Published By : Admin |
September 25, 2017 | 20:28 IST
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PM Modi launches #Saubhagya, an initiative aimed at providing power to all homes
#Saubhagya Yojana will provide power connections to all the estimated 4 crore households which currently did not have a power connection
Coal shortages have become a thing of the past, and capacity addition in power generation has exceeded targets: PM
PM outlines his vision of an increase in renewable power installed capacity, towards the target of 175 GW by 2022
UDAY scheme has brought down losses of power distribution companies: PM Modi
New India requires an energy framework that works on the principle of equity, efficiency and sustainability: PM Modi
Change in work culture in the Union Government is strengthening the energy sector: PM Modi
‘ప్రధాన మంత్రి సహజ్ బిజిలీ హర్ ఘర్ యోజన’ లేదా ‘‘సౌభాగ్య’’ను ప్రధాన మంత్రి శ్రీ నరేంద్ర మోదీ న్యూ ఢిల్లీ లో ఈ రోజు ప్రారంభించారు. అన్ని ఇళ్ళకు విద్యుత్ ను అందించాలన్నదే ఈ పథకం ధ్యేయం.
పండిత్ దీన్ దయాళ్ ఉపాధ్యాయ్ జయంతి సందర్భంగా ఒఎన్జిసి నూతన భవనం ‘దీన్ దయాళ్ ఊర్జా భవన్’ను ప్రధాన మంత్రి దేశ ప్రజలకు అంకితం చేశారు.
అలాగే, బసీన్ గ్యాస్ క్షేత్రంలో బూస్టర్ కంప్రెసర్ ఫెసిలిటీ ని కూడా ప్రధాన మంత్రి దేశ ప్రజలకు అంకితం చేశారు.
ఈ సందర్భంగా ప్రధాన మంత్రి ప్రసంగిస్తూ, కేంద్ర ప్రభుత్వం అమలుచేస్తున్న పథకాలు అత్యంత పేదలకు ఏ రకంగా ప్రయోజనకారిగా ఉన్నదీ ప్రముఖంగా వివరించడం కోసం జన్ ధన్ యోజన, బీమా పథకాలు, ముద్ర యోజన, ఉజ్జ్వల యోజన మరియు ‘ఉడాన్’ల గురించి చెప్తూ, ఈ పథకాలు విజయవంతం అయ్యాయన్నారు.
ఇదే సందర్భంలో ఆయన ప్రస్తుతం విద్యుత్తు సదుపాయం లేనటువంటి సుమారు 4 కోట్ల కుటుంబాలకు విద్యుత్తు ను ‘ప్రధాన మంత్రి సహజ్ బిజిలీ హర్ ఘర్ యోజన’ అందిస్తుందని ప్రస్తావించారు. ఈ పథకానికి వ్యయం 16,000 కోట్ల రూపాయలకు పైగా ఉంటుంది. ఈ కనెక్షన్ లను బీదలకు ఉచితంగా అందించడం జరుగుతుందని ప్రధాన మంత్రి చెప్పారు.
ఒక ప్రజెంటేషన్ అండతో ప్రధాన మంత్రి ప్రసంగిస్తూ, విద్యుత్తు సౌకర్యం లేనటువంటి 18000 పైగా పల్లెలలో విద్యుత్తు సౌకర్యాన్ని 1000 రోజుల వ్యవధి లోగా సమకూర్చాలంటూ ఒక లక్ష్యాన్ని తాను విధించిన సంగతిని గుర్తు చేశారు. ఇప్పటికీ విద్యుతీకరించవలసిన పల్లెలు 3000 కన్నా తక్కువే మిగిలివున్నాయని ఆయన చెప్పారు.
బొగ్గు కొరత సమస్యలు తెరమరుగైన అంశంగా ఎలా మారిందీ ఆయన చెప్పుకొచ్చారు. విద్యుత్తు ఉత్పాదనలో అదనపు సామర్ధ్యాన్ని జోడించే అంశంలో లక్ష్యాలను అధిగమించినట్లు వెల్లడించారు.
