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नागरिकता (संशोधन) विधेयक भारत की समावेश करने, मानवीय मूल्यों में भरोसे की सदियों पुरानी प्रकृति के अनुरूप है: प्रधानमंत्री मोदी
लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विधेयक का समर्थन करने वाले विभिन्न सांसदों और दलों को धन्यवाद दिया
पीएम मोदी ने कहा कि विधेयक भारत की समावेश करने, मानवीय मूल्यों में भरोसे की सदियों पुरानी प्रकृति के अनुरूप है
प्रधानमंत्री ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 के सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की सराहना की

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। मां लिलोरी, मां कल्याणेश्वरी को शत-शत प्रणाम करता हूं। कोयलांचल की राजधानी में, झारखंड के इस महत्वपूर्ण शहर में एक बार फिर आप सभी के बीच आना, आपके आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, इस बार और हर बार जब-जब यहां आता हूं तो आपका ये अभूतपूर्व स्नेह और सत्कार मुझे हर बार मिलता रहा है। आज भी इतनी भारी संख्या में मेरी नजर जहां पहुंच रही है माथे ही माथे नजर आ रहे हैं, लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में आप सबने आकर के हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद दिया, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। भाइयो-बहनो, बीते कुछ हफ्तों से मैंने झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में दौरा किया है, वहां का माहौल जाना है, लोगों से बातचीत की है और मैं राजनीति के अनुभव के आधार पर कहता हूं कि एक बात बिल्कुल स्पष्ट है। पूरे झारखंड में कमल के फूल को लेकर, भाजपा की डबल इंजन सरकार को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है, असीम उत्साह है। पहले दो चरणों में जहां-जहां मतदान हुआ है वहां भाजपा के पक्ष में अभूतपूर्व मतदान हुआ है। भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं ने प्रशंसनीय काम किया है, नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया है, प्रशासन ने भी शांतिपूर्ण मतदान को सफलतापूर्वक यहां पर करके दिखाया। मुझे पूरा विश्वास है कि जहां अभी मतदान हो रहा है और जहां अगले चरणों में होगा वहां भी भारी मतदान होगा, स्थिर और मजबूत सरकार फिर से बनाने के लिए आपका प्रचंड समर्थन मिलेगा।  

साथियोआखिर झारखंड सहित पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी के प्रति इतना विश्वास क्यों हैआज पूरा हिंदुस्तान भाजपा पर क्यों विश्वास करता है। भाइयो-बहनोये भरोसा इसलिए है क्योंकि भाजपा ही है जो संकल्प लेने के बाद उसे सिद्ध भी करती है। जो वादा हम देश के लोगों से करते हैं उस पर पूरी ईमानदारी से अमल करते हैं। 

भाइयो-बहनोकांग्रेस ने देश में एक विचित्र राजनीतिक माहौल बनाया जिसके कारण घोषणापत्र परनेताओं के वादों पर देशवासियों का भरोसा करीब-करीब उठ ही गया था, क्योंकि उन्होंने वही परंपरा पैदा की थीलोगों को लगने लगा था कि नेता चुनाव के दौरान घोषणाएं करते हैं और फिर भूल जाते हैं। देश के लोगों में ये भावना भरने वाली कांग्रेस की परंपराकांग्रेस के कारनामेकांग्रेस के इरादेइसी के कारण ये स्थिति पैदा हुई है। कांग्रेस और जेएमएम और फिर उनके साथ आरजेडी और बचे-खुचे वामपंथी जैसे इनके सहयोगी हमेशा यही करते रहे हैं लेकिन साथियोभाजपा ने सिर्फ 6 महीने में दिखाया है कि संकल्प चाहे कितने भी बड़े होंकितने भी मुश्किल होंउन्हें पूरा करने के लिए हम दिन-रात एक कर देते हैं। हम सुख-वैभव के पीछे नहीं दौड़ते हैं, ना ही हम चैन की नींद सोते हैंहर पल देशवासियों के सपने को पूरा करने के लिए हम अपने आप को मिटाते रहते हैं। भाइयो-बहनो6 महीने पहले जब आपके बीच मैं और मेरे भाजपा के सभी साथी आए थे तब हमने कहा था कि झारखंड सहित देश के हर किसान परिवार के बैंक खाते में सीधी मदद पहुंचाएंगे। भाइयो-बहनोआप मुझे बताइए ये संकल्प पूरा हुआ कि नहीं पूरा हुआहमने वादा किया था, निभाया कि नहीं निभाया। हमने कहा था छोटे किसानखेत मजदूरछोटे दुकानदारछोटे व्यापारीउन सबको 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन की व्यवस्था करेंगेये संकल्प भी हमने आते ही पूरा कर दियाकिया कि नहीं कियावादा निभाया कि नहीं निभायाभाइयो-बहनोहमने कहा था कि 2024 तकये चुनाव में जो मैंने कहा था याद दिला रहा हूं और पार्टियां तो भुलवा देती हैं। अब वो गरीबी हटाओ बोलना बंद कर दिया उन्होंने, क्योंकि 30-30 साल तक झूठ बोलते रहे। भाइयो-बहनो2024 तक देश के हर घर को जल देने का काम करेंगे, ये मैंने आपसे कहा थाहमने सरकार बनते ही इस संकल्प को पूरा करने के लिए जल शक्ति का अलग मंत्रालय बनायाजल शक्ति के लिए अलग बजट लगाया और इतना ही नहीं, जल जीवन मिशन भी शुरू हो चुका है और इस सपने को 2024 तक पूरा करके रहेंगे। इस काम को पूरा करने के लिए साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसके कारण मेरी माताओं-बहनों को पानी के कारण जो मुसीबत होती है, माताओं-बहनों को उस संकट से मुक्ति मिल जाएगी और इस योजना का लाभ झारखंड को तो मिलेगा ही, लेकिन इस क्षेत्र के गरीबों को विशेष नई ताकत देगा और मैं भलीभांति जानता हूं, यहां के पानी की दिक्कतें देश के कई कोने में लेकिन उसका समाधान ढूंढ़ने के लिए भारत सरकार ने इतना बड़ा बीड़ा उठाया है। आपकी वो तकलीफें भी जल जीवन मिशन से कम होंगी। 

