Published By : Admin |
October 5, 2025 | 18:28 IST
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Bharat's Economic Surge: From IPO Boom to Festive Prosperity Under PM Modi
With over 65% of our youth in the working age group,Hon #PM@narendramodi Ji leads Bharat’s vision to emerge as one of the largest providers of the skilled workforce in the world,with emphasis on skill development initiatives, making Bharat a global manufacturing&innovation hub. pic.twitter.com/IToNhEuvlc
India’s economy accelerates on optimism and demand. Festive season sales cross 2 million two-wheeler reflecting rising consumer confidence and robust growth under PM @narendramodi Ji’s dynamic leadership. https://t.co/MXmdvXnUwo
— Zahid Patka (Modi Ka Parivar) (@zahidpatka) October 5, 2025
A new chapter in India’s infrastructure growth story! PM Modi to inaugurate the Navi Mumbai International Airport, a milestone that will redefine connectivity, logistics, and regional development. India’s growth truly knows no limits.https://t.co/jYaPW8O004
After record earnings from scrap disposal, India now witnesses its largest-ever cleanliness campaign turning plan into action for a cleaner, efficient Bharat. All thanks to Modi Ji’s Swachhata Hi Seva initiative.https://t.co/d6nDsvO5fq
Leading with vision, stability, and purpose India is being hailed by global experts as a stabilising force in the world economy. With PM Modi, Bharat stands as a pillar of growth and resilience amidst global uncertainty.
PM Modi's vision,Gati Shakti plan,gets a feather in it's cap.BRO creates history,a Guiness World Record for constructing d world's highest motorable road at Mig La Pass in #Ladakh (19,400ft) Demonstrates unparalleled engineering & dedication,even extreme,high altitude conditions pic.twitter.com/75o48Ehhay
महिलाओं का स्वास्थ्य प्रधानमंत्री @narendramodi जी की मजबूत और समृद्ध भारत की दृष्टि का मूल है। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की 18 लाख स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 6.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिला।यह समावेशी विकास का सशक्त उदाहरण है। pic.twitter.com/uPLXEH9zRN
Under PM Modi’s leadership, India’s farmers are transforming opportunities into global success stories. Indian coffee continues to win hearts worldwide, with exports rising, showcasing the excellence of our farmers and the growing global trust in Brand India. #MakeInIndiapic.twitter.com/LPCcqXQmxT
India is not just progressing, India is moving to the Next: PM Modi
March 12, 2026
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We have One goal, one destination, ‘Viksit Bharat’: PM
Despite many global crises, the world's leaders and experts look to India with great hope: PM
If you want to be part of the future, you have to be in India : PM
India is not just progressing; India is moving to the Next level : PM
India will make every effort to ensure that its farmers and citizens are protected from the burden of global challenges : PM
आज 12 मार्च का दिन बहुत ऐतिहासिक है। 12 मार्च, 1930 को महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा शुरू की थी। ये भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक टर्निंट प्वाइंट था। क्योंकि इस यात्रा ने देश के कोने-कोने को एक लक्ष्य के साथ जोड़ दिया था और ये लक्ष्य था- भारत की आजादी। आज इस ऐतिहासिक यात्रा के करीब 100 वर्षों के आसपास हम भारतीय फिर एक नई यात्रा पर निकले हैं। ये यात्रा है- विकसित भारत की यात्रा। हमारा लक्ष्य एक है, हमारी मंजिल एक है - विकसित भारत। और इस लक्ष्य की प्राप्ति में ऐसी समिट्स में हुआ मंथन इनसे निकला अमृत बड़ी भूमिका निभाता है। मैं आप सभी का आभारी हूं आपने मुझे नेक्स्ट समिट के लिए आमंत्रित किया। यहां देश से दुनिया से बहुत सारे साथी आए हैं, कुछ पुराने परिचित भी हैं, मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं।
