Text of PM's address at Parivartan Rally in Gaya, Bihar

Published By : Admin | August 9, 2015 | 18:33 IST
People of Bihar want change and be part of the state's development: PM Modi #ParivartanInBihar
NDA Government is dedicated to the development and welfare of Bihar: PM #ParivartanInBihar
NDA's sole focus is Bihar's progress. We want to improve education, employment & skill development among youth: PM #ParivartanInBihar

भारत माता की जय

ये जो कोई ऊपर हैं, अगर आप में से कोई नीचे गिरा तो मेरा क्या होगा। मैं देख रहा था कि एयरपोर्ट से यहाँ तक पूरे रास्ते भर ऐसा ही लोगों का हुजूम जमा था  गया वालों से मेरी एक शिकायत है। शिकायत करूं, आप बुरा नहीं मानोगे न। पक्का नहीं मानोगे। मैं गया लोकसभा के चुनाव के समय भी आया था, इसी मैदान में आया था और करीब-करीब इसी समय आया था और चुनाव पीक पर थे तब आया था। मैं ख़ुद चुनाव लड़ रहा था, लोकसभा का चुनाव था, प्रधानमंत्री बनाने का निर्णय करना था लेकिन उस सभा में तो इससे आधे लोग भी नहीं आये थे और आज उससे डबल से भी ज्यादा मैं देख रहा हूँ। हवा का रुख़ मुझे पता चल रहा है। लेकिन मेरी ये शिकायत प्यार की है, नाराजगी की नहीं है। ये शिकायत आपको अभिनंदन करने के लिए है, आपको बधाई देने के लिए है। कमाल कर दिया है आज गया वालों ने। ये हमारे जीतन राम जी की कर्मभूमि है ना।     

मंच पर विराजमान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान अमित भाई शाह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्रीमान मंगल पांडेय जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे वरिष्ठ साथी श्रीमान राम विलास पासवान जी, हम पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमान जीतन राम मांझी जी, केन्द्रीय मंत्री एवं रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान उपेन्द्र कुशवाहा जी, बिहार विधानमंडल के नेता श्रीमान सुशील कुमार मोदी जी, बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता श्रीमान नंद किशोर यादव जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्री अनंत कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री भूपेन्द्र यादव जी, पूर्व मंत्री और हम सबके मार्गदर्शक श्रीमान डॉ. सी पी ठाकुर जी, केंद्र में मेरे साथी मंत्री श्रीमान राधामोहन सिंह जी, श्री रविशंकर प्रसाद जी, श्रीमान राजीव प्रताप रूडी जी, श्री गिरिराज जी, श्री राम कृपाल यादव जी, हम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान शकुनी चौधरी जी, रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष और मेरे मित्र डॉ. अरुण जी, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमान शाहनवाज़ हुसैन जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए गया के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

चुनाव बहुत जल्द आ रहे हैं और मैं साफ देख रहा हूँ जनता ने दो फैसले कर लिये हैं। बिहार की जनता ने दो निर्णय कर लिये हैं - एक निर्णय बिहार के जीवन में, बिहार के विकास में, बिहार का भाग्य बदलने के लिए एक आधुनिक ताकतवर नया बिहार बनाने का निर्णय कर लिया है और दूसरा निर्णय बिहार की जनता ने कर लिया है, बिहार में परिवर्तन का। 25 साल से जिनको झेला है, जिनके हर ज़ुल्म को झेला है, जिनके अहंकार को झेला है, जिनकी धोखाधड़ी को झेला है, इन सबसे मुक्ति का पर्व ये चुनाव आने वाला है भाईयों। और ये चुनाव बिहार को जंगलराज से मुक्ति का पर्व बनने वाला है, ये चुनाव बिहार में अहंकारी हुकूमत से मुक्ति का पर्व बनने वाला है।

भाईयों-बहनों, 25 साल हो गए, इन्हीं लोगों ने बिहार पर राज किया है। आप मुझे बताईये, आज जैसे 25 साल बीते हैं, अगर आने वाले 5 साल भी ऐसे बीते तो नौजवान बर्बाद हो जाएगा कि नहीं हो जाएगा? आपका भविष्य तबाह हो जाएगा, आपको बिहार छोड़कर रोजी-रोटी के लिए कहीं जाना पड़ेगा, बूढ़े मां-बाप को छोड़ना पड़ेगा, क्या हम ऐसा बिहार चाहते हैं? क्या बिहार में परिवर्तन चाहिए? बिहार का भला करने वाली सरकार चाहिए? लोकतंत्र में विश्वास करने वाली सरकार चाहिए? अहंकार से मुक्त सरकार चाहिए? जंगलराज के सपनों को चूर-चूर करना चाहिए? इसलिए भाईयों-बहनों, आज मैं बिहार की जनता के पास आया हूँ। मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूँ। क्या करके रख दिया बिहार को? आज भी हिन्दुस्तान के सांस्कृतिक इतिहास की चर्चा कोई करेगा तो उस चर्चा की शुरुआत बिहार के भव्य भूतकाल से होती है। आज भी विश्व में अहिंसा के संदेश की कोई चर्चा करता है तो भगवान बुद्ध का स्मरण करता है तो बात बिहार से प्रारंभ होती है। सत्ता के लिए संघर्ष के बाद जनता की भलाई के लिए सत्य को छोड़ने का महाप्रयास, इसकी भी चर्चा होगी तो यही बिहार से चर्चा होती है। विज्ञान हो, संस्कृति हो, इतिहास हो, वीरता हो, पराक्रम हो, कोई ऐसा विषय नहीं है, हिन्दुस्तान जब भी उसकी चर्चा करे तो चर्चा का प्रारंभ बिहार से होता है।

ऐसी ये महान भूमि, ऐसी ये पवित्र भूमि, उसके सपनों को सत्ता के नशे में बैठे लोगों ने चूर-चूर कर दिए। आधुनिक भारत में भी बिहार ने देश को जितना दिया है, शायद ही हिन्दुस्तान का कोई राज्य इसका दावा कर सकता है जितना बिहार ने देश को दिया है। जब बिहार देश को उत्तम मानव संसाधन दे सकता है आज हिंदुस्तान का कोई राज्य ऐसा नहीं होगा जिस राज्य में बिहार का नौजवान आईएएस बनकर न बैठा हो, कोई राज्य नहीं होगा। भारत के कोने-कोने में बिहार का नौजवान जिस पद पर बैठा है उस राज्य को विकास के नई ऊंचाईयों पर ले जाने का पराक्रम करके दिखाता है। ये बिहार के नौजवानों की ताकत है, ये बिहार के लोगों की ताकत है लेकिन क्या कारण है कि बिहार आगे बढ़ नहीं पा रहा है। क्या कारण है? बिहार को किसने बर्बाद किया? बिहार के सपनों को किसने चूर-चूर किया? बिहार में जंगलराज कौन लाया? बिहार में जंगलराज लाने का और प्रयास कौन कर रहा है? क्या फिर से बिहार को उन 25 साल की बर्बादी की ओर ले जाना है क्या? फिर से उस दोज़ख में जाना है क्या? क्या बिहार बचाना है? क्या नया बिहार बनाना है? क्या बिहार को आगे ले जाना है? तो भाईयों-बहनों, हम कंधे से कंधे मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं। अब दिल्ली बिहार के साथ है। अब दिल्ली बिहार का भाग्य बदलने के लिए आपकी सेवा में तैनात है और इसलिए भाईयों-बहनों, आज मैं आपके पास आया हूँ बिहार के जीवन को बदलने के लिए, एक अच्छी सरकार चुनने के लिए आपसे प्रार्थना करने के लिए आया हूँ। बिहार की जनता ने पिछले लोकसभा के चुनाव में मुझपर इतना प्यार बरपाया, इतना प्यार बरपाया कि मैं उस प्यार को ब्याज समेत लौटाना चाहता हूँ, विकास करके लौटाना चाहता हूँ लेकिन जो विकास के लिए प्रतिबद्ध हो, ऐसी सरकार यहाँ होना जरुरी है।