साथियोभाजपा ने आपसे ये कहा था कि देश में एक ही संविधान लागू करेंगेजम्मू कश्मीर में भी भारतीय कानून लागू करेंगे। आज जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हट चुका है और भारत का संविधान पूरी तरह से वहां लागू है। आप मुझे बताइए 370 हटाने का वादा हमने पूरा किया कि नहीं कियाये बड़ा निर्णय हमने किया कि नहीं किया। पूरी निष्ठा के साथईमानदारी के साथ लागू किया कि नहीं किया। भाइयो-बहनोहमने कहा था कि राम जन्मभूमिमैं आपके इस आशीर्वाद के लिए आपको सिर झुकाकर के नमन करता हूंये आपके आशीर्वाद ही मेरी ताकत हैये आशीर्वाद ही भाजपा की ताकत हैये आशीर्वाद ही झारखंड का उज्ज्वल भविष्य बनाएंगे। भाइयो-बहनोराम जन्मभूमि को लेकर जो विवाद सदियों से यानी 2,5 साल50 साल से नहींसदियों से चल रहा है, जिसको कांग्रेस ने जानबूझ करके उलझायाबार-बार उलझाया। हमने कहा थाहमारे संकल्प पत्र में लिखा था कि राम जन्मभूमि विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएंगेये हमने कहा थाशांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया कि नहीं सुलझायाभाइयो-बहनोअब आप खुद देख रहे हैं कि कैसे अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए सारे मार्ग खुल चुके हैंसारी अड़चनें हट गई हैं और सब कुछ देश की एकतादेश का भाईचारादेश का सद्भाव इसको मजबूत बनाने के रास्ते पर किया गया और देश ने दिखा दिया, देश की एकता क्या हैदेश में भाईचारा क्या हैदेश में सभी धर्म-संप्रदाय के लोग कैसे मिल-जुल करके रहते हैं, ये हिंदुस्तान ने दिखा दिया हैपूरी दुनिया को हिंदुस्तान ने एकता का संदेश दे दिया है। 

