश नवजवानों का है, ये देश नवजवान का भविष्य तय करने के लिए है, इस देश का नवजवान देश का भविष्य तय करने के लिए है। ये पुरानी वोट बैंक की राजनीति देश की युवा पीढ़ी को प्रभावित नहीं कर सकती है। इनकी राजनीति और रणनीति, दोनों को हरियाणा की जनता ने ठुकरा दिया है। साथियो, आज हरियाणा में अगर भाजपा के पक्ष में अभूतपूर्व समर्थन दिख रहा है तो उसके पीछे पांच वर्षों के हमारे काम भी हैं और हमारे विरोधियों के कारनामे भी हैं। हम आते हैं जनता-जनार्दन का काम करने के लिए, वो आते हैं नए-नए कारनामे करने के लिए। अब हरियाणा को तय करना है कि आपको काम करने वाले लोग चाहिए कि कारनामे करने वाले लोग चाहिए, बहुत हो चुका, कभी ये-कभी वो लेकिन कारनामे करने की उनकी परंपरा से वो कभी बाज नहीं आए भाइयो। बीते पांच वर्ष में हरियाणा देश को बदलने वाली, देश में परिवर्तन की लहर पैदा करने वाली योजनाओं का साक्षी रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के रूप में बहुत बड़ा जनांदोलन हरियाणा से ही शुरू हुआ और आज पूरे भारत में फैल चुका और हिंदुस्तान का मेरा हर भाई-बहन जब बेटी बचाने की बात आती है तो गर्व के साथ कहता है कि हमें हरियाणा से सीखना है। सरकारें पहले भी थीं, माता पिता पहले भी थे। बेटियां पहले मारी जाती थीं, माता के गर्भ में बेटियों को मौत के घाट उतार दिया जाता था लेकिन मेरे हरियाणा के भाइयो-बहनो ने बेटी बचाने का बीड़ा उठा लिया, वहीं मां-बाप ने मां भारती के सपनों को पूरा करने के लिए बेटियों को बचाना, बेटियों को पढ़ाना, भाइयो-बहनो, वही हरियाणा इतना बड़ा बदलाव ला सकता है क्योंकि सही नेतृत्व, सही सरकार, सही दिशा मिलती है तो हरियाणा के लोग अच्छे लोग कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले लोग हैं भाइयो-बहनो। 

आज हरियाणा की बेटियों की रक्षा, सुरक्षा और शिक्षा के लिए, पूरे हिंदुस्तान के लिए एक प्रेरणा का स्थान बन गया है। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत, पीएम जय, कुछ लोग इसको मोदी केयर भी कहते हैं। ये आयुष्मान योजना भी हरियाणा से शुरू हुई और आज देश भर के गरीब परिवारों का सहारा बन गई है। आज देश भर के 50 लाख से ज्यादा गरीब मरीजों को इसके तहत मुफ्त में इलाज मिल चुका है। अगर ये योजना ना होती तो ये 50 लाख परिवार पैसों के अभाव में पीड़ा झेलते रहते, मौत का इंतजार करते या तो घर गिरवी रख कर के, ऊंचे ब्याज से पैसे लेकर के जिंदगी भर गरीबी के सायें में जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं। आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों को जीने के लिए एक नई ताकत दे दी है, गरीबों ने फैसला कर लिया कि वो खुद आगे आएंगे, गरीबों की गरीबी को खत्म करेंगे। भाइयो-बहनो, और ये आयुष्मान भारत योजना कितनी बड़ी योजना है, देश के 50 करोड़ लोग इसके लाभार्थी और एक प्रकार से देखें तो पूरे अमेरिका की जनसंख्या, पूरे मैक्सिको की जनसंख्या, पूरे कनाडा की जनसंख्या, ये तीनों देशों की सारी जनसंख्या मिला लें तो उससे ज्यादा लोगों को भारत में आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है, ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। भाजपा की सरकार जब ऐसे-ऐसे संकल्प हरियाणा में ले रही थी तो जो हमारे विरोधी हैं वो क्या कर रहे थे, उनका क्या काम था। पिछले दिनों तो वो हमसे लड़ नहीं पाते थे टकरा नहीं पाते थे तो वो आपस में ही लड़ने झगड़ने में बिजी थे, वो उसको काटता था, दूसरा उसको काटता था, वो अपने ही दलों में दिलों को तोड़ने में जुटे हुए थे, वो अपने ही दलों को अस्थिर करने में जुटे थे, कौन बड़ा कौन कब्जा कर ले उसी के खेल चलते थे हरियाणा का भला कैसे हो इसकी उनको फुर्सत नहीं थी भाइयो-बहनो। अब आप मुझे बताइए साथियो, जो लोग अपने स्वार्थ के लिए अपने दलों तक को अस्थिर कर सकते हैं, क्या वो हरियाणा के स्थिरता दे सकते हैं, दे सकते हैं क्या? क्या वो हरियाणा के समाज को एकजुट कर सकते हैं? निजी हित ही जिनके लिए सबसे ऊपर है, ऐसे लोग क्या राष्ट्रहित के बारे में सोच भी सकते हैं। 

