BJP always delivers on its promises: PM Modi in Dhanbad

Published By : Admin | December 12, 2019 | 11:53 IST
I assure every state of the East and Northeast. The traditions, culture, language etc of Assam and other states will not be affected at all: PM Modi on CAB
PM Modi says the Congress in the past had promised relief to persecuted minority refugees but never did anything for them
People across the country have faith on Bharatiya Janata Party as BJP delivers on its promises: PM Modi in Dhanbad
PM Modi talks about the several central schemes and projects which are benefiting the people of Jharkhand at large

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। मां लिलोरी, मां कल्याणेश्वरी को शत-शत प्रणाम करता हूं। कोयलांचल की राजधानी में, झारखंड के इस महत्वपूर्ण शहर में एक बार फिर आप सभी के बीच आना, आपके आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, इस बार और हर बार जब-जब यहां आता हूं तो आपका ये अभूतपूर्व स्नेह और सत्कार मुझे हर बार मिलता रहा है। आज भी इतनी भारी संख्या में मेरी नजर जहां पहुंच रही है माथे ही माथे नजर आ रहे हैं, लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में आप सबने आकर के हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद दिया, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। भाइयो-बहनो, बीते कुछ हफ्तों से मैंने झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में दौरा किया है, वहां का माहौल जाना है, लोगों से बातचीत की है और मैं राजनीति के अनुभव के आधार पर कहता हूं कि एक बात बिल्कुल स्पष्ट है। पूरे झारखंड में कमल के फूल को लेकर, भाजपा की डबल इंजन सरकार को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है, असीम उत्साह है। पहले दो चरणों में जहां-जहां मतदान हुआ है वहां भाजपा के पक्ष में अभूतपूर्व मतदान हुआ है। भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं ने प्रशंसनीय काम किया है, नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया है, प्रशासन ने भी शांतिपूर्ण मतदान को सफलतापूर्वक यहां पर करके दिखाया। मुझे पूरा विश्वास है कि जहां अभी मतदान हो रहा है और जहां अगले चरणों में होगा वहां भी भारी मतदान होगा, स्थिर और मजबूत सरकार फिर से बनाने के लिए आपका प्रचंड समर्थन मिलेगा।  

साथियो, आखिर झारखंड सहित पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी के प्रति इतना विश्वास क्यों है, आज पूरा हिंदुस्तान भाजपा पर क्यों विश्वास करता है। भाइयो-बहनो, ये भरोसा इसलिए है क्योंकि भाजपा ही है जो संकल्प लेने के बाद उसे सिद्ध भी करती है। जो वादा हम देश के लोगों से करते हैं उस पर पूरी ईमानदारी से अमल करते हैं। 

भाइयो-बहनो, कांग्रेस ने देश में एक विचित्र राजनीतिक माहौल बनाया जिसके कारण घोषणापत्र पर, नेताओं के वादों पर देशवासियों का भरोसा करीब-करीब उठ ही गया था, क्योंकि उन्होंने वही परंपरा पैदा की थी, लोगों को लगने लगा था कि नेता चुनाव के दौरान घोषणाएं करते हैं और फिर भूल जाते हैं। देश के लोगों में ये भावना भरने वाली कांग्रेस की परंपरा, कांग्रेस के कारनामे, कांग्रेस के इरादे, इसी के कारण ये स्थिति पैदा हुई है। कांग्रेस और जेएमएम और फिर उनके साथ आरजेडी और बचे-खुचे वामपंथी जैसे इनके सहयोगी हमेशा यही करते रहे हैं लेकिन साथियो, भाजपा ने सिर्फ 6 महीने में दिखाया है कि संकल्प चाहे कितने भी बड़े हों, कितने भी मुश्किल हों, उन्हें पूरा करने के लिए हम दिन-रात एक कर देते हैं। हम सुख-वैभव के पीछे नहीं दौड़ते हैं, ना ही हम चैन की नींद सोते हैं, हर पल देशवासियों के सपने को पूरा करने के लिए हम अपने आप को मिटाते रहते हैं। भाइयो-बहनो, 6 महीने पहले जब आपके बीच मैं और मेरे भाजपा के सभी साथी आए थे तब हमने कहा था कि झारखंड सहित देश के हर किसान परिवार के बैंक खाते में सीधी मदद पहुंचाएंगे। भाइयो-बहनो, आप मुझे बताइए ये संकल्प पूरा हुआ कि नहीं पूरा हुआ, हमने वादा किया था, निभाया कि नहीं निभाया। हमने कहा था छोटे किसान, खेत मजदूर, छोटे दुकानदार, छोटे व्यापारी, उन सबको 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन की व्यवस्था करेंगे, ये संकल्प भी हमने आते ही पूरा कर दिया, किया कि नहीं किया, वादा निभाया कि नहीं निभाया? भाइयो-बहनो, हमने कहा था कि 2024 तक, ये चुनाव में जो मैंने कहा था याद दिला रहा हूं और पार्टियां तो भुलवा देती हैं। अब वो गरीबी हटाओ बोलना बंद कर दिया उन्होंने, क्योंकि 30-30 साल तक झूठ बोलते रहे। भाइयो-बहनो, 2024 तक देश के हर घर को जल देने का काम करेंगे, ये मैंने आपसे कहा था, हमने सरकार बनते ही इस संकल्प को पूरा करने के लिए जल शक्ति का अलग मंत्रालय बनाया, जल शक्ति के लिए अलग बजट लगाया और इतना ही नहीं, जल जीवन मिशन भी शुरू हो चुका है और इस सपने को 2024 तक पूरा करके रहेंगे। इस काम को पूरा करने के लिए साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसके कारण मेरी माताओं-बहनों को पानी के कारण जो मुसीबत होती है, माताओं-बहनों को उस संकट से मुक्ति मिल जाएगी और इस योजना का लाभ झारखंड को तो मिलेगा ही, लेकिन इस क्षेत्र के गरीबों को विशेष नई ताकत देगा और मैं भलीभांति जानता हूं, यहां के पानी की दिक्कतें देश के कई कोने में लेकिन उसका समाधान ढूंढ़ने के लिए भारत सरकार ने इतना बड़ा बीड़ा उठाया है। आपकी वो तकलीफें भी जल जीवन मिशन से कम होंगी। 

