Important for Jharkhand that a strong and stable BJP government is formed: PM Modi

Published By : Admin | November 25, 2019 | 12:03 IST
BJP has made an effort to free Jharkhand off Naxals: PM Modi in Daltonganj
Under the leadership of BJP, it is very important for Jharkhand that a strong and stable government is formed here, says the PM
Jharkhand govt has worked day and night to end corruption in last five years, says PM Modi
In Daltonganj, PM Modi says dispute over Lord Ram's birthplace stalled by Congress

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। 

वो जो सारे नौजवान वहां चढ़ गए हैं, उनसे मेरी प्रार्थना है कि आप नीचे आइए। देखिए उसमें बिजली का तार होता है और अगर आप को कुछ हो गया तो मुझको सबसे ज्यादा दुख होगा। हां जल्दी नीचे आ जाइए, यहां के सारे नवजवान बहुत समझदार हैं, जरा उनको नीचे आने में मदद कीजिए भाई, बहुत लोग ऐसे होते हैं चढ़ जाने के बाद नीचे आना नहीं आता है। शाबाश, आखिरी एक वीर सपूत बच गया है, वो भी आ रहा है, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्तो। बस आपका यही प्यार है जो मुझे काम करने की ताकत देता रहता है।

मंच पर विराजमान झारखंड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री और भावी मुख्यमंत्री श्रीमान रघुवर दास जी, संसद में मेरे साथी भाई सुनील कुमार सिंह जी, श्रीमान बीडी राम, भारतीय जनता पार्टी के हमारे वरिष्ठ साथी श्रीमान ओम माथुर जी, आदित्य साहू जी, श्री मनोज सिंह, सुबोध कुमार सिंह, श्रीमान अशोक शर्मा जी, लाल अमित नाथ जी, ओम प्रकाश केसरी जी, नरेंद्र पांडे जी, प्रदीप शर्मा जी और इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार, पार्टी से श्रीमान शशि भूषण मेहता जी, विश्रामपुर से श्रीमान रामचंद्र चंद्रवंशी जी, डॉल्टनगंज से उम्मीदवार श्रीमान आलोक चौरसिया जी, छत्तरपुर से श्रीमति पुष्पा देवी जी, होसिनाबाद से श्रीमान विनोद सिंह जी, गढ़वा से श्रीमान सत्येंद्र तिवारी जी, भवनाथपुर से श्रीमान भानुप्रताप साही जी, मनिका से श्रीमान रघुपाल सिंह जी, लातेहार से श्रीमान प्रकाश राम जी, छत्रा से श्रीमान जनार्दन पासवान जी, मेरे साथ भारत माता की जय बोलकर के मेरे इन सभी साथियों को आशीर्वाद दीजिए। भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद। 

राजा मेदनी राय वीर, यहां के सपूत नीलांबर-पीतांबर की धरती पर, भगवान बंशीधर को भी मेरा नमन। तीन दिन पूर्व लातेहार में नक्सली हमले में शहीद पुलिस वालों को मैं अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। उनके परिवार वालों के साथ अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। साथियो, आप सभी इतनी भारी संख्या में इतनी दूर-दूर से आए हो, काफी देर से आप इंतजार कर रहे हैं। आपका यही प्यार, यही अपनापन मेरी ऊर्जा का स्रोत है। मुझे बार-बार झारखंड आने के लिए प्रेरित करता रहता है। आपका प्यार इतना है कि मैं खींचा चला आता हूं, ऐसे में आज यहां डॉल्टनगंज के झारखंड विधानसभा की शुरुआत करते हुए मैं विशेष आनंद की अनुभूति करता हूं।

