Q. This is a question on trade, which, as you know, is often cited as one of the principal engines of economic growth. India, since you became Prime Minister, has decided not to go ahead and ratify the so-called Trade Facilitation Agreement. Also, India is, for the moment, outside both – APEC and TPP negotiations. So could you speak about your view of trade? And whether the domestic politics of India will allow you to pursue a liberal trade agenda?

A. जहां तक Trade facilitation का सवाल है, हम 101% agreed हैं। उसमें कोई दुविधा का विषय नहीं है, कयोंकि हम भी यह चाहते हैं। आज global economy का युग है। अगर global economy का युग है तो हमें हमारे infrastructure, हमारी facilities global standard की बनानी पड़ेगी। इसलिए हम भी मानते हैं कि विश्‍व के साथ हमको काम करना है। मेरे लिए Politics is not an issue at all. मैं लोकरंजक राजनीति वाला इंसान नहीं हूं। और नही लोकरंजक अर्थनीति वाला इंसान हूं। लेकिन मेरे देश में गरीब लोग हैं। गरीबों को भूखा रखकर हम नहीं चल सकते। और इसलिए food security और Trade facilitation - दोनों चीजें एक साथ चलनी चाहिए। ये मेरे देश का आग्रह है। ये पहले कर लो तो देखा जाएगा तो गरीबों के साथ अन्‍याय होगा। दुनिया को कोई तकलीफ नहीं है कि हम food security के लिए positive stand ले लें।

Q. This question deals with electricity. As I understand it, several hundred million Indians do not have adequate access to electricity. And the question a lot of people are asking is, how can these people come to enjoy a middle class life, and in the process, not set in motion economics that have a clearly negative impact on climate change given the amount of carbon that would be emitted?

A. यह बात सही है कि हमारे लिए आज बिजली जीवन में एक बड़ा महत्‍पूर्ण हिस्‍सा बन चुकी है। बिजली Luxury नहीं है। ये जीवन की Requirement बन गई है। और हम 24x7 बिजली पहुंचाने के लिए संकल्‍पबद्ध हैं। मेरी सरकार ने अपने Manifesto में कहा है, अपने Agenda में कहा है कि next 5 years में हिंदुस्‍तान के हर गांव में 24x7 power supply करेंगे। यह संभव है। हमने जिस प्रकार से energy sector में काम किया है, उसमें भी clean energy पर बल दे रहे हैं। हम solar के लिए Roof top policy लेकर के आ रहे हैं। और इसलिए हिंदुस्‍तान में अब बिजली का संकट रहेगा, ऐसी संभावनाएं बहुत कम हैं।

जहां तक Climate Change का सवाल है, शायद आप लोगों को जान के आश्‍चर्य होगा, मैंने पहले भी कहा, मैं गुजरात में जब था – Al Gore ने एक किताब लिखी है Inconvenient truth - मैंने एक किताब लिखी है, Convenient Action और वह मैंने Environment पर लिखी है। और जो किया जा सकता है, यानी political will से Environment friendly काम कैसे किया जा सकता है, वो मैंने उसमें सिद्ध करके दिखाया है। इसलिए Development and climate दुश्‍मन हैं, जो सोचा जा रहा है, गलत है। हम दोनों को Carefully Streamline करके आगे बढ़ा सकते हैं।

Q. Sir, India is, by many counts, the second largest Muslim country in the world in terms of population. Only Indonesia is larger. And as you know from your time here, America is seized by the challenge posed by the group ISIS. One of the questions that has been raised is whether you’re worried that the unrest sweeping large parts of the Arab and Muslim world might spread to India. And to the extent that you are, what are your plans to reduce your country’s susceptibility to radicalization and even violence?

A. जहां तक भारत का सवाल है, भारत में किसी भी संप्रदाय के व्‍यक्ति क्‍यों न हो, लेकिन एक मूल philosophy से वह drive करता है और भारत के philosophy के प्रतीक हैं भगवान बुद्ध, महात्‍मा गांधी। जहां अहिंसा, यह हमारे लोगों के स्‍वभाव में है। आपने देखा होगा, इतनी Terrorist Activity हमारे देश में चली। Terrorism के कारण हम परेशान हैं। लेकिन सारे Terrorist Activity हमारे यहां exported है। किसी ने हमारे यहां export किया है। Home grown नहीं है इसलिए हिंदुस्‍तान का जो मुसलमान है, उसके विषय में, मुझसे कभी एक बार CNN ने पूछा था, कि अल कायदा का ये जो चल रहा है, तो आपको क्‍या होगा, तो मैंने कहा था कि हिंदुस्‍तान का मुसलमान अलकायदा को फेल कर देगा।

Q. We hope so. Let me turn to foreign policy for a minute. For much of the Cold War, India’s articulated foreign policy was one of Non Alignment. And there was always the rhetoric of the five principles of co-existence. But as you know, and as everybody knows, the world is no longer aligned with the end of the Cold War. So what is India’s compass? What is India’s intellectual approach to this post-Cold War world when it comes to its foreign policy?