साथियो, भाजपा ने आपसे ये कहा था कि देश में एक ही संविधान लागू करेंगे, जम्मू कश्मीर में भी भारतीय कानून लागू करेंगे। आज जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हट चुका है और भारत का संविधान पूरी तरह से वहां लागू है। आप मुझे बताइए 370 हटाने का वादा हमने पूरा किया कि नहीं किया, ये बड़ा निर्णय हमने किया कि नहीं किया। पूरी निष्ठा के साथ, ईमानदारी के साथ लागू किया कि नहीं किया। भाइयो-बहनो, हमने कहा था कि राम जन्मभूमि, मैं आपके इस आशीर्वाद के लिए आपको सिर झुकाकर के नमन करता हूं, ये आपके आशीर्वाद ही मेरी ताकत है, ये आशीर्वाद ही भाजपा की ताकत है, ये आशीर्वाद ही झारखंड का उज्ज्वल भविष्य बनाएंगे। भाइयो-बहनो, राम जन्मभूमि को लेकर जो विवाद सदियों से यानी 2,5 साल, 50 साल से नहीं, सदियों से चल रहा है, जिसको कांग्रेस ने जानबूझ करके उलझाया, बार-बार उलझाया। हमने कहा था, हमारे संकल्प पत्र में लिखा था कि राम जन्मभूमि विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएंगे, ये हमने कहा था, शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया कि नहीं सुलझाया? भाइयो-बहनो, अब आप खुद देख रहे हैं कि कैसे अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए सारे मार्ग खुल चुके हैं, सारी अड़चनें हट गई हैं और सब कुछ देश की एकता, देश का भाईचारा, देश का सद्भाव इसको मजबूत बनाने के रास्ते पर किया गया और देश ने दिखा दिया, देश की एकता क्या है, देश में भाईचारा क्या है, देश में सभी धर्म-संप्रदाय के लोग कैसे मिल-जुल करके रहते हैं, ये हिंदुस्तान ने दिखा दिया है, पूरी दुनिया को हिंदुस्तान ने एकता का संदेश दे दिया है। 

