Congress has grown so far from National interest, for so engrossed in the welfare of their family that it does not like the country's achievements: PM
Congress' lies and rumours over EVMs are nothing but an insult of the country's democracy. It must tender an apology for the same: PM Modi in Belagavi
Congress has insulted our Rajas and Maharajas, but when it comes to Nizams and Nawabs, their mouths are sealed: PM Modi on Congress leader's remark

भारत माता की, भारत माता की।

बेलगावी मत्तू चिक्कोडी या सोदारा सोदारियारिगे नन्ना नमस्कारगुड़ु! ताई भुवनेश्वरी और मां सौदत्ती येलम्मा को मैं प्रणाम करता हूं।

भाइयों और बहनों,

सबसे पहले तो मैं कर्नाटका के सभी वोटर्स का अभिनंदन करता हूं। कर्नाटका में मैं जहां-जहां गया हूं मुझे एक स्वर सुनाई देता है, -फिर एक बार...मोदी सरकार! फिर एक बार...मोदी सरकार! फिर एक बार...मोदी सरकार!

साथियों,

हम सभी छत्रपति शिवाजी महाराज को मानने वाले लोग हैं, भगवान बस्वेश्वरा का अनुसरण करने वाले लोग हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने शक्तिशाली भारत बनाने के लिए काम किया। भगवान बस्वेश्वरा ने अनुभव मंडपम् से डेमोक्रेसी का रास्ता बताया। 10 साल में भारत, शक्तिशाली हुआ, आप मुझे बताइए, भारत का शक्तिशाली होना, आप गर्व होता है। आपको गर्व हुआ? भारत की पहचान, मदर ऑफ डेमोक्रेसी के रूप में होने लगी है, आपको गर्व हुआ या नहीं? ये गर्व होने वाली बात है कि नहीं। भारत से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। जब 25 करो़ड़ लोग जब 10 में गरीबी से निकलता है तब आपका आत्मविश्वास बढ़ा की नहीं? इसलिए ही देश कह रहा है- गरीबों के कल्याण के लिए फिर एक बार... मोदी सरकार...!

साथियों,

भारत जब आगे बढ़ता है, भारत जब मजबूत होता है, तो हर भारतीय खुश होता है। लेकिन कांग्रेस देशहित से इतना दूर हो चुकी है, परिवार हित में इतना उलझ गई है कि उसे देश की कोई उपलब्धियां अच्छी नहीं लगती। अब आपको याद होगा, कांग्रेस ने HAL को लेकर झूठ फैलाया। कांग्रेस ने कोरोना काल में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन का विरोध किया, यहां तक कह दिया ये भाजपा की वैक्सीन है। भारत की हर सफलता पर उन्हें शर्म आने लगी है। और जैसे उन्हें भारत के वैक्सीन पर भरोसा नहीं, लोगों को उलझन में डालने की कोशिश की, उन्होंने EVM के बहाने, पूरी दुनिया में भारत की डेमोक्रेसी को बदनाम करने की कोशिश की। दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस वालों को और उनकी पूरी टोली करारा तमाचा मारा है। सवाल ये है कि आखिर कांग्रेस देश को नुकसान होने वाली बातों पर झूठ फैलाकर, लोगों में विश्वास तोड़ने का काम किसके इशारे पर काम कर रही है। कांग्रेस के नेताओं ने EVM पर जो झूठ बोला है। देश का हर नागरिक कहता है इतने महत्वपूर्ण विषय पर झूठ बोलकर आपने देश के लोकतंत्र बर्बाद करने का षडयंत्र किया है। आपको देश से माफी मांगनी चाहिए।

साथियों,

पिछले 10 वर्षो में BJP-NDA सरकार ने देश के नागरिकों की Ease of Living के लिए बहुत काम किया है। इसका एक बड़ा उदाहरण है- भारतीय न्याय संहिता। ये कांग्रेस वाले मानसिक रूप से अंग्रेजों की गुलामी में ही जी रहे थे, वो इससे बाहर ही नहीं आ रहे थे। वो तिरंगा झंडा फहराकर आजादी की तो बात करते थे। लेकिन हर कानून व्यवस्था में मन से अंग्रेजी को जी रहे थे। गुलामी के कालखंड से प्रेरित कितना पुराना, आजादी से पहले का कानून क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम का हटना अब BJP सरकार ने उसे हटा दिया। भारतीय न्याय संहिता में दंड को नहीं, बल्कि नागरिकों को न्याय मिलने को प्राथमिकता दी गई है। इसमें आतंकवाद से जुड़े कानूनों को भी और सख्त किया गया है, दूसरों पर अत्याचार से जुड़े कानूनों को कड़ा बनाया गया है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस को लेकर नए प्रावधान किए गए हैं। एक जुलाई से लागू होने के बाद, ये संहिता देश के हर नागरिक को बहुत मदद करने वाली है।

