There was a concept of a 'Steel bridge' in Bengaluru. Congress government turned it into 'Steal bridge': PM Modi
Bengaluru was known as the 'computer capital' but the present government has changed it to a 'crime capital': PM Modi in Bengaluru
Congress has changed garden city to garbage city, says PM Modi in Bengaluru
Women safety is one of the biggest concerns in Karnataka, crimes against women are on the rise under the Congress government: PM
Congress has no respect for the sacrifices of our soldiers. When our soldiers did surgical strikes, the shameless Congress party questioned the strikes: PM
Government of India is devoting significant resources towards improving the irrigation network: PM Modi
When the BJP is elected, the Lotus blooms and people prosper, but when the Congress wins only a few families shine: PM
Karnataka has a ‘Sidda-Rupaiah Sarkar’. It has created a debt-burden for the state: PM Modi
In Karnataka, not even a single work is possible without corruption and bribery: PM
Congress is involved vote-bank politics and dividing people on the grounds of caste; it did not let OBC Commission get Constitutional status in Parliament: PM

भारत माता की जय। भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ महानुभाव, इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार और विशाल संख्या में पधारे कलबुर्गी के मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

ये सभा का रूप देखकरके लग रहा है कि आपको इस मई महीने की गर्मी तो सहन करनी है लेकिन आप कांग्रेस की सरकार को सहन नहीं करनी है, ये आपका मिजाज ...। ये आपका मिजाज दिखाई दे रहा है।

भाइयो बहनो।

चुनाव आते हैं, जाते हैं। जनसभाएं होती हैं। आरोप-प्रत्यारोप होते हैं लेकिन ऐसा जनसैलाब, ऐसा गुस्सा, सरकार को बदलने को ऐसा संकल्प, आम तौर पर नहीं दिखाई देता है। जो इस बार कर्नाटक में चारो तरफ दिखाई दे रहा है। कर्नाटक की जनता का संकल्प है कि 5 साल तबाह हो गए। अब एक पल भी कर्नाटक को बर्बाद नहीं होने देना है।

और इसलिए भाइयो बहनो।

आज देश में क्या कारण है देश के हर कोने से, कांग्रेस पार्टी की छुट्टी हो रही है। कहीं पर नजर कीजिए। पिछले 4 साल में देश के हर कोने में कांग्रेस पार्टी को पराजय का मुंह देखना पड़ा है। आजादी के बाद पहली बार देश की जनता को देशव्यापी एक विकल्प के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रति एक नई आस्था, नया उमंग, नया विश्वास पैदा हुआ है।

भाइयो बहनो।

ये चुनाव हमारे इस क्षेत्र में कौन विधायक बने कौन न बने। कौन पार्टी जीते, कौन पार्टी हारे। किसकी सरकार बने, किसकी सरकार न बने। इस छोटे से काम के लिए चुनाव नहीं है। यह चुनाव तो कर्नाटक के नौजवानों का भविष्य तय करने के लिए है। कर्नाटक के किसानों का भाग्य बदलने के लिए है। कर्नाटक की माताओं-बहनों को सुरक्षा और सम्मान देने के लिए चुनाव है। यहां के नौजवानों को हक का, अधिकार का जो मिलना चाहिए, वो मिलने के लिए चुनाव है।

और इसलिए मेरे भाइयो बहनो।

12 मई को जब आप मतदान करेंगे तो आप सिर्फ और सिर्फ कर्नाटक के उज्ज्वल भविष्य को ही ध्यान में रखकर के कमल के निशान पर बटन दबाइए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि दिल्ली सरकार मोदी सरकार कर्नाटक के विकास के लिए, कर्नाटक की भाजपा की सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।

भाइयो बहनो।

कलबुर्गी। ये देश की एकता और अखंडता के लिए जीवन खपाने वाले सरदार बल्लभ भाई पटेल का कलबुर्गी के साथ एक विशेष रिश्ता रहा है। ये सरदार पटेल थे जिन्होंने कलबुर्गी को लोकतांत्रिक भारत का हिस्सा बनाया। निजाम ने जब विलय के पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। तब लौहपुरुष ने उनको झुकने पर मजबूर कर दिया था।