भाइयो-बहनो, भाजपा ने पांच वर्ष में हरियाणा को स्वच्छ और स्थिर सरकार दी है। भाजपा ने हरियाणा को एकजुट रखने वाली दल के रूप में, सामाजिक सद्भाव के लिए काम करने वाली सरकार के रूप में जी जान से आपके बीच रह कर के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। भाजपा ने हरियाणा को जाति, बिरादरी और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव करने के बजाए सबका साथ-सबका विकास, इसी एक मंत्र को लेकर के सरकार चलाई है। भाइयो और बहनो, भाजपा की सरकार ने जो विकास किया है वो यहां की सड़कों पर गांव के लोग भी देख पा रहे हैं। भाजपा की सरकार ने जो विकास किया है वो यहां के गरीबों के घर में दिखता है, जिनको अपना पक्का घर मिला है। भाजपा की सरकार ने जो विकास किया है, वो यहां के किसानों के खेत-खलिहानों और घर में दिखता है, बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य मिला है। भाजपा का विकास उस गरीब बहने की आंखों में दिखता है, जिसको गैस कनेक्शन मिला है और उन मां-बहन को शौचालय के रूप में इज्जत भी मिली है, सम्मान भी मिला है। भाजपा का विकास उन युवाओं के चेहरे पर दिखता है जिनको कौशल विकास की सुविधा मिली और जो सबसे बड़ी बीमारी हरियाणा को तबाह करती रही, हरियाणा के नवजवान को तबाह करती रही, हरियाणा के नवजवानों का भविष्य तबाह करती रही, वो क्या थी खर्ची और पर्ची। पूरा खेल खर्ची और पर्ची पर चलता था, भारतीय जनता पार्टी ने खर्ची और पर्ची पर ताले लगा दिए दोस्तो, उससे मुक्ति दिला दी। भाजपा का विकास उन उद्यमियों के आत्मविश्वास में दिखता है जिनको मुद्रा योजना से आसान ऋण मिला, स्वरोजगार का जरिया मिला। भाजपा की सरकार ने जो काम किया है वो हर वंचित, हर शोषित, हर पिछड़े के घर में दिखता है। 