भाईयों-बहनों, गंगाजी तो बहती है लेकिन अगर हम उल्टा लोटा लेकर जाएंगे तो कोई एक बूँद भी पानी नहीं ले पाएंगे। दिल्ली से विकास की गंगा तो बह रही है लेकिन यहाँ के शासकों का अहंकार उल्टा लोटा पकड़े हुए है ताकि दिल्ली के विकास की गंगा बिहार के गाँव-गली में ना पहुंचे। पिछले दिनों जब मैं बिहार आया था, अनेक योजनाओं का शिलान्यास किया। 10-10 साल से रुकी पड़ी थी, कोई देखने को तैयार नहीं था। यही लोग दिल्ली की सरकार को चलाते थे और आज वही लोग साथ मिलकर के बिहार के लोगों को फिर से एकबार जंगलराज की ओर घसीटने के लिए, अपने निजी स्वार्थ के लिए तैयार बैठे हैं। आप मुझे बताईए, ये जो राजनीतिक लाभ लेने के लिए गठबंधन हुआ है, क्या चुनाव के बाद भी ये गठबंधन चलेगा क्या? ये जो जहर अभी पीया गया है, चुनाव के बाद जहर उगलेंगे कि नहीं उगलेंगे। ये जहर पीने वाले चुनाव के बाद जब जहर उगलेंगे तो वो जहर किसकी थाली में जाकर पड़ेगा? जनता की थाली में पड़ेगा कि नहीं पड़ेगा? जनता मरेगी कि नहीं मरेगी? जनता बर्बाद होगी कि नहीं होगी? जिन्होंने जहर पीया है, उनको जहर उगलने का मौका देना चाहिए क्या? ये जहर पीने वालों की जरुरत है क्या? जहर पिलाने वालों की जरुरत है क्या? मुझे तो पता ही नहीं चल रहा, ये बिहार में भुजंग प्रसाद कौन है और चंदन कुमार कौन है? नए भुजंग प्रसाद, नए चंदन कुमार, पता नहीं कौन किसको जहर पिला रहा है, कौन किसका जहर पी रहा है लेकिन इतना मुझे पता है कि चुनाव समाप्त होते ही ये जहर उगलना शुरू करेंगे। बिहार को बर्बाद करने में अब जंगलराज के साथ जहरीला वातावरण भी आने वाला है और इसलिए बिहार को बचाना समय की मांग है।

अब देखिए, भाजपा की सरकार क्यों बनानी चाहिए, एनडीए की सरकार क्यों बनानी चाहिए। जीतन राम मांझी, राम विलास पासवान, उपेन्द्र कुशवाहा, सुशील मोदी, ये सारे अनुभवी लोग, इनके नेतृत्व में बिहार में नई सरकार क्यों बनानी चाहिए। मैं अनुभव से बताता हूँ, हमारे देश में कई वर्षों से ये चर्चा चली, बीमारू राज्य है। बीमारू राज्य शब्द का प्रयोग चल पड़ा। आर्थिक विकास के पैमानों के आधार पर चल पड़ा और उस बीमारू राज्य में बिहार का भी नाम, उत्तरप्रदेश का भी नाम, मध्यप्रदेश का भी नाम, राजस्थान का भी नाम, ये बीमारू राज्य में गिने जाते हैं। लेकिन जब मध्यप्रदेश की जनता ने भाजपा की सरकार बनाई, अभी तो वहां 15 साल का भी सेवा करने का समय पूरा नहीं हुआ, अभी तो 10-12 साल हुए हैं लेकिन 10-12 साल के अन्दर-अन्दर मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकाल लिया है। भाईयों-बहनों, क्या बिहार को बीमारू से बाहर निकालना है? पक्का निकालना है? मध्यप्रदेश को निकाला भाजपा ने, बिहार को कौन निकालेगा? राजस्थान को बीमारू राज्य कहा जाता था। वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी और विकास की नई ऊंचाईयों को पार किया। आज राजस्थान बीमारू राज्य से बाहर निकाल आया है तो भाईयों-बहनों, क्या बिहार बीमारू राज्य से बाहर आ सकता है? क्या हम ला सकते हैं? आप मदद करोगे? आप आशीर्वाद दोगे? मैं आपसे वादा करता हूँ कि 5 साल के भीतर-भीतर हम बिहार को बीमारू राज्य से बाहर निकाल देंगे।

दुनिया में कई देशों में मुझे जाने का सौभाग्य मिला, एशिया के कई देशों में जाने का सौभाग्य मिला और वहां पर बड़े से बड़े राजनेता को मिलना हुआ हो, वहां के उद्योगपतियों से मिलना हुआ हो, वहां के साहित्यकारों से मिलना हुआ हो, वहां के छोटे-मोटे व्यापारियों से मिलना हुआ हो, वहां के सरकारी अफसरों से मिलना हुआ हो, हर किसी ने मुझसे एक बात कही। जिन-जिन देशों में बौद्ध धर्म का प्रभाव है, बौद्ध परंपरा का प्रभाव है, उन सभी देशों के मुखिया ने कहा कि एक बार तो बोधगया जाने की इच्छा है। दुनिया का हर व्यक्ति जो बौद्ध परंपरा से जुड़ा हुआ है, कम्युनिस्ट विचारधारा के नेता भी मिले, वो भी मुझे कहते हैं कि एक बार बोधगया के दर्शन के लिए जाएंगे। जितने यात्री ताजमहल देखने के लिए आते हैं, उससे ज्यादा यात्री बोधगया में माथा टेकने के लिए तैयार हैं। मुझे बताईये, क्या हमें बोधगया को ऐसा बनाना चाहिए कि नहीं चाहिए? बोधगया से ऐसा विकास हो टूरिज्म का ऐसा क्षेत्र बने ताकि दुनियाभर में बुद्ध को मानने वाले लोगों को बोधगया आने की व्यवस्था मिले और इतनी बड़ी संख्या में अगर यात्री आएंगे तो इस इलाके में कभी गरीबी रहेगी क्या।