लेकिन साथियों,

जबसे कर्नाटका में कांग्रेस सरकार आई है, तबसे पूरे स्टेट में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बहुत खराब है। खराब है कि नहीं। हालत बद से बदतर हो रहा है। यहां बेलगावी में एक आदिवासी बहन के साथ जो कुछ हुआ, चिक्कोडी में जैन मुनि के साथ जो हुआ, वो शर्मसार करने वाला है कि नहीं है, पीड़ा देने वाला है कि नहीं, कर्नाटक की प्रतिष्ठा को धूल में मिलाने वाला है कि नहीं। हुबली में हमारी एक बेटी के साथ जो कॉलेज कैंपस में हुआ उसने तो पूरे देश में भूचाल ला दिया। उस बेटी का परिवार एक्शन की मांग करता रहा, लेकिन कांग्रेस की सरकार तुष्टिकरण को प्राथमिकता देती है। उनके लिए नेहा जैसी बेटियों की जिंदगी कीमत नहीं है, उनको तो अपने वोट बैंक की चिंता है। बैंगलुरु के कैफे में बम धमाका हुआ, तब भी कांग्रेस सरकार ने शुरुआत में इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। यहां तक कह दिया ये तो गैस का सिलेंडर फटा था। देश की जनता की आंख में क्यों धूल झोंक रहे हो कांग्रेस के लोग। अगर तुमसे नहीं बनता है तो छोड़करके घर चले जाओ। ये वही कांग्रेस है जिसने वोट के लिए PFI , जो आतंकवाद को पनाह देने वाला देश विरोधी संगठन है, जिस पर मोदी सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे PFI संगठन का चुनाव में मदद लेने के लिए वायनाड में एक सीट जीतने के लिए आप उसको सरेंडर कर रहे हो। उनके कारनामों का बचाव कर रहे हो। लेकिन भाजपा सरकार ने देश और समाज विरोधी PFI को बैन किया है। उसे बड़े-बड़े खैरख्वाह जेलों में सड़ रहे हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने हमारे इतिहास को, हमारी आज़ादी की लड़ाई को भी तुष्टिकरण की नज़र से लिखवाया है। और आज भी ये कांग्रेस के शहजादे उसी पाप को आगे बढ़ा रहे हैं। आपने कांग्रेस के शहज़ादे का एक ताजा बयान ज़रूर सुना होगा। शहज़ादे का कहना है कि भारत के राजा-महाराजा अत्याचारी थे, गरीबों की ज़मीन छीन लेते थे। जब मर्जी हो उनका सब हड़प लेते थे। कांग्रेस के शहजादे ने छत्रपत्ति शिवाजी महाराज, कित्तूर की रानी चिन्नमा जैसे व्यक्तित्वों का अपमान किया है। इनका सुशासन, इनकी देशभक्ति आज भी हम सभी को प्रेरित करती है। शहजादे को पता है क्या मैसूर राजघराने का योगदान उनको याद नहीं रहा। मैसूर राजघराने को आज पूरा देश गर्व से याद करता है।

साथियों,

कांग्रेस के शहजादे का ये बयान, सोच-समझकर, वोटबैंक की राजनीति के लिए, तुष्टिकरण के लिए दिया गया बयान है। याद रखिए, शहज़ादे ने राजा-महाराजा को तो बुरा-भला कह दिया, उनकी तो आलोचना कर दी। लेकिन भारत के इतिहास में जो अत्याचार, नवाबों-निजामों, बादशाहों और सुल्तानों ने किए हैं, उसकी बात पर तो शहजादे के मुंह पर ताला लग जाता है, बोलती बंद हो जाती है और राजा-महाराजा को गालियां दे रहे हो, उनको अपमानित करते हो। कांग्रेस को औरंगज़ेब के अत्याचार याद नहीं आते जिसने हमारे सैकड़ों मंदिर को तोड़ा, अपवित्र किया। कांग्रेस तो औरंगजेब का गुणगान करने वाली पार्टियों के साथ खुशी से गठबंधन करती है। इनको वो लोग याद नहीं आते जिन्होंने देशभर में हमारे तीर्थों को तहस-नहस किया, लूटपाट की, हत्याएं कीं, गौहत्याएं की। इनको वो नवाब याद नहीं आए जिन्होंने भारत के विभाजन में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। कोई कल्पना कर सकता है कि क्या बनारस के राजा के बिना बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना संभव हो सकती थी? क्या महारानी अहिल्याबाई होलकर ने मंदिरों का पुनर्निर्माण करा कर हमारे आस्था स्थलों की रक्षा नहीं की थी? मैं गुजरात से आता हूं, मेरा गांव गायकवाड़ स्टेट में पड़ता है, ये बड़ौदा महाराज थे जिन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिभा को पहचाना, उनकी शक्ति को पहचाना और उन्हें पढ़ने के लिए विदेश भेजा। ये काम गायकवाड़ महाराजा ने किया था। ये कांग्रेस के शहजादे को इन राजा-महाराजा का योगदान याद नहीं आता है। लेकिन वोटबैंक की राजनीति के लिए ये राजा-महाराजा के खिलाफ बोलने की हिम्मत करते हैं, लेकिन नवाबों के खिलाफ, बादशाहों के खिलाफ, सुल्तानों के खिलाफ एक शब्द बोलने की उनमें ताकत नहीं है। कांग्रेस की तुष्टिकरण की मानसिकता अब देश के सामने खुलकर सामने आ रही है। और यही मानसिकता कांग्रेस के मेनिफेस्टो में भी झलकती है।

साथियों,

आज पूरा देश समझ गया है कि जहां कांग्रेस आई...वहां से विकास का पलायन शुरू हो जाता है। कर्नाटका में भी यही हो रहा है। जब बीजेपी की सरकार यहां थी, तो भारत में FDI का बहुत बड़ा हिस्सा कर्नाटका में आता था। लेकिन अब यहां स्थितियां बदल रही हैं। जब से कांग्रेस सरकार यहां आई है, तबसे रोड के, irrigation के काम बंद पड़ गए हैं। यहां बिजली के कट लगने से हर कोई परेशान है। उद्योग परेशान हैं, लोग परेशान हैं। इसलिए ही लोग कहते हैं- जहां कांग्रेस आई, वहां बर्बादी लाई।