साथियो, हिसार ने हरियाणा की राजनीति को शीर्ष नेतृत्व दिया है, यहां से मुख्यमंत्री भी रहे हैं, मंत्री भी रहे हैं लेकिन यहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए। भाइयो-बहनो, आज मैं हिसार की धरती पर आया हूं, मैं यहां के किसानों को आज से नहीं, 30 साल से निकट से उनको देखता आया हूं। हिसार आया हूं और पानी की चर्चा ना हुई हो ऐसी मेरी एक भी मुलाकात नहीं हुई है 30 साल से मैं देख रहा हूं। और ये कैसे नेता हैं, हिंदुस्तान के किसानों के हक का पानी, जिस पर अधिकार आपका है, हिसार के किसानों का है, दिल्ली में ऐसी सरकारें बैठीं, पानी पाकिस्तान जाता रहा और मेरा किसान पसीना बहाता रहा, आंखों से पानी बहता रहा भाइयो-बहनो। आप मुझे बताइए, क्या पहले की सरकारें आप के हक का पानी आपको देना उनका जिम्मेवारी थी कि नहीं थी, इनकी जिम्मेवारी थी कि नहीं थी। क्या पाकिस्तान में पानी बहता चला जाए और हिंदुस्तान का किसान पानी के बिना परेशान रहे क्या ऐसे लोगों को हरियाणा में वोट मांगने का अधिकार भी है क्या? भाइयो-बहनो, और जब मैं ठान लेता हूं ना, आपको भरोसा है ना? अरे हरियाणा का पानी पिया है मैंने भी एक बार ठान लिया उसे कर के ही रहता हूं और मेरे किसान भाइयो-बहनो आप को कहता हूं, आपके हक का पानी अब पाकिस्तान में नहीं बहेगा। जो आपके हक का है वो आपको मिलना चाहिए, मोदी है ये कर के रहेगा। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और मैं पानी बोलता हूं आग वहां लगती है। इतना ही नहीं हर खेत को पर्याप्त जल मिले इसके लिए भारत के इतिहास का सबसे बड़ा जल अभियान शुरू किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत आने वाले पांच वर्षों में मैं सबसे ज्यादा ताकत पानी के लिए लगाने वाला हूं और आप मुझे हरियाणा में ऐसी सरकार दो ताकी दिल्ली से जिन सपनों पर काम करने को मैं लगा हूं मुझे यहां भी वैसी ही गति मिल जाए दोस्तो। सिर्फ पानी के लिए मेरी माताओं-बहनो को, पीने के पानी की दिक्कत से मुक्ति के लिए, मेरे किसानों को खेत में पानी पहुंचाने के लिए पांच साल में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान है। इस पर काम शुरू हो चुका है, इसका लाभ हिसार को तो मिलना ही मिलना है पूरे हरियाणा को भी मिलेगा। 

भाइयो-बहनो, हमारा प्रयास है कि देश के किसानों को सिर्फ मौसम की मेहरबानी के भरोसे ना रहना पड़े। गांव-गांव में पानी की जो हमारी पुरानी व्यवस्थाएं थी उनको फिर से जिंदा करना जरूरी है। हम घरों के पानी की रीसाइकलिंग करने को और खेत में सिंचाई के काम आए ऐसी व्यवस्थाएं खड़ी करना चाहते हैं। मुझे विश्वास है कि साल 2024 तक देश इसमें जरूर सफल होगा। साथियो, किसानों के लिए बीते पांच वर्ष केंद्र और हरियाणा की सरकार ने पूरी ईमानदारी से काम किया है। ये पहली बार हुआ है जब किसान को बीज से लेकर बाजार तक के संपूर्ण समाधान मिल रहे हैं। ये पहली बार हुआ है जब मंडियों को तकनीक से जोड़ने के लिए, पारदर्शी सिस्टम बनाने के लिए गंभीर प्रयास हो रहे हैं। ये पहली बार हुआ है जब हर किसान परिवार के बैंक खाते में नियमित सीधी मदद दी जा रही है। ये पहली बार हुआ है जब किसान के लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य तय हुआ है। ये पहली बार हुआ है जब छोटे किसान परिवारों को, खेत मजदूरों को 3 हजार रुपए की पेंशन की नियमित सुविधा मिल रही है। 