टूरिज्म एक ऐसा उद्योग है, टूरिज्म एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ कम से कम पूँजी से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। अगर एक बार बोधगया में विश्वभर के यात्रियों के आने का सिलसिला चालू हो जाए और बहुत बड़ी संख्या में हो जाए तो इस इलाके के किसी नौजवान को बेरोजगार रहने की नौबत नहीं आएगी। इतनी ताकत है उसमें और गरीब से गरीब आदमी कमाता है, ऑटो रिक्शावाला भी कमायेगा, बिस्कुट बेचने वाला भी कमायेगा, चने मुरमुरे बेचने वाला भी कमायेगा, खिलौने बेचने वाला भी कमायेगा, फूल बेचने वाला कमायेगा, अरे चाय बेचने वाला भी कमायेगा। लेकिन भाईयों-बहनों, इनकी राजनीति वोट-बैंक की राजनीति इतनी है कि उन्होंने बोधगया का विकास करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं, जब यहाँ पर बम धमाका हुआ तो पूरे विश्व को बहुत बड़ा सदमा पहुंचा। विश्वभर में बौद्ध परंपरा को निभाने वाले सभी देशों के लोगों को सदमा पहुंचा लेकिन वोट बैंक की राजनीति में डूबे हुए लोग, उनको इसकी कोई परवाह नहीं थी। उनके लिए ऐसी घटनाएं आती है, जाती है। भाईयों-बहनों, मुझे यह स्थिति बदलनी है।

मुझे बोधगया को पूरे एशिया में तीर्थ-क्षेत्र के रूप में परिवर्तित करना है और मुझे आगे बढ़ाना है। ये गया पितृ तर्पण का स्थल है। हिन्दुस्तान का हर युवक, हर बेटा-बेटी, जब पितृ तर्पण की बात आती है तो उसका एक सपना रहता है कि उसके पिता का तर्पण मैं गया जी में जाकर करूँ। हिंदुस्तान भर के लोगों का ये सपना है कि नहीं है? पितृ तर्पण के लिए लोग आते हैं कि नहीं आते हैं? सवा सौ करोड़ का देश, हर वर्ष करोड़ों बड़ी आयु के लोग स्वर्ग सिधारते हैं, उनके संतान पितृ गया में आ करके तर्पण करना चाहते हैं। करोड़ों लोग आने के लिए तैयार बैठे हैं लेकिन यहाँ का समाचार सुनते हैं और इसके लिए आते नहीं हैं वो पितृ भी नाराज होते हैं और यहाँ के लोगों की रोजी-रोटी का भी नुकसान होता है। मुझे बताईये, हर हिन्दुस्तानी का पितृ तर्पण का सपना पूरा हो, ये व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? यहाँ के लोगों को रोजगार मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए?

आप मुझे बताईये, विकास करने की दिशा में अगर आगे बढ़ना है। भाईयों-बहनों, लेकिन अगर जंगलराज पार्ट-2, ये अगर आ गया फिर तो सब बर्बाद हो जाएगा। कोई व्यक्ति जेल जाता है तो क्या सीख कर आता है भाई? कोई अच्छी चीज़ें सीख कर आता है क्या? बुरी-बुरी चीज़ें सीख कर के आता है ना जितनी बुराईयां हैं सब लेकर के आता है कि नहीं आता है? जंगलराज पार्ट-1 में जेल का अनुभव नहीं था, जंगलराज पार्ट-2 में अब जेल का अनुभव जुड़ गया है और इसलिए बर्बादी की संभावना ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए पिछली बार जब मैं आया था, तब मैंने कहा था आरजेडी का सीधा-सीधा मतलब है – रोजाना जंगलराज का डर और जो लोग उनके साथ जुड़ गए हैं; आपने देखा होगा कि अभी पटना में सवेरे-सवेरे भाजपा के कार्यकर्ता को गोलियों से भून दिया गया, मौत के घाट उतार दिया गया, पटना में हुआ और इनकी नाक के नीचे हुआ। भाईयों-बहनों, ये जंगलराज की शुरुआत है कि नहीं है? और ये जो जंगलराज पार्ट-2 आ रहा है, जंगलराज और जेल का अनुभव जुड़ रहा है, जंगलराज और जहर उगलने का अवसर खड़ा किया जा रहा है तो उस समय एक तरफ रोजाना जंगलराज का डर और दूसरी तरफ जनता का दमन और उत्पीड़न। जेडीयू - जनता का दमन और उत्पीड़न, जनता – जे, दमन – डी और उत्पीड़न – यू। आप बताईये, बिहार को ऐसे लोगों के हाथ में सौंपा जा सकता है, 25 साल जिन्होंने बर्बाद किया, उनको मौका दिया जा सकता है?

भाईयों-बहनों, आपको हैरानी होगी, पूरे हिन्दुस्तान में ये लालटेन वालों ने आपको अँधेरे में रखा है। बिजली आती है? बिजली मिलती है? परीक्षा का समय हो, अगर पढ़ना है तो बिजली मिलती है क्या? अँधेरे में गुजारा करना पड़ता है? मिट्टी के तेल पर गुजारा करना पड़ता है। पिछले चुनाव में यहाँ के नेता ने आपको वादा किया था कि आपको बिजली देंगे। बिजली देने का वादा किया था, बिजली नहीं मिलेगी तो वोट नहीं मांगूंगा, ऐसा कहा था? बिजली मिली? धोखा किया? फिर से वोट मांगने आए, दूसरा धोखा किया। ये बार-बार धोखा हो रहा है। आप इनके झांसे में आ जाएंगे क्या? आज हिन्दुस्तान में प्रति व्यक्ति कम से कम बिजली की खपत कहीं पर है तो दुर्भाग्यशाली मेरे बिहार के भाई-बहन हैं। उनके भाग्य को इन्होंने अंधकारमय बना दिया है। हिन्दुस्तान में औसत प्रति व्यक्ति करीब-करीब एक हजार किलोवाट बिजली की खपत है जबकि बिहार में 150 किलोवाट भी नहीं है। कहाँ हजार और कहाँ ढेढ़ सौ, छठवां हिस्सा है आपका! इतना ही नहीं, बिहार से भी छोटा राज्य सिक्किम के लोगों की छह गुना ज्यादा खपत है। बिहार से निकला हुआ झारखंड, 10 साल के अंदर-अंदर झारखंड का नागरिक बिहार से 5 गुना ज्यादा बिजली का खपत करता है। आपको अँधेरे में रखने वाला पाप किसने किया है? 25 साल की दो सरकारों ने किया है कि नहीं किया है? 25 साल के दो मुख्यमंत्रियों ने किया है कि नहीं किया है? और इसलिए जिन्होंने आपको बर्बाद किया है, उनको दोबारा भार नहीं दिया जा सकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में आज हिन्दुस्तान में कोई भी टीवी चैनल उठा लीजिए, आपको दो-चार बिहार के तेजस्वी नौजवान उस टीवी चैनल के माध्यम से देश को संबोधित करते नजर आएंगे। ऐसे तेजस्वी लोगों की यह भूमि है लेकिन यहाँ के नौजवानों को अवसर नहीं दिया जाता है। टेक्निकल एजुकेशन में आज बिहार का क्या हाल है। अगर हमें नौजवानों को रोजगार देना है तो उनको टेक्निकल एजुकेशन देना होगा, स्किल डेवलपमेंट कराना होगा, इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षा दिलाना होगा डिग्री इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इंजीनियरिंग करानी पड़ेगी, सर्टिफिकेट कोर्स करना पड़ेगा। बिहार के अन्दर नौजवानों को शिक्षा मिलनी चाहिए। आज मुझे दुःख के साथ कहना पड़ता है, आज बिहार का हाल क्या है शिक्षा में।