A. देखिए, हम 18th और 19th century की तरफ जाएं तो वह युग पूरा संघर्ष का युग था। हर शासक जो भी उसका दायरा होगा, वह अपने विस्‍तार के लिए लड़ाई लड़ता था। पूरे दो शताब्‍दी का इतिहास संघर्ष का इतिहास है, लड़ने का इतिहास है। बाद में आया इतिहास, समय जो आया, वह गुट का इतिहास आया। एक गुट ये, तो दूसरा गुट ये। ये आया। अब वक्‍त बड़ी तेजी से बदला है। 21वीं सदी गुट से चलने वाली नहीं है। और एक प्रकार से Irrelevant हुआ यह गुट। आज हर देश Inter dependent है। विश्‍व के सब देश को सब देशों की जरूरत हो, ऐसे युग में हम प्रवेश कर चके हैं। और इसलिए गुट या समूहों के द्वारा नहीं, सह-अस्तित्‍व के विश्‍वास को लेकर आगे बढ़ना पड़ेगा। इसलिए एक नई philosophy, हम चाहे या न चाहें, already, practically जगह ले चुकी है। सभी देश मान लीजिए जो लोग G-20 में होंगे, वही G-4 में भी होंगे। जो G-7 में होंगे वही G-9 में होंगे। यानी आप देख सकते हैं कि कोई ऐसा समूह नहीं बन पा रहा है। हर कोई हर जगह पे भी जगह बना रहा है तो जगत पूरा बदल चुका है। हम ये पुराने समूहों की कल्‍पना लेकर के चलते थे, उसमें से बाहर निकल जाएं और हम Inter-dependent world है, उसको accept करें। ये जगत तेजी से जुड़ा रह है। Technology ने जोड़ा है, हमारी अपनी आवश्‍यकताओं से जुड़ रहे है, और हमारी युवा पीढ़ी ने एक नए बदलाव को स्वीकार कर लिया है, इसलिए पुराने सारे parameters अब काम नहीं आएंगे।

Q. After this meeting here in New York, you are heading for Washington. You’ll meet with the President tonight, you’ve got meetings tomorrow. I expect one word you’re going to hear again and again and again is the word “partnership”. To describe the US-Indian relationship. So my question for you is whether you are comfortable with that word and to the extent you are or are not, what is your definition of the word “partnership” when it comes to India and the United States?

A. पहली बात यह है कि हर चीज में comfort नहीं होने की जरूरत होती भी है। अब पति-पत्‍नी में भी 100% comfort नहीं होता है। लेकिन उसके बावजूद भी एक लंबे समय तक Binding रहता है। कुछ चीजे हैं, जो भारत और अमेरिका को जोड़ती हैं। और वो है:

सबसे बड़ी चीज लोकतंत्र। Openness, सोसाइटी में जो openness है, वह दोनों के संस्‍कारों में है। तीसरी बात, आप देखिए अमेरिका - सारी दुनिया अमेरिका में आके बसी है, यह अमेरिका के character का हिस्‍सा है कि सबको assimilate करती है। और Indian, दूसरी दुनिया में बसा हुआ है। तो सारी दुनिया को assimilate करने की ताकत Indian में है। ये दोनों ऐसे character हैं, जो एक-दूसरे को जोड़ते हैं। और तीसरी बात है, आर्थिक। आर्थिक बात वो लेन देन का विषय रहता है। व्‍यापारिक संबंध रहते हैं कभी आपके फायदे में, कभी हमारे फायदे में। वह give & take formula के आधार पर चलते हैं। लेकिन दोनों देशों के लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा दोनों देशों को जोड़कर रखती है।

Q. You’ve described what features India and US have in common. But another word you’re going to hear a lot tomorrow is “strategic partnership”. Do you have a vision for that partnership and how the US and India can work together on global and regional issues?

A. देखिए, अभी भारत और अमेरिका ने मिलकर के - शांति की दिशा में प्रयास करना, एक विषय है, लेकिन आर्थिक विकास को लेकर के - अभी हम मिलने वाले हैं तो उस विषय को भी जोड़ने वाले हैं। यहां पर जो रिसर्च होता है, उस रिसर्च का उपयोग, हो सकता है कि अन्‍य देशों के साथ मिलकर विशेषकर भारत के साथ मिलकर के, जहां पर उस रिसर्च के धरती पर उतरने में utility ज्‍यादा है, तो हम उन क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं। दुनिया की तरफ देखने का हमारा दृष्टिकोण, वो सिर्फ उपयोगितावाद पर नहीं है। मैं आज भी मानता हूं, कि भारत और अमेरिका के संबंध, अमेरिका के हित के लिए अमेरिका के संबंध और भारत के हित के लिए भारत के संबंध, उसके बजाय, अमेरिका और भारत मिलकर के दुनिया के हित में हम क्‍या कर सकते हैं अगर ये Base line बनती है तो हम दोनों की ताकत विश्‍व को बहुत काम आ सकती है। और मैं जब Mr. Kerry मुझसे मिले थे, तो मैंने इस विषय को बड़े विस्‍तार से उनके सामने मैंने प्रस्‍तुत किया था।

Q. Is Afghanistan one of the areas where you think we can work together in a productive way?

A. अफगानिस्‍तान, ये तो बड़ा example है। अफगानिस्‍तान, actually एक example है। भारत के बहुत लोग अफगानिस्‍तान में रहते हैं। और एक प्रकार से अमेरिका और India के Partnership ने अफगानिस्‍तान में बहुत बड़ा Role play किया है। हम भी चाहते हैं कि अफगानिस्‍तान स्थिर, लोकतांत्रिक तरीके से विकास की यात्रा को आगे बढाए। ये हम भी चाहते हैं। अमेरिका ने वहां जो security measures में मदद की, उसके कारण वहां एक stability मिली। आज भी हमारी कोशिश ये है। और जो अभी चुनाव होने के बाद नई सरकार वहां प्रस्‍थापित हुई है, उस सरकार में भी तालमेल करने में भारत और अमेरिका ने, दोनों ने मिलकर के बहुत ही सद्भावना अपनी प्रकट करते रहे हैं। और एक अच्‍छे नतीजे की तरफ अफगानिस्‍तान गया है। लेकिन हमने अमेरिका से यही Request की है कि आप जो, withdrawal वाला, defence के withdrawal का विषय है - इराक जैसी गलती नहीं करनी चाहिए। क्‍योंकि इसके बाद इतना तेजी से withdraw करने के बाद इराक का जो हाल हुआ, अफगानिस्‍तान में withdrawal की process बहुत slow होनी चाहिए। अफगानिस्‍तान को अपने बल पर खड़े होने देना चाहिए। तभी जाकर के तालिबान को उभरने से वह रोक पाएगा। और इसलिए अमेरिका और भारत दोनों ने मिलकर के अफगानिस्‍तान में पूरी तरह कंधे से कंधा मिलाकर के काम किया है।

