Lantern-walas, Panja-walas and Lal-jhanda-walas kept Bihar in ruin for decades because development was never on their agenda: PM in Katihar
Whenever BJP-NDA talks about removing infiltrators, they immediately rush to defend them: PM Modi on the Opposition’s agenda
In Katihar, PM Modi highlighted how NDA transformed Bihar from the hopelessness of Jungle Raj to the progress of good governance

भारत माता की, भारत माता की।

कटिहार के ई पावन धरती के हम नमन करई छिएई। आंचलिक साहित्यकार अनूप लाल मंडल, अमर शहीद ध्रुव कुन्डू के धरती पर अहां सब के अभिनंदन करै छिये।

साथियों,

ये कोसी मइया और गंगा मइया के संगम की पुण्य भूमि है। इस धरती पर शीतला माता और मां पूरण देवी का आशीर्वाद है। और आज मैं यहां इतनी विशाल संख्या में मातृशक्ति के दर्शन कर रहा हूं। माताएं-बहनें आशीर्वाद देने आई हैं। इससे बड़ा सौभाग्य क्या होगा? ये मेरा सौभाग्य है कि आप, NDA के हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद देने यहां इतनी बड़ी संख्या में आए हैं। जितने लोग यहां दिखते हैं उससे ज्यादा लोग बाहर खड़े हैं। और जितने लोग यहां हैं उससे ज्यादा रोड पर आ रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में जब आप आए हैं तो आपको मेरी एक बात याद रखनी है। आपका एक वोट बिहार को जंगलराज से सुशासन राज में लाया है। अब आपका एक वोट बिहार को समृद्ध बनाएगा, बिहार को विकसित बनाएगा, बिहार में सुशासन की सरकार की वापसी पक्का करेगा।

साथियों,

आपको मेरा एक और काम करना है। मेरा एक काम करोगे आप लोग? जरा माताएं-बहने बताएं करेंगे? जरा नौजवान बताएं करेंगे? वहां जो नौजवान है, आप वहीं खड़े रहिए। अब जगह नहीं है। आप आगे बढ़ ही नहीं सकते। आप जहां है वहीं खड़े रहिए। मेरी आवाज आप तक पहुंचेगी। आप मुझे देख नहीं पाएंगे। इसके लिए मैं आपकी क्षमा मांगता हूं। लेकिन मेरी आपसे प्रार्थना है। आप जहां है वहीं रुकिए। आगे जगह ही नहीं है। मेरा एक काम करोगे? जरा हाथ ऊपर करके बताइए करोगे? हमारे जो बिहार के भाई-बहन छठ महापर्व के लिए गांव आए हैं, उनको मिलना और उनको कहना कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने कहा है कि अगर आपका वोट यहां है तो वोट दिए बिना जाना नहीं है। यह मेरी बात पहुंचा दोगे? यह मेरा संदेश उनको दे दोगे? देखिए, मैं देख रहा हूं माताएं-बहनें ज्यादा उत्साहित हैं। आप इतना सारा काम कर रहे हैं। तो आइए मेरे साथ कहिए। मैं कहूंगा फिर एक बार आप कहिएगा एनडीए सरकार। फिर एक बार, फिर एक बार, फिर एक बार, बिहार में फिर से सुशासन सरकार।