17-20 साल उम्र के 80 लाख से ज्यादा नौजवान बिहार में हैं। इन 80 लाख बच्चों के मां-बाप के सपने हैं कि उनके बच्चों को डिप्लोमा करने का मौका मिले, डिग्री करने का मौका मिले, सर्टिफिकेट कोर्स करने का मौका मिले लेकिन बिहार में ये सारा होने के बावजूद भी बिहार में इंजीनियरिंग की सीटें कितनी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि बिहार में सिर्फ़ 25,000 सीट है। 80 लाख नौजवान पढ़ना चाहते हैं उसमें से 5-10 लाख तो इंजीनियरिंग में जाना चाहते होंगे कि नहीं लेकिन सिर्फ़ 25,000 सीट है और ये जिम्मेवारी बिहार सरकार की है। 25 साल हो गए और सिर्फ़ 25,000 सीट।

इतना बड़ा बिहार और दूसरी तरफ देखिये हिन्दुस्तान के और राज्यों का हाल। मैं बताना चाहता हूँ जो बिहार से बहुत छोटे हैं... हिमाचल प्रदेश, पूरे पटना की जितनी जनसंख्या है, पूरे हिमाचल की जनसंख्या उतनी ही है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इंजीनियरिंग में पढने के लिए सीटों की संख्या है - 24,000। इतने छोटे हिमाचल में 24,000 और इतने बड़े बिहार में 25,000। क्या होगा यहाँ के नौजवानों का! उड़ीसा, हमारे बगल में है, पिछड़ा राज्य माना गया लेकिन उस उड़ीसा में इंजीनियरिंग की सीटें कितनी हैं, आप कल्पना नहीं कर सकते कि उड़ीसा जैसा बिहार से भी छोटा प्रदेश, वहां इंजीनियरिंग की सीटें हैं -  1 लाख 13 हजार से भी ज्यादा। इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेवार है? पंजाब बहुत ही छोटा राज्य है और पंजाब में सीटें हैं - 1 लाख 4 हजार। पंजाब बिहार का एक-चौथाई भी नहीं है और वहां 1 लाख सीटें हैं और बिहार में 25 हजार है। कौन जिम्मेवार है? जंगलराज जिम्मेवार है कि नहीं है? ये दोबारा जंगलराज लाना है? उत्तराखंड बहुत छोटा राज्य है, पटना की जितनी जनसंख्या है, उत्तराखंड की उससे ज्यादा नहीं है, पटना से भी कम जनसंख्या और उसके बावजूद भी उत्तराखंड में इंजीनियरिंग की सीटें हैं – 40,000 से ज्यादा। अब मुझे बताईये कि बिहार के नौजवानों के साथ अन्याय है कि नहीं? बिहार के नौजवानों का भाग्य बर्बाद किया जा रहा है कि नहीं किया जा रहा है? क्या बिहार के नौजवानों को इंजीनियरिंग में पढने का हक होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? उनको ये सुविधा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? जिन्होंने यह सुविधा नहीं दी है, उन्हें जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? उनको भगाना चाहिये कि नहीं चाहिए?

इसलिए मैं आज यह कहने आया हूँ कि अगर बिहार के नौजवानों का भाग्य बदलना है तो शिक्षा में बदलाव लाने की जरुरत है और शिक्षा में बदलाव एनडीए की सरकार ला सकती है, बिहार का भाग्य बदल सकती है। हर वर्ष, बिहार के जिन मां-बाप के पास कुछ पैसे हैं वे अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बिहार से बाहर भेजते हैं। करीब 4-5 लाख नौजवान बिहार छोड़कर के, अपने मां-बाप को छोड़कर के, यार-दोस्तों को छोड़कर के कहीं न कहीं पढने के लिए जाते हैं और हर साल एक-एक युवक के पढने के पीछे खर्चा करीब-करीब एक लाख रूपया आता है। मुझे बताईये, चार लाख लोग बिहार से बाहर जाएं, हर वर्ष एक लाख रूपया साथ-साथ चला जाए तो बिहार का चार हजार करोड़ का नुकसान होता है कि नहीं होता है? ये बिहार का चार हजार करोड़ रूपया बचना चाहिए कि नहीं चाहिए? अगर बिहार का चार हजार करोड़ रूपया बचाना है तो बिहार के नौजवान को यहाँ पढने के लिए सुविधा मिलनी चाहिए। ये बिहार सरकार भाजपा की सरकार बनाईए, एनडीए की बनाईए और हम बना कर रहेंगे। इसलिए मैं आपसे आग्रह करने आया हूँ कि हमें विकास के लिए वोट चाहिए, बिहार को जंगलराज से मुक्त कराने के लिए वोट चाहिए, धोखेबाजी से बिहार को मुक्त कराने के लिए वोट चाहिए। मैं आपको भरोसा दिलाने आया हूँ कि मैं बिहार की विकास यात्रा में कंधा से कंधा मिलाकर चलूँगा। अगर आप एक कदम चलेंगे तो मैं सवा कदम चलूँगा, मैं ये विश्वास दिलाने आया हूँ। चुनाव के समय भारी मतदान करके परिवर्तन लाकर के रहिये, बिहार का भाग्य बदल के रहिये। 

बहुत बहुत धन्यवाद!       

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April 29, 2026
This transformative infrastructure project will boost connectivity and drive progress across Uttar Pradesh: PM
Just as Maa Ganga has been the lifeline of UP and this country for thousands of years, similarly, in this era of modern progress, this expressway passing near her, will become the new lifeline of UP's development: PM
Recently, I had the opportunity to dedicate the Delhi-Dehradun Expressway to the nation.
I had then remarked that these emerging expressways are the lifelines shaping the destiny of a developing India, and these modern pathways are today heralding India's bright future: PM
Ganga Expressway will not only connect one end of UP to the other, it will also bring limitless possibilities of the NCR closer: PM

భారత్ మాతాకీ జై.
భారత్ మాతాకీ జై.

భారత్ మాతాకీ జై.