साथियो, झारखंड की धरती और उसमें भी पलामू भाजपा के लिए हमेशा से एक मजबूत किला रहा है। आज अगर पूरे भारत में कमल शान से खिला है तो इसकी बहुत बड़ी भूमिका यहां की जनता-जनार्दन, यहां के भाजपा के कार्यकर्ता और आप सबके आशीर्वाद हैं। यहां का जनजातीय समुदाय, यहां के पिछड़े, दलित, वंचित, व्यापारी, कारोबारी, हर वर्ग कमल के निशान के साथ खड़ा रहा है। मैं ये हाल फिलहाल की बात नहीं कर रहा हूं बल्कि 80 के दशक में भी जब भाजपा का जनाधार इतना व्यापक नहीं था, यहां तक कि कांग्रेस के लोग हमारा मजाक उड़ाया करते थे तब भी इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी मजबूत थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि भगवान बिरसा मुंडा की इस धरती पर राष्ट्रवाद के प्रति, स्वराज के प्रति, अपनी परंपरा और संस्कृति के प्रति हमेशा से ही प्रबल भावना रही है। इसी भावना के साथ भाजपा भी, झारखंड की सेवा करने, झारखंड का विकास करने का प्रयास करती रही है। साथियो, इसी भावना को आपने 2014 में भी व्यक्त किया और कुछ महीने पहले लोकसभा के चुनाव में भी आपने भारी समर्थन किया। आज यहां जो जन सैलाब, चारों तरफ लोग ही लोग नजर आ रहे हैं उत्साह से भर हुए, उमंग से भर हुए संकल्पवान नागरिक, उसने इस बार विधानसभा चुनाव का नतीजा भी स्पष्ट कर दिया है। 

भाइयो-बहनो, भाजपा की अगुवाई में एक स्थिर और मजबूत सरकार का दोबारा बनना यहां बहुत जरूरी है क्योंकि झारखंड के लिए ये समय बिल्कुल वैसा ही जैसा हमारे परिवार में बच्चों के जीवन में आता है। 19-20 साल की उम्र में ही परिवार में बच्चों का भविष्य तय हो जाता है, झारखंड राज्य भी युवा अवस्था में है इस दौरान यहां जो दिशा मिलेगी उसका झारखंड के भविष्य पर बहुत प्रभाव पड़ेगा। बीते पांच वर्ष में दिल्ली और रांची के डबल इंजन ने झारखंड के विकास को जो गति दी है उसे बनाए रखने की जरूरत है, बीते पांच वर्षों में यहां की भाजपा सरकार ने नए झारखंड के लिए सामाजिक न्याय के पांच सूत्रों पर काम किया है। पहला सूत्र है स्थिरता, दूसरा सूत्र है सुशासन, तीसरा सूत्र है समृद्धि, चौथा सूत्र है सम्मान और पांचवां सूत्र है सुरक्षा। साथियो, भाजपा ने झारखंड को एक स्थिर सरकार दी है, झारखंड में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए दिन-रात काम किया है, पारदर्शी व्यवस्थाएं बनाई हैं, भाजपा ने झारखंड को लुटने से बचाया है, यहां समृद्धि का मार्ग खोला है, भाजपा ने हर समाज के हर व्यक्ति को सम्मान से जीने का हक दिलाया है, उसका गौरव बढ़ाया है। भाजपा ने झारखंड को नक्सलवाद और अपराध से मुक्ति दिलाने के लिए, भयमुक्त वातावरण के लिए प्रयास किया है। भाइयो-बहनो, आप याद कीजिए पांच वर्ष पहले झारखंड में क्या स्थिति थी, अस्थिरता, भ्रष्टाचार, नक्सलवाद, सब कुछ चरम पर था। यहां पलामू में तो कई इलाकों में शाम 6 बजे ही जीवन थम जाता था, शाम ढलने के बाद रांची से पलामू आना-जाना बंद हो जाता था अगर कभी मजबूरी पड़ जाती तो परिवार पूरी रात प्रार्थना और इंतजार में बिताता था लेकिन आज यहां स्थिति करीब-करीब सामान्य हो रही है। आज रात भर लोग सामान्य आवागमन कर रहे हैं, पलामू के जीवन में इससे बड़ा बदलाव आया है। साथियो, झारखंड में नक्सलवाद की ये समस्या इसलिए भी बेकाबू हुई है क्योंकि यहां राजनीतिक अस्थिरता थी, यहां सरकारें पिछले दरवाजे से बनती और बिगड़ जाती थीं क्योंकि उनके मूल में स्वार्थ होता था करप्शन होता था। इन स्वार्थी लोगों में झारखंड की सेवा की कोई भावना नहीं है, इन स्वार्थी लोगों के गठबंधन का एक मात्र एजेंडा है सत्ताभोग और झारखंड के संसाधनों का दुरुपयोग। और इसी फिराक में ये एक बार फिर आपको भ्रमित कर रहे हैं, आपसे वोट मांग रहे हैं।

