Rajasthan represents valour & courage, along with a resolve to enable a 'Viksit Bharat
The land of Rajasthan that has sacrificed so much for India has been deprived of water by the Congress party for decades
Congress's mindset is against the rural development of border villages; hence, all the border areas were deprived of development under Congress's rule
The BJP's commitment is to empower the Janjatiya community in Rajasthan, including the Meghwal, Langha and Manganiar communities
The Congress party, which denied Babasaheb Ambedkar the Bharat Ratna and imposed the National Emergency, should be the last to comment on India's Constitution
The Congress made a blunder by suggesting India give up its nuclear arsenal despite the threat from its two neighbors

भारत माता की,
भारत माता की,
भारत माता की।

राम राम सा। शक्ति और भक्ति री परिचायक। चैत्रिय नवरात्रा रे चौथे दिन। माता कुष्मांडा रे स्वरूप ने...म्हारो कोटि- कोटि प्रणाम...बाढाणै और जैसाणे रे वासियों ने.....म्हारी घणै मान सूं....राम राम ....

मैं सबसे पहले तो बहन ममता जी को बधाई देता हूं। इतना शानदार संचालन कर रही हैं आप। मैं बहुत अभिनंदन करता हूं आपका।

आज नवरात्रि के अवसर पर मुझे सिद्धों और शूरवीरों की धरती पर एक बार फिर आप सबके दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। ये वो धरती है, जिसके वीरों की कहानियां, आज भी सीमापार खौफ पैदा करती हैं! जिस रेगिस्तान की गर्मी में अच्छे-अच्छों की हिम्मत दम तोड़ देती है, वहां, आपके हौसले के सामने गर्मी भी कुछ कर नहीं पाती। ये जन-सैलाब, ये जन-समर्थन, ये बताता है कि बाड़मेर की जनता बीजेपी को भरपूरी आशीर्वाद देने संकल्प ले चुकी है। इस चुनाव में आपका एक-एक वोट, विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा। ये चुनाव दल का नहीं, देश का चुनाव है। इसीलिए आज पूरा देश कह रहा है- 4 जून, 400 पार! 4 जून, 400 पार! 4 जून, 400 पार! और, मालाणी की यही पुकार- फिर एक बार, मोदी सरकार!

भाइयों बहनों,
बाड़मेर हमारी पार्टी के वरिष्ठ स्वर्गीय जसवंत सिंह जी का क्षेत्र है। यहां के लोगों ने हमेशा मुझे बोला है- मोदी जी आप देश के दुश्मनों को सबक सिखाओ...बाड़मेर जिताने की ज़िम्मेदारी हमारी है। आप इस बार भी पहले से ज्यादा वोटों से बीजेपी को जिताएंगे ये मेरा पक्का विश्वास है।

साथियों,
कांग्रेस पार्टी ने 5-6 दशक से ज्यादा देश पर हुकूमत की। लेकिन, देश की कोई एक बड़ी समस्या ऐसी नहीं, जिसका सम्पूर्ण समाधान कांग्रेस ने दिया हो! राजस्थान के लोगों से बेहतर इस बात को कौन जानेगा? जिस राजस्थान के लोगों ने देश को अपने लहू से सींचा, उस राजस्थान को कांग्रेस पार्टी ने पानी के लिए प्यासा रखा! मेरी माताएं-बहनें तपती गर्मी में, रेतीले धोरों पर, सिर पर घड़े रखकर, कोस-कोस चलकर पानी लेने जाती थीं। हमारी बहनें यहां कहती थीं- घी ढुले तो म्हारो कुछ न जासी, पाणी ढुले म्हारो सब कुछ जासी। यानी पानी, घी से भी ज्यादा मूल्यवान था। लेकिन, 70 साल तक किसी ने इन माताओं-बहनों की नहीं सुनी। जब आपने आपके बेटे मोदी को सेवा करने का मौका दिया। मैंने ‘जलजीवन मिशन’ शुरू करके इस त्रासदी को खत्म करने का बीड़ा उठाया। जलजीवन मिशन से हमने राजस्थान के 50 लाख घरों तक पानी पहुंचाया है। लेकिन, जितने दिन राजस्थान में कांग्रेस सरकार रही, उसने जल-जीवन मिशन में भी जमकर भ्रष्टाचार किया।कांग्रेस ने राजस्थान तक पानी लाने के लिए ERCP परियोजना भी पूरी नहीं होने दी थी। वहीं, भजनलाल शर्मा जी की सरकार ने 100 दिन के भीतर ही ERCP परियोजना को पास करवाया है। हरियाणा से पानी का समझौता भी हो गया है। हम तो चाहे राजस्थान हो या गुजरात हो, हमलोग तो लाखा बंजारा को अपना आदर्श मानने वाले लोग हैं। हमारा संकल्प है कि हम राजस्थान के हर घर तक पानी पहुंचाएं।

साथियों,
कांग्रेस की सोच ही विकास-विरोधी है। ये लोग देश के सीमावर्ती गांवों को देश आखिरी गांव कहते हैं। ये लोग सीमावर्ती जिलों को, गांवों को जानबूझकर विकास से वंचित रखते थे। आप जानते हैं, उनका तर्क क्या होता था? ये कहते थे- सीमा के पास विकास होगा, तो दुश्मन देश के भीतर आकर कब्जा कर लेगा। ये शर्म की बात है कि नहीं है। क्या हम इतने बुजदिल हैं कि हम बढ़िया रास्ता बनाएं तो दुश्मन उस पर चढ़ जाएगा। क्या बात करते हो, शर्म आनी चाहिए आपको। आप मुझे बताइये, किस दुश्मन के कलेजे में इतनी हिम्मत है कि वो बाड़मेर की सीमा में घुसकर कब्जा करने की सोचे? है हिम्मत किसी में?