साथियोहमने ये भी कहा था कि तीन तलाक ये जो कुप्रथाइस देश में करोड़ों बहनों को नर्क का जीवन जीने के लिए मजबूर कर रही है। हम ऐसी हमारी माताओं-बहनों को इस बुराई से हम मुक्ति दिलाकर के रहेंगे। आज तीन तलाक के विरुद्ध सख्त कानून बन चुका है। इस कानून ने लाखों-करोड़ों मुस्लिम बहन-बेटियों के जीवन को सुरक्षित किया हैउन्हें जीवन की एक बड़ी चिंता से बाहर निकाला हैआप बताइए भाइयो-बहनोमैंने वादा पूरी किया कि नहीं कियामैंने कभी वोट बैंक की चिंता नहीं की है, लोगों की भलाई के लिए काम करने का मेरा इरादा हैकिया कि नहीं कियाऔर कुछ लोग भ्रम में रहते हैं कि तीन तलाक से ये जो मोदी ने कानून बनाया है वो सिर्फ मुस्लिम बहनों की मदद करता है। मुस्लिम बहनों की तो मदद करता ही है, लेकिन उससे ज्यादा ये मुस्लिम भाइयों की मदद करता है। मैं समझाता हूं कैसे करता हैमुझे बताइए हर भाईउसकी बहन तीन तलाक के कारण घर आ जाए तो उस भाई को मुसीबत होगी कि नहीं होगीअगर मान लो कि कोई बेटी तीन तलाक के कारण घर लौट आए तो पिता को तकलीफ होगी कि नहीं होगी तो तीन तलाक के कारण सिर्फ एक बेटी पर अन्याय नहीं होता हैबेटी का भाई परेशान हो जाता हैबेटी का पिता परेशान हो जाता हैबेटी की माता परेशान हो जाती हैपूरा परिवार तबाह हो जाता है और इसलिए तीन तलाक के खिलाफ कानून ला करके हमने मुस्लिम पुरुषों की भी मदद की है। भाइयो-बहनोबीते 6 महीने में जितने भी काम हुए हैंजितने भी फैसले लिए गए हैं, इनमें से अनेक ऐसे थे, जो दशकों से लटके हुए थे और ये कांग्रेस का चरित्र रहा हैइन सारों को लटकाने का श्रेय कांग्रेस और उनके सहयोगियों को जाता है, जिन्होंने सबसे ज्यादा समय देश पर शासन किया हैदेश पर राज किया है। ये कांग्रेस की हमेशा से रणनीति रही है कि मुश्किल फैसलों को टालते रहोउस पर राजनीति करते रहो। कांग्रेस ने हमेशा अपनी राजनीति के बारे में सोचा हैराष्ट्रहित और राष्ट्रनीति के बारे में उन्हें सोचने में उनको बड़ी देर लग जाती है। कांग्रेस की यही राजनीति है जिसके कारण सात दशक के बाद भी भारत के समाज में अनेक नई मुश्किलें आती हैंदरारें खड़ी हो जाती हैंदरारें दिखने लगती हैं। 

साथियोपिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई वर्षों से चल रही थी। कांग्रेस की सरकारें आती थींचुनाव के समय वादे करती थींओबीसी के नेताओं के साथ फोटो निकलवाती थीं और चुनाव गया तो भूल जाती थीं और कांग्रेस उसको लटकाए रखती थी कि हर चुनाव में भुनाया जा सकेयही इनकी स्वार्थ की नीति थी। लेकिन भाजपा ने पिछड़े वर्ग-ओबीसी की समस्याओं को सुलझाने के लिए इस आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया ताकि पिछड़ों को इंसाफ मिल सके। आपने देखा होगा लोग झूठ फैलाते रहते हैंमोदी आएगाभाजपा आएगी तो अनामत जाएगी,  आरक्षण जाएगा। अभी पार्लियामेंट में हमने एससी-एसटी के आरक्षण को दस साल बढ़ाने का निर्णय हमारी सरकार ने कर दियाये हमारी राष्ट्रनीति का हिस्सा है। साथियोसामान्य वर्ग के गरीब साथियों को आरक्षण मिलेहर परिवार से मांग उठती थी। सामान्य वर्ग का हर गरीब सालों से मांग कर रहा था, आंदोलन कर रहा था, लेकिन कांग्रेस जायज मांगों को भी टालती रहीदबाती रहीलटकाती रही। ये कांग्रेस और उसके सहयोगियों की स्वार्थनीति का परिणाम है। भाजपा ने गरीब के हित में सामान्य वर्ग के गरीब को भी दस प्रतिशत आरक्षण दे दिया। मिला कि नहीं मिलानिर्णय हुआ कि नहीं हुआसामान्य वर्ग को भी न्याय मिला कि नहीं मिलायही हमारी राष्ट्रनीति है। साथियोआदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग भी दशकों से चल रही थी, लेकिन इसको पूरा करने का काम भी जब अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री बनेभाजपा की सरकार बनी तब कर पाएउसके पहले कांग्रेस को आदिवासी समाज की चिंता नहीं थी। भाइयो-बहनो,  इसी तरह अलग झारखंड के निर्माण के लिए भी अगर वर्षों तक यातनाएं झेलनी पड़ींगोलियां बरसाई गईंजुल्म किए गएखून-खराबा हुआलोगों को जेलों में डाला गयालोगों को अपनों को खोना पड़ा तो ये मुसीबत का कारण भी कांग्रेस पार्टी रही हैउनके साथी रहे हैं, जो स्वार्थ के लिए राजनीतिक आंदोलनों की बाते करते रहे हैं। आजादी के बाद से ही यहां का जनजातीय समाजयहां का पिछड़ा समाज अलग राज्य की मांग कर रहा था, लेकिन कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों को ऊपर रखाआपकी बात नहीं सुनी और पांच दशक तक आपके लिए अलग झारखंड नहीं बनाया। और कुछ लोग तो कहते थे कि झारखंड मेरी लाश पर बनेगाआज वही लोग आपके वोट मांगने निकले हैंऐसे झूठ बोलने वालों को माफ कर सकते हैं क्याझारखंड का विरोध करने वालों को स्वीकार कर सकते हैं क्याझारखंड के मुद्दे को लटकाए रखने वालों को माफ कर सकते हैं क्या?