साथियों,

बिहार की जनता राजनीति की पारखी है। जो कहा जाता है बिहार की जनता उससे आगे की बात समझ जाती है। आप आरजेडी-कांग्रेस के पोस्टरों को देखिए, जो सालों-साल तक यहां मुख्यमंत्री रहे, जो बिहार में जंगलराज लाए, उनकी तस्वीरें पोस्टरों में या तो गायब हैं या तो एक कोने में छोटी सी तस्वीर लगी है, दूरबीन से भी दिखती नहीं है। अब मुझे बताइए भाई, जो इतने बड़े उनके लिए नेता थे, जिनके परिवार के सारे लोग चुनाव के मैदान में हैं और फिर ये छुपा छुपाई क्यों हो रही है? अरे अपने पिता का नाम बोलने में छपवाने में शर्म क्यों आ रही है? वो कौन सा पाप है जिसको आरजेडी वालों को बिहार के नौजवानों से छुपाना पड़ रहा है। साथियों, आपने एक और चीज भी नोटिस की होगी। इन लोगों के पोस्टरों से कांग्रेस लगभग गायब है। RJD ने कांग्रेस को कट्टा दिखाकर मुख्यमंत्री का उम्मीदवार भी घोषित करवा लिया और अब कांग्रेस को उसकी हैसियत भी दिखाई जा रही है। कांग्रेस के जो नामदार कुछ हफ्तों पहले तक बिहार में बड़े-बड़े दावे कर रहे थे उनकी तस्वीर और दावे, दोनों को पोस्टर में से भी और घोषणापत्र में भी, आरजेडी ने बौना बना दिया है। आजकल आप ये भी देख रहे होंगे कि जो वादे, जो घोषणाएं RJD के नेता कर रहे हैं, कांग्रेस के लोग ही उन पर विश्वास नहीं कर रहे। जब मीडिया के लोग कांग्रेस के नेताओं के मुंह में उंगली डाल डाल के बुलवाते हैं। मीडिया वाले बार-बार पूछते हैं, घोषणा पत्र बताइए। भाई क्या बताना चाहते हो? जब भी घोषणा पत्र की बात आती है, यह कांग्रेस वाले क्या करते हैं? वो कहते हैं भाई घोषणा पत्र के लिए जो पूछना है, वो जंगल राज के युवराज से पूछो। हमें मत पूछो। साथियों, यह हाल है इनका। कांग्रेस और आरजेडी के बीच लंबे समय से एक भीषण झगड़ा चल रहा है। कांग्रेस के नामदार ने छठ महापर्व को इसलिए भी ड्रामा बताया ताकि बिहार के लोग RJD पर गुस्सा उतारें और RJD को पराजित करें। इसलिए ऐसी बातें बोली जा रही है। कांग्रेस के जो दूसरे-दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री हैं, बड़े नेता हैं, उनके बयान आपने सुने होंगे। अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के नेताओं से बिहार के लोगों के लिए जानबूझकर अपमानजनक बातें बुलवाई जा रही है। केरला के कांग्रेस नेता ने, उसने तो बिहार की तुलना बीड़ी से कर दी। यह भी कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है। जो बिहारियों को प्रताड़ित करते हैं। तमिलनाडु के डीएमके के जो नेता बिहारियों को गालियां देते हैं। उनको कांग्रेस ने बिहार चुनाव में प्रचार के लिए बुलाया ताकि आरजेडी को आपके गुस्से का सामना करना पड़े। साथियों, कांग्रेस जानती है कि इस बार भी आरजेडी हार गई तो उसकी राजनीति खत्म हो जाएगी और कांग्रेस आरजेडी के वोट बैंक पर कब्जा कर लेगी। एक दूसरों का वोट बैंक छीनने की ये खींचतान अब खुलकर के सामने आ गई है। आप देखिएगा, बिहार चुनाव में हारने के बाद कैसे आरजेडी कांग्रेस में गालियों का दौर शुरू होता है।

साथियों,

बिहार का ये चुनाव बिहार को विकसित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण चुनाव है। और विकसित बिहार का मतलब है हर परिवार की समृद्धि। आपके परिवार की समृद्धि। आपके बच्चों की भलाई। विकसित बिहार बनाने के लिए एनडीए की डबल इंजन सरकार बहुत ही जरूरी है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। आप भी जानते हैं कि केंद्र सरकार देश के हर राज्य में गरीबों के लिए पक्के घर बनाने के लिए मदद करती है। लेकिन जहां-जहां एनडीए की सरकार है। वहां तो घर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन जहां कांग्रेस की सरकार है या कांग्रेस के साथियों की सरकार है, वह इस पूरी योजना को डिब्बे में बंद करके बैठ गए हैं। गरीबों के लिए घर बनने नहीं देते हैं। उनको लगता है कि गरीबों के लिए घर बनेगा तो यह तो मोदी का जय जयकार करेंगे और इसलिए कांग्रेस की सरकारें गरीबों को घर बनने नहीं देती है। और इसलिए गरीबों के घर बनाने के लिए भी, पक्के घर बनाने के लिए मुझे आपके आशीर्वाद चाहिए। मेरे साथियों के लिए आशीर्वाद चाहिए। आप देखिए बिहार में 60 लाख पक्के घर गरीबों को मिल चुके हैं। यहां कटिहार जिले में ही करीब एक लाख गरीबों को पक्के घर मिले हैं। यानि डबल इंजन सरकार, तेज़ी से गरीबों के पक्के घर बना रही है।

