PM Modi's Interview to Saurav Sharma of IndiaTV

Published By : Admin | May 13, 2024 | 08:20 IST

सौरभ शर्मा:  नमस्कार बहुत स्वागत आप सभी का, मैं हूं सौरभ शर्मा आपके साथ देखिए, हम लोग इंटरव्यूज तो काम है हमारा करते ही हैं लेकिन कुछ बातचीत और कुछ इंटरव्यूज ऐसे होते हैं जो जिंदगी भर के लिए हमारे साथ भी जुड़ जाते हैं, हम भी कभी नहीं भूल पाते और आज मेरे लिए ऐसा ही एक दिन है और भूमिका बनाने की मुझे कोई जरूरत नहीं है, मेरे साथ है देश के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी।

पीएम मोदी: नमस्कार इंडिया टीवी के सभी दर्शकों को मेरा नमस्कार। सौरव जी आपको बहुत-बहुत सुप्रभातम।

 

सौरभ शर्मा: आपको सर गुड मॉर्निंग। सर, यहां हम लोग आए तो यहां बत्तखें बड़ी आवाज़ कर रही थीं, मैंने बोला अपने डायरेक्टर साहब को कि ये तो बड़ा शोर हो रहा है यहां माइक में आएगा बोले नहीं आप चिंता मत करो वो कह रही हैं अबकी बार 400 पार।

पीएम मोदी: आप भी ध्यान से सुन लीजिए आपको भी उससे वही आवाज सुनाई देगी, अबकी बार 400 पार। अगर आप ट्रेन में जाएंगे इस बार और ट्रेन की पटरी की जो आवाज आएगी जरा मन में याद कर लीजिए पटरी भी बोलती है अबकी बार 400 पार।

 

सौरभ शर्मा: इन सबको ट्रेनिंग किसने दी है लेकिन अबकी बार 400 पार की?

पीएम मोदी: देश की जनता ने ट्रेंड किया है इन लोगों को।

 

सौरभ शर्मा: आप तो ये कह रहे हैं कि जनता ने मन बना लिया आप तो मतलब इतना मैं कह रहा हूं कॉन्फिडेंटली भी कैजुली भी कहते हैं आप तो दे ही रहे हैं 400 मुझे, लेकिन सर इतनी मेहनत फिर मतलब फिर..?

पीएम मोदी: दो चीजें हैं- एक 19 से 24 विपक्ष का जो ट्रैक रेकॉर्ड है पार्लियामेंट में उनका परफॉर्मेंस है पब्लिक में उन्होंने जिस प्रकार के नैरेटिव सेट करने की कोशिश की 19 से 24 वो पूरी तरह नकारात्मक रहे हैं। देश का प्रगति को रोकने वाले रहे हैं तो पहली बात है कि देश की जनता ने विपक्ष को पूरी तरह विफल होते हुए देखा है। नकारात्मक रूप में देखा है इतना ही नहीं देश की प्रगति को रोकने वालों के रूप में देखा है तो उन्होंने अपनी छवि को इतनी तबाह करके रखा है कि चुनाव के 40- 50 दिन में वो छवि को सुधार नहीं सकते हैं। दूसरी तरफ 19 से 24 मेरा जो ट्रैक रिकॉर्ड है, एनडीए सरकार का जो ट्रैक रिकॉर्ड है, बीजेपी का ट्रैक रिकॉर्ड है, वो देश को नई प्रगति पर ले जाने वाला है। सामान्य से सामान्य व्यक्ति की भलाई करने का प्रयास किया गया है, देश के हर भू-भाग में विकास के एक दृष्टि लेकर के हम चले हैं और उसके कारण पूरे देश में समान रूप से भारतीय जनता पार्टी, एनडीए और मोदी सरकार फिर एक बार, ये जन- मन का भाव है।

 

सौरभ शर्मा: सर बहुत सारे इलेक्शन हुए हमने भी देखे कुछ तो लेकिन ये पहला इलेक्शन है जहां अपोजिशन की प्रॉब्लम ये है कि ये 400 पार क्यों बोल रहे हैं? वो अपना नंबर कोई नहीं बताया अभी तक किसी ने, लेकिन वो ये जरूर पूछते हैं कि इनको 400 क्यों चाहिए भाई, 400 का क्या करेंगे ये, तो 400 आपने भी फिगर जो दिया 400 क्यों?

