“Employment fairs are being organized continuously in 14 NDA-ruled states and union territories”
“Entire recruitment process has been made transparent with the help of technology where different digital platforms, mobile apps and web portals have been developed”
“More than 1.5 lakh youths got state government jobs in Gujarat in the last 5 years”
“When the wheels of development are in motion, employment opportunities are created in every sector”
“Experts from all over the world believe that India will become the biggest manufacturing hub in the coming years”
“The holistic approach of development by the government is generating employment on a large scale”
“Priority is being given to the skill development of youth”
“Make the most out of various online courses on Karmayogi Bharat online platform”

साथियों,

चारों तरफ होली के त्यौहार की गूंज सुनाई दे रही है। आप सबको होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं भी देता हूँ। आज के इस आयोजन से हजारों परिवारों की होली के इस महत्वपूर्ण त्योहार की खुशी कई गुना बढ़ गई है। कुछ ही समय के भीतर गुजरात में दूसरी बार रोजगार मेले का आयोजन हो रहा है। मैं हमारे मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेन्द्र भाई और उनकी पूरी टीम को इस कार्य के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

साथियों,

युवाओं को अवसर देने और देश के विकास में उनके सामर्थ्य का उपयोग करने की दिशा में ये भारतीय जनता पार्टी की सरकारों की, हम सबकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुझे खुशी है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार के सभी विभाग और एनडीए की राज्य सरकारें लगातार काम कर रही हैं। केंद्र सरकार के अलावा अब एनडीए के शासन वाले 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार रोजगार मेलों का आयोजन हो रहा है। आज जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं, उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए और उनके परिवार के सुख-समृद्धि के लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। मुझे विश्वास है कि नई जिम्मेदारी संभालने वाले युवा पूरी लगन और निष्ठा के साथ अमृत काल के संकल्पों को पूरा करने में अपना योगदान देंगे।

साथियों,

पिछले 5 वर्षों में गुजरात में डेढ़ लाख से ज्यादा युवाओं को राज्य सरकार की नौकरी मिली है। सरकारी नौकरी के अलावा एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज के जरिए भी बीते वर्षों में गुजरात में करीब 18 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। गुजरात सरकार ने तो भर्ती कैलेंडर बनाकर तय समय के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी की है। मुझे बताया गया है कि इस वर्ष 25 हजार से ज्यादा युवाओं को राज्य सरकार में नौकरी देने की तैयारी की है। गुजरात सरकार ने टेक्नोलॉजी का उपयोग करके पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। इसके लिए अलग-अलग digital platforms तैयार किए गए हैं, मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।

साथियों,

अलग-अलग सेक्टर में भाजपा सरकार के प्रयासों ने युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए हैं। Direct और Indirect Employment Generation के लिए केंद्र सरकार ने एक ठोस रणनीति पर काम किया है। हमारा फोकस रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं के माध्यम से अधिकतम रोजगार बढ़ाने पर। हमारा फोकस रहा, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर के रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना। हमारा फोकस रहा, स्वरोजगार के लिए देश में सही वातावरण बनाने और नौजवानों को बिना गारंटी आर्थिक मदद देने पर। हमारा फोकस रहा, बदलते हुए Nature of Jobs के मुताबिक युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर।

साथियों,

जब विकास का पहिया तेज गति से चलता है तो हर सेक्टर में रोजगार का सृजन होने लगता है। आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी और अन्य सेक्टर में विकास की परियोजनाओं में लाखों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सिर्फ गुजरात में ही केंद्र सरकार के सवा लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इस साल के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 10 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। लाखों करोड़ रुपए का ये इंवेस्टमेंट, लाखों रोजगार भी पैदा कर रहा है।

साथियों,

दुनियाभर के एक्सपर्ट ये मान रहे हैं कि आने वाले वर्षों में भारत सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। और इसमें तो गुजरात की बड़ी भूमिका है। भारत में होने वाली इस क्रांति का नेतृत्व आप जैसे युवा ही करेंगे। अब जैसे गुजरात के दाहोद में हमारा आदिवासी क्षेत्र है, एक प्रकार से पिछड़े इलाकों में है। वहां पर 20 हजार करोड़ के निवेश से रेल इंजन का फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। गुजरात, सेमीकंडक्टर का भी बहुत बड़ा HUB बनने जा रहा है। ये सारे प्रयास भी गुजरात में रोजगार के हजारों नए मौके बनाएंगे।

साथियों,

आज सरकार विकास की जिस होलिस्टिक अप्रोच के साथ काम कर रही है, उससे भी बड़े पैमाने पर Employment Generation हो रहा है। पॉलिसी लेवल पर हुए महत्वपूर्ण बदलावों ने, ये जो नए बदलाव हुए हैं, एक ऐसा इको सिस्टम तैयार किया है, जिसमें स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। आज देश में 90 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं और वो भी Tier 2, Tier 3 cities में हो रहे हैं। इससे रोजगार के नए अवसर तो बन ही रहे हैं, साथ ही लाखों युवा स्वरोजगार के लिए प्रेरित भी हो रहे हैं। सरकार इन्हें बिना बैंक गारंटी, आर्थिक मदद दे रही है। मुद्रा योजना और स्टैंडअप इंडिया योजना से भी स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है। सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़कर करोड़ों महिलाएं अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो रही है। पूरे परिवार की आर्थिक व्यवस्था का नेतृत्व कर रही है। सरकार इन महिलाओं को सैकड़ों करोड़ रुपए की आर्थिक मदद भी दे रही है।