साथियो, हमने ये भी कहा था कि तीन तलाक ये जो कुप्रथा, इस देश में करोड़ों बहनों को नर्क का जीवन जीने के लिए मजबूर कर रही है। हम ऐसी हमारी माताओं-बहनों को इस बुराई से हम मुक्ति दिलाकर के रहेंगे। आज तीन तलाक के विरुद्ध सख्त कानून बन चुका है। इस कानून ने लाखों-करोड़ों मुस्लिम बहन-बेटियों के जीवन को सुरक्षित किया है, उन्हें जीवन की एक बड़ी चिंता से बाहर निकाला है, आप बताइए भाइयो-बहनो, मैंने वादा पूरी किया कि नहीं किया? मैंने कभी वोट बैंक की चिंता नहीं की है, लोगों की भलाई के लिए काम करने का मेरा इरादा है, किया कि नहीं किया? और कुछ लोग भ्रम में रहते हैं कि तीन तलाक से ये जो मोदी ने कानून बनाया है वो सिर्फ मुस्लिम बहनों की मदद करता है। मुस्लिम बहनों की तो मदद करता ही है, लेकिन उससे ज्यादा ये मुस्लिम भाइयों की मदद करता है। मैं समझाता हूं कैसे करता है, मुझे बताइए हर भाई, उसकी बहन तीन तलाक के कारण घर आ जाए तो उस भाई को मुसीबत होगी कि नहीं होगी? अगर मान लो कि कोई बेटी तीन तलाक के कारण घर लौट आए तो पिता को तकलीफ होगी कि नहीं होगी तो तीन तलाक के कारण सिर्फ एक बेटी पर अन्याय नहीं होता है, बेटी का भाई परेशान हो जाता है, बेटी का पिता परेशान हो जाता है, बेटी की माता परेशान हो जाती है, पूरा परिवार तबाह हो जाता है और इसलिए तीन तलाक के खिलाफ कानून ला करके हमने मुस्लिम पुरुषों की भी मदद की है। भाइयो-बहनो, बीते 6 महीने में जितने भी काम हुए हैं, जितने भी फैसले लिए गए हैं, इनमें से अनेक ऐसे थे, जो दशकों से लटके हुए थे और ये कांग्रेस का चरित्र रहा है, इन सारों को लटकाने का श्रेय कांग्रेस और उनके सहयोगियों को जाता है, जिन्होंने सबसे ज्यादा समय देश पर शासन किया है, देश पर राज किया है। ये कांग्रेस की हमेशा से रणनीति रही है कि मुश्किल फैसलों को टालते रहो, उस पर राजनीति करते रहो। कांग्रेस ने हमेशा अपनी राजनीति के बारे में सोचा है, राष्ट्रहित और राष्ट्रनीति के बारे में उन्हें सोचने में उनको बड़ी देर लग जाती है। कांग्रेस की यही राजनीति है जिसके कारण सात दशक के बाद भी भारत के समाज में अनेक नई मुश्किलें आती हैं, दरारें खड़ी हो जाती हैं, दरारें दिखने लगती हैं। 

साथियो, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई वर्षों से चल रही थी। कांग्रेस की सरकारें आती थीं, चुनाव के समय वादे करती थीं, ओबीसी के नेताओं के साथ फोटो निकलवाती थीं और चुनाव गया तो भूल जाती थीं और कांग्रेस उसको लटकाए रखती थी कि हर चुनाव में भुनाया जा सके, यही इनकी स्वार्थ की नीति थी। लेकिन भाजपा ने पिछड़े वर्ग-ओबीसी की समस्याओं को सुलझाने के लिए इस आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया ताकि पिछड़ों को इंसाफ मिल सके। आपने देखा होगा लोग झूठ फैलाते रहते हैं, मोदी आएगा, भाजपा आएगी तो अनामत जाएगीआरक्षण जाएगा। अभी पार्लियामेंट में हमने एससी-एसटी के आरक्षण को दस साल बढ़ाने का निर्णय हमारी सरकार ने कर दिया, ये हमारी राष्ट्रनीति का हिस्सा है। साथियो, सामान्य वर्ग के गरीब साथियों को आरक्षण मिले, हर परिवार से मांग उठती थी। सामान्य वर्ग का हर गरीब सालों से मांग कर रहा था, आंदोलन कर रहा था, लेकिन कांग्रेस जायज मांगों को भी टालती रही, दबाती रही, लटकाती रही। ये कांग्रेस और उसके सहयोगियों की स्वार्थनीति का परिणाम है। भाजपा ने गरीब के हित में सामान्य वर्ग के गरीब को भी दस प्रतिशत आरक्षण दे दिया। मिला कि नहीं मिला, निर्णय हुआ कि नहीं हुआ? सामान्य वर्ग को भी न्याय मिला कि नहीं मिला? यही हमारी राष्ट्रनीति है। साथियो, आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग भी दशकों से चल रही थी, लेकिन इसको पूरा करने का काम भी जब अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री बने, भाजपा की सरकार बनी तब कर पाए, उसके पहले कांग्रेस को आदिवासी समाज की चिंता नहीं थी। भाइयो-बहनोइसी तरह अलग झारखंड के निर्माण के लिए भी अगर वर्षों तक यातनाएं झेलनी पड़ीं, गोलियां बरसाई गईं, जुल्म किए गए, खून-खराबा हुआ, लोगों को जेलों में डाला गया, लोगों को अपनों को खोना पड़ा तो ये मुसीबत का कारण भी कांग्रेस पार्टी रही है, उनके साथी रहे हैं, जो स्वार्थ के लिए राजनीतिक आंदोलनों की बाते करते रहे हैं। आजादी के बाद से ही यहां का जनजातीय समाज, यहां का पिछड़ा समाज अलग राज्य की मांग कर रहा था, लेकिन कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों को ऊपर रखा, आपकी बात नहीं सुनी और पांच दशक तक आपके लिए अलग झारखंड नहीं बनाया। और कुछ लोग तो कहते थे कि झारखंड मेरी लाश पर बनेगा, आज वही लोग आपके वोट मांगने निकले हैं, ऐसे झूठ बोलने वालों को माफ कर सकते हैं क्या, झारखंड का विरोध करने वालों को स्वीकार कर सकते हैं क्या? झारखंड के मुद्दे को लटकाए रखने वालों को माफ कर सकते हैं क्या?