गोरोटा गांव वहां जो शहीद हुए। मैं आज इस धरती से उन वीर शहीदों को भी नमन करता हूं। जालियावाला बाग में जो अंग्रेजों ने किया, उसी प्रकार का अत्याचार निजाम के राज में गोरोटा के शहीदों को झेलना पड़ा था।

भाइयो बहनो।

मैं आप सभी को विशेषकर कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूं कि जिन्होंने शहीद स्मारक का निर्माण किया। ये काम जो स्थानीय जनता ने किया वो कांग्रेस सरकार भी कर सकती थी, लेकिन जहां भी सरदार बल्लभ भाई पटेल का नाम आता है, तो कांग्रेस के एक परिवार की नींद उड़ जाती है। और पूरे कांग्रेस के लोग भी सरदार बल्लभ भाई पटेल से पीछा छुड़ाने के लिए भागते रहते हैं।

भाइयो बहनो।

कांग्रेस के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल के प्रति तिरस्कार ये नई घटना नहीं है। ये उनके स्वभाव में है।

भाइयो बहनो।

कांग्रेस के स्वभाव में ये भी है। सिर्फ संसद वाले भाई नहीं, देश के अन्य वीर शहीद नहीं। ये कांग्रेस पार्टी तो शहीदों और देशभक्तों को, उनको नीचा दिखाना, उनको भुला देना, उनको अपमानित करना क्योंकि तभी एक परिवार की गाड़ी चल पाए। इसलिए इतिहास को भूला देने का लगातार प्रयास रहा है।

आप कल्पना कर सकते हैं। हमारे वीर सैनिकों ने आतंकवादियों के किले में जा करके सर्जिकल स्ट्राइक करके उनके छक्के छुड़ा दिए। और भारत के प्रसिद्ध अखबार ने लिखा था कि वहां के लोग कह रहे हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ट्रकों में पाकिस्तान को मृत देह उठाने पड़ रहे थे। ऐसा पराक्रम, सर्जिकल स्ट्राइक हमारे वीर सैनिकों ने किया। तब ये कांग्रेस बेशर्मी के साथ देश के शहीदों का अपमान करने की आदत रखने वाली, देश के वीरों का अपमान करने की आदत रखने वाली, मातृभूमि के लिए जी-जान से मरने-मिटने वालों को भुला देने वाली कांग्रेस को सर्जिकल स्ट्राइक के लिए भी सवालिया निशान खड़े कर दिया और कहा, मोदी जी जरा सबूत लाइए, सबूत लाइए।

मैं जरा कलबुर्गी के भाइयो बहनो से पूछना चाहता हूं।

क्या आपको सबूत की जरूरत है ...। क्या मेरे वीर जवान कैमरा लेकर जाएं या बंदूक लेकर जाएं ...।

भाइयो बहनो।

सबूत चाहिए तो पाकिस्तान में जो मुर्दे हटाए जा रहे थे। जरा उनकी जानकारी ले ले कांग्रेस के लोग तो उनको पता चल जाएगा कि हमारे वीर सैनिकों ने कैसा पराक्रम किया।

भाइयो बहनो।

लेकिन जो उनके सर्वश्रेष्ठ नेता भी खुलेआम भरी सभा में अगर वंदे मातरम का अपमान कर सकते हैं तो उनसे देशभक्ति के पराक्रमों के प्रति सकारात्मक भाव व्यक्त होना असंभव होता है।