साथियों,
21वीं सदी का ये कालखंड ना भूतो न भविष्यति जैसा है। एक तरफ युद्ध की विभिषिका है, सप्लाई चेन फिर से तहस-नहस हो रही है संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं की प्रासंगिकता पर सवालिया निशान लग रहा है, और ऐसे कालखंड में हमारा भारत इन विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ रहा है। आज दुनिया इतिहास के जिस महत्वपूर्ण पड़ाव पर खड़ी है, उस पड़ाव पर जिस देश के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है- वो है भारत। वर्तमान में इतने सारे संकटों के बीच दुनिया का हर गंभीर नेतृत्व हर जानकार भारत को लेकर बहुत उम्मीदों से भरा हुआ है। अभी हाल ही में फिनलैंड के प्रेसिडेंट एलेक्जेंडर स्टब भारत आए थे। उन्होंने कहा कि अब दुनिया की दिशा, ग्लोबल साउथ तय करेगा और उस दिशा को निर्धारित करने वाली सबसे बड़ी शक्ति होगा - भारत। इससे पहले कनाडा के पीएम कार्नी ने भी कहा था कि अगले तीन दशकों में दुनिया की Economic Gravity जिस सेंटर की ओर शिफ्ट हो रही है, उसका नाम भारत है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों भी मानते हैं कि भारत दुनिया के सबसे बड़े मुद्दों को सुलझाने वाला एक इनएविटेबल पार्टनर बन चुका है। आज टेक वर्ल्ड और अर्थ जगत के ग्लोबल लीडर्स के बयानों का निचोड़ निकालें तो एक ही भाव सामने आता है, अगर आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत से जुड़ना ही होगा, भारत में होना ही होगा।
साथियों,
अभी-अभी भारत ने टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप जीता है। हर कोई खुश है और भारत में तो क्रिकेट का मामला ऐसा है कि अगर किसी ऑफिस में कोई करोड़ों की बात चलती हो, कोई बढ़िया प्रेज़ेंटेशन चल रहा होता है विदेश के मेहमान प्रेज़ेंटेशन कर रहे हों फिर भी वो जरा स्लाइड से नजर हटा कर के वो स्कोर क्या देखता है। और कोई न कोई तो पूछ ही लेता है- भाई स्कोर क्या हुआ ठीक ऐसी ही स्थिति, आज भारतीय अर्थव्यवस्था की है। आज हर कोई इकॉनॉमी की रनिंग कमेंट्री चाहता है। भारत की इकॉनॉमी का पिछले महीने क्या स्टेटस था आज क्या हाल है ये सब जानने के लिए देशवासी उत्सुक रहते हैं। मुझे याद नहीं पड़ता, इतनी उत्सुकता देश में पहले थी या नहीं थी ? और थी तो कब थी? ये दिखाता है कि आज भारतीयों की एस्पिरेशन्स और आत्मविश्वास किस स्तर पर हैं। यही, दुनिया के भारत पर भरोसे का सबसे बड़ा कारण भी है।
और साथियों,
निश्चित तौर पर जब इतनी सारी उम्मीदें जुड़ी हों, दुनिया की नजर हमारे देश पर हो तो हम सभी की जिम्मेदारी और ज्यादा जाती है।
साथियों,
आज का भारत सिर्फ आगे नहीं बढ़ रहा। भारत खुद को Next Level पर ले जा रहा है। आज देश में Next Generation फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है, हम नेक्स्ट जेनरेशन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहे हैं UPI ने Digital Payments को Next Phase में पहुँचा दिया है। आज भारत दुनिया में सबसे तेज़ real-time digital payments करने वाला देश बना है।
साथियों,
भारत आज नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स भी कर रहा है, वो Reform एक्सप्रेस पर सवार है। कभी भारत में कई काम, कई निर्णय Next to Impossible माने जाते थे, आज भारत वो निर्णय भी ले रहा है। कभी कहा जाता था कि Article 370 हटाना नामुमकिन है। लेकिन आज जम्मू-कश्मीर में Article 370 की दीवार गिर चुकी है। कभी लगता था कि देश में सबका बैंकिंग सिस्टम से जुड़ना असंभव है। लेकिन आज 50 करोड़ से ज्यादा जनधन खातों ने ये संभव कर दिखाया है। कभी लगता था कि ट्रिपल तलाक को खत्म करना असंभव है। लेकिन आज मुस्लिम बहनों को इस अन्याय से मुक्ति मिली है। कभी महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में तैंतीस परसेंट आरक्षण भी असंभव लगता था। लेकिन आज इसके लिए कानून बन चुका है। कभी अंतरिक्ष और advanced technology को लेकर भी भारत की लिमिट्स बताई जाती थीं। लेकिन आज मून मिशन, Semiconductor Mission, क्वांटम मिशन, ये सब भारत को Next फ्रंटियर of Technology की ओर ले जा रहे हैं।
साथियों,
आज का भारत केवल सपने नहीं देख रहा। भारत उन्हें सच कर रहा है। इसीलिए आज दुनिया कह रही है- India is not just progressing. India is moving to the Next.
