Prime Minister’s Royal Audience with the King and the Queen of Thailand

Published By : Admin | April 4, 2025 | 19:27 IST

Prime Minister had a Royal Audience today with His Majesty King Maha Vajiralongkorn Phra Vajiraklaochaoyuhua of the Kingdom of Thailand and Her Majesty Queen Suthida Bajrasudhabimalalakshana at Dusit Palace in Bangkok.

They exchanged views on shared cultural heritage between India and Thailand. In this context, they spoke about the relics of Lord Buddha which travelled from India to Thailand last year and the positive impact the initiative has had in further strengthening people-to-people ties between the two countries. They also discussed ways to further strengthen the multifaceted ties between the two countries.

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
India to outpace global growth despite uncertainty, says IMF chief Georgieva

Media Coverage

India to outpace global growth despite uncertainty, says IMF chief Georgieva
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Press statement by the Prime Minister during the joint press statement with the Chancellor of Austria
April 16, 2026

Your Excellency, चांसलर स्टॉकर

दोनों देशों के delegates,

मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

ग्रूस गॉट

चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।

Friends,

इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।

इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।

Friends,

चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।

हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।

साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।

Friends,

भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।

2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।

हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।

Friends,

आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।

हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।

Your Excellency,

2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।