भाइयो-बहनोबाबू राम नारायण सिंह जीजयपाल मुंडा जी और विनोद बिहारी महतो जी जैसे सेनानियों के संघर्ष को कांग्रेस ने कभी सम्मान नहीं दिया। उनकी आवाज को दबाने के लिए छल- कपट का सहारा लिया गया, लेकिन भाजपा ने इस संघर्ष का भी सम्मान किया और इससे जुड़े सेनानियों का भी सम्मान किया और जब भाजपा को पहली बार दिल्ली में आपने अवसर दिया तो आपसे किया गया अलग झारखंड का वादा भी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पूरा कर दिया। इतना ही नहीं झारखंड आंदोलन के प्रणेता रहे विनोद बिहारी महतो जी के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण करने का काम भी भाजपा की सरकार ने किया ताकि झारखंड की युवा पीढ़ी को आने वाली सदियों तक प्रेरणा मिलती रहे। साथियोअपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र का अहित करने वाली कांग्रेस की सोच का आज मैं एक और उदाहरण आपको देना चाहता हूं। 1947 में जब देश आजाद हुआजब भारत के टुकड़े हो गएमाता को आजाद कराने के लिए भारत मां की भुजाएं काट दी गईं और 1971 में बांग्लादेश का निर्माण हुआ। दोनों बार सबसे अधिक प्रभावित कौन हुएदोनों बार सबसे अधिक प्रभावित वो लोग हुए जो पाकिस्तान मेंबांग्लादेश मेंअफगानिस्तान में अल्पसंख्यक थेजिनका ध्यान रखने का समझौता हुआ था। ये अल्पसंख्यकपाकिस्तान में अल्पसंख्यक कौन हैबांग्लादेश में अल्पसंख्यक कौन हैअफगानिस्तान में अल्पसंख्यक कौन है। इन अल्पसंख्यकों को और उनमें अधिकतर हिंदू थेसिख थेबौद्ध थेजैन थेईसाई संप्रदाय के लोग थेपारसी लोग थेये लोग अनेकों पीढ़ियों से वहां रह रहे थेवो कहीं और से वहां आकर नहीं बसे थे। इन लोगों ने अलग देश की मांग भी नहीं की थी, उन पर तो ये फैसला सन 47 में थोपा गया थाहिंदुओं में भी अधिकतर दलित परिवारों के लोग थे जो विभाजन के बाद पाकिस्तान में रह गए थे और ये वो लोग थेजो वहां साफ-सफाई का काम करते थे। जिनको पाकिस्तान के जमींदारों ने वहां सेवा के लिएकाम-काज के लिए रखा था। वहां जो दलितवंचितशोषित रह गए थे, उनके साथ अमानवीय बर्ताव हुआउनके मंदिरों पर कब्जा किए गए। गुरुद्वारा होचर्च होहर तीर्थ केंद्रहर श्रद्धा केंद्र संकट में आ गया। घर तो उनके पास क्या थे, झोपड़ियों में जिंदगी गुजारते थे, उन पर भी कब्जा कर लियाबहू-बेटियों के साथ दिन-दहाड़े अत्याचार हुए। यही स्थिति वहां रहने वाले सिख परिवारों की हुई। ऐसे लाखों साथी पाकिस्तानबांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए। दशकों से वो भारत के अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैंअनधिकृत रूप से रहते हैंउनको राजनीति के लिए उपयोग तो किया गया, लेकिन उन्हें नागरिकता को लेकर सिर्फ वादे मिले और आप अखबार निकाल लीजिएहर चुनाव के पहले कांग्रेस के किसी ना किसी नेता नेकांग्रेस की किसी ना किसी इकाई ने ये बयान दिया है। पुराने अखबार निकाल लेनाउन्होंने वादे किए हैं कि हमारी सरकार बनेगी तो बांग्लादेशपाकिस्तान से आए हुए जो विस्थापित हैं उनको हम नागरिक अधिकार देंगेहिंदू को देंगेसिख को देंगेऐसा भी कहा है लेकिन कल आपने देखा फिर पलट गए।