Q. Mr Prime Minister, you set an admirable example for the world in June when you accepted the arbitration decision of a Law of the Sea Tribunal, even though it awarded most of the Bay of Bengal that was under dispute to Bangladesh. Would you be willing to submit your land border problems with China to arbitration or adjudication? The Chinese government has thus far rejected the use of arbitration or adjudication. The Philippines is now putting China to the test. Would India be willing to do something similar?

A. चीन और भारत दोनों सक्षम हैं, बातचीत के द्वारा अपनी समस्‍या का समाधान करने के लिए। चीन और भारत Direct बातचीत कर रहे हैं। इसलिए कोई अलग arbitration की आवश्‍यकता नहीं रहती है। अभी भी, चीन के साथ मेरे व्‍यक्तिगत संबंध भी अच्‍छे रहे हैं। चीन के राष्‍ट्रपति अभी-अभी आए थे। और Border dispute को हम मानते हैं, Border dispute है और कई बातों में हमने चर्चा की है। उस चर्चा को हम और आगे बढ़ाएंगे। लेकिन हम दोनों इस बात से सहमत हैं, कि हम मिलकर के बहुत ही जल्‍द इन समाधानों को करेंगे। इसलिए हमें arbitration की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Q. You’ve often said that there is no compromise on the dignity of women. So given the enormous potential of Indian women, and the challenges they face everyday, what is your vision for a Made in India approach for ending gender-based violence and inequality? Is your government exploring the establishment of a Prime Ministerial task force or any other concrete milestones to be a global leader on this issue that is so fundamental to the lives of so many?

A. मैं आपका बहुत आभारी हूं कि आपने, जो मैंने initiative लिए, उसके विषय में अच्‍छे शब्‍द सुनाए। दुनिया के कई भाग ऐसे है, जहां देश का प्रमुख महिला नहीं बन पाती है। Prime Minister या President किसी महिला को बनना है, आज भी कई देशों में दिक्‍कत है, लेकिन भारत और एशिया के देश ऐसे हैं, जहां महिलाएं प्रधानमंत्री रही हैं। और आज मेरी Foreign Minister भी महिला हैं, सुषमा स्‍वराज यहां बैठी हैं। मेरी Foreign Secretary भी महिला हैं, सुजाता सिंह। और मेरी Cabinet में 25% women हैं, Cabinet Ministers. लेकिन इस बात से बात पूरी नहीं होती है। Women empowerment के लिए सबसे पहली बात है girl child education. हम लोग dedicated हैं, girl child education के लिए। और I would like to share my experience in Gujarat. मैं जब गुजरात में मुख्‍यमंत्री था तो मेरे यहां girl child education को जब मैंने जाना, पहली बार जब मैं मुख्‍यमंत्री बना। It was Painful for me कि गुजरात जैसे राज्‍य में girl child education का ये हाल है? फिर मैंने, मेरे यहां school शुरू होती है 15th June को। जबकि हमारे यहां temperature होता है 45 डिग्री। यहां पर 24 डिग्री में भी गर्मी लगती है। हम 45 डिग्री में वहां रहते है। तो 13, 14, 15 जून, मैं खुद गांव जाता था। मेरे पूरे मंत्रिपरिषद के लोग गांव जाते थे। सारे मेरे MLA, MP जाते थे। मैं घर-घर जाकर भिक्षा मांगता था और लोगों को मैं कहता था कि भिक्षा में आप मुझे वचन दीजिए कि आप अपनी बेटी को पढ़ाओगे। मैं खुद बच्चियों को स्‍कूल लेकर जाता था। और मैं 100% enrolment में सफल हुआ। When I was a Chief Minister, 100% मैं सफल हुआ। वहां पर मैं अटका नहीं।

मैं कहीं पर भी जाता था, Public function में, तो मुझे gift कुछ न कुछ देते रहते हैं लोग, वह gift देते थे। उस gift को मैं auction करता था। जब मैं मुख्य मंत्री पद से गुजरात से वापिस निकला, तो उस auction में मुझे 78 करोड़ रुपये Total मिले। 78 करोड़ रुपये मैंने girl child education के लिए दान दे दिया सरकार को। ये commitment है हम लोगों का। तो girl child education और मेरी सरकार का Agenda है ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ और उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। दुनिया के कई देश हैं, जहां महिलाओं को Voting right पाने के लिए सालों तक संघर्ष करने पड़े। आंदोलन चलाने पड़े। Develop countries में भी women को voting right के लिए लड़ाई लड़नी पड़ी। भारत में women को election में भी 30% Reservation है। कोई भी Body होगी, 30% महिलाएं compulsory है। इतना हम forward looking देश हैं।

Q. You mentioned about the Jammu and Kashmir floods. I was originally born in Srinagar. Our families have obviously been tremendously affected. So my question, or rather request, is that Government of India should allow international organization to come in. Currently, there is a tremendous amount of bureaucracy in allowing international organization to come in.

