రాజస్థాన్ 'విక్షిత్ భారత్‌ను ప్రారంభించాలనే సంకల్పంతో పాటు శౌర్యం & ధైర్యాన్ని సూచిస్తుంది
భారతదేశం కోసం ఎన్నో త్యాగాలు చేసిన రాజస్థాన్ నేలను కాంగ్రెస్ పార్టీ దశాబ్దాలుగా నీరు లేకుండా చేసింది
సరిహద్దు గ్రామాల గ్రామాభివృద్ధికి కాంగ్రెస్ బుద్ధి వ్యతిరేకం; అందుకే కాంగ్రెస్ హయాంలో సరిహద్దు ప్రాంతాలన్నీ అభివృద్ధికి దూరమయ్యాయి
రాజస్థాన్‌లోని మేఘవాల్, లంఘా మరియు మంగనియార్ కమ్యూనిటీలతో సహా జంజాతీయ కమ్యూనిటీకి సాధికారత కల్పించడం బీజేపీ నిబద్ధత.
బాబాసాహెబ్ అంబేద్కర్‌కు భారతరత్నను నిరాకరించి, జాతీయ అత్యవసర పరిస్థితిని విధించిన కాంగ్రెస్ పార్టీ భారత రాజ్యాంగంపై చివరిగా వ్యాఖ్యానించాలి.
రెండు పొరుగు దేశాల నుండి ముప్పు ఉన్నప్పటికీ భారతదేశం తన అణ్వాయుధాలను వదులుకోవాలని సూచించడం ద్వారా కాంగ్రెస్ తప్పు చేసింది

भारत माता की,
भारत माता की,
भारत माता की।

राम राम सा। शक्ति और भक्ति री परिचायक। चैत्रिय नवरात्रा रे चौथे दिन। माता कुष्मांडा रे स्वरूप ने...म्हारो कोटि- कोटि प्रणाम...बाढाणै और जैसाणे रे वासियों ने.....म्हारी घणै मान सूं....राम राम ....

मैं सबसे पहले तो बहन ममता जी को बधाई देता हूं। इतना शानदार संचालन कर रही हैं आप। मैं बहुत अभिनंदन करता हूं आपका।

आज नवरात्रि के अवसर पर मुझे सिद्धों और शूरवीरों की धरती पर एक बार फिर आप सबके दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। ये वो धरती है, जिसके वीरों की कहानियां, आज भी सीमापार खौफ पैदा करती हैं! जिस रेगिस्तान की गर्मी में अच्छे-अच्छों की हिम्मत दम तोड़ देती है, वहां, आपके हौसले के सामने गर्मी भी कुछ कर नहीं पाती। ये जन-सैलाब, ये जन-समर्थन, ये बताता है कि बाड़मेर की जनता बीजेपी को भरपूरी आशीर्वाद देने संकल्प ले चुकी है। इस चुनाव में आपका एक-एक वोट, विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा। ये चुनाव दल का नहीं, देश का चुनाव है। इसीलिए आज पूरा देश कह रहा है- 4 जून, 400 पार! 4 जून, 400 पार! 4 जून, 400 पार! और, मालाणी की यही पुकार- फिर एक बार, मोदी सरकार!

भाइयों बहनों,
बाड़मेर हमारी पार्टी के वरिष्ठ स्वर्गीय जसवंत सिंह जी का क्षेत्र है। यहां के लोगों ने हमेशा मुझे बोला है- मोदी जी आप देश के दुश्मनों को सबक सिखाओ...बाड़मेर जिताने की ज़िम्मेदारी हमारी है। आप इस बार भी पहले से ज्यादा वोटों से बीजेपी को जिताएंगे ये मेरा पक्का विश्वास है।