साथियों,

ऐसे ही बिहार के किसान को भी डबल इंजन सरकार का डबल लाभ हो रहा है। केंद्र सरकार, हर साल छह हज़ार रुपए सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर रही है। अब बिहार NDA ने इसमें तीन हजार रुपए और जोड़ने की घोषणा की है। यानि यहां जब फिर से NDA सरकार बनेगी, तो बिहार के किसानों को कुल नौ हजार रुपया मिलने वाले हैं। साथियों, हमारी बहनों-बेटियों को भी डबल इंजन सरकार डबल शक्ति दे रही है। नीतीश जी ने अगर बेटियों को साइकिल दी तो मोदी ने बेटियों को ड्रोन पायलट बनाने की योजना बनाई। नीतीश जी ने, जीविका दीदियों के रूप में बहनों को सशक्त किया। तो मोदी लखपति दीदी के रूप में, बिहार की लाखों बहनों को लखपति बनाने में जुटा है। केंद्र की मुद्रा योजना से बिहार की लाखों बहनों को स्वरोजगार के लिए बैंक से मदद मिल रही है। वहीं नीतीश जी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रोजगार योजना से बिहार की बहनों के खाते में दस-दस हज़ार रुपए पहुंच रहे हैं। अभी तक एक करोड़ चालीस लाख बहनों के खाते में पैसा आ चुका है। साथियों, डबल इंजन की NDA सरकार का एक बहुत बड़ा फायदा है। फायदा ये कि दिल्ली और पटना से निकला एक-एक रुपया, एक-एक पाई सीधी-सीधी आपके खातों तक पहुंचती है। कोई चोर-लुटेरे लूट नहीं सकते, वरना यहां एक बिहार का सबसे भ्रष्ट परिवार है। और दूसरा, देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है। आपके हक का पैसा RJD और कांग्रेस वाले आप तक पहुंचने ही नहीं देते। ये आपके हक का पैसा भी लूट लेते।