भाइयो-बहनो, बाबू राम नारायण सिंह जी, जयपाल मुंडा जी और विनोद बिहारी महतो जी जैसे सेनानियों के संघर्ष को कांग्रेस ने कभी सम्मान नहीं दिया। उनकी आवाज को दबाने के लिए छल- कपट का सहारा लिया गया, लेकिन भाजपा ने इस संघर्ष का भी सम्मान किया और इससे जुड़े सेनानियों का भी सम्मान किया और जब भाजपा को पहली बार दिल्ली में आपने अवसर दिया तो आपसे किया गया अलग झारखंड का वादा भी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पूरा कर दिया। इतना ही नहीं झारखंड आंदोलन के प्रणेता रहे विनोद बिहारी महतो जी के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण करने का काम भी भाजपा की सरकार ने किया ताकि झारखंड की युवा पीढ़ी को आने वाली सदियों तक प्रेरणा मिलती रहे। साथियो, अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र का अहित करने वाली कांग्रेस की सोच का आज मैं एक और उदाहरण आपको देना चाहता हूं। 1947 में जब देश आजाद हुआ, जब भारत के टुकड़े हो गए, माता को आजाद कराने के लिए भारत मां की भुजाएं काट दी गईं और 1971 में बांग्लादेश का निर्माण हुआ। दोनों बार सबसे अधिक प्रभावित कौन हुए? दोनों बार सबसे अधिक प्रभावित वो लोग हुए जो पाकिस्तान में, बांग्लादेश में, अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक थे, जिनका ध्यान रखने का समझौता हुआ था। ये अल्पसंख्यक, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक कौन है, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक कौन है, अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक कौन है। इन अल्पसंख्यकों को और उनमें अधिकतर हिंदू थे, सिख थे, बौद्ध थे, जैन थे, ईसाई संप्रदाय के लोग थे, पारसी लोग थे, ये लोग अनेकों पीढ़ियों से वहां रह रहे थे, वो कहीं और से वहां आकर नहीं बसे थे। इन लोगों ने अलग देश की मांग भी नहीं की थी, उन पर तो ये फैसला सन 47 में थोपा गया था, हिंदुओं में भी अधिकतर दलित परिवारों के लोग थे जो विभाजन के बाद पाकिस्तान में रह गए थे और ये वो लोग थे, जो वहां साफ-सफाई का काम करते थे। जिनको पाकिस्तान के जमींदारों ने वहां सेवा के लिए, काम-काज के लिए रखा था। वहां जो दलित, वंचित, शोषित रह गए थे, उनके साथ अमानवीय बर्ताव हुआ, उनके मंदिरों पर कब्जा किए गए। गुरुद्वारा हो, चर्च हो, हर तीर्थ केंद्र, हर श्रद्धा केंद्र संकट में आ गया। घर तो उनके पास क्या थे, झोपड़ियों में जिंदगी गुजारते थे, उन पर भी कब्जा कर लिया, बहू-बेटियों के साथ दिन-दहाड़े अत्याचार हुए। यही स्थिति वहां रहने वाले सिख परिवारों की हुई। ऐसे लाखों साथी पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए। दशकों से वो भारत के अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैं, अनधिकृत रूप से रहते हैं, उनको राजनीति के लिए उपयोग तो किया गया, लेकिन उन्हें नागरिकता को लेकर सिर्फ वादे मिले और आप अखबार निकाल लीजिए, हर चुनाव के पहले कांग्रेस के किसी ना किसी नेता ने, कांग्रेस की किसी ना किसी इकाई ने ये बयान दिया है। पुराने अखबार निकाल लेना, उन्होंने वादे किए हैं कि हमारी सरकार बनेगी तो बांग्लादेश, पाकिस्तान से आए हुए जो विस्थापित हैं उनको हम नागरिक अधिकार देंगे, हिंदू को देंगे, सिख को देंगे, ऐसा भी कहा है लेकिन कल आपने देखा फिर पलट गए।