साथियों,
कांग्रेस पार्टी ने 5-6 दशक से ज्यादा देश पर हुकूमत की। लेकिन, देश की कोई एक बड़ी समस्या ऐसी नहीं, जिसका सम्पूर्ण समाधान कांग्रेस ने दिया हो! राजस्थान के लोगों से बेहतर इस बात को कौन जानेगा? जिस राजस्थान के लोगों ने देश को अपने लहू से सींचा, उस राजस्थान को कांग्रेस पार्टी ने पानी के लिए प्यासा रखा! मेरी माताएं-बहनें तपती गर्मी में, रेतीले धोरों पर, सिर पर घड़े रखकर, कोस-कोस चलकर पानी लेने जाती थीं। हमारी बहनें यहां कहती थीं- घी ढुले तो म्हारो कुछ न जासी, पाणी ढुले म्हारो सब कुछ जासी। यानी पानी, घी से भी ज्यादा मूल्यवान था। लेकिन, 70 साल तक किसी ने इन माताओं-बहनों की नहीं सुनी। जब आपने आपके बेटे मोदी को सेवा करने का मौका दिया। मैंने ‘जलजीवन मिशन’ शुरू करके इस त्रासदी को खत्म करने का बीड़ा उठाया। जलजीवन मिशन से हमने राजस्थान के 50 लाख घरों तक पानी पहुंचाया है। लेकिन, जितने दिन राजस्थान में कांग्रेस सरकार रही, उसने जल-जीवन मिशन में भी जमकर भ्रष्टाचार किया।कांग्रेस ने राजस्थान तक पानी लाने के लिए ERCP परियोजना भी पूरी नहीं होने दी थी। वहीं, भजनलाल शर्मा जी की सरकार ने 100 दिन के भीतर ही ERCP परियोजना को पास करवाया है। हरियाणा से पानी का समझौता भी हो गया है। हम तो चाहे राजस्थान हो या गुजरात हो, हमलोग तो लाखा बंजारा को अपना आदर्श मानने वाले लोग हैं। हमारा संकल्प है कि हम राजस्थान के हर घर तक पानी पहुंचाएं।

साथियों,
कांग्रेस की सोच ही विकास-विरोधी है। ये लोग देश के सीमावर्ती गांवों को देश आखिरी गांव कहते हैं। ये लोग सीमावर्ती जिलों को, गांवों को जानबूझकर विकास से वंचित रखते थे। आप जानते हैं, उनका तर्क क्या होता था? ये कहते थे- सीमा के पास विकास होगा, तो दुश्मन देश के भीतर आकर कब्जा कर लेगा। ये शर्म की बात है कि नहीं है। क्या हम इतने बुजदिल हैं कि हम बढ़िया रास्ता बनाएं तो दुश्मन उस पर चढ़ जाएगा। क्या बात करते हो, शर्म आनी चाहिए आपको। आप मुझे बताइये, किस दुश्मन के कलेजे में इतनी हिम्मत है कि वो बाड़मेर की सीमा में घुसकर कब्जा करने की सोचे? है हिम्मत किसी में?

भाइयों बहनों,
हम सीमावर्ती इलाकों को, सीमावर्ती गांवों को आखिरी गांव नहीं, देश का प्रथम गांव मानते हैं। हमारे लिए देश की सीमाएं यहां पूरी नहीं होती है। हमारे लिए यहां से देश शुरू होता है। आज अगर देश में 4 करोड़ गरीबों को पीएम आवास मिले हैं, तो मेरे बाड़मेर के भी पौने दो लाख गरीबों को पक्के आवास का लाभ मिला है। भाजपा सरकार देश की आखिरी सीमा तक सड़कें और हाइवेज बना रही है। हमने बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज भी खोला है। आज सीमावर्ती बाड़मेर में 72 हजार करोड़ रुपए लागत की रिफ़ाइनरी शुरू होने जा रही है। और मेरे बाड़मेर के भाई-बहन सुनिए, अगर यहां कांग्रेस की सरकार न होती तो मेरे दूसरे टर्म में ही मैं आकर उद्घाटन कर जाता। लेकिन कांग्रेस ने ऐसी-ऐसी रुकावटें डाली लेकिन मैं आपको गारंटी देता हूं मेरे तीसरे टर्म में मैं रिफाइनरी का उद्घाटन करने जरूर आऊंगा। और जिस दिन रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए आऊंगा उस दिन इस चुनाव विजय के लिए धन्यवाद भी करने आऊंगा। आने वाले समय में इस इलाके में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, युवाओं के लिए नए रास्ते बनेंगे। मेरे बाड़मेर के भाई-बहन जो पुराने लोग हैं। वो जब मेरी ये बात सुनते हैं तो उनको लगेगा क्या ये संभव है, ये होगा क्या। स्वाभाविक है कि ऐसी मुसीबतों में उन्होंने जिंदगी गुजारी है, यहां से पलायन होना बहुत स्वाभाविक था। मां-बाप भी बच्चों को कहते थे कहीं और चले जाओ। यहां रहकर क्या करोगे, वो दिन थे।
ऐसा ही हाल कच्छ का था। मैं गुजरात का अनुभव बताता हूं आपको। ऐसा ही हाल कच्छ का था लेकिन 2001 के भूकंप के बाद गुजरात के लोगों ने मुझे सेवा का मौका दिया। आज पूरे हिंदुस्तान का सबसे तेज विकास करने वाले जो जिले हैं उसमें आज कच्छ जिला पहुंच गया है। मुंबई में जमीन की जो कीमत होती है वो कच्छ की जमीन की कीमत हो गई है। अगर कच्छ बदल सकता है तो बाड़मेर बदल सकता है कि नहीं बदल सकता है। मैं ये करके आया हूं और इसलिए मैं गारंटी देता हूं, ये भी मैं करके रहूंगा। यहां के एयरपोर्ट में भी पिछली सरकार ने जमकर रोड़े अटकाए हैं। अगर कांग्रेस ने बेवजह ब्रेक न लगाया होता तो यहां का एयरपोर्ट दो साल पहले ही चालू हो जाता।