साथियों,
देश के विकास का एक बहुत बड़ा आधार होता है कि हम चुनौतियों से कैसे मुकाबला कर रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि वैश्विक परिस्थितियाँ अचानक बदलती हैं। बीते वर्षों में हमने पहले कोरोना की आपदा देखी फिर रूस-यूक्रेन का संकट देखा और अब हमारे बहुत पास में ही एक और बड़ा युद्ध चल रहा है। इस युद्ध ने पूरे विश्व को बहुत बड़े ऊर्जा संकट में धकेल दिया है।
साथियों,
ऐसी विकट परिस्थितियों में बहुत अहम है कि एक देश के तौर पर हम इसका कैसे मुकाबला करते हैं। संकट काल एक प्रकार से, पूरे राष्ट्र की परीक्षा होती है। शांति के साथ धैर्य के साथ हमें परिस्थितियों से निपटना होता है जनविश्वास बढ़ाकर जनता को जागरूक करते हुए, हमें चलना होता है। और इसमें हर किसी की भूमिका होती है। हर राजनीतिक दल की, मीडिया की, सामाजिक संस्थाओं की, इंडस्ट्री की, युवाओ की गांव की शहर की हर किसी की भूमिका अहम होती है। और हमने कोरोना काल में देखा है जब सब मिलकर चलते हैं तो संकट से मुकाबले के लिए देश का सामर्थ्य कई गुणा बढ़ जाता है। आज देश के सामने एक और चुनौती है और इसलिए हमें मिलकर प्रयास करने होंगे, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्य निभाने होंगे।
साथियों,
आजकल बहुत चर्चा LPG को लेकर हो रही है। कुछ लोग हैं जो पैनिक क्रिएट करने का प्रयास कर रहे हैं, अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं। मैं इस समय उन पर राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि ऐसा करके वो जनता के समक्ष खुद तो एक्सपोज़ हो ही रहे हैं और देश का भी बड़ा नुकसान कर रहे हैं।
साथियों,
आज युद्ध से जो ये वैश्विक संकट आया है उसके प्रभाव से कोई देश अछूता नहीं है। कम अधिक मात्रा में हर कोई शिकार है, भारत सरकार भी, इस संकट से निपटने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। और हम अलग-अलग स्तरों पर प्रयास कर रहे हैं। बीते दिनों, दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेताओं से मेरी इसको लेकर बातचीत हुई है। सप्लाई चेन में जो बाधाएं आई हैं, उससे हम कैसे पार पाएं, इसके लिए भी निरंतर प्रयास चल रहे हैं।
साथियों,
भारत के तेज विकास के लिए अलग-अलग एनर्जी सोर्सेस को बढ़ावा देना निरंतर जरूरी रहा है। और इसको मजबूत करने के लिए हमने दो स्तरों पर एक साथ काम किया है। पहला देश में एनर्जी एक्सेस बढ़े हमने इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया।
और दूसरा- Energy के लिए हमें सिर्फ विदेशों पर निर्भर ना रहना पड़े, इसके लिए Energy सेक्टर में आत्मनिर्भरता पर बल दिया। अब मैं आपको Gas सेक्टर के ही कुछ आंकड़े देता हूं। साल 2014 तक देश में सिर्फ 14 करोड़ LPG कनेक्शन थे। यानि देश के करीब-करीब आधे परिवारों पास ही LPG कनेक्शन था। आज दोगुने से भी अधिक यानि करीब 33 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं। बीते 11 वर्षों में हमने अपनी बॉटलिंग कैपेसिटी को दोगुना किया है। डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर भी 13 हज़ार से बढ़कर 25 हज़ार से अधिक हो गए हैं 2014 में देश में सिर्फ 4 LNG Terminals थे, आज इनकी संख्या भी बढ़कर दोगुनी हो गई है। गैस पाइपलाइन जो करीब साढ़े तीन हज़ार किलोमीटर होती थी उसको 10 हज़ार किलोमीटर तक विस्तार दिया है। क्योंकि करीब 60 परसेंट LPG विदेशों से आती है इसलिए देश के बड़े पोर्ट्स पर इंपोर्ट टर्मिनल कैपैसिटी भी बहुत बढ़ाई गई है।
साथियों,
साल 2014 से पहले तक देश में सिर्फ 25-26 लाख घरों में ही, पाइप से सस्ती गैस यानि PNG की सुविधा थी। आज ये संख्या भी सवा करोड़ से अधिक पहुंच गई है। 2014 में देश में CNG पर चलने वाली गाड़ियां भी 10 लाख से ज्यादा नहीं थी। आज ये संख्या 70 लाख से अधिक है। और ये तभी संभव हो पा रहा है क्योंकि बीते दशक में देश के 600 से अधिक जिलों में City Gas Distribution network स्थापित किए गए हैं।