भाइयो-बहनो, किसानों के साथ-साथ हमने अपने व्यापारियों का जीवन आसान बनाने का प्रयास किया है। व्यापारियों को बेवजह की पूछताछ-छानबीन से बचाने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान आपसे हमने राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाने का वादा किया था। मैं आपको बताऊं कि इस वचन को हमने पूरा कर दिया है, इससे हरियाणा सहित पूरे देश के व्यापारी भाई-बहनो को सरकार से सीधा अपना मसला हल करने के लिए एक अच्छी व्यवस्था मिलने वाली है। ये बोर्ड व्यापारियों और उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों के कल्याण के लिए सुझाव देगा, उनसे जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में मदद करेगा। छोटे दुकानदारों को, छोटे उद्यमों को 60 वर्ष की आयु के बाद नियमित पेंशन का वादा भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरा कर दिया है और ये सरकार मेरी पांच साल के लिए है, अभी तो पांच महीना भी नहीं हुआ है। साथियो, भाजपा संकल्प लेती है तो उस संकल्प के पीछे श्रम भी करती है और सिद्धि भी प्राप्त करती है। भाजपा जिस काम का बीड़ा उठाती है, उसको पूरा करने के लिए ही वो जी जान से जुट जाती है यही कारण है कि बीजेपी के संकल्प पत्र में लिखी हर बात पर हिंदुस्तान की जनता भरोसा करती है। 2014 में हमने हरियाणा और हिसार की जनता से यहां की कनेक्टिविटी को सशक्त करने का वादा किया था। आज हिसार देश के एविएशन सेक्टर का एक अहम सेंटर बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। आज हिसार का एयरपोर्ट हरियाणा को गौरवान्वित करने के लिए तैयार है। यहां से फ्लाइट की सुविधा तो मिल ही रही है। हवाई जहाज के मेंटिनेंस से लेकर दूसरी तमाम सुविधाओं से जुड़े उसका उपयोग विकसित हो रहा है और आने वाले दिनों में ये आपको दिखाई देगा। पहले यहां लोग ट्रेन की डिमांड करते थे, अब यहां वाशिंग यार्ड बन गया है। अब यहां से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन भी चल रही है, दिल्ली और हिसार के बीच 6 लेन का एक्सप्रेस वे भी स्वीकृत हो चुका है। ऐसी अनेक सुविधाओं के बनने से हिसार में औद्योगीकरण को और बल मिलने वाला है। 

भाइयो और बहनो, हरियाणा का विकास आने वाले पांच वर्षों में और तेज होने वाला है। केंद्र सरकार में भाजपा और हरियाणा सरकार में भाजपा, ये डबल ताकत हरियाणा के विकास को नई ऊंचाई देने वाली है। भाइयो-बहनो, हरियाणा की वीर माताओं का मैंने कर्ज चुकाया है, हरियाणा वीर माताओं का प्रदेश है, हरियाणा की वीर माताओं की कोख से वीर जवान पैदा होते हैं, हरियाणा की माताओं की कोख से जो जवान पैदा होता है वो तिरंगे के लिए जिंदगी खपाने के लिए निकल पड़ता है। जम्मू-कश्मीर की धरती पर आतंकवादियों से मुकाबला करते-करते जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की रक्षा करने के लिए, उनकी जिंदगी बचाने के लिए हरियाणा का लाल, हरियाणा का बेटा, हरियाणा का नवजवान, हरियाणा का वीर-पुरुष जम्मू-कश्मीर की धरती पर बलिदान देता आया है। शायद ही हरियाणा को कोई इलाका होगा जहां जम्मू-कश्मीर में जान की बाजी लगा देने वाले वीर शहीद की स्मृतियां ना हों। इतना बड़ा त्याग और तपस्या ये मेरे हरियाणा के जवानों ने जम्मू-कश्मीर के लिए किया। भाइयो-बहनो, धारा 370 हटाकर के मुझे जो सबसे बड़ा संतोष मिला है वो मैंने मेरे वीर-जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। मैंने मेरे वीर-जवानों के बलिदानों के सामने नतमस्तक होकर शास्त्रार्थ दण्डवत करके 370 को बली चढ़ाया है दोस्तों। आतंकवादी आए, मारकर चले जाएं और हम इंतजार करते बैठे रहें। अब देश बदल चुका है इंतजार नहीं, आने वालों का इंतजाम करके रहता है। भाइयो-बहनो, इसलिए दिल्ली सरकार को हर बार मजबूती चाहिए, जनता-जनार्दन के आशीर्वाद की मजबूती चाहिए। 21 अक्टूबर, मोदी को ताकत देने के लिए फिर एक बार आपको मैदान में आना है, फिर एक बार हरियाणा में सरकार बनानी है। आपके सपनों को साकार करने के लिए, हरियाणा का मुझपर अधिकार है, मुझे काम करने का मौका दीजिए भाइयो-बहनो। 

