Published By : Admin |
October 9, 2024 | 15:56 IST
Share
பிரதமர் திரு. நரேந்திர மோடி தலைமையில் கூடிய மத்திய அமைச்சரவை, குஜராத் மாநிலம் லோதலில் தேசிய கடல்சார் பாரம்பரிய வளாகத்தைமேம்படுத்தஒப்புதல் அளித்துள்ளது.இத்திட்டம் இரண்டு கட்டங்களாக நிறைவேற்றப்படும்.
தன்னார்வ ஆதாரங்கள்/பங்களிப்புகள் வழியாக நிதி திரட்டுவதன் மூலமும், நிதி திரட்டிய பின்னர் அவற்றை செயல்படுத்துவதன் மூலமும், பெருந்திட்டத்தின் படி, கட்டம் 1 பி மற்றும் கட்டம் 2 க்கு அமைச்சரவை கொள்கை அளவிலான ஒப்புதலை வழங்கியது.
கட்டம் 1 பி-யின் கீழ் கலங்கரை விளக்க அருங்காட்சியகம் கட்டுவதற்கு கலங்கரை விளக்கங்கள் இயக்குநரகம் நிதியுதவி அளிக்கும்.
குஜராத்தின் லோதலில் தேசிய கடல்சார் பாரம்பரிய வளாகத் திட்டத்தை செயல்படுத்துதல், மேம்படுத்துதல், நிர்வகித்தல் மற்றும் இயக்குதல் ஆகியவற்றிற்காக சங்கங்கள் பதிவுச் சட்டம், 1860-ன் கீழ் துறைமுகங்கள், கப்பல் மற்றும் நீர்வழிகள் துறை அமைச்சர் தலைமையிலான நிர்வாகக் குழுவால் நிர்வகிக்கப்படும் எதிர்காலக் கட்டங்களின் வளர்ச்சிக்காக, ஒரு தனிச் சங்கம் அமைக்கப்படும்.
திட்டத்தின் 1A கட்டப் பணிகள் 60% அளவுக்கு முடிவடைந்துள்ளது. இதனை 2025 ஆம் ஆண்டுக்குள் முடிக்கத் திட்டமிடப்பட்டுள்ளது.இத்திட்டத்தின் இரண்டாம் கட்டம், பொதுத்துறை மற்றும் தனியார் துறை கூட்டு முயற்சி மூலம் உருவாக்கப்பட்டு, உலகத்தரம் வாய்ந்த பாரம்பரிய அருங்காட்சியகமாக நிறுவப்படும்.
வேலைவாய்ப்பை உருவாக்கும் திறன் உட்பட முக்கிய தாக்கம்:
இந்தத் திட்டம் செயல்படுத்தப்படும் போது, சுமார் 22,000 வேலைகள் உருவாக்கப்படும் என்று எதிர்பார்க்கப்படுகிறது, இதில் 15,000 பேருக்கு நேரடி வேலைவாய்ப்பும், 7,000 பேருக்கு மறைமுக வேலைவாய்ப்பும் கிடைக்கும்.
இந்தத்திட்டம் செயல்படுத்தப்படுவதன் மூலம் வளர்ச்சி ஊக்குவிக்கப்பட்டு, உள்ளூர் சமூகங்கள், சுற்றுலாப் பயணிகள் மற்றும் பார்வையாளர்கள், ஆராய்ச்சியாளர்கள் மற்றும் அறிஞர்கள், அரசு அமைப்புகள், கல்வி நிறுவனங்கள், கலாச்சார அமைப்புகள், சுற்றுச்சூழல் மற்றும் பாதுகாப்பு குழுக்களுக்கு பெரிதும் உதவும்.
பின்னணி:
இந்தியாவின் 4,500 ஆண்டுகள் பழமையான கடல்சார் பாரம்பரியத்தை வெளிப்படுத்தும் பிரதமரின் தொலைநோக்குப் பார்வையின்படி, துறைமுகங்கள், கப்பல் மற்றும் நீர்வழி அமைச்சகம் லோதலில் உலகத் தரம் வாய்ந்த தேசிய கடல்சார் பாரம்பரிய வளாகத்தை அமைத்து வருகிறது.
இந்த பெருந்திட்டம் புகழ்பெற்ற கட்டிடக்கலை நிறுவனத்தால் தயாரிக்கப்பட்டுள்ளது. இதன் கட்டுமானம் டாடா ப்ராஜெக்ட்ஸ் லிமிடெட் நிறுவனத்திடம் ஒப்படைக்கப்பட்டுள்ளது.
NMHC பல்வேறு கட்டங்களாக உருவாக்க திட்டமிடப்பட்டுள்ளது, அதில்:
கட்டம் 1A-யில் 6 காட்சியகங்களை கொண்ட அருங்காட்சியகம் இருக்கும்.
கட்டம் 1B இல் மேலும் 8 காட்சியகங்களுடன் அருங்காட்சியகம், உலகின் மிக உயரமான கலங்கரை விளக்க அருங்காட்சியகம், சுமார் 1500 கார்கள் நிறுத்தும் வகையிலான பார்க்கிங் வசதி, உணவு மண்டபம், மருத்துவ மையம் போன்றவை இருக்கும்.
இரண்டாம் கட்டத்தில் கடலோர மாநிலங்கள் அரங்குகள், விருந்தோம்பல் மண்டலம் (கடல்சார் கருப்பொருள் சுற்றுச்சூழல் ரிசார்ட் மற்றும் அருங்காட்சியகங்களுடன்), நிகழ்நேர லோதல் நகர பொழுதுபோக்கு, கடல்சார் நிறுவனம் மற்றும் விடுதி, 4 தீம் அடிப்படையிலான பூங்காக்கள் ஆகியவை இருக்கும்.
Text of PM’s interaction with India's CWG champions
August 10, 2026
Share
प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।
प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?
खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।
प्रधानमंत्री – पक्का।
खिलाड़ी – हाँ जी।
खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।
प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।
खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।
प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया
प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।
खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।
प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।
खिलाड़ी – हाँ सर।
प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?
खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।
प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।
खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।
प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?
खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।
प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।
खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।
प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।
खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।
प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।
खिलाड़ी – पर..
प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।
खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।
खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।
प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।
प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?
खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।
प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?
खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।
प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।
खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।
प्रधानमंत्री – ठीक है।
खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।
प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।
खिलाड़ी – थैंक यू सर।
प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।
खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…