भाइयो-बहनोजिस गरीबीगंदगी और उपेक्षा में हमारे भाई-बहन पाकिस्तान में थेकांग्रेस की सरकारों ने यहां भी उनके साथ यही बर्ताव किया। भाइयो-बहनोदस साल पहले जब अफगानिस्तान में तालिबान के हमले बढ़े तो दर्जनों ईसाई परिवार भी अपनी जान बचाकर हिंदुस्तान आएभारत इसलिए आए, क्योंकि उनके पुरखे भी इसी धरती से जुड़े हुए थे, लेकिन इन लोगों का भारत में आने के बाद कांग्रेस की सरकार ने साथ नहीं दिया। ऐसे ईसाई परिवार आज भी बहुत ही दयनीय स्थिति में जिंदगी गुजार रहे हैं। साथियोआज जब ऐसे लाखों गरीबप्रताड़ितवंचितशोषितदलित परिवारसिख परिवारईसाई परिवार उनको भाजपा ने अपने वादे के अनुसार नागरिकता देने का कानून बनाया तो कांग्रेस और उसके साथी उसका भी विरोध कर रहे हैं। आप मुझे बताइए भाइयो-बहनोउनको न्याय मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिएउनको भारत में शरण मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिएउनको अधिकार मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिएभाइयो-बहनोआपने अब कांग्रेस को भलीभांति पहचान लिया हैकांग्रेस सिर्फ और सिर्फकांग्रेस और उनके सहयोगियों की स्वार्थ नीति हैवोट बैंक की चिंता है। इनको पता है कि दलितोंवंचितोंआदिवासियोंपिछड़ों ने इनको ठुकरा दिया है, इसलिए एक वोटबैंक इनको अपना आखिरी सहारा दिख रहा है। इसके लिए वो इस देश के करोड़ों मुस्लिम साथियों से भी छल कर रहे हैंउनसे झूठ बोल रहे हैं। साथियोये जो नागरिकता के कानून में संशोधन हुआ है, इसका भारत के नागरिक, जो हमारे मुसलमान भाई हैंइस कानून से इस देश का हिंदू हैमुसलमान हैईसाई हैपारसी हैबौद्ध हैजैन है जो पहले से भारत का नागरिक है, उनको इससे कोई लेना-देना ही नहीं है, उन पर इसका कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन झूठ बोले जा रहे हैं। भाइयो-बहनोइसी तरह की राजनीति के लिए ही कांग्रेस और उसके साथी नार्थ-ईस्ट में भी आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वहां भ्रम फैलाया जा रहा है कि बांग्लादेश से बड़ी संख्या में लोग आ जाएंगेजबकि कानून पहले से ही भारत आ चुके शरणार्थियों की नागरिकता के लिए है। 31 दिसंबर 2014 तक जो शरणार्थी भारत आए उन शरणार्थियों को ही इस व्यवस्था में रखा गया है। इतना ही नहीं नार्थ-ईस्ट के करीब-करीब सभी राज्य इस कानून के दायरे से बाहर हैं लेकिन फिर भी कांग्रेस और उनके सहयोगी दल जिनकी राजनीति घुसपैठियों के समर्थन से चलती है वो वहां भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। 