साथियो, जिस तरह की स्थिति इन भ्रष्ट राजनीतिक दलों ने यहां की बना दी थी, उसमें यहां सड़क, बिजली, पानी का इंतजाम कैसे हो सकता था, नए उद्योग कैसे लगते, नए रोजगार का निर्माण कैसे होता, किसान के खेत को सिंचाईं, उपज से उचित कमाई और बच्चों की पढ़ाई, अस्थिरता के वातावरण में कैसे संभव हो पाती। इन लोगों की नजर यहां की मिट्टी के नीचे जो संपदा थी ना, उस पर थी। उन्हें जमीन पर बसे इंसान के जीवन की कोई परवाह नहीं थी, अनिश्चितता की स्थिति का लाभ ऐसे लोगों ने उठाया जिनकी दुकान हिंसा पर चलती थी। यही उद्योग यहां भरपूर फला-फूला। साथियो, बीते पांच वर्ष में इस स्थिति को काफी हद तक बदलने में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने मिलकर सफलता पाई है। झारखंड के इतिहास में ये पहली बार हुआ है जब पूरे पांच वर्ष तक रघुवर दास जी के रूप में एक ही मुख्यमंत्री यहां रहे हैं। भाजपा सरकार के ईमानदार प्रयासों की वजह से ही आज झारखंड के गांव-गांव में सड़कें पहुंच रही हैं, गांव-गांव में बिजली पहुंच रही है। बदलते हुए हालात में अब यहां रोजगार के नए साधन तैयार हो रहे हैं। नई बसें, ट्रक, टेंपो के माध्यम से तो रोजगार मिल ही रहा है, अब यहां एक नया स्टील प्लांट भी जल्द ही तैयार होने वाला है। इतना ही नहीं, यहां से जो बॉक्साइट निकल रहा है उसका बड़ा हिस्सा यहीं के विकास में लगे इसका भी प्रावधान पहली बार भाजपा की सरकार ने ही किया है। हमने डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड बनाया है ताकि आदिवासी इलाकों की संपदा से उन इलाकों के लोगों का विकास हो सके। इसके तहत करीब पांच हजार करोड़ रुपए झारखंड में आदिवासियों के कल्याण के लिए मिले हैं। इसी फंड से यहां स्कूल, अस्पताल और दूसरी सुविधाएं बनाने में मदद मिल रही हैं। यही नहीं जंगल में रहने वाले साथियों के जमीन से जुड़े क्लेम भी तेजी से सेटेल किए जा रहे हैं। मुझे बताया गया है कि यहां कुल एक लाख से ज्यादा क्लेम किए गए हैं, इसमें से करीब 60 हजार का निपटारा कर दिया गया है, बाकियों के लिए भी तेजी से प्रयास किया जा रहा है। विरोधी हताशा में कुछ भी कहें लेकिन आपके जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आपके हितों पर भाजपा दीवार बनकर खड़ी रहेगी, कोई आंच नहीं आने देगी ये मैं आपको विश्वास दिलाने आया हूं।