पीएम मोदी: मैं बताता हूं हम ऑलरेडी 19 से 24 में 400 हैं इसलिए मैंने कहा कि 400 पार। हम एनडीए के रूप में और एनडीए प्लस जो हमारा हाउस का परफॉर्मेंस रहा वो 400 वाला रहा है 19 से 24 और अब कोई भी बच्चा अगर 95 मार्क्स लाएगा तो भी उसके मां- बाप यही कहेंगे कि 99 कैसे लाओगे तो मैं भी कहूंगा कि भाई 400 तो दिया था अब 400 पार करो। दूसरी बात है कि विपक्ष की नकारात्मकता इतनी है कि उनको भी सजा मिलनी चाहिए वो जहां हैं वहां से नीचे आने चाहिए ताकि उनको पता चले कि विपक्ष का कंस्ट्रक्टिव रोल भी होता है, देश हित में उन्होंने एक सकारात्मक भूमिका अदा करनी होती है जो लोग संसद के उद्घाटन का बहिष्कार करें, संसद जैसी संस्था का जो लोग अस्वीकार करें, जो लोग सेना को लगातार गालियां देते रहे, जो सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करें, जो मीडिया को प्रतिबंधित कर दें, पत्रकारों को प्रतिबंधित कर दें, ये देश की जनता इन सारी चीजों को देखती है और इसलिए ऐसी नकारात्मक और विकृत सोच देश कभी स्वीकार नहीं कर सकता है।

 

सौरभ शर्मा: ये आपके लिए ये पांच साल जो है मैं अपोजिशन के लिहाज से पूछ रहा हूं आपको कभी नहीं लगा कि ये कुछ कंस्ट्रक्टिव काम करना चाह रहे हैं?

पीएम मोदी: मुझे अच्छा लगता अगर वो करते, देश का भला होता लेकिन उन्होंने संसद को चलने नहीं देना, हुड़दंग करना, हर पवित्र और प्रामाणिक चीज में और जिन विचारों को कभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा था जो आज इंप्लीमेंट हो रही है तो वो उसका भी विरोध करते हैं। कोई कल्पना कर सकता है कि धारा 370 इतना बड़ा देश का सपना पूरा हुआ जो चलो ठीक है पंडित नेहरू ना कर पाए तो इसका गुस्सा आज निकाल रहे हो भाई। हमने किया सरदार साहब चाहते थे नहीं हो पाया, हम कर रहे हैं तो आप यहां तक चाहते हो कि हम धारा 370 वापस ले आएंगे अब ये देश माफ नहीं कर सकता है। अभी कहते राम मंदिर हम कहते हैं वो कहते हैं उनके एक 30 साल पुराने उनके परिवार के टॉप मोस्ट एडवाइजर का कहना है कि उन्होंने तय किया हुआ है अगर उनको बहुमत मिलेगा तो रामलला को फिर से टेंट में डाल देंगे और हम मंदिर हटा देंगे अगर ये बात उनके घर में से निकल कर के आती है तो देश के लिए चिंता का विषय है।

 

सौरभ शर्मा: सर, ये तो मतलब असंभव सी बातें नहीं हैं लेकिन मतलब देश कैसे उसमें जा सकता है?

पीएम मोदी: देखिए, कांग्रेस में इतनी विकृतियां भरी हैं देश के जब टुकड़े हुए 45/46 में देश का कोई व्यक्ति मानता नहीं था कि देश के टुकड़े हो सकते हैं लेकिन कर दिए उन्होंने, कोई नहीं मानता था। शाह बानो केस का कोर्ट का जजमेंट आया था कोई नहीं मानता था कि अब तीन तलाक रहेगा लेकिन उन्होंने जजमेंट को उलट दिया और तीन तलाक देश में हमारे मुस्लिम बेटियों को बर्बाद करता ही रहा तो कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है कुछ भी कर सकते हैं। 

 

सौरभ शर्मा: इसमें आपने एक खतरे से और आगाह किया कि ये अगर आ गए और कांग्रेस अगर आ गई तो ये एससी- एसटी- ओबीसी का आरक्षण जो है वो बांट के दे देंगे मुसलमानों को दे देंगे।