साथियों,
इस वैश्विक संकट ने एक बार फिर दिखाया है कि किसी भी देश का आत्मनिर्भर होना इतना अधिक जरूरी क्यों है। इसलिए ही बीते वर्षों में हमने भारत को एनर्जी सेक्टर्स में आत्मनिर्भर बनाने के लिए होलिस्टिक तरीके से काम किया है।
साथियों,
पेट्रोलियम पर निर्भरता को कम करने के लिए हमने इथेनॉल पर, बायोफ्यूल पर बल दिया। 2014 से पहले देश में सिर्फ एक-डेढ़ परसेंट इथेनॉल ब्लेंडिंग कैपेसिटी ही थी। आज हम पेट्रोल में 20 परसेंट इथेनॉल ब्लेंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं। अगर ये काम न किया होता तो हमें बीते 11 वर्षों में करीब 18 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल विदेशों से खरीदना पड़ता। आज की स्थिति देखें तो इथेनॉल के कारण हमें प्रतिवर्ष करीब साढ़े चार करोड़ बैरल कम ऑयल इंपोर्ट करना पड़ रहा है। यानि करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की बचत तो देश को सिर्फ इसी से हुई है।
साथियों,
भारत में पेट्रोलियम का बहुत बड़ा कंज्यूमर हमारी रेलवे भी है। हमारे देश में रेलवे लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम 60 साल पहले शुरू हुआ था। बावजूद इसके 2014 तक सिर्फ 20 परसेंट रेलवे रूट का इलेक्ट्रिफिकेशन ही हो पाया था। बाकी रेलवे रूट्स पर हजारों डीजल इंजन चला करते थे। आज भारत में ब्रॉडगेज नेटवर्क का करीब-करीब 100 percent बिजलीकरण हो चुका है। इससे, साल 2024-25 में ही भारतीय रेलवे ने करीब 180 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत की है। अगर इलेक्ट्रिफिकेशन न हुआ होता तो हर वर्ष इतना डीज़ल बनाने के लिए एक्स्ट्रा क्रूड ऑयल इंपोर्ट करना पड़ता। ऐसे ही, हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर फोकस किया।
ऐसे ही एक और बहुत बड़ा काम हमने रीन्युएबल एनर्जी को लेकर किया है। आज हमारी टोटल installed power generation capacity का आधा हिस्सा रीन्यूएबल सोर्स से आता है। हमारी कुल रिन्यूएबल क्षमता आज 250 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है। आप सोचिए साल 2014 में भारत की सोलर पावर कैपेसिटी सिर्फ दो गीगावॉट थी, आज ये करीब चालीस गुणा बढ़कर hundred and thirty गीगावॉट हो चुकी है। घरेलू उपयोग में गैस के अलावा बिजली अधिक से अधिक काम आए इसके लिए पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की गई। अभी तक इस स्कीम के तहत करीब 30 लाख परिवारों ने रूफटॉप सोलर लगाए हैं।
साथियों,
इसके अलावा हमने गोबरधन स्कीम पर भी काम किया। इसके तहत Compressed Biogas बनाने पर काम किया गया। अभी तक देश में 100 से अधिक प्लांट चालू हो चुके हैं और 600 से ज्यादा पर काम चल रहा है।
साथियों,
पेट्रोल-डीज़ल के क्षेत्र में हमने कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में भी व्यापक प्रयास किया है। 2014 से पहले भारत के पास strategic पेट्रोलियम रिज़र्व यानि संकट के समय के लिए कच्चा तेल स्टोर करने की कैपेसिटी ना के बराबर थी। आज हमारे पास, 50 लाख टन से अधिक का strategic पेट्रोलियम रिज़र्व है। और इससे भी अधिक कैपेसिटी पर काम चल रहा है। बीते दशक में अपनी रिफाइनिंग कैपेसिटी में भी हमने सालाना 40 मिलियन टन से अधिक की वृद्धि की है। तभी भारत आज दुनिया के सबसे बड़े refining hubs में से एक बना है। यानि आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हम भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कितने बड़े पैमाने पर और कितनी बड़ी दिशाओ में काम कर रहे हैं। ये युद्ध की वजह से जो संकट बना है, उसका मुकाबला भी हम जरूर कर पाएंगे। मेरा 140 करोड़ देशवासियों पर पूरा भरोसा है। जैसे एक साथ संगठित होकर कोविड के संकट से हमने देश को बाहर निकाला था उसी प्रकार हम इस वैश्विक संकट को भी पार कर लेंगे। और मैं फिर दोहराउंगा जहां तक सरकार का प्रश्न है, हम किसी भी प्रकार के प्रयत्न या प्रयास में कोई कमी नहीं आने देंगे। हमारे हर निर्णय में जनता का हित सर्वोपरि रहेगा।