A. पहली बात है कि दुनिया के कई देशों ने अपने आप कश्‍मीर को मदद पहुंचाई है। जब गुजरात में भूकंप हुआ था, गुजरात में भी अंतर्राष्‍ट्रीय community ने काफी मदद पहुंचाई थी। और ये तो बात सही है कि दुनिया भर में एक अच्‍छी चीज बनी है कि कहीं पर भी Natural Calamity होती तो सभी देश मदद करते ही हैं। जब पाकिस्‍तान में भूकंप हुआ था, तो मैं सबसे पहले, क्‍योंकि गुजरात उसके पड़ोस में ही है, तो हमने सबसे ज्‍यादा पाकिस्‍तान में मदद पहुंचाई थी। तो यह मानवता का काम है। सब लोग मानवता का काम करते रहते हैं।

Q. You’ve now been in office for 4 months. Is there any leader – whether in India or another country – about whom you say, “That’s someone who set a model that I would like to follow in my position as Prime Minister”?

A. मैं मानता हूं, ऐसा मैं कहूंगा तो कइयों के साथ अन्‍याय होगा, क्‍योंकि इतने सारे लोग हैं, हरेक से मुझे कुछ सीखना है। अगर मैं एक का नाम लूंगा तो 50 लोग नाराज हो जाएंगे। इसलिए मुझे दुनिया में जो भी अनुभवी लोग हैं, सबसे कुछ न कुछ सीखना है। और सबसे सीख करके मेरे देश के लिए मुझे अच्‍छा करना है। इसलिए मैं कहता हूं, दुनिया में जो श्रेष्‍ठ है, वो मुझे मेरे देश में लाना है।

Thank You.

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
Parliament passes Jan Vishwas Bill 2026, decriminalising 717 offences, fines up to Rs 1 crore

Media Coverage

Parliament passes Jan Vishwas Bill 2026, decriminalising 717 offences, fines up to Rs 1 crore
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
UDF and LDF are causing double damage by encouraging fundamentalist forces and engaging in corruption: PM Modi
April 02, 2026
Win every booth, strengthen every connection, and Keralam will script a new chapter of development with BJP-NDA: PM Modi’s strong hope
Just like a true player peaks in crucial moments, karyakartas must now increase their intensity, outreach, and commitment as polling day approaches: PM drew an analogy from cricketer Sanju Samson’s career
The Congress and Left parties have constantly promoted appeasement and aligned with extremist elements for vote-bank politics: PM Modi to Keralam
Keralam’s youth are seeking change, driven by aspirations for better infrastructure, industry, and employment opportunities: PM Modi

नमस्कारम।

केरल में, केरलम में चुनाव प्रचार बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ये स्पष्ट है कि इस बार केरलम सिर्फ नई सरकार ही नहीं, नई व्यवस्था के लिए मन बना चुका है। इसमें बीजेपी-एनडीए के पक्ष में एक वेव चल रही है। ‘मेरा बूथ सबसे मज़बूत’ के मंत्र के साथ आप सभी बूथ पर काम कर रहे हैं, बीजेपी को मज़बूत कर रहे हैं। मैं आप सभी के अनुभव जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। चलिए, बातचीत की शुरुआत करते हैं। सबसे पहले कौन बात करने वाले हैं?

अनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम अनीता कुमारी आर है। मैं तिरुवनंतपुरम ज़िले में चिरयिनकीझु में काम करती हूं बीजेपी के लिए। मैं एक आशा वर्कर भी हूं। मैं पिछले 15 साल बीजेपी में काम करती हूं। 19 साल से आशा वर्कर भी है। मैं बीजेपी में काम करने के लिए बहुत गर्व करती हूं और मैं संगठन मंडल की महासचिव भी हूं।

पीएम- अनीता जी, राजनीति के जो जानकार हैं वो कह रहे हैं कि तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं और केरलम की जनता दोनों में बहुत जोश है। और मैं कुछ दिन पहले पालक्काड में एक सभा के लिए गया था। त्रिशूर में एक रोड शो भी किया था। मुझे हर जगह पर केरलम के लोगों का एक नया उत्साह, बीजेपी के प्रति एक अलग जोश दिखा है। इसे केरलम की पॉलिटिक्स में टर्निंग पॉइंट भी बताया जा रहा है। आपका ग्राउंड पर एक्सपीरियंस क्या है? आप क्या अनुभव कर रहे हैं?

अनीता जी- मोदी जी, मैं एक कोस्टल एरिया से आ रही हूं। पिछले सालों में ये एरिया में बीजेपी के लिए एक बूथ इंचार्ज को मिलना भी मुश्किल था। पर आज-कल उन्हीं लोगों, वो मछली पकड़ने वाले लोगों बहुत ज़्यादा नंबर में बीजेपी में आ रहे हैं। आजकल मैं उनके साथ काम करती हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिन में बीजेपी को ये कोस्टल एरिया में एक मज़बूत पार्टी हम सब मिलकर बनाएंगे।