पीएम मोदी: उन्होंने खुद ने किया है और कहा है ये मैं नहीं कह रहा हूं जी उन्होंने ऑलरेडी कर्नाटक में रातों- रात मुसलमानों को ओबीसी घोषित कर दिया और ओबीसी के जो आरक्षण थे उसमें बहुत बड़ा डाका डाल दिया। उन्होंने आंध्र के अंदर जब सरकार बनी तब इस प्रकार का निर्णय करने का प्रयास किया था, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया था और अभी उनके एक नेता यही पटना की धरती पर से मैं कह रहा हूं श्रीमान लालू जी यादव जो जेल से आए हुए हैं, कैदी हैं, गुनहगार हैं, सजा हो चुकी है और वो आज आकर के कह रहे हैं कि हम पूरा का पूरा आरक्षण मुसलमान को दे देंगे मतलब एससी का लूट लेंगे, एसटी का लूट लेंगे, ओबीसी का लूट लेंगे सिर्फ अपनी वोट बैंक के लिए, क्या सत्ता भूख इतनी भयंकर होती है कि आप अपने धर्म के आधार पर देश को बांटा, अब धर्म के आधार पर समाज को बांटने के लिए आप आरक्षण की इस पूरी व्यवस्था को लूट करके हमारे दलितों को, हमारे आदिवासियों को, हमारे ओबीसी को तबाह करने पर तुले हुए हैं क्या?

 

सौरभ शर्मा: सर, आपने बंगाल में पांच गारंटी दी थी जनता को आपको मतलब मैं ये जानना चाह रहा हूं आपको उसमें भी ये कहना पड़ा कि आपका आरक्षण कोई नहीं छीन सकता राम मंदिर का फैसला कोई नहीं पलट सकता।

पीएम मोदी: ये मेरा कमिटमेंट है, ये मोदी की गारंटी है और ये देश में ये कभी नहीं हो सकेगा और मैं 400 सीटें मांगता हूं वो उसको 400 पार मांगता हूं, 400 पार इसलिए मांगता हूं कि इस प्रकार की विकृत मानसिकता वालों को एक स्ट्रांग मैसेज जाना चाहिए।

 

सौरभ शर्मा: सर, आपने देखा होगा जब फर्स्ट फेस की पोलिंग हुई थी तो उसमें एक आध परसेंट शायद वोटिंग कम रह गई 2019 से उसको लेकर के एक बड़ा माहौल बनाया गया कि नहीं..नहीं साहब इस बार तो मोदी साहब का खेल ठीक नहीं।

पीएम मोदी: ऐसा है ये तिनका का सहारा ढूंढते रहते हैं वो इतने डूब चुके हैं, इतने डूब चुके हैं कि उनको लगता है तिनका भी उनको बचा लेगा इसलिए ऐसे नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

सौरभ शर्मा: सर, फर्स्ट टाइम वोटर्स, यूथ वोटर आपका एक बहुत बड़ा सपोर्ट बेस रहा है उनको (विपक्ष) ये लगता है कि इस बार वो आपके साथ नहीं है उनको, उसपर आप क्या कहेंगे?

पीएम मोदी: देखिए फर्स्ट टाइम वोटर जो हैं वो पुरानी पीढ़ी वाला नहीं हैं जी, ये वर्तमान पीढ़ी है जो डिजिटल वर्ल्ड से जुड़ी हुई हैं वो बदलती हुई दुनिया देख रहा है, भारत का विश्व में जो स्थान बन रहा है वो देख रहा है, जब उसको पता चलता है गरीब का बच्चा भी फर्स्ट टाइम वोटर होगा उसको पता चलता है कि मैं अपनी मातृभाषा में पढ़ूंगा तब भी डॉक्टर बन सकता हूं, मैं अंग्रेजी स्कूल में नहीं पढ़ पाया मेरी मां मुझे नहीं भेज सकती, मेरे पिताजी के पास उतने पैसे नहीं हैं कि मैं अंग्रेजी पढ़ पाऊं अब तो मोदी जी मुझे डॉक्टर बना सकते हैं, मोदी जी मुझे इंजीनियर बना सकते हैं। गरीब का बच्चा भी सपनों को संकल्प बनते देख रहा है और सिद्धि तक जाने के लिए मोदी रोड में बनाकर के बैठा हुआ है जब देश का नौजवान पहले सैकड़ों में हमारे यहां स्टार्टअप थे आज एक लाख, डेढ़ लाख स्टार्टअप हैं, टियर वन, टियर टू, टियर थ्री सिटी में हैं, तब देश के नौजवान को लगता है येस यहां मेरा भाग्य है। हमारा देश एक आध गोल्ड मेडल मिल जाए तो हम मानते थे चलो भाई गोल्ड मेडल मिल गया। आज स्पोर्ट्स का एक कल्चर देश में डेवलप हुआ है, जिससे यूथ को लगता है हां मेरे पोटेंशियल को मैं बाहर ला सकता हूं और जब उसको सुनता है कि 2029 में हम यूथ ओलंपिक करना चाहते हैं, हम बीच ओलंपिक करना चाहते हैं, हम 2036 में ओलंपिक को यहां इनवाइट करना चाहते हैं तब उसको भरोसा है तो देश में बहुत बदलाव होगा।