भाइयों बहनों,
हम सीमावर्ती इलाकों को, सीमावर्ती गांवों को आखिरी गांव नहीं, देश का प्रथम गांव मानते हैं। हमारे लिए देश की सीमाएं यहां पूरी नहीं होती है। हमारे लिए यहां से देश शुरू होता है। आज अगर देश में 4 करोड़ गरीबों को पीएम आवास मिले हैं, तो मेरे बाड़मेर के भी पौने दो लाख गरीबों को पक्के आवास का लाभ मिला है। भाजपा सरकार देश की आखिरी सीमा तक सड़कें और हाइवेज बना रही है। हमने बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज भी खोला है। आज सीमावर्ती बाड़मेर में 72 हजार करोड़ रुपए लागत की रिफ़ाइनरी शुरू होने जा रही है। और मेरे बाड़मेर के भाई-बहन सुनिए, अगर यहां कांग्रेस की सरकार न होती तो मेरे दूसरे टर्म में ही मैं आकर उद्घाटन कर जाता। लेकिन कांग्रेस ने ऐसी-ऐसी रुकावटें डाली लेकिन मैं आपको गारंटी देता हूं मेरे तीसरे टर्म में मैं रिफाइनरी का उद्घाटन करने जरूर आऊंगा। और जिस दिन रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए आऊंगा उस दिन इस चुनाव विजय के लिए धन्यवाद भी करने आऊंगा। आने वाले समय में इस इलाके में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, युवाओं के लिए नए रास्ते बनेंगे। मेरे बाड़मेर के भाई-बहन जो पुराने लोग हैं। वो जब मेरी ये बात सुनते हैं तो उनको लगेगा क्या ये संभव है, ये होगा क्या। स्वाभाविक है कि ऐसी मुसीबतों में उन्होंने जिंदगी गुजारी है, यहां से पलायन होना बहुत स्वाभाविक था। मां-बाप भी बच्चों को कहते थे कहीं और चले जाओ। यहां रहकर क्या करोगे, वो दिन थे।
ऐसा ही हाल कच्छ का था। मैं गुजरात का अनुभव बताता हूं आपको। ऐसा ही हाल कच्छ का था लेकिन 2001 के भूकंप के बाद गुजरात के लोगों ने मुझे सेवा का मौका दिया। आज पूरे हिंदुस्तान का सबसे तेज विकास करने वाले जो जिले हैं उसमें आज कच्छ जिला पहुंच गया है। मुंबई में जमीन की जो कीमत होती है वो कच्छ की जमीन की कीमत हो गई है। अगर कच्छ बदल सकता है तो बाड़मेर बदल सकता है कि नहीं बदल सकता है। मैं ये करके आया हूं और इसलिए मैं गारंटी देता हूं, ये भी मैं करके रहूंगा। यहां के एयरपोर्ट में भी पिछली सरकार ने जमकर रोड़े अटकाए हैं। अगर कांग्रेस ने बेवजह ब्रेक न लगाया होता तो यहां का एयरपोर्ट दो साल पहले ही चालू हो जाता।

साथियों,
कांग्रेस ने जिन लोगों को दशकों तक नहीं पूछा, मोदी उन्हें पूजता है। हमारे आदिवासी समाज के बच्चे आगे बढ़े, इसके लिए हम एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल खोल रहे हैं। आदिवासी समाज को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए हम अभियान चला रहे हैं। भाजपा ने आदिवासी समाज को सम्मान दिलाने के लिए देश को पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति दीं। हमारे गांव-ढाणियों की महिलाएं, मेघवाल समाज, लंगा, मंगणियार समाज के लोग पीढ़ियों से हस्तकला का काम करते आए हैं। भाजपा ने पहली बार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पीएम विश्वकर्मा जैसी योजना शुरू की। अपनी मेहनत से रेत में भी फसल उगाने वाले यहां के किसानों को भी कभी किसी ने नहीं सराहा।

आज हम किसानों को सीधे उनके खातों में पीएम-किसान सम्मान निधि भेज रहे हैं। किसानों की आय बढ़े, इसके लिए हम मोटे अनाजों को, श्रीअन्न को पूरी दुनिया में प्रमोट कर रहे हैं। ये हमारा बाजरा कोई पूछता नहीं था। सिर्फ हम गांव के लोग खाते हैं। आपको जानकर खुशी होगी, अभी जब मैं अमेरिका गया तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने घर में व्हाइट हाउस में बड़ा भोज रखा था। लेकिन मजा देखए, उस भोज जितनी चीजें खाने के लिए बनाई थी, वो हमारे मोटे अनाज में से बनाई थी। हमारे बाजरे, हमारा ज्वार उसमें से बनाई थी। दुनिया में जो मेरा छोटा किसान पानी के अभाव में खेती करता है, मोटा अनाज पैदा करता है। मैंने दुनिया को समझाया है, ये मामूली अनाज नहीं है। ये सुपरफुड है सुपरफुड। आपके सेहत के लिए उत्तम फुड है। और मैं दुनिया में आपके किसानों द्वारा बनाई ये बाजरा, ज्वार दुनिया में बेच रहा हूं दोस्तों। मूंग का समर्थन मूल्य भी आज जितना है, उतना कभी नहीं था। मोदी आपके सुख दुःख में आपके साथ है, क्योंकि- आपके सपने ही मेरे संकल्प हैं।

साथियों,
SC-ST-OBC भाइयों और बहनों के साथ दशकों तक भेदभाव करने वाली कांग्रेस आजकल एक पुरानी रिकॉर्ड बजा रही है। जब भी चुनाव आता है, संविधान के नाम पर झूठ बोलना ये इंडी अलायंस के सब साथियों की फैशन बन गई है। वो कांग्रेस, जिसने बाबा साहब के जीते जी उन्हें चुनाव हरवाया। जिसने बाबा साहब को भारत रत्न नहीं मिलने दिया। वो कांग्रेस जिसने देश में आपातकाल लगाकर संविधान को खत्म करने की कोशिश की। आज वो मोदी को गाली देने के लिए संविधान के नाम पर झूठ की आड़ ले रही है। ये मोदी ही है, जिसने देश में पहली बार संविधान दिवस मनाना शुरू किया। ये कांग्रेस वालों ने संविधान दिवस मनाने का विरोध किया था। पार्लियामेंट में भाषण है उनका। ये बाबा साहब का अपमान है कि नहीं है, संविधान का अपमान है कि नहीं है। इतना ही नहीं, ये मोदी है जिसने बाबा साहब से जुड़े पंच-तीर्थों का विकास किया। इसलिए, बाबा साहब और संविधान का अपमान करने वाले कांग्रेस और इंडी अलायंस के झूठों से, उनकी गपबाजी से सावधान रहने की जरूरत है। और कांग्रेस वाले सुन लें। ये 400 सीट की बात जनता ने इसलिए की है कि आपने 10 साल पार्लियामेंट में मुझे अच्छे काम करने के लिए रोकने की लागातार कोशिश की। और इसीलिए देश आपको, कांग्रेस को सजा देना चाहता है और साफ कर लेने का मन बना लिया है। और जहां तक संविधान का सवाल है, आप मानके चलिए और ये मोदी के शब्द हैं, लिख कर ऱखिए। बाबा साहब अंबेडकर खुद आ जाएं, तो भी संविधान खतम नहीं कर सकते हैं। ये हमारा संविधान सरकार के लिए गीता है, रामायण है, महाभारत है, बाइबल है, कुरान है। ये सब कुछ हमारे लिए हमारा संविधान है।