भाइयो-बहनो, 21 अक्टूबर को क्या है, जरा सब के सब बताइए ना?  21 अक्टूबर को क्या है? अरे 21 अक्टूबर को सोमवार है और सोमवार रविवार के बाद आता है और रविवार की छुट्टी और सोमवार की छुट्टी तो फिर मन करता है दो-दो छुट्टी मिल गई चलो जरा दिल्ली चक्कर काट कर आते हैं। चलो जरा चंडीगढ़ चक्कर काट कर आते हैं। चलो चचेरा भाई वहां रहता है बहुत दिन से गया नहीं, जरा मिलकर आ जाता हूं। मेरी आपसे गुजारिश है, मेरी प्रार्थना है भले दो-दो छुट्टियां आ गई हों लेकिन इस बार छुट्टी नहीं मनाएंगे। 21 अक्टूबर को अपने गांव में, अपने पोलिंग बूथ में, हर मतदाता के घर जाएंगे, लोकतंत्र का उत्सव मनाएंगे, भारी मतदान करवाएंगे और भारी मतों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएंगे, पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ देंगे। 

भाइयो-बहनो, अब आप यहीं रहोगे ना अपने पोलिंग बूथ में, जरा दोनों हाथ ऊपर करके बताइए, अब पोलिंग बूथ में काम करोगे ना, हर मतदाता को मिलोगे, मतदाताओं को घर से निकालोगे, पहले से ज्यादा वोट करवाओगे, लोकतंत्र का उत्सव मनाओगे? मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद। 

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Text of PM’s address at the Krishnaguru Eknaam Akhand Kirtan for World Peace
February 03, 2023
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“Krishnaguru ji propagated ancient Indian traditions of knowledge, service and humanity”
“Eknaam Akhanda Kirtan is making the world familiar with the heritage and spiritual consciousness of the Northeast”
“There has been an ancient tradition of organizing such events on a period of 12 years”
“Priority for the deprived is key guiding force for us today”
“50 tourist destination will be developed through special campaign”
“Gamosa’s attraction and demand have increased in the country in last 8-9 years”
“In order to make the income of women a means of their empowerment, ‘Mahila Samman Saving Certificate’ scheme has also been started”
“The life force of the country's welfare schemes are social energy and public participation”
“Coarse grains have now been given a new identity - Shri Anna”

जय कृष्णगुरु !

जय कृष्णगुरु !

जय कृष्णगुरु !

जय जयते परम कृष्णगुरु ईश्वर !.

कृष्णगुरू सेवाश्रम में जुटे आप सभी संतों-मनीषियों और भक्तों को मेरा सादर प्रणाम। कृष्णगुरू एकनाम अखंड कीर्तन का ये आयोजन पिछले एक महीने से चल रहा है। मुझे खुशी है कि ज्ञान, सेवा और मानवता की जिस प्राचीन भारतीय परंपरा को कृष्णगुरु जी ने आगे बढ़ाया, वो आज भी निरंतर गतिमान है। गुरूकृष्ण प्रेमानंद प्रभु जी और उनके सहयोग के आशीर्वाद से और कृष्णगुरू के भक्तों के प्रयास से इस आयोजन में वो दिव्यता साफ दिखाई दे रही है। मेरी इच्छा थी कि मैं इस अवसर पर असम आकर आप सबके साथ इस कार्यक्रम में शामिल होऊं! मैंने कृष्णगुरु जी की पावन तपोस्थली पर आने का पहले भी कई बार प्रयास किया है। लेकिन शायद मेरे प्रयासों में कोई कमी रह गई कि चाहकर के भी मैं अब तक वहां नहीं आ पाया। मेरी कामना है कि कृष्णगुरु का आशीर्वाद मुझे ये अवसर दे कि मैं आने वाले समय में वहाँ आकर आप सभी को नमन करूँ, आपके दर्शन करूं।