भाइयो-बहनो, जिस गरीबी, गंदगी और उपेक्षा में हमारे भाई-बहन पाकिस्तान में थे, कांग्रेस की सरकारों ने यहां भी उनके साथ यही बर्ताव किया। भाइयो-बहनो, दस साल पहले जब अफगानिस्तान में तालिबान के हमले बढ़े तो दर्जनों ईसाई परिवार भी अपनी जान बचाकर हिंदुस्तान आए, भारत इसलिए आए, क्योंकि उनके पुरखे भी इसी धरती से जुड़े हुए थे, लेकिन इन लोगों का भारत में आने के बाद कांग्रेस की सरकार ने साथ नहीं दिया। ऐसे ईसाई परिवार आज भी बहुत ही दयनीय स्थिति में जिंदगी गुजार रहे हैं। साथियो, आज जब ऐसे लाखों गरीब, प्रताड़ित, वंचित, शोषित, दलित परिवार, सिख परिवार, ईसाई परिवार उनको भाजपा ने अपने वादे के अनुसार नागरिकता देने का कानून बनाया तो कांग्रेस और उसके साथी उसका भी विरोध कर रहे हैं। आप मुझे बताइए भाइयो-बहनो, उनको न्याय मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए, उनको भारत में शरण मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? उनको अधिकार मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए? भाइयो-बहनो, आपने अब कांग्रेस को भलीभांति पहचान लिया है, कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ, कांग्रेस और उनके सहयोगियों की स्वार्थ नीति है, वोट बैंक की चिंता है। इनको पता है कि दलितों, वंचितों, आदिवासियों, पिछड़ों ने इनको ठुकरा दिया है, इसलिए एक वोटबैंक इनको अपना आखिरी सहारा दिख रहा है। इसके लिए वो इस देश के करोड़ों मुस्लिम साथियों से भी छल कर रहे हैं, उनसे झूठ बोल रहे हैं। साथियो, ये जो नागरिकता के कानून में संशोधन हुआ है, इसका भारत के नागरिक, जो हमारे मुसलमान भाई हैं, इस कानून से इस देश का हिंदू है, मुसलमान है, ईसाई है, पारसी है, बौद्ध है, जैन है जो पहले से भारत का नागरिक है, उनको इससे कोई लेना-देना ही नहीं है, उन पर इसका कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन झूठ बोले जा रहे हैं। भाइयो-बहनो, इसी तरह की राजनीति के लिए ही कांग्रेस और उसके साथी नार्थ-ईस्ट में भी आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वहां भ्रम फैलाया जा रहा है कि बांग्लादेश से बड़ी संख्या में लोग आ जाएंगे, जबकि कानून पहले से ही भारत आ चुके शरणार्थियों की नागरिकता के लिए है। 31 दिसंबर 2014 तक जो शरणार्थी भारत आए उन शरणार्थियों को ही इस व्यवस्था में रखा गया है। इतना ही नहीं नार्थ-ईस्ट के करीब-करीब सभी राज्य इस कानून के दायरे से बाहर हैं लेकिन फिर भी कांग्रेस और उनके सहयोगी दल जिनकी राजनीति घुसपैठियों के समर्थन से चलती है वो वहां भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। 

भाइयो-बहनो, यहां से ये देवघर बाबा धाम बहुत दूर नहीं है, भोले बाबा की इस धरती से मैं नार्थ-ईस्ट और पूर्वी भारत के असम सहित हर राज्य, हर जनजातीय समाज को आश्वस्त करना चाहता हूं। असम सहित नॉर्थ-ईस्ट के अलग-अलग क्षेत्र की परंपराओं, वहां की संस्कृति, वहां की भाषा को मान-सम्मान देना, उसे संरक्षण देना, उसे और समृद्ध करना, ये भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता है, मोदी सरकार की प्राथमिकता है। हम नॉर्थ-ईस्ट के क्षेत्रीय दलों, वहां के स्थानीय संगठनों, कमेटियों, काउंसलरों के साथ मिलकर वहां के विकास के लिए काम कर रहे हैं और हमेशा करते रहेंगे। नॉर्थ-ईस्ट में कनेक्टिविटी के काम हों, हाईवे हो, रेलवे हो, एयरपोर्ट हो, हेलिपैड हो, अस्पतालों का निर्माण हो, आधुनिकीकरण हो, शिक्षा से जुड़े अच्छे संस्थान हों, मोबाइल टॉवर लगाने का काम हो, यानि हर वो काम जो नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की जिंदगी आसान बनाए, उसे हम अपना दायित्व समझकर, अपनी बड़ी जिम्मेदारी समझकर पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। देश के जितने प्रधानमंत्री, सब के सब मिलकर के जितनी बार असम या नॉर्थ-ईस्ट गए होंगे, उससे ज्यादा बार मैं अकेला गया हूं। भारत सरकार का हर मंत्री, महीने में दो बार कोई ना कोई मंत्री नॉर्थ-ईस्ट में जाकर के रात्रि में रुक करके वहां की समस्याएं समझने की कोशिश लगातार पांच वर्ष करते रहे हैं, हम तो एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर काम कर रहे हैं। नॉर्थ-ईस्ट समेत पूर्वी भारत को जिसे कांग्रेस में अपने हाल पर छोड़ दिया था, हम उसे भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बनाने का काम कर रहे हैं। मैं आज इस मंच से नॉर्थ-ईस्ट के, विशेषकर के असम के अपने भाइयों-बहनों को, अपने युवा साथियों को अपील करता हूं कि आप अपने इस सेवक पर, अपने इस मोदी पर विश्वास रखिए। मैं नॉर्थ-ईस्ट के भाइयों-बहनों की किसी परंपरा, भाषा, रहन-सहन, संस्कृति, किसी पर आंच नहीं आने दूंगा, उनके हकों पर कोई आंच नहीं आने दूंगा। उनके भविष्य को और निखारने के लिए अपने आप को खपा दूंगा, उनके भविष्य के सामने कभी सवालिया निशान नहीं पैदा होने दूंगा। वहां के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भारत सरकार पूरी ताकत से कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ काम करेगी। मैं आग्रह करूंगा उनसे कि कांग्रेस और उनके साथियों के बहकावे में ना आएं, किसी तरह के झूठ के जाल में न फंसें, खासकर के मैं असम के मेरे नौजवान साथियों को, भाइयों को, बहनों को भरोसा दिलाता हूं, उनको किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है, कोई भी उनके अधिकारों को नहीं छीन सकता है। उनके राजनीतिक हक, उनकी सांस्कृतिक विरासत, उनकी भाषा, इन सबको क्लॉज 6 के स्पिरिट के अनुसार पूरी तरह से सेफगार्ड किया जाएगा। हम सबको असम की संस्कृति पर बहुत गर्व है। 