साथियों,
भारत के खिलाफ ये इंडी अलांयस वाले कितनी नफरत से भरे हुए हैं, ये इनके मैनिफेस्टो में भी नजर आता है। कांग्रेस के मैनिफेस्टो में तो बंटवारे की गुनहगार मुस्लिम लीग की छाप नजर आती है। अब इंडी अलायंस में शामिल एक और दल ने देश के खिलाफ बहुत खतरनाक ऐलान किया है। उन्होंने अपने मेनिफेस्टो में लिखा है जिस पोखरण की धरती ने भारत को परमाणु शक्ति से संपन्न किया, अब इंडी अलायंस का कहना है कि हम भारत के परमाणु हथियार नष्ट कर देंगे, दरिया में डुबो देंगे। भारत जैसा देश, जिसके दोनों तरफ पड़ोसियों के पास परमाणु हथियार हो, क्या उस देश में परमाणु हथियार समाप्त करने की सोच...ये समाप्त करना चाहता है इंडी अलायंस। क्या परमाणु हथियार समाप्त होने चाहिए। मुझे सबका जवाब चाहिए, क्या परमाणु हथियार समाप्त होने चाहिए? मैं जरा कांग्रेस को पूछना चाहता हूं, ये आपके साथी, ये आपके इंडी अलायंस के साथी, आखिर किसके इशारे पर काम कर रहे हैं, ये कैसा गठबंधन है? जो भारत को शक्तिहीन करना चाहता है। आखिर किसके दबाव में काम कर रहा है ये गठबंधन? हमारे परमाणु ताकत को समाप्त करना चाहता है। एक तरफ मोदी भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने में जुटा है....वहीं इंडी गठबंधन वाले भारत को कमजोर देश बनाने का ऐलान कर रहे हैं। माता तनोट राय की धरती के लोग क्या ये स्वीकार करेंगे? कमजोर देश आपको मंजूर है, शक्तिहीन देश आपको मंजूर है। क्या ऐसा सोचने वाले को सजा देंगे। इस चुनाव में सजा देंगे। कमल पर बटन दबा करके उनको सजा देंगे। और इसलिए पूरे देश के लोगों को इंडी गठबंधन से सतर्क रहने की जरूरत है।

साथियों,
जिस भारत मां के लिए हम अपने जीवन की परवाह नहीं करते, कांग्रेस उसे सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा मानती है। इसीलिए, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजस्थान की वीरभूमि में आकर कहते हैं कि मोदी ने कश्मीर से 370 हटाया तो राजस्थान से उसका क्या लेना-देना, क्या वास्ता? यहां आकरके बोल के गए हैं। राजस्थान की राष्ट्रभक्ति पर ऐसा सवाल करने की हिम्मत करते हैं। जिस राजस्थान के वीरों ने सीमा पर कश्मीर के लिए सीने पर गोलियां खाईं, उससे पूछते हो कि कश्मीर से क्या वास्ता? इसी बाड़मेर के सपूत भीखाराम मूंड ने करगिल युद्ध में अपना बलिदान दे दिया था। और कांग्रेस कहती है कि कश्मीर का राजस्थान से क्या वास्ता? जिस राजस्थान में कश्मीर में जन्मे ‘बाबोसा रामदेव जी’ की घर-घर पूजा होती हो, उससे पूछते हो कि कश्मीर से क्या रिश्ता? जब कश्मीरी हिंदुओं को उनके घर से खदेड़ा गया था, तब कितने ही परिवारों को राजस्थान ने बसाया था, गले लगाया ता। और, ये पूछते हैं कि राजस्थान का कश्मीर से क्या वास्ता? अरे उनको पता नहीं होगा, करगिल के लोग ईरान गए थे। कोविड भयंकर महामारी में फंस गए थे। उनको वापस लाना था। कोविड के साथ लाना था, बड़ा संकट का काम था, उनको हिंदुस्तान लाकर के कहां रखें, देश का जान करके गर्व होगा ये मेरे राजस्थान की वीर भूमि है, जैसलमेर में ईरान से लाए गए, कोविड के वो सारे लोग जो करगिल के रहने वाले थे, वहां वो माइनस टेंपरेचर में रहते हैं, यहां 35-40 डिग्री टेम्परेचर में महीना भर रहे, जब ठीक हुए तब उनको घर वापस भेजा था। ये है मेरा राजस्थान है। कांग्रेस भारत को भाषा-प्रांत, जात-पात में तोड़ना चाहती है। इसलिए आपको इस चुनाव में कांग्रेस को फिर एक बार सबक सिखाना है।

साथियों,
कांग्रेस हर उस काम का विरोध करती है जो देशहित में होता है। कांग्रेस हर उस ताकत के साथ खड़ी होती है, जो देशविरोधी होती है। आप देखिए, हम लोग देश में, राजस्थान में शक्ति की उपासना करते हैं। माता की उपासना करते हैं। लेकिन, कांग्रेस के शहजादे कहते हैं कि वो हिन्दू धर्म की शक्ति का विनाश कर देंगे। अरे मेरी माताओं-बहनों की ताकत नहीं जानते हो, किसी मर्द को आगे नहीं बढ़ना पड़ेगा, ये शक्ति को नष्ट करने वालों को ये मेरी माता-बहनें ही निपट लेगी। देश में राममंदिर निर्माण का पुनीत पावन काम होता है। कांग्रेस उसका भी बहिष्कार करती है। औऱ कांग्रेस करती क्या है? कांग्रेस रामनवमी की शोभायात्रा पर राजस्थान में पत्थरबाजी करने वाले दंगाइयों को संरक्षण देती है। देश में घुसपैठिए आते हैं, तो कांग्रेस उनका स्वागत करती है। लेकिन, भारत विभाजन का विरोध करने वाले हमारे दलित और सिख भाइयों-बहनों को नागरिकता देने वाले CAA का ये विरोध करते हैं। मैं आपसे पूछता हूं...क्या कांग्रेस एक भी सीट राजस्थान से जीतने की हकदार है क्या? इस बार तो इनकी सीटों की जमानत जानी चाहिए। जाएगी? साफ कर दीजिए उनको। ये सुधरेंगे नहीं।