साथियों,

हमारा देश, छोटे किसानों का देश है। कृषि क्षेत्र का कायाकल्प करने के लिए ये बहुत जरूरी है कि हम छोटे किसानों की संगठन शक्ति को एकजुट करें। इसलिए ही BJP-NDA सरकार, FPOs, सेल्फ हेल्प ग्रुप और cooperatives तीनों पर बल दे रहा है। BJP सरकार में देश में 8 हजार नए FPOs बने हैं। ये FPOs Input Cost कम करने से लेकर किसानों को मार्केट रेट दिलाने तक में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पिछले 10 साल में 10 करोड़ महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप में शामिल हुई हैं। इन्हें केंद्र सरकार ने लाखों करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी है। केंद्र सरकार पैक्स को मजबूत करने के लिए भी लगातार काम कर रही है। सरकार 60 हजार से ज्यादा पैक्स के कंप्यूटर-राइजेशन का काम भी पूरा करने में जुटी है। NDA सरकार, sugar co-operatives को भी बढ़ावा दे रही है। BJP सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेडिंग को बढ़ाकर गन्ना किसानों की बहुत बड़ी मुश्किल आसान की है। इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से गन्ना किसानों को Seventy Thousand Crore Rupees से ज्यादा मिले हैं। चीनी मिलों पर बकाया होने की उनकी समस्या भी अब दूर हो रही है। लेकिन साथियों, यहां कांग्रेस ने Farmers के साथ जो विश्वासघात किया है, वो तो बहुत बड़ा पाप है। यहां जब बीजेपी की सरकार थी, तो farmers के बैंक अकाउंट में ten thousand रुपए जमा होते थे। कांग्रेस की सरकार ने four thousand रुपए देना बंद कर दिया। अब वोट मिल गया, अब किसान जाने, किसान का काम जाने, उनको परवाह ही नहीं है। अब मोदी जो छह हजार रुपया भेजता है वही किसान को जाता है। यहां के पैसे उन्होंने काट लिए। और पीएम किसान सम्मान निधि के पैसे आपको ऐसे ही मिलते रहेंगे। ये कांग्रेस वालों ने जो पाप किया है उसकी सजा आप इस चुनाव में दीजिए। और मोदी आने वर्षों में भी आपको गारंटी देता है जो दिल्ली से भेजा जाता है वो चालू रहेगा।

साथियों,

आपका ये सेवक, गांव, किसान, नौजवान, नारीशक्ति को सशक्त करके आपकी संपत्ति बढ़ाने में जुटा है। लेकिन कांग्रेस क्या कर रही है? कांग्रेस के शहज़ादे आजकल घोषणा कर रहे हैं और भाई-बहन दोनों कर रहे हैं कि वो अगर चुनाव जीत गए तो पूरे देश का एक्स-रे करेंगे। आपकी प्रॉपर्टी का एक्स-रे किया जाएगा। बैंक के लॉकर का एक्स-रे किया जाएगा। आपकी जमीन कितनी है एक्स-रे होगा। आपके पास गाड़ी कितनी है, स्कूटर कितनी है, साइकिल कितनी है इसका एक्स-रे होगा। महिलाओं के पास स्त्रीधन कितना है, गहने कितने हैं, सोना कितना है, मंगलसूत्र कहां पड़ा है, इसका एक्स-रे किया जाएगा। यानि ये लोग हर घर में छापा मारकर आपकी संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। आपकी संपत्ति पर कब्जा करने के बाद कांग्रेस इसे अपने पसंदीदा वोटबैंक को देना चाहती है। क्या आप अपनी गाढ़ी कमाई की संपत्ति को लूटने देंगे। आपने बचाया हुआ सोना-चांदी लूटने देंगे। क्या आप मंगलसूत्र पर किसी को हाथ लगाने देंगे। कोई पंजा आपकी संपत्ति लूट सकता है क्या। मैं कांग्रेस को एलर्ट करना चाहता हूं, ये मंसूबे छोड़ दीजिए। जब तक मोदी जिंदा है, ये आपके मंसूबे मैं पार नहीं होने दूंगा।

साथियों,

इस चुनाव में कांग्रेस ने इनहेरिटेंस टैक्स का नया फॉर्मूला भी निकाला है। ये बड़ा भयंकर है, आपकी नींद उड़ जाएगा। उन्होंने क्या कहा है कि दिल्ली में उनकी सरकार बनेगी तो ऐसा कानून लाएंगे कि आप जो अपने बच्चों के लिए बचाते हैं, आपने मेहनत करके कमाया, खर्चा नहीं किया, मौज नहीं किया, थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा किया। और मन में रहता है, मरने के बाद बच्चों को कुछ देकर के जाऊं, छोटा सा घर देकर के जाऊं। कुछ पैसे देकर जाऊं ताकि बच्चों को मेरे मरने के बाद किसी के पास जाना न पड़े। हर मां-बाप ऐसा चाहता है कि नहीं चाहता है। हर मां-बाप अपने बच्चों को कुछ देना चाहता है कि नहीं चाहता। और इसीलिए हर मां-बाप कुछ बचत करके रखता है कि नहीं रखता है। अब ये कांग्रेस वाले कहते हैं, आपने जो बचाया है, अब अपने बच्चों को नहीं दे सकते। आपने जो बचाया है उस पर 55 परसेंट टैक्स लगाकर सरकार वो छीन लेगी। मतलब दो मकान है तो एक कांग्रेस की सरकार की जेब में और दूसरे से अपने दो बच्चों को बांट के दो। अपनी वोट बैंक को बांटने के लिए ये आपकी संपत्ति पर डाका डालना चाहते हैं। क्योंकि उन्होंने घोषणा की है कि इस देश की संपत्ति पर पहला अधिकार किसका है, उनके वोट बैंक है ये डॉक्टर मनमोहन सिंह जी भी कह चुके हैं। मैं कर्नाटका के सभी लोगों से पूछना चाहता हूं, मैं आपके माध्यम से देशवासियों से पूछ रहा हूं, क्या आप ऐसा होने देंगे। ऐसा कानून लाने वाले को आने देंगे। ऐसी सोच वाली कांग्रेस को सजा देंगे। इस चुनाव में हर बूथ पर उनको चुन-चुन कर साफ करेंगे।