साथियों,

कृष्णगुरु जी ने विश्व शांति के लिए हर 12 वर्ष में 1 मास के अखंड नामजप और कीर्तन का अनुष्ठान शुरू किया था। हमारे देश में तो 12 वर्ष की अवधि पर इस तरह के आयोजनों की प्राचीन परंपरा रही है। और इन आयोजनों का मुख्य भाव रहा है- कर्तव्य I ये समारोह, व्यक्ति में, समाज में, कर्तव्य बोध को पुनर्जीवित करते थे। इन आयोजनों में पूरे देश के लोग एक साथ एकत्रित होते थे। पिछले 12 वर्षों में जो कुछ भी बीते समय में हुआ है, उसकी समीक्षा होती थी, वर्तमान का मूल्यांकन होता था, और भविष्य की रूपरेखा तय की जाती थी। हर 12 वर्ष पर कुम्भ की परंपरा भी इसका एक सशक्त उदाहरण रहा है। 2019 में ही असम के लोगों ने ब्रह्मपुत्र नदी में पुष्करम समारोह का सफल आयोजन किया था। अब फिर से ब्रह्मपुत्र नदी पर ये आयोजन 12वें साल में ही होगा। तमिलनाडु के कुंभकोणम में महामाहम पर्व भी 12 वर्ष में मनाया जाता है। भगवान बाहुबली का महा-मस्तकाभिषेक ये भी 12 साल पर ही होता है। ये भी संयोग है कि नीलगिरी की पहाड़ियों पर खिलने वाला नील कुरुंजी पुष्प भी हर 12 साल में ही उगता है। 12 वर्ष पर हो रहा कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन भी ऐसी ही सशक्त परंपरा का सृजन कर रहा है। ये कीर्तन, पूर्वोत्तर की विरासत से, यहाँ की आध्यात्मिक चेतना से विश्व को परिचित करा रहा है। मैं आप सभी को इस आयोजन के लिए अनेकों-अनेक शुभकामनाएं देता हूँ।

साथियों,

कृष्णगुरु जी की विलक्षण प्रतिभा, उनका आध्यात्मिक बोध, उनसे जुड़ी हैरान कर देने वाली घटनाएं, हम सभी को निरंतर प्रेरणा देती हैं। उन्होंने हमें सिखाया है कि कोई भी काम, कोई भी व्यक्ति ना छोटा होता है ना बड़ा होता है। बीते 8-9 वर्षों में देश ने इसी भावना से, सबके साथ से सबके विकास के लिए समर्पण भाव से कार्य किया है। आज विकास की दौड़ में जो जितना पीछे है, देश के लिए वो उतनी ही पहली प्राथमिकता है। यानि जो वंचित है, उसे देश आज वरीयता दे रहा है, वंचितों को वरीयता। असम हो, हमारा नॉर्थ ईस्ट हो, वो भी दशकों तक विकास के कनेक्टिविटी से वंचित रहा था। आज देश असम और नॉर्थ ईस्ट के विकास को वरीयता दे रहा है, प्राथमिकता दे रहा है।

इस बार के बजट में भी देश के इन प्रयासों की, और हमारे भविष्य की मजबूत झलक दिखाई दी है। पूर्वोत्तर की इकॉनमी और प्रगति में पर्यटन की एक बड़ी भूमिका है। इस बार के बजट में पर्यटन से जुड़े अवसरों को बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स को विशेष अभियान चलाकर विकसित किया जाएगा। इनके लिए आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा, वर्चुअल connectivity को बेहतर किया जाएगा, टूरिस्ट सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। पूर्वोत्तर और असम को इन विकास कार्यों का बड़ा लाभ मिलेगा। वैसे आज इस आयोजन में जुटे आप सभी संतों-विद्वानों को मैं एक और जानकारी देना चाहता हूं। आप सबने भी गंगा विलास क्रूज़ के बारे में सुना होगा। गंगा विलास क्रूज़ दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज़ है। इस पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी सफर कर रहे हैं। बनारस से बिहार में पटना, बक्सर, मुंगेर होते हुये ये क्रूज़ बंगाल में कोलकाता से आगे तक की यात्रा करते हुए बांग्लादेश पहुंच चुका है। कुछ समय बाद ये क्रूज असम पहुँचने वाला है। इसमें सवार पर्यटक इन जगहों को नदियों के जरिए विस्तार से जान रहे हैं, वहाँ की संस्कृति को जी रहे हैं। और हम तो जानते है भारत की सांस्कृतिक विरासत की सबसे बड़ी अहमियत, सबसे बड़ा मूल्यवान खजाना हमारे नदी, तटों पर ही है क्योंकि हमारी पूरी संस्कृति की विकास यात्रा नदी, तटों से जुड़ी हुई है। मुझे विश्वास है, असमिया संस्कृति और खूबसूरती भी गंगा विलास के जरिए दुनिया तक एक नए तरीके से पहुंचेगी।