साथियों,
कांग्रेस ने जिन लोगों को दशकों तक नहीं पूछा, मोदी उन्हें पूजता है। हमारे आदिवासी समाज के बच्चे आगे बढ़े, इसके लिए हम एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल खोल रहे हैं। आदिवासी समाज को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए हम अभियान चला रहे हैं। भाजपा ने आदिवासी समाज को सम्मान दिलाने के लिए देश को पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति दीं। हमारे गांव-ढाणियों की महिलाएं, मेघवाल समाज, लंगा, मंगणियार समाज के लोग पीढ़ियों से हस्तकला का काम करते आए हैं। भाजपा ने पहली बार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पीएम विश्वकर्मा जैसी योजना शुरू की। अपनी मेहनत से रेत में भी फसल उगाने वाले यहां के किसानों को भी कभी किसी ने नहीं सराहा।

आज हम किसानों को सीधे उनके खातों में पीएम-किसान सम्मान निधि भेज रहे हैं। किसानों की आय बढ़े, इसके लिए हम मोटे अनाजों को, श्रीअन्न को पूरी दुनिया में प्रमोट कर रहे हैं। ये हमारा बाजरा कोई पूछता नहीं था। सिर्फ हम गांव के लोग खाते हैं। आपको जानकर खुशी होगी, अभी जब मैं अमेरिका गया तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने घर में व्हाइट हाउस में बड़ा भोज रखा था। लेकिन मजा देखए, उस भोज जितनी चीजें खाने के लिए बनाई थी, वो हमारे मोटे अनाज में से बनाई थी। हमारे बाजरे, हमारा ज्वार उसमें से बनाई थी। दुनिया में जो मेरा छोटा किसान पानी के अभाव में खेती करता है, मोटा अनाज पैदा करता है। मैंने दुनिया को समझाया है, ये मामूली अनाज नहीं है। ये सुपरफुड है सुपरफुड। आपके सेहत के लिए उत्तम फुड है। और मैं दुनिया में आपके किसानों द्वारा बनाई ये बाजरा, ज्वार दुनिया में बेच रहा हूं दोस्तों। मूंग का समर्थन मूल्य भी आज जितना है, उतना कभी नहीं था। मोदी आपके सुख दुःख में आपके साथ है, क्योंकि- आपके सपने ही मेरे संकल्प हैं।

साथियों,
SC-ST-OBC भाइयों और बहनों के साथ दशकों तक भेदभाव करने वाली कांग्रेस आजकल एक पुरानी रिकॉर्ड बजा रही है। जब भी चुनाव आता है, संविधान के नाम पर झूठ बोलना ये इंडी अलायंस के सब साथियों की फैशन बन गई है। वो कांग्रेस, जिसने बाबा साहब के जीते जी उन्हें चुनाव हरवाया। जिसने बाबा साहब को भारत रत्न नहीं मिलने दिया। वो कांग्रेस जिसने देश में आपातकाल लगाकर संविधान को खत्म करने की कोशिश की। आज वो मोदी को गाली देने के लिए संविधान के नाम पर झूठ की आड़ ले रही है। ये मोदी ही है, जिसने देश में पहली बार संविधान दिवस मनाना शुरू किया। ये कांग्रेस वालों ने संविधान दिवस मनाने का विरोध किया था। पार्लियामेंट में भाषण है उनका। ये बाबा साहब का अपमान है कि नहीं है, संविधान का अपमान है कि नहीं है। इतना ही नहीं, ये मोदी है जिसने बाबा साहब से जुड़े पंच-तीर्थों का विकास किया। इसलिए, बाबा साहब और संविधान का अपमान करने वाले कांग्रेस और इंडी अलायंस के झूठों से, उनकी गपबाजी से सावधान रहने की जरूरत है। और कांग्रेस वाले सुन लें। ये 400 सीट की बात जनता ने इसलिए की है कि आपने 10 साल पार्लियामेंट में मुझे अच्छे काम करने के लिए रोकने की लागातार कोशिश की। और इसीलिए देश आपको, कांग्रेस को सजा देना चाहता है और साफ कर लेने का मन बना लिया है। और जहां तक संविधान का सवाल है, आप मानके चलिए और ये मोदी के शब्द हैं, लिख कर ऱखिए। बाबा साहब अंबेडकर खुद आ जाएं, तो भी संविधान खतम नहीं कर सकते हैं। ये हमारा संविधान सरकार के लिए गीता है, रामायण है, महाभारत है, बाइबल है, कुरान है। ये सब कुछ हमारे लिए हमारा संविधान है।