भाइयों और बहनों,

बीजेपी, कित्तुर रानी चिन्नमा से प्रेरणा लेती है। इसलिए NDA सरकार ने सेना के हर मोर्चे को महिलाओं के लिए खोल दिए हैं। बेलगावी में तो संगोली रायन्ना सैनिक स्कूल भी बना है। हमारी बेटियां भी अब सैनिक स्कूलों में पढ़ पा रही हैं। बीजेपी सरकार की नीतियों की वजह से Central police forces में महिलाओं की संख्या अब दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है।

साथियों,

आपका सपना ही मोदी का संकल्प है। और आपका सपना साकार करने के लिए मेरा पल-पल आपके नाम। मेरा पल-पल देश के नाम। ट्वेंटी फोर बाई सेवन फॉर 2047 ये मोदी का वादा है। इसलिए मेरे बहनों-भाइयों, इस चुनाव में दिल्ली में मुझे कर्नाटका से मजबूत समर्थन की जरूरत है। मैं आज आपके पास कुछ मांगने के लिए आया हूं। मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। इसलिए, इस चुनाव में बेलगावी से जगदीश शेट्टर जी को और चिक्कोडी से अन्ना साहेब शंकर जोले जी को ज्यादा से ज्यादा वोट दीजिए। और आप जब इनके लिए कमल के निशान पर बटन दबाएंगे न, तो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। तो मोदी को मजबूत बनाएंगे? मोदी को मजबूत बनाने के लिए घर-घर जाएंगे। मोदी को मजबूत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे। सुबह 10 बजे के पहले ज्यादा से ज्यादा मतदान करेंगे। पहले मतदान फिर जलपान। आपसे मेरा आग्रह है हमें सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने हैं, और हर पोलिंग बूथ जीतना है, हर पोलिंग बूथ जीतोगे। अच्छा मेरा एक पर्सनल काम है, करेंगे। आप घर-घर जाइएगा, और कहिएगा कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने आपको नमस्कार कहा है। मेरा नमस्कार पहुंचा देंगे। हर घर मेरा नमस्कार पहुंचाएंगे न तो हर परिवार मुझे आशीर्वाद देगा और हर परिवार का आशीर्वाद मेरे लिए एक नई ऊर्जा बन जाता है और जब नई ऊर्जा बन जाता है तो मैं पूरी शक्ति के साथ आपके सपनों को साकार करने के लिए अपनी जिंदगी खपा देता हूं और इसीलिए मुझे आपके आशीर्वाद चाहिए।
मेरे साथ बोलिए, भारत माता की। भारत माता की। भारत माता की।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Today, India is becoming the key growth engine of the global economy: PM Modi
December 06, 2025
India is brimming with confidence: PM
In a world of slowdown, mistrust and fragmentation, India brings growth, trust and acts as a bridge-builder: PM
Today, India is becoming the key growth engine of the global economy: PM
India's Nari Shakti is doing wonders, Our daughters are excelling in every field today: PM
Our pace is constant, Our direction is consistent, Our intent is always Nation First: PM
Every sector today is shedding the old colonial mindset and aiming for new achievements with pride: PM

आप सभी को नमस्कार।

यहां हिंदुस्तान टाइम्स समिट में देश-विदेश से अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित हैं। मैं आयोजकों और जितने साथियों ने अपने विचार रखें, आप सभी का अभिनंदन करता हूं। अभी शोभना जी ने दो बातें बताई, जिसको मैंने नोटिस किया, एक तो उन्होंने कहा कि मोदी जी पिछली बार आए थे, तो ये सुझाव दिया था। इस देश में मीडिया हाउस को काम बताने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता। लेकिन मैंने की थी, और मेरे लिए खुशी की बात है कि शोभना जी और उनकी टीम ने बड़े चाव से इस काम को किया। और देश को, जब मैं अभी प्रदर्शनी देखके आया, मैं सबसे आग्रह करूंगा कि इसको जरूर देखिए। इन फोटोग्राफर साथियों ने इस, पल को ऐसे पकड़ा है कि पल को अमर बना दिया है। दूसरी बात उन्होंने कही और वो भी जरा मैं शब्दों को जैसे मैं समझ रहा हूं, उन्होंने कहा कि आप आगे भी, एक तो ये कह सकती थी, कि आप आगे भी देश की सेवा करते रहिए, लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स ये कहे, आप आगे भी ऐसे ही सेवा करते रहिए, मैं इसके लिए भी विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

इस बार समिट की थीम है- Transforming Tomorrow. मैं समझता हूं जिस हिंदुस्तान अखबार का 101 साल का इतिहास है, जिस अखबार पर महात्मा गांधी जी, मदन मोहन मालवीय जी, घनश्यामदास बिड़ला जी, ऐसे अनगिनत महापुरूषों का आशीर्वाद रहा, वो अखबार जब Transforming Tomorrow की चर्चा करता है, तो देश को ये भरोसा मिलता है कि भारत में हो रहा परिवर्तन केवल संभावनाओं की बात नहीं है, बल्कि ये बदलते हुए जीवन, बदलती हुई सोच और बदलती हुई दिशा की सच्ची गाथा है।

साथियों,

आज हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिवस भी है। मैं सभी भारतीयों की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

Friends,

आज हम उस मुकाम पर खड़े हैं, जब 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। इन 25 सालों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। फाइनेंशियल क्राइसिस देखी हैं, ग्लोबल पेंडेमिक देखी हैं, टेक्नोलॉजी से जुड़े डिसरप्शन्स देखे हैं, हमने बिखरती हुई दुनिया भी देखी है, Wars भी देख रहे हैं। ये सारी स्थितियां किसी न किसी रूप में दुनिया को चैलेंज कर रही हैं। आज दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है। लेकिन अनिश्चितताओं से भरे इस दौर में हमारा भारत एक अलग ही लीग में दिख रहा है, भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। जब दुनिया में slowdown की बात होती है, तब भारत growth की कहानी लिखता है। जब दुनिया में trust का crisis दिखता है, तब भारत trust का pillar बन रहा है। जब दुनिया fragmentation की तरफ जा रही है, तब भारत bridge-builder बन रहा है।