भाइयो-बहनो, कांग्रेस और उसके साथियो को, उनकी डिक्शनरी में कभी भी जनहित शब्द ही नहीं है, उन्होंने हमेशा स्वहित के लिए, परिवार हित के लिए काम किया है, इनकी राजनीति रही है लूटो और लटकाओ। यही कारण है कि भाइयो-बहनो, काले सोने पर बैठा ये धनबाद और ये पूरा इलाका संपदा से जितना समृद्ध है उतनी ही अधिक गरीबी यहां बनी रही है। भाइयो-बहनो, कल जब पार्लियामेंट में वोटिंग हुई तो आपने देखा होगा वोटिंग कैसे हुई। हमारे यहां सवा को शुभ माना जाता है, कोई भी काम करते हैं तो उसको सवा। आपने देखा होगा, कल हम लोगों को सवा सौ वोट मिले और 99 का फेरा बहुत बुरा माना जाता है, ये षड्यंत्रकारी मानसिकता लेकर चलने वाले लोग 99 के फेरे में फंस गए हैं। भाइयो-बहनो, यहां से निकले कोयले पर कांग्रेस-जेएमएम के नेताओं ने, इनके रिश्तेदारों ने, दोस्तों ने अपने लिए महल खड़े कर दिए लेकिन यहां की जनता को झोपड़ियों में रहने के लिए मजबूर कर दिया। अब भाजपा सरकार ने हर गरीब बेघर परिवार को अपना पक्का घर दिलाने का बीड़ा उठाया है। झारखंड में दस लाख ऐसे घर बन चुके हैं जिनको अभी घर नहीं मिले हैं, उनको भी 2022 तक अपना घर मिल जाएगा, ये आश्वासन मैं आपको दे रहा हूं। 2022 के बाद किसी को भी झुग्गी-झोपड़ी में नहीं रहना पड़ेगा, पक्का घर हर परिवार को, ये मेरा आपको वादा है। 

साथियो, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने अगर धनबाद को, देवघर को, झारखंड को कुछ दिया है तो क्या दिया है धूल, धुआं और धोखा। यही कांग्रेस और उसके जेएमएम जैसे साथियों ने आपको दिया है। यहां से कोयला निकलता रहा, लेकिन यहां की जनता को प्रदूषण में छोड़ दिया गया, सुविधाओं के अभाव में छोड़ दिया गया। जब आपने दिल्ली और रांची में भाजपा सरकार बनाई तब जाकर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बना, इसका फायदा क्या हुआ। साथियो, अब यहां से निकलने वाले कोयले से होने वाली आय का एक हिस्सा यहीं पर खर्च होने लगा है। बहुत कम समय में ही पांच हजार करोड़ रुपए इसके तहत झारखंड को मिले हैं, आज जो यहां पानी की पाइप लाइन बिछ रही है, बीते पांच वर्ष में अगर पाइपलाइन से कनेक्टिविटी दो गुनी हुई है तो इसमें इस फंड का बहुत बड़ा योगदान है। भाइयो-बहनो, कांग्रेस और उसके साथियों ने आपको विकास के लिए गिड़गिड़ाने और तरसाने के लिए छोड़ दिया था, इन दलों ने इस क्षेत्र को सिर्फ विस्थापन का दर्द दिया लेकिन भाजपा सरकार ने विस्थापितों के रोजगार के लिए, इनके जीवन को गरिमापूर्ण बनाने के लिए लगातार कोशिश की है। यहां आईआईटी की मांग आप करते रहे हैं, लेकिन पूरा किया भाजपा सरकार ने, यहां पासपोर्ट केंद्र की मांग की थी, ये मांग पूरी की भाजपा सरकार ने, देवघर में एम्स की मांग कब से हो रही थी, इस मांग को भी पूरा किया भाजपा सरकार ने, झारखंड में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग कब से थी, लेकिन इसे पूरा किया भाजपा सरकार ने। साथियो, 2014 से पहले जहां झारखंड में सिर्फ तीन मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब सात मेडिकल कॉलेज का मार्ग बना है, इतना ही नहीं गांवों में खुले अटल क्लीनिक यहां गरीब को सेवा दे रहे हैं। इसी तरह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का भी व्यापक विस्तार किया जा रहा है और आयुष्मान भारत योजना की तो यहीं झारखंड से शुरुआत हुई थी, पूरे देश के लिहाज से शुरू किया था। झारखंड के लाखों परिवार को अब आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलने लगा है। 