 

सौरभ शर्मा: ओलंपिक वाली तो बहुत बड़ी बात है।

पीएम मोदी: ये सपना नहीं है, ये मोदी का संकल्प है और ये सिर्फ संकल्प नहीं है, उसके लिए मेरे पास रोड मैप है, मेरे पास टीम है।

 

सौरभ शर्मा: अभी से..

पीएम मोदी: अभी से है, मैंने एक टीम फ्रांस भेजना तय किया है, फ्रांस में ओलंपिक का वो स्टडी करेगी ताकि हम हमारी तैयारी फिर 2028 में जब जाएगा हमारा ओलंपिक यूएसए में, मैं दूसरी टीम भेजूंगा वो स्टडी करेगा वहां ओलंपिक का ऑर्गेनाइजेशन कैसे था? मैनेजमेंट क्या था? स्पोर्ट्स पर्सन को क्या चाहिए? स्पोर्ट्स स्टाफ को क्या चाहिए? मैं अभी से टीमें लगा रहा हूं जी, मैं तैयारियां पूरी करता हूं जी मैं बातें नहीं करता हूं।

 

सौरभ शर्मा: जैसे आपने कहा 2047 में हमको विकसित भारत बनना है, शायद सर हमारी साइकी में आ चुका है कि हम कुछ चीजों को असंभव मान लेते हैं ये कैसे होगा या इतने टाइम में कैसे होगा?

पीएम मोदी: अब ऐसा नहीं मानते हैं क्योंकि देश की इकोनॉमी, जब देश आजाद हुआ तब हम छह नंबर की इकोनॉमी थे दुनिया में, हमारे लोगों ने बर्बाद करते.. करते.. करते 2014 में 11 नंबर पर ले आए और मोदी ने 10 साल में पांच नंबर पर दुनिया की इकोनॉमी बनाया और आज मैं कहता हूं मैं तीसरी इकोनॉमी बनाऊंगा तो जिसका ट्रैक रिकॉर्ड है तो लोग भरोसा करते हैं अगर मोदी इतने कम समय में इकोनॉमी को तीन नंबर पर लाने की पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है तो 2047 में विकसित भारत बन सकता है।

 

सौरभ शर्मा: सर, आप ज्योतिष में बिलीव करते हैं या आप खुद जानते हैं क्या थोड़ा बहुत ज्योतिष क्योंकि आपने कहा था इस बार सोनिया गांधी जायेंगी राज्यसभा से, लोकसभा नहीं लड़ेंगी वो बात सच हो गई फिर आप जिनको शहजादे कहते हैं राहुल गांधी आपने कहा था कि ये इस बार दूसरी सीट से लड़ेंगे और यूपी भी आएंगे लेकिन ये अमेठी से नहीं लड़ेंगे वो बात भी सच हो गई है अब आपने ये कहा है कि कांग्रेस को उससे भी कम सीटें मिलेंगी जितनी शहजादे यानी राहुल गांधी की उम्र है, क्या आपके पास ये फीडबैक है या कोई ज्योतिष है?

पीएम मोदी: ये मैं ज्योतिष हूं नहीं और ना ही मैं किसी ज्योतिषी को जानता हूं, ना ही ज्योतिष शस्त्र के संबंध में मेरा कोई अध्ययन है इसलिए मैं उसके विषय में तो कुछ कह नहीं सकता हूं लेकिन मैं इस परिवार की चार पीढ़ियों का मैंने भरपूर अध्ययन किया है, उनकी साइकी क्या है? उनके कारनामे क्या हैं? इसको भली- भांति मैंने समझा है और उसके कारण मैं स्वाभाविक बैठे- बैठे अनुमान लगा सकता हूं कि ये करेंगे.. ये..ये करेंगे और इसलिए मैं कहता हूं कि वो इस बार अपनी उम्र जितनी सीटें भी नहीं जीत पाएंगे। वे इंडी अलायंस इकट्ठा नहीं रख पाएंगे। आप देखिए उन्होंने अपने साथी जो लेफ्ट का सबसे बड़ा फिलोसोफर एंड गाइड सबसे बड़ा एलाई सबसे पहले केरल में जाकर उसकी पीठ में छुरा भोंक दिया, उनपर कौन भरोसा करेगा जी और इसलिए मैं कहता हूं कि कांग्रेस पार्टी के सोच को मैं समझ पाता हूं और रायबरेली से मैंने एक बार नहीं कहा कई बार कहा है। रायबरेली में वो अमेठी से भी बुरी स्थिति में हारेंगे। अमेठी से भी बुरी स्थिति में हारेंगे और मैंने कहा था वायनाड में उनकी हालत इतनी खराब है कि भागेंगे लेकिन डर इतना है कि चुनाव के पहले घोषित करे तो मर जाएंगे इसलिए उन्होंने लोगों को अंधेरे में रखा, अंधेरे में रखा और मैं मानता हूं ये सार्वजनिक जीवन में इस प्रकार से दोगलापन नहीं चलता है जी।