2022 కల్లా 175 గీగా వాట్ ల లక్ష్యాన్ని చేరుకొనే క్రమంలో నవీకరణ యోగ్య విద్యుత్తు యొక్క స్థాపిత సామర్ధ్యాన్ని పెంచినట్లు కూడా ప్రధాన మంత్రి చెప్పారు. నవీకరణ యోగ్య శక్తికి సంబంధించినంత వరకు పవర్ టారిఫ్ ను ఏ విధంగా గణనీయంగా తగ్గించిందీ ఆయన ఈ సందర్భంగా ప్రస్తావించారు. ప్రసార మార్గాలలో చెప్పుకోదగ్గ పెరుగుదలను సైతం నమోదు చేయడమైంది.
ఉదయ్ పథకం విద్యుత్తు పంపిణీ కంపెనీల నష్టాలను ఏ విధంగా తగ్గిస్తూ వచ్చిందీ ప్రధాన మంత్రి తెలియజేశారు. దీనిని సహకారాత్మకమైన, స్పర్ధాత్మకమైన సమాఖ్య విధానానికో ఉదాహరణగా ఆయన అభివర్ణించారు.
ఉజాలా పథకం ఏ మేరకు ఆదాకు దారితీసిందీ ప్రధాన మంత్రి చాటిచెప్తూ, ఎల్ఇడి బల్బుల తాలూకు వ్యయం గణనీయంగా దిగివచ్చిందన్నారు.
సమానత్వం, సామర్ధ్యం ఇంకా మన్నిక.. ఈ సూత్రం ఆధారంగా పని చేసే ఒక ఎనర్జీ ఫ్రేమ్ వర్క్ అనేది ‘న్యూ ఇండియా’కు అవసరమని ప్రధాన మంత్రి చెప్పారు. కేంద్ర ప్రభుత్వంలో పని సంస్కృతిలో వచ్చిన మార్పు శక్తి రంగాన్ని బలోపేతం చేస్తున్నట్లు ఆయన వివరించారు. ఇది ఇక మీదట, యావత్ దేశంలో పని సంస్కృతిని సకారాత్మకంగా ప్రభావితం చేయగలుగుతుందని ఆయన అన్నారు.
Bodoland is scripting a new chapter of peace and prosperity: PM Modi in Assam
March 13, 2026
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Kokrajhar is closely associated with the glorious Bodo culture: PM
These development projects are aimed at boosting the region’s growth: PM
Today Bodoland has set out on the path of peace and development; Assam is writing a new chapter of peace and prosperity: PM
Our Government has ensured national recognition for the faith and traditions of the Bodo community. Their traditional faith, Bathou, has been accorded great respect: PM
We must continue to accelerate the pace of Assam's development, with the blessings of the people of Assam the resolve for a ‘Viksit Assam’ will surely be fulfilled: PM
खुलुमबाई कोकराझार !
साथियों,
मौसम खराब होने की वजह से मैं कोकराझार नहीं आ पा रहा हूं। मैं आप सभी का क्षमाप्रार्थी हूं। यहां गुवाहाटी से ही आपसे संवाद संभव हुआ है, मैं दिल्ली से निकला था, आपके पास आने के लिए, लेकिन मुझे गुवाहाटी में ही उतरना पड़ा और अब मैं गुवाहाटी से आपके दर्शन भी कर रहा हूं, और आपसे बात भी कर रहा हूं। इस कार्यक्रम से जुड़े असम के मुख्यमंत्री भाई हिमंत बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, बोडोलैंड टैरिटोरियल काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर हाग्रामा मोहिलारी जी, हमारे साथ उपस्थित असम के गवर्नर श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य जी, असम सरकार के मंत्रिगण, सांसद और विधायकगण, B.T.C के सभी प्रतिनिधि, समाज के सभी वरिष्ठ जन और मेरे प्यारे भाइयों और बहनों !