पीएम- अनीता जी, आपने काफी अच्छी जानकारी दी है। आपका उत्साह भी आपके शब्दों में दिखाई दे रहा है। देखिए तिरुवनंतपुरम ने एक रास्ता दिखाया है। लेफ्ट और कांग्रेस वालों को लगता था कि कुछ भी हो, कितना ही बड़ा मिसरूल हो, मिसमैनेजमेंट हो, केरलम में बारी-बारी उनको ही मौका मिलेगा। तिरुवनंतपुरम ने उस परसेप्शन को तोड़ा है। इसलिए आप देखिए यूडीएफ और एलडीएफ एक-दूसरे से ज़्यादा इस बार बीजेपी को टारगेट कर रहे हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मेरे कुछ सुझाव हैं जो आने वाले कुछ दिनों में काम आ सकते हैं। आज-कल क्रिकेट का सीजन चल रहा है और केरलम के लोगों के लिए इसमें भी एक सीखने की चीज़ है। जैसे हम अक्सर संजू सैमसन की परफॉर्मेंस में देखते हैं। संजू सैमसन को हमने वर्ल्ड कप में देखा कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट में क्रंच सिचुएशन आती गई, नॉकआउट स्टेज आया, उनकी परफॉर्मेंस एकदम से पीक पर पहुंच गई। शुरू से लेकर लास्ट तक उनका फोकस, उनका कॉन्फिडेंस और उनकी इंटेंसिटी लगातार बढ़ती गई। यही एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान होती है।

जब टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, तब वो अपना बेस्ट करके दिखाए। इसलिए जब वोटिंग का दिन आए और अब जो जितने दिन बचे हैं, बहुत ज़्यादा दिन तो बचे नहीं हैं, हमारी सक्रियता और हमारा संपर्क हर घर तक और ज़्यादा मज़बूत होना चाहिए। पहले अगर 6 घंटे काम करते थे तो अब 9 घंटे करना चाहिए। पहले 9 घंटा काम करते थे तो 12 घंटा करना चाहिए। पहले अकेले करते थे तो अब पूरे परिवार को मैदान में उतारना चाहिए। घर के सब सदस्यों को काम में लगाना चाहिए।

देखिए आप बूथ में काम करने वाले कार्यकर्ता हैं और हमें बूथ को मज़बूत बनाना है। बूथ मज़बूत होगा तो विजय पक्का होगा। और इसके लिए तो मेरा आग्रह है आपको 9 अप्रैल से पहले अपने बूथ के हर परिवार के पास कम से कम तीन बार जाना है और घर में बैठकर एक-एक व्यक्ति से बात करना है। एक-एक मतदाता को भाजपा के लिए वोट कराने के लिए आपको उसे समझाना है। उन्हें बताइए कि बीते वर्षों में केरलम में सेंट्रल गवर्नमेंट की स्कीम्स पर, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के काम पर कैसे ये यूडीएफ-एलडीएफ वाले रुकावटें डालते गए। केरलम में ऐसी डबल इंजन सरकार चाहिए जो खुद भी काम करे और केंद्र के काम को भी आगे बढ़ाइए। अनीता जी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप जो भी क्षेत्र में काम करती है वहां पूरी तरह विजय प्राप्त कीजिए.. चलिए आगे चलते है अगले साथी कौन है।

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम विनीता केके है। ज़िला वायनाड में मानंतवाडी में मैं रहती हूं। मैं वीबी जीरामजी में काम करती हूं और खेती भी करती हूं। आपके मैं 8 नंबर बूथ का अध्यक्ष हूं और आज आपके साथ बात करने में बहुत खुशी हुआ है।

पीएम- विनीता जी, मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि केरल के कोने में आपको काम करते देखना और आज आपसे बात करने का अवसर मिलना। आपसे मैं एक और बात जानना चाहता हूं। ये तो साफ-साफ नज़र आता है कि केरलम के लोग एलडीएफ और यूडीएफ की लूट से तंग आ चुके हैं। आप जब अपने बूथ पर लोगों से मिलते हैं तो वे बीजेपी से क्या एक्सपेक्ट करते हैं? क्या अपेक्षाएं हैं? वे केरलम में बीजेपी-एनडीए से कैसी सरकार की उम्मीद करते हैं?

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, जब हम घर-घर जाती हूं उस समय उधर के लोग कहते हैं कि हमारा केरल में मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए। मोदी मॉडल सत्ता चाहिए, सरकार चाहिए। केरल जो मुश्किलों में अब फंसी हुई है, इस मुश्किलों से बाहर आने के लिए हमें मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए और मोदी जी का सरकार जैसा सरकार चाहिए। केरल का लोग ये प्रतीक्षा में है।

पीएम- विनीता जी आप पब्लिक स्पीच देती हैं क्या? भाषण करती हैं क्या?

विनीता जी- थोड़ा-थोड़ा भाषण देती हूं और पिछले लोकल बॉडी इलेक्शन में कैंडिडेट भी थी। इसका एक्सपीरियंस है मेरे पास।

पीएम- विनीता जी आपको सुनकर के मैं सचमुच में बहुत मुझे आश्चर्य हुआ है कि आप अनुसूचित जनजाति समाज से और वो भी अत्यंत गरीब परिवार से और वो भी दैनिक मज़दूर के रूप में जीरामजी में काम करती हो और इतने बढ़िया तरीके से, इतने स्पष्ट शब्दों में आप शानदार बात करती हो। मुझे बहुत गर्व हुआ कि मेरी पार्टी में छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी इतने सामर्थ्यवान हैं। सबसे पहले तो मैं आगे बात करने से पहले आपको इस बात के लिए बहुत बधाई देता हूं।

पीएम- विनीता जी, आपने जो कहा मुझे बहुत सच लगता है क्योंकि मैं पिछले दिनों जब केरलम में आया और चुनाव रैलियों में जो मैंने वातावरण देखा, उससे मुझे साफ लगता है कि केरलम इस बार बीजेपी-एनडीए को अवसर देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमें केरलम की जनता के इस विश्वास को अब अटूट भरोसे में बदलना है।