साथियों,

सीमांचल का ये इलाका हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति का प्रहरी रहा है। लेकिन पिछले कई बरसों से यहां एक खतरनाक साज़िश चल रही है। ये साजिश घुसपैठ की है। अररिया हो, किशनगंज हो, पूर्णिया हो या कटिहार, हर जगह ये कोशिश हुई कि यहां की आबादी का संतुलन बदल दिया जाए। कुछ वोट पाने के लिए, आरजेडी और कांग्रेस बिहार को खतरे में डाल रहे हैं। आपके बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल रहे हैं। आपकी बेटियों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। ये लोग वोट पाने के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। आप मुझे बताइए साथियों, गरीब, दलित, महादलित, पिछड़े, अति पिछड़े उनको जो मुफ्त राशन मिल रहा है क्या यह मुफ्त राशन आपको मिलना चाहिए कि घुसपैठियों को मिलना चाहिए? घुसपैठियों को मिलना चाहिए क्या? घुसपैठियों को मिलना चाहिए क्या? आपके हक हक का अनाज घुसपैठियों को दे देना चाहिए क्या? आपका चूल्हा जलना चाहिए कि नहीं जलना चाहिए? आपके बच्चों को रोटी मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? आपके बुजुर्गों को खाना मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए? घुसपैठियों को देना चाहते हैं। मुफ्त इलाज की जो सुविधा पांच लाख रुपये तक आप लोगों को मुफ्त इलाज मिले। मुफ्त आपकी बीमारी से मुक्ति मिले। आप लोगों को मिल रहा है। अब मुझे बताइए, आपको बीमारी में जो मदद मिल रही है वो घुसपैठियों को चली जाए तो आपको मंजूर है? क्या घुसपैठियों को मिलनी चाहिए क्या? अति पिछड़ों, महादलितों के टोलों पर घुसपैठियों का कब्जा। आप मुझे बताइए, ये घुसपैठियों को कब्जा करने देंगे क्या? घुसपैठियों को कब्जा करने देंगे क्या? आपके हिस्से का काम, आपका रोजगार कोई घुसपैठियां ले ले तो आपको चलेगा क्या? आपके बच्चों का भविष्य ले ले तो चलेगा क्या? साथियों, बिहार के देश के संसाधनों पर सिर्फ और सिर्फ भारत के नागरिकों का ही हक है। बिहार के हमारे नागरिकों का ही हक है। आपका ही हक है। यह हक हम किसी को चुराने नहीं देंगे। लेकिन कांग्रेस और आरजेडी के लोगों को कट्टा और कट्टरपंथी यही पसंद है। जब भी भाजपा एनडीए घुसपैठियों को देश से बाहर करने की बात करते हैं। यह तुरंत घुसपैठियों के बचाव में खड़े हो जाते हैं। साथियों, कट्टरपंथियों के दबाव में इन्होंने तीन तलाक के खिलाफ कठोर कानून का विरोध किया था और कट्टरपंथियों का एजेंडा पूरा करने के लिए ये नए वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंकने की बात कर रहे हैं। आप कल्पना कर सकते हैं, संविधान के तहत देश की संसद का बनाया कानून ये कूड़ेदान में फेंकना चाहते हैं। आरजेडी-कांग्रेस की सच्चाई यही है कि ये दोनों ही कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक चुके हैं। इसलिए बिहार को बचाने के लिए आपको आरजेडी-कांग्रेस सरकार से हजारों मील दूर रखना है।

साथियों,

लालटेन वाले, पंजे वाले, लाल झंडे वाले, इन लोगों ने बिहार को दशकों तक बेहाल रखा। क्योंकि इनके एजेंडे में कभी विकास था ही नहीं। नीतीश जी के नेतृत्व में, NDA ने बिहार को सुशासन दिया, विकास दिया। जंगलराज में जहां निराशा थी, हताशा थी, वहीं सुशासन में नए सपने हैं, नए संकल्प हैं। लोगों का हम पर अट्ट भरोसा है कि NDA सरकार ही आपकी आकांक्षा पूरी कर सकती है। इसलिए जहां रेल पहुंची है वहां आज तेज़ गति की वंदे भारत ट्रेन की मांग हो रही है। जहां सड़कें पहुंची है वहां एक्सप्रेसवे की मांग हो रही है। जहां छोटे अस्पताल खुले हैं वहां सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल की मांग हो रही है। इसलिए आजकल मजबूरी में RJD को भी विकास की झूठी बातें करने की नौबत आई है। वर्ना इनका इतिहास विकास विरोधी रहा है। बिहार की आज की पीढ़ी को जानना चाहिए, तब लोग मांग करते थे कि सड़क चाहिए तो RJD कहती थी कि सड़क बनेगी तो हादसों का खतरा होगा। उस समय लोग मांग करते थे कि बिजली आनी चाहिए तो RJD के लोग कहते थे, अरे बिजली आएगी, करंट लग जाएगा, लोग मर जाएंगे। तब लोग गुहार लगाते थे कि बाढ़ से बचाइए तो RJD वाले कहते थे कि अरे पानी घर में घुसना तो अच्छी बात होती है। साथियों, लालटेन युग का यही सच है। RJD के लोग गरीब-गुरबा, दलित-महादलित, पिछड़े-अतिपिछड़े के टोलों में जाकर लोगों को विकास का डर दिखाते थे। RJD की सोच का ये हाल था तभी बिहार बेहाल था। साथियों, जंगलराज वालों की इसी सोच की वजह से हमारे कटिहार में विकास नहीं हुआ। और फिर कांग्रेस-आरजेडी ने इसको पिछड़ा जिला घोषित करके पल्ला झाड़ दिया। जब किसी अफसर ने कोई गुनाह किया हो या किसी अफसर के साथ उनकी बनती न हो, पटती न हो, और अफसर को अगर सजा देनी होती थी न तो उसे कटिहार भेज देते थे। साथियों, जब 2014 में आपने मोदी को अपनी सेवा का मौका दिया तो मैंने तय किया कि आपको ऐसे मुश्किलों में नहीं रहने दूंगा। इसलिए हमारी सरकार ने कटिहार को पिछड़े जिले से निकाल करके आकांक्षी जिला घोषित किया। यहां मिशन मोड पर विकास के काम शुरु किए। आज यहां हाईवे का, रेलवे का, जाल बिछ रहा है। यहां पड़ोस में जिस पूर्णिया को काले पानी की सजी मिली हुई थी, अब यहां एयरपोर्ट बनने से इस पूरे क्षेत्र को सीमांचल को बहुत फायदा हो रहा है।