साथियों,

अभी कुछ दिन पहले भारत में Quarter-2 के जीडीपी फिगर्स आए हैं। Eight परसेंट से ज्यादा की ग्रोथ रेट हमारी प्रगति की नई गति का प्रतिबिंब है।

साथियों,

ये एक सिर्फ नंबर नहीं है, ये strong macro-economic signal है। ये संदेश है कि भारत आज ग्लोबल इकोनॉमी का ग्रोथ ड्राइवर बन रहा है। और हमारे ये आंकड़े तब हैं, जब ग्लोबल ग्रोथ 3 प्रतिशत के आसपास है। G-7 की इकोनमीज औसतन डेढ़ परसेंट के आसपास हैं, 1.5 परसेंट। इन परिस्थितियों में भारत high growth और low inflation का मॉडल बना हुआ है। एक समय था, जब हमारे देश में खास करके इकोनॉमिस्ट high Inflation को लेकर चिंता जताते थे। आज वही Inflation Low होने की बात करते हैं।

साथियों,

भारत की ये उपलब्धियां सामान्य बात नहीं है। ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, ये एक फंडामेंटल चेंज है, जो बीते दशक में भारत लेकर आया है। ये फंडामेंटल चेंज रज़ीलियन्स का है, ये चेंज समस्याओं के समाधान की प्रवृत्ति का है, ये चेंज आशंकाओं के बादलों को हटाकर, आकांक्षाओं के विस्तार का है, और इसी वजह से आज का भारत खुद भी ट्रांसफॉर्म हो रहा है, और आने वाले कल को भी ट्रांसफॉर्म कर रहा है।

साथियों,

आज जब हम यहां transforming tomorrow की चर्चा कर रहे हैं, हमें ये भी समझना होगा कि ट्रांसफॉर्मेशन का जो विश्वास पैदा हुआ है, उसका आधार वर्तमान में हो रहे कार्यों की, आज हो रहे कार्यों की एक मजबूत नींव है। आज के Reform और आज की Performance, हमारे कल के Transformation का रास्ता बना रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण दूंगा कि हम किस सोच के साथ काम कर रहे हैं।

साथियों,

आप भी जानते हैं कि भारत के सामर्थ्य का एक बड़ा हिस्सा एक लंबे समय तक untapped रहा है। जब देश के इस untapped potential को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलेंगे, जब वो पूरी ऊर्जा के साथ, बिना किसी रुकावट के देश के विकास में भागीदार बनेंगे, तो देश का कायाकल्प होना तय है। आप सोचिए, हमारा पूर्वी भारत, हमारा नॉर्थ ईस्ट, हमारे गांव, हमारे टीयर टू और टीय़र थ्री सिटीज, हमारे देश की नारीशक्ति, भारत की इनोवेटिव यूथ पावर, भारत की सामुद्रिक शक्ति, ब्लू इकोनॉमी, भारत का स्पेस सेक्टर, कितना कुछ है, जिसके फुल पोटेंशियल का इस्तेमाल पहले के दशकों में हो ही नहीं पाया। अब आज भारत इन Untapped पोटेंशियल को Tap करने के विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। आज पूर्वी भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और इंडस्ट्री पर अभूतपूर्व निवेश हो रहा है। आज हमारे गांव, हमारे छोटे शहर भी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे हैं। हमारे छोटे शहर, Startups और MSMEs के नए केंद्र बन रहे हैं। हमारे गाँवों में किसान FPO बनाकर सीधे market से जुड़ें, और कुछ तो FPO’s ग्लोबल मार्केट से जुड़ रहे हैं।

साथियों,

भारत की नारीशक्ति तो आज कमाल कर रही हैं। हमारी बेटियां आज हर फील्ड में छा रही हैं। ये ट्रांसफॉर्मेशन अब सिर्फ महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, ये समाज की सोच और सामर्थ्य, दोनों को transform कर रहा है।

साथियों,

जब नए अवसर बनते हैं, जब रुकावटें हटती हैं, तो आसमान में उड़ने के लिए नए पंख भी लग जाते हैं। इसका एक उदाहरण भारत का स्पेस सेक्टर भी है। पहले स्पेस सेक्टर सरकारी नियंत्रण में ही था। लेकिन हमने स्पेस सेक्टर में रिफॉर्म किया, उसे प्राइवेट सेक्टर के लिए Open किया, और इसके नतीजे आज देश देख रहा है। अभी 10-11 दिन पहले मैंने हैदराबाद में Skyroot के Infinity Campus का उद्घाटन किया है। Skyroot भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनी है। ये कंपनी हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता पर काम कर रही है। ये कंपनी, flight-ready विक्रम-वन बना रही है। सरकार ने प्लेटफॉर्म दिया, और भारत का नौजवान उस पर नया भविष्य बना रहा है, और यही तो असली ट्रांसफॉर्मेशन है।

साथियों,

भारत में आए एक और बदलाव की चर्चा मैं यहां करना ज़रूरी समझता हूं। एक समय था, जब भारत में रिफॉर्म्स, रिएक्शनरी होते थे। यानि बड़े निर्णयों के पीछे या तो कोई राजनीतिक स्वार्थ होता था या फिर किसी क्राइसिस को मैनेज करना होता था। लेकिन आज नेशनल गोल्स को देखते हुए रिफॉर्म्स होते हैं, टारगेट तय है। आप देखिए, देश के हर सेक्टर में कुछ ना कुछ बेहतर हो रहा है, हमारी गति Constant है, हमारी Direction Consistent है, और हमारा intent, Nation First का है। 2025 का तो ये पूरा साल ऐसे ही रिफॉर्म्स का साल रहा है। सबसे बड़ा रिफॉर्म नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी का था। और इन रिफॉर्म्स का असर क्या हुआ, वो सारे देश ने देखा है। इसी साल डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में भी बहुत बड़ा रिफॉर्म हुआ है। 12 लाख रुपए तक की इनकम पर ज़ीरो टैक्स, ये एक ऐसा कदम रहा, जिसके बारे में एक दशक पहले तक सोचना भी असंभव था।