मैं सभी केरलम के बूथ के कार्यकर्ताओं से आग्रह करना चाहूंगा और इसके लिए मैं आपसे कुछ बातें बताता रहता हूं जो आप अपने बूथ के मतदाताओं के बीच लेकर जा सकते हैं। आप अपने बूथ के लिए अगले 5 साल का रोडमैप बनाइए। बूथ के लोग जो परिवर्तन देखना चाहते हैं, इसमें उन अपेक्षाओं का ब्लूप्रिंट ही दिखाई देना चाहिए। बीजेपी-एनडीए सरकार उसके आधार पर आने वाले 5 वर्षों में इसके आधार पर काम करेगी। ये गारंटी मोदी की तरफ से आपको देनी है। आप लोगों को घर-घर जाकर के भरोसा दीजिए कि एक बार बीजेपी-एनडीए को ज़रूर वोट दें।

कांग्रेस और कम्युनिस्टों को आप सबने 75 साल दिए हैं। बीजेपी-एनडीए को 5 साल देकर देखिए। और बड़े विश्वास से बताइए, पूरे देश में हमें जहां-जहां मौका मिला है, हर राज्य में हमारे कार्यकर्ताओं ने वहां की अद्भुत सेवा की है। ये विश्वास के साथ बताइए। और विनीता जी, मैं तो चाहूंगा कि वहां के जो मीडिया वाले हैं वे आपकी और आपके सांसद की पब्लिक में डिबेट करवा दें। आप दोनों का आमने-सामने भाषण करवा दें। मैं पक्का मानता हूं, आप अपने सांसद से भी बहुत बढ़िया भाषण कर दोगी। चलिए आगे कौन साथी बात करेंगे।

श्रीकुमार- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम श्रीकुमार वी है। मैं 1998 से इंडियन आर्मी में काम किया। सिक्स मद्रास बसंतार यूनिट में था और 2016 में आर्मी से रिटायर होने के बाद अब बीजेपी में काम करता हूं। मैं मंडल सचिव हूं और पंदलम नगरपालिका म्युनिसिपैलिटी काउंसलर भी है।

पीएम- श्रीकुमार जी, आपने तो अपनी जवानी देश के लिए खपा दी है। एक सैनिक के नाते एक बहुत ही जज़्बे के साथ आपने देश के लिए जीवन जिया है। और मैंने देखा है कि जो पूर्व सैनिक हैं उनके दिल में देशभक्ति इतनी भरी रहती है कि वे हमेशा भाजपा को पसंद करते हैं। और आपने भाजपा के माध्यम से देश की सेवा जारी रखी है। इतना ही नहीं, आपको आपके वहां के लोगों ने भी सेवा करने का अवसर दिया, आपको चुन करके भेजा। मैं सबसे पहले तो आपको आपकी इस देशभक्तिपूर्ण प्रेरक यात्रा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

श्रीकुमार वी, केरल में जो स्टेटस को रहा है इससे सबसे ज्यादा बेचैन हमारे युवा रहे हैं। उनको लगता है कि एलडीएफ को सत्ता मिले या यूडीएफ को, यूथ की मजबूरी माइग्रेशन ही है। इसलिए वे इफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाली बीजेपी को मौका देना चाहते हैं। केरलम के युवा आपसे ज़रूर प्रेरणा लेते हैं, आपसे खुलकर के बातें भी करते होंगे। केरलम के युवा आपसे क्या कहते हैं?

पीएम- श्रीकुमार वी जी से हमारी बातचीत कट हो गई है, दोबारा कनेक्ट हो जाएगा तो श्रीकुमार वी जी के पास आऊंगा, तब तक हम आगे चलते हैं। आइए अब कौन बात करेंगे, श्रीकुमार वी जी से बाद में बात करेंगे।

दिलीप जी- नमस्कार मोदी जी.. मेरा नाम दिलीप कुमार है। मैं जिला मल्लापुरम, कोंडोट्टी से हूं। मैं 46वां बूथ का कार्यकर्ता हूं, मैं पिछले 15 साल से बीजेपी में कार्य कर रहा हूं। मेरे साथ मेरे पिता जी और माता जी भी हैं। हम सब आपके भाषण सुन रहे हैं।

पीएम- दिलीप कुमार जी सबसे पहले तो अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहिएगा अच्छा मुझे बताइए केरल में जिस तरह कांग्रेस और कम्युनिस्ट करप्शन और कम्युनिज्म फैला रहा है उससे भी लोगों में बहुत गुस्सा है क्योंकि वो समाज को बांटने का काम करते हैं, एक-दूसरे से लड़ाई लड़ाने का काम करते हैं। यूडीएफ और एलडीएफ दोनों में कट्टरपंथियों के वोट के लिओ होड़ लगी हुई है। और आपको तो मालूम है आज-कल हम साफ देख रहे हैं कि वो गांधी जी वाली कांग्रेस बची नहीं है अब एक ऐसी कांग्रेस है जो माओवादी मुस्लिम लीगी कांग्रेस बन गई है। आप जब लोगों से मिलते होंगे तो आपसे भी लोग इसी प्रकार से बहुत सी बाते करते होंगे। मैं जरूर जानना चाहता हूं कि जमीन की हकीकतें क्या है।