साथियों,
26 अप्रैल को राजस्थान और देश के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा दिन है। और मैं रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए जब आऊंगा। तब आपको मैं याद कराऊंगा कि इसका महत्व क्या है। भारतीय जनता पार्टी ने बाड़मेर से कमल की ज़िम्मेदारी भाई कैलाश चौधरी जी को दी है। इसलिए, आपको मोदी की गारंटी पर भरोसा करते हुए कमल पर बटन दबाना के लिए प्रार्थना करने आया हूं। आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। मेरी माताओं-बहनों के आशीर्वाद, मेरे नौजवानों के आशीर्वाद, मेरे बुजुर्गों के आशीर्वाद, ढाणी-ढाणी मेरे किसानों के आशीर्वाद, यही मेरी ऊर्जा है, यही मेरी ताकत है। चाहे जितनी गर्मी हो, 26 अप्रैल को सुबह-सुबह ही कमल का फूल खिलना चाहिए। खिलेगा? इसके लिए मेरा अनुरोध है, पहले मतदान, फिर जलपान! पहले मतदान, फिर जलपान! पहले मतदान, फिर जलपान! अच्छा मेरा एक और काम करोगे। हाथ ऊपर करके बताइए करोगे। सबके सब करोगे। माताएं-बहनें भी करेंगी। देखिए, पहले तो मैं राजस्थान में बहुत घूमा हूं। संगठन का काम करता था। इन सब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। लेकिन अब आपने इतना काम दिया है कि मैं सब जगह पे जा नहीं सकता हूं। तो मेरा एक काम करोगे। घर-घर जाकर बताइएगा कि अपने मोदी बाड़मेर आए थे, और मोदी ने आपको प्रणाम कहा है। हर परिवार में मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे। हर माता-बहन को मेरा प्रणाम पहुंचाओगे। हर बुजुर्ग को मेरा प्रणाम पहुंचाओगे। जब इन सबको मेरा प्रणाम पहुंचेगा न तो मन से मुझे आशीर्वाद देंगे। वो आशीर्वाद मुझे ऐसी ताकत देगा कि विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए मैं अपनी पूरी ऊर्जा लगा दूं।

मेरे साथ बोलिए..
भारत माता की जय,
भारत माता की जय,
भारत माता की जय।
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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PM Modi's Interview to Navbharat Times
May 23, 2024

प्रश्न: वोटिंग में मत प्रतिशत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। क्या, कम वोट पड़ने पर भी बीजेपी 400 पार सीटें जीत सकती है? ये कौन से वोटर हैं, जो घर से नहीं निकल रहे?

उत्तर: किसी भी लोकतंत्र के लिए ये बहुत आवश्यक है कि लोग मतदान में बढ़चढ कर हिस्सा लें। ये पार्टियों की जीत-हार से बड़ा विषय है। मैं तो देशभर में जहां भी रैली कर रहा हूं, वहां लोगों से मतदान करने की अपील कर रहा हूं। इस समय उत्तर भारत में बहुत कड़ी धूप है, गर्मी है। मैं आपके माध्यम से भी लोगों से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भूमिका जरूर निभाएं। तपती धूप में लोग ऑफिस तो जा ही रहे हैं, हर व्यक्ति अपने काम के लिए घर से बाहर निकल रहा है, ऐसे में वोटिंग को भी दायित्व समझकर जरूर पूरा करें। चार चरणों के चुनाव के बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पा लिया है, आगे की लड़ाई 400 पार के लिए ही हो रही है। चुनाव विशेषज्ञ विश्लेषण करने में जुटे हैं, ये उनका काम है, लेकिन अगर वो मतदाताओं और बीजेपी की केमिस्ट्री देख पाएं तो समझ जाएंगे कि 400 पार का नारा हकीकत बनने जा रहा है। मैं जहां भी जा रहा हूं, बीजेपी के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को महसूस रहा हूं। एनडीए को 400 सीटों पर जीत दिलाने के लिए लोग उत्साहित हैं।

प्रश्न: लेकिन कश्मीर में वोट प्रतिशत बढ़े। कश्मीर में बढ़ी वोटिंग का संदेश क्या है?

उत्तर: : मेरे लिए इस चुनाव में सबसे सुकून देने वाली घटना यही है कि कश्मीर में वोटिंग प्रतिशत बढ़ी है। वहां मतदान केंद्रों के बाहर कतार में लगे लोगों की तस्वीरें ऊर्जा से भर देने वाली हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि जम्मू-कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए हमने जो कदम उठाए हैं, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रीनगर के बाद बारामूला में भी बंपर वोटिंग हुई है। आर्टिकल 370 हटने के बाद आए परिवर्तन में हर कश्मीरी राहत महसूस कर रहा है। वहां के लोग समझ गए हैं कि 370 की आड़ में इतने वर्षों तक उनके साथ धोखा हो रहा था। दशकों तक जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास से दूर रखा गया। सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार से वहां के लोग त्रस्त थे, लेकिन उन्हें कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा था। परिवारवादी पार्टियों ने वहां की राजनीति को जकड़ कर रखा था। आज वहां के लोग बिना डरे, बिना दबाव में आए विकास के लिए वोट कर रहे हैं।

प्रश्न: 2014 और 2019 के मुकाबले 2024 के चुनाव और प्रचार में आप क्या फर्क महसूस कर रहे हैं?

उत्तर: 2014 में जब मैं लोगों के बीच गया तो मुझे देशभर के लोगों की उम्मीदों को जानने का अवसर मिला। जनता बदलाव चाहती थी। जनता विकास चाहती थी। 2019 में मैंने लोगों की आंखों में विश्वास की चमक देखी। ये विश्वास हमारी सरकार के 5 साल के काम से आया था। मैंने महसूस किया कि उन 5 वर्षों में लोगों की आकांक्षाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने और बड़े सपने देखे हैं। वो सपने उनके परिवार से भी जुड़े थे, और देश से भी जुड़े थे। पिछले 5 साल तेज विकास और बड़े फैसलों के रहे हैं। इसका प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ा है। अब 2024 के चुनाव में मैं जब प्रचार कर रहा हूं तो मुझे लोगों की आंखों में एक संकल्प दिख रहा है। ये संकल्प है विकसित भारत का। ये संकल्प है भ्रष्टाचार मुक्त भारत का। ये संकल्प है मजबूत भारत का। 140 करोड़ भारतीयों को भरोसा है कि उनका सपना बीजेपी सरकार में ही पूरा हो सकता है, इसलिए हमारी सरकार की तीसरी पारी को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है।

प्रश्न: 10 साल की सबसे बड़ी उपलब्धि आप किसे मानते हैं और तीसरे कार्यकाल के लिए आप किस तरह खुद को तैयार कर रहे हैं?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। हमारे कार्यों का प्रभाव हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों पर पड़ा है। आप अलग-अलग क्षेत्रों का विश्लेषण करेंगे तो हमारी उपलब्धियां और उनसे प्रभावित होने वाले लोगों के बारे में पता चलेगा। मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि हम देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर ला पाए। करोड़ों लोगों को घर, शौचालय, बिजली-पानी, गैस कनेक्शन, मुफ्त इलाज की सुविधा दे पाए। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया है, उसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। आप सोचिए, कि अगर करोड़ों लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिली होतीं तो वो आज भी गरीबी का जीवन जी रहे होते। इतना ही नहीं, उनकी अगली पीढ़ी भी गरीबी के इस कुचक्र में पिसने के लिए तैयार हो रही होती।