साथियों,

देश में बन रहीं नई संभावनाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्किल्ड मैनपावर तैयार करने की जरूरत है। युवाओं के स्किल की ताकत से ही भारत, दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है। हमारा प्रयास है कि स्किल डेवलपमेंट का फायदा समाज के हर वर्ग को मिले। इसमें हमारे दलित भाई-बहन हों, हमारे आदिवासी भाई-बहन हों, हमारा वंचित वर्ग हो, हमारी माताएं-बहने हों, सबको आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा। इसी बात को ध्यान में रखकर युवाओं के स्किल डेवलपमेंट को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पीएम कौशल विकास योजना के तहत देश में 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर बनेंगे। यहां युवाओं को New Age Technology के द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी। पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए छोटे कारीगरों को ट्रेनिंग देने के साथ उन्हें MSME से भी जोड़ा जाएगा। इस योजना के माध्यम से छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को वर्ल्ड मार्केट तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। हम बदलती हुई Nature of Jobs के लिए भी अपने युवाओं को लगातार तैयार कर रहे हैं। इस काम में हमारी आईटीआई बड़ी भूमिका निभा रही हैं। गुजरात में आईटीआई और उसके सीटों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। आज करीब 600 आईटीआई में अकेले गुजरात में, 2 लाख सीटों पर अलग-अलग स्किल की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार अपडेट किया गया है। मुझे खुशी है कि गुजरात में आईटीआई का प्लेसमेंट काफी अच्छा हुआ है।

साथियों,

हमारा फोकस रोजगार सृजन के हर उस अवसर को विकसित करने पर भी है, जिस पर दुर्भाग्य से, आजादी के बाद जितना ध्यान देना चाहिए था वो नहीं दिया गया। बजट में 50 नए पर्यटन केंद्र विकसित करने की घोषणा की गई है। जैसे हमारे केवड़िया-एकता नगर में यूनिटी मॉल है, वैसे ही हर राज्य में यूनिटी मॉल तैयार करने का ऐलान किया गया है। इनमें देशभर के यूनिक प्रोडक्ट्स को प्रमोट किया जाएगा। इन प्रयासों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। इसके अलावा एकलव्य स्कूल में भी करीब 40 हजार टीचरों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।

साथियों,

आप सबको, गुजरात सरकार के साथ जुड़कर सेवा करने का अवसर मिल रहा है। ये स्वाभाविक है कि ये आपके लिए और आपके परिवार के लिए उत्सव का क्षण है। लेकिन साथियों, आप एक बात जरूर याद रखना, ये सिर्फ शुरुआत है। जीवन की एक नई यात्रा का आरंभ है। अगर आप सरकारी नौकरी पा लेने को ही अपना लक्ष्य मानकर बैठ जाएंगे तो आपका अपना व्यक्तिगत विकास रुक जाएगा। जिस मेहनत और लगन ने आपको यहां तक पहुंचाया है, उसमें कभी भी विराम मत आने देना, उसे आगे भी जारी रखना है। कुछ नया सीखने की ललक जीवन भर आपको आगे बढ़ने में मदद करती रहेगी। आपकी पोस्टिंग जहां भी हो, वहां अपनी capability बढ़ाने के लिए, अपनी क्षमता बढ़ाने पर, अपना ज्ञानवर्धन करने पर, आप जितना ध्यान देंगे, आपका तो लाभ होगा ही होगा, आप जिस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उस क्षेत्र का भी लाभ होगा। हमारा प्रयास है कि हर सरकारी कर्मचारी को बेहतर ट्रेनिंग मिले। इस दिशा में हमने कर्मयोगी भारत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। इस पोर्टल पर मौजूद विभिन्न ऑनलाइन कोर्सेज का अधिक से अधिक लाभ जरूर उठाइए और मुझे पक्का विश्वास है कि निरंतर अध्ययन, ये आपकी प्रगति का बहुत बड़ा हथियार बन सकता है।

साथियों,

एक बार फिर आप सबको, आपके परिवारजन को इस शुभ शुरूआत के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। आप सब मेरे गुजरात के भाइयों-बहनों को भी होली की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूँ। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves Proposal for Implementation of Umbrella Scheme on “Safety of Women”
February 21, 2024

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi approved the proposal of Ministry of Home Affairs of continuation of implementation of Umbrella Scheme on ‘Safety of Women’ at a total cost of Rs.1179.72 crore during the period from 2021-22 to 2025-26.

Out of the total project outlay of Rs.1179.72 crore, a total of Rs.885.49 crore will be provided by MHA from its own budget and Rs.294.23 crore will be funded from Nirbhaya Fund.

Safety of Women in a country is an outcome of several factors like stringent deterrence through strict laws, effective delivery of justice, redressal of complaints in a timely manner and easily accessible institutional support structures to the victims. Stringent deterrence in matters related to offences against women was provided through amendments in the Indian Penal Code, Criminal Procedure Code and the Indian Evidence Act.

In its efforts towards Women Safety, Government of India in collaboration with States and Union Territories has launched several projects. The objectives of these projects include strengthening mechanisms in States/Union Territories for ensuring timely intervention and investigation in case of crime against women and higher efficiency in investigation and crime prevention in such matters.

The Government of India has proposed to continue the following projects under the Umbrella Scheme for “Safety of Women”:

  1. 112 Emergency Response Support System (ERSS) 2.0;
  2. Upgradation of Central Forensic Sciences laboratories, including setting up of National Forensic Data Centre;
  3. Strengthening of DNA Analysis, Cyber Forensic capacities in State Forensic Science Laboratories (FSLs);
  4. Cyber Crime Prevention against Women and Children;
  5. Capacity building and training of investigators and prosecutors in handling sexual assault cases against women and children; and
  6. Women Help Desk & Anti-human Trafficking Units.