ప్రధాని అధ్యక్షతన ఈరోజు జరిగిన ఆర్థిక వ్యవహారాల మంత్రివర్గ సంఘం 2023-2024 మార్కెటింగ్ సీజన్ కు గాను ఖరీఫ్ పంటలకు కనీస మద్దతు ధరలకు ఆమోదం తెలియజేసింది. 

ఖరీఫ్ పంటలకు రైతులకు తమ ఉత్పత్తులకు తగిన ధరలు వచ్చే విధంగానూ, పంటల వైవిధ్యాన్ని ప్రోత్సహించే విధంగానూ ప్రభుత్వం 2023-2024 మార్కెటింగ్ సీజన్ కు కనీస మద్దతు ధరలు పెంచింది. ఆ వివరాలు ఈ క్రింది పట్టికలో ఉన్నాయి: 

ఖరీఫ్ మార్కెటింగ్ సీజన్ 2023-2024 కు కనీస మద్దతు ధర 

(Rs. per quintal)

పంటలు 

 2014-15 కనీస మద్దతు ధర 

 2022-23 కనీస మద్దతు ధర 

2023-24 కనీస మద్దతు ధర 

 ఖర్చు * ఖరీఫ్ మార్కెటింగ్ సీజన్  2023-24

2022-23 కంటే కనీస మద్దతు ధర పెరుగుదల 

ఖర్చుకంటే అదనం  (శాతంలో) 

వరి - సాధారణ రకం  

1360

2040

2183

1455

143

50

వరి - ఎ గ్రేడ్ 

1400

2060

2203

-

143

-

జొన్న హైబ్రిడ్ 

1530

2970

3180

2120

210

50

జొన్న -మాల్దండి 

1550

2990

3225

-

235

-

సజ్జలు 

1250

2350

2500

1371

150

82

రాగులు 

1550

3578

3846

2564

268

50

మొక్క జొన్నలు 

1310

1962

2090

1394

128

50

కందులు 

4350

6600

7000

4444

400

58

పెసలు 

4600

7755

8558

5705

803

50

మినుములు 

4350

6600

6950

4592

350

51

వేరు శెనగ 

4000

5850

6377

4251

527

50

ప్రొద్దుతిరుగుడు గింజలు 

3750

6400

6760

4505

360

50

సోయాబీన్ ( పసుపు పచ్చ) 

2560

4300

4600

3029

300

52

నువ్వులు 

4600

7830

8635

5755

805

50

నైగర్ విత్తనాలు 

3600

7287

7734

5156

447

50

ప్రత్తి  (మధ్యరకంపింజె )

3750

6080

6620

4411

540

50

ప్రత్తి (పొడవు  పింజె ) ^

4050

6380

7020

-

640

-

 

*చెల్లించిన అన్ని ఖర్చులూ కలుపుకొని ( కూలీలకు చెల్లింపులు, ఎడ్ల దున్నకం /  యంత్రాలతో దున్నకం చెల్లింపు, పొలం కౌలు, విత్తనాలకు, ఎరువులకు, నీటి పారుదలకు, పనిముట్లు, వ్యవసాయ భవనాల తరుగుదల, నిర్వహణ మూలధనానికి వడ్డీ, పంపుసెట్ల నిర్వహణకు డీజిల్/విద్యుత్ ఛార్జీలు తదితరాలు. ) కుటుంబ  సభ్యు;ల శ్రమ ఖర్చు   

^ వారి ( గ్రేడ్ ఎ కు, జొన్న ( మాల్దండి) కి, ప్రత్తి (పొడవి పింజె) కు విడిగా ఖర్చు సమాచారం సేకరించలేదు 

2023-24 ఖరీఫ్ సీజన్ కు కనీస మద్దతు ధర పెంపు 2018-19 బడ్జెట్ లో చేసిన ప్రకటనకు అనుగుణంగా అఖిల భారత స్థాయిలో ఉత్పత్తి వ్యయపు సగటుకు ఒకటిన్నర రెట్లు ఉండేలా జరిగింది. దీనివలన రైతులకు అర్థవంతమైన లాభం ఉంటుందని అంచనావేశారు.  అంచనా వేసిన లాభం అత్యధికంగా జొన్నకు 82% ఉండగా, ఆ తరువాత స్థానంలో ఉన్న కందులకు 58%, సోయాబీన్ కు 52%, మినుములకు 51% ఉంది. మిగిలిన పంటలకు రైతులకు వారి ఉత్పత్తి వ్యయం కంటే కనీసం 50% అధికంగా ఉంది.

ఈ మధ్య కాలంలో ప్రభుత్వం పప్పు ధాన్యాలు, నూనె గింజలు, చిరు ధాన్యాల వంటివి పండించటాన్ని ప్రోత్సహిస్తోంది. అందుకే ఈ పంటలకు అత్యధికంగా కనీస మద్దతు ధర ఇస్తోంది.  ప్రభుత్వం అదనంగా రాష్ట్రీయ కృషి వికాస్ యోజన, జాతీయ ఆహార భద్రతా మిషన్ వంటి చొరవల ద్వారా రైతులు తమ పంటలలో వైవిధ్యం చూపేలా ప్రోత్సహిస్తోంది. 

2022-23 ముందస్తు అంచనాల ప్రకారం దేశంలో మొత్తం ఆహార ధాన్యాల ఉత్పత్తి రికార్డు స్థాయిలో 330. 5 మిలియన్ టన్నులు ఉంటుందని లెక్కించారు. ఇది అంతకు ముందు సంవత్సరం 2021-22 కంటే 14.9 మిలియన్ టన్నులు అధికం. ఇది గత అయిదేళ్లలో అత్యధిక పెరుగుదల.  

 

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।