ఉత్తరప్రదేశ్ గవర్నర్ ఆనందీబెన్ పటేల్ గారు, ముఖ్యమంత్రి యోగి ఆదిత్యనాథ్ గారు, ఉప ముఖ్యమంత్రులు కేశవ్ ప్రసాద్ మౌర్య గారు, బ్రజేష్ పాఠక్ గారు, కేంద్ర మంత్రివర్గంలోని నా సహచరులు జితిన్ ప్రసాద గారు, పంకజ్ చౌదరి గారు, యూపీ ప్రభుత్వ మంత్రులు, పార్లమెంటు సభ్యులు, శాసనసభ్యులు, ఇతర ప్రజా ప్రతినిధులు, ఇక్కడికి భారీ సంఖ్యలో విచ్చేసిన నా ప్రియమైన సోదరసోదరీలారా!

ముందుగా నేను నరసింహ స్వామి వారి ఈ పుణ్య భూమికి శిరస్సు వంచి ప్రణామం చేస్తున్నాను. ఇక్కడికి కొద్ది కిలోమీటర్ల దూరంలోనే గంగా మాత అనుగ్రహం ప్రవహిస్తోంది. అందుకే ఈ ప్రాంతమంతా ఒక పుణ్యక్షేత్రం కంటే తక్కువేమీ కాదు. ఉత్తరప్రదేశ్‌కు దక్కిన ఈ ‘గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే’ వరం కూడా ఆ గంగా మాత ఆశీర్వాదమేనని నేను నమ్ముతున్నాను. ఇప్పుడు మీరు కేవలం కొన్ని గంటల్లోనే సంగమానికి చేరుకోవచ్చు. అలాగే కాశీలో బాబా విశ్వనాథుని దర్శించుకుని తిరిగి రావచ్చు.

 

మిత్రులారా,

వేలాది ఏళ్లుగా ఉత్తరప్రదేశ్‌కు, ఈ దేశానికి గంగా మాత ఎలాగైతే జీవనాధారంగా నిలిచిందో... అలాగే ఆధునిక ప్రగతి పథంలో, ఆమెకు సమీపంగా వెళ్లే ఈ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే కూడా యూపీ అభివృద్ధికి కొత్త జీవనాడిగా కాబోతోంది. గత నాలుగు, అయిదు రోజులుగా నేను గంగా మాత సాన్నిధ్యంలోనే ఉండటం ఒక అద్భుతమైన యాదృచ్ఛికం. ఏప్రిల్ 24న నేను బెంగాల్‌లో ఉన్నప్పుడు గంగా మాతను దర్శించుకున్నాను. నిన్న నేను కాశీలో ఉన్నాను. ఈ రోజు ఉదయమే మళ్ళీ నాకు బాబా విశ్వనాథుడు, అన్నపూర్ణ మాత, గంగా మాతల దర్శనం చేసుకునే భాగ్యం కలిగింది. ఇప్పుడు గంగా మాత పేరు మీద నిర్మించిన ఈ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేను ప్రారంభించే అవకాశం లభించింది. ఉత్తర ప్రదేశ్ ప్రభుత్వం ఈ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేకు గంగా మాత పేరు పెట్టడం నాకు చాలా సంతోషంగా ఉంది. ఇందులో అభివృద్ధిపై మా దార్శనికత, మన వారసత్వానికి గౌరవం కూడా కనిపిస్తుంది. ఈ గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే సందర్భంగా ఉత్తరప్రదేశ్‌లోని కోట్లాది మంది ప్రజలకు అభినందనలు తెలియజేస్తున్నాను.

మిత్రులారా,

నేడు ప్రజాస్వామ్య పండుగలో ఒక ముఖ్యమైన రోజు. బెంగాల్‌లో ప్రస్తుతం రెండో దశ పోలింగ్ జరుగుతోంది. ప్రస్తుత సమాచారం ప్రకారం... బెంగాల్‌లో భారీ స్థాయిలో పోలింగ్ నమోదవుతోంది. మొదటి దశలో మాదిరిగానే ప్రజలు తమ ఇళ్ల నుంచి పెద్ద సంఖ్యలో బయటకు వచ్చి ఓటు వేస్తున్నారు. పోలింగ్ కేంద్రాల వద్ద బారులు తీరిన లైన్లకు సంబంధించిన చిత్రాలు సోషల్ మీడియాలో కనిపిస్తున్నాయి. గత 6,7 దశాబ్దాల్లో ఎన్నడూ జరగని రీతిలో, కనీసం ఊహించడానికి కూడా కష్టంగా అనిపించిన విధంగా ఈసారి బెంగాల్‌లో పోలింగ్ అత్యంత నిర్భయ వాతావరణంలో జరుగుతోంది. ప్రజలు ఎటువంటి భయం లేకుండా స్వేచ్ఛగా ఓటు వేస్తున్నారు. ఇది దేశ రాజ్యాంగానికి, బలపడుతున్న దేశ ప్రజాస్వామ్యానికి ఒక పవిత్రమైన సంకేతం. తమ హక్కుల పట్ల ఇంతటి చైతన్యాన్ని కలిగి, పెద్ద సంఖ్యలో ఓటు వేస్తున్న బెంగాల్ ప్రజలకు నేను కృతజ్ఞతలు తెలియజేస్తున్నాను. పోలింగ్ ముగియడానికి ఇంకా చాలా గంటల సమయం ఉంది. బెంగాల్ ప్రజలు ఇదే ఉత్సాహంతో ఈ ప్రజాస్వామ్య పండుగలో పాల్గొనాలని విజ్ఞప్తి చేస్తున్నాను.

మిత్రులారా,
కొంతకాలం కిందట బిహార్‌లో ఎన్నికలు జరిగినప్పుడు బీజేపీ-ఎన్‌డీఏ భారీ విజయాన్ని నమోదు చేసి చరిత్ర సృష్టించింది. నిన్ననే గుజరాత్‌లోని మున్సిపల్ కార్పొరేషన్లు, మున్సిపాలిటీలు, జిల్లా పంచాయతీలు, నగర పంచాయతీలు, తహసీల్ పంచాయతీల ఎన్నికల ఫలితాలు వచ్చాయి. ఉత్తరప్రదేశ్ ప్రజలైన మీరు సంతోషించే విషయం ఏమిటంటే... అక్కడ 80 నుండి 85 శాతం మున్సిపాలిటీలు, పంచాయతీలను బీజేపీ కైవసం చేసుకుంది. ఇప్పుడు జరుగుతున్న ఈ అయిదు రాష్ట్రాల ఎన్నికల్లో కూడా బీజేపీ చారిత్రాత్మక హ్యాట్రిక్ విజయం సాధించబోతోందని నేను నమ్ముతున్నాను. మే 4న వెలువడే ఫలితాలు వికసిత్ భారత్ సంకల్పాన్ని మరింత బలోపేతం చేస్తాయి. దేశ అభివృద్ధి వేగానికి సరికొత్త శక్తినిస్తాయి.