 

सौरभ शर्मा: लेकिन उनके सिस्टर है प्रियंका जी उन्होंने कैंपेन संभाला हुआ है, राहुल जी तो अभी तक नहीं गए रायबरेली वो वहां जाकर अपने परिवार की विरासत राजीव जी यहां से रहे, सोनिया जी यहां से रहीं वो पुरानी बातें याद दिला रही हैं कि राजीव जी कैसे हम लोग जीप में घूमा करते थे? मतलब एक इमोशनल कनेक्ट करने की कोशिश कर रही हैं, आज जमाना है कि कोई फैमिली लीनएज वोट दिला दे आपको।

पीएम मोदी: पहली बात है कि वे कांग्रेस के लिए कैंपेन नहीं करते हैं, वो इंडी अलायंस के लिए कैंपेन नहीं करते हैं, वो अपने परिवार के लिए करते हैं और कोई अपने परिवार के लिए करे तो मुझे उसके लिए कोई शिकायत करने का कारण नहीं है। हर कोई अपने परिवार के लिए काम करता है, वो करते हैं। दूसरी बात है कि उनके अंदर ये कहना अब जैसे मैं काशी में एमपी हूं मैं ये तो कह सकता हूं काशी.. मेरी काशी, मैं हमेशा बोलता हूं मेरी काशी लेकिन काशी पार्लियामेंट सीट जो है ना वो मेरी नहीं है वो भारत के संविधान ने बनाई हुई है उसपर कोई भी आकर बैठ सकता है। मैं काशी का सेवक रह सकता हूं वो मेरी प्रॉपर्टी नहीं बन सकती है और इसलिए ये जो कोई कहे कि रायबरेली हमारी परिवार की संपत्ति है तो ये लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपमान है। इस देश में कोई किसी की संपत्ति नहीं हो सकती, ये 140 करोड़ देशवासियों की संपत्ति है ये भारत के संविधान की संपत्ति है।

 

सौरभ शर्मा: सर आप उनको शहजादा कहते क्यों है लेकिन?

पीएम मोदी: ऐसा है मैंने सुना है अभी मुझे कहा गया है शहंशाह..

 

सौरभ शर्मा: आपको शहंशाह बोलते ऐसा हैं..

पीएम मोदी: मैं इतना सहन करता हूं, इतना सहन करता हूं, इतना सहन करता हूं, इतनी गालियां सहन कर करता हूं तो स्वाभाविक है मैं शहंशाह हूं। 

 

सौरभ शर्मा: अच्छा आपको इस पूरे अलायंस में अपोजिशन ने जो बनाया इंडी अलायंस कोई आपको इसका स्वाभाविक लीडर लगता है क्या या यही जिनको आप शहजादा कहते हैं?

पीएम मोदी: देश यही पूछ रहा है कि भाई इतना बड़ा देश एक नाम तो बताओ हम किसको दें, किसको सुपुर्द करें, देश के सामने सबसे बड़ा सवाल और इस चुनाव का जो अंडर करंट मैसेज जो है वो ये भी है कि इतना बड़ा देश दे किसको? किसको सुपुर्द करें और इंडी अलायंस के पास इसका जवाब नहीं है।

 

सौरभ शर्मा: अच्छा उनका वैसे ये वो भी कुछ मुझे लगता है ज्योतिष वगैरह में बिलीव करते हैं या उनको कहीं से फीडबैक मिल गया उन्होंने कहा मोदी जी की 150 सीट मैक्सिमम, 150 सीट।