बहनो और भाइयो, हमारा प्रयास है कि मेदनी राय जी ने जिस प्रकार प्रजा हितकारी शासन चलाया वैसा ही साधन, झारखंड देश को दें। कहते हैं कि मेदनी राय जी घरों में जा-जाकर पता करते थे कि किस परिवार को क्या समस्या है। आपने भी ऐसी सरकारें देखी हैं जिसमें आपको सरकारों के पीछे चक्कर लगाना पड़ता था, भागना पड़ता था। अब हमारी सरकार खुद चलकर आपके पास आती है, आपकी कठिनाइयों को समझने का प्रयास करती है। आज हम तकनीक की मदद से खुद देश के आम नागरिक देश के लोगों तक सीधे पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि आज हर गरीब परिवार को अपना पक्का आवास मिल रहा है, जिनको अबी नहीं मिला है उनको मैं विश्वास दिलाता हूं काम तेजी से चल रहा है और 2022 जब आजादी के 75 साल होंगे, आजादी के लिए लड़ाई लड़ने वाले, जीवन देने वाले बिरसा मुंडा जी को याद करते हुए हिंदुस्तान के एक भी गरीब को अपने घर ना हो ऐसी स्थिति हम रहने नहीं देंगे। और अगर सरकारें बदलती हैं तो मैं बताना चाहता हूं कि क्या हाल होता है। उत्तर प्रदेश में पहले और लोगों की सरकार थी, भारत सरकार गरीबों के लिए घर बनाने के लिए दबाव डाल रही थी लेकिन तब उत्तर प्रदेश में ऐसी सरकार थी, वो कागज पर भी लिस्ट बनाने के लिए भी परवाह नहीं करती थी। जब तक पुरानी सरकार रही, भारत सरकार ने पैसे दिए, दबाव डाला, योजनाएं कीं लेकिन घर बनाने का काम नहीं हुआ। जैसे ही योगी जी की सरकार आई और हमारे मंत्री महोदय काम पर लग गए।

आज पूरे देश में सबसे ज्यादा घर बनाने का काम उत्तर प्रदेश में हम कर पाए हैं। इसलिए भाइयो-बहनो, झारखंड में भी हम ये गरीबों के लिए काम इसलिए कर पा रहे हैं कि यहां आपने भाजपा की सरकार बनाई है, कोई और आएंगे तो उनको इन चीजों की परवाह ही नहीं है। अगर उनको परवाह होती तो आजादी के 70 साल ऐसे बर्बाद नहीं होते भाइयो-बहनो। हर गरीब परिवार को आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, अभी तक झारखंड के पौने 2 लाख गरीब मरीजों को इसका लाभ मिल भी चुका है और हां ये झारखंड के लिए गौरव की बात है कि पूरे देश को आयुष्मान बनाने से जुड़ी इस ऐतिहासिक योजना की शुरुआत झारखंड से ही की गई थी। झारखंड ने ही इस योजना को अपनाकर पूरे देश को दिशा दिखाई है। दिल्ली और रांची में डबल इंजन की सरकार में झारखंड को एक्स्ट्रा फायदा भी हुआ है यानी केंद्र और राज्य की योजनाओं का डबल लाभ मिल रहा है। इसके भी उदाहरण, आज इतने उत्साही लोग हैं तो मेरा भी उत्साह बढ़ जाता है बताने के लिए। उज्जवला योजना से, गरीब से गरीब के घर में मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है, जिसका लाभ देश के 8 करोड़ परिवारों को मिला है। इसके साथ ही झारखंड के 33 लाख और पलामू के 50 हजार से अधिक परिवार को दूसरा सिलिंडर राज्य की भाजपा सरकार ने फ्री दिया है। बताइए, ये डबल इंजन का लाभ हुआ कि नहीं हुआ? इसी तरह पीएम सम्मान निधि के तहत भी देश के हर किसान परिवार के बैंक खाते में सीधी मदद पहुंच रही है लेकिन झारखंड देश का ऐसा राज्य है जहां छोटे किसानों को जिनके पास पांच एकड़ तक की जमीन है उनको 25 हजार रुपए तक की मदद अतिरिक्त मिल रही है, बताइए डबल फायदा हुआ कि नहीं हुआ, डबल इंजन का लाभ मिला कि नहीं मिला, आपके घर तक फायदा पहुंचा कि नहीं पहुंचा? डबल इंजन का यही लाभ होता है क्योंकि विकास में निरंतरता होती है, अवरोध या रुकावट के राजनीतिक खेल नहीं खेले जाते हैं वरना अगर दिल्ली में एक सरकार होती और राज्य में दूसरी तो ऐसे लाभ मिलना मुश्किल था।