साथियों,

Reform के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, अभी तीन-चार दिन पहले ही Small Company की डेफिनीशन में बदलाव किया गया है। इससे हजारों कंपनियाँ अब आसान नियमों, तेज़ प्रक्रियाओं और बेहतर सुविधाओं के दायरे में आ गई हैं। हमने करीब 200 प्रोडक्ट कैटगरीज़ को mandatory क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर से बाहर भी कर दिया गया है।

साथियों,

आज के भारत की ये यात्रा, सिर्फ विकास की नहीं है। ये सोच में बदलाव की भी यात्रा है, ये मनोवैज्ञानिक पुनर्जागरण, साइकोलॉजिकल रेनसां की भी यात्रा है। आप भी जानते हैं, कोई भी देश बिना आत्मविश्वास के आगे नहीं बढ़ सकता। दुर्भाग्य से लंबी गुलामी ने भारत के इसी आत्मविश्वास को हिला दिया था। और इसकी वजह थी, गुलामी की मानसिकता। गुलामी की ये मानसिकता, विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में एक बहुत बड़ी रुकावट है। और इसलिए, आज का भारत गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाने के लिए काम कर रहा है।

साथियों,

अंग्रेज़ों को अच्छी तरह से पता था कि भारत पर लंबे समय तक राज करना है, तो उन्हें भारतीयों से उनके आत्मविश्वास को छीनना होगा, भारतीयों में हीन भावना का संचार करना होगा। और उस दौर में अंग्रेजों ने यही किया भी। इसलिए, भारतीय पारिवारिक संरचना को दकियानूसी बताया गया, भारतीय पोशाक को Unprofessional करार दिया गया, भारतीय त्योहार-संस्कृति को Irrational कहा गया, योग-आयुर्वेद को Unscientific बता दिया गया, भारतीय अविष्कारों का उपहास उड़ाया गया और ये बातें कई-कई दशकों तक लगातार दोहराई गई, पीढ़ी दर पीढ़ी ये चलता गया, वही पढ़ा, वही पढ़ाया गया। और ऐसे ही भारतीयों का आत्मविश्वास चकनाचूर हो गया।

साथियों,

गुलामी की इस मानसिकता का कितना व्यापक असर हुआ है, मैं इसके कुछ उदाहरण आपको देना चाहता हूं। आज भारत, दुनिया की सबसे तेज़ी से ग्रो करने वाली मेजर इकॉनॉमी है, कोई भारत को ग्लोबल ग्रोथ इंजन बताता है, कोई, Global powerhouse कहता है, एक से बढ़कर एक बातें आज हो रही हैं।

लेकिन साथियों,

आज भारत की जो तेज़ ग्रोथ हो रही है, क्या कहीं पर आपने पढ़ा? क्या कहीं पर आपने सुना? इसको कोई, हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कहता है क्या? दुनिया की तेज इकॉनमी, तेज ग्रोथ, कोई कहता है क्या? हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कब कहा गया? जब भारत, दो-तीन परसेंट की ग्रोथ के लिए तरस गया था। आपको क्या लगता है, किसी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को उसमें रहने वाले लोगों की आस्था से जोड़ना, उनकी पहचान से जोड़ना, क्या ये अनायास ही हुआ होगा क्या? जी नहीं, ये गुलामी की मानसिकता का प्रतिबिंब था। एक पूरे समाज, एक पूरी परंपरा को, अन-प्रोडक्टिविटी का, गरीबी का पर्याय बना दिया गया। यानी ये सिद्ध करने का प्रयास किया गया कि, भारत की धीमी विकास दर का कारण, हमारी हिंदू सभ्यता और हिंदू संस्कृति है। और हद देखिए, आज जो तथाकथित बुद्धिजीवी हर चीज में, हर बात में सांप्रदायिकता खोजते रहते हैं, उनको हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ में सांप्रदायिकता नज़र नहीं आई। ये टर्म, उनके दौर में किताबों का, रिसर्च पेपर्स का हिस्सा बना दिया गया।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने भारत में मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम को कैसे तबाह कर दिया, और हम इसको कैसे रिवाइव कर रहे हैं, मैं इसके भी कुछ उदाहरण दूंगा। भारत गुलामी के कालखंड में भी अस्त्र-शस्त्र का एक बड़ा निर्माता था। हमारे यहां ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज़ का एक सशक्त नेटवर्क था। भारत से हथियार निर्यात होते थे। विश्व युद्धों में भी भारत में बने हथियारों का बोल-बाला था। लेकिन आज़ादी के बाद, हमारा डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम तबाह कर दिया गया। गुलामी की मानसिकता ऐसी हावी हुई कि सरकार में बैठे लोग भारत में बने हथियारों को कमजोर आंकने लगे, और इस मानसिकता ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े डिफेंस importers के रूप में से एक बना दिया।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के साथ भी यही किया। भारत सदियों तक शिप बिल्डिंग का एक बड़ा सेंटर था। यहां तक कि 5-6 दशक पहले तक, यानी 50-60 साल पहले, भारत का फोर्टी परसेंट ट्रेड, भारतीय जहाजों पर होता था। लेकिन गुलामी की मानसिकता ने विदेशी जहाज़ों को प्राथमिकता देनी शुरु की। नतीजा सबके सामने है, जो देश कभी समुद्री ताकत था, वो अपने Ninety five परसेंट व्यापार के लिए विदेशी जहाज़ों पर निर्भर हो गया है। और इस वजह से आज भारत हर साल करीब 75 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 6 लाख करोड़ रुपए विदेशी शिपिंग कंपनियों को दे रहा है।