हमने गरीब को सिर्फ घर और सुविधाएं नहीं दी हैं, हमने उसे सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। हमने उसे हौसला दिया है कि वो खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हमने उसे एक विश्वास दिया कि जो जीवन उसे देखना पड़ा, वो उसके बच्चों को नहीं देखना पड़ेगा। ऐसे परिवार फिर से गरीबी में न चले जाएं, इसके लिए हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसीलिए, आज देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी आय अपनी दूसरी जरूरतों पर खर्च कर सकें। हम कौशल विकास, पीएम विश्वकर्मा और स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं। हमने घर की महिला सदस्य को सशक्त बनाने के भी प्रयास किए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। मेरी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इन योजनाओं को और विस्तार मिलेगा, जिससे ज्यादा महिलाओं तक इनका लाभ पहुंचेगा।

प्रश्न: हमारे रिपोर्टर्स देशभर में घूमे, एक बात उभर कर आई कि रोजगार और महंगाई पर लोगों ने हर जगह बात की है। जीतने के बाद पहले 100 दिनों में युवाओं के लिए क्या करेंगे? रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को कोई भरोसा देना चाहेंगे?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हम महंगाई दर को काबू रख पाने में सफल रहे हैं। यूपीए के समय महंगाई दर डबल डिजिट में हुआ करती थी। आज दुनिया के अलग-अलग कोनों में युद्ध की स्थिति है। इन परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ा है। हमने दुनिया के ताकतवर देशों के सामने अपने देश के लोगों के हित को प्राथमिकता दी, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने नहीं दीं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़तीं तो हर चीज महंगी हो जाती। हमने महंगाई का बोझ कम करने के लिए हर छोटी से छोटी चीज पर फोकस किया। आज गरीब परिवारों को अच्छे से अच्छे अस्पताल में 5 लाख रुपये तक इलाज मुफ्त मिलता है। जन औषधि केंद्रों की वजह से दवाओं के खर्च में 70 से 80 प्रतिशत तक राहत मिली है। घुटनों की सर्जरी हो या हार्ट ऑपरेशन, सबका खर्च आधे से ज्यादा कम हो गया है। आज देश में लोन की दरें सबसे कम हैं। कार लेनी हो, घर लेना हो तो आसानी से और सस्ता लोन उपलब्ध है। पर्सनल लोन इतना आसान देश में कभी नहीं था। किसान को यूरिया और खाद की बोरी दुनिया के मुकाबले दस गुना कम कीमत पर मिल रही है। पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए मौके बने हैं। EPFO के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं।

PLFS का डेटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वो अब 3% रह गई है। हमारी माइक्रो फाइनैंस की नीतियां कितनी प्रभावी हैं, इस पर SKOCH ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए हैं। युवाओं के पास अब स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर, गेमिंग सेक्टर में भी आगे बढ़ने के अवसर हैं। देश में डिजिटल क्रांति से भी युवाओं के लिए अवसर बने हैं। आज भारत में डेटा इतना सस्ता है तभी देश की क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। हमने अपनी सरकार के पहले 100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें हमने अलग से युवाओं के लिए 25 दिन और जोड़े हैं। हम देशभर से आ रहे युवाओं के सुझाव पर गौर कर रहे हैं, और नतीजों के बाद उस पर तेजी से काम शुरू होगा।

प्रश्न: सोशल मीडिया में एआई और डीपफेक जैसे मसलों पर आपने चिंता जताई है। इस चुनाव में भी इसके दुरुपयोग की मिसाल दिखी हैं। मिसइनफरमेशन का ये टूल न बने, इसके लिए क्या किया जा सकता है? कई एक्टिविस्ट और विपक्ष का कहना रहा है कि इन चीजों पर सख्ती की आड़ में कहीं फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पर पाबंदी तो नहीं लगेगी? इन सवालों पर कैसे आश्वस्त करेंगे?

उत्तर: तकनीक का इस्तेमाल जीवन में सुगमता लाने के लिए किया जाना चाहिए। आज एआई ने भारत के युवाओँ के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। एआई, मशीन लर्निगं और इंटरनेट ऑफ थिंग्स अब हमारे रोज के जीवन की सच्चाई बनती जा रही है। लोगों को सहूलियत देने के लिए कंपनियां अब इन तकनीकों का उपयोग बढ़ा रही हैं। दूसरी तरफ इनके माध्यम से गलत सूचनाएं देने, अफवाह फैलाने और लोगों को भ्रमित करने की घटनाएं भी हो रही हैं। चुनाव में विपक्ष ने अपने झूठे नरैटिव को फैलाने के लिए यही करना शुरू किया था। हमने सख्ती करके इस तरह की कोशिश पर रोक लगाने का प्रयास किया। इस तरह की प्रैक्टिस किसी को भी फायदा नहीं पहुंचाएगी, उल्टे तकनीक का गलत इस्तेमाल उन्हें नुकसान ही पहुंचाएगा। अभिव्यक्ति की आजादी का फेक न्यूज और फेक नरैटिव से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने एआई के एक्सपर्ट्स के सामने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डीप फेक के गलत इस्तेमाल से जुड़े विषयों को गंभीरता से रखा है। डीप फेक को लेकर वर्ल्ड लेवल पर क्या हो सकता है, इस पर मंथन चल रहा है। भारत इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए ही मैंने खुद सोशल मीडिया पर अपना एक डीफ फेक वीडियो शेयर किया था। लोगों के लिए ये जानना आवश्यक है कि ये तकनीक क्या कर सकती है।

प्रश्न:देश के लोगों की सेहत को लेकर आपकी चिंता हम सब जानते हैं। आपने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शुरू किया, योगा प्रोटोकॉल बनवाया, आपने आयुष्मान योजना शुरू की है। तीसरे कार्यकाल में क्या इन चीज़ों पर भी काम करेंगे, जो हमारी सेहत खराब होने के मूल कारक हैं। जैसे लोगों को साफ हवा, पानी, मिट्टी मिले।