साथियो, आज भी पश्चिम बंगाल के किसानों को लाभ नहीं पहुंच सका, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के किसानों को लाभ पहुंचने में दिक्कत आ रही है, राजस्थान के किसानों को उनका हक पहुंचने में रुकावटें डाली जाती हैं, क्यों? क्योंकि दूसरी सरकार है और उनको लगता है कि ये किसानों को मिल गया तो मोदी का जय-जयकार होगा, अरे मोदी का नाम मत लो लेकिन किसान को तो दो। इसलिए भाइयो-बहनो, कोई रुकावट डाले ऐसे लोगों को आज ही रोक दीजिए, उनको रांची पहुंचने ही मत दीजिए। ये चुनाव सिर्फ दलों के बीच का, व्यक्तियों के बीच का नहीं है बल्कि झारखंड को लूटने वालों और झारखंड की सेवा करने वालों के बीच में है। ये चुनाव दो कार्य संस्कृतियों के बीच का है, दो धाराओं के बीच का है। वोट डालने से पहले इस बात को समझना बहुत जरूरी है, किसने क्या काम किया, किस मंशा से काम किया और आगे उसकी बातों पर किसका विश्वास किया जा सकता है। साथियो, भाजपा ने जो भी वादे किए, जो भी ऐलान किए थे वो एक के बाद एक जमीन पर उतार रहे हैं। चाहे वे कितने भी मुश्किल रहे, चाहे उनमें कितनी भी समस्याएं रही हों, झारखंड को, देश को साथ लेते हुए उनका समाधान खोजा है जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके साथी हैं जो सिर्फ रेवड़ियां बांटना जानते हैं। उनके पास समस्याएं हैं, हमारे पास समाधान है। उनके पास सिर्फ झूठे आरोप हैं, हमारे पास अपने काम की रिपोर्ट है। उनके पास कोरी घोषणाएं हैं और हमारे पास विकास का प्रमाण है।

भाइयो और बहनो, याद करिए उत्तर कोयल जलाशय योजना 40-42 साल से अटकी हुई थी, तब जो दल सत्ता में थे उन्होंने कभी गंभीर कोशिश ही नहीं की, कि इस परियोजना को पूरा किया जाए। बरसों तक पलामू, लातेहार और गढ़वा के लाखों किसान परेशान रहे लेकिन कांग्रेस और उसके साथी दलों ने उनकी चिंता नहीं की। लेकिन किसान की मेहनत, किसान के सपने, किसान की गरिमा क्या होती है ये भाजपा समझती है। दिल्ली और रांची में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस प्रोजेक्ट से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया गया। हमारा प्रयास होगा कि सरकार में वापसी के बाद इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथियो, कांग्रेस और उसके साथी दलों के काम करने का तरीका ही यही है कि समस्याओं को टालते रहे और उनके नाम पर वोट बटोरते रहो। इसी वजह से इन लोगों ने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 का मामला लटका कर के रखा हुआ था। सोचिए जम्मू-कश्मीर में झारखंड सहित देश के अन्य जवान आज भी वहां तैनात हैं। जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा के लिए यहां के अनेक वीर जवानों को बलिदान देना पड़ा, अनेक माताओं को अपने सपूत खोने पड़े। इन सब के जिम्मेदार थी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल, भाजपा ने आपसे इस चुनौती के समाधान का वादा किया था और अपना वादा पूरा करके दिखाया। 

भाइयो-बहनो, भागवान राम की जन्मभूमि अयोध्या का विवाद भी इन लोगों ने दशकों से लटकाया हुआ था। कांग्रेस अगर चाहती तो उसका समाधान निकाल सकती थी लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया, कांग्रेस ने अपने वोट बैंक की ही परवाह की। कांग्रेस की सोच से देश और समाज का नुकसान हुआ, समाज में दरारें बनी, दीवारें बनी। साथियो, भाजपा ने देश से वादा किया था कि इसका भी जल्द से जल्द समाधान निकालेंगे और ये सब काम हम एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को पूरा करने के लिए कर रहे हैं। भारत एक हो, भारत श्रेष्ठ हो, जन-जन से जुड़ा हुआ हो इसलिए एकता के मंत्र को लेकर के आगे बढ़ रहे हैं और आज देखिए, आज राम जन्मभूमि से जुड़ा विवाद हल हो चुका है और समस्या का समाधान होता है तो हर किसी को आनंद होता है। 