साथियो, कांग्रेस और उसके साथियो के पास सोच और संकल्प दोनों की कमी है, उन्होंने यहां नक्सलवाद को हवा दी, यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं दिया। यही कारण है इनके शासनकाल में यहां नए उद्योग तो आए नहीं, बल्कि पुराने भी बंद हो गए। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के साथ क्या-क्या हुआ ये आप भलीभांति जानते हैं, सिंदरी के खाद कारखाने के साथ इन्होंने क्या किया, कैसे इनकी गलत नीतियों के कारण यहां हजारों लोग बेरोजगार हो गए इससे भी आप भलीभांति परिचित हैं। मुझे संतोष है कि हमारी सरकार द्वारा सिंदरी के खाद कारखाने को फिर से शुरू करने का फैसला लिया गया और अब इस पर तेजी से काम चल रहा है। एक बार जब ये कारखाना पूरी तरह से शुरू हो जाएगा तो यहां के हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और यहां के किसानों को पर्याप्त और सस्ता यूरिया भी मिलेगा। भाइयो-बहनो, भाजपा की सरकार इस कारखाने को इसलिए पुनर्जीवित कर पा रही है क्योंकि हमने झारखंड तक गैस पहुंचाने के लिए एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। पश्चिम बंगाल के हल्दिया से यहां गैस पहुंचाई जा रही है, इस गैस पाइपलाइन से खाद कारखाने की जरूरत भी पूरी होगी, यहां की गाड़ियां धुआंरहित भी होंगी और घरों में भी पाइप के रास्ते भी सस्ती गैस पहुंच पाएगी। साथियो, ऐसी संपूर्ण व्यवस्था और विकास का रास्ता तभी दिखता है जब आप राष्ट्रहित को, जनहित को सामने रखते हैं। इसी सोच के साथ ही भाजपा इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर भी गंभीरता से काम कर रही हैआज इस क्षेत्र के गांव-गांव में सड़क और बिजली पहुंच रही है, शहरों में सड़कें चौड़ी हो रही हैं, गलियों में स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। रायपुर से धनबाद वाया गुमला-रांची आर्थिक कॉरिडोर के तहत यहां सड़कें चौड़ी की गई हैं। रेलवे का अभूतपूर्व विस्तार इस क्षेत्र में किया जा रहा है, झारखंड में रेलवे के विस्तार पर बीते पांच वर्षों में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के काम हमने स्वीकृत किए हैं। यहां तक कि यहां की हवाई कनेक्टिविटी के लिए भी बड़ी तेजी से काम किया जा रहा है, देवघर सहित झारखंड के पुराने एयरपोर्ट्स को आधुनिक बनाने और उनके विस्तारीकरण पर काम किया जा रहा है, सौभाग्य से ये सभा भी एयरपोर्ट पर ही हो रही है। हमारा प्रयास है कि ऐसे अनेक एयरपोर्ट्स को भविष्य में उड़ान योजना के तहत लाया जाए ताकि सामान्य से सामान्य परिवार को भी हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके। भाइयो-बहनो, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के ये काम तभी तेजी से होंगे जब अगले पांच वर्ष भी यहां भाजपा की सरकार होगी। यहां के गरीब को, बेघर को, अपना पक्का घर तेजी से मिल सकेगा, जब यहां भाजपा की मजबूत सरकार होगी, यहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर तभी मिल सकेंगे, जब यहां कमल के निशान को ताकत मिलेगी। यहां सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास से सरकार तभी चल पाएगी जब यहां सरकार भारतीय जनता पार्टी की होगी क्योंकि भाजपा जो संकल्प लेती है उसे सिद्ध भी करती है और इसलिए आज भी जो हम कह रहे हैं उसको हम करके रहेंगे।  

भाइयो-बहनो, आप ध्यान रखिए, ये चुनाव सिर्फ विधायक बनाने के लिए नहीं है, ये आपके बच्चों के भविष्य को निर्धारित करने वाला चुनाव है। आज गलती से भी गलत जगह बटन दब गया तो अस्थिरता और लूट के वो पुराने दिन वापस आ जाएंगे और इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं, कमल के फूल वाला बटन ही दबाना है। ये बातें आने वाले दिनों में अपने हर रिश्तेदार, हर दोस्त, हर घर तक पहुंचानी है। भाइयो-बहनो, मैं बोलूंगा आप मेरे साथ बोलेंगे, झारखंड पुकारा भाजपा दोबारा, झारखंड पुकारा भाजपा दोबारा, झारखंड पुकारा भाजपा दोबारा, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।     