और इसलिए भाइयो बहनो।

आजादी के दीवानों के प्रति और कर्नाटक में भी इस कांग्रेस पार्टी का सेना के साथ कैसा नाता रहा है। ये हमारे कर्नाटक के भाइयो से ज्यादा कौन जानता है। लेकिन फील्ड मार्शल करिअप्पा और जनरल थिमैया पूरे विश्व में जिनका सेनानायकों में नाम था, पूरा हिन्दुस्तान जिनका नाम लेते ही गर्व अनुभव करता है। आज उनका स्मरण करते हुए हमारे हिन्दुस्तान की सेना का जवान मर-मिटने को निकल पड़ते हैं। लेकिन करिअप्पा हो या जनरल थिमैया हो, उनके प्रति कांग्रेस सरकारों का क्या रवैया रहा था। किस प्रकार से उनको अपमानित किया गया था। ये इतिहास भलीभांति आपको बताता है। 1948 में पाकिस्तान से युद्ध जीता, जनरल थिमैया जी के नेतृत्व में लेकिन उस पराक्रम के बाद कश्मीर को बचाने वाले जनरल थिमैया का उस समय के प्रधानमंत्री नेहरू और उस समय के रक्षा मंत्री कृष्ण मेनन ने बार-बार अपमान किया था। और इसी के कारण जनरल थिमैया को अपने पद से सम्मान के खातिर इस्तीफा देना पड़ा था। मैं कर्नाटक की नई पीढ़ी को बताना चाहता हूं। ये रवैया कांग्रेस का देश के सेना के मुखिया के प्रति रहा है। कर्नाटक के वीर पुत्र के प्रति रहा है। ये बात कर्नाटक के नौजवानों को भुलनी नहीं चाहिए।

भाइयो बहनो।

फील्ड मार्शल करिअप्पा 1962 भारत-चीन की घटना आज भी इतिहास की तारीखों में दर्ज है। उनके साथ क्या व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हमारे वर्तमान सेनानायक को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता उन्होंने यहां तक कह दिया किया कि ये तो गुंडे हैं गुंडे।

भाइयो बहनो।

मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि इस देश में कभी भी कोई अनपढ़ व्यक्ति भी क्या कभी हमारे सेनानायक को, हमारी सेना को, देश की रक्षा के लिए मर मिटने वाले जवानों को कभी भी, क्या कभी भी कोई हमारे वीर सैनिकों को कभी गुंडा कहने का पाप कर सकते हैं क्या ...। कर सकते हैं क्या ...। क्या कांग्रेस ने सेना को गुंडा कहने वाले लोगों को माफी मांगने के लिए मजबूर किया क्या ...। क्या कांग्रेस पार्टी से उनको निकाला क्या ...। क्या कांग्रेस पार्टी उनको संरक्षण दे रही है कि नहीं कर रही है ...। मंच पर बिठाकर उसको शोभायमान कर रही है कि नहीं कर रही है ...।

भाइयो बहनो।

जय जवान जय किसान। ये मंत्र, हिंदुस्तान की सेना, हिन्दुस्तान के किसान को ताकत देता रहा है। जवानों के साथ लगातार क्या करते रहे हैं, उसके इतिहास में और ज्यादा जाना नहीं चाहता हूं। लेकिन मेरा किसान।

भाइयो बहनों।

ये हमारा क्षेत्र जो दाल पैदा करने वाला क्षेत्र है। कलबुर्गी को तूअर दाल का खलिहान या कन्नड़ में तोगाड़ी कनाजा भी कहा जाता है। यहां के किसानों की मेहनत आज हिन्दुस्तान भर में कुलबर्ग तुअर दाल एक ब्रांडेड नाम बन गया है। और पूरे कर्नाटक में जितनी तुअर दाल उसकी आधी तुअर दाल यहीं के मेरे किसानों के परिश्रम से पैदा होती है।

भाइयो बहनो।

इस वर्ष कलबुर्गी में फिर दाल का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। निश्चित तौर पर केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ यहां के किसानों ने उठाया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के लक्ष्यों को उत्पादन के साथ जोड़ा है। और उसके नतीजे भी मिल रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा किसान दाल का उत्पादन करे। उन्हें दाल के सही दाम मिले। खरीद केंद्रों की स्थापना हो, इस पर सरकार भारत सरकार लगातार ध्यान दे रही है। केंद्र सरकार दाल उत्पादन पर रोड मैप बना करके देश में आगे बढ़ रही है। लेकिन ये कर्नाटक की कांग्रेस सरकार दाल के किसानों के प्रति रत्तीभर भी संवेदनशील नहीं है।