साथियो, भाजपा कोई संकल्प लेती है तो उसे सिद्ध करती है, गरीब, आदिवासी, पिछड़े, देश के लिए जीने वाले एक-एक व्यक्ति की मान-मर्यादा, सामाजिक न्याय भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता है। इसी सोच के चलते ही अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आदिवासी समाज को, पिछड़े-वंचित समाज को ये झारखंड देने का बहुत बड़ा काम किया है भाइयो। इसी कमिटमेंट के कारण उन्होंने पहली बार अलग से जनजातीय मंत्रालय बनाया ताकी जंगलों में रहने वाले हर साथी की समस्याओं का समाधान हो सके। सोचिए आजादी के बाद पांच दशक तक देश की एक बड़ी आबादी से जुड़े मामलों की देख-रेख के लिए अलग मंत्रालय ही नहीं था, इतना ही नहीं आजादी के इतने वर्षों तक पिछड़ों के लिए, ओबीसी के लिए जो आयोग बना था वो भी सिर्फ नाम मात्र का था। उसको संवैधानिक दर्जा देने के लिए तब भी कोई पहल नहीं हुई जब आरजेडी के सहयोग से दिल्ली में कांग्रेस की सरकार चलती थी। ये भाजपा की सरकार ही है जिसने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है। लेकिन साथियो, सामाजिक न्याय तब तक अधूरा होता जब तक सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को भी इससे नहीं जोड़ा जाता। आजादी के इतने वर्षों तक कांग्रेस और उनके सहयोगियों की सरकारें इसे भी टालती रहीं, ये भाजपा की सरकार है जिसने सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को भी सरकारी नौकरी और शिक्षण संस्थानों में दस प्रतिशत का आरक्षण देने का काम किया। 

साथियो, सबका साथ-सबका विकास के प्रति हमारा ये समर्पण और समस्या के समाधान के लिए हमारी प्रतिबद्धता यही झारखंड के हर वोटर को आश्वस्त करती है। अभी भी यहां जो कुछ पुरानी समस्याएं बाकी हैं उनका समाधान भी दिल्ली और रांची, भाजपा की सरकार ही बची-कुची समस्याओं का समाधान कर सकती है। इसके लिए आप सभी की भागीदारी बहुत जरूरी है। 30 नवंबर को आपको सिर्फ एक ही बात याद रखनी है, आपको सिर्फ और सिर्फ कमल का फूल याद रखना है, कमल के फूल का बटन दबाना है। आप अपना वोट डालें और अगले पांच वर्ष तक फिर एक मजबूत भाजपा सरकार यहां बनाएं। आप यहां भारी संख्या में हम सभी को आशीर्वाद देने के लिए पधारे इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। दोनों हाथ ऊपर करके, मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

Explore More
شری رام جنم بھومی مندر دھوجاروہن اتسو کے دوران وزیر اعظم کی تقریر کا متن

Popular Speeches

شری رام جنم بھومی مندر دھوجاروہن اتسو کے دوران وزیر اعظم کی تقریر کا متن
Startup India recognises 2.07 lakh ventures, 21.9 lakh jobs created

Media Coverage

Startup India recognises 2.07 lakh ventures, 21.9 lakh jobs created
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister inaugurates the first Emergency Landing Facility (ELF) of the northeast in Dibrugarh, Assam
February 14, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi inaugurated the first Emergency Landing Facility (ELF) of the northeast in Dibrugarh, Assam. Shri Modi stated that it is a matter of immense pride that the Northeast gets an Emergency Landing Facility, and is of great importance from a strategic point of view and during times of natural disasters.

The Prime Minister posted on X:

"It is a matter of immense pride that the Northeast gets an Emergency Landing Facility. From a strategic point of view and during times of natural disasters, this facility is of great importance."

"উত্তৰ-পূৰ্বাঞ্চলে ইমাৰ্জেঞ্চি লেণ্ডিং ফেচিলিটি লাভ কৰাটো অপৰিসীম গৌৰৱৰ বিষয়। কৌশলগত দৃষ্টিকোণৰ পৰা আৰু প্ৰাকৃতিক দুৰ্যোগৰ সময়ত এই সুবিধাৰ গুৰুত্ব অতিশয় বেছি।"