साथियों,

शिप बिल्डिंग हो, डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हो, आज हर सेक्टर में गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़कर नए गौरव को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने एक बहुत बड़ा नुकसान, भारत में गवर्नेंस की अप्रोच को भी किया है। लंबे समय तक सरकारी सिस्टम का अपने नागरिकों पर अविश्वास रहा। आपको याद होगा, पहले अपने ही डॉक्यूमेंट्स को किसी सरकारी अधिकारी से अटेस्ट कराना पड़ता था। जब तक वो ठप्पा नहीं मारता है, सब झूठ माना जाता था। आपका परिश्रम किया हुआ सर्टिफिकेट। हमने ये अविश्वास का भाव तोड़ा और सेल्फ एटेस्टेशन को ही पर्याप्त माना। मेरे देश का नागरिक कहता है कि भई ये मैं कह रहा हूं, मैं उस पर भरोसा करता हूं।

साथियों,

हमारे देश में ऐसे-ऐसे प्रावधान चल रहे थे, जहां ज़रा-जरा सी गलतियों को भी गंभीर अपराध माना जाता था। हम जन-विश्वास कानून लेकर आए, और ऐसे सैकड़ों प्रावधानों को डी-क्रिमिनलाइज किया है।

साथियों,

पहले बैंक से हजार रुपए का भी लोन लेना होता था, तो बैंक गारंटी मांगता था, क्योंकि अविश्वास बहुत अधिक था। हमने मुद्रा योजना से अविश्वास के इस कुचक्र को तोड़ा। इसके तहत अभी तक 37 lakh crore, 37 लाख करोड़ रुपए की गारंटी फ्री लोन हम दे चुके हैं देशवासियों को। इस पैसे से, उन परिवारों के नौजवानों को भी आंत्रप्रन्योर बनने का विश्वास मिला है। आज रेहड़ी-पटरी वालों को भी, ठेले वाले को भी बिना गारंटी बैंक से पैसा दिया जा रहा है।

साथियों,

हमारे देश में हमेशा से ये माना गया कि सरकार को अगर कुछ दे दिया, तो फिर वहां तो वन वे ट्रैफिक है, एक बार दिया तो दिया, फिर वापस नहीं आता है, गया, गया, यही सबका अनुभव है। लेकिन जब सरकार और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है, तो काम कैसे होता है? अगर कल अच्छी करनी है ना, तो मन आज अच्छा करना पड़ता है। अगर मन अच्छा है तो कल भी अच्छा होता है। और इसलिए हम एक और अभियान लेकर आए, आपको सुनकर के ताज्जुब होगा और अभी अखबारों में उसकी, अखबारों वालों की नजर नहीं गई है उस पर, मुझे पता नहीं जाएगी की नहीं जाएगी, आज के बाद हो सकता है चली जाए।

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आज देश के बैंकों में, हमारे ही देश के नागरिकों का 78 thousand crore रुपया, 78 हजार करोड़ रुपए Unclaimed पड़ा है बैंको में, पता नहीं कौन है, किसका है, कहां है। इस पैसे को कोई पूछने वाला नहीं है। इसी तरह इन्श्योरेंश कंपनियों के पास करीब 14 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास करीब 3 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। 9 हजार करोड़ रुपए डिविडेंड का पड़ा है। और ये सब Unclaimed पड़ा हुआ है, कोई मालिक नहीं उसका। ये पैसा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का है, और इसलिए, जिसके हैं वो तो भूल चुका है। हमारी सरकार अब उनको ढूंढ रही है देशभर में, अरे भई बताओ, तुम्हारा तो पैसा नहीं था, तुम्हारे मां बाप का तो नहीं था, कोई छोड़कर तो नहीं चला गया, हम जा रहे हैं। हमारी सरकार उसके हकदार तक पहुंचने में जुटी है। और इसके लिए सरकार ने स्पेशल कैंप लगाना शुरू किया है, लोगों को समझा रहे हैं, कि भई देखिए कोई है तो अता पता। आपके पैसे कहीं हैं क्या, गए हैं क्या? अब तक करीब 500 districts में हम ऐसे कैंप लगाकर हजारों करोड़ रुपए असली हकदारों को दे चुके हैं जी। पैसे पड़े थे, कोई पूछने वाला नहीं था, लेकिन ये मोदी है, ढूंढ रहा है, अरे यार तेरा है ले जा।

साथियों,

ये सिर्फ asset की वापसी का मामला नहीं है, ये विश्वास का मामला है। ये जनता के विश्वास को निरंतर हासिल करने की प्रतिबद्धता है और जनता का विश्वास, यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अगर गुलामी की मानसिकता होती तो सरकारी मानसी साहबी होता और ऐसे अभियान कभी नहीं चलते हैं।

साथियों,

हमें अपने देश को पूरी तरह से, हर क्षेत्र में गुलामी की मानसिकता से पूर्ण रूप से मुक्त करना है। अभी कुछ दिन पहले मैंने देश से एक अपील की है। मैं आने वाले 10 साल का एक टाइम-फ्रेम लेकर, देशवासियों को मेरे साथ, मेरी बातों को ये कुछ करने के लिए प्यार से आग्रह कर रहा हूं, हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं। 140 करोड़ देशवसियों की मदद के बिना ये मैं कर नहीं पाऊंगा, और इसलिए मैं देशवासियों से बार-बार हाथ जोड़कर कह रहा हूं, और 10 साल के इस टाइम फ्रैम में मैं क्या मांग रहा हूं? मैकाले की जिस नीति ने भारत में मानसिक गुलामी के बीज बोए थे, उसको 2035 में 200 साल पूरे हो रहे हैं, Two hundred year हो रहे हैं। यानी 10 साल बाकी हैं। और इसलिए, इन्हीं दस वर्षों में हम सभी को मिलकर के, अपने देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहना चाहिए।