मुझे बताया गया कि भारत सरकार ने एमएसपी तो तय किया लेकिन उस एमएसपी का फायदा किसान अभी भी इंतजार कर रहा है। ऐसी कैसी सरकार चलाई कि भारत सरकार की इतनी बड़ी योजना का फायदा भी तुअर दाल पैदा करने वाले मेरे कलबुर्गी के किसानों को ये सरकार पहुंचा नहीं पाई।

भाइयो बहनो।

ऐसी सरकार वादे करने का बाद भी आगे आपको कुछ नहीं दे पाएगी। और इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं। यूपी में तो अभी-अभी हमारी सरकार बनी। यूपी में पहले की सरकारों में एमएसपी के गीत गाने की आदत थी लेकिन किसानों को एमएसपी का फायदा मिले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। ये हमारी योगी जी की सरकार बनी। तीन महीने के भीतर-भीतर उन्होंने बीड़ा उठाया। जितना धान पहले एमएसपी में खरीदा जाता था, उन्होंने एक ही साल के अंदर दस गुना धान एमएसपी में खरीद करके किसानों को हक के पैसे दिलवाने की योजना बना करके दिखाई।

भाइयो बहनो।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। किसान नेता और किसानों को समर्पित किसानों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले येदुरप्पा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। किसानों के कल्याण में जो सारी रूकावटें हैं, इनको दूर करके आपको पूरा हक दिया जाएगा।

भाइयो बहनो।

आपको भलीभांति पता है कि एमएसपी के अंदर हमने तय किया है स्वामिनाथन कमीशन के अनुसार लागत जो होगी इसका डेढ़ गुना एमएसपी दिया जाएगा। इसकी घोषणा हमने करके इसको लागू कर दिया है। आज कांग्रेस वाले। मैं कहीं अगर एमएसपी की बात बोलता हूं तो उनको जरा तकलीफ हो जाती है। मैं जरा उनको पूछना चाहता हूं। अनेक वर्षों तक ये स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को अलमारी में चढ़ा देने का पाप आपकी कांग्रेस की सरकार ने किया था। हमने तो इसे बाहर निकाल करके लागू करने का काम किया है। कम से कम सच नहीं बोल पाओगे मैं जानता हूं लेकिन चुप तो रह पाओगे। अरे इतना तो सीखो।

भाइयो बहनो।

अगर किसान में ताकत है। अगर उसको पानी मिल जाए, समय पर पानी मिल जाए तो मेरा किसान मिट्टी में से सोना पैदा करने की ताकत रखता है। कृष्णा और तुंगभद्रा जैसी जीवनदायनी नदियों के वाबजूद कलबुर्गी और पूरे क्षेत्र के किसानों के खेत सूख होने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह जिम्मेदार है। कांग्रेस ने भले ही इन सारे चीजों पर उदासीनता रखी है।

लेकिन मेरे किसान भाइयो बहनो।

मैं कांग्रेस ने पाप किया इसलिए राजनीतिक फायदा उठाने के लिए चुप बैठा रहूं। ये मेरा काम नहीं है। मेरा काम है किसानों की चिंता करना। कांग्रेस ने भले न किया हो ...। और हमने देशभर में करीब 100 ऐसी योजनाएं खोज करके निकाली। जो 20-20, 30-30, 40 सालों से कोई पूछ नहीं रहा था, लटकी पड़ी थीं, 5 तो आपके कर्नाटक की है। हजारों करोड़ रुपए खर्च करके सिंचाई के इस काम की ओर लगे हैं। और 4000 करोड़ रुपए के खर्च से ये जो हम प्रोजेक्ट लागू कर रहे हैं। इसमें से एक तो पूर्ण हो चुका है और चार भी बहुत जल्द पूरे होने वाले हैं। और उसका फायदा बिदर, बीजापुर, बेलगाम, हाबेरी, कलबुर्गी आदि इन सभी क्षेत्रों को इसका फायदा मिलने वाला है। आप कल्पना कर सकते हैं कि किसान को इसका कितना लाभ होने वाला है।