उत्तर: देश 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस सपने को शक्ति तभी मिलेगी, जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो। यही वजह है कि हम सेहत को लेकर एक होलिस्टिक अप्रोच अपना रहे हैं। एलोपैथ के साथ ही योग, आयुर्वेद, भारतीय परंपरागत पद्धतियां, होम्योपैथ के जरिए हम लोगों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। राजनीति में आने से पहले मैंने लंबा समय देश का भ्रमण करने में बिताया है। उस समय मैंने एक बात अनुभव की थी कि घर की महिला सदस्य अपने खराब स्वास्थ्य के बारे छिपाती है। वो खुद तकलीफ झेलती है, लेकिन नहीं चाहती कि परिवार के लोगों को परेशानी हो। उसे इस बात की भी फिक्र रहती है कि डॉक्टर, दवा में पैसे खर्च हो जाएंगे। जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का अवसर मिला तो सबसे पहले मैंने घर की महिला सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता की। मैंने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया और 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। मैंने बुजुर्गों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। हमारी सरकार की तीसरी पारी में 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने लगेगा। यानी उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। साफ हवा, पानी, मिट्टी के लिए हम काम शुरू कर चुके हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक पर हमारा अभियान चल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हम देश के लाखों गांवों तक साफ पानी पहुंचा रहे हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड, आर्गेनिक खेती की दिशा में काम हो रहा है। हम मिशन लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं कि हर व्यक्ति पर्यावरण के अनुकूल जीवन पद्धति को अपनाए।

प्रश्न: विदेश नीति आपके दोनों कार्यकाल में काफी अहम रही है। इस वक्त दुनिया काफी उतार चढ़ाव से गुजर रही है, चुनाव नतीजों के तुरंत बाद जी7 समिट है। आप नए हालात में भारत के रोल को किस तरह देखते हैं?

उत्तर: शायद ये पहला चुनाव है, जिसमें भारत की विदेश नीति की इतनी चर्चा हो रही है। वो इसलिए कि पिछले 10 साल में दुनियाभर में भारत की साख मजबूत हुई है। जब देश की साख बढ़ती है तो हर भारतीय को गर्व होता है। जी20 समिट में भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना, अब जी7 में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है। आज दुनिया का हर देश जानता है कि भारत में एक मजबूत सरकार है और सरकार के पीछे 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन है। हमने अपनी विदेश नीति में भारत और भारत के लोगों के हित को सर्वोपरि रखा है। आज जब हम व्यापार समझौते की टेबल पर होते हैं, तो सामने वाले को ये महसूस होता है कि ये पहले वाला भारत नहीं है। आज हर डील में भारतीय लोगों के हित को प्राथमिकता दी जाती है। हमारे इस बदले रूप को देखकर दूसरे देशों को हैरानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। ये नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा भारत है। आज भारत संकट में फंसे हर भारतीय की मदद के लिए तत्पर रहता है। पिछले 10 वर्षों में अनेक भारतीयों को संकट से बाहर निकालकर देश में ले आए। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को भी देश में वापस ला रहे हैं। युद्ध में आमने-सामने खड़े दोनों देशों को भारत ने बड़ी मजबूती से ये कहा है कि ये युद्ध का समय नहीं है, ये बातचीत से समाधान का समय है। आज दुनिया मानती है कि भारत का आगे बढ़ना पूरी दुनिया और मानवता के लिए अच्छा है।

प्रश्न: अमेरिका भी चुनाव से गुजर रहा है। आपके रिश्ते ट्रम्प और बाइडन दोनों के साथ बहुत अच्छे रहे हैं। आप कैसे देखते हैं अमेरिका के साथ भारतीय रिश्तों को इन संदर्भ में?

उत्तर: हमारी विदेश नीति का मूल मंत्र है इंडिया फर्स्ट। पिछले 10 वर्षों में हमने इसी को ध्यान में रखकर विभिन्न देशों और प्रभावशाली नेताओं से संबंध बनाए हैं। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का आधार 140 करोड़ भारतीय हैं। हमारे लोग हमारी ताकत हैं, और दुनिया हमारी इस शक्ति को बहुत महत्वपूर्ण मानती है। अमेरिका में राष्ट्रपति चाहे ट्रंप रहे हों या बाइडन, हमने उनके साथ मिलकर दोनों देशों के संबंध को और मजबूत बनाने का प्रयास किया है। भारत-अमेरिका के संबंधों पर चुनाव से कोई अंतर नहीं आएगा। वहां जो भी राष्ट्रपति बनेगा, उसके साथ मिलकर नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

प्रश्न: BJP का पूरा प्रचार आप पर ही केंद्रित है, क्या इससे सांसदों के खुद के काम करने और लोगों के संपर्क में रहने जैसे कामों को तवज्जो कम हो गई है और नेता सिर्फ मोदी मैजिक से ही चुनाव जीतने के भरोसे हैं। आप इसे किस तरह काउंटर करते हैं?

उत्तर: बीजेपी एक टीम की तरह काम करती है। इस टीम का हर सदस्य चुनाव जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा है। चुनावी अभियान में जितना महत्वपूर्ण पीएम है, उतना ही महत्वपूर्ण कार्यकर्ता है। ये परिवारवादी पार्टियों का फैलाया गया प्रपंच है। उनकी पार्टी में एक परिवार या कोई एक व्यक्ति बहुत अहम होता है। हमारी पार्टी में हर नेता और कार्यकर्ता को एक दायित्व दिया जाता है।

मैं पूछता हूं, क्या हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोज रैली नहीं कर रहे हैं। क्या हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी पदाधिकारी रोड शो और रैलियां नहीं कर रहे। मैं पीएम के तौर पर जनता से कनेक्ट करने जरूर जाता हूं, लेकिन लोग एमपी उम्मीदवार के माध्यम से ही हमसे जुड़ते हैं। मैं लोगों के पास नैशनल विजन लेकर जा रहा हूं, उसे पूरा करने की गारंटी दे रहा हूं, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने का भरोसा दे रहा है। हमने उन्हीं उम्मीदवारों का चयन किया है, जो हमारे विजन को जनता के बीच पहुंचा सकें। विकसित भारत की सोच से लोगों को जोड़ने के लिए जितनी अहमियत मेरी है, उतनी ही जरूरत हमारे उम्मीदवारों की भी है। हमारी पूरी टीम मिलकर हर सीट पर कमल खिलाने में जुटी है।

प्रश्न: महिला आरक्षण पर आप ने विधेयक पास कराए। क्या नई सरकार में हम इन पर अमल होते हुए देखेंगे?

उत्तर: ये प्रश्न कांग्रेस के शासनकाल के अनुभव से निकला है, तब कानून बना दिए जाते थे लेकिन उसे नोटिफाई करने में वर्षों लग जाते थे। हमने अगले 5 वर्षों का जो रोडमैप तैयार किया है, उसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडी गठबंधन की पार्टियों ने दशकों तक महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रखा। सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने इसे रोककर रखा था। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू होगा। इस परिवर्तन का असर बहुत प्रभावशाली होगा।

प्रश्न: महाराष्ट्र की सियासी हालत इस बार बहुत पेचीदा हो गई है। एनडीए क्या पिछली दो बार का रिकॉर्ड दोहरा पाएगा?

