Government committed to all round development of Odisha and Eastern India: PM

Published By : Admin | January 15, 2019 | 10:10 IST
PM Modi visits Balangir in Odisha, launches development projects worth Rs. 1500 crores
Government is making continuous efforts for the development of Eastern India and Odisha: PM
Education leads to human resource development. But, it is connectivity that transforms such resources into opportunity: PM Modi

भारत माता की जय ओडिशा के राज्‍यपाल प्रोफेसर गणेश लाल जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान जुएल ओराम जी, धर्मेन्‍द्र प्रधान जी, ओडिशा सरकार में मंत्री, स्‍नेहागिनी छुरिया जी, संसद में मेरे साथीश्री किलीकेश नारायण सिंह देव जी और यहां पधारे मेरे प्‍यारे बहनों और भाईयों! नववर्ष में एक बार फिर ओडिशा आने का सौभाग्‍य मिला है। मकर सक्रांति के अवसर पर यहां आना और विकास के नये प्रकाश से जुड़ना अपने आप में अहम है। त्‍यौहारों के इस पावन अवसर पर आप सभी ओडिशावासियों को देश के सभी नागरिकों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं।

भारत माता की जय ओडिशा के राज्‍यपाल प्रोफेसर गणेश लाल जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान जुएल ओराम जी, धर्मेन्‍द्र प्रधान जी, ओडिशा सरकार में मंत्री, स्‍नेहागिनी छुरिया जी, संसद में मेरे साथीश्री किलीकेश नारायण सिंह देव जी और यहां पधारे मेरे प्‍यारे बहनों और भाईयों! नववर्ष में एक बार फिर ओडिशा आने का सौभाग्‍य मिला है। मकर सक्रांति के अवसर पर यहां आना और विकास के नये प्रकाश से जुड़ना अपने आप में अहम है। त्‍यौहारों के इस पावन अवसर पर आप सभी ओडिशावासियों को देश के सभी नागरिकों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं।

साथियों शिक्षा मानव संसाधन का विकास करती है। यह संसाधन तब अवसरों में बदलते हैं जब connectivity का भी सहारा हो। इसी भावना के तहत ओडि़शा में connectivity का विस्‍तार किया जा रहा है। आज रेलवे से जुड़े छह प्रोजेक्‍ट का लोकार्पण या उद्घाटन किया गया है। इससे ओडिशा के भीतर की connectivity तो सुधरेगी ही, देश के दूसरे राज्‍यों तक आवाजाही भी आसान होगी। इससे आप लोगों को आने-जाने की सुविधा तो होगी ही किसान भाईयों को अपनी उपज को बड़ी मंडियों तक या बड़े शहरों तक पहुंचाने में ज्‍यादा आसानी होगी। आने-जाने और माल ढुलाई के लिए सुविधा तैयार होने से यहां उद्योगों के लिए भी एक बेहतर माहौल बनेगा। जब उद्योग यहां आने लगेंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अनेक साधन विकसित होंगे।

साथियों थोड़ी देर पहले बलांगीर से बिच्‍छूपल्‍ली के बीच जो नई रेल लाइन बनी है इसका उद्घाटन हुआ है। इसके साथ-साथ इस पर नई ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इसके अलावा झारसुघड़ा के मल्‍टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्ट झारसुघड़ा विजिनगराम और संभलपुर अंगुल लाइन के विद्युतीकरण बारपली डुगरीपल्‍ली और बलांगीर देवगांव के चौड़ीकरण और नागावली नदी पर बने पुल के लिए भी आप सब बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। आपको शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों connectivity जब अच्‍छी होती है तो करीब-करीब हर सेक्‍टर पर इसक सकारात्‍मक असर होता है। विशेष तौर पर टूरिज्‍म के लिए तो सबसे ज्‍यादा संभावनाएं बढ़ती है। ओडिशा तो वैसे ही हर प्रकार के टूरिस्‍टों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां जंगल भी है और समंदर का किनारा भी है। प्रकृति ने यहां कोई कमी नहीं छोड़ी है। वही इतिहास और आस्‍था का एक प्रकार से केंद्र रहा है।

साथियों इसी भावना के तहत बीते चार वर्षों से केंद्र सरकार धरोहरों और आस्‍था के स्‍थलों को विकसित करने में जुटी हुई है। ओडिशा के अनेक मंदिरों, पुराने किलों और दूसरे स्‍थानों का सुंदरीकरण और उनको संवारने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में नील माधव और सिद्धदेश्‍वर मंदिरों के नवीनीकरण और सुन्‍दरीकरण के काम का आज शुभारंभ किया गया है। इसी प्रकार पश्चिम सोमनाथ मंदिर,भुवनेश्‍वर मंदिर और कपिलेश्‍वर मंदिर का भी जीर्णोधार और सुन्‍दरीकरण का काम पूरा हो चुका है और आज इसका भी लोकार्पण हो गया है। इसके अलावा यहां का जो एक पारंपरिक व्‍यापारिक रास्‍ता रहा है ओडिशा को मध्‍य भारत से जोड़ता है। उस रास्‍ते में अनेक ऐतिहासिक स्‍मारक है। यहा बलांगीर में ही रानीपुर, झरयाल जो स्‍मारकों का समूह है उसको भी संवारा जा रहा है। वहां 64 योगिनी मंदिर हो, या फिर लहरागुणी सोमेश्‍वर, रानीगुणी या फिर इंद्राली मंदिर आस्‍था और हमारे ऐतिहासिक स्‍थल का दर्शन देने वाले यह तमाम धरोहरें अपनी दिव्‍यता और भव्‍यता को बढ़ाने वाली है।

साथियों एक और स्‍मारक के नवीनीकरण की आज शुरूआत हुई है। कालाहांडी का असुरागढ़ किला यह हमारे शौर्य का प्रतीक तो रहा ही है साथ में एक अहम राजनीतिक और व्‍यापारिक केंद्र भी था। यह महाकंतारा को कलिंग से जोड़ता था। अपने इतिहास के इन स्‍वर्णिम अध्‍यायों के साथ पुन: जुड़ते हुए मुझे बहुत प्रसन्‍नता हो रही है। मुझे विश्‍वास है कि यहां जो मूल सुविधाओं का विकास हुआ है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जो काम किया गया है, उससे यहां के टूरिज्‍मों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में कई गुणा बढ़ोतरी होगी।

साथियों, आज यहां छह नये Post Office Passport सेवा केंद्रों की शुरूआत भी हुई है। बलांगीर के अलावा जगतसिंह पुर, केंद्रपाड़ा, पुरी, फूलबानी, बारगढ़ में यह नये केंद्र खुलने से अब यहां के लोगों को पासपोर्ट के लिए बहुत दूर जान की जरूरत नहीं है।

साथियों, आज आप सभी के, ओडिशावासियों के जीवन को आसान बनाने वाले इन सभी प्रोजेक्‍ट के लिए एक बार फिर मैं ओडिशावासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपको नये वर्ष की पुन: बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत बहुत धन्‍यवाद।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam emphasising on sacred Earth as a source of strength to the nation
March 10, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, shared a Sanskrit Subhashitam emphasising on sacred Earth as a source of strength to the nation:

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”

The Subhashitam conveys that, the Earth, which is filled with water within the oceans, and surrounded by water outside, which thoughtful scholars have understood through their wisdom, and whose heart is covered by the eternal truth in the vast sky – may that earth, sustain our energy and strength in a noble nation.

The Prime Minister wrote on X;

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”