पीएम फसल बीमा योजना।

भाइयो बहनो।

आजाद हिन्दुस्तान में किसानों को सुरक्षा देने वाली ऐसी योजना इससे पहले कभी नहीं बनी। और हमारे एमपी महोदय ने अपने क्षेत्र में किसानों को फसल बीमा योजना का सबसे अधिक फायदा देने का काम किया। मैं उनको बधाई देता हूं। लेकिन कर्नाटक की सरकार, उनको लगता है कि इससे भारत सरकार की इज्जत बढ़ रही है। हम कर्नाटक में इसके पीछे धन क्यों खर्च करें। हमारी जिम्मेदारी को क्यों निभाएं।

लेकिन भाइयो बहनो।

इसके कारण किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भरपूर लाभ आने वाले दिनों में किसानों को मिलेगा। और जहां-जहां बीजेपी की सरकारें हैं, ये हमारी प्राथमिकता रहेगी। कर्नाटक में भी बीजेपी की सरकार बनने के बाद हमारी प्राथमिकता रहेगी। आज कर्नाटक में करीब 14 लाख किसानों को इसका कवरेज मिला है। लेकिन ये बहुत कम है। करीब-करीब 11 सौ करोड़ रुपया किसानों की जेब में गया है। लेकिन हम इससे भी आगे जाना चाहते हैं।

इसलिए भाइयो बहनो।

मैं आपसे आग्रह करना चाहूंगा कि आइए हम इस विकास की यात्रा में और आगे बढ़े।

और भाइयो बहनो।

कांग्रेस के एक बड़े नेता हैं श्रीमान खड़गे जी। ये कांग्रेस की कमाल देखिए। इस चुनाव में वो दलितों के नाम पर गीत गा रहे हैं। पिछले चुनाव में कह रहे थे कि आप हमें वोट दीजिये, सरकार बनाइए। हम खड़गे जी को मुख्यमंत्री बनाएंगे। ऐसा कहा था कि नहीं कहा था ...। ये दलितों को गुमराह किया था कि नहीं किया था ...। खड़गे जी के नाम पर वोट मांगा और गुप्त मतदान के रूप में वोट की बात करके खड़गे जी को ...। कर दिया कि नहीं कर दिया ...।

और भाइयो बहनो।

ये दलितों की बात करने वाली कांग्रेस को मैं पूछना चाहता हूं।

भाइयो बहनो।

जहां भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलता है। वहां लोगों का विश्वास जीतते हैं और उसके कारण हमारा कमल का फूल खिलता है। लेकिन जहां-जहां कांग्रेस को अवसर मिलता है। वहां सिर्फ और सिर्फ कुछ परिवार ही फलते-फूलते हैं। कोई अंदाज लगा सकता है कि खड़गे जी की परिवार की संपत्ति कितनी होगी।

भाइयो बहनो।

क्या ये दलितों का विकास हुआ।

इतना ही नहीं भाइयो बहनो।

दलितों पर जो अत्याचार की घटनाएं कर्नाटक में हुई है, वो किसी से छिपी हुई नहीं है। यहां पड़ोस में बिदर में दलित बेटी के साथ क्या हुआ था। ये सोशल मीडिया में आज भी पड़ा हुआ है। दिल्ली में कैंडल मार्च निकालने वाले कांग्रेस के लोगों से पूछ रहा हूं कि जब बिदर में दलित बेटी से अत्याचार हुआ था तो ये तुम्हारी कैंडल लाइटें कहां खो गई थी। तुम्हारे नेता कहां थे।