उत्तर: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में इस बार बीजेपी और एनडीए को लेकर जबरदस्त उत्साह है। महाराष्ट्र में स्थिति पेचीदा नहीं, बल्कि बहुत सरल हो गई है। लोगों को परिवारवादी पार्टियों और देश के विकास के लिए समर्पित महायुति में से चुनाव करना है। बाला साहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने वाली शिवसेना हमारे साथ है। लोग देख रहे हैं कि नकली शिवसेना अपने मूल विचारों का त्याग करके कांग्रेस से हाथ मिला चुकी है। इसी तरह एनसीपी महाराष्ट्र और देश के विकास के लिए हमारे साथ जुड़ी है। अब जो महा ‘विनाश’ अघाड़ी की एनसीपी है, वो सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वोट मांग रही है। लोग ये भी देख रहे हैं कि इंडी गठबंधन अभी से अपनी हार मान चुका है। अब वो चुनाव के बाद अपना अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस में विलय की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मतदान करना, अपने वोट को बर्बाद करना है। इस बार हम महाराष्ट्र में अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं।

प्रश्न: पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी ने बहुत प्रयास किए हैं। पिछली बार बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बाकी राज्यों की तुलना में यह आपके लिए कितना कठिन राज्य है और इस बार आपको क्या उम्मीद है?

उत्तर: TMC हो, कांग्रेस हो, लेफ्ट हो, इन सबने बंगाल में एक जैसे ही पाप किए हैं। बंगाल में लोग समझ चुके हैं कि इन पार्टियों के पास सिर्फ नारे हैं, विकास का विजन नहीं हैं। कभी दूसरे राज्यों से लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, आज पूरे बंगाल से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। जनता ये भी देख रही है कि बंगाल में जो पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं, दिल्ली में वही एक साथ नजर आ रही हैं। मतदाताओं के साथ इससे बड़ा छल कुछ और नहीं हो सकता। यही वजह है कि इंडी गठबंधन लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहा। बंगाल के लोग लंबे समय से भ्रष्टाचार, हिंसा, अराजकता, माफिया और तुष्टिकरण को बर्दाश्त कर रहे हैं। टीएमसी की पहचान घोटाले वाली सरकार की बन गई है। टीएमसी के नेताओं ने अपनी तिजोरी भरने के लिए युवाओं के सपनों को कुचला है। यहां स्थिति ये है कि सरकारी नौकरी पाने के बाद भी युवाओं को भरोसा नहीं है कि उनकी नौकरी रहेगी या जाएगी। लोग बंगाल की मौजूदा सरकार से पूरी तरह हताश हैं।अब उनके सामने बीजेपी का विकास मॉडल है। मैं बंगाल में जहां भी गया, वहां लोगों में बीजेपी के प्रति अभूतपूर्व विश्वास नजर आया। विशेष रुप से बंगाल में मैंने देखा कि माताओं-बहनों का बहुत स्नेह मुझे मिल रहा है। मैं उनसे जब भी मिलता हूं, वो खुद तो इमोशनल हो ही जाती हैं, मैं भी अपने भावनाओं को रोक नहीं पाता हूं। इस बार बंगाल में हम पहले से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेंगे।

प्रश्न: शराब मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा है। उनका कहना है कि ईडी ने जबरदस्ती उन्हें इस मामले में घसीटा है जबकि अब तक उनके पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ?

उत्तर: आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को सुना है जो आरोपी हो और ये कह रहा हो कि उसने घोटाला किया था। या कह रहा हो कि पुलिस ने उसे सही गिरफ्तार किया है। अगर एजेंसियों ने उन्हें गलत पकड़ा था, तो कोर्ट से उन्हें राहत क्यों नहीं मिली। ईडी और एजेसिंयो पर आरोप लगाने वाला विपक्ष आज तक एक मामले में ये साबित नहीं कर पाया है कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगा है। वो कुछ दिन के लिए जमानत पर बाहर आए हैं, लेकिन बाहर आकर वो और एक्सपोज हो गए। वो और उनके लोग गलतियां कर रहे हैं और आरोप बीजेपी पर लगा रहे हैं। लेकिन जनता उनका सच जानती है। उनकी बातों की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है।

प्रश्न: इस बार दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इससे क्या लगातार दो बार से सातों सीटें जीतने के क्रम में बीजेपी को कुछ दिक्कत हो सकती है? इस बार आपने छह उम्मीदवार बदल दिए

उत्तर: इंडी गठबंधन की पार्टियां दिल्ली में हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके सामने अपना अस्तित्व बचाने का संकट है। चुनाव के बाद वैसे भी इंडी गठबंधन नाम की कोई चीज बचेगी नहीं। दिल्ली की जनता ने बहुत पहले कांग्रेस को बाहर कर दिया था, अब दूसरे दलों के साथ मिलकर वो अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। क्या कभी किसी ने सोचा था कि देश पर इतने लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस के ये दिन भी आएंगे कि उनके परिवार के नेता अपनी पार्टी के नहीं, बल्कि किसी और उम्मीदवार के लिए वोट डालेंगे।

दिल्ली में इंडी गठबंधन की जो पार्टियां हैं, उनकी पहचान दो चीजों से होती है। एक तो भ्रष्टाचार और दूसरा बेशर्मी के साथ झूठ बोलना। मीडिया के माध्यम से ये जनता की भावनाओं को बरगलाना चाहते हैं। झूठे वादे देकर ये लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। ये जनता के नीर-क्षीर विवेक का अपमान है। जनता आज बहुत समझदार है, वो फैसला करेगी। बीजेपी ने लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी में कोई लोकसभा सीट नेता की जागीर नहीं समझी जाती। जो जनहित में उचित होता है, पार्टी उसी के अनुरूप फैसला लेती है। हमारे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है। यही वजह है कि हमारे कार्यकर्ता इस बात से निराश नहीं होते कि टिकट कट गया, बल्कि वो पूरे मनोयोग से जनता की सेवा में जुट जाते हैं।

प्रश्न: विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है और अगर बीजेपी जीतती है तो लोकतंत्र औपचारिक रह जाएगा। आप उनके इन आरोपों को कैसे देखते हैं?

