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India's ties with Africa are time-tested. The Government of India has deepened engagement with Africa: PM Modi
Several African students come to India to study and also receive scholarships: PM Modi
The Digital Revolution is bringing new opportunities for us. It is essential to look at AI and big data analytics closely: PM Modi

Excellency, President Cyril Ramaphosa,
BRICS के मेरे Colleagues,
विश्व भर से यहाँ उपस्थित मेरे सभी आदरणीय साथियों,

सबसे पहले तो मैं President रामाफ़ोसा को BRICS में Outreach प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए बधाई देता हूँ। BRICS और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह संवाद विकास के महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान का एक अच्छा अवसर है। बड़ी संख्या में अफ़्रीकी देशों की यहाँ उपस्थिति स्वाभाविक भी है, और प्रसन्नता का विषय भी। अफ्रीका के साथ भारत के संबध ऐतिहासिक और गहरे हैं। अफ्रीका में स्वतंत्रता, विकास और शांति के लिए भारत के ऐतिहासिक प्रयासों के विस्तार को मेरी सरकार ने सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। पिछले चार सालों में Heads of State and Government स्तर के 100 से भी अधिक आपसी यात्राओं और मुलाकातों के ज़रिये हमारे आर्थिक संबंध और विकास सहयोग नई ऊँचाइयों पर पहुंचे हैं। आज 40 से अधिक अफ़्रीकी देशों में 11 billion dollars से अधिक की 180 lines of credit जारी हैं। हर वर्ष 8000 अफ़्रीकी छात्रों को भारत में scholarships, 48 अफ्रीकी देशों में tele-medicine के लिए e-network, और private sector द्वारा 54 billion dollars के निवेश से, अफ्रीका में अफ्रीका की ज़रूरतों के आधार पर capacity building हो रही है। परसों Uganda की संसद को संबोधित करते हुए मैंने भारत और अफ्रीका की साझेदारी के 10 सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन किया है। ये 10 सिद्धांत अफ्रीका की आवश्यकतानुसार विकास के लिए सहयोग, शांति और सुरक्षा के लिए सहकार, और हमारे लोगों के बीच सैंकड़ों साल पुराने रिश्तों को और मजबूत करने के लिए दिशा निर्देश हैं। African Continental Free Trade Area की महत्वपूर्ण पहल के लिए, मैं सभी अफ़्रीकी देशों को हार्दिक बधाई देता हूँ। अफ्रीका में क्षेत्रीय economic integration के लिए हो रहे विविध प्रयासों का भी मैं स्वागत करता हूँ।

Excellencies,

Free Trade and Commerce ने पिछले तीन दशकों में hundreds of millions लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। वैश्वीकरण और विकास के लाभ को लोगों तक पहुँचाना इस प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा था। और Global South इस प्रयास में बराबर का भागीदार था। 2008 के आर्थिक संकट के बाद से वैश्वीकरण के इस मूलभूत पहलू पर संरक्षणवाद के बादल मंडरा रहे हैं। इस प्रवृति का और विकास दर में मंदी का सबसे गहरा प्रभाव हम जैसे उन देशों पर पड़ा है जो औपनिवेशिक काल में औद्योगिक प्रगति के अवसरों का लाभ नहीं उठा पाए। आज हम एक बार फिर ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। Digital Revolution के कारण हमारे लिए नई संभावनाएं उत्पन्न हो रही हैं। और इसलिए, यह जरूरी है कि हम automation, artificial intelligence और big data analytics के कारण होने वाले बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार रहें। इसके लिए digital infrastructure और skilled workforce में निवेश की जरूरत होगी। और साथ ही, inclusive global value chains, workers mobility, portable social security frameworks और efficient remittance corridors भी हमारी प्राथमिकताएं हैं।

Excellencies,

अपने साझेदार देशों के साथ उनके विकास के लिए भारत पूरा योगदान करता रहा है। South-South Cooperation के अंतर्गत अपने विकास अनुभवों को साझा करके हम अन्य विकासशील देशों में तकनीकी सहयोग, training एवं capacity building द्वारा हर संभव सहयोग हमारी विदेश नीति का अहम हिस्सा है। साथ ही, भागीदार देशों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार infrastructure, power, agriculture, education, health, Information Technology जैसे क्षेत्रों में स्वयं विकासशील देशों होते हुए भी भारत यथा सामर्थ्य आर्थिक सहायता भी देता रहा है। भारत की अपनी विकास यात्रा में South-South Cooperation एक प्रमुख आधार रहा है। अपने विकास अनुभव को विकासशील देशों के साथ साझा करना भारत के लिए हमेशा से प्राथमिकता रही है, और भविष्य में भी रहेगी।

आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद।

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India has a vibrant cultural history: PM Modi
Gurudev Tagore popularised traditional folk art and dance forms as the country's culture: PM
Gurudev Tagore considered entire world as his family. Wherever he went, he was welcomed affectionately: PM

The President of India, Shri Ram Nath Kovind, presented the Tagore Award for Cultural Harmony for the years 2014, 2015 and 2016 to Shri Rajkumar Singhajit Singh, Chhayanaut (a cultural organisation of Bangladesh) and Shri Ram Vanji Sutar respectively, at a function held here today. The awardees were selected by a jury headed by the Prime Minister and includes Chief Justice of India Justice Ranjan Gogoi, former Chief Election Commissioner Shri N Gopalaswami and the President of Indian Council for Cultural Relations Shri Vinay Sahasrabuddhe.

Speaking on the occasion, the Prime Minister Shri Narendra Modi said that culture is the lifeblood of any nation as it gives identity to it. He said, “India's rich cultural heritage was preserved in the face of colonisation and foreign invasion.” This was possible due to the contribution of people like Gurudev Tagore and Swami Vivekananda, he added. 

PM said that India's multi-dimensional heritage was well reflected in the works of Gurudev. Rabindra Sangeet has all the colours of our country and it is not bound by a language. He called Tagore's teachings timeless and said that the world stands to learn a great deal from his works. “He recognised the folk arts and traditional dances as indicative of Indian culture," PM said.

Exponent of Manipuri dance  Shri Rajkumar Singhajit Singh was given the award for the year 2014.  Chhayanaut, a cultural organization of Bangladesh was given the award for 2015 for its role in the promotion of Gurudev Rabindranath Tagore’s works and Bangla arts. Renowned sculptor and scholar Shri Ram Vanji Sutar was given the award for 2016.

Tagore Award for Cultural Harmony was instituted by the Government from 2012 during the commemoration of the 150th birth anniversary of Rabindranath Tagore. It is awarded annually and carries an amount of One Crore rupees, a citation in a Scroll, a Plaque as well as an exquisite traditional handicraft or handloom item.  

 

 

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