दिलीप जी- मोदी जी आपने ठीक कहा। केरल में कम्युनिस्ट और कांग्रेस ऐसा काम करता है। इसका बहुत अच्छा उदाहरण है वेंगरा विधानसभा क्षेत्र से जो मुस्लिम लीग का कैंडिडेट है। इन्होंने कहा मज़हब है, मज़हब है, मज़हब है मेरे लिए पहला इश्यू। मैं इसके लिए काम करता है। जो मुस्लिम कम्युनिटी को पिछले 10 साल में जो नहीं मिला हम अगले 5 साल में हम मुस्लिम कम्युनिटी के लिए काम करेगा, सिर्फ उस कम्युनिटी के लिए काम करेगा ऐसा बोला। इसलिए ये दोनों यूडीएफ और एलडीएफ कट्टरपंथियों के पीछे हैं, उसके वोट के लिए सब कुछ करता है, इसके साथ गठबंधन करता है। मगर केरल का मलप्पुरम डिस्ट्रिक्ट का लोग आपकी तरह मोदी जी के जैसा एक सीएम चाहता है, ऐसा एक सरकार चाहता है।

पीएम- दिलीप जी आपने एक बहुत गंभीर विषय उठाया है। एलडीएफ और यूडीएफ करप्शन और कम्युनलिज्म तो फैला ही रहे हैं। ये केरलम का डबल नुकसान कर रहे हैं। एक तरफ ये वोट के लिए फंडामेंटलिस्ट ताकतों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके एजेंडे से समाज को तोड़ने का ही काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ ये हमारी आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं। भगवान अयप्पा के भक्तों के साथ ये क्या कर रहे हैं? वहां जो गोल्ड है उसको लेकर एलडीएफ और यूडीएफ कैसे मिलकर बेईमानी कर रहे हैं? कोऑपरेटिव बैंकों में आपकी जमा पूंजी को कैसे बर्बाद कर रहे हैं? ये सब कुछ जनता देख रही है। और दिलीप जी आपने कहा कि मेरे जैसा मुख्यमंत्री। देखिए मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। केरलम का मेरा एक-एक कार्यकर्ता मेरे लिए तो मोदी है। और इसलिए केरलम की जनता हमारे कार्यकर्ताओं को जहां भी सेवा करने का मौका देती है, वो पूरे समर्पण भाव से सिर्फ और सिर्फ राज्य की जनता की सेवा के लिए अपने आप को खपा देते हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से आज कुछ बातें जरूर कहूंगा आपको बूथ पर ये दोनों एलडीएफ और यूडीएफ उनके कम्युनल और करप्ट एजेंडे को घर-घर जाकर एक्सपोज करना है। घर में जाकर के बैठकर के एक-एक घटना लोगों को याद कराना है। और साथ-साथ कुछ काम और भी करना चाहिए। आपके बूथ में ऐसे हर काम जिसमें करप्शन के आरोप हैं उनको लोगों को बताइए.. हर किसी को बताइए.. ये पैसा आपका है आपके पैसे लूटे गए हैं। लोगों में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और ये जनता को लूटने वालों के लिए जनता में नफरत पैदा होनी चाहिए।

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं को ये भी कहना चाहूंगा कि आप जब लोगों के बीच जाएं तो बड़े विश्वास के साथ बताइए कि हमारी सबका साथ सबका विकास ये नीति की कितनी ताकत है। मैंने तो देखा है दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से मिलता हूं तो वो भी भारत में आज जो सरकार सबका साथ सबका विकास की बात कर रही है उसको बहुत एप्रेसिएट करते हैं। हमें घर-घर इस बात को पहुंचाना चाहिए बीजेपी की जो वेलफेयर स्कीम है आंकड़ो के साथ और मोबाइल फोन पर वीडियो-वीडियो ले जाकर के डेटा सहित तर्क भी चाहिए और तथ्य भी चाहिए सबको समझानी चाहिए.. और इसलिए गरीबों के घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो, नल हो ऐसी हर स्कीम का फायदा हर जाति, हर वर्ग के लोगों को कैसे मिल रहा है ये आप घर-घर जाकर के बताइए।

पीएम- दिलीप जी आप से बात करके बहुत अच्छा लगा। मैं कल्पना कर सकता हूं कि ऐसे समाज को तोड़ने वाली ताकतों के बीच में आप किस प्रकार से देशभक्ति का विचार लेकर के काम कर रहे हैं। आप भी बधाई के पात्र हैं वहां के सभी कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। चलिए आगे चलते हैं, हमारे अगले साथी कौन हैं।

मुरलीधरन जी- नमस्ते मोदी जी, मैं एक सेवाविमुक्त मरीन इंजीनियर हूं। मैं बीजेपी का 151 बूथ का कार्यकर्ता हूं। मैं त्रिशूर ज़िला में नाट्टिका में काम करता हूं बीजेपी में।

पीएम- मुरलीधरन जी, आप तो इंजीनियर रहे हैं, सेवानिवृत्त हैं और जीवन के अनुभव लेकर के आज केरल के लोगों की सेवा करने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में अपना कार्य कर रहे हैं। ये सुनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। आपके पास तो काफी अनुभव है। मुरलीधरन जी बताइए। मुझे बताया गया है कि कांग्रेस ने दिल्ली में हुई एआई समिट में जो शर्मनाक हरकत की और उसको जिस तरह जस्टिफाई किया जा रहा है खुद आके कपड़े फाड़ दे दुनिया के सामने नंगा नाच करे ऐसा सब देखने के बाद केरलम के लोग बहुत नाराज है ऐसी हरकतें करने वाले केरलम में टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के पोटेंशियल को तो समझ ही नहीं सकते। इन विषयों को लेकर लोग आपसे जरूर बात करते होंगे अपना गुस्सा बताते होंगे अपने नए-नए विचार बताते होंगे। मैं आपसे सुनना चाहता हूं कि धरती पर से क्या आवाज आ रही है।