साथियों,

कृष्णगुरु सेवाश्रम, विभिन्न संस्थाओं के जरिए पारंपरिक शिल्प और कौशल से जुड़े लोगों के कल्याण के लिए भी काम करता है। बीते वर्षों में पूर्वोत्तर के पारंपरिक कौशल को नई पहचान देकर ग्लोबल मार्केट में जोड़ने की दिशा में देश ने ऐतिहासिक काम किए हैं। आज असम की आर्ट, असम के लोगों के स्किल, यहाँ के बैम्बू प्रॉडक्ट्स के बारे में पूरे देश और दुनिया में लोग जान रहे हैं, उन्हें पसंद कर रहे हैं। आपको ये भी याद होगा कि पहले बैम्बू को पेड़ों की कैटेगरी में रखकर इसके काटने पर कानूनी रोक लग गई थी। हमने इस कानून को बदला, गुलामी के कालखंड का कानून था। बैम्बू को घास की कैटेगरी में रखकर पारंपरिक रोजगार के लिए सभी रास्ते खोल दिये। अब इस तरह के पारंपरिक कौशल विकास के लिए, इन प्रॉडक्ट्स की क्वालिटी और पहुँच बढ़ाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। इस तरह के उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए बजट में हर राज्य में यूनिटी मॉल-एकता मॉल बनाने की भी घोषणा इस बजट में की गई है। यानी, असम के किसान, असम के कारीगर, असम के युवा जो प्रॉडक्ट्स बनाएँगे, यूनिटी मॉल-एकता मॉल में उनका विशेष डिस्प्ले होगा ताकि उसकी ज्यादा बिक्री हो सके। यही नहीं, दूसरे राज्यों की राजधानी या बड़े पर्यटन स्थलों में भी जो यूनिटी मॉल बनेंगे, उसमें भी असम के प्रॉडक्ट्स रखे जाएंगे। पर्यटक जब यूनिटी मॉल जाएंगे, तो असम के उत्पादों को भी नया बाजार मिलेगा।

साथियों,

जब असम के शिल्प की बात होती है तो यहाँ के ये 'गोमोशा' का भी ये ‘गोमोशा’ इसका भी ज़िक्र अपने आप हो जाता है। मुझे खुद 'गोमोशा' पहनना बहुत अच्छा लगता है। हर खूबसूरत गोमोशा के पीछे असम की महिलाओं, हमारी माताओं-बहनों की मेहनत होती है। बीते 8-9 वर्षों में देश में गोमोशा को लेकर आकर्षण बढ़ा है, तो उसकी मांग भी बढ़ी है। इस मांग को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स सामने आए हैं। इन ग्रुप्स में हजारों-लाखों महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। अब ये ग्रुप्स और आगे बढ़कर देश की अर्थव्यवस्था की ताकत बनेंगे। इसके लिए इस साल के बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। महिलाओं की आय उनके सशक्तिकरण का माध्यम बने, इसके लिए 'महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट' योजना भी शुरू की गई है। महिलाओं को सेविंग पर विशेष रूप से ज्यादा ब्याज का फायदा मिलेगा। साथ ही, पीएम आवास योजना का बजट भी बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है, ताकि हर परिवार को जो गरीब है, जिसके पास पक्का घर नहीं है, उसका पक्का घर मिल सके। ये घर भी अधिकांश महिलाओं के ही नाम पर बनाए जाते हैं। उसका मालिकी हक महिलाओं का होता है। इस बजट में ऐसे अनेक प्रावधान हैं, जिनसे असम, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों की महिलाओं को व्यापक लाभ होगा, उनके लिए नए अवसर बनेंगे।