साथियों,
भारत के खिलाफ ये इंडी अलांयस वाले कितनी नफरत से भरे हुए हैं, ये इनके मैनिफेस्टो में भी नजर आता है। कांग्रेस के मैनिफेस्टो में तो बंटवारे की गुनहगार मुस्लिम लीग की छाप नजर आती है। अब इंडी अलायंस में शामिल एक और दल ने देश के खिलाफ बहुत खतरनाक ऐलान किया है। उन्होंने अपने मेनिफेस्टो में लिखा है जिस पोखरण की धरती ने भारत को परमाणु शक्ति से संपन्न किया, अब इंडी अलायंस का कहना है कि हम भारत के परमाणु हथियार नष्ट कर देंगे, दरिया में डुबो देंगे। भारत जैसा देश, जिसके दोनों तरफ पड़ोसियों के पास परमाणु हथियार हो, क्या उस देश में परमाणु हथियार समाप्त करने की सोच...ये समाप्त करना चाहता है इंडी अलायंस। क्या परमाणु हथियार समाप्त होने चाहिए। मुझे सबका जवाब चाहिए, क्या परमाणु हथियार समाप्त होने चाहिए? मैं जरा कांग्रेस को पूछना चाहता हूं, ये आपके साथी, ये आपके इंडी अलायंस के साथी, आखिर किसके इशारे पर काम कर रहे हैं, ये कैसा गठबंधन है? जो भारत को शक्तिहीन करना चाहता है। आखिर किसके दबाव में काम कर रहा है ये गठबंधन? हमारे परमाणु ताकत को समाप्त करना चाहता है। एक तरफ मोदी भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने में जुटा है....वहीं इंडी गठबंधन वाले भारत को कमजोर देश बनाने का ऐलान कर रहे हैं। माता तनोट राय की धरती के लोग क्या ये स्वीकार करेंगे? कमजोर देश आपको मंजूर है, शक्तिहीन देश आपको मंजूर है। क्या ऐसा सोचने वाले को सजा देंगे। इस चुनाव में सजा देंगे। कमल पर बटन दबा करके उनको सजा देंगे। और इसलिए पूरे देश के लोगों को इंडी गठबंधन से सतर्क रहने की जरूरत है।

साथियों,
जिस भारत मां के लिए हम अपने जीवन की परवाह नहीं करते, कांग्रेस उसे सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा मानती है। इसीलिए, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजस्थान की वीरभूमि में आकर कहते हैं कि मोदी ने कश्मीर से 370 हटाया तो राजस्थान से उसका क्या लेना-देना, क्या वास्ता? यहां आकरके बोल के गए हैं। राजस्थान की राष्ट्रभक्ति पर ऐसा सवाल करने की हिम्मत करते हैं। जिस राजस्थान के वीरों ने सीमा पर कश्मीर के लिए सीने पर गोलियां खाईं, उससे पूछते हो कि कश्मीर से क्या वास्ता? इसी बाड़मेर के सपूत भीखाराम मूंड ने करगिल युद्ध में अपना बलिदान दे दिया था। और कांग्रेस कहती है कि कश्मीर का राजस्थान से क्या वास्ता? जिस राजस्थान में कश्मीर में जन्मे ‘बाबोसा रामदेव जी’ की घर-घर पूजा होती हो, उससे पूछते हो कि कश्मीर से क्या रिश्ता? जब कश्मीरी हिंदुओं को उनके घर से खदेड़ा गया था, तब कितने ही परिवारों को राजस्थान ने बसाया था, गले लगाया ता। और, ये पूछते हैं कि राजस्थान का कश्मीर से क्या वास्ता? अरे उनको पता नहीं होगा, करगिल के लोग ईरान गए थे। कोविड भयंकर महामारी में फंस गए थे। उनको वापस लाना था। कोविड के साथ लाना था, बड़ा संकट का काम था, उनको हिंदुस्तान लाकर के कहां रखें, देश का जान करके गर्व होगा ये मेरे राजस्थान की वीर भूमि है, जैसलमेर में ईरान से लाए गए, कोविड के वो सारे लोग जो करगिल के रहने वाले थे, वहां वो माइनस टेंपरेचर में रहते हैं, यहां 35-40 डिग्री टेम्परेचर में महीना भर रहे, जब ठीक हुए तब उनको घर वापस भेजा था। ये है मेरा राजस्थान है। कांग्रेस भारत को भाषा-प्रांत, जात-पात में तोड़ना चाहती है। इसलिए आपको इस चुनाव में कांग्रेस को फिर एक बार सबक सिखाना है।