साथियों,
यूक्रेन युद्ध से लेकर आज तक हमने ये देखा है कि कैसे इसका प्रभाव वैश्विक मार्केट से लेकर दुनिया के नागरिकों पर पड़ता रहा है। लेकिन भारत सरकार का हमेशा से हर संभव प्रयास रहा है कि युद्ध से बनी परिस्थितियों का बोझ भारत के नागरिकों पर ना पड़े। जैसे जब रूस-यूक्रेन का संकट बढ़ा था , तो उस कालखंड में फर्टिलाइजर की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। इसके बावजूद यूरिया की जो बोरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3000 रुपए में मिल रही थी वो हमने अपने किसानों को सिर्फ 300 रुपए में दी थी। दुनिया में 3000 रुपया चल रहा था हमारे यहाँ 300 में दिया जा रहा था , इस बार भी हमारा हर संभव प्रयास होगा कि देश के किसान देश के नागरिकों के जीवन पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े।
साथियों,
आज के इस अहम समय में... आज इस मंच से राज्य सरकारों से भी एक अनुरोध है। ये जरूरी है कि कालाबाज़ारी न हो, अफवाहें न फैलें इसलिए स्थिति की गंभीरता से मॉनीटरिंग आवश्यक है जो कालाबाजारी कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़े एक्शन भी जरूरी हैं।
साथियों,
बीता एक दशक, आत्मनिर्भरता के साथ-साथ संवेदनशील गवर्नेंस का भी रहा है। हमारे देश का एक बड़ा हिस्सा, वहां रहने वाले लोग दिल्ली में बैठी कांग्रेस सरकारों की सोच से भी दूर रहे। लेकिन हमारी सरकार ने विकास की दौड़ में पीछे रह गए लोगों को गवर्नेंस की प्राथमिकताओं से जोड़ा। आज इन इलाकों में हाउसिंग हो, रोड्स हों, स्कूल-हॉस्पिटल हों ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए ही Aspirational District योजना, Aspirational ब्लाक योजना पीएम जनमन योजना जैसी स्पेशल अभियान चलाए जा रहे हैं।
साथियों,
कांग्रेस की सरकारों का एक बहुत बड़ा पाप ये भी रहा कि उन्होंने देश के एक बड़े हिस्से को माओवादी आतंक की आग में जलने के लिए छोड़ दिया था। देश के करीब-करीब हर बड़े राज्य का बहुत बड़ा हिस्सा माओवादी आतंक की गिरफ्त में था। लेकिन साथियों,
बीते सालों में देश ने इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया। हम बुलंद हौसले के साथ आगे बढ़े। और इसका नतीजा आज देश देख रहा है। साल 2013 में 180 से अधिक जिले, 180 से ज्यादा डिस्ट्रिक्ट माओवादी आतंक से प्रभावित थे। आज माओवादी आतंक से प्रभावित जिलों की संख्या सिंगल डिजिट में पहुंच चुकी है।
साथियों,
बीते एक साल में ही 2100 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है 900 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं हैं, और जो हथियार छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे, ऐसे 300 से अधिक कट्टर नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है। इसका परिणाम ये हुआ कि जो इलाके कभी डर के साए में जीने को मजबूर थे वहां आज विकास की नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।
साथियों,
भारत आज जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसकी प्रगति की गति को रोकना असंभव है। 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षा आज next level पर है। मैं जानता हूं कि जब एक सपना पूरा होता है तो नए सपने, नई आकाक्षाएं जन्म लेती हैं। मैं इसे बोझ नहीं मानता, बल्कि जनता के विश्वास की पूंजी मानता हूं। हां...देश में मेरे कुछ ऐसे शुभचिंतक हैं जिनको लगता है कि उम्मीदों के बोझ तले मोदी कभी तो दबेगा, कभी तो कुचला जाएगा लेकिन उनकी नीयत इतनी खोटी है, कि उनकी उम्मीदें पूरी ही नहीं होती, और देशवासियों का आशीर्वाद जब तक है तब तक ये पूरी होंगी भी नहीं। अब सिर्फ 140 करोड़ भारतीयों की आशाएं और आकांक्षाएं ही पूरी होंगी। भारत हर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा भारत हर हाल में विकसित बनेगा।