 

మిత్రులారా,

దేశం వేగంగా అభివృద్ధి చెందాలంటే మనం ఆధునిక మౌలిక సదుపాయాలను కూడా అంతే వేగంగా నిర్మించుకోవాలి. డిసెంబర్ 2021లో నేను గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేకు శంకుస్థాపన చేయడానికి షాజహాన్‌పూర్‌కు వచ్చాను. కనీసం 5 ఏళ్లు కూడా గడవకముందే దేశంలోని అతిపెద్ద ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేలలో ఒకటిగా, రాష్ట్రంలోనే అత్యంత పొడవైన గ్రీన్ కారిడార్ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేగా ఇది 5 ఏళ్లలోపే పూర్తయింది. ఈ రోజు హర్దోయి నుంచి దీని ప్రారంభోత్సవం కూడా జరుగుతోంది. గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే నిర్మాణం పూర్తి కావడమే కాకుండా, దాని విస్తరణ ప్రణాళిక పనులు కూడా ప్రారంభమయ్యాయి. త్వరలోనే గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే మీరట్ దాటి హరిద్వార్ వరకు చేరుకుంటుంది. దీనిని మరింత మెరుగ్గా ఉపయోగించుకోవడానికి, ఫరూఖాబాద్ లింక్ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే నిర్మించి ఇతర ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేలతో అనుసంధానం చేస్తారు. ఇదే డబుల్ ఇంజిన్ ప్రభుత్వ దార్శనికత. ఇదే బీజేపీ ప్రభుత్వ పనితీరులోని వేగం. ఇదే బీజేపీ ప్రభుత్వం పనిచేసే విధానం.

సోదరసోదరీలారా,

కేవలం కొన్ని రోజుల క్రితమే నాకు ఢిల్లీ-డెహ్రాడూన్ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేను ప్రారంభించే అవకాశం లభించింది. అప్పుడే నేను ఒక మాట చెప్పాను. ఈ కొత్తగా నిర్మిస్తున్న ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేలు అభివృద్ధి చెందిన భారత్‌కు విజయరేఖలని, ఈ ఆధునిక రేఖలే నేడు దేశ ఉజ్వల భవిష్యత్తును చాటిచెబుతున్నాయని అన్నాను.

మిత్రులారా,

ఒక రహదారి కోసం దశాబ్దాల తరబడి వేచి చూడాల్సిన ఆ రోజులు ఇప్పుడు పోయాయి. ఒకప్పుడు ప్రకటన వెలువడితే ఫైళ్లు కదలడానికే ఏళ్లు పట్టేది. ఎన్నికల కోసం శంకుస్థాపన రాళ్లు వేసేవారు. ఆ తర్వాత ప్రభుత్వాలు వచ్చేవి, పోయేవి కానీ పనుల ప్రారంభం మాత్రం ఉండేది కాదు. కొన్నిసార్లు పాత ఫైళ్లను వెతకడానికే పెద్ద పెద్ద అధికారులకు కూడా రెండేళ్ల పాటు కష్టపడాల్సి వచ్చేది. కానీ ఈ డబుల్ ఇంజిన్ ప్రభుత్వంలో శంకుస్థాపనలు జరుగుతున్నాయి. అలాగే నిర్ణీత సమయంలోనే ప్రారంభోత్సవాలు కూడా జరుగుతున్నాయి. అందుకే ఈ రోజు ఉత్తర ప్రదేశ్ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేల వేగం కంటే ఎక్కువ వేగం అయినది ఏదైనా ఉందంటే, అది యూపీ అభివృద్ధి వేగమే.

 

మిత్రులారా,

ఈ ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే కేవలం ఒక అధిక వేగంతో కూడిన రోడ్డు మాత్రమే కాదు. సరికొత్త అవకాశాలకు, కొత్త కలలకు, కొత్త మార్గాలకు ముఖద్వారం. గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే సుమారు 600 కిలోమీటర్ల పొడవు ఉంటుంది. పశ్చిమ యూపీలోని మీరట్, బులంద్‌షహర్, హాపూర్, అమ్రోహా, సంభాల్, బదౌన్; మధ్య యూపీలోని షాజహాన్‌పూర్, హర్దోయి, ఉన్నావ్, రాయ్‌బరేలీ; తూర్పు యూపీలోని ప్రతాప్‌గఢ్, ప్రయాగ్‌రాజ్ వంటి ప్రాంతాలతో పాటు ఇతర సమీప జిల్లాల్లోని కోట్ల మంది ప్రజల జీవితాలను ఈ గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే మార్చబోతుంది.

మిత్రులారా,

ఈ ప్రాంతాలు గంగా నది, దాని ఉపనదుల వల్ల సారవంతమైన నేలలతో ఆశీర్వాదం పొందాయి. కానీ గత ప్రభుత్వాలు రైతులను నిర్లక్ష్యం చేయడం వల్ల, ఇక్కడి రైతులు కష్టాల్లో కూరుకుపోయారు. ఇక్కడి రైతుల పంటలు పెద్ద మార్కెట్లకు చేరుకోలేకపోయేవి. శీతలీకరణ గిడ్డంగుల కొరత ఉండేది. రవాణా సదుపాయాలు లేవు. రైతులు పడే కష్టానికి సరైన ధర దక్కేది కాదు. ఇప్పుడు ఆ కష్టాలన్నింటికీ పరిష్కారాలు వేగంగా దొరుకుతాయి. గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే ద్వారా తక్కువ సమయంలోనే పెద్ద మార్కెట్లకు చేరుకోవచ్చు. వ్యవసాయానికి అవసరమైన మౌలిక సదుపాయాలు ఇక్కడ అభివృద్ధి చెందుతాయి. దీనివల్ల మన రైతుల ఆదాయం పెరుగుతుంది.

మిత్రులారా,

గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే ఉత్తరప్రదేశ్‌లోని ఒక చివరను మరో చివరతో కలపడమే కాకుండా, ఎన్‌సీఆర్ ప్రాంతంలోని అపారమైన అవకాశాలను కూడా మనకు దగ్గర చేస్తుంది. గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేపై వాహనాలు పరుగులు తీయడమే కాకుండా, దానికి ఇరువైపులా కొత్త పారిశ్రామిక అవకాశాలు అభివృద్ధి చెందుతాయి. దీనికోసం హర్దోయి వంటి జిల్లాల్లో పారిశ్రామిక కారిడార్లను అభివృద్ధి చేస్తున్నాం. దీని ద్వారా హర్దోయి, షాజహాన్‌పూర్, ఉన్నావ్ సహా మొత్తం 12 జిల్లాల్లో కొత్త పరిశ్రమలు రాబోతున్నాయి. ఔషధం, టెక్స్‌టైల్ వంటి వివిధ రంగాలకు చెందిన క్లస్టర్లు ఇక్కడ అభివృద్ధి చెందడం ద్వారా మన యువతకు కొత్త ఉపాధి అవకాశాలు కూడా లభిస్తాయి.