साथियों,

ये चुनाव बिहार के नौजवानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आपको याद रखना है, कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन, यही RJD की पहचान है। आप बताइए साथियों, जिनका रिकॉर्ड रंगदारी, फिरौती और अपहरण का है, मिलें और फैक्ट्रियों में ताला लगाने का है, ये लोग क्या सीमांचल में उद्योग ला सकते हैं क्या? ऐसे लोग, नौजवानों को रोजगार दे सकते हैं? NDA ने एक करोड़ रोजगार देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं, रोजगार कैसे देंगे, इसका प्लान भी बताया है। साथियों, NDA, का रास्ता आत्मनिर्भरता का है, मेड इन इंडिया का है। कोसी-सीमांचल के अनेकों नौजवान आने वाले समय में उद्यमी बनेंगे। राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बनाने के पीछे, हमारा यही लक्ष्य है। मखाना किसानों की मदद के लिए हमारी सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया है। साथियों, इस क्षेत्र में बाढ़ की समस्या कम हो, हर खेत तक सिंचाई की सुविधा पहुंचे, मखाना और मछली की पैदावार बढ़े, ये NDA सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए, हमारी सरकार ने कोसी और मेचि नदी को जोड़ने का प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस परियोजना से कटिहार के साथ-साथ अररिया, पूर्णिया और किशनगंज जिलों के लोगों को बहुत फायदा होगा। कटिहार की इस धरती से पूरे सीमांचल को भरोसा दिलाता हूं कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की पहचान पलायन के बजाय प्रगति के द्वार के रूप में होगी। बिहार का युवा बिहार में ही काम करेगा, बिहार का नाम करेगा।

साथियों,

अब बिहार को रुकने नहीं देना है। प्रगति की रफ्तार को थमने नहीं देना है। मैं बिहार के हर बेटा-बेटी से कहूंगा, आपके माता-पिता के एक वोट ने जंगलराज को सुशासन में बदला है। अब आपके एक वोट से सुशासन वाला बिहार, विकसित बिहार बनेगा। आपके माता-पिता ने जिम्मेवारी निभाई। आज भी निभाते हैं। अब यह जिम्मेवारी निभाने का काम मेरे नौजवानों के सर पर भी आया है। आप सभी को एनडीए के इन साथियों को विजय बनाना है। मेरे इन साथियों को आपने आशीर्वाद देना है। जो उम्मीदवार हैं जरा आगे आ जाएं। बस यहीं रुक जाए। मैं आपके पास आऊंगा। आपके आशीर्वाद उनको ताकत देंगे। मैं आपके पास इनके लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। आप इतनी विराट जन समूह यह विजय निश्चित कर रहा है।

मेरे साथ बोलिए, भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।