सबसे पहले मैं बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी, रूपनाथ ब्रह्मा जी और इस धरती के महान व्यक्तित्वों को श्रद्धापर्वूक नमन करता हूं। मैं देख रहा हूं, जहां भी मेरी नजर पहुंच रही है लोग ही लोग नजर आ रहे हैं, और इतनी बड़ी मात्रा में माताएं-बहनें भी आशीर्वाद देने आए हैं। आप वहां इतनी विशाल संख्या में पहुंचे हुए हैं। आपका ये प्यार मुझ पर कर्ज़ की तरह है। और मेरा हमेशा प्रयास रहा है कि इस कर्ज़ को मैं आपकी सेवा करके चुकाऊं, इस क्षेत्र का विकास करके चुकाऊं।
साथियों,
अभी कुछ सप्ताह पहले मैं गुवाहाटी में था, वहां मुझे बागुरुम्बा दहोउ के भव्य उत्सव में समृद्ध बोडो संस्कृति का हिस्सा बनने का अवसर मिला। मुझे ये देखकर बहुत गर्व होता है कि बोडो समाज ने अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपनी परंपराओं को इतना संभाल कर, सहेज कर रखा है। बाथोऊ की आध्यात्मिक परंपरा हो, या बैइसागू का उत्सव, ये सब भारत की सांस्कृतिक ताकत को और मजबूत बनाते हैं।
साथियों,
भाजपा-NDA की डबल इंजन सरकार भी असम की विरासत के संरक्षण और असम के तेज़ विकास, दोनों के लिए निरंतर काम कर रही है। आज यहां इस कार्यक्रम में ही, इस क्षेत्र के विकास के लिए साढ़े चार हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें से 1100 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि, बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होने जा रही है। असम माला, इस अभियान के तीसरे चरण से असम की रोड कनेक्टिविटी और अधिक सशक्त होगी।
साथियों,
थोड़ी देर पहले मुझे कामाख्या-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने का भी अवसर मिला है। इन सभी प्रोजेक्ट्स से आपको सुविधाएं तो मिलेंगी ही, ट्रेड और टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की उपज आसानी से बड़े बाज़ारों तक पहुंच पाएगी। मैं आप सभी को इन विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
कोकराझार सहित इस पूरे क्षेत्र ने बीते दशकों में बहुत कुछ सहा था, बहुत कुछ खोया था। हमने वो मुश्किल समय देखा है, जब इन पहाड़ियों में बम-बंदूक की ही गूंज सुनाई देती थी। लेकिन आज ये तस्वीर बदल रही है। आज ये पहाड़ियाँ, 'खाम' की थाप और 'सिफुंग' की मधुर धुनों से गुंज रही हैं। आज बोडोलैंड शांति और विकास की राह पर चल पड़ा है। आज असम शांति और विकास का नया अध्याय लिख रहा है।
साथियों,
आज यहां B.T.R क्षेत्र की 6 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का भूमि पूजन हुआ है, साथ ही इस क्षेत्र की रेल कनेक्टविटी को मजबूत करने के लिए बडे कदम उठाए गए हैं। यहां बनने वाली रेलवे की वर्कशॉप, इस क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स का एक बड़ा सेंटर बनाने वाली है। यहां भूटान को जोड़ने वाली रेल लाइन पर भी काम चल रहा है, अनेक स्टेशनों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। अब वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें कोकराझार में रुकती हैं। यह बोडोलैंड की बेहतर कनेक्टिविटी का प्रमाण है। ऐसे प्रोजेक्ट्स से कोकराझार, व्यापार का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।
साथियों,
मैं हाग्रामा मोहिलारी जी की टीम को, हेमंता जी की पूरी टीम को, विकास के इन कामों के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
दशकों तक बोडोलैंड का ये क्षेत्र, कांग्रेस के विश्वासघात का साक्षी रहा है। बोडोलैंड की अनेक पीढ़ियों को कांग्रेस ने झूठे सपनों में उलझाए रखा। दिल्ली में बैठी कांग्रेस की सरकारों ने सिर्फ दिखावे के लिए कागज़ी समझौते किए।
साथियों,