भाइयो-बहनोयहां से ये देवघर बाबा धाम बहुत दूर नहीं हैभोले बाबा की इस धरती से मैं नार्थ-ईस्ट और पूर्वी भारत के असम सहित हर राज्यहर जनजातीय समाज को आश्वस्त करना चाहता हूं। असम सहित नॉर्थ-ईस्ट के अलग-अलग क्षेत्र की परंपराओंवहां की संस्कृतिवहां की भाषा को मान-सम्मान देनाउसे संरक्षण देनाउसे और समृद्ध करनाये भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता हैमोदी सरकार की प्राथमिकता है। हम नॉर्थ-ईस्ट के क्षेत्रीय दलोंवहां के स्थानीय संगठनोंकमेटियोंकाउंसलरों के साथ मिलकर वहां के विकास के लिए काम कर रहे हैं और हमेशा करते रहेंगे। नॉर्थ-ईस्ट में कनेक्टिविटी के काम होंहाईवे होरेलवे होएयरपोर्ट होहेलिपैड होअस्पतालों का निर्माण होआधुनिकीकरण होशिक्षा से जुड़े अच्छे संस्थान होंमोबाइल टॉवर लगाने का काम हो, यानि हर वो काम जो नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की जिंदगी आसान बनाए, उसे हम अपना दायित्व समझकरअपनी बड़ी जिम्मेदारी समझकर पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। देश के जितने प्रधानमंत्रीसब के सब मिलकर के जितनी बार असम या नॉर्थ-ईस्ट गए होंगे, उससे ज्यादा बार मैं अकेला गया हूं। भारत सरकार का हर मंत्रीमहीने में दो बार कोई ना कोई मंत्री नॉर्थ-ईस्ट में जाकर के रात्रि में रुक करके वहां की समस्याएं समझने की कोशिश लगातार पांच वर्ष करते रहे हैंहम तो एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर काम कर रहे हैं। नॉर्थ-ईस्ट समेत पूर्वी भारत को जिसे कांग्रेस में अपने हाल पर छोड़ दिया था, हम उसे भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बनाने का काम कर रहे हैं। मैं आज इस मंच से नॉर्थ-ईस्ट केविशेषकर के असम के अपने भाइयों-बहनों को, अपने युवा साथियों को अपील करता हूं कि आप अपने इस सेवक परअपने इस मोदी पर विश्वास रखिए। मैं नॉर्थ-ईस्ट के भाइयों-बहनों की किसी परंपराभाषारहन-सहनसंस्कृतिकिसी पर आंच नहीं आने दूंगाउनके हकों पर कोई आंच नहीं आने दूंगा। उनके भविष्य को और निखारने के लिए अपने आप को खपा दूंगाउनके भविष्य के सामने कभी सवालिया निशान नहीं पैदा होने दूंगा। वहां के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भारत सरकार पूरी ताकत से कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ काम करेगी। मैं आग्रह करूंगा उनसे कि कांग्रेस और उनके साथियों के बहकावे में ना आएंकिसी तरह के झूठ के जाल में न फंसेंखासकर के मैं असम के मेरे नौजवान साथियों कोभाइयों कोबहनों को भरोसा दिलाता हूं, उनको किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं हैकोई भी उनके अधिकारों को नहीं छीन सकता है। उनके राजनीतिक हकउनकी सांस्कृतिक विरासतउनकी भाषा, इन सबको क्लॉज 6 के स्पिरिट के अनुसार पूरी तरह से सेफगार्ड किया जाएगा। हम सबको असम की संस्कृति पर बहुत गर्व है। 

भाइयो-बहनोकांग्रेस और उसके साथियो कोउनकी डिक्शनरी में कभी भी जनहित शब्द ही नहीं हैउन्होंने हमेशा स्वहित के लिएपरिवार हित के लिए काम किया हैइनकी राजनीति रही है लूटो और लटकाओ। यही कारण है कि भाइयो-बहनोकाले सोने पर बैठा ये धनबाद और ये पूरा इलाका संपदा से जितना समृद्ध है उतनी ही अधिक गरीबी यहां बनी रही है। भाइयो-बहनोकल जब पार्लियामेंट में वोटिंग हुई तो आपने देखा होगा वोटिंग कैसे हुई। हमारे यहां सवा को शुभ माना जाता हैकोई भी काम करते हैं तो उसको सवा। आपने देखा होगाकल हम लोगों को सवा सौ वोट मिले और 99 का फेरा बहुत बुरा माना जाता हैये षड्यंत्रकारी मानसिकता लेकर चलने वाले लोग 99 के फेरे में फंस गए हैं। भाइयो-बहनोयहां से निकले कोयले पर कांग्रेस-जेएमएम के नेताओं नेइनके रिश्तेदारों नेदोस्तों ने अपने लिए महल खड़े कर दिए लेकिन यहां की जनता को झोपड़ियों में रहने के लिए मजबूर कर दिया। अब भाजपा सरकार ने हर गरीब बेघर परिवार को अपना पक्का घर दिलाने का बीड़ा उठाया है। झारखंड में दस लाख ऐसे घर बन चुके हैं जिनको अभी घर नहीं मिले हैं, उनको भी 2022 तक अपना घर मिल जाएगा, ये आश्वासन मैं आपको दे रहा हूं। 2022 के बाद किसी को भी झुग्गी-झोपड़ी में नहीं रहना पड़ेगापक्का घर हर परिवार को, ये मेरा आपको वादा है। 