मुरलीधरन जी- केरल में ज़्यादा से ज़्यादा लोग ये जो घटना हुआ है इसके खिलाफ है। वो सोचते हैं कि हम एआई में आगे जाना चाहिए। हमें टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और पेट्रोलियम में बहुत अधिक आगे जाना चाहिए। इसका विकास होना चाहिए। केरल को भी फायदा मिलना चाहिए। ये जो कांग्रेस वाले ने किया वो गलत काम है ऐसा सोचता है। पर कुछ लोग ये भी जस्टिफाई करता है राजनीति के कारण। ऐसा घटनाओं को भी जस्टिफाई करता है। मगर ज़्यादा से ज़्यादा लोग हमारे सरकार के साथ है। वो कहता है कि ये गलत काम किया है कांग्रेस वालों ने।

पीएम- मुरलीधरन जी आपने सही बताया। टैलेंट, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ये विकसित केरलम के लिए बहुत बड़ी ताकत है, बहुत बड़े स्तंभ हैं। बीजेपी-एनडीए का फोकस इन्हीं सब बातों पर है। आधुनिक केरलम ये हमारा लक्ष्य है। विकसित केरलम ये हमारा लक्ष्य है। केरलम के टैलेंट को दुनिया भर में और बड़ी पहचान दिलाने के लिए हम नौजवानों को स्किल बना रहा है। इमर्जिंग सेक्टर्स को उनके लिए खोला जा रहा है।

सभी मेरे बूथ के कार्यकर्ता भाई-बहनों, हम एक तरफ देश को मज़बूत बना रहे हैं, देश की साख बढ़ा रहे हैं। वहीं कांग्रेस दुनिया में भारत की ऐसी इमेज बना रही है जिससे कि देश की बदनामी हो। आप देखिए दुनिया भर में ढेर सारे ऐसे देश हैं जहां केरलम के बच्चे काम कर रहे हैं। आजकल वेस्ट एशिया में युद्ध चल रहा है। वहां केरलम के भी हमारे लाखों परिवारजन वहां रहते हैं। लेकिन कांग्रेस वाले ऐसे स्टेटमेंट दे रहे हैं जिससे वहां के देश स्वाभाविक है नाराज़ होंगे, वहां के लोग नाराज़ होंगे। और उसके कारण केरलम के जो लोग वहां रहते हैं उनको कैसी मुसीबत आ सकती है, कितना बड़ा संकट आ सकता है। लेकिन ये अपनी राजनीति के कारण ऐसी गैर-जिम्मेवार बातें करते हैं। ये हमारे बच्चों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। ग्लोबल लेवल पर इंडिया की इमेज को भी नुकसान कर रहे हैं।

मुरलीधरन जी, आपने वहां भी देखा होगा कार्यकर्ता भी बताते होंगे। आप सबको भी सभी बूथ कार्यकर्ताओं को केरलम के लोगों को और भी कुछ बातें बतानी चाहिए। ये कांग्रेस पार्टी की स्टाइल क्या है। इनके शाही परिवार के लोग ये नामदार वहां आ जाते हैं। दो-चार झूठ फेंक देते हैं और बिना जिम्मेवारी भाग जाते हैं। इन्होंने हिमाचल में ऐसा किया। आज हिमाचल की सरकार ने हिमाचल को बर्बाद कर के रखा है। वे कर्नाटक में भी बड़ी-बड़ी बातें करके गए थे कर्नाटक को बर्बाद कर के रखा है। तेलंगाना की भी यही दशा है यानि ये झूठी बातें करना झूठे वादे करना और गप्पें फेंकते रहना और भाग जाना यही उनका तरीका है। और ये सारी जानकारियां उपलब्ध है आप लोगों को बताइए कि जहां-जहां इनके पैर पड़े हैं कैसा विनाश किया है अब ये केरलम के विनाश पर लगे हुए हैं।

साथियों,

मेरे लिए बहुत खुशी की बात है केरलम के ऐसे जुझारू, ऐसे निष्ठावान और एक प्रकार से मैं कहूंगा तपस्वी कार्यकर्ताओं से मुझे बात करने का मौका मिला है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना सहन किया है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना संघर्ष किया है और मेरे लिए खुशी की बात है कि आज आप अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत से जो प्रगति की है, अब विजय की राह पर चल पड़े हैं। मेरी तरफ से आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। आप सभी की बातों से मेरा विश्वास और मज़बूत हो गया है। केरलम इस बार नया इतिहास बनाने जा रहा है। हमें ये ध्यान रखना है, हमें हर बूथ जीतना है। हमें अपना बूथ जीतना है। सभी मेरे साथियों, आप अभी से देश में जहां भी केरलम के लोग हैं उनसे संपर्क कीजिए। उन्हें बताइए कि 9 अप्रैल को अगर उनका वोट केरलम में है तो वोट पड़ना चाहिए। और अगर उनका वोट केरलम में नहीं है तो वो अपने गांव में रिश्तेदारों को फोन करके आग्रह करके बताएं कि जहां-जहां उन्होंने गए हैं कितनी प्रगति देखी है।

केरलम की प्रगति के लिए वोट करने के लिए वो अपने परिवार को समझाए, अपने गांव वालों को समझाए, अपने दोस्तों को समझाए। और आपको हर परिवार में माताओं-बहनों के पास ज़रूर जाना है और माताओं को बहनों को कहना कि मोदी जी ने विशेष आग्रह किया है कि आप इस बार कमल के निशान पर वोट डालिए, एनडीए को बीजेपी को विजयी बनाइए और पहली बार केरलम में एनडीए-बीजेपी की सरकार बनाइए। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। शायद मैं परसों केरलम में आ रहा हूं तो फिर से एक बार आप सबके दर्शन करने का मौका मिल जाएगा। नमस्कारम।