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India’s democracy and demography are a beacon of hope for the world: PM Modi’s statement to the media ahead of the Budget Session of Parliament
January 29, 2026
The President’s Address Reflects Confidence and Aspirations of 140 crore Indians: PM
India-EU Free Trade Agreement Opens Vast Opportunities for Youth, Farmers, and Manufacturers: PM
Our Government believes in Reform, Perform, Transform; Nation is moving Rapidly on Reform Express: PM
India’s Democracy and Demography are a Beacon of Hope for the World: PM
The time is for Solutions, Empowering Decisions and Accelerating Reforms: PM

Greetings, Friends,

Yesterday, the Honorable President’s address was an expression of the self-confidence of 140 crore countrymen, an account of the collective endeavor of 140 crore Indians, and a very precise articulation of the aspirations of 140 crore citizens—especially the youth. It also laid out several guiding thoughts for all Members of Parliament. At the very beginning of the session, and at the very start of 2026, the expectations expressed by the Honorable President before the House, in the simplest of words and in the capacity of the Head of the Nation, reflect deep sentiments. I am fully confident that all Honorable Members of Parliament have taken them seriously. This session, in itself, is a very important one. It is the Budget Session.

A quarter of the 21st century has already passed; we are now beginning the second quarter. This marks the start of a crucial 25-year period to achieve the goal of a Developed India by 2047. This is the first budget of the second quarter of this century. And Finance Minister Nirmala ji is presenting the budget in Parliament for the ninth consecutive time—the first woman Finance Minister in the country to do so. This moment is being recorded as a matter of pride in India’s parliamentary history.

Friends,

This year has begun on a very positive note. A self-confident India today has become a ray of hope for the world and also a center of attraction. At the very beginning of this quarter, the Free Trade Agreement between India and the European Union reflects how bright the coming directions are and how promising the future of India’s youth is. This is free trade for an ambitious India, free trade for aspirational youth, and free trade for a self-reliant India. I am fully confident that, especially India’s manufacturers, will use this opportunity to enhance their capabilities.

I would say to all producers: when such a “mother of all deals,” as it is called, has been concluded between India and the European Union, our industrialists and manufacturers should not remain complacent merely thinking that a big market has opened and goods can now be sent cheaply. This is an opportunity, and the foremost mantra of seizing this opportunity is to focus on quality. Now that the market has opened, we must enter it with the very best quality. If we go with top-class quality, we will not only earn revenue from buyers across the 27 countries of the European Union, but we will also win their hearts. That impact lasts a long time—decades, in fact. Company brands, along with the nation’s brand, establish a new sense of pride.

Therefore, this agreement with 27 countries is bringing major opportunities for our fishermen, our farmers, our youth, and those in the service sector who are eager to work across the world. I am fully confident that this is a very significant step toward a confident, competitive, and productive India.

Friends,

It is natural for the nation’s attention to be focused on the budget. But this government has been identified with reform, perform, and transform. Now we are moving on the reform express—at great speed. I also express my gratitude to all colleagues in Parliament who are contributing their positive energy to accelerate this reform express, due to which it continues to gain momentum.

The country is now moving out of long-term pending problems and stepping firmly onto the path of long-term solutions. When long-term solutions are in place, predictability emerges, which creates trust across the world. In every decision we take, national progress is our objective, but all our decisions are human-centric. Our role and our schemes are human-centric. We will compete with technology, adopt technology, and accept its potential, but at the same time, we will not allow the human-centric system to be diminished in any way. Understanding the importance of sensitivities, we will move forward with a harmonious integration of technology and humanity.

Those who critique us—who may have likes or dislikes toward us—this is natural in a democracy. But one thing everyone acknowledges is that this government has emphasized last-mile delivery. There is a continuous effort to ensure that schemes do not remain confined to files but reach people’s lives. This tradition will be taken forward in the coming days through next-generation reforms on the reform express.

India’s democracy and India’s demography today represent a great hope for the world. From this temple of democracy, we should also convey a message to the global community—about our capabilities, our commitment to democracy, and our respect for decisions taken through democratic processes. The world welcomes and accepts this.

At a time when the country is moving forward, this is not an era of obstruction; it is an era of solutions. Today, the priority is not disruption, but resolution. Today is not a time to sit and lament through obstruction; it is a period that demands courageous, solution-oriented decisions. I urge all Honorable Members of Parliament to come forward, accelerate this phase of essential solutions for the nation, empower decisions, and move successfully ahead in last-mile delivery.

Thank you very much, colleagues. My best wishes to all of you.