भाइयो बहनो।

एससी एसटी के कानून को हमारी सरकार बनने के बाद 2015 में हमने मजबूत बनाया। छोटी-छोटी बातों में भी सामाजिक भेदभाव, अनाप-शनाप भाषा का प्रयोग, समाज के कुछ वर्गों को पीड़ित करने का प्रयास, किसी भी समाज को शोभा नहीं देता। और इसलिए एससी-एसटी के लोगों को सम्मान पूर्वक जीने के लिए हमने कानून को और मजबूत बनाया। और इतना ही नहीं, हम पूरे देश में ये न्याय दिलाने के लिए हम कोर्ट का मजबूत जाल, डेडीकेटेट कोर्ट का जाल ये भी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ताकि समाज में भेदभाव की स्थिति न बने, ऊंच-नीच की स्थिति न बने, मान-अपमान के किस्से न बने। और सबलोग साथ रह करके जीने की दिशा में आगे बढ़े। उस दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं।

भाइयो बहनो।

हम वो सरकार हैं जो आदिवासियों के कल्याण से जुड़ी हुई सरकार है। इस देश के आदिवादियों ने आजादी की जंग में बहुत बड़ा योगदान दिया। लेकिन एक परिवार का भला करने के उत्साह में एक ही परिवार को साष्टांग प्रणाम करने वाली कांग्रेस ने 70 साल में देश के इतिहास को कुचल दिया। सामान्य मानवी के पराक्रम को कुचल दिया है। हमने तय किया है हिन्दुस्तान के हर राज्य में जहां-जहां आदिवासियों ने 1857 स्वातंत्र्य संग्राम से लेकरके 1947 तक आजादी के जंग में अपनी आहुति दी है। उनके अलग म्युजियम बनाए जाएंगे। और उनको सम्मानित करके नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का काम किया जाएगा।

भाइयो बहनो।

हमने एक बड़ा महत्वपूर्ण कानून बनाया। हमारे देश में ज्यादातर खनिज उस इलाके में हैं जहां हमारी आदिवासी बस्ती रहती है, समाज के पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं। हमने बनाया और हमने तय किया है खनिज में जो पैदावार होगी उसका एक निश्चित हिस्सा उसी इलाके के आदिवासियों के विकास और विस्तार के लिए खर्च करना पड़ेगा।

और भाइयो बहनो।

उसका लाभ आज कर्नाटक में भी कई क्षेत्रों को भी मिलना चाहिए। लेकिन सरकार ऐसी सोई पड़ी है। रुपये तो ले लेती है लेकिन खर्च करने की योजना नहीं बना रही है। ये इनका आदिवासियों के प्रति ये झुकाव है।

भाइयो बहनो।

उज्जवला योजना। हमारे देश में गैस सिलेंडर 9 मिलेंगे कि 12 मिलेंगे। इसकी बहस करके चुनाव लड़े जाते थे। एक गैस सिलेंडर लेने के लिए, एक गैस का कनेक्शन लेने के लिए मध्यम परिवार के लोगों को राजनेताओं के घर के चक्कर काटने पड़ते थे। हमने स्थित बदल दी। हमने सामने से कहा कि मैं मेरे देश की गरीब से गरीब मां को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाना चाहता हूं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ परिवारों में गैस चूल्हा पहुंचाने का संकल्प किया। सवा तीन करोड़ से ज्यादा परिवारों में गैस का चूल्हा पहुंचा दिया गया।

भाइयो बहनो।

काम कैसे होता है। इसका जीता जागता सबूत है।

भाइयो बहनो।

हमारी कोशिश रही है कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति के जीवन में बदलाव कैसे आए। विकास के नए पैमानों पर देश के सामान्य व्यक्ति को कैसे पहुंचाया जाए। और इसी काम को ले करके आज भारतीय जनता पार्टी आपसे वोट मांग रही है।

और इसलिए भाइयो-बहनो।

12 मई को कमल के फूल पर बटन दबा करके  येदुरप्पा जी के नेतृत्व में हम सब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएं। स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित कर्नाटक निर्मिष सोणा, बन्नी एल्लरू कै जोड़ी सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। दोनों मुट्ठी बंद करके हाथ ऊपर करके बोलिए। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

 

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
IIT Delhi tops India in QS Rankings 2027; 52 Indian institutions feature

Media Coverage

IIT Delhi tops India in QS Rankings 2027; 52 Indian institutions feature
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of Prime Minister addresses the Indian Community in Paris
June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।