साथियों,

मैं अक्सर कहता हूं, हम लीक पकड़कर चलने वाले लोग नहीं हैं। बेहतर कल के लिए, हमें अपनी लकीर बड़ी करनी ही होगी। हमें देश की भविष्य की आवश्यकताओं को समझते हुए, वर्तमान में उसके हल तलाशने होंगे। आजकल आप देखते हैं कि मैं मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर लगातार चर्चा करता हूं। शोभना जी ने भी अपने भाषण में उसका उल्लेख किया। अगर ऐसे अभियान 4-5 दशक पहले शुरू हो गए होते, तो आज भारत की तस्वीर कुछ और होती। लेकिन तब जो सरकारें थीं उनकी प्राथमिकताएं कुछ और थीं। आपको वो सेमीकंडक्टर वाला किस्सा भी पता ही है, करीब 50-60 साल पहले, 5-6 दशक पहले एक कंपनी, भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए आई थी, लेकिन यहां उसको तवज्जो नहीं दी गई, और देश सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में इतना पिछड़ गया।

साथियों,

यही हाल एनर्जी सेक्टर की भी है। आज भारत हर साल करीब-करीब 125 लाख करोड़ रुपए के पेट्रोल-डीजल-गैस का इंपोर्ट करता है, 125 लाख करोड़ रुपया। हमारे देश में सूर्य भगवान की इतनी बड़ी कृपा है, लेकिन फिर भी 2014 तक भारत में सोलर एनर्जी जनरेशन कपैसिटी सिर्फ 3 गीगावॉट थी, 3 गीगावॉट थी। 2014 तक की मैं बात कर रहा हूं, जब तक की आपने मुझे यहां लाकर के बिठाया नहीं। 3 गीगावॉट, पिछले 10 वर्षों में अब ये बढ़कर 130 गीगावॉट के आसपास पहुंच चुकी है। और इसमें भी भारत ने twenty two गीगावॉट कैपेसिटी, सिर्फ और सिर्फ rooftop solar से ही जोड़ी है। 22 गीगावाट एनर्जी रूफटॉप सोलर से।

साथियों,

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने, एनर्जी सिक्योरिटी के इस अभियान में देश के लोगों को सीधी भागीदारी करने का मौका दे दिया है। मैं काशी का सांसद हूं, प्रधानमंत्री के नाते जो काम है, लेकिन सांसद के नाते भी कुछ काम करने होते हैं। मैं जरा काशी के सांसद के नाते आपको कुछ बताना चाहता हूं। और आपके हिंदी अखबार की तो ताकत है, तो उसको तो जरूर काम आएगा। काशी में 26 हजार से ज्यादा घरों में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सोलर प्लांट लगे हैं। इससे हर रोज, डेली तीन लाख यूनिट से अधिक बिजली पैदा हो रही है, और लोगों के करीब पांच करोड़ रुपए हर महीने बच रहे हैं। यानी साल भर के साठ करोड़ रुपये।

साथियों,

इतनी सोलर पावर बनने से, हर साल करीब नब्बे हज़ार, ninety thousand मीट्रिक टन कार्बन एमिशन कम हो रहा है। इतने कार्बन एमिशन को खपाने के लिए, हमें चालीस लाख से ज्यादा पेड़ लगाने पड़ते। और मैं फिर कहूंगा, ये जो मैंने आंकडे दिए हैं ना, ये सिर्फ काशी के हैं, बनारस के हैं, मैं देश की बात नहीं बता रहा हूं आपको। आप कल्पना कर सकते हैं कि, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, ये देश को कितना बड़ा फायदा हो रहा है। आज की एक योजना, भविष्य को Transform करने की कितनी ताकत रखती है, ये उसका Example है।

वैसे साथियों,

अभी आपने मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग के भी आंकड़े देखे होंगे। 2014 से पहले तक हम अपनी ज़रूरत के 75 परसेंट मोबाइल फोन इंपोर्ट करते थे, 75 परसेंट। और अब, भारत का मोबाइल फोन इंपोर्ट लगभग ज़ीरो हो गया है। अब हम बहुत बड़े मोबाइल फोन एक्सपोर्टर बन रहे हैं। 2014 के बाद हमने एक reform किया, देश ने Perform किया और उसके Transformative नतीजे आज दुनिया देख रही है।

साथियों,

Transforming tomorrow की ये यात्रा, ऐसी ही अनेक योजनाओं, अनेक नीतियों, अनेक निर्णयों, जनआकांक्षाओं और जनभागीदारी की यात्रा है। ये निरंतरता की यात्रा है। ये सिर्फ एक समिट की चर्चा तक सीमित नहीं है, भारत के लिए तो ये राष्ट्रीय संकल्प है। इस संकल्प में सबका साथ जरूरी है, सबका प्रयास जरूरी है। सामूहिक प्रयास हमें परिवर्तन की इस ऊंचाई को छूने के लिए अवसर देंगे ही देंगे।

साथियों,

एक बार फिर, मैं शोभना जी का, हिन्दुस्तान टाइम्स का बहुत आभारी हूं, कि आपने मुझे अवसर दिया आपके बीच आने का और जो बातें कभी-कभी बताई उसको आपने किया और मैं तो मानता हूं शायद देश के फोटोग्राफरों के लिए एक नई ताकत बनेगा ये। इसी प्रकार से अनेक नए कार्यक्रम भी आप आगे के लिए सोच सकते हैं। मेरी मदद लगे तो जरूर मुझे बताना, आईडिया देने का मैं कोई रॉयल्टी नहीं लेता हूं। मुफ्त का कारोबार है और मारवाड़ी परिवार है, तो मौका छोड़ेगा ही नहीं। बहुत-बहुत धन्यवाद आप सबका, नमस्कार।