साथियों,
कांग्रेस हर उस काम का विरोध करती है जो देशहित में होता है। कांग्रेस हर उस ताकत के साथ खड़ी होती है, जो देशविरोधी होती है। आप देखिए, हम लोग देश में, राजस्थान में शक्ति की उपासना करते हैं। माता की उपासना करते हैं। लेकिन, कांग्रेस के शहजादे कहते हैं कि वो हिन्दू धर्म की शक्ति का विनाश कर देंगे। अरे मेरी माताओं-बहनों की ताकत नहीं जानते हो, किसी मर्द को आगे नहीं बढ़ना पड़ेगा, ये शक्ति को नष्ट करने वालों को ये मेरी माता-बहनें ही निपट लेगी। देश में राममंदिर निर्माण का पुनीत पावन काम होता है। कांग्रेस उसका भी बहिष्कार करती है। औऱ कांग्रेस करती क्या है? कांग्रेस रामनवमी की शोभायात्रा पर राजस्थान में पत्थरबाजी करने वाले दंगाइयों को संरक्षण देती है। देश में घुसपैठिए आते हैं, तो कांग्रेस उनका स्वागत करती है। लेकिन, भारत विभाजन का विरोध करने वाले हमारे दलित और सिख भाइयों-बहनों को नागरिकता देने वाले CAA का ये विरोध करते हैं। मैं आपसे पूछता हूं...क्या कांग्रेस एक भी सीट राजस्थान से जीतने की हकदार है क्या? इस बार तो इनकी सीटों की जमानत जानी चाहिए। जाएगी? साफ कर दीजिए उनको। ये सुधरेंगे नहीं।

साथियों,
26 अप्रैल को राजस्थान और देश के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा दिन है। और मैं रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए जब आऊंगा। तब आपको मैं याद कराऊंगा कि इसका महत्व क्या है। भारतीय जनता पार्टी ने बाड़मेर से कमल की ज़िम्मेदारी भाई कैलाश चौधरी जी को दी है। इसलिए, आपको मोदी की गारंटी पर भरोसा करते हुए कमल पर बटन दबाना के लिए प्रार्थना करने आया हूं। आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। मेरी माताओं-बहनों के आशीर्वाद, मेरे नौजवानों के आशीर्वाद, मेरे बुजुर्गों के आशीर्वाद, ढाणी-ढाणी मेरे किसानों के आशीर्वाद, यही मेरी ऊर्जा है, यही मेरी ताकत है। चाहे जितनी गर्मी हो, 26 अप्रैल को सुबह-सुबह ही कमल का फूल खिलना चाहिए। खिलेगा? इसके लिए मेरा अनुरोध है, पहले मतदान, फिर जलपान! पहले मतदान, फिर जलपान! पहले मतदान, फिर जलपान! अच्छा मेरा एक और काम करोगे। हाथ ऊपर करके बताइए करोगे। सबके सब करोगे। माताएं-बहनें भी करेंगी। देखिए, पहले तो मैं राजस्थान में बहुत घूमा हूं। संगठन का काम करता था। इन सब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। लेकिन अब आपने इतना काम दिया है कि मैं सब जगह पे जा नहीं सकता हूं। तो मेरा एक काम करोगे। घर-घर जाकर बताइएगा कि अपने मोदी बाड़मेर आए थे, और मोदी ने आपको प्रणाम कहा है। हर परिवार में मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे। हर माता-बहन को मेरा प्रणाम पहुंचाओगे। हर बुजुर्ग को मेरा प्रणाम पहुंचाओगे। जब इन सबको मेरा प्रणाम पहुंचेगा न तो मन से मुझे आशीर्वाद देंगे। वो आशीर्वाद मुझे ऐसी ताकत देगा कि विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए मैं अपनी पूरी ऊर्जा लगा दूं।

मेरे साथ बोलिए..
भारत माता की जय,
भारत माता की जय,
भारत माता की जय।
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.