जब आपने देश से और असम से, दोनों जगहों से कांग्रेस को खदेड़ा और बीजेपी-NDA को अवसर दिया, तो हमने ईमानदारी से प्रयास शुरु किए। कांग्रेस जहां अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए अलग-अलग समुदायों में फूट डाल देती थी, वहीं बीजेपी ने स्थाई शांति के लिए काम किया। इसी सोच के साथ बोडो शांति समझौता किया गया। इस समझौते में पहली बार सभी प्रमुख संगठनों और समूहों को एक साथ लाया गया।
साथियों,
कांग्रेस की एक और सचाई है, कांग्रेस झूठे वायदों की दुकान है। और एक झूठे वायदे के साथ चार सुपर झूठ गिफ्ट में देती है। क्योंकि, उन वायदों को पूरा करने का कांग्रेस का इरादा ही नहीं होता। वहीं आपके सामने बीजेपी-NDA का मॉडल है। हमारी डबल इंजन सरकार ने जो भी कहा, उसको सच करने की ईमानदार कोशिश की है, और ये आज की बात नहीं है, 2003 में, जब दिल्ली में NDA सरकार थी, अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में, तब भी हमने सच्चाई से, ईमानदारी से काम करने में कोई कमी नहीं रखी। उसके तहत सिक्स्थ शैड्यूल में बीटीसी का गठन हुआ, इससे बोडोलैंड के विकास को बल मिला। यहां बोडोलैंड यूनिवर्सिटी बनी, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बना, इंजीनियरिंग कॉलेज बना, ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स यहां पर आए।
साथियों,
2020 के समझौते के तहत, हमने जो भी वादे किए थे, वो एक के बाद एक, तेज गति से, लगातार मेहनत करके पूरे किए जा रहे हैं। बोडो भाषा को, एसोसिएट ऑफिशियल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया है। बोडोलैंड के लिए 1500 करोड़ रुपए का विशेष विकास पैकेज दिया गया। आज कोकराझार में मेडिकल कॉलेज चल रहा है और तमुलपुर में मेडिकल कॉलेज बन रहा है। यहां नए-नए ब्रिज बन रहे हैं। आज हथियार छोड़ने वाले असम के करीब 10 हजार नौजवानों को मुख्यधारा से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। वो सब माताएं हमें आशीर्वाद दे रही हैं, जिनके बेटे आज घर वापिस लौटे हैं। खुशहाली में अपने परिवार के साथ जिंदगी जी रहे हैं।
साथियों,
हमारी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बोडो समाज की आस्था और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिले। बोडो समाज की पारंपरिक आस्था, बाथोऊ को भी बड़ा सम्मान दिया गया है। और आस्था के स्थलों के विकास के लिए भी विशेष सहायता दी जा रही है।
साथियों,
कांग्रेस का एक और बड़ा पाप है, जो देश और असम की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है। जिसने रोटी, बेटी और माटी, तीनों की सुरक्षा को खतरे में डाला है। कांग्रेस का हाथ हमेशा से घुसपैठियों के साथ रहा है और आज भी है। कांग्रेस ने दशकों तक यहां के मूल-निवासियों को, जमीन के कानूनी दस्तावेज तक नहीं दिए। कांग्रेस ने आदिवासियों की बहुत सारी ज़मीनों को घुसपैठियों के हवाले कर दिया। धुबरी और गोलपाड़ा जैसे जिलों में तो स्थिति बहुत भयानक थी। इससे बोडोलैंड में आबादी का संतुलन बिगड़ रहा था, समाज में संकट आने लगा था। मुझे संतोष है कि हेमंता जी के नेतृत्व में घुसपैठियों के कब्जे से जमीन को छुड़ाने का एक बहुत बड़ा अभियान असम में चल रहा है। यहां भाजपा-NDA सरकार ने असम के मूल निवासियों को जमीन के कानूनी दस्तावेज भी दिए हैं। मैं ट्राइबल कम्यूनिटी का भी इस मुहिम में बढ़-चढ़ करके साथ देने के लिए ह्दय से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। आज मैं आपसे आग्रह करने आया हूं कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस को कड़ी से कड़ी सजा दीजिए, एक स्पष्ट संदेश दीजिए कि अब घुसपैठियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। असम से निकला संदेश, पूरे देश की आवाज बन जाएगा।
साथियों,
असम के विकास की गति को हमें निरंतर तेज़ करते रहना है और मैं जानता हूं कि असम की जनता के आशीर्वाद से विकसित असम का संकल्प ज़रूर सिद्ध होगा। इसी विश्वास के साथ मैं आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।