 

మిత్రులారా,

ముద్రా యోజన,  ఓడీఓపీ వంటి పథకాల అండతో మన యువత సరికొత్త రికార్డులు సృష్టిస్తున్నారు. ఇక్కడ చిన్న పరిశ్రమలను, ఎంఎస్ఎంఈలను ప్రోత్సహిస్తున్నారు. మెరుగైన రవాణ సౌకర్యాలతో వారికి కొత్త మార్గాలు కూడా తెరుచుకుంటాయి. మీరట్ క్రీడా పరిశ్రమ, సంభాల్ హస్తకళలు, బులంద్‌షహర్ సిరామిక్స్, హర్దోయి చేనేత, ఉన్నావ్ తోలు, ప్రతాప్‌గఢ్ ఉసిరి ఉత్పత్తులన్నీ దేశ, ప్రపంచ మార్కెట్లకు పెద్ద ఎత్తున చేరుతాయి. దీని వల్ల లక్షలాది కుటుంబాల ఆదాయం పెరుగుతుంది. గతంలో సమాజ్‌వాదీ పార్టీ ప్రభుత్వంలో హర్దోయి, ఉన్నావ్ వంటి జిల్లాల్లో పారిశ్రామిక కారిడార్లు నిర్మిస్తారని ఎవరైనా ఊహించగలిగారా? మన హర్దోయి గుండా ఒక ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే వెళ్తుందని ఎవరైనా ఎప్పుడైనా అనుకున్నారా? ఈ పని బీజేపీ ప్రభుత్వంలో మాత్రమే సాధ్యం.

మిత్రులారా,

గతంలో ఉత్తరప్రదేశ్‌ను వెనుకబడిన, ‘బీమారు’ రాష్ట్రంగా పిలిచేవారు. అదే ఉత్తరప్రదేశ్ నేడు 1 ట్రిలియన్ డాలర్ల ఆర్థిక వ్యవస్థగా ఎదగడానికి ముందుకు సాగుతోంది. ఇది చాలా పెద్ద లక్ష్యం, కానీ దీని వెనుక అంతే పెద్ద సన్నద్ధత ఉంది. ఎందుకంటే యూపీకి అపారమైన సామర్థ్యం ఉంది. దేశంలోనే అతిపెద్ద యువ జనాభా శక్తి యూపీ సొంతం. యూపీని తయారీ కేంద్రంగా మార్చడానికి మేం ఈ శక్తిని ఉపయోగిస్తున్నాం.  రాష్ట్రానికి భారీ పెట్టుబడులు వచ్చినప్పుడు మాత్రమే కొత్త పరిశ్రమలు, కర్మాగారాలు స్థాపితమవుతాయి. అప్పుడే ఆర్థిక పురోగతికి ద్వారాలు తెరుచుకుంటాయి, దేశ యువతకు ఉపాధి అవకాశాలు లభిస్తాయి.

సోదరసోదరీలారా,

ఈ దార్శనికతను కేంద్రంగా చేసుకొని.. గత కొన్ని సంవ్సరాలుగా నిరంతరం పనులు జరుగుతున్నాయి. దీనిని మీరే స్వయంగా గమనిస్తున్నారు. గతంలో వలసలకు నిలయంగా ప్రసిద్ధి చెందిన యూపీ... నేడు పెట్టుబడిదారుల సదస్సులు, పారిశ్రామిక కారిడార్లకు పేరుగాంచింది. యూపీ పెట్టుబడిదారుల సదస్సుకు దేశ విదేశాల నుంచి దిగ్గజ కంపెనీలు వస్తున్నాయి. రాష్ట్రానికి వేల కోట్ల రూపాయల పెట్టుబడులు వస్తున్నాయి. ఈ రోజు మొబైల్ తయారీలో భారత్ ప్రపంచంలోనే రెండో అతిపెద్ద దేశంగా ఉందంటే, అందులో యూపీ సహకారం ఎంతో ఉంది. దేశంలో తయారవుతున్న మొబైల్ ఫోన్లలో సగం మన యూపీలోనే తయారవుతున్నాయి. కేవలం కొన్ని వారాల క్రితమే నేను నోయిడాలో ఒక సెమీకండక్టర్ కేంద్రానికి శంకుస్థాపన చేశాను.

 

మిత్రులారా,

ఈ కృత్రిమ మేధ యుగంలో సెమీకండక్టర్లు ఎంతటి కీలక రంగంగా మారుతున్నాయో మీ అందరికీ తెలుసు. ఆ రంగంలో కూడా నాయకత్వం వహించడానికి యూపీ ముందుకు సాగుతోంది. భవిష్యత్తులో యూపీ ప్రజలకు అపారమైన అవకాశాలు ఉన్న ఒక అతిపెద్ద రంగం తెరుచుకోబోతోంది.

మిత్రులారా,

ఉత్తరప్రదేశ్ పారిశ్రామిక అభివృద్ధి నేడు దేశ వ్యూహాత్మక శక్తిగా మారుతోంది. దేశంలోని రెండు రక్షణ కారిడార్లలో ఒకటి నేడు యూపీలోనే ఉంది. పెద్ద పెద్ద రక్షణ రంగ కంపెనీలు ఇక్కడ తమ కర్మాగారాలను ఏర్పాటు చేస్తున్నాయి. ప్రపంచమే గుర్తించిన బ్రహ్మోస్ క్షిపణులు రాష్ట్రంలోనే తయారవుతున్నాయి. రక్షణ పరికరాల తయారీకి అవసరమైన చిన్న చిన్న విడిభాగాలను ఇక్కడి ఎంఎస్ఎంఈలు సరఫరా చేస్తున్నాయి. దీనివల్ల ఉత్తరప్రదేశ్‌లోని సూక్ష్మ, చిన్న తరహా పరిశ్రమల రంగానికి ఎంతో మేలు జరుగుతోంది. ఇప్పుడు చిన్న జిల్లాల్లో ఉండే యువత కూడా పెద్ద పెద్ద పరిశ్రమలతో మమేకం కావాలనే కలలు కనగలుగుతున్నారు.

మిత్రులారా,

పాత రాజకీయాలను వదిలేసి ఒక కొత్త గుర్తింపును సృష్టించుకోవడం వల్లే నేడు ఉత్తరప్రదేశ్ ఇంత వేగంగా అభివృద్ధి చెందుతోంది. ఒకప్పుడు యూపీ అంటే గుంతల రోడ్లకు నిలయమనేవారు. నేడు అదే యూపీ దేశంలోనే అత్యధిక ఎక్స్‌ప్రెస్‌వేలు కలిగిన రాష్ట్రంగా అవతరించింది. గతంలో పొరుగు జిల్లాలకు వెళ్లడం కూడా చాలా కష్టంగా ఉండేది. కానీ నేడు ఉత్తరప్రదేశ్‌లో 21 విమానాశ్రయాలు, 5 అంతర్జాతీయ విమానాశ్రయాలు ఉన్నాయి. ఇప్పుడు నోయిడా అంతర్జాతీయ విమానాశ్రయం ప్రారంభోత్సవం కూడా జరిగింది. గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే ద్వారా నోయిడా అంతర్జాతీయ విమానాశ్రయానికి కేవలం కొన్ని గంటల్లోనే చేరుకోవచ్చు.