पीएम मोदी: ऐसा है पहले वो उनको किसी ने समझाया उनके जो भी एडवाइजर है कि आप ये बंद करो भाई मोदी 400 नहीं लाएगा, मोदी 400 नहीं लाएगा बंद करो ये तो आप मोदी का एजेंडा बोल रहे हो तो किसी ने समझाया ऐसा करो चिल्ला- चिल्ला करके बोलो कि पहले बोलो 170 फिर बोलो 150 फिर बोलो 120 और हो सकता है अब वो 100 से नीचे वाला बोलेंगे चार के चार के बाद आप देखना उनका इंटरव्यू आएगा उसमें कहेंगे कि मोदी अब 100 भी पार नहीं कर सकता है, ये पक्का है।

 

सौरभ शर्मा: सर, एक खबर जरूर मुझे पूछनी है आपसे आपने जब ये कहा कि ये टेंपो भर के माल आया है क्या कांग्रेस पार्टी के पास, बोरों में भर के नोट आए हैं क्या अडानी- अंबानी से माल लिया क्या तो वो बड़ी बहुत बड़ी हेडलाइन बनी थी ये और प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया अगर कोई बात कह रहे हैं ये कोई नहीं मान सकता कि इसके पीछे आपके पास कोई जानकारी नहीं थी अगर आप सर्वजनिक करना चाहें? 

पीएम मोदी: मुझे कुछ जवाब देने की जरूरत नहीं। कल अधीर रंजन चौधरी जी ने जवाब दे दिया है ये विषय को बहुत बढ़िया ढ़ंग से अधीर रंजन चौधरी जी बोल दिए हैं तो मुझे अब उसको थप्पा मारने की जरूरत नहीं है।

 

सौरभ शर्मा: सर, सब ये पूछते हैं कि अच्छा मोदी जी ने कह तो दिया 400 या बीजेपी की 370, सीटें बढ़ेंगी कहां से ये तो नहीं कोई नहीं बता रहा है, आप एक फैक्ट भी है।

पीएम मोदी: मेहरबान, फिर गलती कर रहे हो, हम ऑलरेडी 400 हैं।

 

सौरभ शर्मा: नहीं..नहीं सर, जैसे नॉर्थ में आप 90 परसेंट, 100 परसेंट कह रहे हैं। 

पीएम मोदी: अरे भाई सुन लीजिए हम ऑलरेडी 400 हैं, ऑलरेडी 400 हैं, अब मुझे 400 पार करना है तो ये कोई कठिन काम नहीं है। दूसरा ये नॉर्थ- नॉर्थ आप जो कहते हैं, मैं नॉर्थ का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को बहुत बड़ी ताकत दी है लेकिन ये भी पता होना चाहिए क्या गुजरात को नॉर्थ में गिनेंगे? क्या आप महाराष्ट्र को नॉर्थ में गिनेंगे? आप गोवा को नॉर्थ में गिनेंगे? आप कर्नाटक को नॉर्थ में गिनेंगे? क्या ओडिशा को नॉर्थ में गिनेंगे? असम को नॉर्थ में गिनेंगे? इन सबसे भारतीय जनता पार्टी को समर्थन मिल रहा है भाई, आप कुछ लोग तो स्टडी तो करो भाई। देश के नैरेटिव में जो कुछ लोगों ने बनाकर रखा हुआ है विकृत मानसिकता वालों ने ये देश बहुत बड़ा है जी।

 

सौरभ शर्मा: सर, लेकिन साउथ में आपने बहुत फोकस किया है इस बार।

पीएम मोदी: भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक साउथ में है कि नहीं है? हम सरकार बना चुके थे हम मैक्सिमम सीट जीत करके आए, गोवा साउथ में है कि नहीं? पुडुचेरी में हमारी सरकार है जी यानी आपको या कुछ तो कागज लेकर बैठो ना भाई, मैप लेकर के बैठो ना। 

 

सौरभ शर्मा: तमिलनाडु एंड केरल यहां बहुत लोगों को दिलचस्पी है, स्पेशली तमिलनाडु में बहुत दिलचस्पी है बीजेपी का स्कोर कैसा रहेगा इस बार?

पीएम मोदी: तमिलनाडु, केरल, आंध्र कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा सब जगह पर भारतीय जनता पार्टी अभूतपूर्व परिणामों के साथ आएगी।  बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत अच्छा रहा। मेरे लिए समय की सीमा है, मुझे काशी पहुंचना है।

 

सौरभ शर्मा: बहुत धन्यवाद सर आपने समय दिया।

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भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

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प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!