साथियोकांग्रेस और उसके सहयोगियों ने अगर धनबाद कोदेवघर कोझारखंड को कुछ दिया है तो क्या दिया है धूलधुआं और धोखा। यही कांग्रेस और उसके जेएमएम जैसे साथियों ने आपको दिया है। यहां से कोयला निकलता रहा, लेकिन यहां की जनता को प्रदूषण में छोड़ दिया गयासुविधाओं के अभाव में छोड़ दिया गया। जब आपने दिल्ली और रांची में भाजपा सरकार बनाई तब जाकर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बनाइसका फायदा क्या हुआ। साथियोअब यहां से निकलने वाले कोयले से होने वाली आय का एक हिस्सा यहीं पर खर्च होने लगा है। बहुत कम समय में ही पांच हजार करोड़ रुपए इसके तहत झारखंड को मिले हैंआज जो यहां पानी की पाइप लाइन बिछ रही हैबीते पांच वर्ष में अगर पाइपलाइन से कनेक्टिविटी दो गुनी हुई है तो इसमें इस फंड का बहुत बड़ा योगदान है। भाइयो-बहनोकांग्रेस और उसके साथियों ने आपको विकास के लिए गिड़गिड़ाने और तरसाने के लिए छोड़ दिया थाइन दलों ने इस क्षेत्र को सिर्फ विस्थापन का दर्द दिया लेकिन भाजपा सरकार ने विस्थापितों के रोजगार के लिएइनके जीवन को गरिमापूर्ण बनाने के लिए लगातार कोशिश की है। यहां आईआईटी की मांग आप करते रहे हैं, लेकिन पूरा किया भाजपा सरकार नेयहां पासपोर्ट केंद्र की मांग की थी, ये मांग पूरी की भाजपा सरकार नेदेवघर में एम्स की मांग कब से हो रही थी, इस मांग को भी पूरा किया भाजपा सरकार नेझारखंड में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग कब से थी, लेकिन इसे पूरा किया भाजपा सरकार ने। साथियो2014 से पहले जहां झारखंड में सिर्फ तीन मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब सात मेडिकल कॉलेज का मार्ग बना हैइतना ही नहीं गांवों में खुले अटल क्लीनिक यहां गरीब को सेवा दे रहे हैं। इसी तरह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का भी व्यापक विस्तार किया जा रहा है और आयुष्मान भारत योजना की तो यहीं झारखंड से शुरुआत हुई थीपूरे देश के लिहाज से शुरू किया था। झारखंड के लाखों परिवार को अब आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलने लगा है। 