 

సోదరసోదరీలారా

మన ఉత్తర ప్రదేశ్ శ్రీరాముడి,  శ్రీకృష్ణుల జన్మభూమి. కానీ గత ప్రభుత్వాల దర్భర పరిపాలన కారణంగా నేరాలు, అరాచక పాలనను గుర్తింపుగా యూపీ మారింది.  ఒకప్పుడు రాష్ట్ర మాఫియాలపై సినిమాలు తీసేవారు. కానీ ఇప్పుడు యూపీ శాంతిభద్రతలు దేశవ్యాప్తంగా ఒక ఉదాహరణగా నిలుస్తున్నాయి.

సోదరసోదరీలారా,

అధికారాన్ని అడ్డం పెట్టుకుని వనరులను పంచుకున్న సమాజ్‌వాదీ పార్టీ సభ్యులకు యూపీ సాధిస్తున్న ఈ ప్రగతి అస్సలు నచ్చడం లేదు. వారు రాష్ట్రాన్ని మళ్లీ పాత కాలంలోకి నెట్టాలని చూస్తున్నారు.  సమాజాన్ని మరోసారి విభజించి, ముక్కలు చేయాలని కోరుకుంటున్నారు.

మిత్రులారా,

సమాజ్‌వాదీ పార్టీ అభివృద్ధికి వ్యతిరేకి మాత్రమే కాదు, మహిళా వ్యతిరేకి కూడా. ఇటీవలే దేశం మరోసారి ఎస్పీ, కాంగ్రెస్ వంటి పార్టీల అసలు స్వరూపాన్ని చూసింది. కేంద్రంలోని ఎన్డీయే ప్రభుత్వం పార్లమెంటులో నారీ శక్తి వందన్ సవరణ బిల్లును తీసుకువచ్చింది. ఈ సవరణ గనుక పాస్ అయ్యి ఉంటే 2029 ఎన్నికల నుంచే శాసనసభలు, లోక్‌సభలో మహిళలకు రిజర్వేషన్లు లభించేవి. ఏ ఇతర కేటగిరీ సీట్లను తగ్గించకుండానే మన తల్లులు, సోదరీలు పెద్ద సంఖ్యలో ఎంపీలు, ఎమ్మెల్యేలుగా ఎన్నికై ఢిల్లీ, లక్నోలకు చేరుకునేవారు. కానీ సమాజ్‌వాదీ పార్టీ ఈ సవరణ బిల్లుకు వ్యతిరేకంగా ఓటు వేసింది.

మిత్రులారా,

ఈ బిల్లు ద్వారా అన్ని రాష్ట్రాల్లోనూ సీట్ల సంఖ్య పెరిగేది. అన్ని రాష్ట్రాల్లోనూ ఒకే నిష్పత్తిలో సీట్లు పెరుగుతాయని మేం పార్లమెంటులో స్పష్టంగా చెప్పాం. కానీ ఉత్తరప్రదేశ్‌ను తిడుతూ రాజకీయం చేసే డీఎంకే వంటి పార్టీలు, యూపీలో సీట్లు ఎందుకు పెరగాలని అభ్యంతరం వ్యక్తం చేశాయి. సమాజ్‌వాదీ పార్టీ కూడా పార్లమెంటులో అదే పాట పాడింది. ఈ ఎస్పీ నాయకులు ఇక్కడ మీ ఓట్లు వేయించుకుంటారు, కానీ పార్లమెంటులో మాత్రం యూపీ ప్రజలను దూషించే వారి పక్కన నిలబడతారు. అందుకే సమాజ్‌వాదీ పార్టీ ఎప్పటికీ మారదని రాష్ట్ర ప్రజలు అంటుంటారు. వీరు ఎప్పుడూ మహిళా వ్యతిరేక రాజకీయాలే చేస్తారు. ఎప్పుడూ బుజ్జగింపు విధానాలకు, నేరస్థులకు అండగా నిలుస్తారు. ఎస్పీ ఎన్నటికీ కుటుంబ రాజకీయాలు, కుల రాజకీయాలకు అతీతంగా ఎదగలేదు. వీరు ఎల్లప్పుడూ అభివృద్ధి వ్యతిరేక రాజకీయాలే చేస్తారు. యూపీ ప్రజలు ఎస్పీ, దాని మిత్రపక్షాల పట్ల చాలా అప్రమత్తంగా ఉండాలి.

 

మిత్రులారా,

అభివృద్ధి చెందిన భారత్ అనే సంకల్పంతో నేడు దేశం ముందుకు సాగుతోంది. ఈ సంకల్పాన్ని నెరవేర్చడంలో ఉత్తరప్రదేశ్ పాత్ర చాలా కీలకం. నేడు ప్రపంచమంతా యుద్ధాలు, అశాంతి, అస్థిరతలో చిక్కుకుపోయి ఉంది. ప్రపంచంలోని పెద్ద దేశాల్లో కూడా పరిస్థితులు దారుణంగా ఉన్నాయి. కానీ భారత్ మాత్రం అదే వేగంతో అభివృద్ధి పథంలో ముందుకు సాగుతోంది. బయట ఉన్న శత్రువులకు ఇది అస్సలు నచ్చడం లేదు. మన దేశంలో ఉంటూనే అధికారం కోసం ఆశపడే కొందరు వ్యక్తులు కూడా దేశాన్ని తక్కువ చేసి చూపించడానికి ప్రయత్నిస్తున్నారు. అయినప్పటికీ మనం సురక్షితంగా ఉండటమే కాకుండా, అభివృద్ధిలో సరికొత్త రికార్డులను సృష్టిస్తున్నాం. ఆత్మనిర్భర్ భారత్ ఉద్యమాన్ని ముందుకు తీసుకెళ్తున్నాం. అత్యంత ఆధునిక మౌలిక సదుపాయాలను నిర్మిస్తున్నాం. గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే ఈ దిశలో వేసిన మరో బలమైన అడుగు. గంగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌వే మన ముంగిటకు తెచ్చే అవకాశాలను యూపీ ప్రజలు తమ కష్టంతో, ప్రతిభతో నిజం చేసుకుంటారని నేను నమ్ముతున్నాను. ఈ సంకల్పంతో మీ అందరికీ మరోసారి అనేక అభినందనలు తెలియజేస్తున్నాను. చాలా ధన్యవాదాలు.

భారత్ మాతాకీ జై.

భారత్ మాతాకీ జై.

వందేమాతరం, వందేమాతరం, వందేమాతరం, వందేమాతరం, వందేమాతరం

అందరికీ ధన్యవాదాలు...!