उत्तर: कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम झूठ और अफवाह के सहारे चुनाव लड़ने निकला है। पुराने दौर में उनका यह पैंतरा कभी-कभी काम कर जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जमाने में उनके हर झूठ का मिनटों में पर्दाफाश हो जाता है।

उन्होंने राफेल पर झूठ बोला, पकड़े गए। एचएएल पर झूठ बोला, पकड़े गए। जनता अब इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है। देश जानता है कि कौन संविधान बदलना चाहता है। आपातकाल के जरिए देश के लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश किसने की थी। कांग्रेस के कार्यकाल में सबसे ज्यादा बार संविधान की मूल प्रति को बदल दिया। कांग्रेस पहले संविधान संसोधन का प्रस्ताव अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने के लिए लाई थी। 60 वर्षों में उन्होंने बार-बार संविधान की मूल भावना पर चोट की और एक के बाद एक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाने का रेकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। उनकी जो असल मंशा है, उसके रास्ते में संविधान सबसे बड़ी दीवार है। इसलिए इस दीवार को तोड़ने की कोशिश करते रहते हैं। आप देखिए कि संविधान निर्माताओं ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। लेकिन कांग्रेस अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए बार-बार यही करने की कोशिश करती है। अपनी कोई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद आखिरकार उन्होंने कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण में सेंध लगा ही दी।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन वास्तविकता ये है कि लोकतंत्र को कुचलने के लिए, जनता की आवाज दबाने के लिए ये पूरी ताकत लगा देते हैं। ये लोग उनके खिलाफ बोलने वालों के पीछे पूरी मशीनरी झोंक देते हैं। इनके एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। इस काम में ये लोग खुलकर एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। जनता ये सब देख रही है, और समझ रही है कि अगर इन लोगों के हाथ में ताकत आ गई तो ये देश का, क्या हाल करेंगे।

प्रश्न: आप एकदम चुस्त-दुरुस्त और फिट दिखते हैं, आपकी सेहत का राज, सुबह से रात तक का रूटीन?

उत्तर: मैं यह मानता हूं कि मुझ पर किसी दैवीय शक्ति की बहुत बड़ी कृपा है, जिसने लोक कल्याण के लिए मुझे माध्यम बनाया है। इतने वर्षों में मेरा यह विश्वास प्रबल हुआ है कि ईश्वर ने मुझे विशेष दायित्व पूरा करने के लिए चुना है। उसे पूरा करने के लिए वही मुझे सामर्थ्य भी दे रहा है। लोगों की सेवा करने की भावना से ही मुझे ऊर्जा मिलती है।

प्रश्न: प्रधानमंत्री जी, आप काशी के सांसद हैं। बीते 10 साल में आप ने काशी को खूब प्रमोट किया है। आज काशी देश में सबसे प्रेफर्ड टूरिज्म डेस्टिनेशमन बन रही है। इसके अलावा आप ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर के काम किए हैं, उससे भी बनारस में बहुत बदलाव आया है। इससे बनारस और पूर्वांचल की इकोनॉमी और रोजगार पर जो असर हुआ है, उसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: काशी एक अद्भूत नगरी है। एक तरफ तो ये दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है। इसकी अपनी पौराणिक मान्यता है। दूसरी तरफ ये पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की आर्थिक धुरी भी है। 10 साल में हमने काशी में धार्मिक पर्यटन का खूब विकास किया। शहर की गलियां, साफ-सफाई, बाजारों में सुविधाएं, ट्रेन और बस के इंतजाम पर फोकस किया। गंगा में सीएनजी बोट चली, शहर में ई-बस और ई-रिक्शा चले। यात्रियों के लिए हमने स्टेशन से लेकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर तमाम सुविधाएं बढ़ाई।

इन सब के बाद जब हम बनारस को प्रमोट करने उतरे, तो देशभर के श्रद्धालुओं में नई काशी को देखने का भाव उमड़ आया। यह यहां सालभर पहले से कई गुना ज्यादा पर्यटक आते हैं। इससे पूरे शहर में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए।

हमने बनारस में इंडस्ट्री लानी शुरू की है। TCS का नया कैंपस बना है, बनास डेयरी बनी है, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बना है, काशी के बुनकरों को नई मशीनें दी जा रही है, युवाओं को मुद्रा लोन मिले हैं। इससे सिर्फ बनारस ही नहीं, आसपास के कई जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

प्रश्न: आपने कहा कि वाराणसी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक धुरी जैसा शहर है। बीते 10 वर्षों में पू्र्वांचल में जो विकास हुआ है, उसको कैसे देखते हैं?

उत्तर: देखिए, पूर्वांचल अपार संभावनाओं का क्षेत्र है। पिछले 10 वर्षों में हमने केंद्र की तमाम योजनाओं में इस क्षेत्र को बहुत वरीयता दी है। एक समय था, जब पूर्वांचल विकास में बहुत पिछड़ा था। वाराणसी में ही कई घंटे बिजली कटौती होती थी। पूर्वांचल के गांव-गांव में लालटेन के सहारे लोग गर्मियों के दिन काटते थे। आज बिजली की व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है, और इस भीषण गर्मी में भी कटौती का संकट करीब-करीब खत्म हो चला है। ऐसे ही पूरे पूर्वांचल में सड़कों की हालत बहुत खराब थी। आज यहां के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुविधा मिली है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली जैसे टियर थ्री कहे जाने वाले शहरों में हजारों की सड़कें बनी हैं।

आजमगढ़ में अभी कुछ दिन पहले मैंने एयरपोर्ट की शुरुआत की है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई गई है। पूरे पूर्वांचल में नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बनारस में इनलैंड वाटर-वे का पोर्ट बना है। काशी से ही देश की पहली वंदे भारत ट्रेन चली थी। देश का पहला रोप-वे ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन रहा है।

कांग्रेस की सरकार में पूर्वांचल के लोग ऐसी सुविधाएं मिलने के बारे में सोचते तक नहीं थे। क्योंकि लोगों को बिजली-पानी-सड़क जैसी मूलभूत सुविआधाओं में ही उलझाकर रखा गया था। यह स्थिति तब थी जब इनके सीएम तक पूर्वांचल से चुने जाते थे। तब पूर्वांचल में सिर्फ नेताओं के हेलिकॉप्टर उतरते थे, आज जमीन पर विकास उतर आया है।

प्रश्न: आप कहते हैं कि बनारस ने आपको बनारसी बना दिया है। मां गंगा ने आपको बुलाया था, अब आपको अपना लिया है। आप काशी के सांसद हैं, यहां के लोगों से क्या कहेंगे?

उत्तर: मैं एक बात मानता हूं कि काशी में सबकुछ बाबा की कृपा से होता है। मां गंगा के आशीर्वाद से ही यहां हर काम फलीभूत होते हैं! 10 साल पहले मैंने जब ये कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, तो वो बात भी मैंने इसी भावना से कही थी। जिस नगरी में लोग एक बार आने को तरसते हैं, वहां मुझे दो बार सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। जब पार्टी ने तीसरी बार मुझे काशी की उम्मीदवारी करने को कहा, तभी मेरे मन में यह भाव आया कि मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। काशी ने मुझे अपार प्रेम दिया है। उनका यह स्नेह और विश्वास मुझ पर एक कर्ज है। मैं जीवनभर काशी की सेवा करके भी इस कर्ज को नहीं उतार पाऊंगा।

Following is the clipping of the interview:

 

 

Source: Navbharat Times