साथियोकांग्रेस और उसके साथियो के पास सोच और संकल्प दोनों की कमी हैउन्होंने यहां नक्सलवाद को हवा दीयहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं दिया। यही कारण है इनके शासनकाल में यहां नए उद्योग तो आए नहीं, बल्कि पुराने भी बंद हो गए। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के साथ क्या-क्या हुआ ये आप भलीभांति जानते हैंसिंदरी के खाद कारखाने के साथ इन्होंने क्या कियाकैसे इनकी गलत नीतियों के कारण यहां हजारों लोग बेरोजगार हो गए इससे भी आप भलीभांति परिचित हैं। मुझे संतोष है कि हमारी सरकार द्वारा सिंदरी के खाद कारखाने को फिर से शुरू करने का फैसला लिया गया और अब इस पर तेजी से काम चल रहा है। एक बार जब ये कारखाना पूरी तरह से शुरू हो जाएगा तो यहां के हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और यहां के किसानों को पर्याप्त और सस्ता यूरिया भी मिलेगा। भाइयो-बहनोभाजपा की सरकार इस कारखाने को इसलिए पुनर्जीवित कर पा रही है क्योंकि हमने झारखंड तक गैस पहुंचाने के लिए एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। पश्चिम बंगाल के हल्दिया से यहां गैस पहुंचाई जा रही हैइस गैस पाइपलाइन से खाद कारखाने की जरूरत भी पूरी होगीयहां की गाड़ियां धुआंरहित भी होंगी और घरों में भी पाइप के रास्ते भी सस्ती गैस पहुंच पाएगी। साथियोऐसी संपूर्ण व्यवस्था और विकास का रास्ता तभी दिखता है जब आप राष्ट्रहित कोजनहित को सामने रखते हैं। इसी सोच के साथ ही भाजपा इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर भी गंभीरता से काम कर रही है। आज इस क्षेत्र के गांव-गांव में सड़क और बिजली पहुंच रही हैशहरों में सड़कें चौड़ी हो रही हैंगलियों में स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। रायपुर से धनबाद वाया गुमला-रांची आर्थिक कॉरिडोर के तहत यहां सड़कें चौड़ी की गई हैं। रेलवे का अभूतपूर्व विस्तार इस क्षेत्र में किया जा रहा हैझारखंड में रेलवे के विस्तार पर बीते पांच वर्षों में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के काम हमने स्वीकृत किए हैं। यहां तक कि यहां की हवाई कनेक्टिविटी के लिए भी बड़ी तेजी से काम किया जा रहा हैदेवघर सहित झारखंड के पुराने एयरपोर्ट्स को आधुनिक बनाने और उनके विस्तारीकरण पर काम किया जा रहा हैसौभाग्य से ये सभा भी एयरपोर्ट पर ही हो रही है। हमारा प्रयास है कि ऐसे अनेक एयरपोर्ट्स को भविष्य में उड़ान योजना के तहत लाया जाए ताकि सामान्य से सामान्य परिवार को भी हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके। भाइयो-बहनोआधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के ये काम तभी तेजी से होंगे जब अगले पांच वर्ष भी यहां भाजपा की सरकार होगी। यहां के गरीब कोबेघर कोअपना पक्का घर तेजी से मिल सकेगा, जब यहां भाजपा की मजबूत सरकार होगीयहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर तभी मिल सकेंगे, जब यहां कमल के निशान को ताकत मिलेगी। यहां सबका साथसबका विकास और सबका विश्वास से सरकार तभी चल पाएगी जब यहां सरकार भारतीय जनता पार्टी की होगी क्योंकि भाजपा जो संकल्प लेती है उसे सिद्ध भी करती है और इसलिए आज भी जो हम कह रहे हैं उसको हम करके रहेंगे।  

भाइयो-बहनोआप ध्यान रखिए, ये चुनाव सिर्फ विधायक बनाने के लिए नहीं हैये आपके बच्चों के भविष्य को निर्धारित करने वाला चुनाव है। आज गलती से भी गलत जगह बटन दब गया तो अस्थिरता और लूट के वो पुराने दिन वापस आ जाएंगे और इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं, कमल के फूल वाला बटन ही दबाना है। ये बातें आने वाले दिनों में अपने हर रिश्तेदारहर दोस्तहर घर तक पहुंचानी है। भाइयो-बहनो, मैं बोलूंगा आप मेरे साथ बोलेंगेझारखंड पुकारा भाजपा दोबाराझारखंड पुकारा भाजपा दोबाराझारखंड पुकारा भाजपा दोबाराभारत माता की जयभारत माता की जयभारत माता की जयबहुत-बहुत धन्यवाद।     

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PM Modi's message for SCO-CSTO Outreach Summit on Afghanistan
September 17, 2021
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The 21st meeting of the SCO Council of Heads of State was held on 17 September 2021 in Dushanbe in hybrid format.

The meeting was chaired by H.E. Emomali Rahmon, the President of Tajikistan.

Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the Summit via video-link. At Dushanbe, India was represented by External Affairs Minister, Dr. S. Jaishankar.

In his address, Prime Minister highlighted the problems caused by growing radicalisation and extremism in the broader SCO region, which runs counter to the history of the region as a bastion of moderate and progressive cultures and values.

He noted that recent developments in Afghanistan could further exacerbate this trend towards extremism.

He suggested that SCO could work on an agenda to promote moderation and scientific and rational thought, which would be especially relevant for the youth of the region.

He also spoke about India's experience of using digital technologies in its development programmes, and offered to share these open-source solutions with other SCO members.

While speaking about the importance of building connectivity in the region, Prime Minister stressed that connectivity projects should be transparent, participatory and consultative, in order to promote mutual trust.

The SCO Summit was followed by an Outreach session on Afghanistan between SCO and the Collective Security Treaty Organisation (CSTO). Prime Minister participated in the outreach session through a video-message.

In the video message, Prime Minister suggested that SCO could develop a code of conduct on 'zero tolerance' towards terrorism in the region, and highlighted the risks of drugs, arms and human traficking from Afghanistan. Noting the humaniatrian crisis in Afghanistan, he reiterated India's solidarity with the Afghan people.