साथियों,

कृष्णगुरू कहा करते थे- नित्य भक्ति के कार्यों में विश्वास के साथ अपनी आत्मा की सेवा करें। अपनी आत्मा की सेवा में, समाज की सेवा, समाज के विकास के इस मंत्र में बड़ी शक्ति समाई हुई है। मुझे खुशी है कि कृष्णगुरु सेवाश्रम समाज से जुड़े लगभग हर आयाम में इस मंत्र के साथ काम कर रहा है। आपके द्वारा चलाये जा रहे ये सेवायज्ञ देश की बड़ी ताकत बन रहे हैं। देश के विकास के लिए सरकार अनेकों योजनाएं चलाती है। लेकिन देश की कल्याणकारी योजनाओं की प्राणवायु, समाज की शक्ति और जन भागीदारी ही है। हमने देखा है कि कैसे देश ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया और फिर जनभागीदारी ने उसे सफल बना दिया। डिजिटल इंडिया अभियान की सफलता के पीछे भी सबसे बड़ी वजह जनभागीदारी ही है। देश को सशक्त करने वाली इस तरह की अनेकों योजनाओं को आगे बढ़ाने में कृष्णगुरु सेवाश्रम की भूमिका बहुत अहम है। जैसे कि सेवाश्रम महिलाओं और युवाओं के लिए कई सामाजिक कार्य करता है। आप बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ और पोषण जैसे अभियानों को आगे बढ़ाने की भी ज़िम्मेदारी ले सकते हैं। 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसे अभियानों से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ने से सेवाश्रम की प्रेरणा बहुत अहम है। योग हो, आयुर्वेद हो, इनके प्रचार-प्रसार में आपकी और ज्यादा सहभागिता, समाज शक्ति को मजबूत करेगी।

साथियों,

आप जानते हैं कि हमारे यहां पारंपरिक तौर पर हाथ से, किसी औजार की मदद से काम करने वाले कारीगरों को, हुनरमंदों को विश्वकर्मा कहा जाता है। देश ने अब पहली बार इन पारंपरिक कारीगरों के कौशल को बढ़ाने का संकल्प लिया है। इनके लिए पीएम-विश्वकर्मा कौशल सम्मान यानि पीएम विकास योजना शुरू की जा रही है और इस बजट में इसका विस्तार से वर्णन किया गया है। कृष्णगुरु सेवाश्रम, विश्वकर्मा साथियों में इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाकर भी उनका हित कर सकता है।

साथियों,

2023 में भारत की पहल पर पूरा विश्व मिलेट ईयर भी मना रहा है। मिलेट यानी, मोटे अनाजों को, जिसको हम आमतौर पर मोटा अनाज कहते है नाम अलग-अलग होते है लेकिन मोटा अनाज कहते हैं। मोटे अनाजों को अब एक नई पहचान दी गई है। ये पहचान है- श्री अन्न। यानि अन्न में जो सर्वश्रेष्ठ है, वो हुआ श्री अन्न। कृष्णगुरु सेवाश्रम और सभी धार्मिक संस्थाएं श्री-अन्न के प्रसार में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। आश्रम में जो प्रसाद बँटता है, मेरा आग्रह है कि वो प्रसाद श्री अन्न से बनाया जाए। ऐसे ही, आज़ादी के अमृत महोत्सव में हमारे स्वाधीनता सेनानियों के इतिहास को युवापीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अभियान चल रहा है। इस दिशा में सेवाश्रम प्रकाशन द्वारा, असम और पूर्वोत्तर के क्रांतिकारियों के बारे में बहुत कुछ किया जा सकता है। मुझे विश्वास है, 12 वर्षों बाद जब ये अखंड कीर्तन होगा, तो आपके और देश के इन साझा प्रयासों से हम और अधिक सशक्त भारत के दर्शन कर रहे होंगे। और इसी कामना के साथ सभी संतों को प्रणाम करता हूं, सभी पुण्य आत्माओं को प्रणाम करता हूं और आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

धन्यवाद!